झारखंड के 'मेगालिथ' को मिलेगी वैश्विक पहचान: सीएम हेमंत सोरेन दावोस और यूके में पेश करेंगे राज्य की प्राचीन विरासत का सच

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी आगामी दावोस और यूनाइटेड किंगडम (UK) की आधिकारिक यात्रा के दौरान न केवल राज्य की औद्योगिक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि यहां की प्राचीन 'मेगालिथ' (वृहत पाषाण) संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री का लक्ष्य झारखंड के इन प्राचीन पाषाणों को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दिलाना है।

पृथ्वी की पहली भूमि और खगोलीय महत्व मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, दुनिया को यह बताया जाएगा कि वैज्ञानिकों के शोध के मुताबिक सिंहभूम वह पहला क्षेत्र था जो समुद्र से ऊपर उठा था। हजारीबाग के पकरी बरवाडीह में स्थित मेगालिथ संरचनाएं सूर्य की गति और दिन-रात की समयावधि (Equinox) से जुड़ी हैं। इनकी तुलना यूके के प्रतिष्ठित 'स्टोनहेंज' से की जा सकती है, जो प्राचीन मानव सभ्यता के खगोल विज्ञान के ज्ञान को दर्शाते हैं।

जीवंत विरासत और सांस्कृतिक निरंतरता विज्ञप्ति में कहा गया है कि झारखंड के पत्थर किसी भूले हुए संसार के अवशेष नहीं, बल्कि आज भी जीवंत हैं। इस्को (Isko) के शैल चित्रों से लेकर सोहराय और कोहबर पेंटिंग की निरंतरता तथा मंडरो के फॉसिल्स (जीवाश्म) एक दुर्लभ भू-दृश्य का निर्माण करते हैं। यह विरासत आज भी सुदूर गांवों और जंगलों में समुदायों के बीच सुरक्षित है।

सांस्कृतिक संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जा रहा प्रतिनिधिमंडल यह स्पष्ट करेगा कि झारखंड का दीर्घकालिक विकास उसकी सांस्कृतिक जड़ों और इतिहास के प्रति सम्मान पर आधारित है। यह पहल भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच सांस्कृतिक संरक्षण, अनुसंधान के आदान-प्रदान और संग्रहालय साझेदारी की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

निष्कर्ष पाषाण युग से लेकर आधुनिक अर्थव्यवस्था तक, झारखंड ने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री की इस पहल से अब तक उपेक्षित रही राज्य की इस प्राचीन विरासत को वह सम्मान मिलेगा जिसकी वह हकदार है।

VB–G RAM G को लेकर विपक्ष पर खट्टर का सीधा हमला, जनता को कर रहे है गुमराह

कांग्रेस काल में घोटाले, BJP ने किया सिस्टम दुरुस्त – मनोहर लाल खट्टर

झारखंड प्रदेश कार्यालय में आज VB–G RAM G को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके समापन के बाद रांची आए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विकसित भारत की परिकल्पना के उद्देश्य से लाया VB–G RAM G योजना है। इस योजना को लेकर विपक्ष लगातार जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। पूर्व में यह मनरेगा के नाम से जाना जाता था अब इसमें पारदर्शिता के साथ लागू किया गया है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में कई घोटाले हुए और ऑडिट प्रक्रिया भी फर्जी तरीके से की जाती थी...

लेकिन भाजपा सरकार ने इन सभी खामियों को दूर किया है।

मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि अब GIS मैपिंग के ज़रिये पूरी योजना की निगरानी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं बची है....

पश्चिमी सिंहभूम में 'खूनी' हाथी का तांडव: 11 दिनों में 22 मौतें, 72 घंटे से सर्च ऑपरेशन जारी पर अब भी लापता

पश्चिमी सिंहभूम जिले और ओडिशा की सीमा से सटे इलाकों में एक दंतैल हाथी ने पिछले 11 दिनों से मौत का तांडव मचा रखा है। हाथी के हमलों में अब तक 22 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए झारखंड और ओडिशा के वन विभाग की संयुक्त टीमें, ड्रोन कैमरे और विशेषज्ञ तैनात हैं, लेकिन हाथी पिछले 72 घंटों से वन विभाग की नजरों से ओझल है।

बेनीसागर में ट्रैंकुलाइज करने की कोशिश रही नाकाम वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को मझगांव प्रखंड के बेनीसागर इलाके में हाथी करीब 12 घंटे तक मौजूद था। उसे ट्रैंकुलाइज (बेहोश) कर पकड़ने की योजना बनाई गई थी, लेकिन तकनीकी बाधाओं और घने जंगल का फायदा उठाकर वह ओडिशा सीमा की ओर काजू बागानों में भाग निकला। तब से उसकी सटीक लोकेशन नहीं मिल पाई है।

