उप्र में 10 जिलों के जिलाधिकारी समेत 24 आईएएस अफसरों का तबादला
लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार की देर रात एक बार फिर बड़े पैमाने में आईएएस अफसरों का तबादला किय गया है। इससे ठीक एक दिन पहले 40 आईएएस और अपर पुलिस अधीक्षकों के तबादले हुए थे।
सोमवार की देर रात को जारी तबादले के क्रम में गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार को अलीगढ़ जिलाधिकारी बनाया है। अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद, यूपी अरविंद सिंह को एटा का जिलाधिकारी। विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग, यूपी अमित आसेरी को बांदा का जिलाधिकारी, बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. अंकुर लाठर को फर्रुखाबाद का जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कविता मीना को हापुड़ का जिलाधिकारी, विशेष सचिव पर्यटन विभाग, यूपी ईशा प्रिया को अम्बेडकर नगर का जिलाधिकारी बनाया है।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर नगर से चर्चित गोड़ को सोनभद्र का जिलाधिकारी, अंबेडकरनगर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को गाजीपुर का नया जिलाधिकारी, बाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को जिलाधिकारी अयोध्या की जिम्मेदारी दी है। विशेष सचिव मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन विभाग, यूपी शासन एवं निदेशक, नागरिक उड्डयन, ईशान प्रताप सिंह को बाराबंकी का जिलाधिकारी बनाया गया। वहीं, अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे को विशेष सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनाती मिली है।

इसी तरह एटा के जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह को अपर राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान में नई तैनाती मिली है। इसके साथ उन्हें मध्याह्न भोजन अभिकरण का निदेशक की भी जिम्मेदारी दी गई है। हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय को राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त, अलीगढ़ के जिलाधिकारी संजीव रंजन को विशेष सचिव, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश शासन भेजा गया। बांदा की जिलाधिकारी जे. रीभा को विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म बनाया है। इसी प्रकार विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन एवं अपर निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म यूपी अरुण कुमार को विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, यूपी शासन के प्रभार से अवमुक्त कर दिया है।

फर्रूखाबाद के जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी को विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग व सोनभद्र के जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह को उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव, कानपुर की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन को उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया है।

शाहजहांपुर की सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार को बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष, सीतापुर की सीडीओ प्रणता ऐश्वर्या को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष। सोनभद्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट उत्कर्ष द्विवेदी को शाहजहांपुर, मथुरा के संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव जे. जैन को कानपुर नगर व मेरठ की संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षा जोशी को सीतापुर का नया सीडीओ बनाया है।
लखनऊ में एडीजी पीएसी की सख्त समीक्षा, ट्रेनिंग से लेकर लंबित मामलों तक दिए बड़े निर्देश
लखनऊ । राजधानी में सोमवार को एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार ने मुख्यालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम समीक्षा बैठक की। इस दौरान अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर प्रतियोगिता 2025-26 और आरटीसी पीओपी की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में एडीजी पीएसी ने दंगा नियंत्रण और बाढ़ राहत जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों परिस्थितियों से निपटने के लिए जवानों का प्रशिक्षण मजबूत और व्यावहारिक होना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा बैठक में लंबित मृतक आश्रित मामलों, पेंशन प्रकरणों, शिकायतों और विभागीय कार्यवाहियों के जल्द निस्तारण पर भी जोर दिया गया। एडीजी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाए, जिससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मध्य जोन, सभी पुलिस उप महानिरीक्षक पीएसी और विभिन्न बटालियनों के सेनानायक भी मौजूद रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण, प्रशासनिक कार्यों और प्रतियोगिताओं की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
लखनऊ में रोड शो को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था बदली, सुबह 6 बजे से डायवर्जन लागू
लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र में आज प्रस्तावित रोड शो के चलते शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 6 बजे से आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।
जारी निर्देशों के अनुसार, हजरतगंज, विधानसभा, जीपीओ और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। लालबत्ती चौराहा, डीएसओ चौराहा, सिकन्दरबाग, परिवर्तन चौक, पार्क रोड और गोमतीनगर की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को इन मार्गों पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों के लिए वैकल्पिक रास्ते भी तय किए हैं। वाहन चालक कटाईपुल, शहीद पथ (जी-20 चौराहा), कमता तिराहा, कैण्ट, कुंवर जगदीश चौराहा, केकेसी तिराहा, बर्लिंगटन चौराहा और ग्रीन कॉरिडोर के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा डालीगंज, सीडीआरआई, पिपराघाट और दिलकुशा मार्गों का भी उपयोग किया जा सकता है।
रोडवेज और सिटी बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है। चारबाग, कैसरबाग और चौक जाने वाली बसों को ग्रीन कॉरिडोर और डालीगंज के रास्ते भेजा जाएगा, जबकि गोमतीनगर की ओर जाने वाली बसें कैंट और कटाईपुल मार्ग से चलेंगी। हजरतगंज और विधानसभा की ओर बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और शव वाहन को आवश्यकता पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 9454405155 जारी किया गया है, जिस पर संपर्क कर सहायता ली जा सकती है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी जरूर ले लें और डायवर्जन का पालन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
आईपीएल मैच के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव


लखनऊ । राजधानी के इकाना स्टेडियम में 22 अप्रैल को होने वाले आईपीएल मैच के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने मैच के दौरान भीड़ और जाम की स्थिति से बचने के लिए दोपहर 3 बजे से मैच समाप्ति तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शहीद पथ और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी वाहनों, रोडवेज बसों और कमर्शियल वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी। इन वाहनों को वैकल्पिक मार्गों जैसे किसान पथ, तेलीबाग, बंगलाबाजार और बाराबिरवा चौराहे की ओर से भेजा जाएगा। सुल्तानपुर रोड और रायबरेली रोड की तरफ जाने वाले बड़े वाहनों को भी बीच में ही डायवर्ट किया जाएगा, ताकि स्टेडियम के आसपास दबाव कम किया जा सके।
सिटी बसों का संचालन जारी रहेगा, लेकिन उन्हें शहीद पथ पर हुसड़िया और सुशांत गोल्फ सिटी के बीच कहीं भी रुकने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा को शहीद पथ पर पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इनके लिए अलग पिक-एंड-ड्रॉप पॉइंट तय किए गए हैं, जहां से यात्री उतर और चढ़ सकेंगे।
ओला-ऊबर और अन्य टैक्सी सेवाओं के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं। इन वाहनों को भी निर्धारित स्थानों पर ही सवारी उतारने और बैठाने की अनुमति होगी। एयरपोर्ट और अर्जुनगंज की ओर से आने वाले वाहनों को अहिमामऊ और आसपास के स्थानों पर ही सवारी उतारनी होगी।
निजी वाहन चालकों के लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। जिन लोगों के पास पार्किंग पास है, वे निर्धारित मार्ग से होकर स्टेडियम के पास तय पार्किंग स्थल तक पहुंचेंगे। जिनके पास पास नहीं है, उन्हें प्लासियो मॉल और अन्य चिन्हित स्थानों पर पार्किंग दी जाएगी। दोपहिया वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्टेडियम के आसपास कहीं भी अवैध पार्किंग करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन टो किए जा सकते हैं या क्लैम्प लगाया जा सकता है। केवल टिकट धारकों को ही स्टेडियम में प्रवेश मिलेगा और एक बार बाहर निकलने के बाद दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
सुरक्षा के लिहाज से स्टेडियम में कुछ वस्तुएं जैसे सिक्के, ईयरफोन और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे मैच शुरू होने से पहले ही स्टेडियम पहुंच जाएं, क्योंकि शाम 6 से 8 बजे के बीच ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहने की संभावना है।
ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि जरूरी न हो तो शहीद पथ का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 जारी किया गया है।
हीटवेव के चलते यूपी में बदला स्कूलों का समय, बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों के समय में बदलाव किया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिषद ने नए समयानुसार सुबह 7.30 बजे से 12.30 बजे तक विद्यालय संचालन के निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार परिषदीय विद्यालय अब सुबह के समय संचालित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
परिषद ने अभिभावकों से भी अपील की है कि बच्चों को पर्याप्त पानी, हल्के कपड़े और गर्मी से बचाव के उपायों के साथ विद्यालय भेजें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लखनऊ में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान

लखनऊ । राजधानी में ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ के मौके पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान चलाया गया। यह अभियान मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में पूरे जिले के अलग-अलग इलाकों में आयोजित किया गया, जिसमें अस्पताल, स्कूल, मॉल, होटल और अन्य बड़े संस्थानों को शामिल किया गया।

इस अभियान के तहत मेदांता अस्पताल में विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान अग्निशमन विभाग और अस्पताल की सुरक्षा टीम ने मिलकर आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य का अभ्यास किया। हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आधुनिक उपकरणों की मदद से ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया गया। साथ ही डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई।

इसी तरह गोमतीनगर रेलवे स्टेशन, फीनिक्स यूनाइटेड मॉल, अपोलो मेडिक्स अस्पताल और पिकैडली होटल समेत कई प्रमुख स्थानों पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वहां काम करने वाले कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और आम लोगों को आग लगने के कारण, उससे बचाव और आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने के बारे में बताया गया।

स्कूलों में भी जागरूकता अभियान चलाया गया, जहां छात्रों और शिक्षकों को आग से बचाव के तरीके सिखाए गए। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों और फैक्ट्रियों में भी कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।

अग्निशमन विभाग की टीम ने फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का सही तरीका भी सिखाया, जिसे PASS तकनीक कहा जाता है। इसमें पिन खींचना, आग के निचले हिस्से पर निशाना लगाना, लीवर दबाना और दाएं-बाएं घुमाकर आग बुझाना शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी बहुमंजिला इमारत में केवल उपकरण होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां काम करने वाले लोगों को उनका सही उपयोग आना भी जरूरी है। इसलिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि आपात स्थिति में लोग घबराएं नहीं और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें।

अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि भवनों में स्मोक डिटेक्टर लगाना, फायर एग्जिट को खाली रखना और बिजली के उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करना बहुत जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पंपलेट बांटकर लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
एलडीए की ओटीएस योजना को मिला अच्छा प्रतिसाद, 110 आवंटियों ने किया आवेदन

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को आवंटियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। सोमवार को 85 आवंटियों ने योजना के तहत आवेदन किया। इसके साथ ही अब तक कुल 110 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

एलडीए मुख्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों द्वारा आवंटियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने में भी सहयोग प्रदान किया गया।

योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए एलडीए अपनी विभिन्न योजनाओं में विशेष शिविर भी आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-7 स्थित आश्रयहीन योजना, भवानी मार्केट में लगाए गए ओटीएस कैंप का संचालन सोमवार को किया गया, जो मंगलवार 21 अप्रैल को भी जारी रहेगा।

उप सचिव माधवेश कुमार ने बताया कि कॉल सेंटर और आईटी सेल के माध्यम से बकायेदारों को फोन, मैसेज और ई-मेल भेजकर योजना की जानकारी दी जा रही है। यह योजना 18 अप्रैल से 17 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी।

* दंड एवं चक्रवृद्धि ब्याज में मिलेगी राहत

यह योजना एलडीए की सभी प्रकार की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों, सरकारी संस्थाओं को आवंटित संपत्तियों, स्कूल भूखंडों, चैरिटेबल संस्थाओं, नीलामी अथवा अन्य पद्धति से आवंटित संपत्तियों, सहकारी आवास समितियों तथा मानचित्र संबंधी मामलों पर लागू की गई है।

समय पर किश्तें जमा न करने के कारण जिन आवंटियों पर दंड ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज लगाया गया है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत दंड ब्याज में छूट मिलेगी, जिससे आवंटी बकाया धनराशि जमा कर अपनी संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त कर सकेंगे।

