बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही स्पाइसजेट पर लगा 'बैन', जानें पूरा मामला

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बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट को अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) के उपयोग से रोक दिया है। बांग्लादेश ने कथित बकाया भुगतान न चुकाने के कारण बजट एयरलाइन स्पाइसजेट को अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग से रोक दिया है। एयरस्पेस उपलब्ध न होने के चलते कोलकाता से गुवाहाटी और इम्फाल जाने वाली कुछ उड़ानों को अब लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है। इससे उड़ान के समय और ऑपरेशनल लागत पर असर पड़ सकता है।

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स्पाइसजेट ने क्या कहा?

स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘ये उद्योग से जुड़े सामान्य मुद्दे हैं और हम इनका शीघ्र समाधान निकालने के लिए रचनात्मक रूप से काम कर रहे हैं। हमारी उड़ान सेवाएं अप्रभावित हैं और हम नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी निर्धारित सेवाएं जारी रखे हुए हैं।’ हालांकि, विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया।

वैकल्पिक और लंबे रूट का सहारा

बता दें कि यात्रियों पर फिलहाल इसका सीधा असर नहीं पड़ा है। हालांकि एयरस्पेस बंद होने से कुछ उड़ानों को वैकल्पिक रूट से जाना पड़ रहा है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार स्पाइसजेट की कुछ उड़ानें बांग्लादेशी एयरस्पेस से बचते हुए वैकल्पिक और लंबा मार्ग अपना रही हैं।

स्पाइसजेट के शेयर में गिरावट

इस बीच बीएसई में दोपहर के कारोबार के दौरान स्पाइसजेट के शेयर में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने हाल ही में दिसंबर 2025 तिमाही में 269.27 करोड़ रुपये का घाटा भी दर्ज किया था, जिसका कारण बढ़ती लागत और एकमुश्त खर्च बताए गए हैं।

भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अपनाता भी है”, AI इम्पैक्ट समिट में बोले पीएम मोदी

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राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' को पीएम मोदी संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने इंडिया एआई समिट 2026 का मकसद बताया। पीएम मोदी ने एआई के लिए दुनिया को भारत का मंत्र दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है, और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है।

भारत को एआई में भय नहीं भविष्य दिखता है-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है। सबसे बड़े टैग टैलेंट पूल का केंद्र है। उन्होंने कहा कि भारत को एआई में भय नहीं, भाग्य और भविष्य दिखता है।

एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि एआई को मानव इतिहास का ट्रांसफॉर्मेशन है। हालांकि, इस दौरान पीएम मोदी ने दुनिया को संदेश देते हुए साफ-साफ कहा कि एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा। भविष्य में नहीं, बल्कि वर्तमान में इसकी दिशा तय होनी चाहिए।

एआई एक ट्रांसफॉर्मेशन है-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है और वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है। सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं। किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन है। आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडिक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत है।

एआई मशीनों को इंटेलीजेंट बना रही-पीएम मोदी

पीएम ने कहा एआई मशीनों को इंटेलीजेंट बना रही है। लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है। पहले टेक्नोलॉजी दिखने में दशकों लगते थे, आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है, व्यापक भी है। इसलिए हमें विजन भी रखना है और जिम्मेदारी भी बढ़ानी है।

ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा इस समिट का होना पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है। यहां दुनिया के कोने-कोने से आए मेहमान इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। यंग जेनरेशन की उपस्थिति नया विश्वास पैदा करती है। पीएम ने कहा एआई समिट में यंग टैलेंट बहुत बड़ी संख्या में आया।

संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज', मोहन भागवत ने बताई आरएसएस की अधूरी सफलता की वजह

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान संघ प्रमुख भागवत ने हिंदू समाज को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है। इस दौरान उन्होंने देश भर के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति की भी वकालत की।

आरएसएस चीफ या सर संघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को उन्होंने लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समाज के लोगों से तकरीबन ढाई घंटे तक बातचीत की।इस कार्यक्रम में उन्होंने संघ के विचारों के बारे में भी बताया और लोगों के सवालों के सहजता से उत्तर भी दिए। मोटे तौर पर सात ऐसे सम-सामयिक और राजनीति मुद्दे हैं, जिन पर भागवत ने आरएसएस की सोच को लोगों के सामने रखा।

