यूपी में भारी बारिश पर सीएम योगी अलर्ट, जन-धन व पशु हानि पर 24 घंटे में मुआवजे के निर्देश

-  अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्य तेज करने के आदेश, प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं से जनहानि, पशु हानि तथा आर्थिक नुकसान की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावी निगरानी करने तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि एवं आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशु हानि और संपत्ति के नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए तथा पात्र प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रभावित परिवारों से लगातार संवाद बनाए रखें और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों में त्वरित जल निकासी, क्षतिग्रस्त सड़कों और विद्युत आपूर्ति की शीघ्र बहाली तथा राहत शिविरों सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।
प्रदेशवासियों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने लोगों से नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में स्नान अथवा जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की।

-  इन जिलों के लिए जारी हुआ रेड अलर्ट
बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कासगंज, एटा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं सहित आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

-  इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, संतकबीरनगर, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और जालौन सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

-  इन जिलों के लिए येलो वार्निंग
प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना को लेकर येलो वार्निंग जारी की गई है।

प्रमुख बिंदु :-

- जन, पशु एवं आर्थिक हानि का 24 घंटे में आकलन कर मुआवजा देने के निर्देश।

- सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के आदेश।

- प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता और राहत उपलब्ध कराने के निर्देश।

- आकाशीय बिजली, जलभराव और नदियों-जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की मुख्यमंत्री की अपील।
मऊ : मधुबन में जिला सहकारी बैंक के नए भवन का उद्घाटन
-  मंत्री ए.के. शर्मा बोले- सहकारिता से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

-  किसानों को बांटे किसान क्रेडिट कार्ड, युवा वैज्ञानिक हिमांशु वर्मा का किया सम्मान

मऊ/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को मऊ जनपद के मधुबन में जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की नवीन शाखा भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सहकारिता किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सहकारिता से समृद्धि" के विजन के अनुरूप सरकार किसानों को सस्ती दरों पर ऋण, गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मंत्री ने कहा कि यदि पूर्ववर्ती सरकारों ने सहकारी संस्थाओं को पर्याप्त महत्व दिया होता तो ऐसे आधुनिक बैंक भवन वर्षों पहले बन गए होते। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहली बार सहकारिता मंत्रालय का गठन कर इस क्षेत्र को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने किसानों से सहकारिता की भावना के साथ जुड़कर सामूहिक विकास में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए।

-  घोसी चीनी मिल को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
ए.के. शर्मा ने कहा कि घोसी चीनी मिल को पुनर्जीवित और आधुनिक बनाने के लिए सरकार तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि आगामी पेराई सत्र के सुचारु संचालन के लिए 5 से 6 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से मिल को अत्याधुनिक तकनीक से लैस कर देश की अग्रणी आधुनिक चीनी मिलों में शामिल करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।

-  युवा वैज्ञानिक हिमांशु वर्मा का सम्मान
कार्यक्रम के बाद मंत्री ए.के. शर्मा ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में वैज्ञानिक पद पर चयनित जनपद के युवा हिमांशु वर्मा के आवास पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है तथा ऐसे युवाओं की उपलब्धियां पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख शुभम सिंह, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष अखिलेश तिवारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक विजय प्रकाश वर्मा, गिरिजा शंकर मौर्य सहित बड़ी संख्या में किसान, सहकारी समिति के सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भूसा-चारे की पर्याप्त व्यवस्था करें: धर्मपाल सिंह

-  पशुधन मंत्री ने टीकाकरण, गोवंश सुपुर्दगी अभियान और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजनाओं की समीक्षा की,

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ संभावित और जलभराव वाले क्षेत्रों में गोवंश सहित अन्य पशुओं के लिए भूसे और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा गो-आश्रय स्थलों की आवश्यक तैयारियां पहले से कर ली जाएं।
सोमवार को विधान भवन स्थित कार्यालय में विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 20 जुलाई से 3 अगस्त 2026 तक चलने वाले विशेष गोवंश सुपुर्दगी अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र किसानों और पशुपालकों को योजना से जोड़ा जाए तथा लाभार्थियों के चयन में महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही सुपुर्द किए गए गोवंशों की नियमित निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण और गो-आश्रय पोर्टल पर समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।
धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर देते हुए कहा कि अधिकाधिक पशुपालकों को इन योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि और दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और कोल्ड चेन व्यवस्था को सुदृढ़ करने, निर्माणाधीन डेयरी परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने तथा दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने महिला दुग्ध समितियों को प्रोत्साहित करने, पशुपालकों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित जनपदों में पशु स्वास्थ्य, चारा उपलब्धता, एफएमडी टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा दुग्ध समितियों के गठन जैसे प्राथमिकता वाले कार्यों की नियमित निगरानी कर निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के., विशेष सचिव देवेंद्र पाण्डेय, विशेष सचिव राम सहाय यादव, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. संगीता तिवारी, पशुधन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पी.के. सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दानिश आज़ाद अंसारी की पहल पर हज-2027 आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई तक बढ़ी