ग्रामीणों की रातें जागकर कट रहीं, दहशत का माहौल हाथी के खौफ से बेनीसागर, खड़पोस और आसपास के ग्रामीण बुरी तरह डरे हुए हैं। लोग अपने कच्चे घरों को छोड़कर 15-20 की संख्या में एक साथ पक्के मकानों में रात गुजार रहे हैं। पुरुष हाथों में मशाल और टॉर्च लेकर पूरी रात पहरेदारी कर रहे हैं। बीते तीन दिनों में इसी क्षेत्र में तीन और लोगों की जान जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

प्रशासन की तैयारी और चुनौतियां चाईबासा के डीएफओ आदित्य नारायण ने बताया कि बेनीसागर और खड़पोस क्षेत्र में तीन टीमें और SOS की विशेषज्ञ टीम लगातार गश्त कर रही है। सबसे बड़ी चुनौती अफवाहें हैं, जो सर्च ऑपरेशन को भटका रही हैं। वर्तमान में ओडिशा बॉर्डर से सटे करीब 30 गांवों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा:

मझगांव का बेनीसागर इलाका

खड़पोस गांव और नोवामुंडी सीमा

ओडिशा बॉर्डर के काजू बागान

वन विभाग की चेतावनी: विभाग ने ग्रामीणों से सख्त अपील की है कि वे रात में बाहर न निकलें और जंगल की ओर जाने से बचें। विशेष रूप से हाथी के पास जाकर वीडियो बनाने या सेल्फी लेने जैसी जानलेवा गलती न करें। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही हाथी की सटीक लोकेशन मिलेगी, उसे काबू करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

रांची पुलिस का बड़ा ऐलान: लापता अंश-अंशिका का सुराग देने वाले को मिलेगा 2-2 लाख का इनाम।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी 2026 को लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश कुमार और अंशिका कुमारी का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. मामले को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची की ओर से आम जनता से मदद की अपील की गई है. साथ ही, बच्चों के संबंध में पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को 2-2 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.

आमजन से पुलिस की अपील

वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रांची ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को इन दोनों बच्चों के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है या वे कहीं दिखाई देते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उसे 2,00,000 रुपये (दो लाख रुपये) का पुरस्कार दिया जाएगा.

पुलिस द्वारा जारी विवरण में बताया गया है कि अंश कुमार की पहचान पीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग के हाफ पैंट से की जा सकती है. जबकि अंशिका कुमारी ने नीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग की जींस पहन रखी है. बच्चों के पिता का नाम सुनील कुमार बताया गया है.

सूचना देने के लिए पुलिस का संपर्क नंबर जारी

पुलिस ने संबंधित अधिकारियों और धुर्वा थाना के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति सीधे सूचना दे सके. रांची पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जनता के सहयोग से जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है.

बता दें कि अंश कुमार (उम्र 5 वर्ष) और अंशिका कुमारी (उम्र 4 वर्ष) 2 जनवरी को धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत अपने घर से किराना दुकान के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद से वे वापस नहीं लौटे. इस संबंध में धुर्वा थाना कांड संख्या 01/2026, दिनांक 03 जनवरी 2026 को भारतीय दंड संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर बच्चों की तलाश की जा रही है.

हॉकी के रंग में रंगा रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया 'हीरो हॉकी इंडिया लीग' का भव्य उद्घाटन।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी रोमांच का गवाह बनी। रविवार को मोरहाबादी स्थित मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में हीरो हॉकी इंडिया लीग (HIL) 2025-26 के मेंस वर्ग के मैचों का विधिवत शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने दीप प्रज्वलित कर और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया।

खेलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी इंडिया लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट का रांची में आयोजन होना राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार झारखंड में हॉकी और अन्य खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कटिबद्ध है। हम ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जिसके लिए राज्य भर में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।"

खेल संस्कृति को मजबूती विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राज्य की खेल संस्कृति को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने झारखंड सरकार की खेल नीति का उल्लेख करते हुए बताया कि स्टेडियमों के आधुनिकीकरण और नए प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।

