शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर छात्रों ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
उपेंद्र कुमार पांडेय

आज़मगढ़। जनपद के छात्र-छात्राओं और युवाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं, बार-बार हो रहे पेपर लीक और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रसंघ चुनावों पर लगी रोक के विरोध में हुंकार भरी है। इस संबंध में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने छात्र नेता अखिलेश पाण्डेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
ज्ञापन में युवाओं ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं में हो रही धांधली व पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों की प्रतिभा पर बार-बार हो रहे पेपर लीक से पानी फिर जाता है, जिससे युवाओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था और पारदर्शी तंत्र से विश्वास उठता जा रहा है। छात्र छात्राओं ने मांग करते हुए कहा कि देश भर में हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और दोषी माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएँ। सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोक हटाकर छात्रसंघ चुनाव शीघ्र कराए जाएँ, ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों को लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अधिकार मिले। सभी भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और निश्चित समय-सीमा के भीतर संपन्न कराया जाए। शिक्षा तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय की जाए तथा अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इस दौरान अभिनव यादव, ऋषभ मौर्या, प्रियांशु यादव, रविकांत यादव, अमन यादव, सुनील कुमार, विशाल यादव, लक्ष्मण यादव, अतुल यादव, रितेश यादव, आमिशा खान, दुर्गविजय मौर्य, अजीत यादव आदि मौजूद रहे।
प्रशासन की हठधर्मिता के खिलाफ ऑटो चालकों ने खोला मोर्चा, मांगें पूरी न होने पर चक्का जाम की चेतावनी
उपेंद्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। आटो रिक्सा चालक समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले चालकों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर संगठन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कृपाशंकर पाठक के नेतृत्व में चालकों ने  जिलाधिकारी से वार्ता के बाद मांग पत्र सौंपकर प्रशासन को चेताया है कि यदि चालकों की जायज मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो संगठन किसी भी समय उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन और चक्का जाम करने को बाध्य होगा।
प्रदेश अध्यक्ष कृपाशंकर पाठक ने आरोप लगाया कि केंद्रीय परिवहन नियमों का उल्लंघन कर चालकों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय परिवहन विभाग के नियमानुसार डीजल ऑटो रिक्शा का परमिट 15 साल के लिए होना चाहिए और वन टाइम टैक्स के नाम पर पूरे 15 वर्ष का शुल्क भी वसूला गया, लेकिन प्रदूषण के नाम पर वर्ष 2010 से परमिट को केवल 10 साल का कर दिया गया। प्रशासन की इस हठधर्मिता के कारण तमाम ऑटो चालक आज भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।
संगठन ने मांग की है कि जिन चालकों को पूरे 15 साल का परमिट उपयोग नहीं करने दिया गया, उन्हें प्रशासन ब्याज सहित उचित मुआवजा दे। साथ ही, परमिट प्रतिबंधित होने के बावजूद कुछ चुनिंदा गाड़ियों के परमिट कैसे बनाए गए, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। कहा कि आर.टी.ओ. द्वारा आजमगढ़ में 48 केंद्रों से परमिट तो जारी कर दिए गए हैं, लेकिन एक भी स्थान पर अधिकृत ऑटो स्टैंड विकसित नहीं किया गया है। इसके कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में चालकों को गाड़ी खड़ी करने तथा सवारी उतारने-चढ़ाने में भारी कठिनाई होती है और वे आए दिन पुलिस के चालान का शिकार बनते हैं। नरौली रेलवे स्टेशन समेत कई प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के कारण यातायात वैसे ही दुष्कर है, ऐसे में प्रशासन को ऑटो और ई-रिक्शा के लिए मार्ग निर्धारण सुनिश्चित करना चाहिए।
ऐसे में संगठन की मांग है कि सभी पुरानी डीजल ऑटो गाड़ियों को नियमानुसार 15 वर्ष का पूरा परमिट दिया जाए और आर.टी.ओ के प्रतिबंधात्मक फैसलों पर पुनर्विचार हो। 15 साल की अवधि से कम समय में परमिट रोकने पर वाहन स्वामियों को 5 से 10 साल की अवधि का ब्याज सहित उचित मुआवजा मिले। ऑटो रिक्शा का जीवनकाल (15 वर्ष) समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार का टैक्स न वसूला जाए और न ही कबाड़ हो चुकी गाड़ियों पर टैक्स का दबाव बनाया जाए। आर.टी.ओ. द्वारा चिन्हित सभी 48 केंद्रों पर स्थाई व अस्थाई स्टैंड विकसित किए जाएं और ई-रिक्शा व ऑटो के लिए रूट तय किए जाएं। ठेका परमिट के नवीनीकरण में किसी अपरिहार्य कारण से देरी होने पर लगने वाला 200 रुपये प्रतिमाह का विलम्ब शुल्क तत्काल बंद हो। रोके गए फिटनेस परीक्षण कार्य को तुरंत चालू किया जाए और सभी ऑटो व ई-रिक्शा चालकों के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर इसकी नियमित जांच हो।
कृपा शंकर पाठक ने कहा कि प्रशासनिक विसंगतियों के कारण आज ऑटो चालक और उनका परिवार पूरी तरह परेशान है। जब टैक्स 15 साल का लिया गया तो परमिट 10 साल का क्यों? यदि प्रशासन ने हमारी इन 8 सूत्रीय मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो चक्का जाम की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान छोटेलाल, शाहिद अहमद, राम अवतार, कैलाश यादव, हलधर दुबे, वीरेंद्र यादव, मुकेश, सनी गुप्ता, संरक्षक प्रभु नारायण प्रेमी, श्रवण कुमार यादव, नागेंद्र मौर्य, शिवप्रसाद, रियाज, शेर बहादुर, फिरोज, रमेश, कमला, रामबदन, महेंद्र, हरगुन, राजन मौर्य, करमखान, रामा गौड, सुरेश यादव, श्याम नारायण, गोवर्धन, राजेंद्र यादव, अरविंद कुमार, महेंद्र राम, अनिल सिंह, सुरेंद्र राम, गोपी बाबा आदि मौजूद रहे।
वेदांता इंटरनेशनल स्कूल के पूर्व छात्र समीर ने 99.40पर्सेंटाइल के साथ NEET-UG 2026 में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, विद्यालय परिवार में हर्ष।


