प्रतिरोधी परिवारों को समझाने और टीकाकरण को शत-प्रतिशत सफल बनाने पर जोर

जानसठ । बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए नियमित टीकाकरण की अहमियत को देखते हुए  तहसील टास्क फोर्स  की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बुधवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता ने की तथा बैठक का संचालन बीएमसी रूबीना ने किया बैठक की अध्यक्षता कर रही  तहसीलदार  ने  टीकाकरण से वंचित बच्चों (ड्रॉपआउट) और टीकों के प्रति संशय रखने वाले परिवारों को 'मोबाइलाइज' करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक साझा सामाजिक सरोकार है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर उन परिवारों तक पहुँचें जो अभी भी अपने बच्चों को टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि "कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से छूटना नहीं चाहिए।"

बैठक में यूनिसेफ की बीएमसी रुबीना ने नियमित टीकाकरण  के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्रों के दौरान दी जाने वाली सामग्री, दवाओं और टीकों की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता ग्रासरूट स्तर पर सामग्री का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं। बैठक के अंत में तहसीलदार ने सभी को सचेत करते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शत प्रतिशत कवरेज ही इस अभियान की सफलता का पैमाना  होगा। इस दौरान मुख्य रूप से डीएमसी तरन्नुम बीएमसी रुबीना एआरओ दीपक तोमर  बीसीपीएम इज़हार अली सुपरवाइजर श्रीमती अमृता आपूर्ति विभाग से रोहित ठाकुर, भोकरहेड़ी नगर पंचायत से ईओ मनीष वर्मा, गजेश सैनी एवं संजीव आदि मौजूद रहे।
फुटकर एवं थोक मदिरा अनुज्ञापियों की बैठक जिला आबकारी अधिकारी की अध्यक्षता में ली गयी

मुजफ्फरनगर।अपर मुख्य सचिव एवं आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरनगर के निर्देशन में आज दिनांक 18-02-2026 को कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी मुज़फ्फरनगर में जनपद मुज़फ्फरनगर के समस्त फुटकर एवं थोक मदिरा अनुज्ञापियों की बैठक जिला आबकारी अधिकारी की अध्यक्षता में ली गयी। बैठक में उनके साथ आबकारी नीति 2026-27 पर चर्चा की गयी एवम उन्हें नई आबकारी नीति के मुख्य बिंदुओं से निम्नानुसार अवगत कराया गयाः-

1-सर्वप्रथम आबकारी नीति वर्ष 2026-27 में दिये गये प्राविधानुसार देशी शराब, कम्पोजिट शॉप एवं मॉडल शॉप तथा भांग के दुकानों के वर्ष 2026-27 हेतु निर्धारित वार्षिक एम0जी0क्यू0, एम0जी0आर0 एवं बेसिक लाइसेंस फीस/लाइसेंस फीस, प्रोसेसिंग फीस तथा नवीनीकरण शुल्क आदि के आगणन को विस्तार से अवगत कराया गया।
2-थोक अनुज्ञापनों की वर्ष 2026-27 हेतु लाइसेंस फीस में हुये बदवाल के सम्बन्ध में समस्त अनुज्ञापियों को अवगत कराया गया।
3-समस्त फुटकर अनुज्ञापियों से अधिकाधिक दुकानों का नवीनीकरण कराये जाने हेतु अपील की गयी एवं उनके द्वारा वर्ष 2025-26 की दुकानों की समस्त देयताएं तत्काल बेबाक कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
4-नवीनीकरण हेतु समय-सारणी से अवगत कराते हुए उनके नवीनीकरण के लिए आवश्यक प्रपत्रों को तैयार कराये जाने एवं ऑन-लाईन आवेदन प्रस्तुत किये जाने के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये।
अंत मे उपस्थित अनुज्ञापियों प्रश्नों को आमंत्रित किया गया, मौके पर उन्हें समाधान/उत्तर दिया गया एवम बैठक धन्यवाद के साथ समाप्त किया गया।
जांबाज पुलिसकर्मी ने पेश की मानवता की मिसाल,, धधकते सिलेंडर को बुझाकर टाला बड़ा हादसा


ब्रह्म प्रकाश शर्मा,जानसठ । जानसठ थाना क्षेत्र के गांव  चितोडा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ग्रामीण सलीम के घर में महिला के खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और गांव में चीख-पुकार मच गई।