हिंदू समाज एकजुट नहीं-भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में आरएसएस ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, लेकिन यह भी माना है कि इसका मिशन अभी भी अधूरा है। उन्होंने कहा, 'संघ ने बहुत काम किया है, लेकिन इसे पूर्ण सफलता नहीं मिली है, क्योंकि हिंदू समाज एकजुट नहीं है।' आरएसएस प्रमुख ने लोगों से अनुरोध किया है कि बिना संघ में शामिल हुए,इसे जज करने की कोशिश न करें। उन्होंने राष्ट्रहित में हिंदुओं को एकजुट होने की अपील की।

हिंदू समुदाय सभी मुद्दों पर उदासीन-भागवत

प्रश्न-उत्तर के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत को इस सवाल का भी सामना करना पड़ा कि आरएसएस की सबसे बड़ी समस्या क्या है। इसपर उन्होंने कहा, 'हिंदू समुदाय सभी मुद्दों पर उदासीन है।' उनका कहना है कि 'भिन्न-भिन्न जातियों और पंथों से अपनी पहचान बनाने की जगह, हिंदू के तौर पर अपनी पहचान बनाना हम सभी के लिए बेहतर है। सामाजिक सौहार्द समाजिक एकता का आधार है।' उनके अनुसार, 'जाति व्यवस्था धीरे-धीरे मिट रही है। युवा पीढ़ी में यह व्यवहार दिख रहा है।' 'जिस दिन समाज में जाति का महत्त्व नहीं रहेगा, जाति की राजनीति करने वाले नेता भी बदल जाएंगे।'

मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति पर जोर

एक सवाल के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों से होने वाली आय को जन कल्याण के लिए लगाना चाहिए और इसकी बागडोर सरकार के हाथों में न होकर जिम्मेदार भक्तों के पास होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मंदिरों के संचालन और आय के जन कल्याण के लिए खर्च किए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और निष्पक्ष व ईमानदार संस्था की निगरानी में हो। उन्होंने कहा कि संघ इस दिशा में आगे तैयारी कर रहा है, जल्द परिणाम देखने को मिलेगा।

बीजेपी-आरएसएस संबंध पर क्या बोले भागवत?

इस दौरान संघ प्रमुख ने भाजंपा-आरएसएस संबंधो को लेकर लगने वाले आरोपों का भी जवाब दिया। भागवत ने संघ को बीजेपी का रिमोट बताए जाने जैसे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम अक्सर हो जाता है। हमारे पास ऐसा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार चलाना बेहद कठिन काम है, इसलिए हम तो सिर्फ अपना ही काम करते हैं। हां, हम सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार का विरोध करने वाले हमें भी गालियां देते हैं लेकिन सत्ता में बैठे कई लोग बहुत अच्छा काम भी कर रहे हैं।

राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक', किरेन रिजिजू का नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला

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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने राहुल गांधी पर ‘भारत विरोधी ताकतों’ से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए ‘सबसे खतरनाक व्यक्ति’ बन चुके हैं।

राहुल का व्यवहार काफी बचकाना-रिजिजु

केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि राहुल का व्यवहार काफी बचकाना है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए इस तरह की हरकत काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता एक बड़ा चेहरा होता है। सदन के बाहर जाना, लोगों को देशद्रोही कहना, नाटकीय धरना देना और एक अनपब्लिश्ड किताब से सरकार को बेवजह घेरना, दिखाता है कि राहुल किस तरह व्यवहार करते हैं। उनका व्यहार बच्चों जैसा होता है। हमने भारत के इतिहास में ऐसा LoP कभी नहीं देखा था।

भारत विरोधी ताकतों से जुड़े होने का आरोप

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश में नक्सलियों, अतिवादियों, वैचारिक समूहों और जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मुलाकात करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी भारत की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति बन गए हैं, क्योंकि वे भारत विरोधी ताकतों के साथ जुड़ते हैं।

