राष्ट्रीय युवा दिवस पर विवेकानंद स्कूल में रक्तदान शिविर का आयोजन आरोग्यम अस्पताल के विशेष सहयोग से संपन्न हुआ

हजारीबाग - राष्ट्रीय युवा दिवस के पावन अवसर पर हजारीबाग शहर में सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। आरोग्यम अस्पताल के सहयोग से श्री रामकृष्ण शारदा आश्रम (विवेकानंद) विद्यालय परिसर में एक विशाल रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर में 52 ने स्वैच्छिक रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। रक्तदान शिविर का शुभारंभ आरोग्यम अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा द्वारा दीप प्रज्वलन एवं स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस युवाओं को सेवा और राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करता है। रक्तदान जैसा कार्य समाज के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करता है।

शिविर का मुख्य उद्देश्य न केवल अस्पताल के ब्लड बैंक को सशक्त बनाना था, बल्कि युवाओं को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक कर उन्हें इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करना भी रहा।

रक्त संग्रह एवं चिकित्सकीय व्यवस्था की जिम्मेदारी आरोग्यम अस्पताल की मेडिकल टीम ने बखूबी निभाई। टीम में डॉक्टर एस. के. सिंह, मोहम्मद नदीम, ओम प्रकाश सिंह, किरण कुमारी, राहुल कुमार, चंदन कुमार एवं प्रियंका कुमारी शामिल रहे, जिन्होंने पूरे शिविर के दौरान रक्तदाताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा। विद्यालय के सचिव समाप्ति पॉल ने आरोग्यम अस्पताल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार सेवा और त्याग का संदेश देते हैं। राष्ट्रीय युवा दिवस पर इस तरह के आयोजन युवाओं में सकारात्मक सोच और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देते हैं। शिविर के समापन पर रक्तदान करने वाले सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को आरोग्यम अस्पताल की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसे समाज हित में एक प्रेरणादायक प्रयास बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया। सहयोगी संस्था के रूप में आरोग्यम अस्पताल द्वारा निभाई गई भूमिका को सभी ने सराहा और इसे स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक सराहनीय कदम बताया।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने एसपी अंजनी अंजन से की अस्पताल के पुलिस पिकेट की कार्यप्रणाली दुरुस्त करने की मांग की

हजारीबाग जिले के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) हजारीबाग स्थित पुलिस पिकेट की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने की माँग उठी है। अस्पताल में दुर्घटना या घटना में मृत व्यक्तियों के शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अक्सर अनावश्यक रूप से बाधित हो रही है, जिसका खामियाजा शोकाकुल परिजनों को घंटों इंतजार करके भुगतना पड़ रहा है।

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी ने इस संबंध में हजारीबाग जिले के आरक्षी अधीक्षक अंजनी अंजन को सोमवार को समाहरणालय स्थित उनके एसपी ऑफिस सभागार में पहुंचकर एक पत्र सौंपा है। पत्र में सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने बताया गया है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लाए गए विभिन्न क्षेत्रों से घटना- दुर्घटना के शवों का पोस्टमार्टम इसलिए लंबित हो जाता है, क्योंकि पिकेट में तैनात पुलिसकर्मी 'इंक्वेस्ट' (पंचनामा) बनाने से सीधे तौर पर इनकार कर देते हैं। पिकेट कर्मियों का तर्क है कि यदि घटना किसी अन्य थाना क्षेत्र की है, तो संबंधित थाने की पुलिस ही अस्पताल आकर पंचनामा तैयार करेगी। इस 'क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार' के तर्क के कारण, दूर-दराज के थाना क्षेत्रों से आए शवों के परिजनों को घंटों, कई बार पूरी रात, संबंधित थाने के अधिकारी के अस्पताल पहुँचने का इंतजार करना पड़ता है।

पत्र में सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने कहा है कि अस्पताल परिसर में पुलिस पिकेट स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य ही यह सुनिश्चित करना है कि पोस्टमार्टम जैसी पुलिस कार्यवाही शीघ्र और सुगमता से पूरी हो सके। यदि पिकेट की मौजूदगी के बावजूद परिजनों को संबंधित थानों के अधिकारियों का इंतजार करना पड़े तो परिसर में स्थापित इस सुविधा का मूल औचित्य ही समाप्त हो जाता है।

