राजपाल यादव को मिली जमानत, 1.5 करोड़ चुकाने के बाद भतीजी की शादी में हो सकेंगे शामिल

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बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के लिए सोमवार का दिन कानूनी दांव-पेंचों और भारी तनाव के बीच आखिरकार राहत भरी खबर लेकर आया। चेक बाउंस मामले में फंसे अभिनेता को दिल्ली हाई कोर्ट ने 18 मार्च, 2026 तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है।

चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव को आज दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्‍ट‍िस स्‍वर्णकांता शर्मा की अदालत ने एक्‍टर को भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम राहत दी है।

कोर्ट ने 1.5 करोड़ का डीडी जमा करने का दिया था अल्टीमेटम

इससे पहले 1 बजे जब सुनवाई शुरू हुई थी, तब कोर्ट ने राजपाल यादव के वकील को दोपहर 3 बजे तक का वक्‍त दिया था और 1.5 करोड़ रुपये ड‍िमांड ड्राफ्ट के जरिए जमा करने को कहा था। दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव के वकील को अंतरिम जमानत के लिए प्रतिवादी के नाम पर 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने के लिए दोपहर 3 बजे तक का टाइम दिया था।

1.5 करोड़ की डीडी जमा करने के बाद अंतरिम रिहाई

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा अगर आप डिमांड ड्राम आज दोपहर 3 बजे तक जमा कर देते हैं, तो हम आपको रिहा कर देंगे अगर नहीं कर पाए तो हम कल सुबह इस मामले पर सुनवाई करेंगे। वहीं राजपाल यादव के वकील ने जानकारी दी कि उन्होंने 1.5 करोड़ की डीडी जमा करा दी है। इसके बाद भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए एक्टर को अंतरिम रिहाई मिल गई।

राजपाल यादव को पासपोर्ट सरेंडर करने के न‍िर्देश

दिल्ली हाई कोर्ट में चेक बाउंस केस में राजपाल यादव ने 19 फरवरी को भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी। यह शादी उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में होनी है। जस्‍ट‍िस सूर्यकांता शर्मा की अदालत ने राजपाल यादव स-शर्त जमानत दी है। इसमें एक्‍टर को पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए कहा है।

क्या है मामला?

राजपाल यादव के मौजूदा कानूनी संकट की जड़ें साल 2010 में गहराई से जुड़ी हैं। यह वह दौर था जब उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा और अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने का निर्णय लिया। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए उन्होंने दिल्ली स्थित एक कंपनी से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और कर्ज अदायगी का संकट खड़ा हो गया। आरोप है कि अभिनेता ने भुगतान के लिए जो चेक दिए थे, वे बैंक में बाउंस हो गए, जिसके बाद यह मामला निचली अदालत की दहलीज से होता हुआ दिल्ली हाई कोर्ट तक जा पहुंचा।

मणिशंकर अय्यर ने बढ़ाई कांग्रेस की टेंशन, थरूर-जयराम रमेश-पवन खेड़ा पर बरसे, केरल को लेकर की भविष्यवाणी

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर एक बार फिर अपने बयानों को लेकर विवादों में आ गए हैं। उन्होंने शशि थरूर, जयराम रमेश और पवन खेड़ा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं पर तीखी टिप्पणियां की है। साथ ही कहा कि केरल में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि केरल में पिनराई विजयन एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे।

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केरल में अगले कुछ महीनों के भीतर ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले यहां सियासी सरगर्मी तेज हो चली है। लगातार हार का सामना कर रही कांग्रेस केरल में 10 साल का सूखा खत्म करने की कोशिश कर रही है। इस बीच कांग्रेस के सीनियर लीडर मणिशंकर अय्यर के बड़ा “बम” फोड़ा है।

