यूपी निवासी और त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका

-  कार्यालय में मिला शव, सर्विस पिस्टल से गोली मारने की शुरुआती आशंका; जांच में जुटी पुलिस

अगरतला/बागपत। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ सोमवार को पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में मृत पाए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार उन्होंने कथित तौर पर अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मारी है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
अनुराग धनखड़ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के निवासी थे। उनके कार्यालय में शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग और बागपत में शोक की लहर है। मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।
कर्मचारी कल्याण को सर्वोपरि मानते हुए पुलिस महानिदेशक श्री विनोद कुमार सिंह की संवेदनशील पहल;
*यूपी 112 मुख्यालय में 'सैनिक सम्मेलन' का हुआ आयोजन*

लखनऊ, देश की नंबर 01 आपातकालीन सेवा यूपी 112 के पुलिस महानिदेशक  विनोद कुमार सिंह अपनी स्वच्छ एवं तेज-तर्रार छवि के लिए विख्यात हैं। उन्होंने कर्मचारियों के हित और उनके कल्याण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया है। कर्मचारियों की भलाई और उनके कार्य परिवेश को बेहतर बनाने के प्रति बेहद संवेदनशील, पुलिस महानिदेशक के विशेष निर्देशानुसार यूपी 112 मुख्यालय में एक भव्य 'सैनिक सम्मेलन' का आयोजन किया गया। हाल ही में यूपी 112 का चार्ज लेने के तुरंत बाद उनके द्वारा उठाया गया यह कदम सीधे तौर पर पुलिसकर्मियों के कल्याण के प्रति उनकी कटिबद्धता को दर्शाता है।

इस सम्मेलन में पुलिस महानिदेशक  विनोद कुमार सिंह के साथ डॉ. के. एजिल रसन (पुलिस महानिरीक्षक, यूपी 112),  शहाब रशीद ख़ान (पुलिस उपमहानिरीक्षक),  निधि सोनकर (पुलिस अधीक्षक) सहित मुख्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों और कार्यरत समस्त पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

*प्रमुख बिंदु एवं निर्णय (कर्मचारी हित में बड़े कदम):*

• *व्यक्तिगत समस्याओं का वरीयता पर निराकरण और सामूहिक हित के सुझावों पर कार्यवाही:* सम्मेलन के दौरान यूपी 112 के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न व्यक्तिगत व सामूहिक समस्याओं से पुलिस महानिदेशक  को अवगत कराया। एक सच्चे अभिभावक और हितैषी की तरह महानिदेशक महोदय ने प्रत्येक कर्मचारी की बात को अत्यंत ध्यानपूर्वक व संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्याओं का वरीयता के आधार पर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही, सामूहिक हित से जुड़े महत्वपूर्ण सुझावों पर प्राथमिकता के साथ ठोस कार्यवाही हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया है ।

• *संवाद का सिलसिला रहेगा जारी:* कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और भलाई को ध्यान में रखते हुए पुलिस महानिदेशक  द्वारा इस प्रकार के सैनिक सम्मेलनों को नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गये ।

*खुले संवाद से बढ़ेगा आपसी सौहार्द और मनोबल*

सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक विनोद कुमार सिंह ने कर्मचारियों के प्रति अपनी आत्मीयता प्रकट करते हुए कहा:
"अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खुले मंच पर होने वाली इस प्रकार की आत्मीय वार्ता से आपसी सौहार्द और विश्वास मजबूत होता है। जब कर्मचारी बिना किसी संकोच के अपनी व्यथा हमारे सामने रख पाते हैं, तो उनका मानसिक तनाव दूर होता है और वे कार्य के प्रति अधिक प्रेरित होते हैं। वास्तव में कर्मचारियों का कल्याण, उनका मनोबल और कार्यस्थल पर अनुशासन—ये सभी आपस में गहरे जुड़े हुए हैं। जब बल का मनोबल ऊँचा होगा, तो अनुशासन और सेवा भावना स्वतः मजबूत होगी। यूपी 112 परिवार के प्रत्येक सदस्य की भलाई और उनका कल्याण मेरी जिम्मेदारी है।"

