मौनी अमावस्या पर मां काली व गंगा स्नान का महत्व: कालिदास महाराज
संजय द्विवेदी,प्रयागराज।माघ मेला क्षेत्र में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संत कालिदास महाराज ने श्रद्धालुओं को मां काली की उपासना और गंगा स्नान के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।उन्होने कहा कि मौनी अमावस्या केवल स्नान का पर्व नही है बल्कि आत्मशुद्धि संयम और साधना का विशेष दिन है।इस दिन किया गया गंगा स्नान मन वचन और कर्म की शुद्धि करता है।
कालिदास महाराज ने प्रवचन के दौरान बताया कि मां काली शक्ति की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनकी उपासना से भय नकारात्मकता और अज्ञान का नाश होता है।मौनी अमावस्या के दिन मां काली का पूजन करने से साधक को आत्मबल और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है।उन्होंने कहा कि इस दिन मौन व्रत रखकर मां काली का स्मरण करना विशेष फलदायी माना गया है।महाराज ने बताया कि शास्त्रों में मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है।इस दिन संगम या गंगा तट पर स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापो का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा मिलती है।उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि स्नान के साथ-साथ दान जप और सेवा कार्य भी अवश्य करे।प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।सभी ने शांत भाव से महाराज के विचारों को सुना और उनका अनुसरण करने का संकल्प लिया।
कालिदास महाराज ने यह भी कहा कि आज के समय में बाहरी आडम्बर से अधिक जरूरी है अन्तर्मन की शुद्धि।यदि मन पवित्र है तो जीवन में सुख और शांति स्वतःआती है।प्रवचन के अंत में महाराज ने देश और समाज की सुख- समृद्धि की कामना करते हुए मां काली से सभी पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। श्रद्धालुओ ने जय मां काली और हर-हर गंगे के जयकारो के साथ प्रवचन का समापन किया।















2 hours and 10 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1.2k