पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक, बेंगलुरु में काफिले के रूट पर मिला विस्फोटक

#explosivefoundonpmmodiconvoyrouteinbengaluru

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के दौरे पर हैं। पीएम मोदी के बेंगलुरु दौरे से पहले रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उनके संभावित रूट के पास विस्फोटक सामग्री मिली। पीएम मोदी के संभावित रूट पर जिलेटिन की छड़ें बरामद की गई हैं।

सड़क पर मिली जिलेटिन स्टिक

पुलिस को कग्गलीपुरा इलाके के थाथागुनी क्षेत्र में, आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग के निकट कुछ जिलेटिन स्टिक बरामद हुईं। बताया जा रहा है कि सुबह एक व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में फोन कर चेतावनी दी कि एचएएल क्षेत्र और आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर के आसपास विस्फोट हो सकते हैं।

बड़ा संभावित खतरा टला

इस कॉल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं और दोनों स्थानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, एचएएल हवाई अड्डे के पास कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन कनकपुरा रोड पर जिलेटिन स्टिक्स बरामद हुई। जिलेटिन स्टिक्स एक पुल के पास कंपाउंड वॉल के किनारे फेंकी गई थीं। जैसे ही विस्फोटक मिलने की सूचना मिली, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विस्फोटक सामग्री प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले ही बरामद कर ली गई थी, जिससे एक बड़ा संभावित खतरा टल गया।

एक संदिग्ध हिरासत में

पुलिस ने इस मामले में तुरंत एक्‍शन लेते हुए फोन करने वाले संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्ध को कोरामंगला इलाके के एक घर से दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

पहले भी कर चुका है धमकी भरे कॉल

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस व्यक्ति ने पहले भी बेंगलुरु में वीआईपी दौरों के दौरान इसी तरह के धमकी भरे कॉल किए थे। पिछले मामलों में, पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। हालांकि, इस बार मामला अधिक गंभीर है क्योंकि केवल धमकी नहीं दी गई थी, बल्कि वास्तविक विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।

थलपति विजय बने तमिलनाडु के नए सीएम, छह दशक बाद गैर-द्रविड़ दल का सीएम

#vijayoathaschiefministeroftamil_nadu

तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तमिलगा वेत्री कन्नगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित रंगारंग समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही विजय तमिलनाडु के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय के साथ 9 अन्य नेता भी मंत्रीपद की शपथ ली।

राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई बड़े नेता भी शामिल हुए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन, बीजेपी नेता के अन्नामलाई और तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। इसके अलावा फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां भी समारोह का हिस्सा बनी हैं।

पीएम मोदी ने विजय को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर लोगों के जीवन में सुधार के लिए काम करती रहेगी।

विजय के पिता समारोह में भावुक दिखे

विजय का पूरा परिवार शपथ ग्रहण समारोह में नजर आया। इसे मौके पर उनके पिता और मां काफी भावुक दिखे। साथ ही टीवीके पार्टी के सदस्य भी रोते हुए नजर आए। अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते हुए देखकर वे लोग भी इमोशनल हो गए।

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भावुक दिखीं तृषा

तृषा कृष्णनन और विजय थलापति करीबी दोस्त हैं। काफी फिल्में साथ कर चुके हैं। ऐसे में उनका विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना लाजमी था। इस मौके पर उनकी आंखों में नमी दिखीं। साथ ही चेहरे पर विजय के मुख्यमंत्री बनने की खुशी भी साफ झलक रही थी।

पहले ही चुनाव मे जीतीं 108 सीटें

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे विजय ने सिर्फ 2 साल पहले राजनीतिक पार्टी टीवीके बनाई थी। इस चुनाव में उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला। विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी, लेकिन कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बना ली।