संसद में सिर्फ हंगामा करती है कांग्रेस-रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि सरकार पर आरोप लगाती है कि हम उन्हें संसद में बोलने नहीं देते हैं। विपक्ष के ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं। सरकार कांग्रेस को हर बात बोलने का मौका देती है, लेकिन मुद्दों पर बोलने की बजाए वो हंगामा शुरू कर देते हैं। नारों के साथ बैनर लहराने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कागज फेंकना, नारेबाजी करना और बैनर दिखाना ज्यादातर कांग्रेस का तरीका है। यह विपक्ष की गंभीरता को दर्शाता है।

जबरदस्ती पीएम के खिलाफ बयानबाजी का आरोप

रिजिजू ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल के समर्थक इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि वे बिना सच और आधार के बोलते हैं। अगर कोई दस्तावेज है या पीएम किसी से मिले हैं, तो सबूत पेश करें। बिना आधार के पीएम का नाम जोड़ना निराशा और हताशा पैदा करता है। उन्होंने कहा, "वे जबरदस्ती प्रधानमंत्री का नाम घसीटते हैं, बिना किसी आधार के। इससे देश में निराशा फैलती है।"

दिल्ली राज्य पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सम्मानित हुए एड. विनय कुमार दुबे
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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीसरी दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 का तीन दिवसीय भव्य शुभारंभ दिव्यांगजनों के उत्थान और खेल प्रतिभा को समर्पित एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हुआ। यह राज्य-स्तरीय आयोजन दिवंगत कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित किया गया, जिनका जीवन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक रहा है। इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई वीकेडीएल एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं प्रख्यात समाजसेवी भाजपा नेता एडवोकेट विनय कुमार दुबे की विशिष्ट उपस्थिति ने i उनके साथ अनेक विशिष्ट अतिथियों की प्रेरणादायी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। उद्घाटन अवसर पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव, बीएसएफ एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह, भारतीय फिल्म निर्माता, निर्देशक और नोएडा फिल्म सिटी तथा मारवाह स्टूडियोज के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह, डीसीपी द्वारका आईपीएस अंकित सिंह, विधायक नीरज बसोया, CNN News 18 की वरिष्ठ पत्रकार संपादक (गृह मामले) अरुणिमा तथा भारतीय पैरालंपिक समिति के निदेशक सत्य बाबू सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम में दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की अध्यक्षा पारुल सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए उनके सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
अपने प्रेरक संबोधन में एडवोकेट विनय कुमार दुबे ने दिव्यांग खिलाड़ियों के अदम्य साहस, संघर्षशीलता और आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी केवल खेल मैदान के विजेता नहीं हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा के प्रतीक हैं। इन्होंने सिद्ध कर दिया है कि सीमाएँ शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती हैं। हर बच्चे में एक भारत बसता है और यही भारत का भविष्य है।”
उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपनी बहन कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति को नमन करते हुए भावनात्मक शब्दों में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर श्री दुबे ने कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पैरा-एथलीटों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री, आवश्यक संसाधन एवं मंच प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में सहयोग करना है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना करते हुए सरकार और समाज के साझा प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रति उनके निरंतर योगदान और सेवा भावना को दृष्टिगत रखते हुए दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की ओर से दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा एडवोकेट विनय कुमार दुबे को शाल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। केंद्र एवं राज्य से पधारे सभी अतिथियों ने उनके सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
उल्लेखनीय है कि कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन परिवारों की सहायता और गरीब कन्याओं के विवाह जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु ट्रस्ट की सतत सेवाओं के कारण उसे व्यापक सम्मान और जनविश्वास प्राप्त हुआ है। दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय चैंपियनशिप में 1,000 से अधिक पैरा-एथलीट भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अंडर-12, अंडर-17 (सब-जूनियर), अंडर-19 (जूनियर) एवं सीनियर वर्गों में विविध ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं। एडवोकेट विनय कुमार दुबे अनेक सामाजिक एवं सेवा संगठनों ब्राह्मण इंटरनेशनल बिज़नेस ओरिएंटेसन (बीबो फाउंडेशन), ज्ञानोदय सेवा समिति, ब्राह्मण एकता मंच चैरिटेबल ट्रस्ट, केएनएस ग्रुप और किसान क्रांति मोर्चा के संस्थापक एवं संरक्षक भी हैं। ये सभी संस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-सेवा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संघठन के विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैi उनकी केएनएस संस्था ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में हजारों ग़रीब और असहाय महिलाओं को रोजगार प्रदान करने का कार्य किया i कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में उन्होंने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हजारों जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिनमे कोविड से बचने के लिए हज़ारों परिवारों को महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश उनके घर वापसी की व्यवस्था तथा हज़ारों लोगो को कई महीने तक भोजन व्यवस्था शामिल थी जिसके लिए उन्हें विभिन्न मंचों से सम्मानित भी किया गया। कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित यह राज्य-स्तरीय पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण का जीवंत संदेश है। दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण ये खिलाड़ी पदकों के साथ-साथ एक समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी मैदान पर उतारते हैं।
इस चैंपियनशिप में खिलाड़ीयो ने राज्य-स्तरीय सम्मान और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। खेल, समर्पण और सामाजिक सहयोग का यह संगम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा, जानें कब वोटिंग और रिजल्ट?