सम्मेलन में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि कई बार संवादहीनता और मानसिक तनाव के कारण कर्मचारी कार्य संस्कृति से पूरी तरह जुड़ नहीं पाते हैं। अपनी तेज-तर्रार छवि के लिए विख्यात पुलिस महानिदेशक की यह कल्याणकारी सोच कर्मचारियों को अपनी बात खुलकर रखने का एक सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगात्मक माध्यम प्रदान करती है। महानिदेशक  की इस संवेदनशील पहल से संपूर्ण पुलिस महकमे में एक नए जोश और ऊर्जा का संचार हुआ है। उनके इस प्रयास से न केवल अप्रिय भावनाओं को पनपने से रोका जा सकेगा, बल्कि पुलिस बल को एक मजबूत मानसिक संबल भी मिलेगा, जिससे वे दोगुनी ऊर्जा के साथ जनसेवा कर सकेंगे।
यूपी के छह जिलों में राष्ट्रनायकों और महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित, संस्कृति विभाग की पहल

-  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह बोले— महापुरुषों के आदर्श नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छह जनपदों में राष्ट्रनायकों, महापुरुषों, साहित्यकारों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमाएं स्थापित कराई हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन प्रतिमाओं का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के महान व्यक्तित्वों के योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से परिचित कराना है।
संस्कृति विभाग द्वारा अयोध्या के सूर्यकुंड में भगवान सूर्य नारायण की छह फीट ऊंची सैंड स्टोन प्रतिमा, गणेश कुंड में भगवान गणेश की 10 फीट प्रतिमा तथा महर्षि वाल्मीकि की छह फीट कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके अलावा एटा (कासगंज रेलवे पुल के पास शहीद स्थल) पर बाबू कल्याण सिंह, सीतापुर के महमूदाबाद में महंत अवैद्यनाथ, प्रयागराज में कमला बहुगुणा तथा फर्रुखाबाद के जहानगंज रोड स्थित क्षत्रिय भवन में महाराणा प्रताप की अश्वारोही कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है।
जयवीर सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा बांदा के कालों कुआं चौराहे पर रानी अवंतीबाई की अश्वारोही कांस्य प्रतिमा का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं बांदा के बड़ा चौराहा और लखनऊ के चौक चौराहे पर छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारोही प्रतिमाएं स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा बांदा में महाराजा छत्रसाल की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जबकि बुलंदशहर के नरौरा स्थित समाधि स्थल पर बाबू कल्याण सिंह की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के आदर्श सदियों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। संस्कृति विभाग का उद्देश्य इन प्रतिमाओं के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और प्रेरणा का भाव जागृत करना है।
हज-2027 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई तक बढ़ी

-  30 जुलाई को होगा डिजिटल कुर्रा, चयनित यात्रियों को 10 अगस्त तक जमा करनी होगी ₹1.52 लाख की अग्रिम राशि

