बीजेपी अध्यक्ष बनते ही नितिन नवीन को मिली Z कैटेगरी की सुरक्षा, जानें कैसा होगा सुरक्षा घेरा?

#nitinnabinbjppresidentsecurityzcategory

Image 2Image 3

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नवीन की सुरक्षा अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर दी गई है। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को केंद्र सरकार की ओर से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा देश की उच्चतम सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें कमांडो स्तर के सुरक्षाकर्मी शामिल रहते हैं।

जिम्मेदारियों के साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ा

45 साल की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नवीन इस पद को संभालने वाले सबसे युवा नेताओं में शामिल हैं, और इसी के साथ उनकी जिम्मेदारियों के साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ा दिया गया है। अब बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष सीआरपीएफ की सुरक्षा घेरे में रहेंगे।

आईबी की रिपोर्ट के आधार पर फैसला

सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन को Z कैटेगरी की सुरक्षा कुछ दिन पहले ही दे दी गई थी। यह निर्णय इंटेलिजेंस ब्यूरो की ओर से तैयार की गई थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में उनके लिए संभावित खतरों का आकलन किया गया था, जिसके बाद गृह मंत्रालय को सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश भेजी गई। गृह मंत्रालय ने इस पर मुहर लगाते हुए Z श्रेणी की सुरक्षा को मंजूरी दे दी।

सीआरपीएफ पर 200 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी

नवीन के पूर्ववर्ती जेपी नड्डा को भी सरकार की ओर से इसी तरह की सुरक्षा दी गई थी, जिसकी व्यवस्था सीआरपीएफ के वीआईपी सुरक्षा शाखा करती थी। सीआरपीएफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गांधी परिवार और कई अन्य नेताओं तथा विशिष्ट व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करता है। वर्तमान में सीआरपीएफ लगभग 200 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा है।

क्या होती है Z कैटेगरी की सुरक्षा?

Z कैटेगरी की सुरक्षा भारत में दी जाने वाली प्रमुख वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। इसे देश की तीसरी सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणी माना जाता है। इस सुरक्षा में आमतौर पर करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जो 24 घंटे व्यक्ति की सुरक्षा में लगे रहते हैं। इनमें 4 से 6 बेहद प्रशिक्षित कमांडो शामिल होते हैं, जबकि बाकी जवान सीआरपीएफ या राज्य पुलिस से होते हैं।

तमिलनाडु विधानसभा में राष्‍ट्रगान का अपमान? गवर्नर का बिना स्पीच सदन से वॉकआउट

#tamilnadugovernorrnraviwalksoutfromassembly

Image 2Image 3

तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है। राज्‍यपाल आरएन रवि ने सदन में राष्‍ट्रगान का अपमान होने का आरोप लगाते हुए अभिभाषण दिए बगैर ही चलते बने। इससे पहले भी तमिलनाडु की स्‍टालिन सरकार और गवर्नर रवि के बीच टकराव के मामले सामने आ चुके हैं।

तमिलनाडु विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को राज्यपाल आरएन रवि ने परंपरागत अभिभाषण देने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और उनका माइक बार-बार बंद किया गया। विवाद की जड़ राजकीय गान के साथ राष्ट्रीय गान बजाने के मुद्दे को लेकर बताई गई है, जिसे लेकर राज्यपाल ने पहले भी आपत्ति जताई थी।

लोक भवन बोला- राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ

लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ है और संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक कर्तव्य की अनदेखी की गई है। बयान में आरोप लगाया गया कि सदन में प्रस्तुत सरकारी भाषण में कई तथ्यात्मक गलतियां और भ्रामक दावे शामिल हैं तथा आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।

राज्य सरकार के निवेश दावों पर उठाया सवाल

राज्यपाल ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित करने के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। बयान में कहा गया कि कई समझौता ज्ञापन केवल कागजों तक सीमित हैं और वास्तविक निवेश इसका बहुत छोटा हिस्सा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए राजभवन ने कहा कि कुछ साल पहले तक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में तमिलनाडु चौथे स्थान पर था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने की आलोचना

राज्यपाल के जाने के बाद मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने उनकी कड़ी आलोचना की। स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल ने नियमों और परंपराओं को तोड़ा है। यह उस ऊंचे पद की गरिमा के खिलाफ है जिस पर वह बैठे हैं। उन्होंने इसे सदन और जनता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि मैं सीएन अन्नादुराई की बात याद दिलाना चाहूंगा जिन्होंने पहले कहा था, "बकरे को दाढ़ी की क्या जरूरत है, और राज्य को गवर्नर की क्या जरूरत है।

राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं-स्टालिन

स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं है। रवि ने 2021 के बाद चौथी बार ऐसा किया है। सीएम ने कहा कि जब राज्यपाल बार-बार परंपरा तोड़ते हैं, तो इस नियम की जरूरत ही क्या है? इसलिए डीएमके संसद में दूसरी पार्टियों की मदद से इस नियम को हटाने की कोशिश करेगी। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि राज्यपाल के भाषण को गैर-जरूरी बनाने के लिए संविधान में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक अंग्रेजी अखबार ने राज्यपाल को अड़ियल कहा था और आज उनके बर्ताव ने इसे सही साबित कर दिया।

नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित, पीएम मोदी ने माला पहनाकर किया अभिनंदन

#bjppresidentannouncementnitinnabin

Image 2Image 3

भारतीय जनता पार्टी में नितिन नवीन को आज आधिकारिक रूप से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ के लक्ष्मण ने नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की घोषणा की। नितिन नवीन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में घोषणा किए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया।

नितिन नवीन बने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

भाजपा मुख्यालय के मंच से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन के नाम का आधिकारिक एलान किया गया। नितिन नवीन के नाम का एलान पीएम मोदी की मौजूदगी में किया गया। पीएम मोदी ने नितिन नवीन को भाजपा अध्यक्ष के तौर पर पदभार संभालने के लिए शुभकामनाएं दी और उन्हें पुष्पमाला पहनाई।

जेपी नड्डा ने दीं नितिन नबीन को दीं शुभकामनाएं

पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नितिन नवीन को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन पदभार संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महान पार्टी, जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जनसंघ के तौर पर आगे बढ़ने का सौभाग्य मिला। इसी को आगे अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, कुशाभाऊ ठाकरे ने भाजपा के तौर पर आगे बढ़ाया। जेपी नड्डा ने कहा कि आज बहुत ही ऐतिहासिक अवसर है, जब दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में हमारे नौजवान, ऊर्जावान, प्रतिभावान नितिन नवीन ये पदभार संभाल रहे हैं।

मंच पर मौजूद रहे ये बड़े नेता

भाजपा मुख्यालय में मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आदि मौजूद रहे।

बीजेपी के नए 'बॉस' बने नितिन नवीन, भाजपा की कमान संभालने से पहले की पूजा-अर्चना

#nitinnabinwilltakechargebjppresidenthanumantemple

Image 2Image 3

भारतीय जनता पार्टी को आज नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने वाला है। नितिन नवीन को निर्विरोध बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है, जिसका आज औपचारिक ऐलान किया जाएगा। नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार घोषित किया। उनके पक्ष में 37 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्ताव भी शामिल था।

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन अब पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। वे अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की। नवनिर्वाचित भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद नवीन दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ वाल्मीकि मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। साथ ही कनॉट प्लेस इलाके में स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिरों में दर्शन के बाद नितिन नवीन ने दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पहुंचकर प्रार्थना की।

पीएम मोदी की मौजूदगी में ग्रहण करेगे कार्यभार

अध्यक्ष पद का कार्यभार सौंपने का समारोह सुबह 11:30 बजे पार्टी मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। इस विशेष मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।

45 साल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

नितिन नवीन 26 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने और अब 45 वर्ष की उम्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी पदोन्नति भाजपा में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है, क्योंकि पार्टी राष्ट्रीय राजनीति पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। शांत स्वभाव वाले नवीन को इस साल अप्रैल में तमिलनाडु, केरल और असम सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी की कमान संभालनी है।

बीजेपी अध्यक्ष के लिए नितिन नवीन ने किया नामांकन, जानें क्या होगी आगे की प्रकिया?

#nitinnabinnominationnationalpresident

Image 2Image 3

बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके नामांकन के प्रस्तावक के रूप में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल रहे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान बीजेपी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विभिन्न राज्यों के पार्टी अध्यक्ष, सांसद और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए नामांकन दोपहर 2 बजे किया गया। पूरी चुनाव प्रक्रिया देश की राजधानी में पार्टी हेडक्वार्टर में हुई।नामांकन पेपर की जांच नामांकन फाइल करने की विंडो बंद होने के तुरंत बाद, शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच होगी।

कल होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष का शपथ ग्रहण

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन को निर्विरोध भारतीय जनता पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना तय है। वे कल सुबह 11:30 बजे औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद की शपथ लेंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन मंत्री मौजूद रहेंगे।

कैसे होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए होता है, जिसमें पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के साथ-साथ राज्य परिषदों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। पार्टी के संविधान में संगठन के सबसे बड़े पद के लिए उम्मीदवारों के लिए साफ योग्यता के नियम बताए गए हैं। एक उम्मीदवार को किसी राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों द्वारा प्रस्तावित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उम्मीदवार ने एक सक्रिय पार्टी सदस्य के तौर पर कम से कम चार कार्यकाल पूरे किए हों और भाजपा में कम से कम 15 साल की लगातार सदस्यता हो।