द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म

विजय के शपथ ग्रहण के साथ ही पिछले 49 साल से राज्य सियासत में चल रहा द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म हो गया। तमिलनाडु में 1967 से ही सी. अन्नादुरई के नेतृत्व में द्रविड़ विचारधारा वाली पार्टी- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) सत्ता में आई। बाद में द्रमुक से अलग हुई अन्नाद्रमुक ने उसे चुनौती दी। दोनों द्रविड़ दल ही पिछले 49 साल से यहां की सत्ता में काबिज हैं। दो राष्ट्रीय दल- कांग्रेस और भाजपा हमेशा ही इन दोनों दलों की गठबंधन की साथी के तौर पर जुड़ी रहीं, लेकिन अपने दम पर सत्ता हासिल करने में नाकाम रहीं। अब विजय जोसेफ और उनकी टीवीके ने द्रविड़ पार्टियों के इस वर्चस्व को तोड़ने का काम किया है और तमिल राजनीति में अलग पहचान बनाई है।

बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम बने सुवेंदु अधिकारी, पीएम मोदी की मौजूदगी में 5 मंत्रियों ने भी ली शपथ

#westbengalnewcmoath_ceremony

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आजादी के बाद पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई और सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ।

सुवेंदु के साथ 5 मंत्रियों ने ली शपथ

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष समेत चार विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, क्षुदीराम टुडु, निशिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

सुवेंदु अधिकारी ने लिया पीएम मोदी का आशीर्वाद

शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी पीएम मोदी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें गले लगाकर उनकी पीठ थपथपाई और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ता से मिले

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। 1952 में, भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में मौजूद माखनलाल सरकार को गिरफ्तार कर लिया गया था। 98 वर्ष की आयु में भी श्री माखनलाल सरकार स्वतंत्तोत्तर भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं।

शपथ समारोह में शामिल हुए कई दिग्गज

सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर भव्य आयोजन हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे

विजय की सरकार बनने पर अब भी पेंच, क्या थलापति आज बन पाएंगे तमिलनाडु के नए सीएम?

#tamilnadugovernment_formation

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही राजनीतिक उठापटक जारी है। अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय आज शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं लेकिन उससे पहले ही राज्य में सियासी बवाल शुरू हो गया है। तमिलनाडु लोकभवन के सूत्रों का कहना है कि थलपति विजय बहुमत साबित नहीं कर पाए हैं। इसलिए उन्हें कल शपथ लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।

विजय के शपथ समारोह पर ‘ग्रहण’

तमिलनाडु टीवीके चीफ थलपति विजय के समारोह में देरी होने की संभावना है। शुक्रवार को वामदलों के साथ वीसीके का समर्थन मिलने की जानकारी पर विजय की टीवीके 118 के आंकड़े तक पहुंच गई थी लेकिन अब विजय द्वारा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को सौंपे गए सरकार बनाने के दावे में कुल समर्थक विधायकों की संख्या 116 है। ऐसे में टीवीके चीफ विजय के शपथ समारोह पर ‘ग्रहण’ लग गया है।

थलापति विजय के साथ हुआ ‘खेला’

सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके समर्थन देने की स्थिति में विजय की टीवीके को बहुमत मिल रहा था। अब वीसीके के पत्र में विधायकों के दस्तखत नहीं होने की दावा किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में मामला फिर फंस गया है। वीसीके चीफ थोल. थिरुमावलवन ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है तो वहीं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग-तमिलनाडु के अध्यक्ष कादर मोहिदीन ने कहा है कि पार्टी डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस का हिस्सा बनी रहेगी और टीवीके को अपना समर्थन नहीं देगी। IUML ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि उसने TVK को अपना समर्थन नहीं दिया है। आईयूएमएल से ए.एम. शाहजहां और एस.एस.पी. सैयद बदी क्रमश: पापनासम और वानियमबाडी निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जानें देश के अगले सीडीएस के बारे में

#ltgennsrajasubramaniappointednewcdsindian_army

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वे रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा सीडीएस अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है।

देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के हाथ में तीनों सेनाओं की कमान होगी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि पदभार ग्रहण करने की तारीख से और अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। अभी तक देश के सीएडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान हैं। लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि अब उन्हें ही रिप्लेस करेंगे। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे सीडीएस होंगे।

भारतीय सेना में 37 वर्षों से अधिक का करियर

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने यह जिम्मेदारी 1 सितंबर 2025 से संभाली हुई है। इससे पहले, उन्होंने 1 जुलाई, 2024 से 31 जुलाई, 2025 तक सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्य किया। उन्होंने मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) का पद भी संभाला। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि को दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था और भारतीय सेना में उनका करियर 37 वर्षों से अधिक का है।

