मीरा भायंदर की ऐतिहासिक विजय में गोपाल शेट्टी की रही महत्वपूर्ण भूमिका
मुंबई। मीरा भायंदर महानगर पालिका चुनाव में भाजपा को मिली ऐतिहासिक और प्रचंड जीत को देखकर विपक्ष स्तब्ध है। विशेष रूप से शिवसेना शिंदे गट के दावों कि जिस तरह से हवा निकल गई, उससे साफ हो गया कि मीरा भायंदर भाजपा का अभेद किला बन चुका है। भाजपा को मिली महा विजय के कई कर्णधार माने जा रहे हैं। विधायक नरेंद्र मेहता ने जहां एक-एक वार्ड पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी, वहीं यहां के प्रभारी तथा पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने भी सभी वार्डों में मतदाताओं से मुलाकात कर भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित किया। खासकर दक्षिण भारत के मतदाताओं पर उनकी मजबूत पकड़ रही। नरेंद्र मेहता ने जिलाध्यक्ष दिलीप जैन के साथ उनका स्वागत करते हुए कहा था कि गोपाल शेट्टी हमारे लिए बहुत लकी है, क्योंकि यह कभी चुनाव नहीं हारे। उत्तर भारतीय मोर्चा के जिला महामंत्री शिवदयाल मिश्रा के अनुसार गोपाल शेट्टी जी ने मीरा भायंदर के साथ साथ उत्तर मुंबई के सभी वार्डो में बीजेपी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कड़ी मेहनत की। उत्तर मुंबई के मतदाताओं पर आज भी उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों की छाप देखी जा सकती है। यही कारण है कि मतदाताओं ने उनकी बात को गंभीरता से लिया और भाजपा महायुति के  सभी प्रत्याशियों को भारी मतों से विजई मनाया।
एकता विकास और युवा नेतृत्व पर भरोसे की जीत : तेजिंदर सिंह तिवाना
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के लिए वार्ड 47 की सीट जीतना अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इस सीट से पार्टी ने मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को उम्मीदवार बनाया था। युवा नेतृत्व का प्रतीक होने के नाते, इस सीट पर जीत भाजपा के लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का सवाल थी।

वार्ड 47 की जटिल और विभिन्न धर्म और समुदाय के मतदाताओं को देखते हुए यह मुकाबला भाजपा के लिए आसान नहीं था। ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यदि इस वार्ड से भाजपा को कोई विजयी बना सकता था, तो वह केवल तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना ही थे।

वार्ड 47 की मतदाता संरचना में लगभग 22% मराठी, 21% दक्षिण भारतीय, 12% ईसाई और 6% मुस्लिम मतदाता शामिल हैं, जिससे यह क्षेत्र UBT या कांग्रेस जैसे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के लिए आसान विजय का ब्लूप्रिंट बनाता है। वहीं भाजपा के परंपरागत मतदाता भी इस वार्ड में ठीकठाक संख्या 17% उत्तर भारतीय/पंजाबी और 18% गुजराती/राजस्थानी में हैं। लेकिन पुनर्विकास (Redevelopment) के चलते बड़ी संख्या में मतदाता वार्ड से बाहर दूसरे स्थानों पर रहने चले गए, और मतदान का दिन मकर संक्रांति होने के कारण गुजराती मतदाताओं की अनुपस्थिति भी एक बड़ी चुनौती बनी। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भाजपा की यह प्रचंड जीत तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना की मेहनत, स्थानीय स्वीकार्यता और मजबूत जनसंपर्क के कारण संभव हो पाई।

तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार पिछले 40 वर्षों से अधिक इस क्षेत्र में निरंतर जनसेवा कर रहा है, यही कारण है कि क्षेत्र की जनता का उनके परिवार से गहरा विश्वास और जुड़ाव रहा है।
इस जीत का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी जाता है, जिन्होंने इस बार युवाओं पर विश्वास जताया और उन्हें अवसर दिया। युवाओं ने अपनी नई सोच और जोश के साथ इस बीएमसी चुनाव का परिदृश्य ही बदल कर रख दिया।

तेजिंदर का “मदद का ठिकाना” अभियान इस चुनाव की पहचान बन गया। यह अभियान मतदाताओं में ऐसा उत्साह भरने में सफल रहा कि माहौल किसी नगरसेवक चुनाव का नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा था। अभियान के गीत, विज्ञापन फिल्में और सोशल मीडिया पर साझा किया गया कंटेंट जनता से सहज रूप से जुड़ता चला गया। क्योंकि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार बिना किसी पद के भी स्थानीय नागरिकों के लिए दिन रात उपलब्ध रहे, और यही निरंतर सेवा भाव जनता के विश्वास में बदल गया।