सांसद मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी ने एसपी अंजनी अंजन से निवेदन किया है कि यह मुद्दा जनहित और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा हुआ है। उन्होंने एसपी अंजनी अंजन से आग्रह किया है कि वे एसबीएमसीएच पिकेट को दुरुस्त करें और जिले के किसी भी क्षेत्र से लाए गए दुर्घटनाग्रस्त शवों के पोस्टमार्टम हेतु इंक्वेस्ट बिना किसी विलंब के स्वयं बनाने की कार्यवाही सुनिश्चित कराने की कृपया करें। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में बढ़ते वाहन चोरी, स्नैचिंग और पैकेटमारी की घटना एवं यहां की अव्यस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के मुद्दे पर भी विस्तृत जानकारी देते हुए हस्तक्षेप करने और यहां स्थापित पुलिस पिकेट को दुरुस्त करने का आग्रह किया। 

हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी द्वारा उठाए गए मामले को गंभीरता से लिया और मानवीय संवेदना से जुड़ा बताया। उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने उनके सकारात्मक आश्वासन पर विश्वास जताया कि मेडिकल कॉलेज में आने वाले जरूरतमंदों को पुलिस पिकेट पूरी तरीके से दुरुस्त होने से बड़ी राहत मिलेगी ।

26 सप्ताह में जन्मा 650 ग्राम का नवजात, 84 दिन बाद मौत को दी मात, आरोग्यम हॉस्पिटल में चिकित्सा विज्ञान और मानवीय सेवा का अनुकरणीय उदाहरण

यह सफलता हमारी मेडिकल टीम और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण का परिणाम है। गंभीर नवजातों को बेहतर जीवन देना हमारा संकल्प है : हर्ष अजमेरा

कम वजन के नवजात को बचाना बड़ी चुनौती थी, जिसे टीम वर्क से संभव किया गया। यह हजारीबाग के लिए गर्व की बात है : जया सिंह

हजारीबाग - चिकित्सा विज्ञान, आधुनिक तकनीक और डॉक्टरों की निष्ठा का एक उल्लेखनीय उदाहरण हजारीबाग शहर के प्रतिष्ठित अस्पतालों में से एक आरोग्यम हॉस्पिटल में सामने आया है। 26 सप्ताह में जन्मा मात्र 650 ग्राम वजन का अत्यंत नाजुक नवजात, जिसकी जीवन की उम्मीदें जन्म के साथ ही क्षीण हो गई थीं, 84 दिनों तक चले गहन इलाज के बाद स्वस्थ होकर अपनी माँ की गोद में घर लौट गया। यह सफलता न केवल एक परिवार के लिए राहत और खुशी की खबर है, बल्कि जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार नवजात का जन्म एक अन्य अस्पताल में समय से पहले हुआ था। जन्म के तुरंत बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। फेफड़े पूरी तरह विकसित न होने के कारण बच्चे को सांस लेने में भारी परेशानी हो रही थी। स्थिति लगातार बिगड़ती देख परिजनों ने तत्काल बच्चे को हजारीबाग के आरोग्यम हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहाँ उसे नियोनेटल आईसीयू में रखा गया।

