हां मैं एक तानाशाह हूं, लेकिन…”, दावोस में ट्रंप का सनसनीखेज कबूलनामा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और उनके आक्रामक अंदाज से वैश्विक स्तर पर हलचल मची हुई है। डोनाल्ड ट्रंप जबसे दोबारा सत्ता में आए हैं, उन्होंने अपने फैसलों और बयानों से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। वेनेजुएला और ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों पर अमेरिका के रुख के बाद ट्रंप पर तानाशाही रवैया अपनाने के आरोप लग रहे हैं। इस बीच ट्रंप ने खुद को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है।

स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को ‘तानाशाह’ बताया है। हालांकि उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ दिया कि हर हाल में नहीं, लेकिन कभी-कभी तानाशाह होना जरूरी हो जाता है।

कभी-कभी एक तानाशाह की जरूरत होती है-ट्रंप

डब्ल्यूईएफ को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने भाषण पर आई प्रतिक्रियाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके भाषण को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। ट्रंप ने कहा, “हमने एक अच्छा भाषण दिया, हमें बहुत अच्छे रिव्यू मिले। मुझे खुद इस पर भरोसा नहीं हो रहा है।” अपनी आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, “आमतौर पर लोग कहते हैं कि वह एक भयानक तानाशाह जैसा व्यक्ति है। हां, मैं एक तानाशाह हूं, लेकिन कभी-कभी आपको एक तानाशाह की जरूरत होती है।”

अपने फैसलों को लेकर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने अपने फैसलों को लेकर कहा, “उनके फैसले किसी विचारधारा से नहीं, बल्कि सामान्य समझ से निकलते हैं। यह न तो कंजरवेटिव है, न लिबरल। यह करीब 95 फीसदी कॉमन सेंस पर आधारित है।”

उनके इरादों को गलत समझा जाता है-ट्रंप

इससे पहले भी ट्रंप ने माना कि उनकी भाषा कई बार तनाव पैदा करती है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके इरादों को गलत समझा जाता है। उन्होंने कहा, “लोगों को लगा कि मैं ताकत का इस्तेमाल करूंगा। लेकिन मुझे ताकत इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। मैं ताकत नहीं चाहता और न ही करूंगा।”

1984 सिख दंगा मामले में पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया बरी

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1984 के सिख विरोधी दंगे से जुड़े मामले में सज्जन कुमार को बड़ी राहत मिली है। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी, विकासपुरी हिंसा मामले में राउज़ ऐवन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। इस मामले में दो लोगों की मौत हुई थी। सज्जन कुमार कांग्रेस के पूर्व सांसद रह चुके हैं।

हाथ जोड़कर कोर्ट का शुक्रिया अदा किया

पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को जब कोर्ट ने बताया कि उन्हें 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में बरी कर दिया गया है, तो सज्जन कुमार ने दोनों हाथ जोड़कर कोर्ट का शुक्रिया अदा किया।

अपने बचाव में क्या बोले सज्जन कुमार?

इस मामले में आरोपी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने अपने बचाव में कहा था कि वह निर्दोष हैं, और कभी इसमें शामिल नहीं थे और न ही सपने में भी शामिल हो सकते हैं। सज्जन कुमार ने कहा कि उनके खिलाफ एक भी सबूत नहीं हैं। जांच एजेंसी ने उन्हें जान बूझकर इस मामले में घसीटा है।

कोर्ट ने सीबीआई से मांगा था जवाब

इससे पहले नवंबर 2025 में सज्जन कुमार की अपील पर सुनवाई करते हुए दिल्ली कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था। सीबीआई के जवाब के लिए कोर्ट ने अगली सुनवाई 28 जनवरी 2026 की रखी थी।

उम्रकैद की सजा के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील

बता दें, फरवरी के महीने में सज्जन कुमार को दोषी करार दिया था और 25 फरवरी 2025 को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की। सज्जन कुमार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि उनका नाम शुरुआत में दर्ज एफआईआर में नहीं था बल्कि साजिश के तहत बाद में जोड़ा गया था।

गणतंत्र दिवस को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट, अल कायदा के आतंकवादी का पोस्टर जारी

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गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई है। 26 जनवरी को होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसी के तहत अलर्ट करते हुए पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में अल कायदा के आतंकवादी का तस्वीर जारी की है।

