लंदन में शिक्षा व कौशल विकास पर झारखण्ड–यूके उच्चस्तरीय राउंड टेबल, युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर जोर

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लंदन प्रवास के दौरान झारखण्ड सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शिक्षा एवं कौशल विकास पर केंद्रित एक उच्चस्तरीय राउंड टेबल संवाद के साथ एक नई और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। यह बैठक प्रातः 09:45 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें यूके के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्किलिंग संगठनों, अवार्डिंग बॉडीज़ और अप्रेंटिसशिप पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता श्री सुदिव्य कुमार, माननीय मंत्री, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग सह उच्च शिक्षा विभाग तथा श्रीमती वंदना डाडेल, आईएएस, अपर मुख्य सचिव, झारखण्ड सरकार ने की। संवाद का उद्देश्य झारखण्ड के युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा।

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह संवाद उस स्पष्ट सोच को मजबूती देता है, जिसमें शिक्षा को रोजगार से, कौशल को अवसर से और स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक मंच से जोड़ा जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी के मार्गदर्शन में अबुआ सरकार द्वारा युवा शक्ति को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल है।

पूर्वी भारत के लिए समावेशी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का आह्वान

सत्र के उद्घाटन में झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने राज्य को केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि वैश्विक शिक्षा और नवाचार के संभावित केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल ने इस तथ्य पर ध्यान आकृष्ट किया कि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की गतिविधियां मुख्यतः पश्चिमी भारत, दिल्ली एनसीआर और दक्षिण भारत तक सीमित रही हैं, जबकि पूर्वी और मध्य भारत अब भी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा निवेश के मानचित्र से बाहर हैं। झारखण्ड ने अधिक संतुलित और समावेशी अंतरराष्ट्रीयकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए पूर्वी भारत को वैश्विक शिक्षा साझेदारियों के अगले चरण का प्रमुख गंतव्य बनाने का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के तीन स्तंभ

झारखण्ड सरकार ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और परिणामों को सुदृढ़ करने हेतु तीन प्रमुख सुधारात्मक कदम प्रस्तुत किए—राज्य संकाय विकास अकादमी की स्थापना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनिवार्य 8-सप्ताह की इंटर्नशिप, तथा राष्ट्रीय बेंचमार्किंग के अनुरूप राज्य संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता सूचकांक के मामले में झारखण्ड राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विदेशी छात्रवृत्ति मार्ग के तहत यूके जाने वाले छात्रों में 65 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो राज्य की युवा महिलाओं की वैश्विक शिक्षा के प्रति बढ़ती आकांक्षा को दर्शाता है।

कौशल, अप्रेंटिसशिप और उद्योग-आधारित शिक्षा

संवाद में अप्रेंटिसशिप-आधारित शिक्षा, उद्योग-संबद्ध डिग्री कार्यक्रम, फिनिशिंग स्कूल अवधारणा और आईटीआई पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई। केयर इकॉनमी, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, हरित कौशल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और खनन से जुड़े अनुसंधान एवं कौशल को प्राथमिक क्षेत्र बताया गया।

भारत–यूके सहयोग के नए आयाम

राउंड टेबल में कौशल एवं योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता, संयुक्त डिग्री कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय कैंपस/सैटेलाइट केंद्र, छात्र एवं शिक्षक विनिमय तथा भारत–यूके हरित कौशल एजेंडा के तहत सहयोग के अवसरों पर सहमति बनी। सतत पर्यटन, आदिवासी ज्ञान प्रणालियां, संस्कृति, जलवायु कार्रवाई और नवाचार आधारित साझेदारियों पर भी चर्चा हुई।

यूके पक्ष की सकारात्मक प्रतिक्रिया

यूके के प्रतिभागियों ने झारखण्ड की दृष्टि की सराहना करते हुए ट्रांसनेशनल एजुकेशन, पाठ्यक्रम विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की प्रबल इच्छा व्यक्त की। रांची और उसके आसपास स्मार्ट सिटी पारिस्थितिकी तंत्र में शिक्षा आधारित निवेश की संभावनाओं पर भी रुचि दिखाई गई।

बैठक का समापन संस्थागत स्तर पर आगे की ठोस चर्चाओं और साझेदारियों को आगे बढ़ाने की सहमति के साथ हुआ। झारखण्ड सरकार ने यूके भागीदारों को पूर्वी भारत के केंद्र में एक समावेशी, भविष्य-तैयार शिक्षा एवं कौशल पारिस्थितिकी के सह-निर्माण के लिए आमंत्रित किया।