तेजिंदर सतनाम सिंग तिवाना की यह जीत सही मायनों में मुंबई की स्पिरिट की जीत है—जहाँ भाषा और प्रांत के आधार पर समाज को बाँटने वाले नरेटिव से ऊपर उठकर जनता ने एक मेहनती, सदा उपलब्ध रहने वाले युवा उम्मीदवार को प्रचंड मतों से विजयी बनाया।
महापालिका में 25 वर्ष बाद सत्ता परिवर्तन का स्वागत, शिंदे गट का बने मुंबई का अगला महापौर  : डॉ विवेकानंद  जाजू
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में महायुति को मिली प्रचंड जीत से उत्साहित बांद्रा पूर्व के शिव सैनिकों ने शिवसेना  (शिंदे गट) नेता डॉ. विवेकानंद जाजू के नेतृत्व में जश्न मनाया। डॉ जाजू ने कहा कि पहली बार उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना ने मुंबई में चुनाव लड़ा और शानदार सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका में 25 वर्ष बाद हुए सत्ता परिवर्तन से बांद्रा पूर्व के शिवसैनिक उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि सभी शिव सैनिकों ने कड़ी मेहनत की और महायुति को जीत दिलाई। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद म्हाडा और महानगरपालिका में मनमानी पर विराम लगेगा और आम जनता के हितों के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगला महापौर शिंदे गट का मराठी होगा तथा महानगरपालिका में सत्ता परिवर्तन के बाद अब मुंबई के विकास का नया दौर शुरू होगा और जनता को बुनियादी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। डॉ जाजू ने कहा कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन और नेतृत्व में बांद्रा पूर्व में शिवसेना सबसे मजबूत पार्टी के रूप में लगातार विकास का काम करती रहेगी।
प्रधानमंत्री के विजन और मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व की विजय : आचार्य पवन त्रिपाठी
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में महायुति को मिली प्रचंड विजय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुंबई भाजपा के महामंत्री तथा श्री सिद्धिविनायक मंदिर न्यास के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि यह ऐतिहासिक विजय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी विजन और महाराष्ट्र के लोकप्रिय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कुशल नेतृत्व की विजय है। उन्होंने कहा कि मुंबई के मतदाताओं ने विकास और स्वर्णिम भविष्य को प्राथमिकता देते हुए महायुति के पक्ष में संगठित होकर मतदान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा मुंबई अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम ने जिस तरह से कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया और जनता के बीच हमेशा खड़े रहे, उसके चलते महायुति के प्रति लोगों में विश्वास बढ़ा। आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि यह पार्टी के प्रति समर्पित निस्वार्थ कार्यकर्ताओं की महा विजय है। विकास और विश्वास के प्रति समर्पित भाजपा का विजय रथ निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
शक्ति के देवता बजरंगबली की तस्वीर भेंटकर कृपाशंकर ने दी मुख्यमंत्री को बधाई

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में महायुति को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री तथा लोकप्रिय उत्तर भारतीय नेता कृपाशंकर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर, उन्हें शक्ति के देवता बजरंगबली की तस्वीर भेंटकर हार्दिक बधाई दी।