लखनऊ। हज-2027 पर जाने के इच्छुक लोगों के लिए राहत भरी खबर है। हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई से बढ़ाकर अब 24 जुलाई, 2026 कर दी है। ऐसे में जो आवेदक अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं या जिनका आवेदन अधूरा है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
हज कमेटी ने बताया कि इच्छुक आवेदक हज कमेटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करें। जिन अभ्यर्थियों ने केवल पंजीकरण कराया है लेकिन आवेदन पूरा नहीं किया है, वे भी 24 जुलाई तक आवेदन पूर्ण कर लें, अन्यथा हज-2027 की प्रक्रिया से वंचित रह जाएंगे।
कमेटी ने यह भी कहा है कि जिन आवेदकों का भारतीय अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है, वे तत्काल संबंधित पासपोर्ट कार्यालय से संपर्क कर पासपोर्ट प्राप्त करें, ताकि अंतिम तिथि से पहले आवेदन पूरा किया जा सके।
हज यात्रियों के चयन के लिए 30 जुलाई, 2026 को मुंबई स्थित हज हाउस में डिजिटल रैंडम सेलेक्शन (ऑनलाइन कुर्रा) किया जाएगा। चयनित यात्रियों की सूची हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर जारी की जाएगी तथा उन्हें एसएमएस के माध्यम से भी सूचना दी जाएगी।
चयनित हज यात्रियों को 10 अगस्त, 2026 तक ₹1,52,300 की अग्रिम धनराशि हज कमेटी ऑफ इंडिया के खाते में जमा करनी होगी।
योगी सरकार कारागार सुधार को दे रही नई दिशा, दीक्षांत परेड में 91 प्रशिक्षु हुए पासआउट
-  कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने उत्कृष्ट 31 प्रशिक्षुओं को किया सम्मानित, अनुशासन, मानवाधिकार और पुनर्वास आधारित कारागार व्यवस्था पर दिया जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कारागारों को आधुनिक, सुरक्षित और सुधारोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। बंदियों के पुनर्वास, नैतिक मूल्यों के विकास, व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार को कारागार मुख्यालय स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कारागार अधिकारी संवर्ग (123वां सत्र) एवं जेल वार्डर संवर्ग (179वां सत्र) के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मंत्री ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। समारोह में कुल 91 प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया, जिनमें छत्तीसगढ़ के नौ अधिकारी, उत्तर प्रदेश के तीन डिप्टी जेलर तथा 79 जेल वार्डर शामिल रहे।
कारागार मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित, अनुशासित और संवेदनशील कारागार कर्मी ही सुरक्षित एवं प्रभावी जेल व्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अनुशासन, मानवाधिकार संरक्षण, आधुनिक तकनीक के उपयोग और बंदियों के पुनर्वास से जुड़े सिद्धांतों को सेवा में पूरी निष्ठा से लागू करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 31 प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रशिक्षुओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई।
दीक्षांत समारोह में अधिकारी संवर्ग का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी पुरस्कार छत्तीसगढ़ के जिला कारागार गरियाबंद के जेल अधीक्षक टामन को तथा जेल वार्डर संवर्ग का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी पुरस्कार उत्तर प्रदेश के जिला कारागार बागपत के अतुल यादव को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना ने कहा कि लखनऊ स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान देश ही नहीं, बल्कि एशिया का पहला कारागार प्रशिक्षण संस्थान है। यहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों के कारागार अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक संस्थान में 1,681 अधिकारियों और 13,266 जेल वार्डरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
समारोह में पुलिस उपमहानिरीक्षक कारागार एस.सी. शाक्य, प्रदीप गुप्ता, उपमहानिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय, पी.एन. पांडेय, सहायक महानिरीक्षक कारागार (छत्तीसगढ़) अमित शांडिल्य, वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल, वित्त नियंत्रक आबिद अली अंसारी सहित अनेक अधिकारी एवं प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित रहे।
स्कूल वैन ड्राइवर ने बच्ची से किया दुष्कर्म, गिरफ्तार , तालकटोरा थाना इलाके का मामला -

अस्पताल पहुंचने  पर हुई दरिंदगी की जानकारी

लखनऊ। राजधानी के तालकटोरा इलाके में नर्सरी में पढ़ने वाली चार साल की बच्ची से स्कूल वैन ड्राइवर ने दुष्कर्म किया। शनिवार को बच्ची की तबीयत खराब हो गई। माता-पिता अस्पताल पहुंचे तो जांच में दरिंदगी का पता चला।मां ने मासूम से पूछा तो उसने आरोपी की हरकतों के बारे में बताया। परिवार बच्ची को लेकर थाने पहुंचा। पूरी बात बताई। पुलिस तुरंत आरोपी को पकड़कर थाने ले आई। उसे देखते ही बच्ची सहम गई और रोने लगी। आरोपी की तरफ इशारा करते हुए बताया कि अंकल ने गंदी हरकत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी गिरीश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक बच्ची के माता-पिता राजाजीपुरम में रहते हैं। प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां ने बताया- बेटी को उसके पापा स्कूल भेजने जाते थे। लौटते समय वह वैन से घर आती थी। वैन उन्नाव का गिरीश मिश्रा चलाता था। शुक्रवार को बेटी स्कूल से घर आई तो काफी डरी-सहमी थी। उसकी तबीयत भी ठीक नहीं थी। उस समय मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। शनिवार को बच्ची की तबीयत खराब हो गई। उसे बुखार के साथ-साथ पेट दर्द हो रहा था। मैं पति के साथ बेटी को अस्पताल ले गई। डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि बच्ची के साथ रेप हुआ है। यह सुनकर हम लोगों के होश उड़ गए। पूछने पर बेटी ने वैन ड्राइवर के बारे में बताया।आरोपी ने पुलिस से पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि बच्चों को वैन में बैठाने-उतारने के दौरान बच्ची के साथ गलत हरकत की थी। वह 20 साल से ड्राइवरी का काम कर रहा है। अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग संस्थानों के लिए गाड़ी चला चुका है। बच्ची के स्कूल में कब से गाड़ी चला रहा। यह उसने नहीं बताया। डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित ने बताया कि तालकटोरा   थाना क्षेत्र में नर्सरी में पढ़ने वाली 4 साल की बच्ची को उसके पिता रोज स्कूल छोड़ने जाते थे। बच्ची स्कूल से वैन से लौटती थी। 17 तारीख को वैन ड्राइवर ने उसके साथ छेड़खानी और दुराचार की कोशिश की। यह जानकारी उसने घर आकर दी। घरवालों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। बच्ची का मेडिकल कराया गया और आरोपी गिरीश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। जरूरी कार्रवाई की जा रही है। पिछले साल 2025 में भी जुलाई में ही एक 4 साल की बच्ची का स्कूल वैन ड्राइवर ने रेप किया था। बच्ची रोते हुए घर पहुंची। मां के पूछने पर मासूम ने बताया- स्कूल से लौटते समय वैन वाले अंकल ने गंदी हरकत की। परिजन ने तुरंत स्कूल में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वारदात के बाद आरोपी ड्राइवर ने मां-बेटी को जान से मारने की धमकी भी दी थी। मां की शिकायत के बाद पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराया, जिसमें रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 18 जुलाई को पुलिस ने आरोपी वैन ड्राइवर मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार कर लिया गया है।
योगी सरकार का बड़ा फैसला: पहली बार 826 ब्लॉक प्रमुख बने प्रशासक