दर्शकों का उमड़ा सैलाब मैच के दौरान स्टेडियम दर्शकों से पूरी तरह भरा नजर आया। झारखंड के लोगों का हॉकी के प्रति लगाव देखते ही बनता था। मुख्यमंत्री ने भी स्टैंड्स में बैठकर मैच के रोमांचक क्षणों का भरपूर लुत्फ उठाया और बेहतरीन गोल पर खिलाड़ियों की सराहना की।

गुरुजी की जयंती पर शिक्षा का उजियारा: मुख्यमंत्री ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत बांटे 12 करोड़ के ऋण पत्र।

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रविवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के मौके पर राज्य के नौजवानों के साथ सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा (शिबू सोरेन) भले ही आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके संघर्ष और विचार झारखंड के हर गरीब, मजदूर और किसान के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

शिक्षा ऋण में झारखंड अव्वल मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि झारखंड देश का एकमात्र राज्य है जो गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से मात्र 4% के मामूली ब्याज पर 15 लाख रुपये तक का लोन दे रहा है। उन्होंने कहा कि अब आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी।

रोजगार नहीं, 'अव्वल' बनाने की तैयारी नौजवानों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, "हम आपको सिर्फ सरकारी नौकरियों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहते। हम आपको इस काबिल बनाना चाहते हैं कि आप दुनिया की किसी भी प्रतिस्पर्धा में खड़े होकर खुद को अव्वल साबित कर सकें।"

मुख्यमंत्री द्वारा दी गई प्रमुख सौगातें

योजना/सौगात मुख्य विवरण

गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड 55 लाभार्थियों को ₹12 करोड़ का ऋण स्वीकृति पत्र। अब तक 2430 छात्र लाभान्वित।

सीएम फैलोशिप योजना 23 रिसर्च स्कॉलर्स को ₹25-25 हजार की स्कॉलरशिप राशि प्रदान की गई।

ग्रास रूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्नातक/स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों हेतु 17,000 इंटर्नशिप के अवसर और ₹10,000 स्टाइपेंड।

डिजिटल डैशबोर्ड और चैटबोट योजनाओं की जानकारी और सहभागिता बढ़ाने हेतु एआई (AI) आधारित तकनीक का शुभारंभ।

मास्टर सोबरेन मांझी पुस्तकालय बोकारो में अत्याधुनिक पुस्तकालय और गुरुजी रात्रि पाठशाला की शुरुआत।

नवाचार: विलेज नॉलेज रजिस्टर (Village Knowledge Register)

मुख्यमंत्री ने "द ग्रास रूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम" की शुरुआत की। इसके तहत 4-4 विद्यार्थियों की टीम राज्य की 4345 पंचायतों में जाएगी। ये विद्यार्थी स्थानीय नवाचार (Innovation), पारंपरिक ज्ञान और हस्तकला की पहचान कर उसे डिजिटल 'विलेज नॉलेज रजिस्टर' में दर्ज करेंगे, ताकि झारखंड की धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।

गुरुजी की जयंती पर विशेष भेंट: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया ‘दिशोम गुरु कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन।

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रविवार को अपने आवासीय परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के पावन अवसर पर “दिशोम गुरु कॉफी टेबल बुक” का विधिवत लोकार्पण किया। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को नमन करते हुए उनके जीवन को संघर्ष और सादगी की पाठशाला बताया।

दैनिक जागरण का सार्थक प्रयास यह विशेष पुस्तक दैनिक जागरण समूह के प्रयासों से तैयार की गई है। लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, "यह कॉफी टेबल बुक केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि गुरुजी के विचारों, जनसेवा के प्रति उनके अटूट समर्पण और झारखंड निर्माण के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों का एक जीवंत दस्तावेज है। इसके माध्यम से राज्य की जनता और युवा पीढ़ी गुरुजी के प्रेरणादायी जीवन को करीब से देख और समझ सकेगी।"

गरिमामयी उपस्थिति विमोचन कार्यक्रम के दौरान दैनिक जागरण के महाप्रबंधक श्री परितोष झा, संपादक श्री शशि शेखर, मार्केटिंग हेड श्री धर्मेंद्र कुमार और ब्यूरो चीफ श्री प्रदीप सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक प्रकाशन के लिए दैनिक जागरण की पूरी टीम को बधाई दी और नववर्ष की शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।

कांग्रेस का हल्ला बोल: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और अंकिता भंडारी केस को लेकर चुटिया में जोरदार प्रदर्शन।

