ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के एमओयू पर सीएम धामी की सख्ती
* 3.57 लाख करोड़ के निवेश में 1.06 लाख करोड़ की ग्राउंडिंग, अवरोध हटाकर फास्ट-ट्रैक क्रियान्वयन के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में दिसंबर 2023 में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत हस्ताक्षरित एमओयू और उनकी ग्राउंडिंग की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निवेश परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अवरोधों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि समिट के दौरान कुल 3,57,693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू साइन किए गए थे, जिनमें से अब तक 1,06,953 करोड़ रुपये के एमओयू की सफलतापूर्वक ग्राउंडिंग हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह निवेशकों के बढ़ते विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है।

सीएम धामी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि एमओयू क्रियान्वयन में आने वाली हर बाधा का तुरंत समाधान किया जाए। प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर एमओयू की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। यदि किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण या शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसके प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर आगे बढ़ाए जाएं। साथ ही उद्योगपतियों से नियमित संवाद बढ़ाने और उन्हें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण तथा सरलीकृत प्रक्रियाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाएं स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार पूरी हों और किसी प्रकार की पेंडेंसी न रहे। उन्होंने कुछ विभागों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना भी की। पर्यटन विभाग को निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। विभाग ने जानकारी दी कि स्पेशल टूरिस्ट जोन के लिए एरिया-बेस्ड फोकस पॉलिसी पर काम चल रहा है।

उद्योगों को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में हर महीने ‘उद्योग मित्र समिति’ की बैठक आयोजित की जाए, ताकि उद्योगों से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान हो सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी, हिंदू स्टडीज सेंटर, प्राच्य शोध केंद्र, स्पिरिचुअल जोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर निर्माण और आयुर्वेद एम्स जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक को 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की सफलता को जमीनी हकीकत में बदलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि शेष एमओयू भी शीघ्र क्रियान्वित हों, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिले।
हरिद्वार में 4 से 6 फरवरी तक स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में तीन दिवसीय समारोह
* राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ सहित संत-समाज और राजनीतिक जगत की कई दिग्गज हस्तियां होंगी शामिल

हरिद्वार। भारत माता मंदिर के संस्थापक एवं पद्मविभूषण से सम्मानित ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में हरिद्वार में 4 से 6 फरवरी तक तीन दिवसीय विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। उत्तरी हरिद्वार में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से संत-महात्मा, धर्माचार्य और राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

जूना पीठाधीश्वर एवं भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 फरवरी को समारोह का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की गरिमामयी उपस्थिति में होगा। इस दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा सायंकाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या में प्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण और प्रख्यात भजन गायक सुजीत ओझा प्रस्तुति देंगे।

5 फरवरी को धर्मसभा और संत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार सहित अनेक संत-महात्मा और धर्माचार्य भाग लेंगे। शाम को आयोजित भजन संध्या में बनारस घराने की प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा अपनी मधुर प्रस्तुति देंगी।

6 फरवरी को ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की समाधि स्थल पर उनकी विग्रह मूर्ति की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।

स्वामी अवधेशानंद गिरी ने बताया कि भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट की ओर से समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी के डॉ. अनुज सिंघल और डॉ. तारा सिंघल को संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा।

महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद ने स्वामी विवेकानंद और आद्य शंकराचार्य के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपना संपूर्ण जीवन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित किया। शंकराचार्य पद से त्यागपत्र देना उनके त्याग और तपस्या का अद्वितीय उदाहरण है। ऐसे महापुरुष का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
देहरादून युवती हत्याकांड में पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, चौकी प्रभारी निलंबित
* SSP अजय सिंह की सख्त कार्रवाई, शिकायत के बावजूद नहीं हुई थी कोई ठोस पहल