दिल्ली के एक आतंकवादी की तस्वीर भी जारी

गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस जो पोस्टर जारी किया है, उसमें 6 आतंकवादियों को दिखाया गया है। इन पोस्टरों में पहली बार दिल्ली के एक आतंकवादी की तस्वीर लगाई गई है। यह आतंकवादी मोहम्मद रेहान है, जो अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़ा हुआ है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसे काफी समय से ढूंढ रही हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद रेहान एक वांटेड आतंकवादी है।

खुफिया एजेंसियों से मिले खतरे के इनपुट्स

दिल्ली पुलिस के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से मिले कई आतंकी खतरे के इनपुट्स को देखते हुए कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में अत्याधुनिक तकनीक आधारित बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

चेहरा पहचानने वाली एडवांस्ड तकनीक

गणतंत्र दिवस के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के तहत दिल्ली पुलिस एकीकृत चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) से लैस ‘स्मार्ट चश्मे’ का उपयोग करेगी। एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस ये उपकरण अपराधियों और संदिग्धों के पुलिस डेटाबेस से जुड़े होंगे, जिससे जमीनी स्तर पर तैनात कर्मियों को उनकी तुरंत पहचान करने में मदद मिलेगी।

ऊंची इमारतों पर स्नाइपर टीमों की तैनाती

गणतंत्र दिवस के दिन करीब 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और अब तक जमीन पर 9 बार ब्रीफिंग और रिहर्सल की जा चुकी है। सुरक्षा के तहत एंटी-ड्रोन यूनिट्स को हवाई निगरानी के लिए तैनात किया गया है, वहीं ऊंची इमारतों पर स्नाइपर टीमों की भी तैनाती की गई है। किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए होटल, गेस्ट हाउस, किरायेदारों और घरेलू सहायकों का व्यापक सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है।

मुंबई महानगरपालिका चुनाव में मिली ऐतिहासिक विजय के बाद राजनाथ सिंह से मिले कृपाशंकर नई
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दिल्ली। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा महायुती को मिली ऐतिहासिक विजय के बाद आज महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश भाजपा के मीडिया पैनलिस्ट ओम प्रकाश सिंह उपस्थित रहे। कृपाशंकर सिंह ने रक्षा मंत्री को बताया कि इस बार चुनाव में किस तरह उत्तर भारतीय मतदाताओं ने संगठित होकर भाजपा के पक्ष में मतदान कर विजय को सुनिश्चित बनाया। राजनाथ सिंह ने मुंबई समेत मीरा भायंदर, पालघर, ठाणे, नवी मुंबई आदि महानगरपालिकाओं में भी कृपाशंकर सिंह द्वारा ताबड़तोड़ की गई पदयात्राओं तथा जनसभाओं की सराहना करते हुए भाजपा के पक्ष में संगठित रूप से मतदान करने के लिए उत्तर भारतीय मतदाताओं के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
उत्तर भारत में फिर बढ़ने वाली है ठंड, बारिश के भी आसार, इन राज्यों के लिए चेतावनी*

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दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे से राहत मिल गई है।बीते कुछ दिनों से धूप खिल रही है और दिन के समय हल्की गर्मी महसूस हो रही है। जिससे लोगों ने हाड़ कंपाने वाली सर्दी से राहत की सांस ली है। हालांकि, मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है।

पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 19 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके चलते दिल्ली, यूपी, बिहार सहित कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है. पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 22 और 23 जनवरी को भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में देश के 10 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवा की चेतावनी जारी कर दी है। इस बारिश के बाद 2 से 3 दिन तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इसके अलावा उत्तर भारत के 26 जिलों में घने कोहरे मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं।

इन राज्यों में तेज आंधी और बारिश के आसार

आएमडी के अनुसार 22 से 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान और 24 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बिजली कड़कने और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटा की गति) के साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। 21 जनवरी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश तो 22-26 जनवरी के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है।

बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

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भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

सुनीता विलियम्स ने स्पेस करियर को कहा अलविदा, सबसे ज्यादा स्पेसवॉक टाइम का है रिकॉर्ड

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भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 60 साल की आयु पूरी होने पर अंतरिक्ष एजेंसी- नासा से रिटायर हो गईं। सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले ली है।

नासा ने सुनीता विलियम्स के रिटायरमेंट की जानकारी दी। स्पेस एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि उनका रिटायरमेंट दिसंबर के आखिर में लागू हो गया था। उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से मानी जाएगी। नासा के नए एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइज़कमैन ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक राह दिखाने वाली कहा। उन्होंने रिटायरमेंट की बधाई दी।

हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं विलियम्स

नासा की स्टार एस्ट्रोनॉटस रहीं सुनीता विलियम्स हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं, जो महीने तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई थीं। दरअसल, बोइंग के नाकाम कैप्सूल टेस्ट फ्लाइट में सुनीता विलियम्स के क्रू मेंबर बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में NASA छोड़ दिया था। दोनों को 2024 में स्पेस स्टेशन भेजा गया था। ये बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में उड़ान भरने वाले पहले लोग थे। उनका मिशन सिर्फ एक हफ्ते का होना चाहिए था, लेकिन स्टारलाइनर की दिक्कतों की वजह से यह नौ महीने से ज़्यादा लंबा खिंच गया। आखिर में वे पिछले मार्च में SpaceX के साथ घर वापस आए।

अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उन्होंने तीन मिशन पूरे किए और इस दौरान उनका करियर बेहद शानदार रहा। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष उड़ानों में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जो किसी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताया गया दूसरा सबसे ज्यादा कुल समय है।

27 साल से भी ज्यादा समय नासा से जुड़ी रहीं

सुनीत विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या एक न्यूरो साइंटिस्ट थे, उनका संबंध गुजरात के मेहसाणा से है। जबकि उनकी मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं। उनके पति माइकल जे विलियम्स हैं। सुनीता ने अपने करियर की शुरुआत अमेरिकी सेना से की थी। उसके बाद उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान का रुख किया था। सुनीता को जून 1998 में नासा ने अपने साथ जोड़ा था। यानी उन्होंने 27 साल से भी ज्यादा का समय इस संस्थान में बिताया।

सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर

दिलचस्प बात ये है कि सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने ढाई दशक से अधिक लंबे करियर में मिले अंतरिक्ष से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मां और उनकी बहन से भी मुलाकात की।

क्या भारत पर लगेगा 500% टैरिफ? रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रंप के मंत्री का बड़ा बयान

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भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर बयान दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वॉशिंगटन उन देशों पर 500 प्रतिशत तक का कड़ा दंडात्मक शुल्क लगाने पर विचार रहा है, जो अभी भी रूसी कच्चा तेल खरीद रहे हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि इस बार टैरिफ की धमकी का मुख्य निशाना चीन है, न कि भारत। बेसेंट ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद कर दी है।

भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया?

स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में स्कॉट बेसेंट ने कहा, 'संघर्ष शुरू होने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना शुरू किया। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद कम कर दी है और उसे बंद कर दिया है।'

धमकी का मुख्य निशाना चीन

स्कॉट बेसेंट ने चीन पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन चीन जैसे अन्य खरीदारों पर कहीं ज्यादा बड़ा दंड लगाने पर विचार कर रहा है। स्कॉट बेसेंट ने चीन को रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बताया और कहा कि अमेरिका लंबे समय से चीन पर 500% तक टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है क्योंकि वह रूस से सस्ता तेल खरीदकर युद्ध को आर्थिक मदद दे रहा है।

रूसी तेल खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत टैरिफ प्रस्ताव

रूस प्रतिबंध बिल पर बेसेंट ने कहा, रूसी तेल खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव सीनेट (लिंडसे) ग्राहम ने सीनेट के सामने रखा है। हमें नहीं लगता कि राष्ट्रपति ट्रंप को उस अथॉरिटी की जरूरत है। वह IEPA के तहत ऐसा कर सकते हैं, लेकिन सीनेट उन्हें अधिकार देना चाहती है।

रूस प्रतिबंध बिल पर ट्रंप की सहमति

अमेरिकी सीनेट में रखे गए बिल को ट्रंप के करीबी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया है। इसमें रूसी तेल खरीदने वाले पर देशों से आने वाले सामान पर 500 प्रतिशत का भारी शुल्क लगाने की बात कही गई है। रूस प्रतिबंध बिल पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही अपनी सहमति जता दी है।

बीजेपी अध्यक्ष बनते ही नितिन नवीन को मिली Z कैटेगरी की सुरक्षा, जानें कैसा होगा सुरक्षा घेरा?

