लखनऊ से विशेष रिपोर्ट - विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का बूथ फोकस, 15 हजार कमेटियों के गठन का लक्ष्य

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी जमीनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य तय किया है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान 14 अप्रैल तक पूरा करने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना ही इस बार की मुख्य रणनीति है। 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर जयंती तक सभी बूथ कमेटियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

* अप्रैल से आकाश आनंद के रोड शो
अप्रैल माह से पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद प्रदेशभर में रोड शो और जन सभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आकाश आनंद की सभाएं संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगी।

* कांशीराम जयंती पर बड़ा आयोजन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर पार्टी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है।

* प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की रणनीति
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
बसपा की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी में है।
सिंगापुर में निवेश का बड़ा धमाका! Yogi Adityanath के नेतृत्व में 19,877 करोड़ के एमओयू, 20 हजार नौकरियों का रास्ता साफ
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का बड़ा तोहफा मिला। तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ कुल 19,877 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इन परियोजनाओं से करीब 20,000 नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है।मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Universal Success Group का मेगा प्लान

यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने उत्तर प्रदेश में 6,650 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिसमें ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

जेवर एयरपोर्ट के पास थीम टाउनशिप

स्थान: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र
भूमि: 100 एकड़
निवेश: 3,500 करोड़ रुपये
रोजगार: 12,000
शुरुआत: 2027

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क

भूमि: 50 एकड़
निवेश: 650 करोड़ रुपये
रोजगार: 7,500
शुरुआत: अगले वर्ष

नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क

भूमि: 10 एकड़
क्षमता: 40 मेगावाट आईटी पावर
निवेश: 2,500 करोड़ रुपये
रोजगार: 1,500
प्रस्तावित शुरुआत: 2028
इन परियोजनाओं से शहरी विकास, औद्योगिक गतिविधियों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार मिलेगी।

Golden State Capital का 8,000 करोड़ का डेटा सेंटर निवेश

गोल्डन स्टेट कैपिटल (GSC) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 8,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।बैठक के दौरान रूफटॉप सोलर, बैटरी स्टोरेज, ग्रिड सपोर्ट सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क जैसे स्वच्छ ऊर्जा आधारित प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा हुई।

ग्रीन एनर्जी पर फोकस

Private Infrastructure Development Group (PIDG) ने 2,500 करोड़ रुपये का एमओयू नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और एग्री-पीवी परियोजनाओं के लिए किया। AVPN Limited ने भी नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-पीवी क्षेत्र में 2,727 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया।

कौशल विकास में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी

तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET) को मजबूत बनाने के लिए ITE Education Services (ITEES) के साथ सहयोग समझौता हुआ। इस साझेदारी के तहत:
शैक्षणिक विकास,बुनियादी ढांचे में सुधार,नेतृत्व और क्षमता निर्माण,ISQ प्रमाणन,क्वालिटी एश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग मिलेगा, जिससे उत्तर प्रदेश की स्किल व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

निवेश से बदलेगी यूपी की तस्वीर

सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए इन समझौतों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में ये निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे।
होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग- ‘लखपति दीदी’ बनने की नई उड़ान

₹5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* 5 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्य
इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति को गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

* हर्बल गुलाल से सुरक्षित होली
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूर्णतः केमिकल-फ्री, त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह उत्पाद सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होली मनाने का संदेश भी देता है।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की ओर मजबूत कदम
यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
लखनऊ में 24 फरवरी से विशेष प्रदर्शनी, डाक टिकटों से जानिए जनगणना की कहानी
* ‘गिनती में आओ’ प्रदर्शनी में डाक अभिलेखों के जरिए सामने आएगा भारत की जनगणना का अनोखा सफर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार द्वारा राजधानी में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। ‘गिनती में आओ: भारत में जनगणना का डाक इतिहास’ विषय पर आधारित यह प्रदर्शनी 24 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित होगी। इसका उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को ऐतिहासिक दस्तावेजों से जोड़ते हुए जनगणना के विकासक्रम से परिचित कराना है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे शीतल वर्मा (निदेशक, जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण) द्वारा किया जाएगा। यह आयोजन महानगर विस्तार स्थित शहीद स्मारक भवन, लखनऊ में होगा। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।