जम्मू-कश्मीर से लेकर कजाकिस्तान तक जिम्मेदारी संभाली

अपने सैन्य करियर में सुब्रमणि ने अलग-अलग ऑपरेशनल फील्ड में काम किया। वे कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना स्थित भारतीय दूतावास में सेना से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कर्नल रैंक में उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली। बाद में ईस्टर्न कमांड में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) रहे। जम्मू-कश्मीर में वे राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर भी रहे।

देश के लिए सेवाओं के लिए हो चुके हैं सम्मानित

ब्रिगेडियर बनने के बाद सुब्रमणि ने जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके अलावा वे आर्मी हेडक्वार्टर में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस (DDGMI) भी रहे। साल 2023 में उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। इसके एक साल बाद वे सेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। रिटायरमेंट के बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटरिएट (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया था। देश के लिए सेवाओं के लिए सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

सुवेंदु आज लेंगे पश्चिम बंगाल के सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी समेत ये हस्तियां रहेंगी मौजूद

#suvendu_adhikari_oath_west_bengal_chief_minister

पश्चिम बंगाल में आज सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में सुबह 11 बजे होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

आजादी के बाद पहली बार बंगाल में बीजेपी सरकार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी आज राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आजादी के बाद यह पहली बार होगा जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी और कोई भाजपा नेता मुख्यमंत्री पद संभालेगा।

क्या शपथ ग्रहण में पहुंचेंगी टीएमसी चीफ?

सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल बीजेपी विधायक दल के नेता चुने जाने पर बंगाल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार टीएमसी चीफ ममता बनर्जी को भी आमंत्रण भेजा गया है।

शपथ ग्रहण समारोह में पुरुलिया छऊ नर्तकों की खास प्रस्तुति

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य की लोक संस्कृति की भी खास झलक देखने को मिलेगी। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले समारोह में पुरुलिया छऊ नर्तक अपनी प्रस्तुति देंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य को शामिल कर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की तैयारी की गई है। पुरुलिया छऊ नृत्य अपनी रंग-बिरंगी वेशभूषा, मुखौटों और ऊर्जावान प्रस्तुति के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

#vijaywilformgovernmentintamilnadu

तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश ने चीन से मांगी मदद, ढाका-बीजिंग नजदीकी भारत के लिए क्यों चिंता का विषय?

#indiabangladeshteestarowchina_entry

भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता नदी के पानी को लेकर चल रहे दशकों पुराना विवाद में अब चीन की एंट्री हो गई है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की नई सरकार ने तीस्ता नदी पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक तौर पर चीन से समर्थन मांगा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने खुद कबूल किया है कि उनकी सरकार तीस्ता प्रोजेक्ट के लिए चीन से बातचीत कर रही है।

बुधवार को बीजिंग में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक में तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट (TRCMRP) पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने दी। 

चीन का बांग्लादेश सरकार के प्रति समर्थन

बैठक में वांग यी ने नई बांग्लादेश सरकार के प्रति चीन का समर्थन जताते हुए कहा कि चीन, बेल्ट एंड रोड सहयोग को बांग्लादेश की विकास रणनीतियों के साथ जोड़ने और आर्थिक, बुनियादी ढांचे व लोगों के बीच संपर्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश में निवेश के लिए अपनी कंपनियों को भी प्रोत्साहित करेगा।

ढाका कके लिए चीन का ‘मास्टरप्लान’

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि वो भारत के साथ तीस्ता समझौते की उम्मीद तो रखते हैं, लेकिन हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि चीन ने तीस्ता नदी के मैनेजमेंट और उसके किनारों के विकास के लिए एक अरब डॉलर का भारी-भरकम ‘मास्टरप्लान’ तैयार किया है। बांग्लादेश इस प्रोजेक्ट को लेकर बीजिंग के साथ लगातार संपर्क में है।