-  हज-2026 के सफल प्रबंधन का दिखा असर, अंतिम तिथि तक 25 से 30 हजार आवेदन पहुंचने की उम्मीद


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हज-2027 की तैयारियां इस बार नए उत्साह और रिकॉर्ड भागीदारी के साथ आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी की पहल पर केंद्र सरकार ने हज-2027 के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 24 जुलाई कर दी है। इससे उन इच्छुक आवेदकों को भी अवसर मिलेगा जो अब तक आवेदन नहीं कर सके हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी ने पहली निर्धारित अंतिम तिथि के भीतर ही 19,280 आवेदन प्राप्त कर पिछले 9 वर्षों का नया रिकॉर्ड बनाया है। पहली निर्धारित समय-सीमा में इतने अधिक आवेदन पहले कभी प्राप्त नहीं हुए। हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बाद अब अनुमान है कि प्रदेश से कुल आवेदन संख्या 25 हजार से 30 हजार के बीच पहुंच सकती है।
हज मामलों के जानकारों का मानना है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिकॉर्ड संख्या में प्राप्त आवेदन, हज-2026 के सफल, पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रबंधन का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। पिछले वर्ष हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, समयबद्ध संचालन, प्रभावी समन्वय और त्वरित सहायता उपलब्ध कराए जाने से उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
हज-2027 की तैयारियां भी इस बार समय से शुरू कर दी गई थीं। राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी के नेतृत्व में प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चलाए गए, आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल बनाया गया तथा प्रत्येक जिले में हज अभ्यर्थियों की सहायता के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसी का परिणाम रिकॉर्ड संख्या में प्राप्त आवेदनों के रूप में सामने आया है।
राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार हज यात्रियों को पारदर्शी, सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस बार आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने, लोगों तक सही एवं समय पर जानकारी पहुंचाने तथा जिला स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने समय रहते आवेदन किया।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के सभी सदस्यों, कार्यपालक अधिकारी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों, जिला प्रशासन, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विभिन्न मुस्लिम संगठनों, उलेमा-ए-किराम, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि टीमवर्क, पारदर्शिता और जनसंपर्क की बदौलत उत्तर प्रदेश हज प्रबंधन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है।
राज्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई तक प्रदेश से आवेदन संख्या में और उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने पात्र एवं इच्छुक लोगों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना आवेदन पूरा कर हज-2027 की प्रक्रिया में शामिल हों।
दिल्ली की घटना के विरोध में लखनऊ में सपा का प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने जताया आक्रोश



  -  डिंपल यादव की गिरफ्तारी और लाठीचार्ज के विरोध में सड़क पर उतरे सपाई, रविदास मेहरोत्रा के नेतृत्व में प्रदर्शन
 

 
लखनऊ। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
 
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के नेतृत्व में छात्र सभा के पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।
 
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बल प्रयोग किया गया तथा सांसद डिंपल यादव को हिरासत में लिया गया, जिसके विरोध में प्रदेशभर में आक्रोश है।
 
लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी सतर्क रही और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। लंबे समय बाद राजधानी की सड़कों पर समाजवादी पार्टी का इस स्तर का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।
 
यूपी निवासी और त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका

-  कार्यालय में मिला शव, सर्विस पिस्टल से गोली मारने की शुरुआती आशंका; जांच में जुटी पुलिस

अगरतला/बागपत। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ सोमवार को पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में मृत पाए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार उन्होंने कथित तौर पर अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मारी है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
अनुराग धनखड़ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के निवासी थे। उनके कार्यालय में शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग और बागपत में शोक की लहर है। मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।
कर्मचारी कल्याण को सर्वोपरि मानते हुए पुलिस महानिदेशक श्री विनोद कुमार सिंह की संवेदनशील पहल;
*यूपी 112 मुख्यालय में 'सैनिक सम्मेलन' का हुआ आयोजन*

लखनऊ, देश की नंबर 01 आपातकालीन सेवा यूपी 112 के पुलिस महानिदेशक  विनोद कुमार सिंह अपनी स्वच्छ एवं तेज-तर्रार छवि के लिए विख्यात हैं। उन्होंने कर्मचारियों के हित और उनके कल्याण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया है। कर्मचारियों की भलाई और उनके कार्य परिवेश को बेहतर बनाने के प्रति बेहद संवेदनशील, पुलिस महानिदेशक के विशेष निर्देशानुसार यूपी 112 मुख्यालय में एक भव्य 'सैनिक सम्मेलन' का आयोजन किया गया। हाल ही में यूपी 112 का चार्ज लेने के तुरंत बाद उनके द्वारा उठाया गया यह कदम सीधे तौर पर पुलिसकर्मियों के कल्याण के प्रति उनकी कटिबद्धता को दर्शाता है।

