30 साल पुराने जमीनी विवाद में बड़े भाई की हत्या
छोटा भाई घायल, घर से 10 मीटर दूरी पर चली ताबड़तोड़ गोलियां; पुलिस ने लाइसेंसी रिवाल्वर और खोखे बरामद की


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के औराई क्षेत्र में जमीनी विवाद में दो सगे भाइयों पर फायरिंग की गई। इलाज के दौरान बड़े भाई की मौत हो गई। छोटा भाई घायल हैं। दो अन्य का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना मंगलवार की है।

परिवारवालों ने बताया कि दोनों भाई खेत में बैरियार लगा रहे थे। इस दौरान 7-8 हमलावर उनके खेत में पहुंचे और हमला कर दिया। मारपीट के बाद फायरिंग की गई। जिसमें दो भाई समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसमें एक की मौत हो गई। परिजनों की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची ग‌ई‌।पुलिस टीम ने सरकारी एंबुलेंस से घायलों को औराई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां इनका इलाज जारी है। घटना का कारण पता करने के लिए पुलिस परिजनों से पूछताछ में जुटी है। सारे अहम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। हादसे का कारण पुराना जमीनी विवाद बताया जा रहा है। परिजन उमाशंकर ने बताया कि यह जमीनी विवाद अवैध कब्जे, पुश्तैनी जमीन में हिस्सेदारी से जुड़ा है। विवाद 1994 से चला आ रहा है। फिलहाल घटनास्थल पर भारी पुलिसबल तैनात हैं। मामला औराई कोतवाली के घोसिया चौकी का बताया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश का अनोखा मंदिर, जहां कुएं में होती है शिवलिंग की पूजा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश में भदोही जिले के सेमराध स्थित भगवान शिव का एक अनोखा मंदिर जो कुएं में स्थित है। किवदंतियों के अनुसार मंदिर में स्थापित शिवलिंग की उत्पत्ति विशालकाय प्रकाश पुंज से हुई थी। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर काशी-प्रयाग के मध्य सेमराध नाथ धाम जंगीगंज के पास परम पावनी मां गंगा के तट पर स्थित है।‌कहा जाता है कि एक व्यापारी जलमार्ग से गुजर रहा था कि अचानक उसकी नौका डावांडोल होकर नदी में फंस गयी। जिसके बाद व्यापारी ने गंगा तट पर रात्रि में विश्राम का मन बनाया। व्यापारी को सपने में आया कि यह भगवान शिव का स्थान है। यहीं जमीन के अंदर शिवलिंग स्थित है। व्यापारी ने सपने की सत्यता को प्रमाणित करने के लिए जमीन की खुदाई शुरू करा दी। जहां कुछ गहराई में जाने पर उसे चमकता हुआ एक शिवलिंग दिखाई पड़ा। शिवलिंग का दर्शन कर व्यापारी भक्ति से ओत-प्रोत हो गया और उसे अपने साथ ले जाना चाहा।
बताते हैं कि वह शिवलिंग के जितना करीब जाता लिंग उतना ही दूर खिसक जाया करता था। थक हार कर उसने वहीं गंगा नदी के तट पर खुदाई से बने कुंए नुमा बने गड्ढे में एक भव्य मंदिर का निर्माण करा दिया, जो बाद में बाबा सेमराध नाथ धाम के नाम से विख्यात हुआ।
बोर्ड परीक्षा : उत्तरपुस्तिका के हर पन्ने पर लिखना होगा रोल नंबर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पेज पर अपना अनुक्रमांक (रोल नंबर) लिखना अनिवार्य कर दिया है। परिषद का पत्र आने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिया है। वहीं, कक्ष निरीक्षक अभ्यर्थियों को रोल नंबर लिखने की जानकारी देंगे ताकि किसी भी तरह की त्रुटि न हो।जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा के लिए 94 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 54 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को पारदर्शी एवं सुचितापूर्ण कराने के लिए प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग तैयारी में जुटा है। नकल माफियाओं पर सख्ती के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर अनुक्रमांक लिखने का निर्देश दिया है। इसको प्रभावी बनाने में विभाग जुट गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षार्थी को उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से तैयारियों में जुटा है।