कांग्रेस नेता आपस में बंटे हुए-अय्यर

एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने पवन खेड़ा को कठपुतली बताया साथ ही शशि थरूर, जयराम रमेश पर भी तीखे वार किए। केरल में कांग्रेस की संभावनाओं पर एक सवाल के जवाब में अय्यर ने कहा कि मैं चाहता हूं कि कांग्रेस जीते, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा क्योंकि कांग्रेस नेता आपस में बंटे हुए हैं। वे कम्युनिस्टों से भी ज्यादा एक-दूसरे से नफरत करते हैं।

पवन खेड़ा को बताया ‘पुतला’

अय्यर ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें ‘पुतला’ करार दिया। उन्होंने कहा कि खेड़ा पार्टी के अधिकृत प्रवक्ता नहीं हैं और पिछले दो वर्षों से लगातार उन पर आरोप लगाते रहे हैं। अय्यर ने कहा, ‘अगर कांग्रेस को प्रवक्ता के तौर पर पवन खेड़ा के अलावा कोई नहीं मिल रहा, तो पार्टी की हालत जैसी है, वैसी ही रहे।

थरूर को लेकर भी तीखी टिप्पणी

अय्यर ने चार बार सांसद रह चुके शशि थरूर को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने थरूर को ‘पाकिस्तान विरोधी’ बताते हुए कहा कि वह अगले विदेश मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। इसके अलावा कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश को लेकर अय्यर ने कहा कि वह सिर्फ ‘अपनी नौकरी बचाने’ में लगे हुए हैं।

अय्यर के बयान से कांग्रेस का किनारा

कांग्रेस पार्टी ने भले ही पिनराई विजयन को लेकर दिए अय्यर के बयान से किनारा कर लिया लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री की नाराजगी मानो और बढ़ गई है। अय्यर के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर का पिछले कुछ सालों से कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं रहा है। वह पूरी तरह से अपने व्यक्तिगत जानकारी के हिसाब से बोलते और लिखते हैं।

ममता सरकार के 7 अधिकारियों को चुनाव आयोग ने किया संस्पेंड, जानें क्या है वजह?

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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन लिया है। चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह एक्‍शन SIR (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़ा हुआ है।

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चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी सरकार यानी पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई एसआईआर के संबंध में गंभीर गलत काम, ड्यूटी में लापरवाही और कानूनी शक्तियों के गलत इस्तेमाल के लिए की गई है। आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए यह सख्त कदम उठाया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को खास निर्देश

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उनके अपने कैडर द्वारा तत्काल विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी बिना किसी देरी के उसे उपलब्ध कराई जाए।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

ईसीआई ने जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नामों की लिस्ट भी सामने आ गई है। ये नाम AERO, डॉक्टर सेफौर रहमान, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर, 56-समसेरगंज असेंबली सीट, जिला मुर्शिदाबाद। नीतीश दास, रेवेन्यू ऑफिसर, फरक्का और 55-फरक्का असेंबली सीट के लिए AERO पर तैनात थे। AERO, दलिया रे चौधरी, महिला डेवलपमेंट ऑफिस, मयनागुड़ी डेवलपमेंट ब्लॉक और AERO, 16-मयनागुड़ी असेंबली सीट, एसके. मुर्शिद आलम, ADA, सुती ब्लॉक और AERO 57-सुती विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। सत्यजीत दास, संयुक्त BDO और जॉयदीप कुंडू, FEO दोनों AERO 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। देबाशीष बिस्वास, संयुक्त BDO और AERO 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के लिए के काम करते थे।

चुनाव से पहले आयोग सख्त

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय और भी अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में आने वाले कुछ सप्‍ताह में विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान हो सकता है। उससे पहले चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है।

पीएम मोदी आज करेंगे AI एक्सपो का उद्घाटन, जुटेंगे दुनियाभर के दिग्गज

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में सोमवार को शाम पांच बजे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सपो 20 फरवरी तक चलेगा और इसमें एआई के व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया जाएगा। यह एक्सपो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नवाचार का सबसे बड़ा मंच साबित होने वाला है।