इसी दौरान हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचे हेड कांस्टेबल सिंटू चौधरी ने अदम्य साहस का परिचय दिया। सिलेंडर से निकलती भीषण लपटों और ब्लास्ट के खतरे के बावजूद, उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला। बिना डरे सिंटू चौधरी ने सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए जलते हुए सिलेंडर पर काबू पाया और आग को पूरी तरह शांत किया। प्रत्यक्षदर्शी जान मोहम्मद पुत्र कालू ने बताया कि आग इतनी भयानक थी कि किसी की भी पास जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। अगर सिंटू चौधरी समय रहते अपनी जान जोखिम में डालकर आग न बुझाते, तो सिलेंडर फट सकता था और कई घर इसकी चपेट में आ सकते थे।

जान मोहम्मद ---
"पुलिस का यह मानवीय और साहसी चेहरा देखकर ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव जागा है। सिंटू चौधरी ने न केवल आग बुझाई, बल्कि सैकड़ों जिंदगियों को खतरे से बाहर निकाला।इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हेड कांस्टेबल सिंटू चौधरी के साहस की चर्चा हो रही है। पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी उनके इस बहादुरी भरे कार्य की सराहना की है। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सलीम के घर का कुछ सामान जलकर राख हो गया है।
तहसील जानसठ में विधिक साक्षरता शिविर संपन्न,, आगामी लोक अदालत व मेगा शिविर का लाभ  उठाने का आह्वान

जानसठ । जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वीरेंद्र कुमार के कुशल निर्देशन में मंगलवार को तहसील जानसठ परिसर में एक भव्य विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के ग्रामीणों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।

मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन तथा विशिष्ट अतिथि रोबिन सिंह सिविल जज जूनियर डिवीजन, जानसठ के आगमन के साथ हुआ।

उपजिलाधिकारी  राजकुमार भारती ने अतिथियों को बुके भेंट कर उनका स्वागत व अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए दो महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी भी दी उन्होंने कहा कि आगामी 22 फरवरी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), सुजड़ू में एक विशाल मेगा शिविर आयोजित होगा। उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर सरकारी सेवाओं का लाभ लें। उसके बाद  14 मार्च 2026 को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा।

डॉ. चौधरी ने बताया कि बैंक विवाद, पारिवारिक मामले, जमीनी विवाद और छोटे जुर्माने वाले मामलों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से बेहद सरल और त्वरित तरीके से किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश रोबिन सिंह ने पारिवारिक विवादों पर चर्चा करते हुए कहा कि आपसी सुलह-समझौते से मामलों का हल निकालना सबसे उत्तम है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि धन की बर्बादी भी रुकती है। वहीं, एसडीएम राजकुमार भारती ने महिला अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि कानूनों का निर्माण सुरक्षा के लिए हुआ है, अतः इनका सदुपयोग करें और झूठे मामलों से अदालत पर अतिरिक्त भार न डालें। कार्यक्रम में शामिल हुए जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन' संस्था और ग्रामीण समाज विकास केंद्र से आए गजेंद्र सिंह ने सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए   वृद्धा, विधवा एवं विकलांग पेंशन।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना व कन्या सुमंगला योजना। किसान सम्मान निधि एवं श्रमिक पंजीकरण आदि विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया कि वे पात्र होने पर इनका लाभ अवश्य उठाएं। तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम का धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने का आग्रह किया।
इस दौरान मुख्य रूप से  कार्यक्रम का सफल संचालन पैरालीगल वालंटियर (PLV) गौरव मलिक द्वारा किया गया। इस अवसर पर पीएलवी धनीराम, बबीता, प्रवेश, अमित राणा सहित तहसील के समस्त कर्मचारी, भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
नगर में शिव जयंती की धूम,, प्रभात फेरी से गुंजायमान हुआ नगर, ब्लॉक परिसर में बही ज्ञान की गंगा

ब्रह्म प्रकाश शर्मा एजानसठ मुजफ्फरपुर ।  महाशिवरात्रि के पावन पर्व के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवाकेंद्र द्वारा 'शिव जयंती' का कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर  सुबह नगर में भव्य प्रभात फेरी निकाली गई, जिसके पश्चात ब्लॉक परिसर में एक आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजन किया गया।

सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्माकुमारी सेंटर से प्रभात फेरी के साथ हुआ। श्वेत वस्त्रों में सजे भाई-बहनों और श्रद्धालुओं की टोली 'शिव बाबा' के जयकारों और आध्यात्मिक भजनों के साथ नगर के मुख्य मार्गों से गुजरी। हाथों में शिव ध्वज लिए और परमात्मा का संदेश देते हुए इस फेरी ने पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय कर दिया। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर प्रभात फेरी का स्वागत किया। प्रभात फेरी के समापन के बाद ब्लॉक परिसर में शिव जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता बिजनौर से आयी बी के सुरेश दीदी ने की और कार्यक्रम की मुख्य अतिथि तहसीलदार श्रीमती श्रद्धागुप्ता रही तथा कार्यक्रम का संचालन श्रवण कुमार ने किया वहीं कार्यक्रम की मुख्य वक्ता शुक्लतीर्थ सेवाकेंद्र की संचालिका बी.के. प्रवेश बहन जी रहीं। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं का प्रवेश बहन जी ने शिव और शंकर में अंतर  बहुत ही सरल शब्दों में बताया और उन्होंने शिव (निराकार ज्योतिर्बिंदु) और शंकर (आकारी देवता) के बीच के सूक्ष्म अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान कलियुगी समय में जब समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है, तब स्वयं परमात्मा शिव इस धरा पर अवतरित होकर हमें शांति और पवित्रता का मार्ग दिखा रहे हैं। आध्यात्मिक सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने उपस्थित जनसमूह को राजयोग के माध्यम से अपने विकारों पर विजय पाने और जीवन को सुखमय बनाने की प्रेरणा भी दी। कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी को ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया और सामूहिक रूप से विश्व शांति के लिए प्रार्थना की गई।

"शिव जयंती केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि स्वयं के अंधकार को मिटाकर ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने का संकल्प है।" — बी.के. प्रवेश बहन, संचालिका (शुक्लतीर्थ)

इस दौरान मुख्य रूप से  बी के अनिता बहन, ब्रह्माकुमार श्रवण कुमार, ब्रह्माकुमार जगपाल, मुकेश कुमार, ब्रह्माकुमारी मुनेश, बी के यशवंत कांबोज,बी के महेन्द्र पाल, बी के बिजेंद्र कांबोज,बी के आनंद,बी के अनिरुद्ध, प्रवीण कुमार, आदि मौजूद रहे।
कवाल में भव्य हिंदू सम्मेलन संपन्न: "संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण से ही राष्ट्र का उत्थान संभव--स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज शुक्रत

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

जानसठ । गांव कवाल के श्री गोपाल मंदिर (कुटिया) प्रांगण में 'हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति' द्वारा एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।

रविवार को गांव कव्वाल में आयोजित हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया कार्यक्रम से पूर्व गांव कव्वाल के मुख्य मार्गों से बैंड बाजे के साथ निकाली गई भव्य कलश यात्रा जिसका जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया , जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालुओं ने सहभागिता  रही। आयोजित सम्मेलन के मुख्य वक्ता, विभाग प्रचारक भूपेंद्र जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि भारत की संस्कृति परोपकार और त्याग की नींव पर टिकी है। उन्होंने 'विद्या भारती' और 'कल्याण आश्रम' जैसे संगठनों का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज को बदलने के लिए व्यक्ति का स्वयं बदलना आवश्यक है। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि--

आज हमारी भाषा, इतिहास और संस्कारों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। हमें पश्चिमी देशों की 'लिव-इन' जैसी विकृतियों को त्याग कर अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। यदि हम अपनी भाषा और इतिहास को छोड़ देंगे, तो हमारा अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा।"

उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध कड़ा संदेश देते हुए कहा कि स्वधर्म का पालन ही सबसे श्रेष्ठ है। उन्होंने पूर्वजों के बलिदानों को याद दिलाते हुए युवाओं का आह्वान किया कि वे मनोरंजन के नाम पर अपनी संस्कृति का अपमान करने वाली फिल्मों के बजाय राष्ट्रभक्ति से प्रेरित इतिहास को जानें। उन्होंने कहा कि थोड़े से लालच में आकर अपना धर्म बदलना पूर्वजों के बलिदान का अपमान है। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने समाज को एकजुट रहने पर बल दिया और अपने बच्चों को सरस्वती शिशु मंदिर जैसे विद्यालयों में भेजें, जहाँ शिक्षा के साथ तिलक और संस्कारों का मान रखा जाता है। संगठन को मजबूत करने के लिए समाज की शक्ति के जागरण के लिए संघ की शाखाओं से जुड़ें। मोबाइल की लत से बिगड़ती व्यवस्था को सुधारें और गलत संगत से परिवारों को बचाएं।धार्मिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि सप्ताह में कम से कम एक बार सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। सामाजिक समरसता को लेकर उन्होंने कहा कि श्मशान और गंगा घाट एक हैं, तो समाज में भेदभाव कैसा? हमें साथ मिलकर भोजन और संस्कारों पर ध्यान देना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल ने की तथा कार्यक्रम का संचालन अभिषेक शर्मा के द्वारा बड़े ही अच्छे तरीके से किया। तथा तालिया की गड़गड़ाहट लगातार बजती रही। इस दौरान अनेक वक्ताओं ने अपने ओजस्वी भाषण से कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज (हनुमद्धाम, शुक्लतीर्थ) ने कहा देश शताब्दी वर्ष पूरा करने जा रहा है जिसको लेकर जगह-जगह हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है उन्होंने इस सम्मेलन के द्वारा हिंदू चेतना को जागृत होना बताया तथा उन्होंने कहा  देश  विश्व गुरु बनने की ओर बढ़ रहा है और जब हिंदू चेतना जागृत होगी तो अवश्य ही देश विश्व गुरु बनेगा।

सम्मेलन के अंत में संकल्प लिया गया कि समाज में गद्दारों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है और "भारत माता की जय" के उद्घोष के साथ हिंदू समाज ने अपनी एकता का परिचय दिया। इस दौरान मुख्य रूप से उदय जी विभाग संपर्क प्रमुख गोपाल सेवानंद बाई जी पूर्व ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह सैनी शशिकांत राजवंशी नवीन सैनी गौरव जैन नितिन कंबोज पंचमुखी महादेव गढ़ी अध्यक्ष शनि अंकुर राजवंशी सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष मौजूद रहे।

महाशिवरात्रि: जानसठ में श्रद्धा का सैलाब, ‘बम-बम भोले’ के उद्घोष से गुंजायमान हुआ आकाश


जानसठ। अध्यात्म और अटूट श्रद्धा के महापर्व महाशिवरात्रि पर रविवार को जानसठ कस्बा सहित संपूर्ण ग्रामीण अंचल शिवमय हो गया। चहुंओर बिखरी शिवभक्ति की बयार और शिवालयों से गूंजते 'हर-हर महादेव' व 'बम-बम भोले' के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को शिवलोक में बदल दिया। भोर की पहली किरण के साथ ही मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने आस्था का ऐसा अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया कि हर आंख भक्ति के रंग में सराबोर नजर आई।

दुल्हन की तरह सजे शिवालय, आस्था की लंबी कतारें
पर्व के उल्लास को देखते हुए कस्बे के प्राचीन ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर गढ़ी पंचमुखी शिवालय और प्रमुख शिव मंदिरों का स्वरूप देखते ही बन रहा था। मंदिरों को सुगंधित फूलों, बंदनवारों और मनमोहक विद्युत लड़ियों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। श्रद्धा का आलम यह था कि कड़ाके की ठंड के बावजूद तड़के चार बजे से ही भक्त हाथों में गंगाजल और पूजन सामग्री लेकर कतारों में खड़े हो गए थे। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, श्रद्धालुओं का रेला बढ़ता गया और देखते ही देखते मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं।

पंचामृत अभिषेक से गूंजी प्रार्थनाएं----
भक्तों ने भगवान आशुतोष का प्रिय गंगाजल और दूध से अभिषेक किया। इसके पश्चात विधि-विधान के साथ बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल, दही और शहद अर्पित कर महादेव का पूजन किया गया। कई स्थानों पर भक्तों ने सामूहिक रूप से रुद्राभिषेक का आयोजन किया, जिसमें वेद मंत्रों के उच्चारण से वातावरण पूरी तरह शुद्ध और पवित्र हो उठा। श्रद्धालुओं ने महादेव के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की।