कक्ष निरीक्षकों और परीक्षा में जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों की बोर्ड द्वारा ऑनलाइन डयूटी लगाई गई है।
10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
भदोही में स्थित है पांडव काल का अनोखा शिवलिंग: तिलेश्वर महादेव मंदिर में मौसम के साथ बदलता है शिवलिंग का रंग
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही के गोपीगंज से 4 किलोमीटर दूर गंगा तट पर स्थित तिलेश्वर महादेव मंदिर में एक अद्भुत शिवलिंग स्थापित है। यह शिवलिंग अपनी क‌ई विशेषताओं के लिए जाना जाता है। मौसम के अनुसार इस शिवलिंग का रंग बदलता है। साल में एक बार यह चपरा भी छोड़ता है। महाभारत काल से जुड़े इस मंदिर की स्थापना पांडवों के अज्ञातवास के दौरान भीम द्वारा की गई थी। इसी कारण शिवलिंग का आकार भी विशाल है। मंदिर तिलंगा गांव में स्थित होने के कारण इसे तिलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। पुरातत्त्व विभाग ने जब मंदिर के गर्भगृह की खुदाई की,तो शिवलिंग का दूसरा छोर नहीं मिला। खुदाई के दौरान क‌ई प्राचीन देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली,जो आज भी मंदिर परिसर में एक नीम के नीचे स्थापित है। श्रद्धालु इन मूर्तियों की भी पूजा करते हैं। महाशिवरात्रि और श्रावण मास में यहां एक माह तक मेला लगता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है यहां की गई प्रार्थना से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
बोर्ड परीक्षा: 92 केंद्रो पर लगाएं जाएंगे अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा को पारदर्शी ढंग से कराने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरु कर दी है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए बने 94 केंद्रो में 92 पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक लगाए जाएंगे। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज ज्ञानपुर और मॉडल इंटर कॉलेज सागरपुर को छोड़कर सभी पर केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट संग अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक रहेंगे। तीनों की मौजूदगी में ही डबल लॉक से प्रश्नपत्र निकाले जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से होने वाली बोर्ड परीक्षा में इस बार हाईस्कूल और इंटर के करीब 54.34 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारी को लेकर विभाग जोर-शोर से लगा है। नकल पर नकेल लगाने के लिए विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। इसके लिए जिले को तीन जोन और 12 सेक्टरों में बांटा गया है। कक्ष निरीक्षकों की सूची को फाइनल की जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक के अलावां प्रशासन की तरफ से एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट और शिक्षा विभाग की ओर से अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक लगाए जाएंगे। परीक्षा केंद्र की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। डबल लॉक आलमारी, यानि जिसमें पेपर सुरक्षित और गोपनीय तरीके से रखा जाता है, उसकी एक चाबी भी अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के पास रहेगी। परीक्षा शुरू होने से पहले दोनों केंद्र व्यवस्थापकों की मौजूदगी में डबल लॉक को खोला जाएगा। इसके बाद प्रश्नपत्र का वितरण किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि पारदर्शी परीक्षा के लिए सभी तैयारी की जा रही है। 94 में 92 केंद्रो पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक भी लगाए जा रहे हैं।