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित होने वाला यह आयोजन नवाचार, नीति और प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रभाव को दर्शाने का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जो आम नागरिकों तक पहुंचने का प्रयास करेगा। यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा।

एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन

यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में होगा और इसमें विश्वभर की प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों का समागम होगा। इस एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन होंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका शामिल हैं।

300 से अधिक प्रदर्शनी

एक्सपो में 300 से अधिक प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव प्रदर्शन होंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा तीन प्रमुख विषयों लोग, ग्रह और उन्नति पर आधारित है। लोग के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में एआई का उपयोग दिखाया जाएगा। वहीं ग्रह में पर्यावरण और जलवायु से जुड़े समाधान पेश किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्नति में उद्योग, कारोबार और आर्थिक विकास में एआई की भूमिका बताई जाएगी।

दुनियाभर के दिग्गजों का जमावड़ा

इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 7 देशों के राष्ट्रपति, 2 देशों के उपराष्ट्रपति और 9 देशों के प्रधानमंत्री शामिल हो रहे हैं। साथ ही, दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के CEO और करीब 2 लाख से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। पीएमओ के अनुसार, इस पूरे पांच दिवसीय आयोजन में 25 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है।

600 से अधिक स्टार्टअप शामिल होंगे

एक्सपो में 600 से अधिक स्टार्टअप भी शामिल होंगे। इनमें से कई विश्वस्तर पर प्रभावशाली और व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। ये स्टार्टअप वास्तविक दुनिया में उपयोग हो रहे एआई समाधानों का प्रदर्शन करेंगे। इनमें कई ऐसे स्टार्टअप हैं, जिनके एआई समाधान पहले से जमीनी स्तर पर लागू हैं।

9 मार्च को ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग, हंगामे पर रिजिजु ने विपक्ष को चेताया

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लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस और मतदान 9 मार्च को होगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। साथ ही 9 मार्च से बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने वाला है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे।

रिजिजू ने बताया कि, '9 मार्च को लोकसभा में हम स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करेंगे। नियम के अनुसार, सत्र के पहले ही दिन इस अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय पहले ही दिन लिया जाएगा। बहस के बाद मतदान होगा।'

कई महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश

किरेन रिजिजू ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण की तरह विरोध जारी रखा तो यह उनके लिए ही नुकसानदायक होगा। उन्होंने कहा कि सेशन का यह हिस्सा ‘रोचक’ होगा, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण विधेयक और एक ‘क्रिटिकल’ बिल पेश किए जाएंगे।

रिजिजू की विपक्ष को गंभीर चेतावनी

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, यदि विपक्ष सदन नहीं चलने देगा तो विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका मतलब होगा कि बिना बहस के ही विधेयकों को पारित कर दिया जाएगा। यह विपक्ष के लिए एक बड़ा झटका होगा।

2 अप्रैल तक चलेगा सत्र

बता दें कि बजट सेशन 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संयुक्त सत्र को संबोधन से शुरू हुआ था और 12 फरवरी को रिसेस पर चला गया। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया। सेशन 9 मार्च से दोबारा शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।

पीएम मोदी को बांग्लादेश से तारिक रहमान के शपथ-समारोह का न्योता, पिघलने लगी रिश्तों पर जमी बर्फ?

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बांग्लादेश के चुनाव में बीएनपी की जीत के बाद ढाका-दिल्ली के रिश्तों में जमी बर्फ कुछ हद तक पिघलती दिखी है। पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) चीफ तारिक रहमान को बधाई दी और भारत के समर्थन का वादा किया। तारिक रहमान और उनकी पार्टी की ओर से इस संदेश का गर्मजोशी के साथ जवाब दिया गया। अब ढाका से नरेंद्र मोदी को शपथ ग्रहण का न्योता भी भेजा गया है।

