आयुष्मान कार्ड : अब प्रतिदिन सीएचओ बनाएंगे 25-25 कार्ड

*जनपद में 30489 कार्ड बनाने का है लक्ष्य,अब तक 15978 कार्ड 70 साल के बुजुर्ग का बना*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अब जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) प्रतिदिन वरिष्ठ नागरिकों का 25-25 आयुष्मान कार्ड बनाएंगे। काम की प्रगति ठीक नहीं होने पर स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल की है। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी। जिले में 110 सीएचओ तैनात हैं। 70 साल से अधिक 30 हजार 489 वरिष्ठ नागरिकों (बुजुर्गों) की संख्या है। इसके सापेक्ष अब तक 15978 आयुष्मान कार्ड बने हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निजी अस्पतालों में पांच लाख तक निशुल्क उपचार की सुविधा के लिए सरकार ने आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी है। आठ महीने पहले 70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनाने का निर्देश शासन ने दिया है।

इसके लिए जिले को 30 हजार 489 का लक्ष्य मिला, लेकिन विभागीय उदासीनता से आंकड़ा 50 फीसदी तक ही पहुंच सका। पूर्व में मन मुताबिक ड्यूटी करने वाले सीएचओ पर विभाग की सख्ती बढ़ गई है। अभी तक इनके द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए निरंतर ढिलाई बरती जा रही थी।

कभी एक कार्ड, तो कभी दो कार्ड बनाते थे। जो लाभार्थी केंद्र पर आ जाए, उन्हीं के कार्ड बनाने में रूचि रखी जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा, रोजाना सीएचओ को 25-25 आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनाना होगा। यदि लाभार्थी को केंद्र तक लाने में आशाकर्मी उदासीनता बरतती हैं तो उनपर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सीएचओ कितने कार्ड एक दिन में बना रहे हैं, रोजाना इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। यह निर्देश बीते दिनों स्वास्थ्य समिति की बैठक में दी गई। जिले में करीब 30489 बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है। 15978 लोगों का कार्ड बना है। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि कार्ड बनवाने में आधार लिंक की सबसे बड़ी दिक्कते सामने आ रही है। लाभार्थी के आधार कार्ड से दूसरा नंबर लिंक है। जो नंबर लाभार्थी लेकर आते हैं, उस पर ओटीपी आती नहीं है। बिना ओपीटी के कार्ड नहीं बनता है। इससे बड़ी दिक्कते होती है।

2027 में होगी जनगणना: डीएम


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। डीएम शैलेश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। डीएम ने बताया कि भारत में जनगणना हर दस वर्षों में होती है। आगामी जनगणना 2027 में होगी।

देश में 1872 से चली आ रही निर्बाध परंपरा में यह 16 वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी। यह गांव,शहर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक डेटा का एकमात्र स्रोत है। बताया कि पहले चरण में म‌ई - जून 2026 में 30 दिनों तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना होगी। दूसरे चरण में जनसंख्या और जाति की गणना नौ से 28 फरवरी 2027 में होगी। पहली बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल मोड में होगी। जिसमें स्व- गणना का भी प्रावधान होगा। इसके अतिरिक्त, दूसरे चरण में हर व्यक्ति की जाति से संबंधित डेटा भी एकत्र किया जाएगा।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने किया 900 कंबलों का वितरण, बजट को बताया जनहितकारी
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक विपुल दुबे ने ठंड से राहत देने के उद्देश्य से 900 जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कंबल वितरण के दौरान विधायक विपुल दुबे ने केंद्र व प्रदेश सरकार के बजट पर चर्चा करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से विकास को गति मिलेगी और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचेगा।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेताओं ने विधायक के इस जनसेवी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से जरूरतमंदों को सीधी राहत मिलती है और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का संदेश जन-जन तक पहुंचता है।
86 ग्राम पंचायतों में बनेंगे स्वच्छता मार्ट, खर्च होंगे 77.40 लाख रुपये
स्वरित आवाज