पीडियाट्रिक्स एवं नियोनेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. हीरालाल राम, नियोनेटल एवं चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. प्रकाश चंद्र तथा चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. सुरभि कुमारी की टीम ने बच्चे के इलाज की कमान संभाली। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं थे, जिसके कारण उसे वेंटिलेटर और सीपीएपी सपोर्ट पर रखा गया। इलाज के दौरान कई बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन की आवश्यकता पड़ी। 84 दिनों तक लगातार दिन-रात की निगरानी, सटीक चिकित्सकीय निर्णय और नर्सिंग स्टाफ की अथक सेवा के चलते बच्चे की स्थिति में निरंतर सुधार होता गया। इलाज के दौरान प्रीमैच्योरिटी से जुड़ी सभी जटिलताओं पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया। डिस्चार्ज के समय बच्चे का वजन बढ़कर 1620 ग्राम (1 किलो 620 ग्राम) हो गया, जो इस लंबी और चुनौतीपूर्ण चिकित्सा यात्रा की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। बच्चे की माँ गीता देवी ने भावुक होते हुए कहा कि जब उन्होंने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया था, तब उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी। आरोग्यम हॉस्पिटल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उनके बच्चे को अपने परिवार के सदस्य की तरह संभाला और आज उसी समर्पण का परिणाम है कि उनका बच्चा स्वस्थ है। इस खुशी के अवसर पर आरोग्यम हॉस्पिटल में डिस्चार्ज के दिन केक कटिंग का आयोजन किया गया। केक बच्चे की माँ ने काटा, जिसमें अस्पताल के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस नवजीवन और चिकित्सा सफलता का उत्सव मनाया। आरोग्यम हॉस्पिटल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता पूरी मेडिकल और नर्सिंग टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य अत्याधुनिक सुविधाओं के माध्यम से गंभीर से गंभीर नवजातों को भी जीवन की नई उम्मीद देना है। वहीं अस्पताल के प्रशासक जया सिंह ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि अब हजारीबाग जैसे शहर में भी अत्यंत गंभीर और कम वजन के नवजातों का सफल इलाज संभव है, जो जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक नई उपलब्धि है।

हजारीबाग में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक, पीड़ित परिवारों से मिले पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह

हजारीबाग जिले में लगातार हो रही जंगली हाथियों की घटनाओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने रविवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त किया। इस दौरान सदर प्रखंड अंतर्गत चुटियारो पंचायत के सरौनी गांव में जंगली हाथी के हमले में युवक आदित्य राणा की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही मुन्ना सिंह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है। इस घटना में आदित्य राणा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। मुन्ना सिंह ने घायल महिला से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और समुचित एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर स्तर पर सहायता दिलाने के लिए वे प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि क्षेत्र में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक बेहद चिंताजनक है। वन्यजीव–मानव संघर्ष के कारण आम गरीब और मेहनतकश ग्रामीण अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने मांग किया कि हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

 इसके साथ ही मुन्ना सिंह ने कटकमदाग प्रखंड के नवादा पंचायत जाकर जंगली हाथी के हमले में मृत गणेश गोप के परिजनों से भी मुलाकात किया। उन्होंने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया।मौके पर समाजसेवी रोहित कुमार रजक,ईश्वर महतो, टिंकू यादव,मालती देवी, अजय यादव,विकास यादव , रौशन राणा अर्यण सिंह, सुबोध राणा, यूसुफ़ अंसारी रोहित कुमार मो सोएब, इत्यादि स्थानीय ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती पर झामुमो ने लिया संकल्प

हजारीबाग : अटल चौक स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला कार्यालय में मंगलवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और संकल्प के साथ मनाई गई। मौके पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें स्मरण किया गया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने भावुक शब्दों में कहा कि यह पहला अवसर है जब दिशोम गुरु का जन्मदिवस हम सब उनके बिना मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “नम आंखों के साथ हम सब आज उन्हें याद कर रहे हैं, लेकिन साथ ही यह संकल्प भी ले रहे हैं कि उनके सपनों का झारखंड बनाकर ही सच्ची श्रद्धांजलि देंगे।”

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर पूरी ताकत से जुट जाने का आह्वान किया। बेदिया ने स्पष्ट किया कि भले ही नगर निगम चुनाव दलगत आधार पर न हों, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने समर्थित उम्मीदवार महापौर पद सहित हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में उतारेगी।

इस मौके पर पार्टी के जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड के निर्माता हैं। “अलग झारखंड राज्य का सपना उन्होंने देखा था, जो आज हम सबको मिला है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उस राज्य को सजाने-संवारने और सामाजिक न्याय, आदिवासी-अस्मिता तथा जनहित की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करें।