दावोस में झारखंड का धमाका: 'क्रिटिकल मिनरल्स' का ग्लोबल हब बनेगा राज्य, मुख्यमंत्री ने पेश किया विजन-2050

दावोस / रांची, 22 जनवरी 2026: विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में झारखंड ने दुनिया के सामने अपनी नई पहचान 'जिम्मेदार खनिज केंद्र' के रूप में रखी है। इंडिया पवेलियन में आयोजित उच्चस्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने “झारखंड की क्रिटिकल मिनरल्स अवसर: भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक” विषय पर अपनी दूरगामी रणनीति साझा की।

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खनिज भंडार में झारखंड का एकाधिकार

बैठक में सचिव अरवा राजकमल ने रेखांकित किया कि भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) में से 20 अकेले झारखंड में उपलब्ध हैं। यह स्थिति झारखंड को भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति और स्वच्छ प्रौद्योगिकी के केंद्र में स्थापित करती है।

सिर्फ खनन नहीं, अब होगा 'मूल्य सृजन' (Value Creation)

झारखंड सरकार अब खनिजों के केवल उत्खनन तक सीमित नहीं रहेगी। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:

प्रसंस्करण और विनिर्माण: कच्चे माल के निर्यात के बजाय राज्य में ही प्रोसेसिंग यूनिट्स और रिफाइनरी की स्थापना।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्लस्टर: बैटरी निर्माण, मैग्नेट और एडवांस्ड मैटीरियल्स के लिए एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर का विकास।

सस्टेनेबल माइनिंग: पर्यावरण (ESG) मानकों का पालन करते हुए जिम्मेदार खनन।

वैश्विक दिग्गजों ने क्या कहा?

जयंत सिन्हा (एवरसोर्स कैपिटल): उन्होंने स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन (Value Addition) को रोजगार सृजन के लिए अनिवार्य बताया।

मार्टिन (जर्मन विशेषज्ञ): उन्होंने कहा कि जर्मनी और यूरोपीय संघ क्रिटिकल मिनरल्स के लिए भारत और झारखंड को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखते हैं।

डॉ. मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि): उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए कौशल विकास और अनुसंधान सहयोग पर जोर दिया।

नीतिगत ढांचा और निवेश का भरोसा

खनन निदेशक राहुल सिन्हा और जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने निवेशकों को एक पारदर्शी और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का आश्वासन दिया। वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने बैठक का समापन करते हुए 'ब्राउनफील्ड माइनिंग' परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा, ताकि मौजूदा खदानों के विस्तार से त्वरित परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

फिल्म और 'कॉफी टेबल बुक' का विमोचन

इस अवसर पर झारखंड की खनिज क्षमता को दर्शाती एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई और 'क्रिटिकल मिनरल्स इन झारखंड' नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ, जो राज्य की नई खनिज नीति और भविष्य के रोडमैप को दुनिया के सामने रखती है।

जन-जन का कार्यक्रम बन चुका है मोदी जी की मन की बात कार्यक्रम- डा. प्रदीप वर्मा


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भारतीय जनता पार्टी के रांची प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आगामी 25 जनवरी को होने वाले मन की बात कार्यक्रम को लेकर सभी ज़िलाध्यक्षों, कार्यक्रम संयोजक और सहसंयोजकों की बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक को सम्बोधित करने हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद डा. प्रदीप वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह कार्यक्रम आज देश के जन जन का कार्यक्रम बन चुका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के जनशक्ति को जागृत करने का काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने झारखण्ड के अनेक प्राकृतिक धरोहरों, गुमनाम सामाजिक कार्यकर्ताओं, महापुरुषों का नाम इस कार्यक्रम में उल्लेख कर इन्हें राष्ट्रीय पहचान दी है।

बैठक को प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राकेश प्रसाद ने भी सम्बोधित करते हुए संगठन पर्व के अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का संचालन मन की बात कार्यक्रम का प्रदेश संयोजक श्री कुमार अमित ने और धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश मंत्री श्री सरोज सिंह ने किया। बैठक में सभी जिला के अध्यक्ष, कार्यक्रम संयोजक और सह संयोजक उपस्थित रहे।

16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राँची जिला समाहरणालय में मतदाता प्रतिज्ञा पाठ का आयोजन किया गया

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (25 जनवरी 2026) के उपलक्ष्य में राँची जिला समाहरणालय में आज मतदाता प्रतिज्ञा पाठ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सह निर्वाचन पदाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजंत्री ने की।

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कार्यक्रम में निर्वाचन विभाग से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से मतदाता प्रतिज्ञा पढ़ी, जिसमें लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई तथा मतदान के महत्व एवं निष्पक्षता को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर मतदाता सूची के शुद्धिकरण गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन उत्कृष्ट प्रयासों से जिले में मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे मतदाता जागरूकता अभियान को और तेज करें तथा आने वाले चुनावों में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त राँची, श्री सौरभ भुवनिया, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री कुमार रजत, अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, उप निर्वाचन पदाधिकारी राँची, श्री बिवेक कुमार सुमन, जिला स्तर पर निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह आयोजन My India, My Vote – मैं भारत हूँ” टैग लाइन Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy

की थीम के अनुरूप था, जो नागरिकों को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक करने एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देता है।

राँची जिला प्रशासन मतदाता जागरूकता एवं लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है।

*#वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में दूसरे दिन की गतिविधियों की झलक*
*#वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में दूसरे दिन की गतिविधियों की झलक*
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में दूसरे दिन की गतिविधियों की झलक
*#वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में दूसरे दिन की गतिविधियों की झलक
विश्व आर्थिक मंच में झारखंड ने क्रिटिकल मिनरल्स में भारत की अग्रणी भूमिका को किया सशक्त

ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन की मजबूती और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच, झारखंड ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस में अपनी रणनीतिक क्षमताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य प्रतिनिधिमंडल द्वारा क्रिटिकल मिनरल्स पर एक उच्चस्तरीय वैश्विक संवाद आयोजित किया गया, जिसमें भारत, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और दावोस से नीति-निर्माता, उद्योग जगत, शिक्षाविद और वैश्विक विशेषज्ञ शामिल हुए।

क्रिटिकल मिनरल्स में झारखंड की केंद्रीय भूमिका

भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक: झारखंड के क्रिटिकल मिनरल्स के अवसर विषय पर आयोजित इस ग्लोबल हाइब्रिड राउंड टेबल में इस तथ्य को रेखांकित किया गया कि झारखंड, भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 में से 20 क्रिटिकल मिनरल्स का केंद्र है। यह झारखंड को भारत की ऊर्जा सुरक्षा, जियो-सिक्योरिटी और जियो-इकोनॉमिक रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाता है। प्रतिभागियों ने स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और भविष्य की तकनीकों में झारखंड की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

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मूल्य संवर्धन, नीति निर्माण और वैश्विक सहयोग पर फोकस

राज्य सरकार ने राउंड टेबल में यह स्पष्ट किया कि झारखंड केवल खनन तक सीमित न रहकर अनुसंधान एवं विकास, मिनरल प्रोसेसिंग, उन्नत विनिर्माण और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में राज्य सरकार एक व्यापक मिनरल प्रोसेसिंग नीति का मसौदा तैयार कर रही है, जिसमें निवेश प्रोत्साहन, वित्तीय समर्थन और मूल्य श्रृंखला विकास पर विशेष जोर दिया गया है। यह सोच “यूके–भारत एफटीए, भारत–जर्मनी सहयोग तथा यूके–भारत व्यापार एवं सुरक्षा” पहल जैसे अंतरराष्ट्रीय ढाँचों के अनुरूप है।

ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास और ‘प्रकृति के साथ विकास’ का संकल्प

चर्चाओं के दौरान जिम्मेदार खनन, टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं और तकनीक-आधारित मूल्य संवर्धन की आवश्यकता पर सहमति बनी। झारखंड की “प्रकृति के साथ विकास” की विकास दृष्टि ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। इस अवसर पर “Beneath the Ground: Powering India’s Energy Security” शीर्षक से एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया, जो झारखंड की भूवैज्ञानिक समृद्धि और भारत की ऊर्जा सुरक्षा में उसकी भूमिका को रेखांकित करती है।

केंद्र सरकार में पूर्व राज्य मंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, वैश्विक शोध संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि झारखंड वैश्विक मंच पर गंभीर, दूरदर्शी और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है। 25 वर्षों की राज्य यात्रा के बाद झारखंड अब खनिज-समृद्ध राज्य से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग, विनिर्माण और स्वच्छ औद्योगिक विकास के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स का झारखंड पर बढ़ा भरोसा: ₹1200 करोड़ के निवेश के साथ राज्य को बताया 'रणनीतिक साझेदार'

