उत्तराखंड : ऋषिकेश में वन भूमि सर्वे का उग्र विरोध
* नेशनल हाईवे-जाम, रेलवे ट्रैक बाधित, पथराव, 16 नामजद और 200 से अधिक पर मुकदमा
ब्यूरो
देहरादून: ऋषिकेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रहे वन भूमि सर्वे के खिलाफ शनिवार और रविवार को विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे और मनसा देवी रेलवे लाइन को जाम किया, जिससे ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई। इस दौरान पुलिस पर पथराव भी किया गया।
पुलिस ने अब तक तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें 16 लोगों को नामजद और 200 से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। रायवाला थाने में तैनात एसएसआई मनवर सिंह नेगी के अनुसार, शनिवार को सेक्टर-2 प्रभारी के रूप में मालवीय नगर पहुंचे थे, जहां अमितग्राम और श्यामपुर बायपास मार्ग जाम रहा।
एक मामले में गुमानीवाला क्षेत्र में वन विभाग की महिला रेंजर के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार का आरोप भी सामने आया। इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
कोतवाली ऋषिकेश के निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट की शिकायत पर मनसा देवी रेलवे फाटक क्षेत्र में सड़क और रेल मार्ग बाधित करने, पुलिस पर पथराव करने समेत अन्य गंभीर आरोपों में आठ से दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार की जा रही थी। रेलवे लाइन बाधित होने से करीब छह ट्रेनें प्रभावित हुईं और हजारों यात्रियों को परेशानी हुई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाठीचार्ज नहीं किया गया और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनता से अपील की गई है कि यदि किसी ने सरकारी वन भूमि को निजी बताकर धोखाधड़ी की है, तो वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराए।
Jan 06 2026, 20:14
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