मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में “एथिकल रिसर्च कल्चर एवं रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग–2026” पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ
बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर के रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल के तत्वावधान में बुधवार को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का विषय “प्रमोटिंग एथिकल रिसर्च कल्चर एंड रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग–2026” रखा गया है,जिसका उद्देश्य शोध में नैतिक मूल्यों,पारदर्शिता तथा जिम्मेदार प्रकाशन की संस्कृति को सुदृढ़ करना है।
उद्घाटन समारोह में कार्यक्रम अध्यक्ष एवं मुख्य संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.रवि शंकर सिंह तथा मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय,ग्रेटर नोएडा के कुलपति प्रो.राणा प्रताप सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत विभागाध्यक्ष पूजा मिश्रा के स्वस्तिवाचन से हुई। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत की मनोहारी प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर कुलपति प्रो.रवि शंकर सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शोधार्थियों को समर्पण,अनुशासन और सत्यनिष्ठा के साथ अनुसंधान कार्य करना चाहिए। उन्होंने ऐसी शोध संस्कृति विकसित करने पर बल दिया, जिसमें शोध निष्कर्ष समाजहित में बिना शुल्क साझा किए जा सकें। उन्होंने नैतिक अनुसंधान संस्कृति को सत्यनिष्ठा,जिम्मेदारी,पारदर्शिता तथा शोध प्रतिभागियों की सुरक्षा का मूल आधार बताया।
मुख्य अतिथि एवं कीनोट स्पीकर प्रो.राणा प्रताप सिंह ने कहा कि जिम्मेदार प्रकाशन से वैज्ञानिक संचार की ईमानदारी और विश्वसनीयता बनी रहती है। इससे न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ती है,बल्कि समाज को भी शोध के वास्तविक लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने शोधकर्ताओं से प्रकाशन प्रक्रिया में नैतिक मानकों के पालन का आह्वान किया।
एम.एल.के.पीजी कॉलेज,बलरामपुर के प्राचार्य प्रो.जे.पी.पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ.बसंत कुमार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का कुशल संचालन लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेन्द्र कुमार चौहान ने किया,जबकि तकनीकी समन्वयक की भूमिका डॉ.अभिषेक सिंह ने निभाई।
उद्घाटन सत्र के उपरांत तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए,जिनमें कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रो.प्रकाश चन्द्र तिवारी,गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो.दिनेश यादव,प्रो.राजर्षि कुमार गौर सहित अन्य विशेषज्ञों ने एथिकल रिसर्च,प्लेगरिज्म,ओपन एक्सेस पब्लिशिंग तथा जिम्मेदार शोध प्रकाशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार रखे।
कार्यशाला के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव परमानंद सिंह,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.पी.के. सिंह,प्रो.वीणा सिंह,डॉ.स्वदेश भट्ट,समन्वय समिति के सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में शोधार्थियों की सराहनीय सहभागिता रही।
Jan 26 2026, 16:16
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