इस सम्मेलन में पुलिस महानिदेशक  विनोद कुमार सिंह के साथ डॉ. के. एजिल रसन (पुलिस महानिरीक्षक, यूपी 112),  शहाब रशीद ख़ान (पुलिस उपमहानिरीक्षक),  निधि सोनकर (पुलिस अधीक्षक) सहित मुख्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों और कार्यरत समस्त पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

*प्रमुख बिंदु एवं निर्णय (कर्मचारी हित में बड़े कदम):*

• *व्यक्तिगत समस्याओं का वरीयता पर निराकरण और सामूहिक हित के सुझावों पर कार्यवाही:* सम्मेलन के दौरान यूपी 112 के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न व्यक्तिगत व सामूहिक समस्याओं से पुलिस महानिदेशक  को अवगत कराया। एक सच्चे अभिभावक और हितैषी की तरह महानिदेशक महोदय ने प्रत्येक कर्मचारी की बात को अत्यंत ध्यानपूर्वक व संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्याओं का वरीयता के आधार पर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही, सामूहिक हित से जुड़े महत्वपूर्ण सुझावों पर प्राथमिकता के साथ ठोस कार्यवाही हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया है ।

• *संवाद का सिलसिला रहेगा जारी:* कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और भलाई को ध्यान में रखते हुए पुलिस महानिदेशक  द्वारा इस प्रकार के सैनिक सम्मेलनों को नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गये ।

*खुले संवाद से बढ़ेगा आपसी सौहार्द और मनोबल*

सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक विनोद कुमार सिंह ने कर्मचारियों के प्रति अपनी आत्मीयता प्रकट करते हुए कहा:
"अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खुले मंच पर होने वाली इस प्रकार की आत्मीय वार्ता से आपसी सौहार्द और विश्वास मजबूत होता है। जब कर्मचारी बिना किसी संकोच के अपनी व्यथा हमारे सामने रख पाते हैं, तो उनका मानसिक तनाव दूर होता है और वे कार्य के प्रति अधिक प्रेरित होते हैं। वास्तव में कर्मचारियों का कल्याण, उनका मनोबल और कार्यस्थल पर अनुशासन—ये सभी आपस में गहरे जुड़े हुए हैं। जब बल का मनोबल ऊँचा होगा, तो अनुशासन और सेवा भावना स्वतः मजबूत होगी। यूपी 112 परिवार के प्रत्येक सदस्य की भलाई और उनका कल्याण मेरी जिम्मेदारी है।"

सम्मेलन में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि कई बार संवादहीनता और मानसिक तनाव के कारण कर्मचारी कार्य संस्कृति से पूरी तरह जुड़ नहीं पाते हैं। अपनी तेज-तर्रार छवि के लिए विख्यात पुलिस महानिदेशक की यह कल्याणकारी सोच कर्मचारियों को अपनी बात खुलकर रखने का एक सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगात्मक माध्यम प्रदान करती है। महानिदेशक  की इस संवेदनशील पहल से संपूर्ण पुलिस महकमे में एक नए जोश और ऊर्जा का संचार हुआ है। उनके इस प्रयास से न केवल अप्रिय भावनाओं को पनपने से रोका जा सकेगा, बल्कि पुलिस बल को एक मजबूत मानसिक संबल भी मिलेगा, जिससे वे दोगुनी ऊर्जा के साथ जनसेवा कर सकेंगे।
यूपी के छह जिलों में राष्ट्रनायकों और महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित, संस्कृति विभाग की पहल

-  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह बोले— महापुरुषों के आदर्श नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छह जनपदों में राष्ट्रनायकों, महापुरुषों, साहित्यकारों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमाएं स्थापित कराई हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन प्रतिमाओं का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के महान व्यक्तित्वों के योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से परिचित कराना है।
संस्कृति विभाग द्वारा अयोध्या के सूर्यकुंड में भगवान सूर्य नारायण की छह फीट ऊंची सैंड स्टोन प्रतिमा, गणेश कुंड में भगवान गणेश की 10 फीट प्रतिमा तथा महर्षि वाल्मीकि की छह फीट कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके अलावा एटा (कासगंज रेलवे पुल के पास शहीद स्थल) पर बाबू कल्याण सिंह, सीतापुर के महमूदाबाद में महंत अवैद्यनाथ, प्रयागराज में कमला बहुगुणा तथा फर्रुखाबाद के जहानगंज रोड स्थित क्षत्रिय भवन में महाराणा प्रताप की अश्वारोही कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है।
जयवीर सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा बांदा के कालों कुआं चौराहे पर रानी अवंतीबाई की अश्वारोही कांस्य प्रतिमा का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं बांदा के बड़ा चौराहा और लखनऊ के चौक चौराहे पर छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारोही प्रतिमाएं स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा बांदा में महाराजा छत्रसाल की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जबकि बुलंदशहर के नरौरा स्थित समाधि स्थल पर बाबू कल्याण सिंह की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के आदर्श सदियों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। संस्कृति विभाग का उद्देश्य इन प्रतिमाओं के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और प्रेरणा का भाव जागृत करना है।
हज-2027 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई तक बढ़ी