अपर्णा यादव को तलाक देंगे अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक, इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट ने मचाई हलचल

#mulayamsinghyadavsonprateekyadavaparnayadavdivorcebigannouncement

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार में एक बार फिर सियासी और पारिवारिक घमासान सामने आया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और बीजेपी नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान कर दिया है।

Image 2Image 3

प्रतीक यादव का यह बयान उनके इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए सामने आया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम पोस्ट में प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रतीक ने कहा कि मैं इस स्वार्थी महिला से जल्द से जल्द तलाक लूंगा, इन्होंने मेरे पारिवारिक रिश्तों को बर्बाद कर दिया।

प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पोस्ट से सनसनी

अखिलेश के भाई प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा, "मैं इस मतलबी औरत को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूँ, उसने मेरे परिवार के रिश्ते खराब कर दिए। वह बस मशहूर और असरदार बनना चाहती है। अभी मेरी मेंटल हेल्थ बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने इतनी बुरी औरत कभी नहीं देखी और मैं बदकिस्मत था कि मेरी शादी उससे हुई।"

कौन हैं अपर्णा यादव

अपर्णा यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू हैं। उनके पिता अरविंद सिंह पत्रकार रहे हैं और उनकी मां लखनऊ नगर निगम में अधिकारी के पद पर हैं। अपर्णा यादव ने साल 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंटोनमेंट सीट से सपा (समाजवादी पार्टी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गईं थीं।

यूपी राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष हैं अपर्णा यादव

अपर्णा ने जनवरी 2022 में अचानक समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी। अपर्णा यादव का यह फैसला अखिलेश यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था। हालांकि अपर्णा यादव ने बीजेपी में शामिल होने पर कहा था कि वह पारिवारिक राजनीति नहीं, राष्ट्रवाद को चुनती हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली से प्रभावित हैं। बीजेपी नेता अपर्णा यादव इस समय यूपी राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष भी हैं।

2011 में हुई थी शादी

सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव का इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट तेजी के साथ वायरल हो रहा है। लोग इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। बता दें कि अपर्णा यादव और प्रतीक ने एक दूसरे को 11 साल तक डेट किया। इसके बाद साल 2011 में परिवार की रजामंदी से दोनों की लव मैरिज हुई थी। अपर्णा और प्रतीक की शादी बेहद हाई प्रोफाइल शादी थी।

नितिन नवीन आज भाजपा अध्यक्ष पद के लिए करेंगे नामांकन, निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना

#bjpnationalpresidentelectionnitinnabinnomination

Image 2Image 3

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। सोमवार 19 जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नवीन के निर्विरोध सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बनने की संभावना है।

सभी राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव

नितिन नवीन के नामांकन में सभी राज्यों से एक-एक प्रस्ताव मंगाया गया है। राज्यों के अलावा नितिन नवीन के प्रस्तावक के रूप में बीजेपी संसदीय दल की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह सरीखे पार्टी के प्रमुख नेता भी होंगे।

निर्विरोध चुने जाने की संभावना

पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है।

दो बजे से चार बजे तक होगा नामांकन

भाजपा के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, इस पद के लिए नामांकन सोमवार को अपराह्न दो बजे से चार बजे तक दाखिल किए जाएंगे। चुनाव की प्रक्रिया बीजेपी मुख्यालय में पूरी कराई जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

कल होगा नाम का औपचारिक ऐलान

20 जनवरी को औपचारिक रूप से नितिन नवीन की अध्यक्ष के रूप में घोषणा कर दी जाएगी। 20 जनवरी को इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत सभी वरिष्ठ नेता, सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे।

भाजपा में कैसे होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाती है। भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता के पंद्रह वर्ष पूरे हो चुके हों। पार्टी संविधान के मुताबिक ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हैं।

ट्रंप ने पीएम मोदी को भेजा पत्र, गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का भेजा आमंत्रण*

#trumpinvitesindiatojoingazapeace_board

Image 2Image 3

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा शांति बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है। यह बोर्ड गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बनाया जा रहा है। साथ ही यह पहल गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना से जुड़ी है।

डोनाल्‍ड ट्रंप के बेहद भरोसेमंद और भारत में अमेर‍िका के राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया में शेयर की है। पत्र में लिखा है, “भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री के रूप में, मुझे आपको मध्य पूर्व में शांति को सुदृढ़ करने और साथ ही वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण को अपनाने के इस ऐतिहासिक और भव्य प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है”।