* डाक अभिलेखों में छिपी जनगणना की कहानी
प्रदर्शनी की विशेषता यह है कि इसमें डाक टिकटों, पोस्टमार्क, पुराने पत्रों और अन्य डाक अभिलेखों के माध्यम से भारत में जनगणना की ऐतिहासिक यात्रा को प्रस्तुत किया जाएगा। आमतौर पर जनगणना को केवल आंकड़ों तक सीमित समझा जाता है, लेकिन यह प्रदर्शनी बताएगी कि आज़ादी के बाद सूचना प्रसार, प्रशिक्षण सामग्री भेजने और सरकारी संवाद स्थापित करने में डाक विभाग की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

* नई पीढ़ी के लिए सीखने का अवसर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश के विकास की बुनियाद है। डाक टिकटों और अभिलेखीय दस्तावेजों के माध्यम से जनगणना के इतिहास को समझाने का यह प्रयास नई पीढ़ी को अतीत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।
इस प्रदर्शनी का संयोजन अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. विकास कुमार द्वारा किया गया है। आयोजन विशेष रूप से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों के लिए उपयोगी साबित होगा तथा अभिलेखीय स्रोतों के माध्यम से आधुनिक भारत को समझने की नई संभावनाएं प्रस्तुत करेगा।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया कंप्यूटर लैब व वेबसाइट का लोकार्पण
लखनऊ। राजधानी के अर्जुनगंज स्थित महामना सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में नवनिर्मित कंप्यूटर लैब एवं विद्यालय की वेबसाइट का लोकार्पण आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसमें सरस्वती शिशु विद्या मंदिरों का विशेष योगदान है। यहां से शिक्षित विद्यार्थी ज्ञान और संस्कारों से परिपूर्ण होकर देश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बालिका शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि जिस प्रकार माता-पिता बालकों की शिक्षा पर ध्यान देते हैं, उसी प्रकार बालिकाओं की शिक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तभी राष्ट्र का संतुलित और समग्र विकास संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी शिक्षा पर निरंतर ध्यान दें।
राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में 1 से 8 वर्ष तक की आयु को बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसी अवस्था में संस्कारों का बीजारोपण होता है। इस दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उन्होंने सराहना की।
विद्यालय के विकास में योगदान देने वाले दानदाताओं को राज्यपाल ने शाल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियाँ एवं क्षेत्र के सम्मानित नागरिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सौरभ मालवीय (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती उत्तर प्रदेश) ने की। विशिष्ट अतिथियों में रामजी सिंह (प्रदेश निरीक्षक, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश), डॉ. मदन लाल ब्रह्हभट्ट (निदेशक, कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान) तथा संजय जी (सह प्रांत प्रचारक) उपस्थित रहे।
विद्यालय के प्रबंधक विनीत मिश्रा ने संस्थान की विकास यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य डॉ. सुभाष पाण्डेय ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र मिश्रा (कोषाध्यक्ष) ने किया।
समारोह में प्रमुख रूप से नरेंद्र राय, डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, अखिलेश वर्मा, विनय, रुद्र, अवधेश, सुमन तिवारी, अमित मौर्य, अशोक सिंह, रमाकांत, रतनलाल, शशिकांत सहित विद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अखिलेश शुक्ला (अध्यक्ष, सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुनगंज) ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
लखनऊ में डबल डेकर बस पलटी, 6 की मौत, 21 घायल
लखनऊ । राजधानी के गोसाईगंज इलाके में सोमवार शाम 4:30 बजे एक बड़ा हादसा हुआ। जौखंडी गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर लुधियाना (पंजाब) से दरभंगा (बिहार) जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई।

घटना में प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 6 लोगों की मौत हो गई जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। बस में कुल लगभग 40 यात्री सवार थे।

पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर बस में फंसे यात्रियों को निकाला। क्रेन की मदद से बस को उठाने का प्रयास किया गया। घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे का कारण चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है।यह हादसा यात्रियों की सुरक्षा और तेज़ रफ्तार पर नियंत्रण की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है।
पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर की रिपोर्ट: रात की दुर्घटनाओं में शराब और बिना हेलमेट बड़ी वजह
लखनऊ। राजधानी स्थित एपेक्स ट्रॉमा सेंटर पीजीआई लखनऊ की एक अध्ययन रिपोर्ट में सामने आया है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में शराब पीकर वाहन चलाना और हेलमेट न पहनना बड़ी वजह बन रहे हैं। वर्ष 2018 से 2024 के बीच रात में भर्ती हुए घायलों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।डॉ. एके सिंह और डॉ. पीके मिश्रा द्वारा तैयार यह शोध रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय जर्नल Cureus में प्रकाशित हुई है। अध्ययन में कुल 3,705 घायलों को शामिल किया गया। रिपोर्ट की प्रमुख बातें रात में लाए गए घायलों में से लगभग हर दूसरे व्यक्ति ने शराब पी रखी थी। केवल एक तिहाई दोपहिया सवारों ने हेलमेट पहना था। चार पहिया वाहन चालकों में सिर्फ 41% ने सीट बेल्ट लगाई थी। कुल मामलों में 67.3% सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े थे। इनमें से 84.7% दोपहिया वाहन दुर्घटनाएं थीं। 78.3% मरीज पुरुष थे, औसत आयु 37.5 वर्ष। 44.5% मामलों में सिर की चोट पाई गई। आईसीयू और मृत्यु दर अध्ययन में पाया गया कि 58.4% मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। 45.8% को मैकेनिकल वेंटिलेशन की जरूरत हुई। कुल मृत्यु दर 4% रही, जिनमें से 42.2% मौतें 24 घंटे के भीतर हुईं। बुजुर्गों में बाथरूम में गिरने की घटनाएं रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि काफी बुजुर्ग बाथरूम में फिसलकर घायल हो रहे हैं। इसकी बड़ी वजह चिकनी टाइल्स को बताया गया है, जिनकी फिसलन से गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ की राय ट्रॉमा सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. वैभव जायसवाल के अनुसार, दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार, लापरवाही और जागरूकता की कमी बड़ी वजह है। बेहतर सड़कें और एक्सप्रेसवे यात्रा का समय तो कम कर रहे हैं, लेकिन सावधानी न बरतने पर हादसों का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने जगह-जगह ट्रॉमा सेंटर बनाने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।
यूपी में छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं 42 साल के लिए लीज पर देने की तैयारी, विरोध तेज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की तैयारी में है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर के अनुसार निजी कंपनियों को 1.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट अग्रिम प्रीमियम के आधार पर परियोजनाएं सौंपी जाएंगी, जिसके बाद वे 42 वर्षों तक उनका संचालन करेंगी।

प्रदेश की प्रमुख जल विद्युत परियोजनाएं

प्रदेश में पहले से
300 मेगावाट रिहंद,
99 मेगावाट ओबरा,
72 मेगावाट माताटीला (ललितपुर),
72 मेगावाट खारा

जल विद्युत परियोजनाएं संचालित हैं। इसके अतिरिक्त छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं भी हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि और अन्य परिसंपत्तियां मौजूद हैं।

लीज पर प्रस्तावित परियोजनाएं

लीज पर दी जाने वाली परियोजनाओं में शामिल हैं –
भोला (2.7 मेगावाट)
सलावा (3 मेगावाट)
निर्गजनी (5 मेगावाट)
चित्तौरा (3 मेगावाट)
पलरा (0.6 मेगावाट)
सुमेरा (1.5 मेगावाट)
ये सभी परियोजनाएं अपर गंगा नहर पर स्थित हैं और लगभग 90 से 97 वर्ष पुरानी बताई जा रही हैं।

निजीकरण के खिलाफ संगठनों का विरोध

टेंडर जारी होते ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन की आपत्ति

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि अपर गंगा नहर में वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है, जिससे इन परियोजनाओं में लगातार बिजली उत्पादन संभव है।उन्होंने दावा किया कि सीमित निवेश से इनके पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण की लागत एक वर्ष में वसूल की जा सकती है। साथ ही आरोप लगाया कि टेंडर में स्थापित क्षमता 15.5 मेगावाट के बजाय 6.3 मेगावाट दर्शाई गई है और परिसंपत्तियों का मूल्य भी कम आंका गया है। उन्होंने टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