कृपाशंकर ने कहा कि यह प्रचंड जनादेश, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शितापूर्ण विजन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सुशासन , विकास और मजबूत नेतृत्व में जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीय एक परिश्रमी कौम है, जो अपनी कड़ी मेहनत, ईमानदारी और सहयोग देने की प्रवृत्ति पर विश्वास रखती है। महाराष्ट्र के उत्तर भारतीय समाज ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा किए गए विकास कार्यों पर पूरा भरोसा जताते हुए न सिर्फ मुंबई महानगरपालिका में अपितु मीरा भायंदर, ठाणे, नवी मुंबई,पालघर समेत अन्य महानगरपालिकाओं में भी भाजपा के पक्ष में संगठित रूप से मतदान किया। इस अवसर पर मुंबई युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष शिवम सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने भी प्रचंड विजय के लिए मतदाताओं का आभार मानते हुए कहा कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के लिए संकल्पित है।
मुंबई के विकास और उज्जवल भविष्य के लिए किया मतदान : कृपाशंकर सिंह
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका का चुनाव परिणाम अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि पहली बार मुंबई के लोगों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विकास कार्यों और महायुति सरकार की लोकहित विचारधारा को देखते हुए मतदान किया है। बांद्रा पश्चिम के इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन मतदान केंद्र पर वोट डालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री तथा लोकप्रिय उत्तर भारतीय नेता कृपाशंकर सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुंबई के विकास और उज्जवल भविष्य के लिए मतदान किया है। इस बार का चुनाव परिणाम पूरी तरह से महायुति के पक्ष में होने जा रहा है और भारतीय जनता पार्टी का अगला महापौर बनने जा रहा है। उन्होंने उत्तर भारतीय मतदाताओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि पहली बार उत्तर भारतीय मतदाताओं ने जाति पाति से ऊपर उठकर मुंबई के विकास के लिए  संगठित रूप से मतदान किया।
मुंबई के स्वर्णिम विकास और समृद्धि के लिए किया मतदान – डॉ मंजू लोढ़ा
मुंबई। मुंबई महानगर पालिका चुनाव को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण मतदान के बीच आज  लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरमैन तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मंजू लोढ़ा ने अपने पति तथा महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के  साथ दक्षिण मुंबई के मालाबार हिल विधानसभा स्थित प्रभाग क्रमांक 219 में मतदान किया। मतदान के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डॉ मंजू लोढ़ा ने कहा कि उन्होंने मुंबई के स्वर्णिम विकास और समृद्धि के लिए मतदान किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि मुंबई के नए महापौर के नेतृत्व में मुंबई का सर्वांगीण विकास होगा और लोग शांति सुरक्षा और खुशहाली के साथ जीवन व्यतीत करेंगे। उन्होंने कहा कि वह चाहती है कि आम आदमी का विकास हो।
केडी आर फाउंडेशन 46 मरीजों का कराएगा मोतियाबिंद ऑपरेशन
बदलापुर। आर जे शंकरा आई हॉस्पिटल वाराणसी तथा केवलादेवी रामबहाल  फाउंडेशन के तत्वावधान में गुरूवार को के डी आर हाउस कठार में जरूरतमंद लोगों के लिए निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विश्व स्तरीय आर जे शंकरा आई हॉस्पिटल वाराणसी के कुशल चिकित्सकों द्वारा 165 आंख के मरीजों का परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान 46 मोतियाबिंद की बीमारी से ग्रसित मरीजों को लेंस प्रत्यारोपण के लिए बस द्वारा वाराणसी आर जे शंकरा आई हॉस्पिटल ले जाया गया। केडीआर फाउंडेशन के संस्थापक विनोद सिंह ने बताया कि मोतियाबिंद के लिए चयनित सभी मरीजों का लेंस प्रत्यारोपण आपरेशन निःशुल्क कराया जाएगा। उनके खाने पीने की व्यवस्था मुकम्मल फाउन्डेशन उठाएगा। उन्होंने बताया कि शेष 119 मरीजों की आंख का परीक्षण करनें के बाद नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर अलका ने चश्मा बनवाने तथा अन्य दवाओं के प्रयोग का सलाह दिया। मरीज के नेत्र का परीक्षण आर जे शंकरा आई हॉस्पिटल की टीम में शामिल डॉ अलका , प्रयोगशाला सहायक अर्चना ,नेत्र निरीक्षक सोनाक्षी तथा गणेश ने किया। मोतियाबिंद ऑपरेशन लेंस प्रत्यारोपण के लाभार्थियों ने केडी आर फाउंडेशन के निर्देशक विनोद रामबहाल सिंह तथा सह निदेशक डॉ रमा विनोद सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस मौके पर अमरधारी सिंह,त्रिभुवन सिंह , अशोक सिंह,विनय सिंह,अंकुर सिंह ,बृजेश सिंह ,आदित्य सिंह , सौरभ सिंह सिब्बू ,सौरभ सिंह छोटू ,रूद्र सिंह ,मिथुन सिंह ,डब्बू यादव , विराज प्रताप सिंह आदि लोग मौजूद थे।
महापालिका चुनाव में उत्तर भारतीयों का सबसे बड़ा चेहरा नजर आये कृपाशंकर सिंह