उपेंद्र कुमार पांडेय

आज़मगढ़। वेदांता इंटरनेशनल स्कूल, आज़मगढ़ के पूर्व छात्र समीर प्रजापति ने NEET-UG 2026 परीक्षा में 595 अंक प्राप्त कर विद्यालय, अपने अभिभावकों एवं जनपद का नाम गौरवान्वित किया है। समीर ने 99.4060188 पर्सेंटाइल अर्जित करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 11524 प्राप्त की है, जो उनकी कड़ी मेहनत, लगन एवं अनुशासित अध्ययन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
समीर की इस उल्लेखनीय सफलता पर वेदांता इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंध निदेशक शिव गोविंद सिंह ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि "समीर की यह सफलता विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। दृढ़ संकल्प, सतत परिश्रम और सही मार्गदर्शन से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। हमें विश्वास है कि वह भविष्य में एक सफल एवं संवेदनशील चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे।"
विद्यालय परिवार ने समीर के माता-पिता एवं समस्त परिजनों को भी इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
आईएमए चुनाव में डॉ. डीपी राय अध्यक्ष और डॉ. रजनी त्रिपाठी बनीं सचिव, डॉ. फरहान अहमद निर्विरोध कोषाध्यक्ष चुने गए
उपेंद्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सत्र 2026-28 का द्विवार्षिक चुनाव हरिहरपुर स्थित आईएमए भवन में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नंदलाल यादव और चुनाव आयुक्त डॉ. अभिषेक सिंह की देखरेख में हुए इस चुनाव में भारी उत्साह देखा गया, जहाँ कुल 234 मतदाताओं में से 220 डॉक्टरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