कर्मचारियों पर असर का मुद्दा

पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि यह कदम निजीकरण की नई रणनीति है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।उन्होंने यह भी कहा कि निजी कंपनियां अपनी शर्तों पर नियुक्तियां करेंगी और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है। संगठनों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर टेंडर निरस्त करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अलीगढ़ में चर्चा बनी अजब प्रेम की गजब कहानी
* शादी में नाचने आई डांसर संग दूल्हा फरार, नवविवाहिता ने लगाया हनीट्रैप का आरोप
अलीगढ़। अलीगढ़ के गांधी पार्क थाना क्षेत्र से एक ऐसी फिल्मी कहानी सामने आई है, जिसने दो परिवारों की खुशियों को अचानक चिंता में बदल दिया। शादी के जश्न, बैंड-बाजे और मेहमानों की भीड़ के बीच जो हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में इलाके के एक युवक की धूमधाम से शादी हुई थी। विवाह समारोह में रंग जमाने के लिए एक डांसर को बुलाया गया था। कार्यक्रम के दौरान दूल्हा और डांसर के बीच बातचीत शुरू हुई, जो देर रात तक चलती रही। परिजनों का कहना है कि शादी के कुछ ही समय बाद दूल्हा अचानक लापता हो गया। बाद में पता चला कि वह उसी डांसर के साथ घर छोड़कर चला गया है।
घटना के बाद नई नवेली दुल्हन ने आरोप लगाया है कि डांसर ने उसके पति को हनीट्रैप में फंसाकर अपने साथ ले गई। दुल्हन का कहना है कि शादी के दौरान ही डांसर ने योजनाबद्ध तरीके से उसके पति से नजदीकियां बढ़ाईं और फिर उसे बहला-फुसलाकर फरार हो गई।
परिवार वालों ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और दोनों की तलाश की जा रही है। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर संभावित ठिकानों की छानबीन की जा रही है।
इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जहां एक ओर दुल्हन और उसका परिवार सदमे में है, वहीं दूसरी ओर लोग इस ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई पूरी तरह सामने आ सकेगी।
सीएम योगी आज सिंगापुर-जापान दौरे पर रवाना
यूपी को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने की मुहिम तेज, 33 वैश्विक कंपनियों से करेंगे संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे पर रवाना होंगे। वर्ष 2017 में म्यांमार यात्रा के बाद यह उनका पहला विदेशी दौरा है, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के अवसरों पर चर्चा करेंगे।

* जी-टू-बी और राउंड टेबल मीटिंग में होगा सीधा संवाद
दौरे की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के माध्यम से निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। वे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कौशल विकास की संभावनाओं पर स्पष्ट और परिणामोन्मुख चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश मूल के लोगों को संबोधित करने के साथ स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे और प्रदेश की बदली तस्वीर साझा करेंगे।

* सिंगापुर में 25 कंपनियों से मुलाकात
सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।

* डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी: Google, ST Telemedia Global Data Centres

* एग्रीबिजनेस: Japfa, Olam International

* लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: Mapletree Investments, SATS Ltd

* ग्रीन और सौर ऊर्जा: AVPN, EDP Renewables

* इंडस्ट्रियल पार्क और एविएशन: Sembcorp Industries, Singapore Airlines Engineering Company

* ग्लोबल फंड्स: Temasek Holdings, GIC, Blackstone Inc.

* फिनटेक व बैंकिंग: DBS Bank

* जापान में ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर पर फोकस
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों से निवेश वार्ता करेंगे।

* ऑटोमोबाइल: Kubota, Suzuki

* सेमीकंडक्टर: Tokyo Electron

* इलेक्ट्रॉनिक्स: Toshiba

- ग्रीन हाइड्रोजन व रियल एस्टेट: Marubeni

* वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर कदम
प्रदेश सरकार का मानना है कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश उत्पादन और उपभोग दोनों का बड़ा केंद्र बन सकता है। मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तीव्र कनेक्टिविटी के आधार पर यह दौरा राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।