योगी सरकार में निपुण भारत मिशन के विस्तारीकरण को मिला रोडमैप, कक्षा-5 तक तय होंगे अधिगम लक्ष्य
-  बालवाटिका से कक्षा-5 तक मिशन का विस्तार, एनसीएफ, एनसीईआरटी और परख के अनुरूप विकसित होंगे कक्षावार लक्ष्य : मंत्री संदीप सिंह

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख तथा दक्षता आधारित बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप निपुण भारत मिशन के विस्तारीकरण एवं लक्ष्य निर्धारण की व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
इस कार्ययोजना के अंतर्गत मिशन को बालवाटिका से कक्षा-5 तक प्रभावी रूप से लागू करते हुए प्रत्येक कक्षा के लिए स्पष्ट अधिगम लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। इसके साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन, शिक्षक क्षमता संवर्धन, लर्निंग गैप की पहचान और सुधारात्मक शिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि  योगी सरकार में बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप निपुण भारत मिशन को अब बालवाटिका से कक्षा-5 तक विस्तारित किया जा रहा है, ताकि हर बच्चे की मजबूत शैक्षणिक नींव तैयार हो सके।
हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा निर्धारित अधिगम लक्ष्यों से पीछे न रहे। इसके लिए हमने एनसीएफ और परख के अनुरूप कक्षावार लक्ष्य तय करने, शिक्षकों के क्षमता संवर्धन और सतत मूल्यांकन की ठोस कार्ययोजना बनाई है। योगी सरकार ने सरकारी स्कूलों को आधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षित शिक्षकों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धति से लैस किया है। यह रोडमैप प्रदेश में सीखने के परिणामों में ऐतिहासिक सुधार लाएगा और उत्तर प्रदेश बुनियादी शिक्षा में पूरे देश के लिए मॉडल बनेगा।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को मिशन के विस्तारीकरण और निर्धारित लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। निपुण भारत मिशन के विस्तारीकरण की यह कार्ययोजना बुनियादी शिक्षा को नई दिशा देने वाली पहल मानी जा रही है। बालवाटिका से कक्षा-5 तक सीखने की एक सतत श्रृंखला विकसित कर प्रत्येक बच्चे को उसकी आयु और कक्षा के अनुरूप आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं दक्षताओं से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्ययोजना के अनुसार कक्षा-3 से 5 तक हिंदी, अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन के लिए विषयवार और कक्षावार अधिगम लक्ष्य एनसीएफ, एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों तथा परख (PARAKH) के मानकों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे। इसके लिए विशेषज्ञों, एससीईआरटी, डायट तथा शिक्षकों के सहयोग से दक्षताओं का निर्धारण कर परामर्श कार्यशालाओं के माध्यम से उन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा।
नई कार्ययोजना में पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे के वास्तविक सीखने के स्तर पर विशेष जोर दिया गया है। विद्यालय स्तर पर नियमित मूल्यांकन, फॉर्मेटिव असेसमेंट के माध्यम से बच्चों की प्रगति का निरंतर परीक्षण किया जाएगा और लर्निंग गैप वाले बच्चों के लिए कैच-अप शिक्षण और अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, दक्षता आधारित शिक्षा, टीएलएम के प्रभावी उपयोग, डिजिटल संसाधनों तथा दीक्षा प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। बालवाटिका स्तर पर स्कूल रेडीनेस, विद्यालयों में पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, पढ़ने की संस्कृति और अभिभावकों की सहभागिता पर भी विशेष बल दिया गया है। राज्य, जिला, विकासखंड और विद्यालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
अपडेट... उप्र: मेरठ में पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश, नशीला दूध पिलाकर जहरीले सांप से कराई पति की हत्या

