रांची में भीषण शीतलहर का अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जारी की एडवायजरी, अभिभावकों और छात्रों के लिए विशेष अपील।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बुलेटिन के आधार पर जिले के नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों और छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सावधानियाँ और अपील जारी की है।

न्यूनतम तापमान और येलो अलर्ट: जिले का तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और मौसम विभाग ने इसे 'येलो जोन' (शीतलहर) में रखा है। उपायुक्त ने सर्दी-खांसी, निमोनिया और हाइपोथर्मिया जैसी बीमारियों से बचाव हेतु लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।

प्रशासन की मुख्य अपील एवं सावधानियाँ:

आम जनता के लिए: गर्म कपड़ों (मफलर, दस्ताने, टोपी) का अनिवार्य उपयोग करें। सुबह-शाम कोहरे के समय बाहर निकलने से बचें।

अभिभावकों के लिए विशेष निर्देश: बच्चों को स्कूल भेजते समय मोटे गर्म कपड़ों की परत पहनाएं। यदि बच्चा अस्वस्थ लगे, तो उसे स्कूल भेजने के बजाय तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

छात्र-छात्राओं के लिए: स्कूल जाते समय अपने नाक और मुंह को स्कार्फ या मफलर से ढंक कर रखें और समय-समय पर गुनगुने पानी का सेवन करें।

निरंतर निगरानी: उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। ठंड के प्रकोप को देखते हुए भविष्य में स्कूलों के समय या छुट्टी के संबंध में आगे के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

एक माँ ही इस खुशी को महसूस कर सकती है"– बच्चों की बरामदगी पर मुख्यमंत्री का सोशल मीडिया संदेश वायरल।

रांची: धुर्वा से लापता मासूम अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी खुशी व्यक्त की है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (X) पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल पुलिस की पीठ थपथपाई, बल्कि इस पूरी घटना के पीछे छिपे बड़े आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का संकल्प भी दोहराया।

"परेशान करने वाले थे पिछले कुछ दिन": मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि बच्चों के लापता रहने के दौरान वे व्यक्तिगत रूप से काफी व्यथित थे। उन्होंने कहा, "आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है? शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, जो चिंताजनक था। लेकिन रांची पुलिस ने जिस तरह दूसरे राज्यों में हुई समान घटनाओं के तार जोड़कर अपराधियों तक पहुँच बनाई, वह वाकई प्रशंसनीय है।"

बड़े नेटवर्क पर प्रहार की तैयारी: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान बच्चों की बरामदगी पर खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राज्य और राज्य के बाहर सक्रिय ऐसे गिरोहों की गहन पड़ताल कर उनकी कमर तोड़ी जाएगी। वहीं, सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक ने पुष्टि की है कि मामले को अभी गोपनीय रखा जा रहा है ताकि इस बड़े नेटवर्क की पहचान कर उसे पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सरकारी योजनाओं से जुड़ेगा परिवार: मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए रांची जिलाधिकारी (DC) को निर्देशित किया है कि वे स्वयं अंश और अंशिका के परिवार से मिलें और उन्हें सभी जरूरी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने ट्वीट में लिखा– "एक मां और परिवार ही इस पल की असीमित खुशी महसूस कर सकता है।"

अंश-अंशिका की वापसी से बहाल हुआ पुलिस का इकबाल, 'संघर्ष समिति' ने मुख्यमंत्री और डीजीपी का जताया आभार।

रांची: अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने दोनों मासूमों की सकुशल बरामदगी पर अपार हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इसे शासन-प्रशासन की साख और विश्वसनीयता की जीत बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड पुलिस की पूरी टीम को बधाई दी है।

प्रशासन की कर्मठता को साधुवाद: कैलाश यादव ने कहा कि भारी दबाव और विपक्ष की राजनीति के बावजूद प्रशासन ने दिन-रात मेहनत कर इस चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा, रांची एसएसपी राकेश रंजन और उनकी पूरी टीम (सिटी, ग्रामीण, ट्रैफिक एसपी एवं डीएसपी) सहित धुर्वा और जगन्नाथपुर थाना प्रभारियों को इस सफलता के लिए साधुवाद दिया।