देहरादून। राजधानी देहरादून के मच्छी बाजार में दिनदहाड़े युवती की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई है। प्रथम दृष्टया चौकी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रद्युमन नेगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कोतवाली नगर क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज हत्या की प्राथमिक जांच सीओ सिटी को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि चौकी प्रभारी द्वारा मृतका की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते यह दर्दनाक घटना घटित हुई।

मृतका गुंजन ने 31 जनवरी को खुड़बुड़ा चौकी में आरोपी के खिलाफ जान से मारने की धमकी और पीछा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का आरोप है कि आरोपी लगातार युवती को परेशान कर रहा था और तीन दिन पहले उसने एक अन्य व्यक्ति से यह भी कहा था कि वह गुंजन की हत्या कर देगा। इसके बावजूद पुलिस ने न तो आरोपी से पूछताछ की और न ही कोई रोकथाम की कार्रवाई की।

परिजनों के अनुसार मृतका गुंजन और आरोपी आकाश पिछले तीन वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। गुंजन दूल्हा बाजार स्थित एक कपड़ों की दुकान में काम करती थी, जबकि आरोपी भी उसी बाजार की एक अन्य दुकान में कार्यरत था। आरोपी शादीशुदा था और गुंजन पर लगातार दबाव बना रहा था। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, वह पूर्व में चोरी के मामले में जेल जा चुका है।

घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आकाश (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार युवती के कारण आरोपी के घर में पारिवारिक कलह चल रही थी, जिससे वह मानसिक तनाव में था। युवती द्वारा पुलिस में शिकायत किए जाने के बाद उसका आक्रोश और बढ़ गया और उसने बीच बाजार हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया।
ऋषिकेश: पहले प्रेम फिर हत्या, आरोपी सुरेश यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार
ऋषिकेश (उत्तराखंड)। शिवाजी नगर में किराए के मकान में रह रही एक महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सुरेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के छुटमलपुर क्षेत्र से पकड़ा गया। वारदात के बाद से फरार सुरेश लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और मोबाइल फोन बंद रखे हुए था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और कड़ी मशक्कत के बाद उसे दबोच लिया गया।

घटना 31 जनवरी 2026 की रात करीब 9:30 बजे शिवाजी नगर गली नंबर 11 में हुई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो महिला घर के भीतर फर्श पर लहूलुहान अवस्था में पड़ी मिली। हमलावर वारदात के बाद फरार हो गया था। मृतका के पिता बच्चन सिंह रावत की तहरीर पर कोतवाली ऋषिकेश में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि महिला का कुछ वर्ष पहले अपने पति से तलाक हो चुका था। कोरोना काल में वह ऋषिकेश में एक दुकान पर काम करने आई थी, जहां उसकी मुलाकात सुरेश गुप्ता से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और सुरेश का महिला के घर आना-जाना बढ़ गया। इस रिश्ते की जानकारी सुरेश की पत्नी को होने पर पारिवारिक विवाद शुरू हो गया।

बताया गया कि करीब चार महीने पहले सुरेश ने अपनी पत्नी से आपसी सहमति से तलाक लिया और महिला से शादी की तैयारी करने लगा। महिला और उसके परिजनों ने शादी के लिए ऋषिकेश में संपत्ति खरीदने की शर्त रखी। इसके लिए सुरेश ने लक्सर स्थित अपनी पैतृक जमीन 35 लाख रुपये में बेच दी, लेकिन मनपसंद संपत्ति न मिल पाने से दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया। पुलिस के अनुसार इसी तनाव, मनमुटाव और अवसाद के चलते आरोपी ने महिला की हत्या कर दी।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि सुरेश पहले से ही धमकियां दे रहा था और इस संबंध में एम्स चौकी में तहरीर भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मृतका की बहन ने बताया कि इससे पहले सुरेश ने गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की थी, जिसके बाद महिला को एम्स में भर्ती कराना पड़ा था। बहन का यह भी आरोप है कि सुरेश ने बबलू नामक व्यक्ति के माध्यम से धमकी भरे संदेश और शादी का दबाव बनाया था।