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राज्यसभा चुनाव 2026 की तारीकों का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने आज यानी बुधवार को 10 राज्यों की राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी। राज्यसभा की ये सीटें अप्रैल 2026 में खाली होने वाली हैं और 10 राज्यों से जुड़ी हैं। मतदान 16 मार्च को होगा और उसी शाम मतगणना की जाएगी।

चुनाव 16 मार्च को

चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है कि 10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होंगे। 37 सीटों के लिए 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी होगा। अप्रैल महीने की अलग-अलग तारीखों पर कई सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। 5 मार्च नामांकन भरने की आखिरी तारीख होगी। 9 मार्च तक कैंडिडेट अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 16 मार्च को सुबह 9 से 4 के बीच वोटों की गिनती होगी और उसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।

किन राज्यों की है ये सीटें?

बता दें कि 10 राज्यों से राज्यसभा की कुल 37 सीटें खाली हो रही है। जिसमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की सात है। वहीं तमिलनाडु की 6, ओडिशा की 4, पश्चिम बंगाल की 5, असम की 3, बिहार की 5, छत्तीसगढ़ की 2, तेलंगाना की 2 और हिमाचल प्रदेश की एक सीट खाली हो रही है।

किस पार्टी के पास कितनी सीट?

छत्तीसगढ़ में जो सीट खाली हो रही है उसमें 1-1 बीजेपी और कांग्रेस के पास है। वहीं बिहार में 2 राजद, 1 जदयू और 1 राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पास है। हरियाणा की दोनों सीटों बीजेपी के पास हैं। उधर, महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी से 1, एनसीपी 1, कांग्रेस से 1, शरद गुट वाली एनसीपी से 1 और आरपीआई के पास 1 सीट है। इसके साथ ही हिमाचल में खाली हो रही सीट बीजेपी के पास है।

2020 में एनडीए का रहा दबदबा

2020 में जब इन सीटों पर चुनाव हुआ था तब बीजेपी और उसके सहयोगियों ने असम, बिहार, हरियाणा और हिमाचल जैसे राज्यों में अच्छी बढ़त हासिल की थी। महाराष्ट्र में सीटें अविभाजित शिवसेना, अविभाजित एनसीपी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच बंटी थीं। तमिलनाडु में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अधिकतर सीटें जीतीं। वहीं बंगाल में टीएमसी का दबदबा बना रहा। इस बार समीकरण अलग हैं और कई सांसदों के भविष्य पर सवालिया निशान है। शरद पवार ने पहले संन्यास के संकेत दिए थे लेकिन अब माना जा रहा है कि वह दोबारा राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे। वहीं प्रियंका चतुर्वेदी को लेकर भी सवाल है। ओडिशा में बीजू जनता दल के कमजोर होने के बाद अलग समीकरण हैं।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत आने का न्योता, ओम बिरला ने तारिक रहमान को सौंपा पीएम मोदी का पत्र