तुर्किये के टैरिफ से भारत को सालाना 3500 करोड़ का नुकसान
*भदोही के कालीन उद्यमी बोले - तुर्कीय के कालीन पर भारत सरकार को रसिप्रोकल टैरिफ लगाना चाहिए*




नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका से ट्रेड डील, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) होने के बाद भारतीय कालीन उद्योग को काफी हद तक राहत मिली है। अभी भी तुर्किये का भारतीय उत्पादों पर 45 प्रतिशत टैरिफ कालीन उद्योग पर भारी पड़ रहा है। अगर भारत तुर्किये पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए तो तुर्किये के रूप में भारत को 3500 करोड़ का बाजार मिल सकता है। अमेरिका भारतीय कालीन का सबसे बड़ा खरीदार है इसलिए अमेरिका ट्रेड डील को कालीन उद्योग के लिए सर्वाधिक लाभप्रद बताया जा रहा है। नगर के कालीन उद्यमी मानते हैं कि भारत की ओर से तुर्किए पर रेसिप्रोकल टैरिफ नहीं लगाए जाने से तुर्किये के कालीन धड़ल्ले से भारत आ रहे हैं। उनके भारी भरकम टैरिफ के चलते भारतीय कालीन का तुर्किये को निर्यात लगभग समाप्त होने के कगार पर पहुंच गया है। उद्यमी बताते हैं कि तुर्किये में मशीन से गलीचा बनता है। इसमें से 20 प्रतिशत तक भारत आयात कर रहा है।
26 करोड़ से बहरैची में बनेगा दूसरा सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही तहसील के बहरैची में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने 26 करोड़ का स्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया है। जिले के दूसरे सीएम माॅडल विद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इसमें करीब दो हजार बच्चों का नामांकन होगा। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। काॅन्वेंट विद्यालयों जैसी सुविधा के लिए जिले की तीन तहसीलों में एक-एक मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनना है। औराई ब्लाॅक के गिर्दबड़गांव में स्कूल का निर्माण कार्य शुरू चल रहा है। भदोही के बहरैची में जमीन चिह्नित की गई थी। अब शासन से स्वीकृति मिलने पर स्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। विद्यालयों में कक्षा एक से 12 तक की कक्षाएं चलाई जाएंगी। ज्ञानपुर के घरांव में जमीन का चयन किया जा चुका है। पांच से छह एकड़ भूमि में विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। शिवम पांडेय, बीएसए ने बताया कि मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय तीनों तहसीलों में बनना है। औराई के गिर्दबड़गांव में काम चल रहा है। बहरैची में अप्रैल से काम शुरु होने की संभावना है। घरांव में आगामी वर्ष में स्वीकृति मिलने पर निर्माण होगा। बहरैची में बनने वाले विद्यालय पर 26 करोड़ रुपये खर्च होंगे।सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय में स्मार्ट क्लास, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग ट्रेनिंग, लैंग्वेज, मैथ्स, साइंस व कंप्यूटर लैब, हॉल, खेलकूद का मैदान, मॉड्यूलर किचन, डाइनिंग हॉल के साथ, सीसीटीवी कैमरे, सोलर पैनल आदि आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। औराई के गिर्दबड़गांव में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण करीब-करीब 50 फीसदी तक पूर्ण हो गया है। शासन की प्राथमिकता में शामिल होने के कारण नोडल अफसर से लेकर डीएम शैलेष कुमार हर महीने उक्त विद्यालय का निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट लेते हैं।
साधकों की साधनास्थली रही है बाबा बड़ेशिव धाम