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में निर्मित सामुदायिक शौचालयों के संचालन का जिम्मा संभाल रहीं समूह की महिलाएं (केयर टेकरों) की आमदनी बढ़ेगी। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की ओर से नवाचार के तहत विशेष पहल शुरू की गई है। अब सामुदायिक शौचालयों के पास स्वच्छता प्रतिष्ठान-सेनेटरी मार्ट का निर्माण कराया जाएगा। प्रथम चरण में 86 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता प्रतिष्ठान के निर्माण की योजना तैयार की गई है। लगभग 90 हजार रुपये की दर से इस पर 77.40 लाख रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के सभी 546 ग्राम पंचायतों में कहीं एक तो कहीं दो सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। शौचालयों के संचालन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला समूहों से जुड़ी महिलाओं को केयर टेकर के रूप में तैनात करते हुए दी गई है। जिन्हें प्रति माह छह हजार रुपये की दर से मानदेय का भुगतान किया जाता है।
केयर टेकरों की आमदनी बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी ने स्वच्छता प्रतिष्ठान का निर्माण कराकर केयर टेकरों को सौंपने के लिए नई पहल की गई है। इसमें वह स्वच्छता से संबंधी सामग्री रखकर उसकी बिक्री कर अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं। पहले चरण में 86 ग्राम पंचायतों में यह सफल हुआ तो अन्य गांव में भी इसकी शुरुआत की जाएगी।जिलाधिकारी की विशेष पहल के तहत ग्राम पंचायतों में स्वच्छता मार्ट का निर्माण होगा। प्रथम चरण में 86 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जहां निर्माण कराया जाएगा। ग्राम पंचायत को निधि से यह निर्माण कार्य कराया जाएगा।

संजय कुमार मिश्र,जिला पंचायत राज अधिकारी
11 पीएमश्री सहित 28 स्कूलों में होगी डेस्क-बेंच की खरीद
स्वरित आवाज


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 11 पीएमश्री और 17 पूर्व माध्यमिक, कंपोजिट विद्यालय सहित 28 विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए डेस्क-बेंच की खरीद की जाएगी। इन विद्यालयों के बच्चों को अब जल्द ही टाटपट्टी से मुक्ति मिलेगी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत फर्नीचर की खरीद की जाएगी। विभागीय स्तर से फर्नीचर खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें एक लाख 45 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। परिषदीय विद्यालयों को नर्सरी और कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर सुविधा संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है। वहीं, बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई न करनी पड़े विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके तहत समग्र शिक्षा के तहत 17 पूर्व माध्यमिक, कंपोजिट विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के लिए 412 डेस्क-बेंच एवं 11 पीएमश्री विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए 334 डेस्क बेंच की खरीद के लिए स्वीकृति दी गई है। अब तक करीब 500 विद्यालयों में पहले ही डेस्क-बेंच की खरीद की जा चुकी है। नई खेप मिलने से 200 से 250 विद्यालय ही शेष बचेंगे। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि डेस्क बेंच के खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बोर्ड परीक्षा : 97 केंद्रों पर होंगी प्रायोगिक परीक्षाएं

*माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जारी की सूची, विभाग ने शुरू की तैयारी*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में दो से नौ फरवरी तक होने वाली इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा 97 केंद्रों पर होगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बुधवार की शाम को केंद्रों की सूची जारी कर दी। सूची आते ही शिक्षा विभाग प्रायोगिक परीक्षा कराने की तैयारी में जुट गया है। 20 से कम विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी वाले विद्यालयों को केंद्र नहीं बनाया गया है। परीक्षा कराने के लिए एक फरवरी तक परीक्षक भी जिले में आ जाएंगे। जिले में 18 फरवरी से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा होगी। उसके पहले प्रायोगिक परीक्षा कराई जानी है। पहले चरण में पश्चिम यूपी के जिले में परीक्षा चल रही है जबकि दूसरे चरण में भदोही समेत पूर्वांचल के दूसरे जिले में परीक्षाएं होंगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा के लिए 97 विद्यालयों को केंद्र बनाया है। विज्ञान की मान्यता लेने वाले विद्यालय ही केंद्र बनाए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि इस बार 20 से कम विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी वाले विद्यालयों को केंद्र नहीं बनाया गया है। उन स्कूल के छात्र-छात्राओं का आसपास के विद्यालयों में सेंटर जाएगा। प्रायोगिक परीक्षा में करीब 18 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में परीक्षा होगी। परीक्षा की निगरानी के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट को नामित किया जा रहा है। तिथि निर्धारण होते ही डीआईओएस कार्यालय में गहमागहमी बढ़ गई है। जिन स्कूलों को विज्ञान वर्ग की मान्यता नहीं है। वह छात्र-छात्राओं की संख्या की सूची कार्यालय में जमा करने के लिए पहुंच रहे हैं। डीआईओएस ने बताया कि पहली बार प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष, प्रयोगशाला और मूल्यांकन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे कार्यशील स्थिति में रहेंगे। उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी। इससे जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। इसके अलावा परीक्षार्थियों की उपस्थिति, प्रश्नपत्र वितरण, मूल्यांकन प्रक्रिया और अंक अपलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया का विधिवत रिकॉर्ड रखा जाएगा।
एनओसी के फेर में फंसा अस्पताल का फायर हाइड्रेंट सिस्टम


