ED को बड़ी राहत: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची पुलिस की जांच पर लगाई रोक, एयरपोर्ट थाने में दर्ज FIR पर अगली सुनवाई तक स्टे।

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए रांची पुलिस द्वारा केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ की जा रही जांच पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने यह आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार और निजी प्रतिवादी संतोष कुमार से जवाब तलब किया है।

हाईकोर्ट के कड़े निर्देश:

जांच पर रोक: एयरपोर्ट थाने में ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर रांची पुलिस अब कोई कार्रवाई नहीं कर सकेगी।

सुरक्षा का नया घेरा: कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ईडी के रांची कार्यालय की सुरक्षा अब CISF या CRPF संभालेगी। साथ ही रांची एसएसपी को सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा दिया गया है।

पक्षकार: अदालत ने केंद्रीय गृह सचिव और शिकायतकर्ता संतोष कुमार को इस मामले में प्रतिवादी (पार्टी) बनाया है।

जवाब दाखिल करने का समय: राज्य सरकार को 7 दिन और संतोष कुमार को 10 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि:

विवाद पेयजल विभाग में कथित गड़बड़ी की जांच से शुरू हुआ। मामले का आरोपी संतोष कुमार बिना किसी समन के स्वयं ईडी कार्यालय पहुंचा और बाद में ईडी अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान मारपीट का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी।

ईडी का तर्क: गुरुवार को जब रांची पुलिस जांच के लिए ईडी दफ्तर पहुंची, तो एजेंसी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ईडी का तर्क है कि यह प्राथमिकी उनकी स्वायत्त जांच को बाधित करने और अधिकारियों को डराने की एक साजिश है। ईडी ने इस पूरे प्रकरण की जांच CBI से कराने की मांग की है, जिस पर अदालत ने विचार करने के संकेत दिए हैं।

NIA की बड़ी कार्रवाई: मगध जोन का कुख्यात नक्सली 'चंदन' मुंबई से गिरफ्तार, मज़दूर बनकर काट रहा था


राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक विशेष अभियान के तहत बिहार-झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय और लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली चंदन कुमार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए ने आधिकारिक तौर पर इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी 2021 से ही जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।

कौन है चंदन कुमार?

मूल रूप से बिहार के जहानाबाद का रहने वाला चंदन कुमार प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओइस्ट) का सक्रिय सदस्य है। वह विशेष रूप से मगध जोन में संगठन को दोबारा जीवित करने के लिए रचे गए 'मगध षड्यंत्र' (RC-05/2021/NIA/RNC) मामले में नामजद था। संगठन में उसकी पहचान एक 'फाइनेंशियल एक्सपर्ट' के तौर पर थी, जो लेवी वसूली और फंड मैनेजमेंट के जरिए माओवादियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करता था।

मज़दूर बनकर छिपा था मुंबई में

गिरफ्तारी से बचने के लिए चंदन ने अपनी पहचान छुपा ली थी और मुंबई में एक मज़दूर के रूप में काम कर रहा था। हालांकि, मज़दूर के भेष में रहकर भी वह ग्रामीण इलाकों में सक्रिय अपने ग्राउंड वर्कर्स (GWS) के संपर्क में था और उन्हें लेवी वसूली, हथियारों के निर्माण और नए कैडरों की भर्ती के लिए निर्देशित कर रहा था।

NIA की जांच में हुए खुलासे:

हथियारों का जखीरा: जांच में पता चला कि चंदन मगध जोनल कमेटी के माध्यम से हथियारों के संग्रह और वितरण का प्रमुख केंद्र था।

संगठन का विस्तार: आरोपी प्रद्युम्न शर्मा और सुनील भगत जैसे बड़े नक्सली नेताओं के साथ मिलकर मगध क्षेत्र में संगठन के विस्तार की योजना पर काम कर रहा था।

भगोड़ा घोषित: एनआईए की विशेष अदालत ने पहले ही उसे आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 'भगोड़ा' घोषित कर दिया था।

मिशन दावोस: वैश्विक 'क्रिटिकल मिनरल्स' का पावर हब बनने को तैयार झारखंड, विजन 2050 के साथ दुनिया के सामने उतरेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची: झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर अब 'विजन 2050' की ओर कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विश्व आर्थिक मंच (दावोस) और ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा के जरिए दुनिया को यह संदेश देने जा रही है कि झारखंड केवल खनिजों का स्रोत नहीं, बल्कि वैश्विक 'ऊर्जा परिवर्तन' (Energy Transition) की धुरी है।