–शिवपूजन पांडे, वरिष्ठ पत्रकार

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका समेत महाराष्ट्र की अन्य महानगरपालिकाओं में 15 दिसंबर को मतदान होने जा रहा है। परिणाम की हवा का रूख महायुति की तरफ जाता दिखाई दे रहा है। इस बार के चुनाव में पहली बार देखने को मिल रहा है, जब पूरे महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तर भारतीयों का भाजपा की तरफ स्पष्ट झुकाव है। ऐसे में सवाल उठता है कि उत्तर भारतीय मतदाता इतने संगठित क्यों हैं? कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा बड़ी संख्या में उत्तर भारतीयों को टिकट देने के बावजूद आखिर उत्तर भारतीय मतदाता अपना पाला बदलने के लिए तैयार क्यों नहीं दिख रहे।

पिछले चुनाव में चलने वाला जाति कार्ड भी इस बार के चुनाव में फ्लॉप होता नजर आ रहा है। देखा जाए तो इसका सबसे बड़ा कारण मनसे और यूबीटी का एक साथ आना और महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह का उत्तर भारतीयों की तरफ खुलकर बोलना है। मीरा भाईंदर महानगरपालिका चुनाव में उत्तर भारतीय महापौर की मांग करके उन्होंने महाराष्ट्र में रहने वाले सभी उत्तर भारतीय मतदाताओं का दिल जीत लिया। लोगों ने खुलकर कहना शुरू किया कि कम से कम एक उत्तर भारतीय नेता तो है जो उनके लिए महापौर तक की मांग करता है।

यद्यपि कृपाशंकर सिंह ने महापौर की मांग सिर्फ मीरा भाईंदर महानगरपालिका के लिए किया था।
इसमें कोई संदेह नहीं कि कृपाशंकर सिंह ने इस बार कड़ी मेहनत की। उत्तर भारतीय बाहुल्य इलाकों में ताबड़तोड़ सभाएं, पदयात्राएं और घर घर जाकर महायुति के पक्ष में मतदान करने की अपील की। कृपाशंकर ने एक बड़ा काम यह भी किया कि उन्होंने भाजपा के बागियों को मनाकर बैठाया, जिसके चलते अनेक वार्डों में कमजोर दिख रही भाजपा ताकतवर हो गई। पहली बार कृपाशंकर सिंह ने सोशल मीडिया की ताकत दिखाई। वह लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहे और उत्तर भारतीयों को भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों के पक्ष में मतदान करने की अपील करते रहे। इसमें कोई दो राय नहीं कि उत्तर भारतीय मतदाता सबसे ज्यादा कृपाशंकर सिंह पर ही भरोसा और विश्वास करता है और राजनीति की मंजिल तय करता है।
एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

वजीरगंज (गोण्डा):। वजीरगंज बाजार में मंगलवार देर रात एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मायके पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर हत्या का आरोप लगाते हुए पति सहित सात ससुरालीजनों के खिलाफ वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
वजीरगंज थाने के ठीक सामने स्थित एक मकान में मंगलवार रात करीब 09 बजे आंचल मोदनवाल (26) पत्नी सुजीत मोदनवाल का शव संदिग्ध हालात में मिला। सूचना मिलते ही सीओ तरबगंज यूपी सिंह और थानाध्यक्ष विपुल पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई, इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय गोंडा भेजा गया।
अयोध्या जनपद के अमानीगंज मोहल्ला निवासी अभिषेक मोदनवाल पुत्र संतोष ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उसकी बहन आंचल का विवाह 08 फरवरी 2019 को वजीरगंज बाजार निवासी सुजीत मोदनवाल पुत्र जगदीश के साथ हुआ था। आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही आंचल को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा।
पीड़ित के अनुसार, जब भी आंचल मायके आती थी, वह पति सुजीत, ससुर, सास दुर्गेश मोदनवाल, जेठ राकेश मोदनवाल, जेठानी, ननद कोमल और जूही द्वारा दहेज के लिए मारपीट और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत करती थी। करीब एक वर्ष पूर्व वह अत्यधिक परेशान होकर मायके आ गई थी, लेकिन परिजनों के समझाने पर पुनः ससुराल चली गई थी।
मंगलवार रात मृतका के जेठ द्वारा फोन पर सूचना दी गई कि आंचल की मौत हो चुकी है। मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
थानाध्यक्ष विपुल पांडे ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर के आधार पर पति समेत कुल सात आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या सहित गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद से इलाके में तनावपूर्ण माहौल है, वहीं पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।