सोमनाथ अमृत महोत्सव में पीएम नरेंद्र मोदी हुए शामिल, बोले-दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती
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गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस मौके पर पीएम मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव को संबोधित किया।
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सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अभी कुछ ही महीने पहले मैं यहां आया था, तब हम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे थे। प्रथम विध्वंस के 1,000 वर्ष बाद भी सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व और आज इस आधुनिक स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष, हम केवल दो आयोजनों का हिस्सा भर नहीं बनें, हमें हजार वर्षों की अमृत यात्रा को अनुभव करने का शिवजी ने मौका दिया है।
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सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना कोई साधारण अवसर नहीं-पीएम मोदी
मोदी ने कहा, 75 साल पहले आज के ही दिन सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना... ये कोई साधारण अवसर नहीं था। अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था तो, 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत सिर्फ आजाद ही नहीं हुआ, बल्कि अपने प्राचीन गौरव को फिर से हासिल करने की राह पर भी आगे बढ़ चुका है।
आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई, 1998 यानी आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। देश ने 11 मई को पहले 3 परमाणु परीक्षण किए। हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा। दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है, उसकी ये हैसियत, जो परमाणु परीक्षण करें।
हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, इतिहास के लंबे कालखंड में इस मंदिर ने अनेक आक्रमण झेले। महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी जैसे अनेक आक्रांता आए। लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर का वैभव मिटाने का प्रयास किया। वो सोमनाथ को एक भौतिक ढांचा मानकर उससे टकराते रहे। बार-बार इस मंदिर को तोड़ा गया। ये बार-बार बनता रहा। हर बार उठ खड़ा होता रहा! क्योंकि तोड़ने वालों को मालूम नहीं था कि हमारे राष्ट्र का वैचारिक सामर्थ्य क्या है। हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग हैं। उसके भीतर बैठी आत्मा अविनाशी है। और शिव तो सर्वात्मा हैं।






1 hour and 7 min ago
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