क्यों भारत के लिए है चिंता का विषय

बता दें कि तीस्ता नदी भारत के ‘चिकन नेक’ यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब से बहती है। ये वही इलाका है जो नॉर्थ-ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ता है। अगर चीन इस इलाके में तीस्ता प्रोजेक्ट के नाम पर घुसता है तो उसके इंजीनियर और मशीनें भारत के इस सेंसेटिव एरिया के पास मौजूद होंगी। विकास के बहाने चीन इस संवेदनशील बॉर्डर इलाके में अपनी पैठ बना लेगा और भारत की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखेगा।

बंगाल में आज सीएम के नाम का ऐलान, अमित शाह जा रहे कोलकाता, विधायकों के साथ करेंगे मंथन

#whowillbecomebengalnewcmbjp

पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार सरकार बनाने जा रही है। बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। अब निगाहें सीएम फेस पर टिकी हैं। इस बीच आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। 

विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव

केंद्रीय मंत्री अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन माझी शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जहां विधायक दल के नेता और बंगाल के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा। अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचेंगे और बैठक से पहले राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रारंभिक चर्चा करेंगे। शाम 4 बजे नवनिर्वाचित विधायकों के साथ औपचारिक बैठक होगी, जहां मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदार

पार्टी का नया मंत्रिमंडल अनुभवी नेताओं और राजनीति में नए चेहरों का मिश्रण हो सकता है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। इसकी वजह उनकी राजनीतिक अहमियत, संगठन में पकड़, जमीन समझ और नेटवर्क है। बीते दो विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने न केवल बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने चुनाव लड़ा, बल्कि जीत भी हासिल की। ममता सरकार को सीधे चुनौती देने की वजह से ही अधिकारी को बीजेपी का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है।

बंगाल से ही होगा नया मुख्यमंत्री

चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया था, वहीं टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कोई भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया था, लेकिन शाह ने चुनावी रैली के दौरान यह जरूर कहा था कि नया मुख्यमंत्री बंगाल से ही होगा। ऐसे में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

थलापति विजय की टीवीके की चेतावनी, DMK-AIADMK सरकार बनी तो सभी 107 विधायक देंगे इस्तीफा

#vijaythalapathywarnalltvkmlaswillresignifdmkaiadmk_unite

तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस बरकरार है। थलापति विजय की पार्टी टीवीके को अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है। थलापति विजय दो बार गवर्नर से मिल चुके हैं। दोनों बार निराशा ही हाथ लगी है। इस बीच एआईएडीएमके और डीएमके के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट तेज है। ऐसे में एक्टर विजय ने बड़ा दांव चल दिया है। इससे तमिलनाडु की सियासत में नया ट्विस्ट आ गया है।

टीवीके की बड़ी चेतावनी

तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच सबसे अधिक सीट जीतने वाली नई पार्टी तलिमगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने बड़ी चेतावनी दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की सरकार बनाने की कवायद होगी तो थलापति विजय की पार्टी के सभी 107 विधायक एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, विजय ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

डीएमके-एआईएडीएमके के बीच गठबंधन की चर्चा

टीवीके की ओर से सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी तब सामने आई, जब राज्य में कट्टर विरोधी द्रविड़ पार्टियां डीएमके-एआईएडीएमके के बीच सरकार बनाने को लेकर गठबंधन की चर्चा फैली है। एआईएडीएमके के कई विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में हैं। उन्होंने अपने महासचिव एडाप्पाडी पलानीस्वामी को समर्थन पत्र सौंप दिया है। पलानीस्वामी ने शुक्रवार को राज्यपाल से मिलने की अनुमति मांगी है।

थलापति की नाराजगी की वजह

सूत्रों के अनुसार, टीवीके नेतृत्व इस बात से विशेष रूप से नाराज है कि डीएमके-एआईएडीएमके के बीच एक 'अघोषित गठबंधन' हो गया है, जिसका मकसद विजय को सत्ता में आने से रोकना है - भले ही उनकी पार्टी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो। पार्टी नेताओं का मानना है कि दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों की ओर से मिल रहे हालिया राजनीतिक संकेत टीवीके को सत्ता से बाहर रखने की एक कोशिश है, जबकि सच्चाई यह है कि दोनों में से किसी भी पार्टी के पास अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल नहीं है।