लखनऊ/मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला पर अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। आरोप है कि पहले पति को नशीला दूध पिलाकर बेहोश किया गया और फिर जहरीले सांप से कटवाकर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, मृतक अतुल पंवार अपनी पत्नी दामिनी के साथ मिलकर एक स्कूल का संचालन करते थे। इसी दौरान स्कूल के ड्राइवर तुषार और दामिनी के बीच कथित प्रेम संबंध बन गए। आरोप है कि दोनों ने अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
जांच में सामने आया है कि तुषार ने अपने दो साथियों सोनू और उदय की मदद से करैत प्रजाति का जहरीला सांप मंगवाया। आरोप है कि दामिनी ने इसके लिए तुषार को 15 हजार रुपये दिए थे। पुलिस का दावा है कि सांप को तीन दिन तक भूखा रखा गया, ताकि वह अधिक आक्रामक हो जाए।
इसके बाद कथित तौर पर दामिनी ने अतुल को दूध में नशीली गोलियां मिलाकर पिला दीं। जब वह बेहोश हो गया, तब बिस्तर पर जहरीला सांप छोड़ दिया गया। सांप के डसने से अतुल पंवार की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में दामिनी, उसके कथित प्रेमी तुषार और अन्य आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मेरठ में एक वर्ष के भीतर जहरीले सांप का इस्तेमाल कर हत्या का यह दूसरा मामला बताया जा रहा है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
उप्र: मेरठ में पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश, नशीला दूध पिलाकर जहरीले सांप से कराई पति की हत्या का आरोप
लखनऊ/ मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, पहले पति को नशीला दूध पिलाकर बेहोश किया गया और फिर जहरीले सांप से कटवाकर उसकी जान ले ली गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी मिलकर एक स्कूल का संचालन करते थे। इसी दौरान स्कूल के ड्राइवर तुषार और पत्नी दामिनी के बीच कथित प्रेम संबंध बन गए। आरोप है कि तुषार ने अपने दो साथियों सोनू और उदय की मदद से एक जहरीले सांप का इंतजाम किया और उसे दामिनी को सौंप दिया।
पुलिस के मुताबिक, दामिनी ने पहले अपने पति को नशीला दूध पिलाया। जब वह बेहोश हो गया, तब बिस्तर में जहरीला सांप छोड़ दिया गया। सांप के डसने से उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और साजिश के हर पहलू की जांच की जा रही है। मेरठ में एक वर्ष के भीतर जहरीले सांप का इस्तेमाल कर हत्या का यह दूसरा मामला बताया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
वर्किंग प्रोफेशनल डिप्लोमा प्रवेश 2026-27: 23 से 26 जुलाई तक करें विकल्प चयन, 28 से 31 जुलाई तक होगा अभिलेख सत्यापन

-  संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने जारी किया काउंसिलिंग कार्यक्रम, निर्धारित तिथि तक प्रक्रिया पूरी न करने पर आवेदन होगा निरस्त

लखनऊ। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (JEECUP), उत्तर प्रदेश ने राज्य की तकनीकी संस्थाओं में संचालित वर्किंग प्रोफेशनल डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रवेश सत्र 2026-27 के लिए विकल्प चयन (चॉइस फिलिंग) और अभिलेख सत्यापन का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है।
परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने परिषद के आधिकारिक पोर्टल jeecup.admissions.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन किया है, उन्हें 23 जुलाई से 26 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन विकल्प चयन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित अवधि में विकल्प चयन नहीं करने वाले अभ्यर्थियों का आवेदन स्वतः निरस्त माना जाएगा। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को परिषद के पोर्टल पर लॉगिन कर संस्थानवार एवं पाठ्यक्रमवार अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार विकल्प दर्ज करने होंगे।
विकल्प चयन के बाद अभिलेखों का भौतिक सत्यापन 28 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक कराया जाएगा। इसके लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित सत्यापन केंद्र राजकीय पॉलीटेक्निक, लखनऊ अथवा राजकीय महिला पॉलीटेक्निक, लखनऊ में स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।
परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे काउंसिलिंग से संबंधित दिशा-निर्देश, समय-सारिणी तथा अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं के लिए नियमित रूप से परिषद के आधिकारिक एनआईसी पोर्टल jeecup.admissions.nic.in का अवलोकन करते रहें।
रक्षाबंधन पर बाजार सजाएंगी स्वयं सहायता समूह की ‘दीदियों’ की राखियां, अब ऑनलाइन भी होंगी उपलब्ध
-  UPSRLM से जुड़ी महिलाओं की हस्तनिर्मित राखियों की बढ़ी मांग, Amazon, Flipkart और e-SARAS पर भी होगी बिक्री