कार्यक्रम में झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा ने कहा कि शिबू सोरेन का संपूर्ण जीवन संघर्ष, त्याग और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु की विचारधारा आज भी झारखंड की राजनीति को दिशा देने का काम कर रही है।

वहीं जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने अपने संबोधन में कहा कि शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि झारखंडी अस्मिता के प्रतीक थे। “उनका जीवन हमें सिखाता है कि सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना है। झामुमो उनके सपनों के झारखंड को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है, जिसके लिए दिशोम गुरु ने जीवन भर संघर्ष किया।

कार्यक्रम के दौरान झामुमो का जनाधार और मजबूत हुआ। जिला प्रवक्ता कुणाल यादव के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता बबलू चंद्रवंशी, कुमार अमरीश, अजय यादव, रोहित रजक, सुरेंद्र कुमार समेत सैकड़ों लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। नए सदस्यों का पार्टी नेताओं द्वारा स्वागत किया गया और उन्हें संगठन की नीतियों व विचारधारा से अवगत कराया गया।

इस मौके पर इस मौके पर जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया, जिला सचिव नीलकंठ महतो, केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा, राजा खान, जिला उपाध्यक्ष नईम राही, टेकोचंद महतो,जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, सतीश दास, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष सरफराज अहमद, नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश, निसार अहमद, राजीव वर्मा, राजदेव यादव, बीरबल कुमार, गणेश मेहता, सत्येंद्र मेहता, अब्दुल सलाम, देवानंद, राम जय मेहता, राजेंद्र कुशवाहा, रामकुमार मेहता, राजेश मेहता, रंजीत मेहता, कुदुस अंसारी, श्वेता दुबे, कमाल कुरैशी, दयानंद मेहता, मो कुर्बान, कपिलदेव चौधरी, संजय प्रजापति, प्रदीप मेहता समेत कई अन्य लोग शामिल थें।

हजारीबाग जेल ब्रेक: 12 दिन बाद महाराष्ट्र के सोलापुर से तीनों फरार कैदी गिरफ्तार

हजारीबाग: जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (हजारीबाग) से 31 दिसंबर 2025 की रात फरार हुए 3 कैदियों को पुलिस ने महाराष्ट्र के सोलापुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद (IPS) के नेतृत्व में गठित SIT ने 12 दिनों के भीतर इस चुनौती को सुलझा लिया। 

गिरफ्तार कैदी—देवा भुईयां, राहुल रजवार और जितेंद्र रवानी (सभी धनबाद निवासी)—ने आजीवन कारावास के डर से भागने की साजिश रची थी। उन्होंने वार्ड की खिड़की की रॉड काटी और लाल बेडशीट की रस्सी बनाकर दीवार फांदकर भाग निकले थे। 

जांच में पता चला कि भागने के बाद वे ईचाक, बरही और कोडरमा होते हुए गया पहुंचे और फिर जसीडीह से ट्रेन पकड़कर महाराष्ट्र भाग गए। वे सोलापुर जिले के करमाला स्थित एक ईंट-भट्ठे में नाम बदलकर मजदूरी कर रहे थे। तकनीकी सेल की मदद से पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की और वहां दबिश देकर तीनों को दबोच लिया। उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी देवा भुईयां पूर्व में धनबाद जेल से भी इसी तरह भाग चुका था।

भीषण ठंड में राहत की मजबूत ढाल बना हजारीबाग यूथ विंग, अब तक 850 जरूरतमंदों को मिला संबल