रांची, 22 जनवरी 2026: झारखंड में औद्योगिक विकास और निवेश के लिए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में किए जा रहे नीतिगत सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में, आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री सिद्धार्थ जैन ने राज्य के व्यावसायिक वातावरण और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए झारखंड को भविष्य के विस्तार के लिए एक विश्वसनीय भागीदार बताया है।

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₹1200 करोड़ का निवेश: नीतिगत स्थिरता का परिणाम

श्री सिद्धार्थ जैन ने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार की नीतिगत स्थिरता और समयबद्ध स्वीकृतियों (Time-bound approvals) ने उन्हें राज्य में बड़े निवेश के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा:

"झारखंड में ₹1200 करोड़ से अधिक का हमारा निवेश इसी विश्वास का प्रतीक है। राज्य की मजबूत प्रशासनिक प्रणाली और सुदृढ़ बुनियादी ढांचा औद्योगिक परिचालन को सुगम बनाता है।"

प्रमुख बिंदु जिन्होंने निवेशकों का जीता दिल:

मजबूत फील्ड-वर्क सिस्टम: निवेश प्रतिबद्धताओं की निगरानी के लिए एक प्रभावी और केंद्रीकृत व्यवस्था।

अनुकूल वातावरण: इज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) की दिशा में ठोस कदम।

समयबद्धता: औद्योगिक स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति।

विश्वास की नींव: दीर्घकालिक औद्योगिक योजनाएं बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा दिया गया भरोसा।

भविष्य के विस्तार के लिए झारखंड पहली पसंद

प्रबंध निदेशक ने जोर देकर कहा कि झारखंड में जिस तरह से औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है, वह इसे भविष्य के विस्तार के लिए एक रणनीतिक गंतव्य बनाता है। यह बयान वैश्विक निवेशकों के बीच झारखंड की छवि को और अधिक मजबूत करेगा।

झारखंड के शहरों में भी दौड़ेगी 'वेरी लाइट रेल'? कोवेंट्री (UK) के अर्बन मॉडल का अध्ययन करने पहुँचे मंत्री सुदिव्य कुमार

कोवेंट्री (UK) / रांची, 22 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के मार्गदर्शन में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल इन दिनों यूनाइटेड किंगडम के कोवेंट्री शहर में आधुनिक शहरी नियोजन और सतत प्रबंधन की बारीकियों को समझ रहा है। झारखंड सरकार के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में दल ने कोवेंट्री के उन संस्थानों का दौरा किया, जो भविष्य के 'स्मार्ट और क्लीन' शहरों के वैश्विक मॉडल माने जाते हैं।

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प्रमुख चर्चा: ज़ीरो-एमिशन और सस्टेनेबल मोबिलिटी

प्रतिनिधिमंडल ने कोवेंट्री सिटी काउंसिल और कोवेंट्री यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के साथ 'जीरो-एमिशन सिटी मैनेजमेंट' पर विस्तृत चर्चा की। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि कैसे तकनीक और अकादमिक शोध के समन्वय से शहरों को प्रदूषण मुक्त और नागरिक-अनुकूल बनाया जा सकता है।

कोवेंट्री का 'स्मार्ट बस डिपो' और ईवी परिवहन

मंत्री सुदिव्य कुमार ने कोवेंट्री सिटी बस डिपो का दौरा कर EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) आधारित परिवहन प्रणाली का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने स्मार्ट डिपो प्रबंधन और ज़ीरो-एमिशन बस फ्लीट के संचालन मॉडल को देखा, जिसे भविष्य में झारखंड के प्रमुख शहरों (जैसे रांची, जमशेदपुर और धनबाद) में लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

Coventry Very Light Rail (VLR): झारखंड के लिए किफ़ायती समाधान

दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'कोवेंट्री वेरी लाइट रेल' (VLR) तकनीक पर हुई चर्चा रही। VLR को एक ऐसी तकनीक के रूप में प्रस्तुत किया गया जो:

आधुनिक मेट्रो की तुलना में किफ़ायती है।

शहरी परिवहन के लिए टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल है।

संकीर्ण और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए प्रभावी समाधान है।

मंत्री सुदिव्य कुमार का बयान

"कोवेंट्री का अनुभव झारखंड के शहरों को स्मार्ट और भविष्य-तैयार बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ की आधुनिक तकनीक और शहर नियोजन के व्यावहारिक अनुभवों को अपनाकर हम झारखंड में नागरिक-केंद्रित और तकनीक-सक्षम शहरी विकास सुनिश्चित करेंगे।"