लखनऊ। रक्षाबंधन के पर्व पर इस बार उत्तर प्रदेश की स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित राखियां बाजारों की रौनक बढ़ाएंगी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) से जुड़ी हजारों ग्रामीण महिलाएं पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों की आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं, जिनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
प्रयागराज, वाराणसी, बागपत, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, उन्नाव, शामली, जौनपुर और मिर्जापुर सहित प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में महिलाएं सूती धागे, रेशम, मोती, जरी, कुंदन, लकड़ी, कपड़े, अनाज तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों से पारंपरिक, आधुनिक, बच्चों और थीम आधारित आकर्षक राखियां बना रही हैं। इन राखियों में भारतीय संस्कृति, ग्रामीण परंपरा और महिलाओं की सृजनात्मकता की अनूठी झलक देखने को मिलती है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा राखियों का निर्माण उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को भी नई गति देगा। इससे ग्रामीण महिलाओं की आजीविका मजबूत होगी, महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को नई मजबूती मिलेगी।
हर वर्ष की तरह इस बार भी समूहों की महिलाएं अपनी राखियों का विक्रय स्थानीय बाजारों, मेलों और विभिन्न बिक्री केंद्रों के माध्यम से कर रही हैं। इसके साथ ही यूपीएसआरएलएम द्वारा उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता संवर्धन और डिजिटल मार्केटिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण महिला उद्यमियों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।
मिशन निदेशक अरुण कुमार के निर्देशन में यूपीएसआरएलएम इन हस्तनिर्मित राखियों को Amazon, Flipkart और e-SARAS जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इससे प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद देशभर के ग्राहकों तक पहुंचेंगे और उन्हें बेहतर बाजार के साथ अधिक आय के अवसर भी प्राप्त होंगे।
रक्षाबंधन के अवसर पर यूपीएसआरएलएम ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार 'वोकल फॉर लोकल' हस्तनिर्मित राखियों को प्राथमिकता देकर ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में सहभागी बनें।
योगी सरकार के प्रयासों से यूपी के आम्रपाली आम को मिली वैश्विक पहचान, 1200 किलो की खेप लंदन रवाना
-  भारत-यूके CETA से बढ़ा निर्यात का रास्ता, दो दिन में 2400 किलो चौसा और आम्रपाली आम यूके भेजे गए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। भारत-यूके CETA (Comprehensive Economic and Trade Agreement) के प्रभावी होने के बाद योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश के प्रसिद्ध आम्रपाली आम की 1200 किलोग्राम की खेप शनिवार को लंदन के लिए रवाना की गई। इससे प्रदेश के बागबानों को वैश्विक बाजार तक पहुंच और बेहतर मूल्य मिलने की नई संभावनाएं खुली हैं।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने उद्यान निदेशालय, लखनऊ से निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार कृषि एवं उद्यान उत्पादों के निर्यात को लगातार बढ़ावा दे रही है, ताकि किसानों और बागबानों की आय में वृद्धि हो सके।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के गुणवत्तापूर्ण फलों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति पर काम किया जा रहा है। एपीडा (APEDA) और उद्यान विभाग के संयुक्त प्रयासों से उत्तर प्रदेश के आमों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे बागबानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है और प्रदेश की पहचान वैश्विक फल बाजार में और मजबूत हो रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो दिनों में उत्तर प्रदेश से 2400 किलोग्राम चौसा और आम्रपाली आम की खेप यूनाइटेड किंगडम (यूके) भेजी जा चुकी है। यह उपलब्धि प्रदेश के कृषि निर्यात को नई गति देने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के फलों की बढ़ती स्वीकार्यता का भी प्रमाण है। इस अवसर पर उद्यान विभाग, एपीडा तथा संबंधित निर्यातक संस्थाओं के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मेरठ की ललिता गौतम प्रकरण में सीएम योगी सख्त, पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा
-  मुख्यमंत्री सहायता कोष से ₹5 लाख की सहायता, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन; आवास व सरकारी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश

लखनऊ। मेरठ के चर्चित ललिता गौतम प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मामले की विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।
पीड़ित परिवार को तत्काल राहत प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मृतका के पिता और चाचा को एक-एक मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ित परिवार का आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड सहित सभी पात्र सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
लखनऊ में प्रशासनिक फेरबदल, पांच उपजिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले
-  सदर, बीकेटी, मलिहाबाद, मोहनलालगंज और सरोजनी नगर समेत कई अहम पदों पर नई तैनाती