हजारीबाग - कड़ाके की ठंड के बीच हजारीबाग यूथ विंग द्वारा चलाया जा रहा शीतकालीन राहत अभियान पूरी सक्रियता और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में रविवार को लक्ष्मी सिनेमा हॉल कैंपस में आयोजित सेवा कार्यक्रम के दौरान आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे 100 जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया गया। संस्था अब तक 850 कंबलों का वितरण कर चुकी है, जो उसके संगठित प्रयासों और मजबूत सेवा-संकल्प को दर्शाता है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि यह शीतकालीन राहत अभियान पूरे ठंड के मौसम में बिना किसी बाधा के जारी रहेगा। इसके साथ ही रात्रिकालीन सेवाएं भी निरंतर संचालित की जा रही हैं, ताकि अचानक सामने आने वाले जरूरतमंदों को भी तुरंत सहायता मिल सके। कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर दिखाई दी राहत और संतोष इस अभियान की सार्थकता को स्वयं बयान कर रही थी। भीषण ठंड में यह सहायता उनके लिए केवल वस्त्र नहीं, बल्कि सुरक्षा और भरोसे का प्रतीक बनकर सामने आई। कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रभारी के रूप में सांसद प्रतिनिधि एवं युवा समाजसेवी लब्बू गुप्ता की सक्रिय भूमिका रही, जबकि उनके सहयोगी के रूप में कुणाल कुमार उर्फ हैप्पी ने पूरी तत्परता से जिम्मेदारी निभाई। दिसंबर माह से प्रारंभ हुआ यह शीतकालीन राहत अभियान अब जिले में अपनी एक सशक्त पहचान स्थापित कर चुका है। प्रत्येक सप्ताह 100 कंबल वितरण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित हो रहे इन कार्यक्रमों से सेवा की एक सशक्त श्रृंखला विकसित हो रही है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा और विश्वास का संचार कर रही है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग सेवा को दान नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व मानकर कार्य कर रहा है। हमारा लक्ष्य है कि ठंड के मौसम में कोई भी जरूरतमंद असहाय न रहे और हर व्यक्ति को गरिमा के साथ राहत मिले। वहीं संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा ने हजारीबाग यूथ विंग द्वारा संचालित शीतकालीन राहत अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पूरी ठंड भर चलने वाली सुव्यवस्थित सेवा प्रक्रिया है। कंबल वितरण के साथ-साथ रात्रि सेवा,आपात स्थिति में तत्काल सहायता और अचानक सामने आने वाले जरूरतमंदों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए संस्था ने संस्था सदैव एक्टिव है। राहत अभियान न केवल ठंड से जूझ रहे लोगों के लिए ठोस सहारा बन रहा है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना की एक मजबूत मिसाल भी कायम कर रहा है। मौके पर अध्यक्ष करण जायसवाल, सचिव रितेश खण्डेलवाल,उपाध्यक्ष विकास तिवारी,संस्था के मार्गदर्शक जयप्रकाश खण्डेलवाल,संजय कुमार विकास केसरी,कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद खण्डेलवाल,सत्यनारायण सिंह,कैलाश कुमार,प्रिंस कसेरा,राजेश जैन,आलोक कुमार, लब्बू गुप्ता,कुणाल कुमार उर्फ हैप्पी,पवन गुप्ता,अजय पांडे,कुश पांडे एवं विशाल वाल्मीकि सहित कई लोग उपस्थित रहें।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली आपूर्ति स्थापित करने को लेकर उपविकास आयुक्त ने किया समीक्षा बैठक

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली आपूर्ति एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त द्वारा जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली कनेक्शन की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस क्रम में उन्होंने बिजली विभाग के संबंधित अभियंता को निर्देश दिया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आगामी 15 दिनों के भीतर विद्युत कनेक्शन स्थापित करना सुनिश्चित करें। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली कनेक्शन की स्थापना से संबंधित सीडीपीओ एवं बिजली विभाग के अभियंता द्वारा संयुक्त प्रतिवेदन (ज्वाइंट रिपोर्ट) निर्धारित समय सीमा के भीतर समर्पित करने का निर्देश दिया गया।

इसके अतिरिक्त, उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की प्रगति में तेजी लाते हुए समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करें तथा इसकी प्रगति रिपोर्ट समर्पित करें।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता बच्चों एवं माताओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह के अलावे समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिन्हा, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाएं सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

आर्ष कन्या गुरुकुल में सांसद मनीष जायसवाल की पहल से पहुंचा भेंट, सांसद प्रतिनिधि ने गुरुकुल के आचार्य को सौंपा कंबल

