आरटीआई में विकास कार्यों की जगह थमा दी गोलगप्पों की रेट लिस्ट, लक्सर नगर पालिका पर उठे सवाल
* सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला, लोगों ने मजाकिया अंदाज में कसे तंज
हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की लक्सर नगर पालिका उस समय सुर्खियों में आ गई, जब सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जवाब में विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों के साथ एक मिठाई-चाट की दुकान की गोलगप्पे और चाट-पकौड़ी की रेट लिस्ट भी आवेदक को थमा दी गई। यह मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोग नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे।
लक्सर निवासी शिवम कश्यप ने नगर पालिका क्षेत्र में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों, समाचार पत्रों में प्रकाशित टेंडरों और उन पर हुए खर्च की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी थी। इसके जवाब में नगर पालिका द्वारा प्रमाणित दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं। लेकिन दस्तावेजों के अंतिम पृष्ठ पर एक प्रसिद्ध मिठाई और चाट की दुकान की रेट लिस्ट देखकर आवेदक हैरान रह गया। इस सूची में गोलगप्पे, पापड़ी चाट, भेलपुरी, आलू टिक्की, सेव पूरी समेत अन्य खाद्य पदार्थों के दाम दर्ज थे।
शिवम कश्यप ने इस रेट लिस्ट की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर दी, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। लोग मजाकिया टिप्पणियों के जरिए नगर पालिका पर तंज कसने लगे। किसी ने लिखा, “अब विकास कार्यों की जगह गोलगप्पे खरीदने का टेंडर होगा?”, तो किसी ने कहा, “आरटीआई से पता चला कि पालिका का असली बजट चाट पर खर्च होता है।”
इस पूरे मामले पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद कामिल ने सफाई देते हुए कहा कि आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में गलती से यह रेट लिस्ट शामिल हो गई होगी। उन्होंने बताया कि होली और दीपावली जैसे त्योहारों पर मिठाई और नमकीन की दुकानों से सामान मंगाया जाता है, संभवतः उसी समय की रेट लिस्ट फाइल में रह गई। मामले की जांच कर कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।
यह घटना जहां लोगों के लिए हंसी का कारण बनी, वहीं नगर पालिका की कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड संधारण पर गंभीर सवाल भी खड़े कर गई है। अब स्थानीय लोग यह पूछ रहे हैं कि जब आरटीआई में गोलगप्पों का हिसाब मिल सकता है, तो विकास कार्यों का पूरा और सही ब्यौरा कब मिलेगा?
3 hours ago
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