अध्यक्ष पद के लिए डॉ. डीपी राय ने 146 मत हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। वहीं उनके प्रतिद्वंदी डॉ. आनंद सिंह को महज 74 मतों से संतोष करना पड़ा।

सचिव पद के लिए चुनाव में बेहद दिलचस्प मोड़ आया, जब दोनों प्रत्याशी डॉ. रजनी त्रिपाठी और डॉ. मोहम्मद खालिद 110-110 मतों के साथ बराबरी के बाद मुकाबला टाई हो गया।

निवर्तमान अध्यक्ष डॉक्टर निर्मल श्रीवास्तव ने बताया कि अंत में डॉक्टर खालिद की सहमति और कार्यकारिणी के निर्णायक फैसले के बाद सचिव पद पर डॉ. रजनी त्रिपाठी को विजयी घोषित किया गया।

कोषाध्यक्ष पद पर डॉ. फरहान अहमद पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा होते ही जश्न का माहौल छा गया। डॉक्टरों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को फूल-मालाओं से लादकर बधाई दी। वरिष्ठ चिकित्सकों ने नई कार्यकारिणी के सफल और उज्जवल कार्यकाल की कामना की है।
सोना लेकर चीन से लौटे आनन्द को बधाई देने वालों का लगा तांता

उपेंद्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। जिले के टहर किसुदेवपुर निवासी होनहार एथलीट आनंद सिंह ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। चीन में एथलेटिक्स चैंपियनशिप' में भाला फेंक स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहराकर जब आनंद सिंह अपने गृह जनपद पहुंचे, तो उनका भव्य स्वागत किया गया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के सहारे जैसे ही आनंद का काफिला कंधरापुर क्षेत्र के सेहदा कट पर उतरा, वहां मौजूद समर्थकों और खेल प्रेमियों का तांता लग गया। आनंद ने सबसे पहले अपने पिता अमरजीत सिंह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस साथ ही गांजे बाजे के साथ रोटरी क्लब अध्यक्ष व भाजपा सह-कोषाध्यक्ष श्रेय अग्रवाल, भाजपा नेता रित्विक जायसवाल, भाजपा नेता मनीष यादव और एथलेटिक्स संघ के संयुक्त सचिव मुज़म्मिल खान सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों व समर्थकों ने आनंद को अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर उनका जोरदार अभिनंदन किया। अपनी इस बड़ी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए आनंद सिंह ने कहा कि वह कड़ी मेहनत और अटूट लगन के बल पर ही आज इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें भाला फेंकने की प्रेरणा कप्तानगंज इंटर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान मिली, वही से उन्होंने अपना सफर शुरू किया था। आनंद ने अपनी इस स्वर्णिम सफलता का पूरा श्रेय अपने परिजनों, गुरुजनों, मित्रों और सभी शुभचिंतकों को दिया है। इस ऐतिहासिक मौके पर आनंद सिंह ने स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार से एक बड़ी मांग करते हुए कहा कि जिले के युवा खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मेरी सरकार से मांग है कि आजमगढ़ को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक सर्वसुविधायुक्त खेल का मैदान प्रदान किया जाए, ताकि आगे भी युवा खिलाड़ी अपने गृह जनपद में ही बेहतर तैयारी कर सकें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहरा सकें।
द डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन चुनाव में भृगुनाथ राम अध्यक्ष और मनोज कुमार राय मंत्री चुने गए
उपेंद्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। द डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव सत्र 2026-27 की मतगणना बुधवार को बार सभागार में सकुशल संपन्न हुई। पूरी चुनावी प्रक्रिया चुनाव अधिकारी शिवधन प्रसाद चौरसिया और एल्डर कमेटी के अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी की देखरेख में पारदर्शिता के साथ पूरी की गई। मतों की गिनती के बाद चुनाव अधिकारी ने आधिकारिक परिणाम घोषित किए।