रांची: महानगर कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष अरुण चावला और चुटिया प्रखंड अध्यक्ष प्रशांत गौरव के नेतृत्व में रविवार को रांची के चुटिया क्षेत्र में एक विशाल विरोध रैली सह प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह रैली इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर मोहल्ले के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए चुटिया थाना के पास संपन्न हुई।

प्रमुख मुद्दे और मांगें: प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने तीन मुख्य विषयों पर केंद्र और संबंधित सरकारों को कटघरे में खड़ा किया:

बांग्लादेश में हिंसा: वक्ताओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं और ईसाइयों की हत्याओं व अत्याचारों पर केंद्र सरकार की 'रहस्यमय चुप्पी' पर सवाल उठाए।

अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड की अंकिता भंडारी के हत्यारों को अविलंब फांसी देने की मांग दोहराई गई।

पत्रकार से दुर्व्यवहार: मध्य प्रदेश के मंत्री द्वारा एक प्रतिष्ठित पत्रकार के साथ की गई बदतमीजी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की गई।

रैली के स्वरूप में बदलाव उल्लेखनीय है कि मोरहाबादी में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में आयोजित उपवास कार्यक्रम के कारण इस रैली के समय में आंशिक बदलाव किया गया था और मार्ग को संक्षिप्त रखा गया था, ताकि कार्यकर्ता दोनों कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकें।

अंश-अंशिका की तलाश में थमा HEC का पहिया: सफल रहा बंद, सुराग न मिलने पर अब 'रांची बंद' की चेतावनी।

रांची: मौसीबाड़ी खटाल से लापता 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका की बरामदगी की मांग को लेकर रविवार को एचईसी क्षेत्र में ऐतिहासिक बंदी देखी गई। जेपी मार्केट, धुर्वा बस स्टैंड, सेक्टर-2 और जगन्नाथपुर झोपड़ी मार्केट समेत पूरा औद्योगिक क्षेत्र सुबह से ही बंद रहा।

संयोजक को हिरासत में लिए जाने पर बवाल बंद के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया जब हटिया डीएसपी और धुर्वा थानेदार ने संघर्ष समिति के संयोजक कैलाश यादव को उनके घर से हिरासत में ले लिया। लगभग साढ़े छह घंटे तक थाने में बैठाए रखने के बाद उन्हें शाम को छोड़ा गया। कैलाश यादव ने कहा, "हम प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस का यह व्यवहार जनाक्रोश को और भड़काएगा।"

मुख्यमंत्री से गुहार और 'संपूर्ण रांची बंद' की चेतावनी कैलाश यादव ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से इस संवेदनशील मामले में स्वयं हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द बच्चों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करे, अन्यथा समिति संपूर्ण रांची बंद का आह्वान करने को मजबूर होगी। समिति ने यह भी घोषणा की कि यदि पुलिस टीम बच्चों को ढूंढ लेती है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।

राजनीति नहीं, आर्थिक मदद की अपील संघर्ष समिति ने पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे राजनेताओं से अपील की है कि वे इस दुखद घड़ी में राजनीति न करें। चूंकि पिछले 10 दिनों से परिवार काम पर नहीं जा सका है और घर का चूल्हा नहीं जला है, इसलिए नेताओं को पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद भी करनी चाहिए।

गुरुजी की जयंती पर मुख्यमंत्री का मानवीय चेहरा: चेशायर होम पहुँचकर दिव्यांग बच्चों संग बाँटी खुशियाँ, कंबल और राहत सामग्री का वितरण।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने रविवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष और संवेदनशील पहल की। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने चेशायर होम रोड स्थित "चेशायर होम" पहुँचकर वहाँ रह रहे दिव्यांग बच्चों के साथ काफी समय बिताया और उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी।

पहली बार गुरुजी के बिना मनाई जयंती इस अवसर पर मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "यह हमारे जीवन का पहला अवसर है, जब हम बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की जयंती उनके बिना मना रहे हैं। गुरुजी का पूरा जीवन कमजोरों और पिछड़ों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श और संघर्ष हमेशा हमारा पथप्रदर्शन करते रहेंगे।"

चेशायर होम से विशेष जुड़ाव मुख्यमंत्री ने संस्थान के बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके बीच कंबल एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि चेशायर होम से उनका पुराना और गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने संस्थान की देखरेख करने वाले सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों में अद्भुत आत्मविश्वास और प्रतिभा है, जो उन्हें समाज में किसी से भी कमतर नहीं बनाती।

सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा मुख्यमंत्री ने चेशायर होम को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव वित्तीय और ढांचागत सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। विधायक कल्पना सोरेन ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और संस्था के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।