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बांग्लादेश में हाल ही में हुए आम चुनावों के बाद नयी सरकार का गठन हो गया है। तारिक रहमान ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है की। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए गए थे।

तारिक रहमान को भारत आने का न्योता

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ढाका में तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से एक व्यक्तिगत बधाई पत्र तारिक रहमान को सौंपा। मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बिरला ने लिखा, "बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के साथ अभी-अभी एक रचनात्मक बैठक संपन्न हुई। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एक व्यक्तिगत पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने पीएम रहमान को शुभकामनाएं दीं और उन्हें जल्द से जल्द भारत आने का निमंत्रण दिया। मैंने भारत की जनता की ओर से हार्दिक बधाई दी और दोनों पड़ोसी देशों के बीच स्थायी साझेदारी को गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।"

मिलकर काम करने की उम्मीद

वहीं, भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त, रियाज हमीदुल्लाह ने एक्स पोस्ट में कहा, "शपथ ग्रहण समारोह के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान से शिष्टाचार भेंट की। पीएम रहमान ने भारत और पीएम नरेंद्र मोदी का अभिवादन स्वीकार किया।" रियाज हमीदुल्लाह ने कहा, "माननीय स्पीकर ने भारत की तरफ से शुभकामनाएं और भारत आने को न्योता दिया। दोनों नेताओं ने बांग्लादेश और भारत के लोगों की भलाई के लिए मिलकर काम करने और जन केंद्रित साझेदारी को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई।"

क्या सुधरेंगे दोनों देशों के संबंध?

मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के संबंध काफी बिगड़ गए थे। अब रहमान के पीएम बनने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार होगा। पीएम मोदी का रहमान को जीत की बधाई देना और भारत आने का आमंत्रण देना इस बात की ओर इशारा करता है कि भारत, बांग्लादेश से संबंधों को फिर से मज़बूत करने के लिए तैयार है।

तारिक रहमान बने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री, 25 लोगों के मंत्रिमंडल में एक हिंदू चेहरा

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बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के प्रमुख तारिक रहमान ने मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 60 वर्षीय रहमान को बंगभवन के बजाय जातीय संसद के दक्षिण प्लाजा में पद की शपथ दिलाई, जो एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा से हटकर था।

तारिक के साथ नई सरकार के मंत्रिमंडल को भी शपथ दिलाई गई। इनमें डॉ खलीलुर रहमान (विदेश मंत्री), सलाहुद्दीन अहमद (गृहमंत्री), डॉ अमीर खसरू महमूद (वित्त और प्लानिंग मंत्री), शमा ओबैद (विदेश राज्य मंत्री) पद संभालेंगे।

25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ

तारिक रहमान के अलावा 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, बीएनपी मंत्रिमंडल में 50 सदस्य हैं, जिनमें 25 मंत्री, 24 राज्य मंत्री और तीन टेक्नोक्रेट शामिल हैं। इन 25 मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं, और सभी राज्य मंत्री पहली बार इस पद पर आसीन हुए हैं। प्रधानमंत्री रहमान भी पहली बार मंत्रिमंडल के सदस्य बने हैं।

मंत्रिमंडल में एक हिंदू चेहरा

• सलाहुद्दीन अहमद - गृह मंत्रालय

• अमीर खसरू महमूद चौधरी – वित्त और योजना मंत्रालय

• खलीलुर रहमान – विदेश मंत्रालय

• खानदेकर अब्दुल मुक्तदिर – वाणिज्य, उद्योग, कपड़ा और जूट मंत्रालय

• मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद – मुक्ति युद्ध मामलों का मंत्रालय

• इकबाल हसन महमूद तुकू – बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्रालय