जिसमें विभिन्न पदों पर हुए सीधे मुकाबले में विजेता और उपविजेता प्रत्याशियों में अध्यक्ष के एक पद पर भृगुनाथ राम 215 मत पाकर विजई हुए। वही महेन्द्र प्रताप सिंह को 190 मत और बलिराम यादव को 5 मत प्राप्त हुए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के दो पदों के लिए लौटू राम मौर्य 273 मत और मुन्ना सिंह 210 मत पाकर विजई हुए। वही सत्यप्रकाश चतुर्वेदी 142 मत प्राप्त हुए। मंत्री के एक पद पर मनोज कुमार राय 260 मत पाकर विजई हुए। वही दीपक कुमार श्रीवास्तव को 131 मत सतिराम प्रजापति को 10 मत रविशंकर यादव को 8 मत प्राप्त हुए। सहमंत्री प्रशासन के एक पद पर आनन्द प्रकाश यादव 217 मत पाकर विजई हुए तो वही राहुल उपाध्याय 197 मत प्राप्त हुए। इस बार के चुनाव में कनिष्ठ उपाध्यक्ष के एक पद पर किसी भी प्रत्याशी द्वारा नामांकन दाखिल नहीं किया गया, जिसके कारण यह पद रिक्त रह गया।

सदन के समक्ष कई पदों पर केवल एक-एक नामांकन होने के कारण कुछ पदों पर अधिवक्ताओं को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।

जिसमें उपाध्यक्ष के दो पदों पर पंकज कुमार, बालकृष्ण यादव, कोषाध्यक्ष पद पर लालमोहन गिरी, सह मंत्री पुस्तकालय पद पर कृष्ण कुमार सिंह सह मंत्री प्रशासन पद पर हरेंद्र यादव और छः सदस्य वरिष्ठ कार्यकारी समिति पद पर अजीत कुमार सिंह, अमरजीत कुमार मल्ल, कुमारी आभा श्रीवास्तव, निकेश कुमार यादव, फैजान अहमद, श्यामजीत यादव और छह सदस्य कनिष्ठ कार्यकारिणी समिति के पद पर अवनेंद्र प्रताप सिंह, अशोक कुमार यादव, आनंद प्रकाश सिंह, आलोक कुमार सिंह और पंकज तिवारी निर्विरोध निर्वाचित हुए।

जैसे ही चुनाव अधिकारी ने प्रत्याशियों की जीत की आधिकारिक घोषणा की, बार सभागार में उत्साह का माहौल बन गया। उपस्थित अधिवक्ता गणों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष, मंत्री सहित सभी विजयी और निर्विरोध चुने गए पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्जवल व सफल कार्यकाल की कामना की।
पुरानी जेल की जमीन पर मिला कटा हुआ मानव पैर, इलाके में सनसनी, अस्पताल का मेडिकल वेस्ट या सोची-समझी हत्या, सवालों के घेरे में जिम्मेदार
उपेंद्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। शहर कोतवाली से मात्र कुछ ही दूरी पर स्थित पुरानी जेल की जमीन पर एक कटा हुआ मानव पैर मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बीच शहर में मानव अंग मिलने की खबर फैलते ही मौके पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पुरानी जेल और उसके आसपास के पूरे इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया, ताकि कटे हुए पैर के बाकी शरीर का पता लगाया जा सके। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद भी शरीर का कोई अन्य हिस्सा बरामद नहीं हो सका। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए कटे हुए पैर को सील-पैक कर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है।