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा: यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को बच्चों और उनके परिवार को समुचित सुविधा देने का निर्देश देना सच्ची मानवता का परिचय है। उन्होंने कहा, "मकर संक्रांति के दिन भगवान जगन्नाथ स्वामी ने न्याय किया है।"

अपराधी गिरोह पर कड़ी कार्रवाई की मांग: समिति ने प्रशासन से आग्रह किया है कि केवल बच्चों की बरामदगी ही काफी नहीं है, बल्कि इस पूरे अपहरणकर्ता गिरोह का खुलासा होना चाहिए। अपराधियों पर ऐसी कठोर कार्रवाई हो जो समाज में एक बड़ी नजीर बने।

मुहिम के साथियों का आभार: इस अवसर पर संघर्ष समिति के रंजन यादव, नंदन यादव, बबन यादव, अनीता यादव और पूर्व पार्षद उर्मिला देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की सराहना की।

अंश-अंशिका की सुरक्षित वापसी: रांची पुलिस की बड़ी कामयाबी, डीजीपी ने दी पूरी टीम को बधाई।

रांची: झारखंड पुलिस ने एक बार फिर अपनी कुशलता और टीम वर्क का परिचय दिया है. रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी खटाल से 2 जनवरी को लापता हुए दो मासूम बच्चे अंश और अंशिका को पुलिस ने रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से सकुशल बरामद कर लिया.

मानव तस्कर गिरोह का नेटवर्क

झारखंड पुलिस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि यह एक बहुत बड़ा गिरोह है. फिलहाल मामले को पूरी तरह से गुप्त इसलिए रखा जा रहा है क्योंकि इसमें एक बड़े नेटवर्क को पकड़ना है. वहीं, बच्चों के सकुशल वापसी के बाद सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक ने बताया कि फिलहाल अभी इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस की टीम काम कर रही है. बच्चों को किस तरह से ले जाया गया था और उन्हें कहां-कहां रखा गया था इसकी जानकारी बाद में उपलब्ध कराई जाएगी.

बच्चों की सुरक्षित वापसी पर डीजीपी ने रांची पुलिस की सराहना की और एसएसपी राकेश रंजन सहित पूरी टीम को बधाई दी. पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी तदाशा मिश्र ने कहा कि रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत स्पेशल टीम ने बच्चों को बरामद किया. उन्होंने एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरी टीम ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ मामले को संभाला. डीजीपी ने अभियान में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह सफलता पुलिस की लगातार निगरानी और तकनीकी सहायता का परिणाम है.

बच्चों के परिजनों ने दी धन्यवाद

बच्चों के माता-पिता ने रांची पुलिस को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, "रांची पुलिस को बहुत-बहुत बधाई. हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है. पुलिस ने इतनी तत्परता दिखाई कि हमारे बच्चे सुरक्षित लौट आए". परिजनों ने बताया कि 2 जनवरी को बच्चे घर से लापता हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने तुरंत धुर्वा थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से आरोपी ट्रेस किए.

दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी बच्चों को चितरपुर ले गए थे. फिलहाल, रांची पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. दोनों बच्चे अब अपने परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं. यह घटना झारखंड पुलिस की अपराध नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से पुलिस की छवि और मजबूत हुई है.दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी बच्चों को चितरपुर ले गए थे. फिलहाल, रांची पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. दोनों बच्चे अब अपने परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं. यह घटना झारखंड पुलिस की अपराध नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से पुलिस की छवि और मजबूत हुई है.