प्रमुख अपडेट्स:

1. वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का केंद्र: झारखंड की मिट्टी में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे तांबा, यूरेनियम, लिथियम आदि) भविष्य की क्लीन एनर्जी के लिए अनिवार्य हैं। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हाइड्रोजन गैस और स्मार्ट ग्रिड जैसे उद्योगों के लिए झारखंड एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक वैश्विक भागीदार के रूप में खुद को पेश कर रहा है।

2. जिम्मेदार खनन और 'ग्रीन स्टील': दावोस में झारखंड "प्रकृति के साथ सामंजस्य" की अपनी सोच को साझा करेगा। राज्य का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ग्रीन स्टील और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में मौजूद संभावनाओं को उजागर करना है।

3. IIT-ISM धनबाद की भूमिका: हाल ही में IIT-ISM धनबाद में स्थापित क्लीन-टेक केंद्र राज्य की तकनीकी मजबूती को दर्शाता है। यह केंद्र खनिजों के प्रसंस्करण में उच्च-प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

4. औद्योगिक विरासत का लाभ: टाटा स्टील, हिंदुस्तान कॉपर और यूरेनियम कॉर्पोरेशन जैसे संस्थानों की मौजूदगी के साथ झारखंड के पास एक सदी पुराना औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र है। इसी अनुभव के आधार पर राज्य अब एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करेगा।

प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

अंश-अंशिका की सकुशल वापसी पुनर्जन्म जैसा माहौल, केक काटकर एवं दही चूड़ा खिलाकर स्वागत किया गया : कैलाश यादव

आज दिनांक 15/1/26 को अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल में समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव के नेतृत्व में लोगों के साथ मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर दही चूड़ा भोज किया गया !

दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम के दौरान अंश-अंशिका का सकुशल घर वापसी पर परिवार एवं लोगों के साथ अंश-अंशिका को केक एवं दही-चूड़ा खिलाकर खुशियां मनाई गई !

इस अवसर पर अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा कि अपहृत अंश-अंशिका दोनों भाई बहन का नया पुनर्जन्म हुआ है ! 12 दिन से लापता दोनों बच्चे के ऊपर ईश्वर का साक्षात् चमत्कार हुआ है !

5 वर्ष का अंश और 4 वर्षीय अंशिका एक अबोध बालक है अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया है क्योंकि कड़ाके ठंड में बच्चों को जमीन पर सुलाया गया, खाने पीने और रहन सहन बिल्कुल अव्यवस्थित रहा है !

अपहृत अंश-अंशिका के परिजन सुनील यादव बेहद गरीब एवं कमजोर परिवार है,रोज कमाने खाने वाले सुनील यादव की ऐसी स्थिति में दोनों बच्चे का अपहरण हो जाना अत्यंत पीड़ादायक स्थिति बन गई थी ! निश्चित रूप से महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की असीम कृपा है !

अंश-अंशिका के अपहरण होने उपरांत समिति , पुलिस प्रशासन ,पत्रकार समूह नगरवासी, सामाजिक संगठन समस्त समाज एवं व्यवसाई परिवारो ने भरपूर सहयोग किया !

शुरुआती दिनों से समिति एवं प्रशासन का तालमेल लगातार चलता रहा,समिति की ओर से प्रशासन से मैत्री सवाल जवाब होता रहा,संघर्ष को चरणबद्ध रणनीति के तहत कार्य किया गया जिस कारण परिजन का मनोबल हमेशा मजबूत रहा !

आज समाज प्रशाशन और स्थानीय क्षेत्रों के लोग काफी खुशी महसूस कर रहे हैं !

आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हजारों लोगों को दही-चूड़ा भोज कराया गया ! इस मुहिम में शामिल प्रशासन के सभी सदस्यों को जल्द सम्मानित किया जाएगा !

कार्यक्रम में नंदन यादव रंजन यादव परमेश्वर सिंह गौरीशंकर यादव मिंटू पासवान संजीत यादव नीतू देवी बबन यादव अभिषेक साहू मनीष राय बबलू गोप राहुल कुमार सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे !

रांची में ED अधिकारियों पर मारपीट का आरोप, पुलिस कर रही जांच

रांची : रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर एक क्लर्क के साथ मारपीट का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले की जांच और सबूत जुटाने के लिए एयरपोर्ट थाना की पुलिस भारी संख्या में ED कार्यालय पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

क्लर्क ने लगाए गंभीर आरोप

पेयजल विभाग में कार्यरत क्लर्क संतोष कुमार ने ED अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है। संतोष का कहना है कि पूछताछ के नाम पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसका सिर फोड़ दिया गया। इस मामले को लेकर एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एफआईआर के अनुसार, 12 जनवरी को संतोष कुमार को फोन कर पूछताछ के लिए ED कार्यालय बुलाया गया था। तय समय पर वह ED कार्यालय पहुंचा, जहां पूछताछ के दौरान उस पर जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया।

जुर्म कबूल न करने पर पिटाई का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि जब संतोष ने किसी भी तरह का अपराध स्वीकार करने से इनकार किया, तो ED अधिकारियों प्रतीक और शुभम ने डंडे से उसकी पिटाई की। मारपीट में उसका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि उसे जान से मारने और अपराध कबूल नहीं करने पर उसके परिवार के सदस्यों को जेल भेजने की धमकी दी गई। मारपीट के बाद संतोष को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर में छह टांके लगाए। प्राथमिकी में कहा गया है कि इलाज के बाद, बार-बार मना करने के बावजूद उसे फिर से ED कार्यालय ले जाया गया।

थाना प्रभारी करेंगे जांच

यह भी आरोप है कि ED कार्यालय में उसे मारपीट की घटना के बारे में किसी को न बताने की हिदायत दी गई और रात करीब 10 बजे के बाद उसे छोड़ा गया। पुलिस ने बताया है कि इस मामले की जांच थानेदार स्वयं करेंगे। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

झारखंड बोर्ड (JAC) 2026 परीक्षा कार्यक्रम जारी: 3 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं

रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वर्ष 2026 की मैट्रिक (10वीं) और इंटर (12वीं) बोर्ड परीक्षाओं की आधिकारिक डेटशीट जारी कर दी है। जैक की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, दोनों परीक्षाएं 3 फरवरी 2026 से शुरू होंगी।

मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा 3 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।

इंटर (12वीं) की परीक्षा 3 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक चलेगी।

इस बार भी परीक्षा दो पालियों में ली जाएगी — पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 1:45 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा का पूरा शेड्यूल जैक की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

एडमिट कार्ड जनवरी में जारी होंगे

जैक ने जानकारी दी है कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के एडमिट कार्ड जनवरी 2026 में स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि छात्रों को समय पर एडमिट कार्ड वितरित करें और परीक्षा संबंधी दिशानिर्देशों की जानकारी दें।

तैयारी के अंतिम चरण में छात्र

झारखंड के हजारों विद्यालयों में छात्र-छात्राएं अब अपनी परीक्षा तैयारी के अंतिम चरण में हैं। शिक्षक छात्रों को मॉडल प्रश्नपत्रों और पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों के माध्यम से अभ्यास करा रहे हैं। जैक की ओर से पहले ही मॉडल पेपर जारी किए जा चुके हैं ताकि विद्यार्थी परीक्षा पैटर्न से परिचित हो सकें।

जैक ने दी अपील

काउंसिल ने छात्रों से अपील की है कि वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचें, निर्धारित ड्रेस कोड और दिशा-निर्देशों का पालन करें। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।

राज्यभर में करीब 1,200 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ सुरक्षा और निगरानी की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

*पीवीयूएनएल, पतरातू में लोहरी उत्सव का हर्षोल्लास के साथ आयोजन

पतरातू, झारखंड:

पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) के टाउनशिप ग्राउंड में लोहरी उत्सव का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। इस अवसर पर पीवीयूएनएल के सीईओ श्री ए.के. सहगल एवं श्रीमती रेणु सहगल ने उपस्थित सभी कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को लोहरी की शुभकामनाएँ दीं और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम में परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों—श्री अनुपम मुखर्जी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना); श्री मनीष खेतरपाल, महाप्रबंधक (ओएंडएम); श्री ओ.पी. सोलंकी, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस); तथा श्री जोगेश चंद्र पात्र, महाप्रबंधक (ऑपरेशन एवं कमीशनिंग) की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अधिकारियों ने सामूहिक रूप से कर्मचारियों को संबोधित करते हुए इस पर्व के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि लोहरी का यह पर्व सभी के जीवन में समृद्धि, खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और नए आरंभ लेकर आए। पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोकगीतों एवं उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने आपसी सौहार्द और एकजुटता को और मजबूत किया।