यूपी पुलिस में मेगा फेरबदल: 44 ASP के तबादले, प्रमोटेड अफसरों को नई जिम्मेदारी


लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से रविवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 44 अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में बड़ी संख्या उन अधिकारियों की है, जिन्हें हाल ही में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) से प्रमोट कर ASP बनाया गया था और अब उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इस व्यापक बदलाव के तहत कई जिलों, कमिश्नरेट और विशेष इकाइयों में नई तैनातियां की गई हैं, जिससे पूरे पुलिस तंत्र में हलचल देखी जा रही है।तबादलों में मनोज कुमार गुप्ता को हमीरपुर से पीटीसी सीतापुर, अरविंद कुमार वर्मा को चित्रकूट से हमीरपुर और अखंड प्रताप सिंह को सुल्तानपुर से 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी भेजा गया है।ब्रज नारायण सिंह को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट से सुल्तानपुर, जबकि हरि राम यादव को देवरिया से प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है। वहीं चिरंजीव मुखर्जी का स्थानांतरण निरस्त कर उन्हें यथावत रखा गया है।

इसके अलावा अलका को सीआईडी मेरठ से आगरा कमिश्नरेट, आलोक दुबे को 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी मेरठ, श्रेष्ठा को बागपत से एटीएस लखनऊ और मुकेश प्रताप सिंह को सीआईडी मुख्यालय से 43वीं वाहिनी पीएसी एटा भेजा गया है।हितेंद्र कृष्ण को वूमेन पावर लाइन 1090 से सीआईडी मुख्यालय, मुकेश चंद्र उत्तम को श्रावस्ती से विधि प्रकोष्ठ प्रयागराज और चंद्रकेश सिंह को पीटीसी सीतापुर से श्रावस्ती स्थानांतरित किया गया है।

अन्य तबादलों में मनोज कुमार यादव को मथुरा (यातायात) से 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा, राजेश कुमार तिवारी को मुरादाबाद से मथुरा (यातायात) और अभय कुमार मिश्र को सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट भेजा गया है।एसएन वैभव पांडेय को सहारनपुर से सतर्कता अधिष्ठान, उमेश कुमार यादव को सीआईडी बरेली से सीआईडी प्रयागराज और रफीक अहमद को 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी गोरखपुर भेजा गया है।

महिला अधिकारियों में सलोनी अग्रवाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट से 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ, नवीना शुक्ला को एएनटीएफ (ऑपरेशन) लखनऊ, निष्ठा उपाध्याय को सीआईडी बरेली और मोनिका यादव को यूपीपीसीएल (मध्यांचल) लखनऊ में तैनाती दी गई है।वहीं स्वतंत्र कुमार सिंह को गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में एडीसीपी बनाया गया है, जबकि संजय वर्मा को एसपी बलिया साउथ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा कई अधिकारियों को पीएसी, सीआईडी, एसटीएफ, ईओडब्ल्यू और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद पर यथावत भी रखा गया है, जिससे प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।सरकार के इस फैसले को कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, फील्ड और विशेष इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और हाल ही में प्रमोट हुए अधिकारियों को सक्रिय जिम्मेदारी देने के तौर पर देखा जा रहा है।
यूपी पुलिस में मेगा फेरबदल: 44 ASP के तबादले, प्रमोटेड अफसरों को नई जिम्मेदारी


लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से रविवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 44 अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में बड़ी संख्या उन अधिकारियों की है, जिन्हें हाल ही में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) से प्रमोट कर ASP बनाया गया था और अब उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इस व्यापक बदलाव के तहत कई जिलों, कमिश्नरेट और विशेष इकाइयों में नई तैनातियां की गई हैं, जिससे पूरे पुलिस तंत्र में हलचल देखी जा रही है।तबादलों में मनोज कुमार गुप्ता को हमीरपुर से पीटीसी सीतापुर, अरविंद कुमार वर्मा को चित्रकूट से हमीरपुर और अखंड प्रताप सिंह को सुल्तानपुर से 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी भेजा गया है।ब्रज नारायण सिंह को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट से सुल्तानपुर, जबकि हरि राम यादव को देवरिया से प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है। वहीं चिरंजीव मुखर्जी का स्थानांतरण निरस्त कर उन्हें यथावत रखा गया है।