*मंदिर का सुरम्य वातावरण करता है आकर्षित*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केन्द्र बाबा बड़े शिव मंदिर का इतिहास 16वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ है। मंदिर परिसर का सुरम्य वातावरण हर किसी को आकर्षित करता है। शायद यहीं कारण है कि यह मंदिर परिसर निर्माण काल से ही साधकों की साधना स्थली रही है। यहां मोरंग के राजा के साथ ही मौनी स्वामी ने साधना की थी। वहीं आज भी जनवरी-फरवरी माह के दौरान नागा साधु एक महीने तक यहां रूक कर भोलेनाथ की साधना करते हैं।
मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 16वीं शताब्दी में हुआ था। तब मंदिर के चारों ओर घनघोर जंगल हुआ करता था। जिसमें पलाश के वृक्ष अधिक थे। बताया जाता है कि एक बार अयोध्या के राजा शिकार करने जंगल में आये थे। वे भूख प्यास से व्याकुल थे, तो एक साधु ने उनको दर्शन दिया और उनकी प्यास बुझाई । मान्यता है कि जहां साधु ने उन्हें दर्शन दिया था। उसी स्थान पर राजा ने एक शिवलिंग की स्थापना की। कालांतर में शिवलिंग जमीन के अंदर चला गया। एक दिन नगर के एक धार्मिक व्यक्ति के घर सर्प आया। सर्प को देख आसपास के लोग उसे मारने को दौड़ पड़े, लेकिन उस व्यक्ति ने उन्हें रोकते हुए जिस ओर नाग देवता चले। अनायास ही उसी ओर चल पड़े। जंगल में पहुंचने के बाद सर्प एक जगह पर अपना फन पटकने लगा। जहां खुदाई की गई तो भोलेनाथ के शिवलिंग का दर्शन हुआ। उसके बाद से ही यह लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र हो गया मंदिर का सुरम्य वातावरण न सिर्फ आम लोगों को बल्कि साधु-संतों को भी आकर्षित करता है। इस मंदिर की एक और खासियत है। मंदिर के चारों तरफ हनुमान जी मूर्ति विराजमान है। मंदिर के ठीक सामने एक प्राचीन तालाब है। जिसमें कमल पुष्प सुशोभित होते हैं। इसके अलावा चारों तरफ घने पेड़ों का परिक्षेत्र है। यह साधकों को भी आकर्षित करती है। लगभग 60 वर्ष पूर्व मोरंग के राजा, जो राजा बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए। इस स्थान को अपनी तपस्थली बनाई। इसी तरह मौनी स्वामी ने भी यहीं पर पीपल के वृक्ष के नीचे साधना की। पीपल का वृक्ष आज भी है। जनवरी-फरवरी में महाकुंभ के समय नागा साधु एक महीने तक मंदिर पर प्रवास कर साधना करते हैं।
₹1 के कमीशन पर बनाता था कोडिन सिरप का बिल:फर्म संचालक ने कागजों में दिखाई 10 लाख की सप्लाई, 12 करोड़ का लेन-देन
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप प्रकरण में वाराणसी के रहने वाले एक फर्म संचालक को गिरफ्तार किया है बताया जाता है कि फर्म संचालक ने फर्जी तरीके से 10 लाख बोतलों की सप्लाई सिर्फ कागजों में दिखाई थी ।भदोही के औराई थाने में औषधि निरीक्षक के द्वारा 2025 में कोडीन कफ सिरप का नशे के लिए इस्तेमाल होने के प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया था पुलिस को इस जांच में वाराणसी के रहने वाले शैलेंद्र तिवारी का नाम प्रकाश में आया जिसे माधोसिंह रेलवे स्टेशन के पास से पुलिस ने गिरफ्तार किया है । पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि दिल्ली के एक दवा व्यापारी के कहने पर सिरप की सप्लाई कागजों में उसने की थी। फर्जी तरीके से ई वे बिल बनाकर जीएसटी फाइल करने की बात आरोपी ने स्वीकार की है पुलिस ने बताया कि करीब 10 लाख बोतलों की सप्लाई कागजों में दिखाई गई फर्जी कूटरचित तरीके से सिरप की सप्लाई हुई है इन 10 लाख बोतलों की फर्जी सप्लाई दिखाने की एवज में आरोपी शैलेंद्र तिवारी को करीब 15 लाख रुपए मिले थे ।आरोपी ने अपना कमीशन काटकर एक मेडिकल एजेंसी को पैसे ट्रांसफर किये थे। भदोही के एसपी ने कहा कि पूजा तिवारी के नाम से यह फर्म रजिस्टर्ड थी जिसका पूरा ऑपरेशन उनका पति शैलेंद्र तिवारी देखता था सिर्फ कागजों पर कोडीन कफ सिरप का बड़े पैमाने पर डायवर्सन किया गया है इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।