घटना को लेकर स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों में कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं, जिसमें मेडिकल वेस्ट की लापरवाही, दूसरी हत्या की साजिश बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नगरपालिका की गाड़ी द्वारा किसी निजी या सरकारी अस्पताल का कचरा पास में ही बने डंपिंग यार्ड में लाकर फेंका गया था। आशंका जताई जा रही है कि पैर उसी मेडिकल वेस्ट का हिस्सा था, जिसे बाद में कोई आवारा कुत्ता वहां से खींचकर सड़क के पास ले आया।
दूसरी आशंका यह भी जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शरीर के टुकड़े कर यहाँ फेंके गए हों। इस संवेदनशील घटना ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह किसी अस्पताल का मेडिकल वेस्ट है, तो नियमों को ताक पर रखकर मानव अंग को शहर के भीड़भाड़ वाले डंपिंग यार्ड में क्यों फेंका गया? क्या चंद रुपयों के लालच में जनता के स्वास्थ्य और भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है? और वही यदि यह मामला हत्या का है, तो शहर के व्यस्तम इलाके में शव के टुकड़े फेंक दिए गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इस पूरे मामले पर आजमगढ़ पुलिस अभी कुछ भी स्पष्ट कहने से बच रही है। खबर लिखे जाने तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डंपिंग यार्ड के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
उप जिलाधिकारी श्याम प्रताप सिंह एवं राजकुमार बैठा को वेदांता इंटरनेशनल स्कूल ने दी भावभीनी विदाई
उपेंद्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। वेदांता इंटरनेशनल स्कूल में उप जिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह के अपर जिलाधिकारी पद पर पदोन्नति एवं मैनपुरी स्थानांतरण के अवसर पर एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त की गईं।

समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेशक शिव गोविंद सिंह ने कहा कि श्री श्याम प्रताप सिंह ने अपने कार्यकाल में प्रशासनिक कुशलता, निष्पक्षता और जनसेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा। उन्होंने राजस्व एवं भूमि विवादों के प्रभावी निस्तारण, धार्मिक एवं सामाजिक विषयों के शांतिपूर्ण समाधान तथा जनहित के अनेक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके कार्यों की प्रशंसा स्वयं जिलाधिकारी भी समय-समय पर करते रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि श्याम प्रताप सिंह का अनुशासित व्यक्तित्व, समय के प्रति सम्मान और जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।

अपने संबोधन में श्याम प्रताप सिंहउपजिलाधिकारी ने वेदांता इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं प्रबंधन की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का भी उत्कृष्ट केंद्र है। उन्होंने विद्यालय परिवार को निरंतर प्रगति एवं सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत एवं विदाई गीत प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। कृष्ण मिश्रा के नेतृत्व में परेड के माध्यम से मुख्य अतिथि को स्वागत कक्ष तक सम्मानपूर्वक लाया गया। वहीं इंजीनियर इंद्रजीत साहनी द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण विदाई गीत ने पूरे वातावरण को भावुक बना दिया।

इसी क्रम में उप जिलाधिकारी निजामाबाद राजकुमार बैठा को उनके सिधारी स्थित आवास पर प्रबंध निदेशक शिव गोविंद सिंह ने अपने परिवार के साथ भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

शिव गोविंद सिंह ने कहा कि राजकुमार बैठा ने अपने सरल, सौम्य एवं जनहितैषी व्यक्तित्व से सभी के हृदय में विशेष स्थान बनाया है। उनका स्नेह एवं आत्मीय व्यवहार सदैव स्मरणीय रहेगा।

विदाई के अवसर पर श्री राजकुमार बैठा ने भावुक होते हुए कहा, "प्रशासनिक सेवा में अनेक लोगों से मुलाकात होती है, लेकिन कुछ परिवार ऐसे होते हैं जो स्थानांतरण के बाद भी दिल में बसे रहते हैं। शिव गोविंद सिंह और उनका परिवार मेरे लिए ऐसा ही परिवार है। आप सभी का स्नेह और सम्मान मैं जीवनभर नहीं भूलूँगा।"

समारोह के अंत में दोनों अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सफल प्रशासनिक जीवन की कामना करते हुए विद्यालय परिवार एवं उपस्थित लोगों ने उन्हें अश्रुपूरित नेत्रों से भावभीनी विदाई दी।

इस अवसर पर डॉ. बी. डी. सिंह सहित विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पुरानी जेल की जमीन पर मिला कटा हुआ मानव पैर, इलाके में सनसनी, अस्पताल का मेडिकल वेस्ट या सोची-समझी हत्या, सवालों के घेरे में जिम्मेदार
उपेंद्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। शहर कोतवाली से मात्र कुछ ही दूरी पर स्थित पुरानी जेल की जमीन पर एक कटा हुआ मानव पैर मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बीच शहर में मानव अंग मिलने की खबर फैलते ही मौके पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पुरानी जेल और उसके आसपास के पूरे इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया, ताकि कटे हुए पैर के बाकी शरीर का पता लगाया जा सके। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद भी शरीर का कोई अन्य हिस्सा बरामद नहीं हो सका। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए कटे हुए पैर को सील-पैक कर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है।