*आग से बचाव के लिए जिला अस्पताल ज्ञानपुर में लगा है उपकरण,1.20 करोड़ का है प्रोजेक्ट*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में दो साल पहले शुरू हुआ फायर हाइड्रेंड सिस्टम का काम अब 98 फीसदी पूरा हो चुका है। अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण फायर हाइड्रेंड सिस्टम का संचालन शुरू नहीं हो सका है। यह 1.20 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। अस्पताल परिसर में धुंआ उठते ही सेंसर आवाज करने लगेगा, इससे समय रहते आग पर काबू पाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षित किया जाएगा। देश के कई अस्पतालों में अगलगी की घटनाओं में मरीजों की मौत हो चुकी है। शासन के निर्देश पर अस्पतालों में बचाव के लिए पहल की जा रही है। जिला अस्पताल में लगने वाले फायर हाइड्रेंड सिस्टम से जिला अस्पताल के हर बिल्डिंग को जोड़ा गया है। ओपीडी भवन, इमरजेंसी, ब्लड बैंक, एनआरसी, लेबर कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, लैब, एक्स-रे कक्ष आदि स्थानों कहीं भी धुआं उठते ही सेंसर आवाज करने लगेगा। सायरन बजते ही स्वास्थ्य कर्मी अलर्ट मोड़ में होगे। फायर सिस्टम चालू करने पर पाइप के माध्यम से पानी के फुहारे आग की लपटों पर गिरेगी। इससे आग पर तुंरत काबू पाया जाएगा। अस्पताल में रोजाना एक हजार की ओपीडी होती है। वहीं, तीन से चार हजार मरीजों की भीड़ रहती है। जनवरी 2024 में फायर हाइड्रेंट सिस्टम कार्य शुरू हुआ था। जून 2025 हैंडओवर की अंतिम डेड लाइन थी। शासन से बजट समय से नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने हैंडओवर की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 कर दिया। इस डेडलाइन से पहले ही फायर सिस्टम बनकर तैयार हो गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने जिला अस्पताल का निरीक्षण भी कर लिया हैं, लेकिन अभी तक एनओसी नहीं मिली। इससे कार्यदायी संस्था ने प्रोजेक्ट को हैंडओवर नहीं किया।


छह स्वास्थ्यकर्मी होंगे प्रशिक्षित
फायर हाईड्रेंड सिस्टम को संचालित करने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से जिला अस्पताल के छह चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। आगजनी की घटना के बाद कैसे आग पर काबू पाया जाएगा। कर्मचारियों को अस्पताल में ट्रेंनिग दी जाएगी। इस दौरान पूरे सिस्टम को ऑन करके दिखाया जाएगा। आग कैसे बुझानी है, इसके बारे में बताया जाएगा। एक लाख लीटर पानी हमेशा संरक्षित रहेगा। इसके लिए टंकी का निर्माण कराया गया है।


सीएफओ ने फायर हाइड्रेंट सिस्टम के लिए अस्पताल का निरीक्षण किया है। अग्निशमन से एनओसी जारी होते ही हैंडओवर लिया जाएगा। आगजनी की घटना में यह प्रभावशाली होगा। - डॉ. अजय तिवारी सीएमएस जिला अस्पताल
98 कॉलेजों के 188 शिक्षक बनाए गए परीक्षक