• AZM ज़ाहिद हुसैन – महिला और बाल मंत्रालय, सामाजिक कल्याण

• अब्दुल अवल मिंटू – पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

• मिजानुर रहमान मीनू – भूमि मंत्रालय

• निताई रॉय चौधरी - सांस्कृतिक मामलों का मंत्रालय

• मोहम्मद असदुज्जमां - कानून, न्याय और संसदीय मामलों का मंत्रालय

• काज़ी शाह मोफ़ज्जल हुसैन कैकोबाद – धार्मिक मामलों का मंत्रालय

• अरिफुल हक चौधरी – श्रम और रोज़गार मंत्रालय, प्रवासी कल्याण और विदेशी रोज़गार

• ज़ाहिर उद्दीन स्वपन – सूचना और प्रसारण मंत्रालय शाहिद

• उद्दीन चौधरी एनी - जल संसाधन मंत्रालय

• एहसानुल हक मिलन – शिक्षा, प्राइमरी और मास एजुकेशन मंत्रालय

• अमीन उर राशिद – कृषि, मत्स्य पालन और पशुधन मंत्रालय, खाद्य मंत्रालय

• अफरोजा खानम – नागरिक उड्डयन और पर्यटन मंत्रालय

• असदुल हबीब दुलु - आपदा प्रबंधन और राहत मंत्रालय

• ज़कारिया ताहिर - आवास और सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय

• दीपेन दीवान - चटगाँव पहाड़ी इलाकों के मामले मंत्रालय

• सरदार एमडी सखावत हुसैन बकुल - स्वास्थ्य और परिवार नियोजन मंत्रालय

• फकीर महबूब अनम - डाक और दूरसंचार विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय

• शेख रबीउल आलम - सड़क परिवहन और पुल, रेलवे और शिपिंग मंत्रालय

• मिर्ज़ा फ़ख़रुल इस्लाम आलमगीर – स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारिता मंत्रालय

शपथ ग्रहण में भारत से कौन पहुंचा?

इस शपथ ग्रहण में दुनिया के अलग-अलग देशों के न्यौता भेजा गया। भारत से लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री शामिल होने के लिए ढाका पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत हुआ। इनके अलावा मलेशिया के पीएम, पाकिस्तान, मालदीव, तुर्की और श्रीलंका के प्रतिनिधि समारोह में मौजूद रहे। साथ ही चीन, सऊदी अरब, यूएई और ब्रुनेई को भी समारोह का आमंत्रण भेजा गया।

गावस्कर, कपिल देव समेत 14 पूर्व कप्तानों ने पाक सरकार को लिखी चिट्ठी, इमरान खान से जुड़ा है मामला

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की खराब सेहत को लेकर 6 देशों के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अपील की है कि 73 साल के इमरान को जेल में उचित इलाज दिया जाए।

इमरान खान के समर्थन में आए पूर्व क्रिकेटर

पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तन के प्रधानमंत्री रह चुके इमरान खान की जेल में सेहत बिगड़ने की खबरों के बीच अब दुनिया भर के क्रिकेटर साथ आए हैं। अब दुनिया भर के पूर्व क्रिकेटरों ने मिलकर एक साथ जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान, इमरान खान के साथ "सही और इंसानी बर्ताव" की मांग कर रहा है।

इन पूर्व क्रिकेटर के साइन

रिपोर्ट के मुताबिक इस इस चिट्ठी पर बेलिंडा क्लार्क, ग्रेग चैपल, माइकल एथरटन, सुनील गावस्कर, कपिल देव, नासिर हुसैन, इयान चैपल, माइकल ब्रियरली, एलन बॉर्डर, डेविड गावर, किम ह्यूजेस, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट ने साइन किए हैं

पूर्व कप्तानों ने चिट्ठी में क्या लिखा?

पूर्व कप्तानों द्वारा पाकिस्तान सरकार को लिखी इस चिट्ठी में लिखा गया है, "इमरान खान की खेल में दिए गए योगदान की पूरी दुनिया में तारीफ होती है। कप्तान के तौर पर उन्होंने 1992 में पाकिस्तान को वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दिलाई। ये जीत स्किल, स्पोर्ट्समैनशिप, मजबूत लीडरशिप से आई थी, जिसने दुनिया की नई पीढ़ी को इंस्पायर किया। हमनें उनके साथ मैदान शेयर किया, उनसे सीखा। वह क्रिकेट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक हैं, जिनका सभी सम्मान करते हैं। क्रिकेट के आलावा उन्होंने प्रधानमंत्री बनकर भी पाकिस्तान की सेवा की, और मुश्किल समय में पाकिस्तान को संभाला।"