लखनऊ। राजधानी लखनऊ में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पांच उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इस संबंध में प्रशासन की ओर से आदेश जारी कर नई तैनातियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
जारी आदेश के अनुसार मनोज कुमार सिंह को सदर एसडीएम के पद से स्थानांतरित कर मलिहाबाद का उपजिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। साहिल कुमार को बीकेटी के उपजिलाधिकारी पद से हटाकर सदर एसडीएम बनाया गया है।
इसी क्रम में अभिषेक सिंह को सरोजनी नगर से स्थानांतरित कर बीकेटी का उपजिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। पवन पटेल को मोहनलालगंज के उपजिलाधिकारी पद से हटाकर एसीएम-1 की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि अंकित शुक्ला को सरोजनी नगर से एसीएम-2 बनाया गया है। वहीं आकाश सिंह को मोहनलालगंज का नया उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस फेरबदल से विभिन्न तहसीलों और शहरी क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों के संचालन तथा जनसेवाओं के क्रियान्वयन में और अधिक दक्षता आएगी।
लखनऊ में नाला निर्माण और सफाई कार्यों का मंत्री ए.के. शर्मा ने किया निरीक्षण
-- विश्वास खंड में 600 मीटर नाले का 500 मीटर निर्माण पूरा, शक्ति उपवन में वृहद वृक्षारोपण और योजनाओं के प्रचार के भी निर्देश


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शुक्रवार को राजधानी के विश्वास खंड और विवेक खंड क्षेत्रों में चल रहे नाला निर्माण एवं सफाई कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षाकाल में कहीं भी जलभराव की स्थिति न बनने पाए और सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि विश्वास खंड में 600 मीटर लंबे नाले में से 500 मीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य तेजी से जारी है। इस पर मंत्री ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद विश्वास खंड और आसपास के इलाकों को जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी तथा वर्षा जल की निकासी सुचारु रूप से हो सकेगी।
मंत्री ने नालों की सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा के दौरान जल निकासी बाधित न हो, इसके लिए सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए और जहां भी समस्या सामने आए, उसका तत्काल समाधान किया जाए।
ए.के. शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिक सुविधाओं को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माणाधीन शक्ति उपवन का भी जायजा लिया। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि यहां वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए और सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए सूचना प्रदर्शित करने वाले डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएं।
इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
खाद्य प्रसंस्करण में निवेश को बढ़ावा, यूपी में 70 करोड़ रुपये की 9 परियोजनाओं को मिली संस्तुति

-  डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले- किसानों की आय बढ़ेगी, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर; पीएमएफएमई योजना में 99% लोन वितरण के साथ यूपी देश में नंबर-1

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने करीब 70 करोड़ रुपये की 9 निवेश परियोजनाओं को स्वीकृति के लिए संस्तुत किया है। डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा को समान प्राथमिकता दे रही है। सौर ऊर्जा आधारित औद्योगिक मॉडल उद्योगों की लागत कम करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों और निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापित करें।

-  11 प्रस्तावों में से 9 को मिली मंजूरी की संस्तुति
अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में आयोजित एप्रेजल समिति की बैठक में प्राप्त 11 निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इनमें से 70 करोड़ रुपये के 9 प्रस्तावों को निर्धारित शर्तों के साथ राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (SLEC) के समक्ष अनुमोदन के लिए भेजने की संस्तुति की गई। इनमें बरेली के 2, गोरखपुर के 2 तथा कानपुर नगर, ललितपुर, बदायूं, लखनऊ और हापुड़ के एक-एक प्रस्ताव शामिल हैं।

-  पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना के तहत 99 प्रतिशत लोन डिस्बर्समेंट के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत लेटर ऑफ कम्फर्ट औसतन 20 दिनों में जारी किए जा रहे हैं, जबकि स्वीकृत इकाइयाँ अब औसतन 200 दिनों में संचालित होने लगी हैं। पहले यही प्रक्रिया लगभग 500 दिन लेती थी।

-  बैंकों को लंबित आवेदन जल्द निपटाने के निर्देश
बैठक में जुलाई के अंत तक 31 हजार स्वीकृत परियोजनाओं का लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया गया। समीक्षा में विभिन्न बैंकों के स्तर पर 6,208 आवेदन लंबित पाए गए। अपर मुख्य सचिव ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।

- 'क्रेजी स्नैक्स' के आईपीओ की सफलता का उल्लेख
बैठक में गोरखपुर की खाद्य प्रसंस्करण इकाई क्रेजी स्नैक्स लिमिटेड के बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर आईपीओ सूचीबद्ध होने की जानकारी भी साझा की गई। कंपनी के प्रतिनिधि नवीन अग्रवाल को इस उपलब्धि पर सम्मानित किया गया। सरकार ने इसे पूर्वांचल में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की बढ़ती संभावनाओं का सकारात्मक संकेत बताया।