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। इसमें 98 कॉलेजों के 188 शिक्षकों को बतौर परीक्षक बनाया गया है। सभी को पहले चरण की चल रही परीक्षा कराने के लिए भेजा गया है। स्कूलों में परीक्षा कराने के बाद सभी शिक्षक दो फरवरी तक जिले में आ जाएंगे। यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। उसके पहले परिषद की ओर से प्रायोगिक परीक्षा कराई जा रही है। दो चरण में होने वाली परीक्षा का पहला चरण 24 जनवरी से एक फरवरी जबकि दूसरा चरण दो फरवरी से नौ फरवरी तक चलेगी। परिषद की ओर से परीक्षा को कराने के लिए जिलास्तर से ही शिक्षकों को बतौर परीक्षक बनाया गया है। भदोही के 98 कॉलेजों के 188 शिक्षकों को परीक्षक बनाकर पहले चरण की परीक्षा कराने के लिए भेजा गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि करीब 188 शिक्षकों को परिषद ने परीक्षक बनाया है। वह पहले चरण की परीक्षा कराने गए हैं। दो फरवरी तक वह जिले में आ जाएंगे। दूसरे चरण में जिले की प्रायोगिक परीक्षा के लिए दूसरे जिले के शिक्षक आएंगे। उन्होंने बताया कि प्रायोगिक परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है।

*सीसीटीवी और वायस रिकॉर्डिंग में होंगे प्रैक्टिकल*

डीआईओएस अंशुमान ने बताया कि विद्यालयों की ओर से प्रयोगात्मक परीक्षाएं अनिवार्य रूप से वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी की निगरानी में कराई जाएगी। इसकी रिकार्डिंग डीवीआर में संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्यों द्वारा अपने पास सुरक्षित रखना होगा। इसे आवश्यकता पड़ने पर परिषद कार्यालय को उपलब्ध
31 को विशेष अभियान में बूथों पर रहेंगे बीएलओ


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत 31 जनवरी को विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दिन सभी बीएलओ अपने-अपने बूथों पर मतदाता सूची संग फार्म छह, सात और आठ लेकर उपस्थित रहेंगे। जिन मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गया है वह फॉर्म छह भरेंगे। निवास परिवर्तन होने पर फार्म आठ जबकि मतदाता सूची से मृतक, शिफ्टेड, डुप्लीकेट को हटाने के लिए फॉर्म सात भरा जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्व में एक फरवरी रविवार को आयोजन होना था, लेकिन संत रविदास की जयंती के कारण उसे 31 जनवरी किया गया है। उन्होंने सभी बीएलओ को निर्देश दिया कि 31 जनवरी की सुबह 10.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक बूथ पर रहेंगे।
बाबा हरिहरनाथ मंदिर में 11 किलो का धर्म ध्वज स्थापित: आरएस प्राॅपर्टी के प्रवेश तिवारी और रंजीत मिश्रा ने किया समर्पित; प्रधान पुजारी आशीष मिश्र

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर स्थित प्राचीन बाबा हरिहरनाथ मंदिर में गुरुवार को एक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर आरएस प्रॉपर्टी के प्रवेश तिवारी और रंजीत मिश्रा ने लगभग 11 किलोग्राम वजनी पीतल धातु से निर्मित एक धर्म ध्वज बाबा हरिहरनाथ को समर्पित किया। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित आशीष मिश्रा इस कार्य के मुख्य प्रेरणास्रोत रहे।
विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इस धर्म ध्वज को मंदिर के शिखर पर स्थापित किया गया। धर्म ध्वज की स्थापना के दौरान मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ध्वज स्थापना के बाद विशेष पूजा-अर्चना भी की गई।
टीम के संस्थापक ने बताया कि बाबा हरिहरनाथ की कृपा से मनोकामना पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह धार्मिक कार्य श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न कराया गया है। उन्होंने कहा कि धर्म ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे कार्य समाज में धार्मिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
इस कार्यक्रम में कृष्णकांत, शुभम तिवारी, चतुर्वेदी, रंजीत मिश्रा, प्रवेश तिवारी, नीरज पांडे, मुन्ना सिंह, दीनानाथ पांडे, कृष्ण तिवारी, शिवा प्रकाश दुबे, प्रदीप सिंह, श्रीनिवास चतुर्वेदी और अखिलेश्वर प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
ध्वज स्थापना के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने बाबा हरिहरनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस आयोजन से मंदिर परिसर में देर तक भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।