दावोस में झारखंड का धमाका: 'क्रिटिकल मिनरल्स' का ग्लोबल हब बनेगा राज्य, मुख्यमंत्री ने पेश किया विजन-2050
दावोस / रांची, 22 जनवरी 2026: विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में झारखंड ने दुनिया के सामने अपनी नई पहचान 'जिम्मेदार खनिज केंद्र' के रूप में रखी है। इंडिया पवेलियन में आयोजित उच्चस्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने “झारखंड की क्रिटिकल मिनरल्स अवसर: भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक” विषय पर अपनी दूरगामी रणनीति साझा की।
खनिज भंडार में झारखंड का एकाधिकार
बैठक में सचिव अरवा राजकमल ने रेखांकित किया कि भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) में से 20 अकेले झारखंड में उपलब्ध हैं। यह स्थिति झारखंड को भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति और स्वच्छ प्रौद्योगिकी के केंद्र में स्थापित करती है।
सिर्फ खनन नहीं, अब होगा 'मूल्य सृजन' (Value Creation)
झारखंड सरकार अब खनिजों के केवल उत्खनन तक सीमित नहीं रहेगी। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:
प्रसंस्करण और विनिर्माण: कच्चे माल के निर्यात के बजाय राज्य में ही प्रोसेसिंग यूनिट्स और रिफाइनरी की स्थापना।
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्लस्टर: बैटरी निर्माण, मैग्नेट और एडवांस्ड मैटीरियल्स के लिए एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर का विकास।
सस्टेनेबल माइनिंग: पर्यावरण (ESG) मानकों का पालन करते हुए जिम्मेदार खनन।
वैश्विक दिग्गजों ने क्या कहा?
जयंत सिन्हा (एवरसोर्स कैपिटल): उन्होंने स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन (Value Addition) को रोजगार सृजन के लिए अनिवार्य बताया।
मार्टिन (जर्मन विशेषज्ञ): उन्होंने कहा कि जर्मनी और यूरोपीय संघ क्रिटिकल मिनरल्स के लिए भारत और झारखंड को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखते हैं।
डॉ. मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि): उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए कौशल विकास और अनुसंधान सहयोग पर जोर दिया।
नीतिगत ढांचा और निवेश का भरोसा
खनन निदेशक राहुल सिन्हा और जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने निवेशकों को एक पारदर्शी और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का आश्वासन दिया। वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने बैठक का समापन करते हुए 'ब्राउनफील्ड माइनिंग' परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा, ताकि मौजूदा खदानों के विस्तार से त्वरित परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
फिल्म और 'कॉफी टेबल बुक' का विमोचन
इस अवसर पर झारखंड की खनिज क्षमता को दर्शाती एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई और 'क्रिटिकल मिनरल्स इन झारखंड' नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ, जो राज्य की नई खनिज नीति और भविष्य के रोडमैप को दुनिया के सामने रखती है।










4 hours ago
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