घटना को लेकर स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों में कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं, जिसमें मेडिकल वेस्ट की लापरवाही, दूसरी हत्या की साजिश बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नगरपालिका की गाड़ी द्वारा किसी निजी या सरकारी अस्पताल का कचरा पास में ही बने डंपिंग यार्ड में लाकर फेंका गया था। आशंका जताई जा रही है कि पैर उसी मेडिकल वेस्ट का हिस्सा था, जिसे बाद में कोई आवारा कुत्ता वहां से खींचकर सड़क के पास ले आया।
दूसरी आशंका यह भी जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शरीर के टुकड़े कर यहाँ फेंके गए हों। इस संवेदनशील घटना ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह किसी अस्पताल का मेडिकल वेस्ट है, तो नियमों को ताक पर रखकर मानव अंग को शहर के भीड़भाड़ वाले डंपिंग यार्ड में क्यों फेंका गया? क्या चंद रुपयों के लालच में जनता के स्वास्थ्य और भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है? और वही यदि यह मामला हत्या का है, तो शहर के व्यस्तम इलाके में शव के टुकड़े फेंक दिए गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इस पूरे मामले पर आजमगढ़ पुलिस अभी कुछ भी स्पष्ट कहने से बच रही है। खबर लिखे जाने तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डंपिंग यार्ड के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
बाजरे के खेत में महिला की बेरहमी से पिटाई, वीडियो वायरल
*पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*

*मेडिकल जांच में खानापूर्ति का आरोप*




आजमगढ़। जिले के तरवां थाना क्षेत्र अंतर्गत पट्टीभिखारी गांव से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक अकेली महिला को बाजरे के खेत में एक ही परिवार के चार लोगों द्वारा लाठी-डंडों, लात-घूसों से बेरहमी से पीटा जा रहा है। इस पूरी वारदात के दौरान वीडियो के पीछे खड़ी एक दो साल की मासूम बच्ची बिलख-बिलख कर रोती नजर आ रही है। मामले में घायल पीड़िता पूनम देवी की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 जुलाई घटना के दिन एक ही परिवार के चार नामजद आरोपियों सरिता, बबीता, बृजेश यादव और मां चनरमाके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, पीड़िता ने पुलिस की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पूनम देवी का आरोप है कि आरोपियों के रसूख और प्रभाव में आकर थानाध्यक्ष ने बेहद हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों को आसानी से छोड़ दिया। पीड़िता के मुताबिक, घटना से वक़्त वह खेत में धान की सोहाई कर रही थी। उसी दौरान आरोपी पाटीदार बृजेश यादव उसे अकेला पाकर जबरन बाजरे के खेत के अंदर खींचने का प्रयास किया। जब पीड़िता ने खुद को बचाने के लिए चीखना-चिल्लाना शुरू किया, तो आरोपी के परिवार के अन्य तीनों सदस्य भी मौके पर पहुंच गए और सभी ने मिलकर लाठी-डंडों से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़िता का कहना है कि इस मारपीट में उसे शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने उसे तुरंत इलाज मुहैया कराने के बजाय दो दिनों तक इधर-उधर घुमाया। इसके बाद, तीसरे दिन शनिवार को उसे मेडिकल परीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पीड़िता ने डॉक्टरों पर भी लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके पूरे शरीर का ठीक से मेडिकल करने के बजाय सिर्फ एक हाथ के पंजे का आधा-अधूरा मेडिकल करके खानापूर्ति कर दी गई। अस्पताल पहुंची पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि आरोपियों द्वारा उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और यह उसके साथ पांचवीं वारदात है। दो साल पहले भी उसके मासूम बेटे को करंट लगाकर मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में उसे पुलिस अधीक्षक से मिलने जाने से भी रोका जा रहा है। फिलहाल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।