कैसे पता चलेगा, कुत्ता काटने के मूड में है या नहीं? कपिल सिब्बल की दलील पर सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी

#supremecourtonstraydogscantread_mind

आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान आवारा कुत्तों और पशु-प्रेम को लेकर एक रोचक बहस देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता वंदना जैन की एक दलील पर टिप्पणी की, 'जब हम पशु प्रेमियों की बात करते हैं, तो इसमें सभी जानवर शामिल होते हैं। मैं अपने घर में कोई जानवर रखना चाहता हूं या नहीं, यह मेरा विवेक है।

कोर्ट ने पूछा-सोसाइटी में भैंस पालना चाहे तो क्या होगा?

आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणियां की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, गेटेड कम्युनिटी में कुत्ते को घूमने देना चाहिए या नहीं, यह समुदाय को तय करना होगा। मान लीजिए, 90 प्रतिशत निवासियों को लगता है कि यह बच्चों के लिए खतरनाक होगा, लेकिन 10 फीसदी कुत्ते रखने पर जोर देते हैं। कोई कल भैंस ला सकता है। वे कह सकते हैं कि मुझे भैंस का दूध चाहिए।

शीर्ष अदालत ने सिब्बल को लगाई फटकार

आवारा कुत्तों पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आज वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल को लताड़ भी लगाई। दरअसल, बहस के दौरान सिब्बल ने कहा कि कुत्ते सड़कों पर नहीं होते हैं बल्कि परिसरों में रहते हैं। इसी दलील पर शीर्ष अदालत ने सिब्बल पर नाराजगी जताई।

शेल्टर में मौजूद कुत्तों को खाना खिलाने की सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने दलीलों पर सवाल करते हुए कहा, क्या कुत्तों को यह सिखाया जा सकता है कि वे किसी को न काटें? किसी को कैसे पता चलेगा कि कौन सा कुत्ता काटने के मूड में है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पशुप्रेमियों को शेल्टर में मौजूद कुत्तों को खाना खिलाना चाहिए।

पीएम मोदी ने ‘दोस्त’ नेतन्याहू को लगाया फोन, इन मुद्दों पर हुई बात

#pmnarendramodispokewithisraeliprimeministerbenjamin_netanyahu

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद बने हालात के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक दूसरे पर फोन पर बात की है। इस महत्वपूर्ण बातचीत का ब्योरा पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दिया है।

पीएम मोदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "अपने दोस्त, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके खुशी हुई। उन्हें और इजराइल के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। हमने आने वाले साल में भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही हमने क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और आतंकवाद से ज्यादा मजबूती से लड़ने के अपने साझा संकल्प को दोहराया।

वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई ये बातचीत ऐसे समय हुई है, जब पूरी दुनिया की वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल मची हुई हैं। इतिहास में पहली बार किसी देश के राष्ट्रपति को उसके देश में घुसकर गिरफ्तार किया गया है और विदेशी धरती पर ले जाकर उसके खिलाफ केस चलाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कमांडो फोर्स भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अरेस्ट कर लिया है। मादुरो पर ट्रंप ने अमेरिका में ड्रग्स और गन अवैध रूप से भेजने का आरोप लगाया है।

बीते साल दिसंबर में हुई थी बातचीत

इससे पहले बीते साल दिसंबर के दूसरे सप्ताह इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को फोन किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर बातचीत की थी। इस बाचतीच में भी दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी दोहराई थी। दो टूक कहा था कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कर्नाटक में हिरासत के दौरान बीजेपी महिला कार्यकर्ता से बदसलूकी, पुलिस पर सनसनीखेज आरोप

#karnatakabjpwomanworkerstrippedduringclashwithpolice

कर्नाटक के हुब्बली शहर में मंगलवार को पुलिस हिरासत के दौरान एक भाजपा महिला कार्यकर्ता से मारपीट का मामला सामने आया। महिला ने कपड़े फाड़े जाने का भी आरोप लगाया है। बीजेपी कार्यकर्ता को कांग्रेस पार्षद की शिकायत पर हिरासत में लिया गया था।

घटना से जुड़ा वीडियो सामने आया है, जिसमें महिला कार्यकर्ता को बस के अंदर पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों से घिरा देखा जा सकता है। आरोप है कि हिरासत के दौरान महिला ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और विरोध किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके कपड़े भी फट गए।

विरोध करने पर काउंटर केस दर्ज

पुलिस का कहना है कि हिरासत के दौरान महिला ने विरोध किया और पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बाद पुलिस ने महिला के खिलाफ काउंटर शिकायत दर्ज की।पुलिस ने बताया कि महिला के खिलाफ दर्ज मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत मामला भी शामिल है।

कांग्रेस पार्षद की शिकायत के बाद गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंतला की शिकायत के आधार पर महिला को हिरासत में लिया गया था। यह विवाद राज्य में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान शुरू हुआ, जिसमें बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पहले भी टकराव हुआ था। सूत्रों के अनुसार, महिला पूर्व में कांग्रेस कार्यकर्ता रही हैं और हाल ही में उन्होंने बीजेपी जॉइन किया था। आरोप है कि उन्होंने कुछ मतदाताओं के नाम हटाने में अधिकारियों की मदद की, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ा।

बीजेपी ने महिला सुरक्षा पर उठाया सवाल

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर कर्नाटक में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी महिला की मर्यादा भंग की जाए, उसके कपड़े फाड़े जाएं और पुलिस द्वारा इस तरह से मारपीट की जाए, तो यह साफ दिखाता है कि कांग्रेस शासन में महिलाओं की सुरक्षा की क्या हालत है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, "क्या यही है ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’?" क्या यही राजनीतिक असहमति का अधिकार है कि एक भाजपा की महिला कार्यकर्ता के साथ ऐसा व्यवहार किया जाए? शहजाद पूनावाला ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के शासन में महिलाएं अब सुरक्षित नहीं हैं और इस तरह की घटनाएं बेहद निंदनीय हैं।

महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

#ambarnathmunicipalcouncilelectionbjpcongressalliance

कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

दिल्ली के तुर्कमान गेट पर देर रात गरजे बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने पर बवाल

#faizeilahimosqueantiencroachmentdemolition

दिल्ली में देर रात तुर्कमान गेट पर बुलडोजर एक्शन हुआ। अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास हुई। अवैध दुकानें और दूसरे निर्माण हटाने के लिए देर रात 30 से ज्यादा बुलडोजर पहुंचे और कार्रवाई की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और कुछ लोगों ने पथराव भी किया लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात काबू किए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे।

पत्थरबाजी में पांच जवान घायल

दिल्ली के रामलीला मैदान क्षेत्र के तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार तड़के उस समय तनाव फैल गया, जब एक मस्जिद के पास चलाया जा रहा अतिक्रमण विरोधी अभियान हिंसक हो गया। भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस और निगम कर्मचारियों पर पत्थरबाजी की। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में दिल्ली पुलिस के कम से कम पांच जवान घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में करना पड़ा। आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े हैं।

पुलिस ने पथराव करने वाले 10 लोगों को हिरासत में लिया

दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट पर पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। बता दें कि दिल्ली पुलिस की टीम पर यहां अतिक्रमण हटाते वक्त हमला हुआ था। लगभग 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है। FIR फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ है, हालांकि पुलिस ने 4 से 5 संदिग्धों की पहचान कर ली है।

पूरी कार्रवाई अदालत के आदेश पर

पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय या धार्मिक स्थल को निशाना बनाने का सवाल नहीं है और पूरी कार्रवाई अदालत के आदेशों के पालन में की जा रही थी। फिलहाल इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम बनाए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जारी है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

नेपाल में क्यों फैली हिंसा? हालात बेकाबू, भारत में सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा

#nepalborderriotsmosquevandalismvideoviral

नेपाल के पर्सा और धनुषा जिलों में धार्मिक विवाद के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। मस्जिद में तोड़फोड़ और पवित्र ग्रंथ जलाने की कथित घटना की खबर फैलते ही विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जो कुछ ही समय में हिंसक रूप ले बैठा है। चिंताजनक स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने एहतियाती कर्फ्यू लगाने का एलान किया। पड़ोसी देश में तनाव और उथल-पुथल के बीच भारत में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

वीडियो वायरल होने से तनाव और बढ़ा

पर्सा जिले के बीरगंज शहर में धनुषा की मस्जिद में तोड़फोड़ और पवित्र ग्रंथ जलाने की घटना के बाद हालात बेकाबू हैं। सोशल मीडिया पर धार्मिक सामग्री वाला वीडियो वायरल होने से तनाव और बढ़ गया। हिंसक प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पथराव किया, जिसके बाद पुलिस को हालात संभालने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने बीरगंज में कर्फ्यू लागू कर दिया है।

सुरक्षाकर्मियों को देखते ही गोली मारने का अधिकार

हालात की समीक्षा के बाद सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बस पार्क, नागवा, इनारवा (पूर्व); सिरसिया नदी (पश्चिम); गंडक चौक (उत्तर) और शंकराचार्य गेट (दक्षिण) को संवेदनशील इलाके के रूप में चिह्नित किया है। प्रशासन ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कर्फ्यू के दौरान, सुरक्षाकर्मियों को देखते ही गोली मारने का अधिकार दिया गया है। इसलिए नागरिकों से अनुरोध है कि बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। बाहर निकलने की विवशता होने पर निकटतम सुरक्षाकर्मी से संपर्क करें। मोबाइल से 100 पर कॉल करें।

भारत-नेपाल सीमा सील

भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है। मैत्री पुल समेत सभी बॉर्डर पॉइंट्स पर आवागमन रोक दिया गया है। केवल आपातकालीन सेवाओं को सीमा पार करने की अनुमति दी जा रही है। सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की कड़ी जांच की जा रही है।

तुम 8 बच्चे पैदा करो, तुम्हें कौन रोक रहा…,ओवैसी का बीजेपी नेता नवनीत राणा पर पलटवार

बीजेपी नेता नवनीत राणा के ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले बयान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है। नवनीत का नाम लिए बिना ओवैसी ने निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा कि मेरे छह बच्चे हैं और उन्हें (नवनीत राणा) को आठ बच्चे पैदा करने में कौन सी बाधा आड़े आ रही है।

महाराष्ट्र के अकोला में एक रैली को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मेरे 6 बच्चे हैं और मेरी दाढ़ी सफेद हो रही है। किसी ने कहा कि 4 बच्चे होने चाहिए। चार ही क्यों? आठ बच्चे पैदा करो, कौन रोक रहा है?

भागवत और नायडू पर भी निशाना

ओवैसी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के बयानों को याद दिलाया। वे सब ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए कह रहे हैं। आप अभी ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? मैं आपको 20 बच्चे पैदा करने का चैलेंज देता हूं। यह किस तरह का मजाक है।

क्या कहा था नवनीत राणा ने?

बता दें कि नवनीत राणा ने कहा था कि कुछ लोगों की कई पत्नियां और कई बच्चे हैं, जिससे उनकी आबादी बढ़ रही है। इसका मुकाबला करने के लिए हिंदुओं को भारत की रक्षा के लिए कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करना होगा। उन्होंने कहा था कि कई लोगों की चार पत्नियां और 19 बच्चे हैं। मेरा सुझाव है कि हमें कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए।

मोगैंबो खुश हुआ...', रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप के बयान पर भड़के खरगे, पीएम मोदी पर कसा तंज*

#mallikarjunkhargejibeatpmmodiontrumpstatement

रूस से भारत द्वारा की जा रही कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। खरगे ने सोमवार को हिंदी फिल्म के एक चर्चित डायलॉग का जिक्र करते हुए कटाक्ष करते हुए कहा 'ट्रंप मोदी को लेकर यह कहना चाह रहे हैं कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'।

देश ने आपको पीएम सिर हिलाने के लिए नहीं चुना-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर सोमवार को पीएम मोदी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, मैं नहीं समझ पा रहा कि मोदी ट्रंप के सामने क्यों झुक रहे हैं। यह देश के लिए ठीक नहीं है। आपको देश के लिए खड़ा होना चाहिए। देश ने आपको प्रधानमंत्री सिर हिलाने के लिए नहीं चुना। खरगे ने कहा, 'मिस्टर इंडिया फिल्म का एक डायलॉग है कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'। इसी तरह ट्रंप ने कहने की कोशिश की है कि मोगैम्बो खुश हुआ। इस तरह की सोच रखने वाले डराने की कोशिश करते हैं, तो भारत झुकने वाला नहीं है।

क्या था ट्रंप का बयान

दरअसल खड़गे का बयान ट्रम्प के दावे पर आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि रूस से तेल आयात पर अमेरिकी नाराजगी के बाद भारत ने तेल खरीद घटाई, क्योंकि मोदी मुझे (ट्रम्प) खुश करना चाहते थे। रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'वे (भारत) मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वह अच्छे व्यक्ति हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।

दुनिया ट्रंप के सामने नहीं झुकेगी- खरगे

खड़गे ने ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें वे बार-बार भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने की बात कहते हैं। खड़गे बोले, ट्रंप कम से कम 70 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच शांति कराई। क्या इसका मतलब है कि दुनिया उनके आगे झुक जाए? दुनिया नहीं झुकेगी।

सोनिया गांधी की बिगड़ी तबीयत, अचानक सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती

#sonia_gandhi_health_deteriorates_admitted_to_sir_ganga_ram_hospital

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की मंगलवार सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई है। आनन-फानन में उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया।डॉक्टरों की एक टीम निगरानी में लग गई है। हालांकि अभी तक कांग्रेस ने सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

अस्पताल के एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नियमित जांच के तहत उन्हें भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता को काफी समय से खांसी की समस्या है और वह समय-समय पर, खासकर शहर में प्रदूषण के कारण जांच के लिए आती रहती हैं। सूत्र ने बताया कि सोनिया गांधी को सोमवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी की स्वास्थ्य स्थिति ठीक है। उन्हें विशेष रूप से छाती से संबंधित समस्याओं के लिए चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है। सोनिया गांधी ने दिसंबर 2025 में ही अपना 79वां जन्मदिन मनाया था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का निधन, 82 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

#seniorcongressleadersureshkalmadipassedaway

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 82 साल के थे और बीमारी के कारण उन्हें पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक पुणे शहर के कलमाड़ी हाउस, एरंडवणे में रखा जाएगा। कलमाड़ी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आज दोपहर 3.30 बजे पुणे के वैकुंठ श्मशान भूमि, नवी पेठ में होगा।

1982 में राजनीतिक करियर की शुरूआत

राजनीति में आने से पहले 6 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा की। वायु सेना से रिटायर होने के बाद, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। उनका राजनीतिक करियर 1982 से शुरू हुआ था। वह 1982 से 1996 तक तीन बार और फिर 1998 में राज्यसभा के मेंबर रहे।

1977 में इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट बने

कलमाडी को 1977 में इंडियन यूथ कांग्रेस और पुणे के प्रेसिडेंट बनाया गया। अगले ही साल यूथ कांग्रेस महाराष्ट्र के प्रेसिडेंट बन गए। यह पद उन्होंने 1978 से 1980 तक संभाला। 1980 में, महाराष्ट्र एथलेटिक्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट के तौर पर कलमाडी ने मॉस्को ओलंपिक्स में देश को रिप्रेजेंट करने के लिए मैराथन टीम के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लिया था। इसकी वजह से ही पुणे में इंटरनेशनल मैराथन की शुरुआत हुई थी। कलमाडी 1981-1986 तक इंडियन यूथ कांग्रेस (सोशलिस्ट) के प्रेसिडेंट बने रहे।

भारत के खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका

कलमाड़ी एक अनुभवी राजनीतिज्ञ और खेल प्रशासक थे, जिन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और कई वर्षों तक भारत के खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स ) में हुए भ्रष्टाचार मामले के चलते वे राष्ट्रीय स्तर पर जांच के दायरे में आए और खेलों के फंड के कथित दुरुपयोग के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया। उन्हें अप्रैल 2011 में गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।