हेमंत सोरेन के आवास पर धनबाद जिला झामुमो की महत्वपूर्ण बैठक, संगठन को धार देने पर हुई चर्चा

रांची: पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय अध्यक्ष श्री हेमंत सोरेन के कांके रोड स्थित आवास पर धनबाद जिला संगठन की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में धनबाद जिला और महानगर के सभी स्तर के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक के मुख्य बिंदु:

संगठनात्मक समीक्षा: बैठक में धनबाद जिला अंतर्गत संगठन की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई।

रणनीति पर चर्चा: आगामी चुनौतियों को देखते हुए बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन को और अधिक सक्रिय और मजबूत बनाने के लिए पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।

जनसंवाद: पार्टी के सिद्धांतों और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने पर बल दिया गया।

प्रमुख उपस्थिति: बैठक में मुख्य रूप से केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद कुमार पांडेय, केंद्रीय सचिव श्री अभिषेक प्रसाद "पिंटू", केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह सांसद श्री विजय हांसदा और केंद्रीय सदस्य श्रीमति नीलम मिश्रा मौजूद रहीं।

इसके अतिरिक्त श्री रमेश टुडू, श्री कामेश्वर महथा, काजी सेराज अहमद, श्री जग्गू महतो, श्री गुरुचरण बास्की सहित धनबाद जिला अध्यक्ष श्री लखि सोरेन, जिला सचिव श्री मन्नू आलम, महानगर अध्यक्ष श्री मंटू चौहान और महानगर सचिव श्री रामु मंडल ने भी अपने विचार साझा किए।

वार्ड समितियों की भागीदारी: बैठक की खास बात यह रही कि इसमें धनबाद जिला के सभी वर्ग संगठनों के अध्यक्ष/सचिव के साथ-साथ धनबाद महानगर के अंतर्गत आने वाली सभी वार्ड समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव भी शामिल हुए, जिससे जमीनी स्तर के फीडबैक पर सीधे चर्चा हो सकी।

बड़ी राहत: धुर्वा के लापता अंश और अंशिका 13 दिन बाद बरामद, रामगढ़ से हुई सुरक्षित वापसी

रांची/रामगढ़: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी को रहस्यमयी ढंग से गायब हुए दो मासूम भाई-बहन, अंश और अंशिका, अंततः सुरक्षित मिल गए हैं। 13 दिनों के कड़े संघर्ष और कई राज्यों की खाक छानने के बाद, रामगढ़ पुलिस को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है।

मुख्य अपडेट्स:

बरामदगी का स्थान: दोनों बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर से बरामद किया गया। फिलहाल उन्हें रामगढ़ एसपी के आवास पर सुरक्षित रखा गया है।

अपहर्ताओं की गिरफ्तारी: पुलिस ने इस मामले में बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। यही दंपत्ति बच्चों को शालीमार बाजार से लेकर फरार हुआ था।

डीजीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस: बच्चों की सकुशल बरामदगी और इस पूरे अपहरण कांड के पीछे की साजिश का खुलासा करने के लिए आज दोपहर 12:30 बजे झारखंड के डीजीपी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी।

घटनाक्रम: 2 जनवरी से अब तक

तिथि घटनाक्रम

2 जनवरी धुर्वा के शालीमार बाजार के पास से अंश और अंशिका लापता हुए।

3 - 13 जनवरी पुलिस की 40 सदस्यीय SIT और कई राज्यों की पुलिस ने छापेमारी की।

14 जनवरी (बुधवार) रामगढ़ के चितरपुर से दोनों बच्चे सकुशल बरामद, आरोपी दंपत्ति गिरफ्तार।

पिता ने जताया आभार

बच्चों के पिता सुनील कुमार को जैसे ही पुलिस ने बच्चों की सुरक्षित बरामदगी की सूचना दी, उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद किया है। हालांकि, अपहरण का असली मकसद (फिरौती, मानव तस्करी या कुछ और) क्या था, इसका खुलासा पुलिस की पूछताछ के बाद ही हो पाएगा।

breaking news/ धुर्वा अपहरण कांड: 12 दिनों बाद मिली बड़ी कामयाबी

सकुशल बरामदगी: 2 जनवरी से लापता 7 वर्षीय अंश और 6 वर्षीय अंशिका को रामगढ़ जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।

सिटी एसपी की कार्रवाई: रांची के सिटी एसपी स्वयं बच्चों को वापस लाने के लिए रवाना हो चुके हैं।

दो अपराधी गिरफ्तार: पुलिस ने इस मामले में दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केलिए एक और राष्ट्रीय परिषद केलिए 21 नामांकन हुए प्राप्त.....जुएल उरांव