-  प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब ब्लॉक प्रमुखों को भी मिली प्रशासक की जिम्मेदारी

-  उत्तर प्रदेश में पहली बार तीनों स्तरों के जनप्रतिनिधि एक साथ बने प्रशासक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पंचायत व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए राज्य के सभी 826 ब्लॉक प्रमुखों को पहली बार प्रशासक नियुक्त कर दिया है।
इससे पहले सरकार ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त कर चुकी थी। अब ब्लॉक प्रमुखों को भी यह जिम्मेदारी दिए जाने के साथ ही उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष—तीनों स्तरों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को एक साथ प्रशासक बनाया गया है।
सरकार के इस निर्णय के बाद प्रदेश की पंचायत व्यवस्था के तीनों प्रमुख स्तरों पर प्रशासकीय कार्यों का संचालन संबंधित निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से किया जाएगा। यह फैसला आगामी पंचायत चुनावों तक प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी बेहद गंभीर, 'अनगिनत पत्रकारों' को रोकने के लिए सिस्टम बनाने की मांग

Lucknow News: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश गिरीश कठपालिया ने यूट्यूब (YouTube) के स्वतंत्र पत्रकारों पर हमला करने के आरोपितों को जमानत देते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का स्तंभ है, लेकिन इसका उपयोग गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता, डराने-धमकाने और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डालने की ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता।
कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद रविवार को जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया गया और केंद्र सरकार से 'पत्रकारिता करने के लिए न्यूनतम मानदंड व शैक्षिक अर्हता तय करने' की मांग की गई।

'स्वयंभू' पत्रकारों की बाढ़: दिल्ली हाईकोर्ट

जेपीए की बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी से पत्रकारों को अवगत कराया गया। बताया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मीडिया के लिए एक नियामक ढांचे (regulatory framework) की आवश्यकता पर बल दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी में कहा कि 'आज मोबाइल फोन और माइक लेकर कोई भी खुद को 'रिपोर्टर' घोषित कर सकता है, भले ही उनके पास कोई पत्रकारिता प्रशिक्षण, नैतिक आधार या जवाबदेही न हो।' बिना औपचारिक प्रशिक्षण के लोग 'भ्रामक नैरेटिव' बनाने के लिए लोगों से आक्रामक तरीके से सवाल पूछते हैं।

कानून की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत ने विधायिका से एक ऐसा ढांचा तैयार करने का आग्रह किया जो प्रेस की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए नैतिक मानकों और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे। एक मामले का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान कथित पत्रकारों ने स्थानीय निवासियों को उकसाया, जिससे सामाजिक विभाजन और वैमनस्य बढ़ने का खतरा पैदा होता है।