ऋषिकेश कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि आरोपी को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा और हत्या के वास्तविक कारणों को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। फिलहाल प्रेम प्रसंग और संपत्ति विवाद को हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है।

इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि यदि पहले ही पुलिस कार्रवाई होती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
उत्तराखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 68 लाख की ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी का भंडाफोड़, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार
देहरादून/रामनगर। उत्तराखंड पुलिस ने साइबर अपराध और पारंपरिक ठगी के दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक ओर जहां एसटीएफ और साइबर क्राइम यूनिट ने 85 वर्षीय बुजुर्ग से 68 लाख रुपये की ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी का खुलासा किया है, वहीं दूसरी ओर रामनगर पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी कर तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि देहरादून निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग को व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी दी। आरोपियों ने कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है और इसी बहाने डराकर उनसे कुल 68 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

पीड़ित की शिकायत पर एसटीएफ और साइबर क्राइम यूनिट ने संयुक्त जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों की पड़ताल में भभूताराम निवासी बाड़मेर (राजस्थान) का नाम सामने आया। राजस्थान पुलिस और स्थानीय मुखबिरों की मदद से एसटीएफ टीम ने बाड़मेर जिले के चौहटन क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

एसएसपी नवनीत सिंह ने आम जनता से अपील की कि किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाली वीडियो कॉल या फोन कॉल पर भरोसा न करें और न ही अपनी निजी जानकारी या दस्तावेज साझा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीआई, ईडी या कोई भी सरकारी एजेंसी ऑनलाइन या फोन के माध्यम से ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती। ऐसी किसी भी धमकी की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में दें।

दूसरा मामला नैनीताल जिले के रामनगर का है, जहां कोतवाली पुलिस ने तीन साल से फरार चल रहे आरोपी अतिकुर रहमान निवासी ठाकुरद्वारा (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। पीड़ित हैदर अली निवासी मोहल्ला खताड़ी, रामनगर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि अयूब अंसारी, अतिकुर रहमान और एक अन्य व्यक्ति ने मिलकर विदेश भेजने के नाम पर उससे 1 लाख 33 हजार रुपये ठग लिए।

कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने पहले अयूब अंसारी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अतिकुर रहमान लगातार फरार चल रहा था। उपनिरीक्षक तारा सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कई बार दबिश दी और कोर्ट से वारंट भी जारी कराया, लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा देता रहा। हाल ही में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

सीओ सुमित पांडे ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार था, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इन दोनों मामलों का खुलासा उत्तराखंड पुलिस की सतर्कता और साइबर व पारंपरिक अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई को दर्शाता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की ठगी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और सतर्क रहें।
साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति में सीएटल में तिरंगा फहरा, गणतंत्र दिवस का भव्य उत्सव”

वाणिज्य दूतावास में नए कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर का उद्घाटन

कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से फहराया तिंरगा

अत्यधिक सर्दी का मौसम होने के बाद भी अद्भुत उत्साह से मनाया गणतंत्र दिवस

भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना: साध्वी भगवती सरस्वती


ऋषिकेश। अमेरिका के सीएटल शहर में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस गरिमा, उल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त आध्यात्मिक नेता साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने समारोह को विशेष ऊँचाई दी। उनका संदेश भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और वैश्विक मानवता के मूल्यों का प्रतीक बना। समारोह की शुरुआत फेडरल रिज़र्व भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। अत्यधिक ठंड के बावजूद, 300 से अधिक भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर की छत से भारतीय तिरंगा फहराया गया, जो पैसिफिक ओशन से भी दिखाई देता है। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, “भारत केवल एक भू-भाग नहीं, यह एक जीवंत चेतना है।