भारी भीड़ और उत्सव की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। क्षेत्र में थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लेते नजर आए। मंदिरों के प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी ताकि महिलाओं और बच्चों को जलाभिषेक करने में कोई असुविधा न हो। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बीच पूरा उत्सव शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।

श्रद्धा और विश्वास का यह संगम के चलते  आज कस्बे से गांव-गांव तक हमारी जड़ें अध्यात्म से कितनी गहराई से जुड़ी हैं। जानसठ से लेकर गांव गांव के हर गली-कूचे में आज सिर्फ महादेव का नाम गुज रहा था।
जानसठ मुजफ्फरपुर
रिपोर्टर ब्रह्म प्रकाश शर्मा

मुजफ्फरनगर व्यापरियों ने की पत्रकार पर हमले की निंदा
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। विजय प्रताप सिंह के प्रतिष्ठान पर आयोजित बैठक में दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तर परिसर में पत्रकार रुचि तिवारी के साथ हुई कथित हिंसक घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई। शिक्षा के परिसर संवाद, विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रतीक होने चाहिए—न कि भय और हिंसा के।

किसी भी व्यक्ति, विशेषकर एक महिला पत्रकार पर भीड़ द्वारा हमला लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। इस प्रकरण की निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

हमारी परंपरा साहस, सम्मान और न्याय की रही है—वही परंपरा जिसे रानी लक्ष्मीबाई जैसे वीरों ने जीवित रखा। आज आवश्यकता है कि हम कानून, संयम और एकता के मार्ग पर चलकर समाज में शांति और आपसी सम्मान को मजबूत करें।

संजय मिश्रा ने कहा कि बहन-बेटियों से बदतमीजी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विजय प्रताप सिंह ने इस घटना को घोर निंदनीय बताया, वहीं राकेश त्यागी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर सरकार को सख्त रोक लगानी चाहिए। इस अवसर पर चंद प्रकाश शर्मा, विशाल जैन, शैकीं शर्मा, हिंदूवादी नेता बिट्टू सिखेड़ा, दिनेश, जतिन आदि उपस्थित रहे।
तिसंग में हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन, एकजुटता और राष्ट्र निर्माण का गूंजा स्वर


ब्रह्म प्रकाश शर्मा,जानसठ । क्षेत्र के ग्राम तिसंग स्थित ' नारायण फार्म हाउस' में शुक्रवार को  हिंदू समाज के तत्वावधान में एक विशाल 'हिंदू सम्मेलन' का आयोजन अत्यंत गरिमामय और भव्य रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्रवाद की भावना भी प्रबल रूप से देखने को मिली।

शुक्रवार को गांव तिसंग में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित मुनेंद्र शर्मा ने की तथा कार्यक्रम का संचालन भजन उपदेशक घनश्याम प्रेमी ने किया। जिन्होंने मंच भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयकारों का उद्घोष करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में जोश भर दिया।आयोजित सम्मेलन का मुख्य आकर्षण ब्रह्मविद्यापीठाधीश्वर अनंत  विभूषित परम पूज्य दंडी स्वामी  महादेव आश्रम जी महाराज (शुकतीर्थ) की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के साथ कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला कार्यवाह के अलावा अन्य गणमान्य लोग ने संयुक्त रूप से भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया उसके उपरांत मुख्य अतिथि व जिला कार्यवाहक का पुष्प माला पहनकर व पटका पहनाकर स्वागत किया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पधारे महाराज श्री के सानिध्य में समूचा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हुए सनातन मूल्यों के संरक्षण और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उनके वचनों ने कार्यक्रम में एक वैचारिक और आध्यात्मिक चेतना जागृत हुई ।

मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ   जिला कार्यवाह संजय लखान ने अपने ओजस्वी संबोधन से उपस्थित जनसमूह में जोश भर दिया। उन्होंने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "वर्तमान परिवेश में हिंदू समाज की एकजुटता अपरिहार्य है। एक संगठित समाज ही समर्थ राष्ट्र के निर्माण की धुरी होता है। हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।"
वहीं शुरू से अंत तक कार्यक्रम का प्रभावी और कुशल संचालन घनश्याम प्रेमी के द्वारा किया गया तथा अपने भजनों और विचारो से उपस्थित लोगों को समझाने का भरपूर प्रयास भी किया सम्मेलन की सफलता का श्रेय हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति (तिसंग मंडल, खंड जानसठ) के उन समर्पित कार्यकर्ताओं को जाता है, जो पिछले कई दिनों से दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए थे हालांकि इस पूर्व में भी आयोजको के द्वारा यह कार्यक्रम रखा गया था लेकिन वह किसी कारण वश रद्द करना पड़ा था।

इस अवसर पर क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तित्वों सहित बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से  ऋषि वालिया सुभाष भड़ाना संजय
अजय शर्मा, लीलू,  विशाल प्रजापति,सोम पाल कश्यप ओम पाल कश्यप, खजेडू मनिम, धीरजसिंह पाल गौरव जैन , विशाल राजवंशी सहित बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया तथा प्रसाद का वितरण किया गया।
ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन
(विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )आज ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल मीरापुर में ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपजिलाधिकारी राजकुमार व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारीसंदीप कुमार उपस्थित रहे  कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी  संदीप कुमार  ने बच्चों को खेल के प्रति प्रोत्साहित किया और जीवन में खेल का महत्व बताया उधर उपजिलाधिकारी राजकुमार ने भी बच्चों को  स्वस्थ रहने के लिए जीवन में खेल का महत्व बताया खण्ड शिक्षा अधिकारी जानसठ राकेश गौड ने भी बच्चों को खेल का महत्व उनके जीवन में बताया  कार्यक्रम में  विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ ।

जिसमें उच्च प्राथमिक बालक वर्ग में 100 मीटर दौड़ में उच्च प्राथमिक विद्यालय तिरोला के आरिफ ने प्रथम व विनय ने द्वितीय व प्राथमिक विद्यालय कासमपुर के आरव नें तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मी बालिका वर्ग में हासिमपुर की मनु श्री ने प्रथम तालडा की युगांशी ने द्वितीय मीरापुर दलपत की छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मीटर बालक दौड़ में वंश ने प्रथम आरिफ ने द्वितीय विनीत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मीटर बालक वर्ग में आरिफ ने प्रथम विनय ने द्वितीय व आरव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मी बालिका दौड़ में मनु श्री हाशिमपुर ने प्रथम युगांशी ने द्वितीय व मंतोड़ी की अंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मी बालिका वर्ग में पूर्ण है हाशिमपुर की मनु श्री ने प्रथम मिस्टी ने द्वितीय व छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया प्राथमिक वर्ग में 200 मी बालिका वर्ग में मंतोड़ी की परी ने प्रथम मीरपुर दलपत की मंत्री ने द्वितीय व विशाखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मीटर बालक वर्ग में वंश ने प्रथम मनीष ने द्वितीय व सामान्य तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मी बालिका वर्ग में अंतिम ने प्रथम वैष्णवी ने द्वितीय विज़जना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मीटर बालक वर्ग में ओवैस ने प्रथम सामान्य द्वितीय वह विधिक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 50 मी बालिका वर्ग में अंतिम ने प्रथम वैष्णवी ने द्वितीय विशाखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 50 मी बाल में नैतिक ने प्रथम ओवैस ने द्वितीय अल्तमश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मी बालिका वर्ग में अक्षय ने प्रथम बुशरा ने द्वितीय विश्व जरने तीर्थ स्थान प्राप्त किया 400 मीटर बालक वर्ग में नैतिक ने प्रथम आयुष ने द्वितीय वह उमेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया कबड्डी में प्राथमिक विद्यालय कासमपुर घूमने प्रथम स्थान प्राप्त किया कंपोजिट विद्यालय चित्तौड़ा ने को-को बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया गोला फेंक में अंशिका ने प्रथम विधि ने द्वितीय वह प्रिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया खेल के आयोजन में विशेष रूप से नोडल संकुल मयंक शर्मा, पुष्पराज, सत्येंद्र कुमार,विनोद कुमार,पवन रविराज,राहुल विक्रांत,हरभजन सिंह, रविंद्र कोठारी,कुलदीप,राजेश कटारिया,हरपाल सिंह,जोगिंदर सिंह,सतीश कुमार अजब सिंह आदि अनेक शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा