अंश-अंशिका की तलाश में थमा HEC का पहिया: सफल रहा बंद, सुराग न मिलने पर अब 'रांची बंद' की चेतावनी।

रांची: मौसीबाड़ी खटाल से लापता 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका की बरामदगी की मांग को लेकर रविवार को एचईसी क्षेत्र में ऐतिहासिक बंदी देखी गई। जेपी मार्केट, धुर्वा बस स्टैंड, सेक्टर-2 और जगन्नाथपुर झोपड़ी मार्केट समेत पूरा औद्योगिक क्षेत्र सुबह से ही बंद रहा।

संयोजक को हिरासत में लिए जाने पर बवाल बंद के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया जब हटिया डीएसपी और धुर्वा थानेदार ने संघर्ष समिति के संयोजक कैलाश यादव को उनके घर से हिरासत में ले लिया। लगभग साढ़े छह घंटे तक थाने में बैठाए रखने के बाद उन्हें शाम को छोड़ा गया। कैलाश यादव ने कहा, "हम प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस का यह व्यवहार जनाक्रोश को और भड़काएगा।"

मुख्यमंत्री से गुहार और 'संपूर्ण रांची बंद' की चेतावनी कैलाश यादव ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से इस संवेदनशील मामले में स्वयं हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द बच्चों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करे, अन्यथा समिति संपूर्ण रांची बंद का आह्वान करने को मजबूर होगी। समिति ने यह भी घोषणा की कि यदि पुलिस टीम बच्चों को ढूंढ लेती है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।

राजनीति नहीं, आर्थिक मदद की अपील संघर्ष समिति ने पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे राजनेताओं से अपील की है कि वे इस दुखद घड़ी में राजनीति न करें। चूंकि पिछले 10 दिनों से परिवार काम पर नहीं जा सका है और घर का चूल्हा नहीं जला है, इसलिए नेताओं को पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद भी करनी चाहिए।

गुरुजी की जयंती पर मुख्यमंत्री का मानवीय चेहरा: चेशायर होम पहुँचकर दिव्यांग बच्चों संग बाँटी खुशियाँ, कंबल और राहत सामग्री का वितरण।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने रविवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष और संवेदनशील पहल की। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने चेशायर होम रोड स्थित "चेशायर होम" पहुँचकर वहाँ रह रहे दिव्यांग बच्चों के साथ काफी समय बिताया और उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी।

पहली बार गुरुजी के बिना मनाई जयंती इस अवसर पर मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "यह हमारे जीवन का पहला अवसर है, जब हम बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की जयंती उनके बिना मना रहे हैं। गुरुजी का पूरा जीवन कमजोरों और पिछड़ों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श और संघर्ष हमेशा हमारा पथप्रदर्शन करते रहेंगे।"

चेशायर होम से विशेष जुड़ाव मुख्यमंत्री ने संस्थान के बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके बीच कंबल एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि चेशायर होम से उनका पुराना और गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने संस्थान की देखरेख करने वाले सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों में अद्भुत आत्मविश्वास और प्रतिभा है, जो उन्हें समाज में किसी से भी कमतर नहीं बनाती।

सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा मुख्यमंत्री ने चेशायर होम को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव वित्तीय और ढांचागत सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। विधायक कल्पना सोरेन ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और संस्था के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन।

रांची: झारखंड आंदोलन के प्रणेता, आदिवासियों के मसीहा और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती रविवार को पूरे राज्य में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। मुख्य कार्यक्रम रांची के मोरहाबादी स्थित उनके पूर्व आवास पर आयोजित हुआ, जहाँ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपने पिता के योगदान को याद किया।

परिवार और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के साथ उनकी माता श्रीमती रूपी सोरेन, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्यों ने गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान वातावरण 'गुरुजी जिंदाबाद' के नारों से गूँज उठा। मौके पर उपस्थित सभी लोगों ने गुरुजी के व्यक्तित्व और झारखंड निर्माण के लिए उनके द्वारा किए गए दशकों लंबे संघर्ष को नमन किया।

नेताओं और कार्यकर्ताओं का लगा जमावड़ा इस गौरवशाली अवसर पर राज्य के मंत्री श्री हफ़ीजुल हसन, श्री सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद श्रीमती जोबा माजी, झामुमो के वरिष्ठ नेता श्री विनोद पांडे और श्री सुप्रियो भट्टाचार्य सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मोरहाबादी पहुँचे। सभी ने एक स्वर में झारखंड की प्रगति और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के संकल्प को दोहराया।

प्रगति के सपनों को साकार करने का संकल्प मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गुरुजी की विचारधारा और उनका संघर्ष आज भी हमें राज्य की सेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के गुरुजी के सपने को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य करें।

झारखंड की वैश्विक छलांग: दावोस के विश्व आर्थिक मंच में पहली बार शामिल होगा राज्य, सीएम हेमन्त सोरेन करेंगे नेतृत्व।

रांची: झारखंड के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य बनने के 25 वर्ष पूरे होने के शुभ अवसर पर, झारखंड पहली बार स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाले विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की वार्षिक बैठक में भाग लेगा। भारत की ओर से भाग लेने वाले 10 विशिष्ट राज्यों की सूची में झारखंड को शामिल किया गया है, जो राज्य की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं और सुशासन का प्रमाण है।

प्रकृति और प्रगति का संतुलन दावोस में झारखंड की भागीदारी का मुख्य विषय (Theme) “प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास” रखा गया है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन वैश्विक मंच पर यह संदेश देंगे कि कैसे एक खनिज और वन संपदा से समृद्ध राज्य, पर्यावरण की रक्षा करते हुए औद्योगिक विकास और सामाजिक समानता को बढ़ावा दे रहा है।

इन प्रमुख क्षेत्रों पर होगी चर्चा विश्व आर्थिक सम्मेलन के दौरान झारखंड का प्रतिनिधिमंडल निम्नलिखित विषयों पर केंद्रित सत्रों में भाग लेगा:

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा: राज्य को ग्रीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में संवाद।

ऊर्जा सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स: झारखंड के प्रचुर खनिज संसाधनों का सतत दोहन।

महिला सशक्तिकरण और जैव-अर्थव्यवस्था: ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को वैश्विक पहचान दिलाना।

खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन: राज्य की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं को निवेशकों के सामने रखना।

वैश्विक साझेदारी का उद्देश्य इस यात्रा का उद्देश्य बहुपक्षीय संस्थानों, निजी क्षेत्र के हितधारकों और विदेशी सरकारों के साथ साझेदारी को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री कई द्विपक्षीय बैठकों (Bilateral Meetings) की मेजबानी करेंगे, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश और अत्याधुनिक तकनीक आने की संभावना बढ़ेगी।

धुर्वा में जनाक्रोश का विस्फोट: 'चप्पा-चप्पा' बंद रहेगा HEC क्षेत्र, मशाल जुलूस के साथ उतरी हजारों की भीड़।

रांची: मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल से 2 जनवरी को लापता हुए दो मासूमों, अंश और अंशिका का कोई पता नहीं चलने से पूरा एचईसी (HEC) क्षेत्र उबल रहा है। शनिवार शाम कैलाश यादव के नेतृत्व में हजारों लोगों ने मौसीबाड़ी से बिरसा चौक तक विशाल मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही बच्चे बरामद नहीं हुए, तो यह जनाक्रोश एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेगा।

कल संपूर्ण बंदी का आह्वान संघर्ष समिति के संयोजक कैलाश यादव ने घोषणा की कि रविवार (11 जनवरी) को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक पूरा एचईसी औद्योगिक क्षेत्र, धुर्वा और जगन्नाथपुर बंद रहेगा। बाजार, दुकानें, ऑटो और निजी प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहेंगे। समिति ने आम जनता से इस 'सद्भावना बंद' को समर्थन देने की अपील की है।

तीन विशेष टीमों का गठन बंद और शांति मार्च को सफल बनाने के लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं:

धुर्वा क्षेत्र: रंजन यादव, बबन यादव और रामकुमार सिंह के नेतृत्व में टीम कमान संभालेगी।

जगन्नाथपुर क्षेत्र: गौरीशंकर यादव और मिंटू पासवान की टीम सक्रिय रहेगी।

सेक्टर-2 क्षेत्र: संजीत यादव और विशाल सिंह की टीम मोर्चा संभालेगी।

ये सभी टीमें सुबह 10 बजे सेक्टर-2 पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास इकट्ठा होकर पुराना ओपीडी गोलचक्कर तक शांति मार्च निकालेंगी।

परिजनों का टूट रहा सब्र विगत 2 जनवरी को दोपहर 2:30 बजे से दोनों बच्चे गायब हैं। धुर्वा थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं। कैलाश यादव ने कहा कि परिजनों की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है और पुलिस की कार्यशैली से लोगों में भारी असुरक्षा का भाव है।

गढ़वा शहर के बंडा पहाड़ स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में भव्य श्री रूद्र महायज्ञ का होगा आयोजन।

गढ़वा : गढ़वा शहर के बंडा पहाड़ स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में भव्य श्री रूद्र महायज्ञ का आयोजन किया गया है। महायज्ञ को लेकर आगामी 14 जनवरी को नगर भ्रमण सह भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। उक्त बातें महायज्ञ के आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य जी महाराज, समिति के प्रधान संयोजक राकेश पाल, जागृति युवा समिति जोबरईया के अध्यक्ष जितेंद्र पाल, विनोद जायसवाल आदि ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

उन्होंने बताया कि महायज्ञ का आयोजन आठ मार्च से 16 मार्च तक किया जाएगा। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। कुटिया का निर्माण शुरू है। 14 जनवरी से इसी कुटिया में यज्ञाचार्य विराजमान हो जाएंगे तथा महायज्ञ से संबंधित तैयारियों को पूरा कराएंगे। यह महायज्ञ नौ दिवसीय होगा तथा इसके लिए पांच तल्ला यज्ञशाला का निर्माण किया जाएगा। जो अपने आप में अनूठा होगा। काशी एवं अयोध्या से विद्वान पंडितों की 21 सदस्यीय टोली गढ़वा पहुंचेगी। जिसका नेतृत्व विद्वान स्कंद शास्त्री करेंगे। पूरा परिसर वैदिक मंत्रों से गूंजायमान होगा। वहीं पंकज शास्त्री व उनकी टीम द्वारा संगीतमय रामकथ का पाठ लगतार नौ दिनाें तक किया जाएगा। इस दौरान सप्रसंग झांकी का भी आयोजन किया जाएगा।

आयोजन समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि विगत दस दिसंबर को हनुमंत ध्वजा की स्थापना हो चुकी है। इसके साथ ही महायज्ञ से संबंधित कार्य भी शुरू हो गए है। इसमें जागृति क्लब जोबरइया से जुड़े सदस्य लगातार मेहनत कर रहे हैं। हर वर्ग के लोगों का सहयोग मिल रहा है। महायज्ञ के आयोजन में प्रधान संयोजक राकेश पाल की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके द्वारा अपना बहुमूल्य समय एवं योगदान दिया जा रहा है। सभी के सहयोग से महायज्ञ को सफल बनाया जाएगा। मौके पर गढ़वा प्रखंड प्रमुख अनिता देवी, नवादा पंचायत की मुखिया आशा देवी, विनय पाल, सत्येंद्र पाल, विवेकानंद पाल, चैतू भुईयां आदि उपस्थित थे।

गणतंत्र दिवस 2026: मोरहाबादी में दिखेगी झारखंड की कला और संस्कृति की झलक, 12 विभागों की झांकियां होंगी मुख्य आकर्षण।

राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र दिवस समारोह-2026 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को समाहरणालय में आयोजित बैठक में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर समारोह की रूपरेखा तय की। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन सहित जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

12 विभागों की झांकियां बिखेरेंगी छटा इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुल 12 विभागों की झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि ये झांकियां झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं, नीतियों और राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति एवं ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित होंगी। प्रमुख रूप से वन विभाग, ग्रामीण विकास, कृषि, सूचना एवं जनसंपर्क और पर्यटन विभाग की झांकियां लोगों को झारखंड की प्रगति और परंपरा से रूबरू कराएंगी।

परेड और सुरक्षा व्यवस्था समारोह में इस बार 15 प्लाटून और 03 बैंड हिस्सा लेंगे। परेड का पूर्वाभ्यास 18 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक चलेगा, जबकि 24 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल (अंतिम रिहर्सल) आयोजित की जाएगी। सुरक्षा को लेकर एसएसपी रांची को कड़े निर्देश दिए गए हैं, वहीं ट्रैफिक एसपी को मोरहाबादी की ओर आने वाले रास्तों पर सुगम पार्किंग और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बुनियादी सुविधाओं पर जोर उपायुक्त ने भवन प्रमंडल को मैदान के दोनों ओर वाटरप्रूफ पंडाल, गैलरी और बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही निर्बाध बिजली के लिए साउंड प्रूफ जनरेटर, पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकर और समारोह स्थल की साफ-सफाई के लिए नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस की तैनाती के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया है।

झारखंड में मतदाता सूची मैपिंग का 70% कार्य पूरा: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शहरी क्षेत्रों में प्राथमिकता देने का दिया निर्देश।

रांची: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने शनिवार को निर्वाचन सदन में राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का लक्ष्य "एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे" को सुनिश्चित करना है।

मैपिंग और डिजिटलीकरण पर जोर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से वर्तमान सूची की मैपिंग का 70% कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने और सरकारी कार्यालयों में कैंप लगाकर कर्मियों को प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया। साथ ही, एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट (ASDD) सूचियों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया तेज करने को कहा ताकि पुनरीक्षण के समय कोई त्रुटि न रहे।

बीएलओ (BLO) की जानकारी अब सार्वजनिक होगी मतदाताओं की सुविधा के लिए विभाग ने विशेष स्टीकर जारी किए हैं। इन स्टीकरों पर संबंधित बीएलओ का नाम, मोबाइल नंबर, मतदान केंद्र संख्या और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी होगी। ये स्टीकर मतदान केंद्र क्षेत्रों में प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे ताकि आम नागरिक आसानी से अपने बीएलओ से संपर्क कर सकें।

वोटर आईडी की गुणवत्ता और प्रशिक्षण के. रवि कुमार ने मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) की गुणवत्ता सुधारने पर बल देते हुए कहा कि बीएलओ को मोबाइल के जरिए अच्छी फोटो खींचकर बीएलओ ऐप में अपडेट करने का प्रशिक्षण दिया जाए। इसके अलावा, 28 जनवरी से 6 फरवरी के बीच सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) का प्रशिक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि पुनरीक्षण के दौरान बेहतर समन्वय बना रहे।

दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) अन्य राज्यों से आने वाले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के मामलों पर सीईओ ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित राज्यों से आए दस्तावेजों का सत्यापन उसी दिन किया जाए। इसके लिए अवकाश के दिनों में भी रोस्टर ड्यूटी लगाने का सुझाव दिया गया ताकि प्रक्रिया में देरी न हो और गलत दस्तावेजों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

नाइजर में 8 महीने बाद खत्म हुआ मौत का साया: सीएम हेमन्त के हस्तक्षेप से रिहा हुए झारखंड के 5 श्रमिक।

रांची: दक्षिण अफ्रीका के नाइजर में कार्यरत झारखंड के पांच प्रवासी श्रमिकों के लिए आज का दिन नया जीवन मिलने जैसा है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निरंतर प्रयासों और विदेश मंत्रालय के साथ बेहतर समन्वय के कारण आठ महीने पहले अपहृत हुए सभी श्रमिक अब सुरक्षित हैं। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने सभी श्रमिकों से फोन पर बात कर उनकी कुशलता की पुष्टि की है।

घटनाक्रम: 25 अप्रैल 2025 को हुआ था अपहरण गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड (दोन्दलो और मुंडरो गांव) के ये श्रमिक नाइजर में कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी के KPTC प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। 25 अप्रैल 2025 को तेलाबारी क्षेत्र में काम के दौरान हथियारबंद उग्रवादियों ने 26 स्थानीय नागरिकों और 12 विदेशी श्रमिकों (जिनमें झारखंड के 5 शामिल थे) का अपहरण कर लिया था।

सरकारी तंत्र की सक्रियता मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लेते हुए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद:

भारतीय दूतावास (नियामी, नाइजर) और विदेश मंत्रालय के साथ सीधा संपर्क साधा गया।

कंपनी प्रबंधन पर दबाव बनाया गया कि श्रमिकों का वेतन नियमित रूप से उनके बैंक खातों में जमा होता रहे।

मेडिकल जांच के बाद अब इन श्रमिकों को हवाई मार्ग से झारखंड लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

परिवारों का रखा गया पूरा ख्याल श्रमिकों की अनुपस्थिति में उनके परिजनों का हौसला न टूटे, इसके लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर गिरिडीह जिला प्रशासन ने उन्हें 14 प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा। इनमें मईया सम्मान योजना, आयुष्मान कार्ड, आवास योजना और पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं, ताकि आर्थिक तंगी की वजह से परिवार को परेशानी न हो।

JSBCCL ने राज्य सरकार को दिया ₹20 करोड़ का लाभांश: सीएम हेमन्त सोरेन ने सराहा, कहा— "प्रोफेशनल कंपनी के रूप में बढ़ें आगे।"

रांची: झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अपनी आय से राज्य सरकार को लाभांश के रूप में एक बड़ी राशि प्रदान की है। शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात कर उन्हें 20 करोड़ रुपये का चेक सप्रेम भेंट किया।

कॉरपोरेशन की सराहना और विजन चेक स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कॉरपोरेशन के प्रदर्शन की सराहना की और अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि "कॉरपोरेशन को एक पूरी तरह प्रोफेशनल कंपनी के रूप में विकसित होना चाहिए। इसके लिए बेहतर और आधुनिक कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ें ताकि भविष्य में लाभ (प्रॉफिट) की राशि में और अधिक वृद्धि की जा सके।"

वित्तीय मजबूती का संकेत यह 20 करोड़ रुपये की राशि कॉरपोरेशन द्वारा अर्जित लाभ से डिविडेंड के रूप में राज्य के खजाने में जमा की गई है, जो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।

समारोह में उपस्थिति इस अवसर पर मुख्य रूप से झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (MD) श्री अरवा राजकमल, कार्यपालक निदेशक श्री संजय कुजूर, महाप्रबंधक श्री अविनाश कुमार समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।