हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: 26 प्रस्तावों को मिली मंजूरी; बजट और असम के मुद्दे पर केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री

राँची, 05 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कुल 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। हालांकि, बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री का रुख केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर काफी हमलावर रहा।

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केंद्रीय बजट पर सवाल: "महंगाई की भेंट चढ़ी आम जनता"

केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सोरेन ने कहा कि इस बजट ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा:

"आप बजट को गौर से देखिए, किस तरह चीजों को बदला जा रहा है। कृषि हो या अन्य सेक्टर, प्रावधानों को जटिल बनाया गया है। आप कोयला और खनिज की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इस बजट के बाद दाल और चावल जैसी रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो गई हैं।"

असम दौरे का जिक्र: "वहां आज भी अंग्रेजी गुलामी का एहसास"

हाल के असम दौरे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने वहां के चाय बागान मजदूरों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र और असम सरकार को घेरते हुए कहा कि असम के चाय बागानों में आज भी 'देश के अंदर देश' जैसी विचित्र स्थिति है। वहां मजदूरों को देखकर ऐसा लगता है जैसे वे आज भी अंग्रेजी हुकूमत के गुलाम हैं और गुलामी का जीवन जीने को विवश हैं।

कैबिनेट के मुख्य फैसले (26 प्रस्तावों का सारांश)

कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनका विस्तृत विवरण जल्द ही विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य के संसाधनों का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।

झारखंड सरकार के खजाने से हुए 10हजार करोड़ के गबन की हो उच्च स्तरीय जांच....बाबूलाल मरांडी

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नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार के खजाने से ₹10,000 करोड़ की राशि गायब होने की खबर पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि वित्त मंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वित्त सचिव द्वारा सभी विभागों के सचिवों की बैठक बुलाकर विस्तृत हिसाब लिया जाए, लेकिन वित्त सचिव द्वारा मंत्री के आदेश का पालन करने के बजाय फाइल को मुख्य सचिव के पास भेज दिया गया, जहां वह पिछले तीन महीनों से लंबित पड़ी है। आखिर सरकार जांच से क्यों कतरा रही है?

कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरह मुख्य सचिव भी जमीन घोटाले के आरोपों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में संदेह उठना स्वाभाविक है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव द्वारा जानबूझकर मामले को दबाने या टालने का प्रयास किया जा रहा है।

कहा कि मुख्य सचिव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि तीन महीने से फाइल पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई और देरी के लिए कौन जिम्मेदार है?

श्री मरांडी ने कहा कि यह पूरा मामला गंभीर आर्थिक अपराध है। इसकी जांच होनी चाहिए कि यह राशि कहां गई, कहीं इसे निवेश के रूप में तो नहीं लगाया गया और क्या मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव ने इससे कोई लाभ उठाया है?

पलामू में ममता शर्मसार: कलयुगी मां ने 13 साल की बेटी को अधेड़ के हाथों बेचा; पुलिस ने आरोपी को दबोचा, मां फरार

मेदिनीनगर (पलामू): झारखंड के पलामू जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां ने ही अपनी ममता का सौदा कर दिया। आरोपी मां ने अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी को मेदिनीनगर के रहने वाले 55 वर्षीय प्रभाकर कुमार मिश्रा के हवाले कर दिया। आरोपी ने बच्ची से अवैध रूप से शादी की और उसे करीब दो महीने तक बंधक बनाकर रखा।

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पिता के लौटते ही खुला साजिश का राज

इस घिनौनी साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब बच्ची के पिता सूरत (गुजरात) से मजदूरी कर वापस लौटे। घर पर बेटी को न पाकर उन्होंने खोजबीन शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद जब पिता अपनी बेटी तक पहुँचे और उसे घर लाए, तब मासूम ने अपनी आपबीती सुनाई। बच्ची ने बताया कि कैसे उसकी मां ने ही उसे अधेड़ व्यक्ति को सौंप दिया था, जिसके बाद उसके साथ दरिंदगी की गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू एसपी रीष्मा रमेशन के निर्देश पर सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।

गिरफ्तारी: पुलिस ने मेदिनीनगर के श्रीराम पथ इलाके में छापेमारी कर आरोपी प्रभाकर कुमार मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है।

गंभीर धाराएं: आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और अपहरण जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बच्ची का रेस्क्यू: नाबालिग को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (CWC) को सौंप दिया गया है, जहां उसकी विशेष काउंसलिंग की जा रही है।

प्रेमी के साथ फरार है 'कलयुगी' मां

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि अपनी ही बेटी का सौदा करने के बाद आरोपी मां अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

चुनाव आयोग का 'मिशन 2026': 1,444 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को दी गई 'प्रकाश स्तंभ' बनने की जिम्मेदारी; निष्पक्ष चुनाव के लिए दिल्ली में दो दिवसीय ब्

नई दिल्ली, 05 फरवरी 2026: भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आयोग ने आज नई दिल्ली स्थित IIIDEM में तैनात किए जाने वाले 1,444 केंद्रीय पर्यवेक्षकों के लिए दो दिवसीय विशेष ब्रीफिंग सत्र का आयोजन किया।

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पर्यवेक्षकों की तैनाती का गणित

आयोग ने चुनावी शुचिता बनाए रखने के लिए तीन श्रेणियों में अधिकारियों को तैनात किया है:

714 सामान्य पर्यवेक्षक (General Observers)

233 पुलिस पर्यवेक्षक (Police Observers)

497 व्यय पर्यवेक्षक (Expenditure Observers)

मुख्य चुनाव आयुक्त का संबोधन: "आप आयोग के प्रकाश स्तंभ हैं"

मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए उन्हें निर्वाचन आयोग का 'प्रकाश स्तंभ' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यवेक्षकों की उपस्थिति 824 निर्वाचन क्षेत्रों में पूरी चुनाव मशीनरी को ऊर्जावान बनाएगी और स्वतंत्र, निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करेगी।

चुनाव आयुक्तों के महत्वपूर्ण निर्देश

डॉ. एस.एस. संधू (चुनाव आयुक्त): उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक अधिकारियों के लिए 'मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक' की भूमिका निभाएं। उन्होंने मतदाताओं के लिए पर्यवेक्षकों की सुलभता और शिकायतों के त्वरित निवारण पर जोर दिया।

डॉ. विवेक जोशी (चुनाव आयुक्त): उन्होंने निर्देश दिया कि मतदाता सूचना पर्चियां (VIS) समय पर वितरित की जाएं ताकि मतदान के दिन मतदाताओं को कोई असुविधा न हो। उन्होंने आयोग के निर्देशों का 'अक्षरश:' पालन सुनिश्चित करने को कहा।

तकनीक और सुविधाओं पर जोर

सत्र के दौरान पर्यवेक्षकों को आधुनिक IT एप्लिकेशन्स, चुनावी प्लेटफार्मों और मीडिया प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। आयोग ने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

AMFs (आश्वासित न्यूनतम सुविधाएं): मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए पानी, बिजली, शौचालय और रैंप जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना।

अनुच्छेद 324 का अनुपालन: संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत चुनावी प्रक्रिया के कुशल प्रबंधन की निगरानी।

मीडिया और शिकायत निवारण: राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहना और पक्षपात की किसी भी धारणा को समाप्त करना।

आयोग की 'आंख और कान'

केंद्रीय पर्यवेक्षकों को आयोग की 'आंख और कान' के रूप में संबोधित किया गया। उन्हें सीधे आयोग को इनपुट प्रदान करने और जमीनी स्तर पर चुनावी कानूनों का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है।

राँची: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया 'मीडिया कप 2026' का उद्घाटन; पहले दिन टीम भैरवी और अमानत का दबदबा

राँची, 04 फरवरी 2026: द राँची प्रेस क्लब की ओर से बहुप्रतीक्षित मीडिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट-2026 का शानदार शुभारंभ बुधवार को रातू के अगरु स्थित जेके इंटरनेशनल क्रिकेट अकादमी में हुआ। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

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"लोकतंत्र के प्रहरी भी दिखाएं खेल का कौशल": राज्यपाल

उद्घाटन भाषण के दौरान राज्यपाल ने मीडिया को लोकतंत्र का 'चतुर्थ स्तंभ' बताते हुए कहा कि दिन-रात जनहित के कार्यों में व्यस्त रहने वाले पत्रकारों के लिए खेल का मैदान मानसिक तनाव दूर करने और आपसी सौहार्द बढ़ाने का बेहतरीन मंच है। उन्होंने कहा कि मीडिया जब खिलाड़ियों की उपलब्धियों को दिखाता है, तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।

मैच राउंड-अप: विक्की पासवान और शमीम राजा चमके

टूर्नामेंट के पहले दिन दो रोमांचक मुकाबले खेले गए:

1. मैच - 1 (भैरवी बनाम कारो): टीम भैरवी ने विक्की पासवान की विस्फोटक शतकीय पारी (117 रन) के दम पर 13 ओवरों में 160 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में कारो की टीम 142 रन ही बना सकी।

परिणाम: भैरवी 18 रनों से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: विक्की पासवान।

2. मैच - 2 (अजय बनाम अमानत): टीम अजय ने पहले बल्लेबाजी करते हुए राकेश सिंह के शानदार 83 रनों की मदद से 124 रन बनाए। जवाब में टीम अमानत ने शमीम राजा (52 रन) और रियाज आलम की पारियों की बदौलत केवल 10.3 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।

परिणाम: अमानत 7 विकेट से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: शमीम राजा।

विशेष उपस्थिति

समारोह में अदानी समूह के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) संजीव शेखर, टाटा समूह के प्रतिनिधि अमृतांशु, राँची प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे। राज्यपाल ने हाल ही में निर्वाचित प्रेस क्लब की नई कमेटी को भी बधाई दी।

एसडीओ कुमार रजत ने किया कांटाटोली–सिरमटोली प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण; निर्माण में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को दी 'डेडलाइन'

राँची, 04 फरवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के कड़े रुख के बाद कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को गति देने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में आज अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), सदर श्री कुमार रजत ने निर्माण स्थल का गहन निरीक्षण किया और कार्य की वर्तमान प्रगति का जायजा लिया।

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धरातल पर बाधाओं की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान एसडीओ कुमार रजत ने उन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जो निर्माण की गति को धीमा कर रहे हैं। उन्होंने निम्नलिखित कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की:

भवन और यूटिलिटी शिफ्टिंग: बिजली के खंभों, पाइपलाइनों और चिन्हित भवनों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।

भू-अर्जन: लंबित भू-अर्जन मामलों को लेकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

ट्रैफिक प्रबंधन: निर्माण के दौरान आम जनता को जाम से राहत दिलाने के लिए सुचारू ट्रैफिक प्लान लागू करने पर जोर दिया।

आपसी समन्वय से पूरा होगा लक्ष्य

एसडीओ ने कार्यकारी एजेंसियों और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय तालमेल की कमी के कारण कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शहर की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा करना है।

प्रशासन की सतत निगरानी

जिला प्रशासन द्वारा इस प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्माण कार्य में आने वाली किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दें, ताकि उसका त्वरित समाधान निकाला जा सके।

झारखंड का औद्योगिक कायाकल्प: ₹1.27 लाख करोड़ के निवेश से स्टील और ग्रीन एनर्जी का वैश्विक हब बनेगा राज्य"

राँची, 04 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के विजनरी नेतृत्व में झारखंड 'ग्रीन स्टील' और अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा के बाद, टाटा स्टील और नवीन जिंदल समूह सहित दुनिया के कई बड़े औद्योगिक घरानों ने झारखंड में निवेश के लिए आशय पत्र (LoI) सौंपे हैं। कुल ₹1,27,000 करोड़ के ये निवेश प्रस्ताव राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

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प्रमुख निवेश और औद्योगिक समूह

इस मेगा निवेश योजना में कई दिग्गज कंपनियों ने अपनी रुचि दिखाई है:

नवीन जिंदल समूह: ₹70,000 करोड़ का सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव।

टाटा स्टील: ₹11,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित।

उड़ीसा स्टील अलॉय: ₹25,000 करोड़ (लातेहार में स्टील और पावर सेक्टर)।

रुंगटा समूह: ₹10,300 करोड़ (सरायकेला-खरसावां में स्टील, पावर और सीमेंट)।

अमलगम स्टील: ₹4,980 करोड़ (कांड्रा, पूर्वी सिंहभूम)।

सनशाइन ग्लोबल कैपिटल (सिंगापुर): ₹3,000 करोड़ (10 मेगावाट AI डेटा सेंटर)।

अन्य: बीएमडब्लू (BMW) इंडस्ट्रीज, जय सस्पेंशन और अंबुजा सीमेंट।

रोजगार की नई क्रांति: 46,555 परिवारों को सीधा लाभ

इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से झारखंड के हुनरमंद युवाओं के लिए रोजगार का अंबार लगेगा। अनुमान के मुताबिक:

कुल प्रत्यक्ष रोजगार: 46,555 से अधिक।

उड़ीसा स्टील अलॉय: 20,000 नौकरियां।

रुंगटा समूह: 6,200 नौकरियां।

जय सस्पेंशन: 2,500 नौकरियां।

अमलगम स्टील: 3,000 नौकरियां।

'ग्रीन स्टील' और अत्याधुनिक तकनीक का युग

मुख्यमंत्री का लक्ष्य झारखंड को जीरो कार्बन उत्सर्जन वाला राज्य बनाना है। इसके लिए विश्व की सबसे उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा:

कार्बन उत्सर्जन में कमी: EASyMelt और Hisarna जैसी तकनीकों से उत्सर्जन को 50% से 80% तक कम किया जाएगा।

क्लीन एनर्जी: सोलर प्लांट और ग्रीन फील्ड न्यूक्लियर प्लांट के जरिए स्वच्छ ऊर्जा पर जोर।

हाई-टेक उत्पाद: ऑटोमोटिव और घरेलू उपकरणों के लिए जंग-रोधी 'Galvalume' और 'ZAM' कोटेड स्टील का उत्पादन होगा।

क्षेत्रीय संतुलन: लातेहार और बोकारो में औद्योगिक विस्तार

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विकास केवल औद्योगिक हब तक सीमित नहीं रहेगा। लातेहार जैसे जिले में ₹25,000 करोड़ का निवेश पिछड़ापन दूर करने में मील का पत्थर साबित होगा। वहीं, बोकारो में उन्नत कोटिंग और आदित्यपुर में ऑटोमोटिव स्प्रिंग्स के निर्माण से झारखंड 'सप्लाई चेन' का वैश्विक लीडर बनेगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिला NDC का 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल; बोले सीएम— "देश की अर्थव्यवस्था का पावरहाउस है झारखंड"


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राँची, 04 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (NDC) के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दल में भारत सहित 5 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल थे। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड की खनिज संपदा, खेल प्रतिभा, औद्योगिक विजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।

"खनिज से लेकर खेल तक, हर क्षेत्र में बेमिसाल झारखंड"

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि झारखंड न केवल प्राकृतिक संसाधनों में धनी है, बल्कि यहाँ की जनजातीय संस्कृति और परंपराएं इसे विश्व में अनोखी पहचान दिलाती हैं।

खेल का हब: मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की आधी खिलाड़ी झारखंड से हैं। महेंद्र सिंह धोनी और दीपिका कुमारी जैसे दिग्गजों का जिक्र करते हुए उन्होंने नई खेल नीति की सफलताओं को साझा किया।

अर्थव्यवस्था में योगदान: सीएम ने कहा कि रेलवे को सबसे अधिक राजस्व और देश को सबसे ज्यादा सिल्क, लाह व तसर झारखंड से ही मिलता है।

शिक्षा और उद्योग का नया विजन

मुख्यमंत्री ने 'शिक्षा' को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया:

CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस: निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों का अपग्रेडेशन।

गुरुजी क्रेडिट कार्ड: उच्च शिक्षा के लिए बिना गारंटी ₹15 लाख तक का ऋण।

औद्योगिक नीति: टाटा और HEC जैसे पुराने उद्योगों के साथ-साथ अब विश्व आर्थिक मंच (WEF) के माध्यम से नए निवेशकों को आकर्षित करने का कार्य।

झरिया की 'अंडरग्राउंड फायर' पर गंभीर चर्चा

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को धनबाद के झरिया का दौरा करने का सुझाव देते हुए कहा कि वहां दशकों से लगी भूमिगत आग (Underground Fire) एक बड़ी चुनौती है, जिसके समाधान के लिए अभी तक कोई ठोस वैश्विक मेकैनिज्म नहीं बन सका है।

सामाजिक योजनाओं की गूँज: मंईयां सम्मान योजना की सराहना

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' की विशेष रूप से सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि:

लगभग 53 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 दिए जा रहे हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सप्ताह में 6 दिन अंडा व पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है, जिससे कुपोषण के खिलाफ जंग मजबूत हुई है।

सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड देश का अग्रणी राज्य है।

नक्सलवाद और पलायन पर नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के मोर्चे पर जानकारी दी कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के धरातल पर उतरने से नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है। उन्होंने पलायन को एक चुनौती बताते हुए कहा कि कौशल विकास और स्थानीय रोजगार के जरिए इसे रोकने के प्रयास जारी हैं।

ओरमांझी चौक एनएच 20 पर फ्लाई ओवर निर्माण मोदी सरकार की बड़ी देन....आदित्य साहू

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क,परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति झारखंड की जनता की ओर से आभार प्रकट किया है।

कहा कि विगत जुलाई महीने में उनके साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश जी,प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित पत्र माननीय गडकरी जी को एनएच 20 के ओरमांझी चौक पर फ्लाईओवर निर्माण केलिए आग्रह पत्र सौंपा था।

कहा कि माननीय मंत्री जी ने इस मांग को गंभीरता से लिया और इसकी स्वीकृति प्रदान करते हुए लिखित सूचना भी दी।

कहा कि यही संवेदनशीलता मोदी सरकार को जनता से जोड़ती है, लोकप्रिय बनाती है।

उन्होंने कहा कि तीसरी बार मोदी सरकार यह जनप्रियता का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास को तेजी से धरातल पर उतार रही इसलिए सबका विश्वास भी प्राप्त कर रही है।

बाबूलाल मरांडी का आरोप: झारखंड में धान खरीद के नाम पर बड़ा घोटाला; फर्जी किसानों के जरिए हो रही लूट"

राँची: झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य में धान खरीद की धीमी प्रक्रिया और कथित भ्रष्टाचार को लेकर हेमंत सरकार को आड़े हाथों लिया है। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में श्री मरांडी ने कहा कि सरकार "गाँव की सरकार" होने का दावा तो करती है, लेकिन हकीकत में गाँवों की रीढ़ यानी 'किसान' आज सबसे ज्यादा लाचार है।

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आँकड़ों के जरिए सरकार को घेरा

मरांडी ने सरकारी आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि धान खरीद का लक्ष्य अब तक कोसों दूर है:

पंजीकृत किसान: राज्य में 2,79,000 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन मात्र 35,547 किसानों से ही धान खरीदा गया है।

खरीद का लक्ष्य: सरकार ने 60 लाख क्विंटल का लक्ष्य रखा था, लेकिन दो महीने बाद भी केवल 19,80,216 क्विंटल (लगभग एक तिहाई) की ही खरीदारी हो पाई है।

"दलालों और बिचौलियों की भरी जा रही तिजोरी"

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर धान खरीद में देरी कर रही है।

"सीमांत किसान मार्च तक धान घर में नहीं रख सकता, उसे पैसों की तुरंत जरूरत होती है। सरकार उसे ₹1500 में बिचौलियों को धान बेचने पर मजबूर कर रही है। बाद में वही बिचौलिया सरकार को धान बेचेगा और ₹2400 के एमएसपी का लाभ उठाएगा। इस लूट का हिस्सा मुख्यमंत्री की तिजोरी तक जा रहा है।" - बाबूलाल मरांडी

एमएसपी और केंद्र का पैसा

मरांडी ने कहा कि चुनाव में ₹3200 एमएसपी का वादा करने वाली सरकार आज ₹2400 दे रही है। इसमें से भी ₹2300 केंद्र सरकार का अनुदान है और राज्य की भागीदारी मात्र ₹100 है। उन्होंने गुमला जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां फर्जी किसान बनाकर धान खरीद का मामला सदन में भी उठाया गया, लेकिन सरकार मौन साधे बैठी है।

प्रेस वार्ता में उपस्थिति

इस अवसर पर प्रदेश मंत्री सरोज सिंह और मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे। भाजपा ने मांग की है कि धान खरीद की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और वास्तविक किसानों को उनका हक दिया जाए।