इसके अलावा अलका को सीआईडी मेरठ से आगरा कमिश्नरेट, आलोक दुबे को 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी मेरठ, श्रेष्ठा को बागपत से एटीएस लखनऊ और मुकेश प्रताप सिंह को सीआईडी मुख्यालय से 43वीं वाहिनी पीएसी एटा भेजा गया है।हितेंद्र कृष्ण को वूमेन पावर लाइन 1090 से सीआईडी मुख्यालय, मुकेश चंद्र उत्तम को श्रावस्ती से विधि प्रकोष्ठ प्रयागराज और चंद्रकेश सिंह को पीटीसी सीतापुर से श्रावस्ती स्थानांतरित किया गया है।

अन्य तबादलों में मनोज कुमार यादव को मथुरा (यातायात) से 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा, राजेश कुमार तिवारी को मुरादाबाद से मथुरा (यातायात) और अभय कुमार मिश्र को सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट भेजा गया है।एसएन वैभव पांडेय को सहारनपुर से सतर्कता अधिष्ठान, उमेश कुमार यादव को सीआईडी बरेली से सीआईडी प्रयागराज और रफीक अहमद को 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी गोरखपुर भेजा गया है।

महिला अधिकारियों में सलोनी अग्रवाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट से 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ, नवीना शुक्ला को एएनटीएफ (ऑपरेशन) लखनऊ, निष्ठा उपाध्याय को सीआईडी बरेली और मोनिका यादव को यूपीपीसीएल (मध्यांचल) लखनऊ में तैनाती दी गई है।वहीं स्वतंत्र कुमार सिंह को गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में एडीसीपी बनाया गया है, जबकि संजय वर्मा को एसपी बलिया साउथ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा कई अधिकारियों को पीएसी, सीआईडी, एसटीएफ, ईओडब्ल्यू और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद पर यथावत भी रखा गया है, जिससे प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।सरकार के इस फैसले को कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, फील्ड और विशेष इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और हाल ही में प्रमोट हुए अधिकारियों को सक्रिय जिम्मेदारी देने के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने 40 आईएएस अधिकारियों का किया तबादला, कई जिलों के डीएम बदले
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस व्यापक बदलाव में कई जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदला गया है, जबकि कई अधिकारियों को अहम विभागों और संस्थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तबादलों के तहत उन्नाव के डीएम गौरांग राठी को झांसी का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि इंद्रजीत सिंह को सुल्तानपुर का डीएम नियुक्त किया गया है। सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर भेजा गया है।इसी क्रम में अन्नपूर्णा गर्ग को श्रावस्ती, आलोक यादव को शामली और अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। नितिन गौड़ को अमरोहा, अभिषेक गोयल को हमीरपुर और सरनीत कौर ब्रोका को रायबरेली का डीएम नियुक्त किया गया है।
अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर, हमीरपुर के डीएम घनश्याम मीणा को उन्नाव और मैनपुरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी भेजा गया है। औरैया के डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी, जबकि बृजेश कुमार को औरैया का डीएम बनाया गया है।
सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल को आगरा का डीएम और आगरा के डीएम अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
ऊर्जा और पावर सेक्टर में भी बदलाव करते हुए नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (आगरा) का एमडी बनाया गया है।
प्रतीक्षारत आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त और किंजल सिंह को सचिव माध्यमिक शिक्षा बनाया गया है।
वहीं, लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। शशि भूषण लाल सुशील को प्रमुख सचिव MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
फतेहपुर के डीएम रविंदर सिंह को विशेष सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, साथ ही यूपीनेडा और रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
इसके अलावा झांसी के डीएम मृदुल चौधरी को पर्यटन विभाग में विशेष सचिव व निदेशक, श्रावस्ती के डीएम अश्वनी कुमार पांडे को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, और रायबरेली की डीएम हर्षिता माथुर को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का निदेशक बनाया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर अन्य फेरबदल में कई मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे जिला और विभागीय प्रशासन में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।