जेल में इमरान खान की बिगड़ती तबियत को लेकर चिट्ठी में लिखा गया, "उनकी सेहत से जुड़ी रिपोर्ट्स, उनकी आंखों की रौशनी का कम होने की खबर ने, हमें चिंता में डाल दिया है।" चिट्ठी में पूर्व कप्तानों ने लिखा कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और ग्लोबल स्पोर्ट्स आइकॉन के साथ जेल में अच्छे से पेश आना चाहिए।

800 से ज्यादा दिनों से जेल में

बता दें कि इमरान को जेल में 800 दिनों से ज्यादा का समय हो गया है। उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है, जिससे जेल में उनके साथ हो रहे बर्ताव को लेकर सवाल और चिंताएं होने लगी है। इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने जेल में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री के साथ हो रहे बर्ताव और उनकी बिगड़ती सेहत के खिलाफ आवाज उठाई थी।

इमरान की एक आंख की 85% रोशनी खत्म

बताया जा रहा है कि इमरान खान की एक आंख की करीब 85% रोशनी चली गई है। यह खुलासा पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई जांच में हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त वकील सलमान सफदर ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इमरान खान जेल प्रशासन से कई महीनों आंखों में धुंधलापन होने की शिकायत कर रहे थे। अक्टूबर 2025 तक उनकी नजर सामान्य थी, लेकिन बाद में दाईं आंख की रोशनी अचानक चली गई। जांच के दौरान पिम्स अस्पताल के एक आई एक्सपर्ट को बुलाया गया था। डॉक्टरों ने पाया कि उनकी आंख में खून का थक्का जम गया था, जिससे गंभीर नुकसान हुआ। इलाज और इंजेक्शन देने के बाद भी उनकी दाईं आंख में अब सिर्फ लगभग 15% रोशनी बची है। वहीं इमरान का कहना है उन्हें निजी डॉक्टर से इलाज कराने की इजाजत नहीं दी गई है।

आपका स्वागत है मेरे प्यारे दोस्त', इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे पर पीएम मोदी का खास संदेश

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों भारत दौरे के लिए मुंबई पहुंच गए हैं। मैक्रों 3 दिन के भारत दौरे पर आए हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुंबई जा रहे हैं, जहां उनकी मुलाकात इमैनुएल मैक्रों से होगी। पीएम मोदी के निमंत्रण पर ही इमैनुएल मैक्रों 19 फरवरी 2026 तक भारत के ऑफिशियल दौरे पर आए हैं। वो दिल्ली में चल रही एआई समिट में भी शामिल होंगे।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी अपनी पत्नी फ्रांस की फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों के मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड करने पर जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका स्वागत किया।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत यात्रा पर आए फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि उनकी बातचीत से सभी सेक्टर में सहयोग और मजबूत होगा और दुनिया भर में तरक्की में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘भारत में आपका स्वागत है! भारत आपके आने और हमारे आपसी रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का इंतज़ार कर रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी बातचीत से अलग-अलग सेक्टर में सहयोग और मज़बूत होगा और दुनिया भर में तरक्की में मदद मिलेगी। मुंबई में और बाद में दिल्ली में मिलते हैं, मेरे प्यारे दोस्त इमैनुएल मैक्रों।’

मुंबई के लोक भवन पीएम मोदी और मैक्रों की मुलाकात

पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों आज दोपहर 3:15 बजे मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय मीटिंग करेंगे। इस मीटिंग के दौरान भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुए विकास की समीक्षा होगी। उनकी बातचीत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और इसे नए और उभरते क्षेत्र में और डाइवर्सिफाई करने पर फोकस होगी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों क्षेत्रीय और वैश्विक इंपॉर्टेंस के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे।

भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन

दोपहर में मुलाकात के बाद दोनों नेता शाम करीब 5:15 बजे दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स, स्टार्ट-अप्स, रिसर्चर्स और दूसरे इनोवेटर्स की एक मीटिंग को संबोधित करेंगे। इस दौरे के दौरान दोनों नेता हॉरिजोन 2047 रोडमैप में बताए गए कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी, जिसमें इंडो-पैसिफिक में सहयोग भी शामिल है। मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे।