एसडीओ कुमार रजत ने किया कांटाटोली–सिरमटोली प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण; निर्माण में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को दी 'डेडलाइन'

राँची, 04 फरवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के कड़े रुख के बाद कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को गति देने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में आज अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), सदर श्री कुमार रजत ने निर्माण स्थल का गहन निरीक्षण किया और कार्य की वर्तमान प्रगति का जायजा लिया।

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धरातल पर बाधाओं की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान एसडीओ कुमार रजत ने उन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जो निर्माण की गति को धीमा कर रहे हैं। उन्होंने निम्नलिखित कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की:

भवन और यूटिलिटी शिफ्टिंग: बिजली के खंभों, पाइपलाइनों और चिन्हित भवनों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।

भू-अर्जन: लंबित भू-अर्जन मामलों को लेकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

ट्रैफिक प्रबंधन: निर्माण के दौरान आम जनता को जाम से राहत दिलाने के लिए सुचारू ट्रैफिक प्लान लागू करने पर जोर दिया।

आपसी समन्वय से पूरा होगा लक्ष्य

एसडीओ ने कार्यकारी एजेंसियों और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय तालमेल की कमी के कारण कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शहर की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा करना है।

प्रशासन की सतत निगरानी

जिला प्रशासन द्वारा इस प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्माण कार्य में आने वाली किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दें, ताकि उसका त्वरित समाधान निकाला जा सके।

झारखंड का औद्योगिक कायाकल्प: ₹1.27 लाख करोड़ के निवेश से स्टील और ग्रीन एनर्जी का वैश्विक हब बनेगा राज्य"

राँची, 04 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के विजनरी नेतृत्व में झारखंड 'ग्रीन स्टील' और अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा के बाद, टाटा स्टील और नवीन जिंदल समूह सहित दुनिया के कई बड़े औद्योगिक घरानों ने झारखंड में निवेश के लिए आशय पत्र (LoI) सौंपे हैं। कुल ₹1,27,000 करोड़ के ये निवेश प्रस्ताव राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

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प्रमुख निवेश और औद्योगिक समूह

इस मेगा निवेश योजना में कई दिग्गज कंपनियों ने अपनी रुचि दिखाई है:

नवीन जिंदल समूह: ₹70,000 करोड़ का सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव।

टाटा स्टील: ₹11,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित।

उड़ीसा स्टील अलॉय: ₹25,000 करोड़ (लातेहार में स्टील और पावर सेक्टर)।

रुंगटा समूह: ₹10,300 करोड़ (सरायकेला-खरसावां में स्टील, पावर और सीमेंट)।

अमलगम स्टील: ₹4,980 करोड़ (कांड्रा, पूर्वी सिंहभूम)।

सनशाइन ग्लोबल कैपिटल (सिंगापुर): ₹3,000 करोड़ (10 मेगावाट AI डेटा सेंटर)।

अन्य: बीएमडब्लू (BMW) इंडस्ट्रीज, जय सस्पेंशन और अंबुजा सीमेंट।

रोजगार की नई क्रांति: 46,555 परिवारों को सीधा लाभ

इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से झारखंड के हुनरमंद युवाओं के लिए रोजगार का अंबार लगेगा। अनुमान के मुताबिक:

कुल प्रत्यक्ष रोजगार: 46,555 से अधिक।

उड़ीसा स्टील अलॉय: 20,000 नौकरियां।

रुंगटा समूह: 6,200 नौकरियां।

जय सस्पेंशन: 2,500 नौकरियां।

अमलगम स्टील: 3,000 नौकरियां।

'ग्रीन स्टील' और अत्याधुनिक तकनीक का युग

मुख्यमंत्री का लक्ष्य झारखंड को जीरो कार्बन उत्सर्जन वाला राज्य बनाना है। इसके लिए विश्व की सबसे उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा:

कार्बन उत्सर्जन में कमी: EASyMelt और Hisarna जैसी तकनीकों से उत्सर्जन को 50% से 80% तक कम किया जाएगा।

क्लीन एनर्जी: सोलर प्लांट और ग्रीन फील्ड न्यूक्लियर प्लांट के जरिए स्वच्छ ऊर्जा पर जोर।

हाई-टेक उत्पाद: ऑटोमोटिव और घरेलू उपकरणों के लिए जंग-रोधी 'Galvalume' और 'ZAM' कोटेड स्टील का उत्पादन होगा।

क्षेत्रीय संतुलन: लातेहार और बोकारो में औद्योगिक विस्तार

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विकास केवल औद्योगिक हब तक सीमित नहीं रहेगा। लातेहार जैसे जिले में ₹25,000 करोड़ का निवेश पिछड़ापन दूर करने में मील का पत्थर साबित होगा। वहीं, बोकारो में उन्नत कोटिंग और आदित्यपुर में ऑटोमोटिव स्प्रिंग्स के निर्माण से झारखंड 'सप्लाई चेन' का वैश्विक लीडर बनेगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिला NDC का 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल; बोले सीएम— "देश की अर्थव्यवस्था का पावरहाउस है झारखंड"


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राँची, 04 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (NDC) के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दल में भारत सहित 5 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल थे। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड की खनिज संपदा, खेल प्रतिभा, औद्योगिक विजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।

"खनिज से लेकर खेल तक, हर क्षेत्र में बेमिसाल झारखंड"

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि झारखंड न केवल प्राकृतिक संसाधनों में धनी है, बल्कि यहाँ की जनजातीय संस्कृति और परंपराएं इसे विश्व में अनोखी पहचान दिलाती हैं।

खेल का हब: मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की आधी खिलाड़ी झारखंड से हैं। महेंद्र सिंह धोनी और दीपिका कुमारी जैसे दिग्गजों का जिक्र करते हुए उन्होंने नई खेल नीति की सफलताओं को साझा किया।

अर्थव्यवस्था में योगदान: सीएम ने कहा कि रेलवे को सबसे अधिक राजस्व और देश को सबसे ज्यादा सिल्क, लाह व तसर झारखंड से ही मिलता है।

शिक्षा और उद्योग का नया विजन

मुख्यमंत्री ने 'शिक्षा' को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया:

CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस: निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों का अपग्रेडेशन।

गुरुजी क्रेडिट कार्ड: उच्च शिक्षा के लिए बिना गारंटी ₹15 लाख तक का ऋण।

औद्योगिक नीति: टाटा और HEC जैसे पुराने उद्योगों के साथ-साथ अब विश्व आर्थिक मंच (WEF) के माध्यम से नए निवेशकों को आकर्षित करने का कार्य।

झरिया की 'अंडरग्राउंड फायर' पर गंभीर चर्चा

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को धनबाद के झरिया का दौरा करने का सुझाव देते हुए कहा कि वहां दशकों से लगी भूमिगत आग (Underground Fire) एक बड़ी चुनौती है, जिसके समाधान के लिए अभी तक कोई ठोस वैश्विक मेकैनिज्म नहीं बन सका है।

सामाजिक योजनाओं की गूँज: मंईयां सम्मान योजना की सराहना

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' की विशेष रूप से सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि:

लगभग 53 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 दिए जा रहे हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सप्ताह में 6 दिन अंडा व पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है, जिससे कुपोषण के खिलाफ जंग मजबूत हुई है।

सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड देश का अग्रणी राज्य है।

नक्सलवाद और पलायन पर नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के मोर्चे पर जानकारी दी कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के धरातल पर उतरने से नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है। उन्होंने पलायन को एक चुनौती बताते हुए कहा कि कौशल विकास और स्थानीय रोजगार के जरिए इसे रोकने के प्रयास जारी हैं।

ओरमांझी चौक एनएच 20 पर फ्लाई ओवर निर्माण मोदी सरकार की बड़ी देन....आदित्य साहू

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क,परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति झारखंड की जनता की ओर से आभार प्रकट किया है।

कहा कि विगत जुलाई महीने में उनके साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश जी,प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित पत्र माननीय गडकरी जी को एनएच 20 के ओरमांझी चौक पर फ्लाईओवर निर्माण केलिए आग्रह पत्र सौंपा था।

कहा कि माननीय मंत्री जी ने इस मांग को गंभीरता से लिया और इसकी स्वीकृति प्रदान करते हुए लिखित सूचना भी दी।

कहा कि यही संवेदनशीलता मोदी सरकार को जनता से जोड़ती है, लोकप्रिय बनाती है।

उन्होंने कहा कि तीसरी बार मोदी सरकार यह जनप्रियता का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास को तेजी से धरातल पर उतार रही इसलिए सबका विश्वास भी प्राप्त कर रही है।

बाबूलाल मरांडी का आरोप: झारखंड में धान खरीद के नाम पर बड़ा घोटाला; फर्जी किसानों के जरिए हो रही लूट"

राँची: झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य में धान खरीद की धीमी प्रक्रिया और कथित भ्रष्टाचार को लेकर हेमंत सरकार को आड़े हाथों लिया है। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में श्री मरांडी ने कहा कि सरकार "गाँव की सरकार" होने का दावा तो करती है, लेकिन हकीकत में गाँवों की रीढ़ यानी 'किसान' आज सबसे ज्यादा लाचार है।

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आँकड़ों के जरिए सरकार को घेरा

मरांडी ने सरकारी आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि धान खरीद का लक्ष्य अब तक कोसों दूर है:

पंजीकृत किसान: राज्य में 2,79,000 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन मात्र 35,547 किसानों से ही धान खरीदा गया है।

खरीद का लक्ष्य: सरकार ने 60 लाख क्विंटल का लक्ष्य रखा था, लेकिन दो महीने बाद भी केवल 19,80,216 क्विंटल (लगभग एक तिहाई) की ही खरीदारी हो पाई है।

"दलालों और बिचौलियों की भरी जा रही तिजोरी"

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर धान खरीद में देरी कर रही है।

"सीमांत किसान मार्च तक धान घर में नहीं रख सकता, उसे पैसों की तुरंत जरूरत होती है। सरकार उसे ₹1500 में बिचौलियों को धान बेचने पर मजबूर कर रही है। बाद में वही बिचौलिया सरकार को धान बेचेगा और ₹2400 के एमएसपी का लाभ उठाएगा। इस लूट का हिस्सा मुख्यमंत्री की तिजोरी तक जा रहा है।" - बाबूलाल मरांडी

एमएसपी और केंद्र का पैसा

मरांडी ने कहा कि चुनाव में ₹3200 एमएसपी का वादा करने वाली सरकार आज ₹2400 दे रही है। इसमें से भी ₹2300 केंद्र सरकार का अनुदान है और राज्य की भागीदारी मात्र ₹100 है। उन्होंने गुमला जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां फर्जी किसान बनाकर धान खरीद का मामला सदन में भी उठाया गया, लेकिन सरकार मौन साधे बैठी है।

प्रेस वार्ता में उपस्थिति

इस अवसर पर प्रदेश मंत्री सरोज सिंह और मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे। भाजपा ने मांग की है कि धान खरीद की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और वास्तविक किसानों को उनका हक दिया जाए।

गढ़वा मे करणी सेना भारत परिवार द्वारा हुआ भव्य खिचड़ी वितरण :- राहुल प्रताप सिंह।

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गढ़वा :- गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित करणी सेना भारत परिवार के द्वारा भव्य खिचड़ी वितरण कार्यकर्ताओं की अध्यक्षता में रंका मोड घंटा घर हनुमान जी मंदिर के पास खिचड़ी प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। वहीं जिसमे झारखंड राज्य प्रभारी श्री राहुल प्रताप सिंह के नेतृत्व में व युवा जिला अध्यक्ष शुभम सिंह व जिले की समस्त टीम के कार्यकर्ताओं की अध्यक्षता मे जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित झारखंड प्रभारी राहुल प्रताप सिंह जी ने कहा की संगठन का उद्देश्य प्रत्येक समुदाय,धर्म,समाज के समस्त असहाय और निर्धन परिवार का सहयोग और सेवा करना है।

वहीं शुभम सिंह ने कहा कि हम तन मन धन के साथ गढ़वा के प्रत्येक समस्या के साथ अपना सहयोग देते हुए उसका निराकरण कराने का प्रयास करेंगे।

करणी सेना भारत परिवार आने वाले समय में प्रभारी महोदय के नेतृत्व में ऐसे ही कार्य करती रहेगी।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कार्यकर्ता भाई डॉक्टर देवेंद्र जी, शिवम जी, विशाल जी, प्रियांशु जी, रोहित जी, लक्की जी, मनीष जी, वैभव जी, गौतम जी, अयूब आदि लोग उपस्थित थे।

दो दिवसीय बसंतोत्सव मेला हर्षोल्लास के साथ संपन्न, सांस्कृतिक रंगों में रंगा पीवीयूएनएल परिसर

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पीवीयूएनएल द्वारा आयोजित दो दिवसीय बसंतोत्सव मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मेले के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक (पावर) श्री तजिंदर गुप्ता, बीएचईएल उपस्थित रहे। उनका स्वागत श्री ए.के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल एवं महाप्रबंधकों द्वारा किया गया। इस अवसर पर पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण इंटर हाउस सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, जिसमें कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नृत्य, संगीत और रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और सभी को मनोरंजन से भर दिया। कार्यक्रम ने आपसी सौहार्द और पारिवारिक सहभागिता को और मजबूत किया।

समापन सत्र में लकी ड्रॉ के अंतर्गत लॉटरी टिकट पुरस्कारों का वितरण किया गया, जिसने प्रतिभागियों में खासा उत्साह पैदा किया। यह बसंतोत्सव मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि संगठनात्मक एकता और सामाजिक जुड़ाव को भी सशक्त करने वाला आयोजन सिद्ध हुआ।

खिजुरिया में मुख्यमंत्री का जनता दरबार: दुमका वासियों की समस्याएं सुनीं, मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश"

खिजुरिया (दुमका), 03 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज दुमका के खिजुरिया स्थित अपने आवास पर विभिन्न क्षेत्रों से आए आम नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 'जनता दरबार' की तर्ज पर एक-एक कर लोगों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

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"गांव की सरकार, आपके द्वार"

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वर्तमान सरकार मूल रूप से "गांव की सरकार" है। उन्होंने कहा:

"हमारी सरकार आम जनता की समस्याओं के निस्तारण हेतु निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति को सीधा लाभ पहुँचाना है।"

योजनाओं का लाभ लेने की अपील

मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, जैसे— अबुआ आवास, मंईयां सम्मान योजना और सर्वजन पेंशन योजना के प्रति जागरूक बनें। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं का लाभ अवश्य उठाना चाहिए।

जनता ने जताया आभार

मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की सराहना की। लोगों ने राज्य सरकार की नीतियों और विकास कार्यों के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया।

झारखंड बोर्ड परीक्षा 2026: 7.48 लाख परीक्षार्थियों के भविष्य का फैसला आज से; कदाचार रोकने के लिए 1989 केंद्रों पर 'किलो-बंंदी'

राँची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित मैट्रिक और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाएं आज, 3 फरवरी से शुरू हो गईं। राज्यभर के 1989 केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों की गहमागहमी देखी गई। प्रशासन ने "कदाचार मुक्त परीक्षा" सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी निगरानी और पुलिस बल की अभूतपूर्व तैनाती की है।

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परीक्षा का सांख्यिकीय विवरण

इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार:

कुल परीक्षार्थी: 7,48,182

मैट्रिक (10वीं): 4,23,861 छात्र (1232 केंद्र)

इंटरमीडिएट (12वीं): 3,24,321 छात्र (757 केंद्र)

इंटरमीडिएट संकायवार विवरण:

कला (Arts): 2,12,547

विज्ञान (Science): 90,579

वाणिज्य (Commerce): 21,195

जिलों की स्थिति: गिरिडीह फिर अव्वल

मैट्रिक और इंटर, दोनों ही परीक्षाओं में गिरिडीह जिला सबसे अधिक परीक्षार्थियों (40,827) के साथ शीर्ष पर है। वहीं, खूंटी जिला सबसे कम परीक्षार्थियों (6,097) वाला जिला बना है।

सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जैक ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है:

सीसीटीवी निगरानी: सभी 1989 केंद्रों के कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

मजिस्ट्रेट की तैनाती: केंद्रों पर स्टैटिक दंडाधिकारी और पुलिस बल मुस्तैद हैं।

कोषागार से सीधी निगरानी: प्रश्न-पत्रों के निकालने से लेकर वितरण तक की वीडियोग्राफी और प्रशासनिक निगरानी की जा रही है।

15 मिनट अतिरिक्त समय: परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र पढ़ने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा रहा है।

परीक्षा समय-सारणी (शिड्यूल)

परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जा रही हैं:

प्रथम पाली (मैट्रिक): सुबह 9:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक।

द्वितीय पाली (इंटर): दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक।

रांची: मैट्रिक परीक्षा को लेकर 75 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू; 200 मीटर की परिधि में 5 से अधिक व्यक्तियों के जुटने पर पाबंदी

रांची, 02 फरवरी 2026: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित माध्यमिक वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल और कदाचार मुक्त संचालन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। रांची के विभिन्न 75 परीक्षा केंद्रों के आसपास विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO), सदर द्वारा BNSS की धारा-163 (पूर्व में धारा-144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

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परीक्षा की समय-सारणी और सुरक्षा घेरा

यह निषेधाज्ञा 03 फरवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में प्रतिदिन सुबह 06:45 बजे से रात 08:20 बजे तक यह आदेश लागू रहेगा। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध:

निषेधाज्ञा के दौरान परीक्षा केंद्रों के पास निम्नलिखित कार्यों पर रोक रहेगी:

भीड़ पर रोक: 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना वर्जित है (सरकारी कर्मियों और शवयात्रा को छोड़कर)।

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र (Loudspeaker) का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

हथियार ले जाने पर रोक: लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, रिवॉल्वर, बम-बारूद) लेकर चलने पर प्रतिबंध है।

सभा पर रोक: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।

छात्रों और अभिभावकों से अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को तनावमुक्त माहौल देने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।