भारतीय संविधान केवल कागज़ का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि उन ऋषियों की दृष्टि का आधुनिक स्वरूप है जिन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को विश्व के सामने रखा।” उन्होंने तिरंगे को त्याग, शांति और साहस का प्रतीक बताते हुए भारतीय संस्कृति और मूल्यों का वैश्विक महत्व रेखांकित किया। सीएटल की मेयर  केटी विल्सन, भारतीय काउंसल जनरल  प्रकाश गुप्ता, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। मेयर विल्सन ने भारत और सीएटल के बीच दीर्घकालिक संबंधों और सहयोग को रेखांकित किया। इस अवसर पर इंडिया कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। यह सेंटर अब वाणिज्य दूतावास के साथ सह-स्थित है और क्षेत्र में बढ़ते भारतीय समुदाय को सुलभ, बेहतर और सशक्त कांसुलर सेवाएँ प्रदान करेगा। गणतंत्र दिवस के सम्मान में वॉशिंगटन स्टेट सीनेट ने विशेष सत्र आयोजित किया और प्रस्ताव संख्या 8674 पारित कर भारत की लोकतांत्रिक विरासत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को औपचारिक रूप से सम्मानित किया।

यह प्रस्ताव भारतीय-अमेरिकी स्टेट सीनेटर मंका ढींगरा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि भारतीय मूल की स्टेट सीनेटर वंदना स्लेटर ने इसका समर्थन किया। प्रस्ताव में भारतीय समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक भूमिका को विशेष रूप से स्वीकार किया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र, विविधता, आपसी सम्मान और साझी मानवता के मूल्यों का उत्सव मनाया। साध्वी भगवती सरस्वती जी की उपस्थिति ने इस आयोजन को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक चेतना से युक्त वैश्विक संवाद में बदल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की आत्मा उसके संविधान, लोकतंत्र और आध्यात्मिक मूल्यों में निहित है, जो आज संपूर्ण विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन केवल भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव नहीं था, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और मूल्यों का गौरवपूर्ण प्रस्तुतीकरण भी साबित हुआ।
प्रयागराज शंकराचार्य विवाद: अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में कांग्रेस का मौन उपवास, खटीमा में प्रदर्शन
खटीमा, उत्तराखंड। मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके समर्थकों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कथित अभद्रता का मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है। इस प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने भाजपा शासित उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हिंदू धर्म का अपमान बताया है।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में कांग्रेस ने प्रदेशभर में मौन उपवास का आयोजन किया। इसी क्रम में उधम सिंह नगर जिले के खटीमा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चौक के समीप दो घंटे का मौन उपवास रखकर विरोध दर्ज कराया।

खटीमा विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चौक स्थित शनि मंदिर प्रांगण में एकत्र हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर प्रयागराज में साधु-संतों और बटुकों को स्नान से रोका गया तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जो अत्यंत निंदनीय और हिंदू धर्म की मर्यादाओं के विरुद्ध है।

मौन उपवास के बाद विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि हिंदू धर्म की रक्षा का दावा करने वाली भाजपा सरकारों की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी, साधु-संतों और बटुकों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई अभद्रता के विरोध में कांग्रेस ने यह मौन व्रत रखा है और भविष्य में भी इस मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाया जाएगा।
उत्तराखंड : देहरादून में पार्षद के बेटे पर कुत्ते छोड़ने का आरोप, छह लोगों पर मुकदमा
देहरादून। राजधानी देहरादून के थाना रायपुर क्षेत्र में एक पार्षद के पांच वर्षीय बेटे पर कुत्तों से हमला कराए जाने का मामला सामने आया है। घटना सहस्त्रधारा रोड स्थित खुदानेवाला क्षेत्र की है। इस प्रकरण में पुलिस ने चार महिलाओं और दो पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

खुदानेवाला सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से पार्षद संजीत कुमार बंसल ने थाना रायपुर में दी गई शिकायत में बताया कि 19 जनवरी की शाम उनकी पत्नी अपने पांच साल के बेटे को माता वाला पार्क के पास टहला रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद चार महिलाएं और दो पुरुष अपने दो पालतू कुत्तों को घुमा रहे थे। आरोप है कि कुत्ते बच्चों पर भौंकने लगे, जिस पर उनकी पत्नी ने सार्वजनिक स्थान पर कुत्ते घुमाने को लेकर आपत्ति जताई।

बताया गया कि इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने बच्चे पर कुत्ते छोड़ दिए। हालांकि इस घटना में बच्चे को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। सूचना मिलने पर पार्षद संजीत कुमार बंसल मौके पर पहुंचे, जहां उनके साथ भी गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का आरोप है।

थाना रायपुर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि जांच में कुत्ते के काटने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन गाली-गलौज और मारपीट के आरोप सही पाए गए हैं। इसी आधार पर अज्ञात चार महिलाओं और दो पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

उधर, नगर निगम द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्तों को घुमाने के नियमों के सख्त पालन के दावे किए जा रहे हैं। इसके बावजूद शहर में कुत्तों को लेकर विवाद और हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल के दिनों में पटेल नगर और राजपुर रोड क्षेत्र में भी ऐसी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे आम लोगों में दहशत और नाराजगी का माहौल है।
अतिक्रमण नोटिस से नाराज विधायक अरविंद पांडे, दिग्गज भाजपा नेताओं की मुलाकात से नए सियासी समीकरणों की अटकलें तेज
देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के कद्दावर नेता, गदरपुर विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे इन दिनों भूमि अतिक्रमण विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। बाजपुर क्षेत्र के विचपुरी गांव की 68 वर्षीय महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और प्रशासन की ओर से उनके आवास स्थित कथित कैंप कार्यालय पर अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई से अरविंद पांडे खासे नाराज बताए जा रहे हैं, जबकि उनके समर्थकों में भी भारी आक्रोश है।

महिला ने उपजिलाधिकारी को दी शिकायत में अरविंद पांडे पर लीज से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा करने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। वहीं अरविंद पांडे ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसी बीच उनके आवास पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा होने से मामला और तूल पकड़ गया है।

राजनीतिक हलचल उस समय और तेज हो गई जब भाजपा के चार वरिष्ठ नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक और डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल—की अरविंद पांडे से मुलाकात की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के बाद तय हुई है और लगभग एक घंटे तक चल सकती है। त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा अपने कार्यक्रम को सार्वजनिक किए जाने के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात सामान्य नहीं है। एक धड़ा इसे पार्टी के भीतर नाराज चल रहे विधायक को साधने की कोशिश मान रहा है, तो वहीं कुछ इसे धामी सरकार पर दबाव और संभावित गुटबाजी के संकेत के रूप में देख रहे हैं। बीते महीनों में अंकिता भंडारी हत्याकांड, किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या और अन्य मामलों को लेकर अरविंद पांडे सरकार के खिलाफ खुलकर बोलते नजर आए हैं और कई मुद्दों पर सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं।

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही राजस्व विभाग ने भूमि अतिक्रमण के मामले में अरविंद पांडे को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है, जबकि प्रशासन इसे नियमित प्रक्रिया बता रहा है।

अरविंद पांडे उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में शुमार हैं। वर्ष 1997 में वह सबसे कम उम्र के नगर पालिका अध्यक्ष बने थे और अब तक पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। त्रिवेंद्र रावत सरकार में वह शिक्षा, खेल, युवा कल्याण और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2022 में लगातार पांचवीं बार विधायक बनने के बावजूद उन्हें धामी मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जिसके बाद से उनकी नाराजगी की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।

अब सवाल यह है कि भाजपा के दिग्गज नेताओं की यह प्रस्तावित मुलाकात केवल संगठनात्मक संवाद तक सीमित रहेगी या उत्तराखंड की राजनीति में किसी नए सियासी समीकरण की नींव रखेगी—इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
उत्तराखंड : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हरिद्वार में जोरदार प्रदर्शन, पूर्व मेयर के पति ने कराया मुंडन