-  30 जुलाई को होगा डिजिटल कुर्रा, चयनित यात्रियों को 10 अगस्त तक जमा करनी होगी ₹1.52 लाख की अग्रिम राशि

लखनऊ। हज-2027 पर जाने के इच्छुक लोगों के लिए राहत भरी खबर है। हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई से बढ़ाकर अब 24 जुलाई, 2026 कर दी है। ऐसे में जो आवेदक अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं या जिनका आवेदन अधूरा है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
हज कमेटी ने बताया कि इच्छुक आवेदक हज कमेटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करें। जिन अभ्यर्थियों ने केवल पंजीकरण कराया है लेकिन आवेदन पूरा नहीं किया है, वे भी 24 जुलाई तक आवेदन पूर्ण कर लें, अन्यथा हज-2027 की प्रक्रिया से वंचित रह जाएंगे।
कमेटी ने यह भी कहा है कि जिन आवेदकों का भारतीय अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है, वे तत्काल संबंधित पासपोर्ट कार्यालय से संपर्क कर पासपोर्ट प्राप्त करें, ताकि अंतिम तिथि से पहले आवेदन पूरा किया जा सके।
हज यात्रियों के चयन के लिए 30 जुलाई, 2026 को मुंबई स्थित हज हाउस में डिजिटल रैंडम सेलेक्शन (ऑनलाइन कुर्रा) किया जाएगा। चयनित यात्रियों की सूची हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर जारी की जाएगी तथा उन्हें एसएमएस के माध्यम से भी सूचना दी जाएगी।
चयनित हज यात्रियों को 10 अगस्त, 2026 तक ₹1,52,300 की अग्रिम धनराशि हज कमेटी ऑफ इंडिया के खाते में जमा करनी होगी।
योगी सरकार कारागार सुधार को दे रही नई दिशा, दीक्षांत परेड में 91 प्रशिक्षु हुए पासआउट
-  कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने उत्कृष्ट 31 प्रशिक्षुओं को किया सम्मानित, अनुशासन, मानवाधिकार और पुनर्वास आधारित कारागार व्यवस्था पर दिया जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कारागारों को आधुनिक, सुरक्षित और सुधारोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। बंदियों के पुनर्वास, नैतिक मूल्यों के विकास, व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार को कारागार मुख्यालय स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कारागार अधिकारी संवर्ग (123वां सत्र) एवं जेल वार्डर संवर्ग (179वां सत्र) के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मंत्री ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। समारोह में कुल 91 प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया, जिनमें छत्तीसगढ़ के नौ अधिकारी, उत्तर प्रदेश के तीन डिप्टी जेलर तथा 79 जेल वार्डर शामिल रहे।
कारागार मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित, अनुशासित और संवेदनशील कारागार कर्मी ही सुरक्षित एवं प्रभावी जेल व्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अनुशासन, मानवाधिकार संरक्षण, आधुनिक तकनीक के उपयोग और बंदियों के पुनर्वास से जुड़े सिद्धांतों को सेवा में पूरी निष्ठा से लागू करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 31 प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रशिक्षुओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई।
दीक्षांत समारोह में अधिकारी संवर्ग का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी पुरस्कार छत्तीसगढ़ के जिला कारागार गरियाबंद के जेल अधीक्षक टामन को तथा जेल वार्डर संवर्ग का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी पुरस्कार उत्तर प्रदेश के जिला कारागार बागपत के अतुल यादव को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना ने कहा कि लखनऊ स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान देश ही नहीं, बल्कि एशिया का पहला कारागार प्रशिक्षण संस्थान है। यहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों के कारागार अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक संस्थान में 1,681 अधिकारियों और 13,266 जेल वार्डरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
समारोह में पुलिस उपमहानिरीक्षक कारागार एस.सी. शाक्य, प्रदीप गुप्ता, उपमहानिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय, पी.एन. पांडेय, सहायक महानिरीक्षक कारागार (छत्तीसगढ़) अमित शांडिल्य, वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल, वित्त नियंत्रक आबिद अली अंसारी सहित अनेक अधिकारी एवं प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित रहे।