दावोस में गूंजेगी 'युवा झारखंड' की धमक: विश्व आर्थिक मंच में भागीदारी देश के विकास के लिए 'टर्निंग प्वाइंट'।

रांची: झारखंड के निर्माण के 25वें वर्ष में राज्य एक बड़ी वैश्विक छलांग लगाने के लिए तैयार है। विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की दावोस बैठक में झारखंड की भागीदारी महज एक संवाद नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक प्रगति के लिए एक 'टर्निंग प्वाइंट' साबित होने वाली है। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, झारखंड अब विश्व के विकास की अगली कहानी को आकार देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

प्रमुख रणनीतिक बिंदु:

1. खनिजों से औद्योगिक क्रांति तक: झारखंड, जो कोयला, लौह अयस्क, तांबा और यूरेनियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों से संपन्न है, अब खुद को केवल संसाधनों के स्रोत के रूप में नहीं, बल्कि मूल्यवर्धित उद्योगों (Value-added industries) और सतत आपूर्ति श्रृंखला (Sustainable Supply Chain) के भागीदार के रूप में पेश करेगा।

2. उत्तरदायी निवेश और सतत विकास: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य "प्रकृति के साथ सामंजस्य" की अपनी मूल सोच को वैश्विक मंच पर रखेगा। दावोस में राज्य का ध्यान उत्तरदायी खनन, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु-अनुकूल विकास पर होगा, जो विश्व आर्थिक मंच के मूल एजेंडे से मेल खाता है।

3. वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद: दावोस का मंच झारखंड को दुनिया की प्रमुख कंपनियों के सीईओ, वित्तीय संस्थानों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं से सीधे जुड़ने का अवसर देगा। इससे राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा और आधुनिक विनिर्माण के क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएँ प्रबल होंगी।

4. 25 वर्षों का युवा झारखंड: अपनी रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा झारखंड अब एक परिपक्व औद्योगिक आधार, विशाल मानव संसाधन और नवाचार के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के प्रयास से लापता बच्चे हुए बरामद, पुलिस थपथपा रही अपनी पीठ....बाबूलाल मरांडी

भाजपा निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले 12 दिनों से लापता बच्चे बरामद हुए, इसमें दो राय नहीं कि पुलिस ने काफी मेहनत की, दिन-रात एक कर दिया। इसी का परिणाम है कि यह बात गांव-गांव तक फैल गई और लोग इन बच्चों को ढूँढने में लग गये। अंततः बजरंग दल के युवाओं ने ही इन बच्चों को सकुशल ढूंढ निकाला।

कहा कि रामगढ़ के चितरपुर से बजरंग दल के कार्यकर्ता सचिन प्रजापति, डबलु साहु, सन्नी और उनके साथियों ने जिस दिलेरी से बच्चों को बरामद किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। तस्वीरें आपके सामने हैं, मैंने पहले भी पोस्ट किया था।इन तस्वीरों को देखकर कोई भी हकीकत और बयानबाज़ी के बीच के फ़ासले को आसानी से समझ सकता है कि सच क्या है और कुछ पुलिस वाले इसे किस तरीके से परोस कर पूरी वाहवाही हड़पने का घटिया प्रयास कर रहे हैं।

कहा लेकिन पुलिस की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखकर चंद सवाल उभरते हैं। पुलिस ने अपनी पीठ तो थपथपा ली, लेकिन बरामद करने वाले बजरंग दल के इन युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए चंद शब्द तक नहीं कहे। अब श्रेय लेने की होड़ मचेगी और मनचाहे लोगों को चुन-चुन कर पुरस्कार बांटे जाएंगे।

कहा कि वे चाहेंगे कि पुलिस अपनी गलती सुधारे और इन युवाओं को बुलाकर सम्मानित करे, ताकि आगे भी लोग मदद के लिए आगे आएं।

दूसरों की पहचान और मेहनत को खा जाना एक 'दलाल संस्कृति' है और इससे बचा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने भी जो प्रशासन की प्रशंसा के पुल बांधे हैं, ऐसा लगता है कि उन्हें भी अधिकारियों ने सही जानकारी नहीं दी है। उन्हें भी धरातल की सच्चाई पता कर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संशोधन करना चाहिए और असली नायकों को सम्मान देना चाहिए।

कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो मान लिया जाएगा कि यह व्यवस्था संवेदनहीन थी, है और रहेगी। पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा इन बातों का ख्याल न रखा जाना निंदनीय और शर्मनाक है।