17 फरवरी को शपथ लेंगे तारीक रहमान

बीएनपी के चेयरमैन तारीक रहमान 17 फरवरी को देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह परंपरा से अलग इस बार राष्ट्रपति भवन की जगह ढाका के नेशनल पार्लियामेंट कॉम्प्लेक्स के साउथ प्लाजा में होगा। ढाका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई क्षेत्रीय नेताओं को इस समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा है। हालांकि, अभी तक भारत की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पीएम मोदी के ढाका जाने की संभावना कम

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ढाका जाने की संभावना कम है क्योंकि वह 17 फरवरी को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करने वाले हैं। मैक्रों, अगले हफ्ते एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं।

भारत की ओर से कोई सीनियर नेता हो सकता है शामिल

जानकारी के मुताबिक, तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय पक्ष की तरफ से कोई सीनियर नेता, शायद उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन या विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हो सकते हैं।

जल्दबाजी नहीं चाहती भारत सरकार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत बांग्लादेश के साथ रिश्तों को रीसेट करना चाहता है, लेकिन जल्दबाजी में समझौता नहीं करना चाहता। खासकर ऐसे समय में जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को भी इस कार्यक्रम में बुलाए जाने की उम्मीद है

अमेरिका के कैलीफोर्निया में भारतीय छात्र लापता, बर्कले की पहाड़ियों में आखिरी बार देखा गया

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अमेरिका में इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री कर रहे एख भारतीय छात्र के लापता होने की खबर है। कर्नाटक के स्टूडेंट साकेत श्रीनिवासैया कैलिफोर्निया में पिछले 5 दिनों से लापता है। साकेत श्रीनिवासैया मंगलवार यानी 10 फरवरी से लापता है। ऐसे में छात्र की तलाश तेज कर दी गई है।

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सैन फ्रांसिस्को के दूतावास और उनके दोस्तों ने गुमशुदगी को लेकर पोस्ट किया है। दूतावास ने शनिवार को ट्वीट कर बताया कि कॉन्सुलेट जनरल श्रीनिवासैया के परिवार और संबंधित लोकल अधिकारियों के संपर्क में है ताकि उसे ढूंढा जा सके।

IIT मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक

साकेत मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं। देश के टॉप संस्थान IIT मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद वह कैलिफोर्निया स्थित UC बर्कले से केमिकल और बायोमॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री कर रहे हैं।

बैकपैक में पासपोर्ट और लैपटॉप मिला

साकेत को आखिरी बार कैंपस से करीब 1 किलोमीटर दूर बर्कले की पहाड़ियों में अंजा झील के पास देखा गया था। छानबीन के दौरान कैंपस के पास ही टिल्डेन रीजनल पार्क के पास एक बैकपैक मिला, जिसमें श्रीनिवासैया का पासपोर्ट और लैपटॉप था।

बर्कले हिल्स में सर्च अभियान

सैन फ्रांसिस्को में भारतीय कॉन्सुलेट के मुताबिक अंजा झील और आस-पास के बर्कले हिल्स इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। स्टूडेंट का पता लगाने के लिए परिवार और संबंधित लोकल अधिकारियों के संपर्क में है।

बांग्लादेश चुनाव में तीन हिंदू उम्मीदवारों को मिली जीत, 20 साल में सिमटा अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व

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बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड जीत हासिल की है। 299 सीटों पर हुए चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP को 211 सीटों पर जीत मिली हैं। वहीं, मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें हासिल हुई हैं। खास बात है कि इस बार के चुनाव में केवल तीन हिंदू उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। ये तीनों की बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी के टिकट पर जीते हैं।

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किन उम्मीदवारों ने हासिल की जीत

गायेश्वर चंद्र रॉय- बांग्लादेश चुनाव में जीत हासिल करने वाले हिंदू उम्मीदवारों में सबसे प्रमुख नाम गायेश्वर चंद्र रॉय का है। बीएनपी के वरिष्ठ नेता रॉय ने ढाका-3 निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है। वे पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं और पूर्व में राज्य मंत्री रहे हैं। रॉय ने 99163 वोट हासिल करके जमात-ए-इस्लामी उम्मीदवार मोहम्मद शाहीनुर इस्लाम को मात दे दी।

