एनसीजेडसीसी में बही लोकगीतो की बयार.जान्हवी मिश्रा ने अपनी गीतो से बान्धा समां।
संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित नाद-ब्रह्म शिल्प मेला में रविवार की सांस्कृतिक संध्या भक्ति लोकधुनो और भावनाओ से ओत-प्रोत रही।सुरो की लहरियो और लोक परम्परा की मिठास ने श्रोताओ को देर तक बाँधे रखा।कार्यक्रम की शुरुआत भजन गायिका जान्हवी मिश्रा की सशक्त और भावपूर्ण प्रस्तुतियो से हुई।
उन्होने गौरी गणेश मनौ राम का गुड़गान करिये हे दुःख भंजन, डम डम डमरू बजाने वाले कुंजन कुंजन मंदिर मंदिर तथा प्रयाग में लगल बाटे गंगा जी का मेलवा जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।उनकी गायकी पर श्रोता बार-बार तालियों से उत्साह व्यक्त करते नजर आए।इसके पश्चात प्रतिभा मिश्रा ने कल-कल बहे जहाँ दूध की धार गंगा मइया धन्य तेरी मोहे लै दे मलमल ठान और मैं लाल घाघरा नाही पहिरू की प्रस्तुति देकर लोक भावनाओं को सजीव कर दिया। वही उत्तम राय ने ली जा रही है उमर धीरे-धीरे जो प्रेम गली में आए नही प्रियतम का ठिकाना क्या जाने रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने वही यह सृष्टि चला रहे हैं तथा आज धज के जिस दिन मौत की शहजादी आएगी जैसे गीतो से श्रोताओ को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में जबावी बिरहा की प्रस्तुति में छंगू लाल लहरी बब्लू दीवाना राधे श्याम बिंद भरत लाल तिरंगा अशोक कुमार सरोज एवं लाल चन्द्र बिन्द ने अपने सशक्त गायन से लोकसंगीत की परंपरा को जीवंत किया।सांस्कृतिक संध्या में आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में हर्षित राजीव राहा सिद्धान्त साहू प्रीतम संस्कृति केसरवानी गूंजन शर्मा शशि प्रकाश एवं नृत्यशाला के प्रतिभागियों ने अपनी नृत्य प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन अनूभूति दीक्षित ने किया।कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने सभी कलाकारों को पौधा व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।










1 hour and 44 min ago
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