देशभक्ति की हुंकार के साथ शंकरगढ़ में लहराया तिरंगा।
बारा विधायक डॉ.वाचस्पति ने एम.वी.कॉन्वेन्ट स्कूल में किया ऐतिहासिक ध्वजारोहण।
शिक्षा ही मजबूत भारत की सबसे बड़ी बंदूक है-डॉ. वाचस्पति।
संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के नगर पंचायत शंकरगढ़ स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल एवं कॉलेज, कनक नगर का प्रांगण सोमवार को उस समय राष्ट्रभक्ति के रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब बारा विधायक एवं जनप्रिय नेता डॉ. वाचस्पति ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर तिरंगे का ध्वजारोहण किया। जैसे ही तिरंगा आसमान की ओर बढ़ा,वैसे ही सैकड़ों कंठों से निकला भारत माता की जय का उद्घोष पूरे इलाके में गूंज उठा। यह सिर्फ एक ध्वजारोहण नही था बल्कि देश के प्रति निष्ठा की परेड थी।डॉ. वाचस्पति का व्यक्तित्व किसी सधे हुए फौजी कमांडर जैसा प्रतीत हो रहा था—सीधा स्पष्ट और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला। उन्होंने मंच से नही बल्कि एक सिपाही की तरह विद्यार्थियों के बीच खड़े होकर राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया।
डॉ. वाचस्पति ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का सेनापति वैज्ञानिक प्रशासक और जनसेवक बनेगा। अगर आज शिक्षा मजबूत होगी तो कल भारत को कोई चुनौती नहीं दे सकता।”उन्होंने कहा कि एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल जैसे शिक्षण संस्थान सीमाओं पर तैनात जवानों जितना ही महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है क्योंकि यहां से निकलने वाला हर बच्चा राष्ट्र की रीढ़ बनता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नाट्य प्रस्तुति और कविताओ के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियो के बलिदान को जीवंत कर दिया।कई अभिभावकों की आंखें उस समय नम हो गईं जब बच्चो ने शहीदों के त्याग पर आधारित प्रस्तुति दी।
डॉ.वाचस्पति ने विद्यालय प्रबंधन शिक्षकों और अभिभावकों की खुले मन से सराहना करते हुए कहा कि अनुशासन संस्कार और शिक्षा—तीनो का संगम ही सच्चा राष्ट्रनिर्माण है।उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे मोबाइल और भटकाव से दूर रहकर देश और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनें। विद्यालय परिसर पूरे कार्यक्रम के दौरान तिरंगे राष्ट्रगीत और देशभक्ति नारों से गूंजता रहा। यह आयोजन केवल औपचारिक नही बल्कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की चिंगारी सुलगाने वाला क्षण बन गया।





























3 hours ago
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