हजारीबाग - आगामी कुछ दिनों से हजारीबाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और बढ़ते ठंड को देखते हुए शनिवार को हजारीबाग के आर्य कन्या गुरुकुल में बच्चों को कंबल उपलब्ध करवाया गया। सांसद मनीष जायसवाल की ओर से उनका यह भेंट लेकर हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, भाजपा कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी और भाजपा नेत्री किरण यादव आर्ष कन्या गुरुकुल पहुंचे और बच्चों के लिए कंबल आर्ष कन्या गुरुकुल के प्राचार्य आचार्य कौटिल्य को सौंपा । 

इस मौके पर आर्ष कन्या गुरुकुल के आचार्य कौटिल्य कहा कि बढ़ती ठंड में बच्चियों के लिए ऐसे विचार रखने वाले जनप्रतिनिधि अगर आगे आते है तो बहुत अच्छी बात है। इस पुनीत सोच और कार्य के लिए उन्होंने सांसद मनीष जायसवाल को धन्यवाद कहा है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की ।

वही हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह ने कहा कि सीसीएल के सीएसआर फंड से से एवं सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश के बाद बच्चियों के लिए कुछ कंबल आचार्य कौटिल्य जी को उपलब्ध कराया जा रहा है क्योंकि सनातन संस्कृति को बढ़ावा देते हुए आचार्य कौटिल्य ने आर्य कन्या गुरुकुल में बच्चियों को बेहतर शिक्षा दे रहे हैं, तो जनप्रतिनिधि होने के नाते सांसद मनीष जायसवाल ने यहां पढ़ने वाली बच्चियों के लिए संवेदना दिखाते हुए यह कंबल उपलब्ध करवाया है एवं आगे भी गुरुकुल को हर संभव मदद किया जाएगा ।

कंबल पा कर गुरुकुल की बच्चियां गदगद और काफी खुश दिखी। बच्चियों ने भी सांसद मनीष जायसवाल का आभार जताया और धन्यवाद दिया ।

हाथी-मानव संघर्ष की रोकथाम हेतु विधायक प्रदीप प्रसाद ने जन-जागरूकता रथ को किया रवाना

जन-सुरक्षा को लेकर एक सशक्त पहल - वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से आज हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने कार्मल चौक स्थित वन विभाग प्रमंडल कार्यालय से हाथी-मानव संघर्ष की रोकथाम एवं जान-माल की सुरक्षा हेतु जन-जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह जागरूकता रथ हजारीबाग जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर आम जनों को हाथियों के संभावित आवागमन, सतर्कता के उपाय, सुरक्षित व्यवहार, आपात स्थिति में उठाए जाने वाले कदम एवं वन विभाग से संपर्क के माध्यमों की जानकारी देगा।

इस पहल का उद्देश्य है कि ग्रामीणों तक समय रहते सही जानकारी पहुँचे और किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान रोका जा सके।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने इस अवसर पर कहा कि, हाथी-मानव संघर्ष केवल एक वन्यजीव से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह जन-सुरक्षा और सामाजिक चेतना का विषय भी है। समय पर जागरूकता और सतर्कता ही इस संघर्ष को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है। यह जागरूकता रथ अभियान ग्रामीणों को सशक्त बनाएगा ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में सही निर्णय लेकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

उन्होंने आगे कहा कि वन विभाग और जन-सहयोग के संयुक्त प्रयास से ही मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व का वातावरण निर्मित किया जा सकता है। विधायक ने कहा कि यह अभियान आने वाले समय में हजारीबाग जिला को मानव-वन्यजीव समरसता का उदाहरण बना सकता है।

इस अवसर पर पूर्वी डीएफओ सहित वन विभाग के अधिकारी, वनकर्मी, भाजपा के नेतागण, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल का स्वागत किया और इसे जिले में पर्यावरणीय संतुलन एवं जन-सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

 विधायक ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जन-जागरूकता के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित निगरानी सुनिश्चित करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुँचाने की व्यवस्था करें।