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज संगठन पर्व के अंतिम चरण में प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव हेतु गहमागहमी रही।केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर रांची पहुंचे केंद्रीय मंत्री और प्रदेश चुनाव अधिकारी जुएल उरांव 11 बजे पूर्वाह्न नामांकन कार्य को संपन्न कराने हेतु प्रदेश कार्यालय पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी,संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित प्रदेश चुनाव अधिकारी डॉ प्रदीप वर्मा सह चुनाव अधिकारी गणेश मिश्र,सुनीता सिंह से बात की और नामांकन के निर्धारित समय 12 बजे अपराह्न से 2 बजे तक नामांकन कक्ष में बैठकर नामांकन प्राप्त किया।

नामांकन की अवधि समाप्त होने के बाद मीडिया से बात करते हुए जुएल उरांव ने कहा कि नामांकन की समय सीमा के भीतर आज 2 बजे अपराह्न तक प्रदेश अध्यक्ष केलिए 1 और राष्ट्रीय परिषद सदस्य केलिए 21 नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और सांसद विद्युत वरण महतो नामांकन पत्र के (प्रेजेंटर प्रस्तुतकर्ता) बने।

बताया कि प्रदेश अध्यक्ष केलिए कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने नामांकन किया जिनके प्रस्तावक प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी,पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा,केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, सांसद विद्युत वरण महतो,प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, विकास प्रीतम,बालमुकुंद सहाय,प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह,प्रवक्ता रमाकांत महतो,महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती आरती सिंह बने हैं।

कहा कि इसके साथ ही राष्ट्रीय परिषद केलिए 21 नामांकन प्राप्त हुए जिसमें श्री कड़िया मुंडा,अर्जुन मुंडा,समीर उरांव,यदुनाथ पांडेय, चंपई सोरेन,संजय सेठ,रघुवर दास,दिनेशानंद गोस्वामी,मधुकोड़ा,पशुपति नाथ सिंह,रविन्द्र कुमार राय,अमर कुमार बाउरी, नीलकंठ सिंह मुंडा, भानु प्रताप शाही, जीतूचरण राम,अभयकांत प्रसाद,प्रदीप वर्मा अनंत ओझा,दीपक प्रकाश,श्रीमती अन्नपूर्णा देवी,गीता कोड़ा शामिल हैं।

श्री उरांव ने कहा कि कल 2 बजे अपराह्न हरमू रोड स्थित कार्निवाल बैंक्वेट हॉल में प्रदेश अध्यक्ष एवम राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के नामों की विधिवत घोषणा की जाएगी।

एसीबी जांच एजेंसी की तरह नहीं वसूली एजेंट की तरह काम कर रही....बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में एसीबी द्वारा की जा रही शराब घोटाले की जांच के नाम पर यहां 'घोटाले में भी घोटाला' हो रहा है।

कहा कि एसीबी द्वारा इस मामले में की जा रही गिरफ्तारी का असली मकसद आरोपियों के बीच सिर्फ डर पैदा करना और 'रेट' तय करना है। जैसे ही पर्दे के पीछे 'डील' पक्की होती है और पैसे पहुँच जाते हैं, वैसे ही जानबूझकर चार्जशीट रोक दी जाती है ताकि इन 'बड़ी मछलियों' को आसानी से जमानत मिल जाए।

कहा कि एसीबी अब जांच एजेंसी नहीं, बल्कि वसूली एजेंट की तरह काम कर रही है। जनता की आंखों में धूल झोंकने वाले इस खेल को अब सिर्फ केंद्रीय एजेंसियां ही रोक सकती हैं। लगता है कि अभी सबसे जरूरी तो शराब घोटाले की जांच में शामिल रहे लोगों के द्वारा 'किये गए जांच' की भी उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।

कहा कि माननीय न्यायालय संज्ञान ले और शराब घोटाले की जांच तुरंत सीबीआई और ईडी से कराने का आदेश दे, तभी झारखंड को लूटने वाले असली गुनाहगारों को सजा दिलाई जा सकती है।