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भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नवीन की सुरक्षा अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर दी गई है। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को केंद्र सरकार की ओर से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा देश की उच्चतम सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें कमांडो स्तर के सुरक्षाकर्मी शामिल रहते हैं।

जिम्मेदारियों के साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ा

45 साल की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नवीन इस पद को संभालने वाले सबसे युवा नेताओं में शामिल हैं, और इसी के साथ उनकी जिम्मेदारियों के साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ा दिया गया है। अब बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष सीआरपीएफ की सुरक्षा घेरे में रहेंगे।

आईबी की रिपोर्ट के आधार पर फैसला

सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन को Z कैटेगरी की सुरक्षा कुछ दिन पहले ही दे दी गई थी। यह निर्णय इंटेलिजेंस ब्यूरो की ओर से तैयार की गई थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में उनके लिए संभावित खतरों का आकलन किया गया था, जिसके बाद गृह मंत्रालय को सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश भेजी गई। गृह मंत्रालय ने इस पर मुहर लगाते हुए Z श्रेणी की सुरक्षा को मंजूरी दे दी।

सीआरपीएफ पर 200 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी

नवीन के पूर्ववर्ती जेपी नड्डा को भी सरकार की ओर से इसी तरह की सुरक्षा दी गई थी, जिसकी व्यवस्था सीआरपीएफ के वीआईपी सुरक्षा शाखा करती थी। सीआरपीएफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गांधी परिवार और कई अन्य नेताओं तथा विशिष्ट व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करता है। वर्तमान में सीआरपीएफ लगभग 200 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा है।

क्या होती है Z कैटेगरी की सुरक्षा?

Z कैटेगरी की सुरक्षा भारत में दी जाने वाली प्रमुख वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। इसे देश की तीसरी सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणी माना जाता है। इस सुरक्षा में आमतौर पर करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जो 24 घंटे व्यक्ति की सुरक्षा में लगे रहते हैं। इनमें 4 से 6 बेहद प्रशिक्षित कमांडो शामिल होते हैं, जबकि बाकी जवान सीआरपीएफ या राज्य पुलिस से होते हैं।

तमिलनाडु विधानसभा में राष्‍ट्रगान का अपमान? गवर्नर का बिना स्पीच सदन से वॉकआउट

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तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है। राज्‍यपाल आरएन रवि ने सदन में राष्‍ट्रगान का अपमान होने का आरोप लगाते हुए अभिभाषण दिए बगैर ही चलते बने। इससे पहले भी तमिलनाडु की स्‍टालिन सरकार और गवर्नर रवि के बीच टकराव के मामले सामने आ चुके हैं।

तमिलनाडु विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को राज्यपाल आरएन रवि ने परंपरागत अभिभाषण देने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और उनका माइक बार-बार बंद किया गया। विवाद की जड़ राजकीय गान के साथ राष्ट्रीय गान बजाने के मुद्दे को लेकर बताई गई है, जिसे लेकर राज्यपाल ने पहले भी आपत्ति जताई थी।

लोक भवन बोला- राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ

लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ है और संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक कर्तव्य की अनदेखी की गई है। बयान में आरोप लगाया गया कि सदन में प्रस्तुत सरकारी भाषण में कई तथ्यात्मक गलतियां और भ्रामक दावे शामिल हैं तथा आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।

राज्य सरकार के निवेश दावों पर उठाया सवाल

राज्यपाल ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित करने के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। बयान में कहा गया कि कई समझौता ज्ञापन केवल कागजों तक सीमित हैं और वास्तविक निवेश इसका बहुत छोटा हिस्सा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए राजभवन ने कहा कि कुछ साल पहले तक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में तमिलनाडु चौथे स्थान पर था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने की आलोचना

राज्यपाल के जाने के बाद मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने उनकी कड़ी आलोचना की। स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल ने नियमों और परंपराओं को तोड़ा है। यह उस ऊंचे पद की गरिमा के खिलाफ है जिस पर वह बैठे हैं। उन्होंने इसे सदन और जनता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि मैं सीएन अन्नादुराई की बात याद दिलाना चाहूंगा जिन्होंने पहले कहा था, "बकरे को दाढ़ी की क्या जरूरत है, और राज्य को गवर्नर की क्या जरूरत है।

राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं-स्टालिन

स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं है। रवि ने 2021 के बाद चौथी बार ऐसा किया है। सीएम ने कहा कि जब राज्यपाल बार-बार परंपरा तोड़ते हैं, तो इस नियम की जरूरत ही क्या है? इसलिए डीएमके संसद में दूसरी पार्टियों की मदद से इस नियम को हटाने की कोशिश करेगी। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि राज्यपाल के भाषण को गैर-जरूरी बनाने के लिए संविधान में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक अंग्रेजी अखबार ने राज्यपाल को अड़ियल कहा था और आज उनके बर्ताव ने इसे सही साबित कर दिया।