कोर्ट की टिप्पणी के आधार पर पीएम को भेजा जाएगा पत्र

जेपीए बैठक में निर्णय लिया गया कि  सामूहिक हस्ताक्षर का एक पत्र भेजकर केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि पत्रकारिता के लिए 'न्यूनतम शैक्षिक अर्हता' और अधिमानी 'प्रशिक्षित अर्हता' निर्धारित की जाए। ताकि पत्रकारिता की नैतिकता व सम्मान बचा रह सके। शिवपुरी कालोनी कमता स्थित संगठन के प्रधान कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठन के 17 दिसंबर के वार्षिक अधिवेशन पर भी चर्चा की गई। इस दौरान जेपीए चीफ विवेक प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष नरसिंह नारायण पांडे, संगठन मंत्री राम लायक यादव, कार्यकारी संगठन मंत्री प्रवीण सिंह, जिला अध्यक्ष सनी शाह, संरक्षक सदस्य संरक्षक सदस्य विवेक विश्व पांडे, उप प्रचार मंत्री सैयद फैजान उर्फ इकबाल, सह मीडिया प्रभारी सौरभ निगम, सदस्य रणजीत सिंह, संजय श्रीवास्तव, धनीष श्रीवास्तव, जिला सचिव फरहान इराकी समेत कई जर्नलिस्ट उपस्थित रहे।
इलाहाबाद गेस्ट हाउस एसोसिएशन व मेदांता हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में “ निशुल्क स्वास्थ परीक्षण शिविर” का आयोजन


Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,यह आयोजन शहरी क्षेत्र में वंचित व आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं के पहुँचाने का एक सफल प्रयास रहा जिसमे मेदांता हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों  द्वारा निःशुल्क रूप सामान्य रोग परामर्श और जांच कराया गया ।

इस अवसर पर ECG, ब्लड टेस्ट , बी पी चेक , सुगर चेक , बोनस बैलेंसिंग , आँखों की जाँच जैसी कई जांचें निशुल्क रूप से गई एवं उसके उपरांत विशेषज्ञों द्वारा मरीजों को उसके उपचार भी बताये गए। भारी संख्या में लोगों ने इस शिविर का लाभ उठाया।

मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ के प्रसिद्ध डॉक्टर अमित शांडिल्य जी ने अपनी टीम अलका सिंह, ज्योतिर्मय रॉय, शीतल, मार्केटिंग हेड राहुल त्रिपाठी जी ने शिविर को संचालित किया।

इस अवसर पर प्रयाग व्यापार मंडल अध्यक्ष राणा चावला,इलाहाबाद गेस्ट हाउस असोसिएशन के अध्यक्ष गुफरान अहमद, उपाध्यक्ष विद्यासागर केशरी, प्रकाशन सचिव शाहिद कमाल, रवि जायसवाल ,अतिन गुप्ता,ओम प्रकाश जायसवाल, अकरम शगुन,विकास सिंह, आकाश जायसवाल, मोहम्मद आजम, दीपक केशरी , जतिंदर सिंह बब्बू जी , महमूद अहमद ख़ान , युवा अध्यक्ष साहिल अरोड़ा, युवा महामंत्री शुभम केसरवानी, प्रदीप सचदेवा, संदीप गुलाटी उपस्थित रहे।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमाशीष राय को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें निराधार: राष्ट्रीय लोकदल
* किसी अन्य दल में जाने की खबरों का RLD ने किया खंडन, कहा- पूर्व निर्धारित संगठनात्मक दौरे जारी


लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमाशीष राय के किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने अथवा इस संबंध में बातचीत चलने की खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।
पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कुछ समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इस प्रकार की खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। राष्ट्रीय लोकदल इन सभी खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन करता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. रमाशीष राय पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं तथा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उनके सभी पूर्व निर्धारित संगठनात्मक कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित हो रहे हैं।
मयंक त्रिवेदी के अनुसार, वर्तमान में डॉ. रमाशीष राय का देवरिया सहित पूर्वांचल क्षेत्र का संगठनात्मक दौरा जारी है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और मध्यांचल के विभिन्न जिलों में भी उनके कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लगातार आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में 25 जुलाई को आजमगढ़ में उनका एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

प्रदेश मीडिया प्रभारी ने मीडिया संस्थानों और आमजन से अपील की कि वे अपुष्ट एवं भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें तथा केवल राष्ट्रीय लोकदल द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही प्रमाणिक मानें।