निताई रॉय चौधरी- बीएनपी के उपाध्यक्ष निताई रॉय चौधरी ने मागुरा-2 सीट से जीत दर्ज की। उन्हें 1 लाख 47 हजार 896 वोट मिले, जो जमात-ए-इस्लामी के मुस्तर्शीद बिल्लाह से अधिक थे, जिन्हें 1 लाख 17 हजार 018 वोट मिले। चौधरी को बीएनपी के अंदर एक बेहद प्रभावशाली अल्पसंख्यक चेहरा माना जाता है। उनकी जीत अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों में पार्टी के मजबूत प्रदर्शन को और पुष्ट करती है।

दीपेन दीवान- बीएनपी के ही टिकट पर जीतने वाले तीसरे हिंदू उम्मीदवार एडवोकेट दीपेन दीवान है। उन्होंने रंगमती संसदीय सीट से जीत हासिल की है। दीवान को 31 हजार 222 वोट मिले है। उनका मुकाबला इंडिपेंडेंट उम्मीदवार पहल चकमा से था, जिन्हें 21 हजार 544 वोट मिले।

तीन हिंदू और एक आदिवासी उम्मीदवार ने दर्ज की जीत

इस पूरे चुनाव में केवल चार अल्पसंख्यक तीन हिंदू और एक आदिवासी उम्मीदवार ही जीतकर संसद में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। यह आंकड़ा बांग्लादेश में अल्पसंख्यक भागीदारी के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि हिंदू आबादी देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8% है। पिछले 20 वर्षों में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व आम तौर पर 14 से 20 सीटों तक रहता था, लेकिन इस बार यह संख्या बेहद कम रहा।

79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार में केवल चार जीते

चुनाव में कुल 79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें बीएनपी के चार विजयी हुए। इसके अलावा, जमात-ए-इस्लामी का हिंदू उम्मीदवार हार गया। यह परिणाम न केवल अल्पसंख्यकों की राजनीतिक भागीदारी पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि देश की बदलती राजनीतिक तस्वीर को भी उजागर करते हैं।

300 सीट वाली संसद में 3 हिंदू सांसद

300 सीटों वाली संसद में इस बार सिर्फ 3 हिंदू सांसद चुने गए हैं। यह आंकड़ा तब आया है जब हाल के दिनों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा देखी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शेख हसीना के लंबे कार्यकाल के दौरान संसद में हिंदू सांसदों की संख्या इससे कहीं ज्यादा रही थी।

2009-2014 में थे 16 हिंदू सांसद

2009-2014 की संसद में 16 हिंदू सांसद थे। 2014-2019 में यह संख्या बढ़कर 17 (और आरक्षित सीटों के साथ 20 तक) पहुंची। 2019-2024 में करीब 14 अल्पसंख्यक सांसद थे। यानी पहले जहां 14 से 20 के बीच हिंदू सांसद होते थे, अब संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई है।

पीएम मोदी ने असम में देश को दी बड़ी सौगात, हरक्यूलस विमान से ऐतिहासिक लैंडिंग, जानें क्या है खास

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम में देश को बड़ी सौगात दी। डिब्रूगढ़ के नेशनल हाईवे पर नॉर्थईस्ट की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया है। पीएम मोदी खुद भी लॉकहीड सी-130 हरक्यूलस विमान से हाइवे पर उतरे हैं।

पीएम मोदी की सी-130जे सुपर हरक्यूलिस से लैंडिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना के विशेष विमान से डिब्रूगढ़ जिले में मोरान बाईपास पर बनी आपात लैंडिंग सुविधा पर उतरे। प्रधानमंत्री मोदी की लैंडिंग के साथ ही हाइवे पर स्थित यह पट्टी वायुसेना के रणनीतिक नेटवर्क का हिस्सा बन गई। पीएम मोदी ने भारतीय वायुसेना के सी-130जे सुपर हरक्यूलिस से लैंड किया।

राफेल-सुखोई का भी दिका दम

इसी के साथ भारतीय वायुसेना के सुखोई Su-30MKI ने डिब्रूगढ़ के मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) से उड़ान भरी। राफेल, C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, डोर्नियर सर्विलांस विमान एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ये सभी जेट हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उतरे और उड़े। इसके अलावा हेलीकॉप्टरों से घायलों को निकालने (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन) की भी प्रैक्टिस की गई। यह सुविधा युद्ध के साथ-साथ मानवीय सहायता मिशनों में भी काम आएगी।

पूर्वोत्तर भारत का पहला आपातकालीन लैंडिंग केंद्र

बता दें कि यह पूर्वोत्तर भारत का पहला आपातकालीन लैंडिंग केंद्र है। यहां वे फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन देखेंगे। भारतीय वायुसेना के साथ समन्वय में तैयार किया गया यह ईएलएफ आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ में सक्षम है।

क्यों महत्वपूर्ण है ये आपातकालीन लैंडिंग केंद्र

यह इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए एक महत्वपूर्ण एसेट के रूप में कार्य करेगी। इससे पूर्वोत्तर में प्राकृतिक आपदाओं या स्ट्रेटेजिक आवश्यकताओं के दौरान बचाव और राहत कार्यों की त्वरित तैनाती संभव हो सकेगी। दोहरे उपयोग वाले इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में परिकल्पित यह ELF, 40 टन तक के लड़ाकू विमानों और 74 टन के अधिकतम टेक-ऑफ वजन वाले परिवहन विमानों के संचालन में सक्षम है।

खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या मामला: भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने कोर्ट में गुनाह कबूला

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अमेरिका में रहने वाले खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की साजिश के मामले में बड़ी खबर है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया। यूएस अटॉर्नी ऑफिस, साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क ने इसकी पुष्टि की है।

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29 मई को सजा का औपचारिक ऐलान होगा

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक निखिल ने शुक्रवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क की कोर्ट में गुनाह कबूल कर लिया है। खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल की सजा सुनाई गई। 29 मई को सजा का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

FBI ने एक्स पोस्ट में दी जानकारी

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने एक्स पर पोस्ट कर निखिल गुप्ता के अपराध कबूलने की जानकारी दी। FBI के मुताबिक, यह साजिश एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए रची गई थी, जिसे अमेरिकी एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया। US अटॉर्नी ऑफिस के बयान के मुताबिक, निखिल गुप्ता उर्फ ‘निक’ ने सेकंड सुपरसिडिंग इंडिक्टमेंट में लगाए गए तीनों आरोपों को स्वीकार किया है। इन आरोपों में मर्डर-फॉर-हायर, मर्डर-फॉर-हायर की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश शामिल है।

30 जून 2023 को हुई थी गिरफ्तारी

पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में निखिल गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक रिपब्लिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद 14 जून 2024 को निखिल को अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया था। निखिल पर अमेरिका में केस चलाया गया, जहां उसने खुद को निर्दोष बताया था। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक, भारत के एक पूर्व अफसर विकास यादव ने निखिल गुप्ता से पन्नू की हत्या की साजिश रचने को कहा था।

कैसे रची गई साजिश ?

अमेरिकी चार्जशीट के मुताबिक, मई 2023 में एक शख्स, जिसे “सीसी-1” कहा गया है, ने गुप्ता से संपर्क किया और उसे इस काम के लिए तैयार किया। बाद में अमेरिकी सरकार ने सीसी-1 की पहचान विकास यादव के रूप में की। बताया गया कि वे पहले सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स में थे और उस समय रिसर्च एंड एनालिसिस विंग से जुड़े काम देख रहे थे। अक्टूबर 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने यादव पर औपचारिक आरोप लगाए। वे अभी भारत में हैं और फरार बताए जा रहे हैं, हालांकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें एक अलग वसूली के मामले में दर्ज किया है।