गाजा पीस समझौता 20 सूत्री प्रस्ताव पर आधारित

ट्रंप ने गाजा संघर्ष को समाप्त करने की एक व्यापक योजना की अपनी 29 सितंबर की घोषणा का उल्लेख किया है। “29 सितंबर, 2025 को, मैंने गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना की घोषणा की, जो एक असाधारण 20-सूत्रीय रोडमैप है जिसे अरब जगत, इजराइल और यूरोप के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों सहित सभी विश्व नेताओं ने तुरंत स्वीकार कर लिया। इस योजना को आगे बढ़ाते हुए, 17 नवंबर को, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से संकल्प 2803 पारित किया, जिसमें इस दृष्टिकोण का स्वागत और समर्थन किया गया”।

सपनों को वास्तविकता में बदलने का समय

ट्रंप ने लिखा, “अब समय आ गया है कि इन सभी सपनों को वास्तविकता में बदला जाए। योजना के केंद्र में शांति बोर्ड है, सबसे प्रभावशाली और महत्वपूर्ण बोर्ड, जिसे एक नए अंतरराष्ट्रीय संगठन और संक्रमणकालीन शासी प्रशासन के रूप में स्थापित किया जाएगा”।

बोर्ड ऑफ पीस में इनके नाम शामिल

व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को बोर्ड ऑफ पीस के सदस्यों की सूची जारी की। यह बोर्ड गाजा में शांति, स्थिरता, पुनर्निर्माण और लंबे समय तक विकास की निगरानी करेगा। इस बोर्ड के चेयरमैन खुद डोनाल्ड ट्रंप होंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, बोर्ड में कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर, अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन, अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गेब्रियल का नाम है। इसके अलावा, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और कतर के राजनयिक अली अल थवाड़ी को भी गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड में शामिल किया गया है।

दिल्ली का भूजल ‘जहरीला’, 55% नमूने फेल: CAG रिपोर्ट में गंभीर खुलासा
Image 2Image 3
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पीने के पानी की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली का लगभग आधा भूजल पीने योग्य नहीं है। यह रिपोर्ट 7 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में पेश की गई। CAG की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच लिए गए 16,234 भूजल नमूनों में से 8,933 नमूने, यानी करीब 55 प्रतिशत, निर्धारित मानकों पर फेल पाए गए। कुछ वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर 63 प्रतिशत तक पहुँच गया। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि असुरक्षित भूजल की आपूर्ति सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। ऑडिट में यह भी सामने आया कि दिल्ली में प्रतिदिन 80 से 90 मिलियन गैलन कच्चा और बिना शोधित पानी बोरवेल और रैनी वेल के माध्यम से सीधे जलाशयों और उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड की प्रयोगशालाएँ संसाधनों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण केवल 12 मापदंडों पर ही पानी की जांच कर पा रही हैं, जबकि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार पानी की गुणवत्ता की जांच 43 मापदंडों पर किया जाना अनिवार्य है। रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ है कि पानी में मौजूद घातक रसायनों जैसे आर्सेनिक, सीसा, रेडियोधर्मी तत्व और अन्य जहरीले जैविक मापदंडों की जांच नहीं की जा रही है। इसके अलावा, निजी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों में अब भी प्रतिबंधित और कैंसरजनक ‘पॉलीइलेक्ट्रोलाइट्स’ का इस्तेमाल जारी है। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने इस रिपोर्ट को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बताते हुए सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। संस्था ने कच्चे पानी की आपूर्ति पर रोक लगाने, पानी की गुणवत्ता को 100 प्रतिशत BIS मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने, प्रयोगशालाओं में योग्य स्टाफ और आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने तथा पानी की गुणवत्ता से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, बोले-विकसित भारत का आईना

#pminauguratesfirstvandebharatsleepertrainhowrahguwahati

Image 2Image 3

देश को आज वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन की शुरुआत की है। उन्होंने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी। यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय कर लेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में करीब 17 घंटे लग जाते हैं। इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा। इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा है। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के आसपास है।

पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारा देश 2047 तक विकसित होने पर काम कर रहा है। इसलिए लिए पूर्वी भारत का विकास होना जरूरी है। पूर्वी भारत को दशकों तक नफरत करने वालों ने जकड़ रखा था। भाजपा ने नफरत की राजनीति करने वालों से पूर्वी भारत को मुक्त किया है। पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम है। उनका विश्वास भाजपा के साथ है।

भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ आत्मनिर्भर हो रही-पीएम मोदी

भारतीय रेलवे में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी हो रही है। अब विदेशों से आने वाले लोग भी भारत की प्रगति पर वीडियो बना रहे हैं और इसकी सराहना कर रहे हैं। यह राज्य के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ा कदम है। देशभर में इस समय 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।

देश को जोड़ना ही सरकार का मिशन-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा, उत्तर-पूर्व से लेकर देश के दक्षिणी हिस्सों तक कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है, जिससे आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवाएं मिल रही हैं। देश को जोड़ना ही सरकार का मिशन है।