पुलिस आयुक्त प्रयागराज द्वारा रिजर्व पुलिस लाइंस त्रिवेणी सभागार में गोष्ठी आयोजित

संजय द्विवेदी प्रयागराज।पुलिस आयुक्त प्रयागराज द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स के त्रिवेणी सभागार में माघ मेला-2026 में श्रद्धालुओ के सुगम आवागमन के दृष्टिगत जनपद प्रयागराज एवं माघ मेला क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पार्किग एवं अन्य व्यवस्थाओ के सम्बन्ध में अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था के साथ गोष्ठी आयोजित की गयी जिसमें सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।उक्त गोष्ठी में पुलिस उपायुक्त गंगानगर/यमुनानगर/नगर अपर पुलिस उपायुक्त यातायात सहायक पुलिस आयुक्त फूलपुर/थरवई/करछना/यातायात समस्त थाना प्रभारी नगर जोन व थाना प्रभारी फाफामऊ/सरायइनायत नैनी/औद्योगिक क्षेत्र समस्त प्रभारी क्यू.आर. टी.टीम समस्त यातायात निरीक्षक उपनिरीक्षक एवं अन्य अधिकारी कर्मचारीगण द्वारा प्रतिभाग किया गया

पुलिस अधीक्षक माघ मेला के निर्देशन में एटीएस द्वारा मेला क्षेत्र में आतंकवाद एवं अन्य आपात स्थितियो से निपटने हेतु मॉक ड्रिल

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 को सुरक्षित सुव्यवस्थित एवं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक माघ मेला नीरज कुमार पाण्डेय के निर्देशन में माघ मेला क्षेत्र के संगम स्नान घाट पर आतंकवाद निरोधक दस्ता(ATS)द्वारा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।इस मॉक ड्रिल में एटीएस एवं मेला पुलिस की संयुक्त टीमो द्वारा सहभागिता की गई।अभ्यास का उद्देश्य मेला क्षेत्र में किसी भी सम्भावित आतंकी खतरे संदिग्ध गतिविधि अथवा आपात स्थिति में त्वरित समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही की तैयारियो को जमीनी स्तर पर परखना था।मॉक ड्रिल के दौरान बम की सूचना प्राप्त होने की स्थिति संदिग्ध व्यक्तियो की पहचान एवं गिरफ्तारी भीड़ में अफरा- तफरी की स्थिति तथा त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन जैसे विभिन्न परिदृश्यो का अभ्यास किया गया ताकि वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं सुरक्षित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।इस अभ्यास के माध्यम से यह स्पष्ट सन्देश दिया गया कि माघ मेला–2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु पुलिस एवं विशेष इकाइयाँ पूर्ण सतर्कता के साथ तैयार है।

मेजा ऊर्जा निगम द्वारा बालिका सशक्तिकरण अभियान के शीतकालीन सत्र के उद्घाटन समारोह का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मेजा ऊर्जा निगम द्वारा नैगम सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत बालिका सशक्तिकरण अभियान के शीतकालीन सत्र 2025-26 के उद्घाटन समारोह का आयोजन सेंट जोसफ स्कूल के ऑडिटोरियम में किया गया।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजा ऊर्जा निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी.श्री निवास राव रहे और उन्होने इस मौके पर सभी को शुभकामनाए दी और बालिकाओं को पढ़ने एवं जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अपराजिता महिला समाज की अध्यक्षा कविता राव रही।कार्यक्रम का स्वागत भाषण मानव संसाधन विभागाध्यक्ष विवेक चन्द्रा द्वारा दिया गया।कार्यक्रम का समापन उप महाप्रबन्धक(मानव संसाधन) अजय सिंह के धन्यवाद प्रस्ताव से सम्पन्न हुआ।

मेजा ऊर्जा निगम द्वारा बालिका सशक्तिकरण अभियान के शीतकालीन सत्र के उद्घाटन समारोह का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मेजा ऊर्जा निगम द्वारा नैगम सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत बालिका सशक्तिकरण अभियान के शीतकालीन सत्र 2025-26 के उद्घाटन समारोह का आयोजन सेंट जोसफ स्कूल के ऑडिटोरियम में किया गया।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजा ऊर्जा निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी.श्री निवास राव रहे और उन्होने इस मौके पर सभी को शुभकामनाए दी और बालिकाओं को पढ़ने एवं जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अपराजिता महिला समाज की अध्यक्षा कविता राव रही।कार्यक्रम का स्वागत भाषण मानव संसाधन विभागाध्यक्ष विवेक चन्द्रा द्वारा दिया गया।कार्यक्रम का समापन उप महाप्रबन्धक(मानव संसाधन) अजय सिंह के धन्यवाद प्रस्ताव से सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम के दौरान मेजा ऊर्जा निगम के वरिष्ठ अधिकारिगण अपराजिता महिला समाज की पदाधिकारी एसोसियसन एवं यूनियन के पदाधिकारी 40 बालिकाएँ एवं उनके अभिभावकगण उपस्थित रहे बालिका सशक्तिकरण अभियान से लाभान्वित दो बालिकाओ ने अपना अनुभव भी सबसे साझा किया।कार्यक्रम के दौरान सभी बालिकाओ के लिए स्कूल बैग का वितरण किया गया।इस एक सप्ताह की कार्यशाला का लक्ष्य बालिकाओ के रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा को उभार कर आत्मविश्वास बढ़ाना एवं सामाजिक समानता के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। मेजा ऊर्जा निगम ने 2019 में बालिका सशक्तिकरण अभियान शुरू किया जो भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहल से प्रेरित है।मेजा ऊर्जा निगम द्वारा आयोजित बालिका सशक्तिकरण अभियान का उद्देश्य लड़कियो को अधिक अवसर प्रदान कर लैगिक असमानता को समाप्त करना है।इस अभियान के माध्यम से लड़कियो को शिक्षा स्वास्थ्य आत्मरक्षा और जीवन कौशल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रो में जागरूक किया जाता है।

त्रिवेणी के तट पर पूजन के साथ शुरू हुई पांच दिवसीय परिक्रमा

556 वर्ष पहले मुगल शासक अकबर ने लगाई थी पंच कोसी परिक्रमा पर रोक, योगी सरकार ने 2019 में किया पुनर्जीवित

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और अखाड़ों के प्रमुख प्रतिनिधियों की अगुवाई में हुई परिक्रमा की शुरुआत

प्रयाग की सनातन परम्परा आस्था एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है पंच कोशी परिक्रमा

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयाग की सनातन परंपरा, आस्था एवं सांस्कृतिक चेतना की प्रतीक पंचकोसी परिक्रमा की माघ मेला में शुरुआत हो गई। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा की अगुवाई में संगम में गंगा पूजन से इसकी शुरुआत सोमवार को हुई। यह पंचकोसीय परिक्रमा पांच दिनों तक चलेगी जिसमें आखिरी दिन साधु-संतों के लिए भंडारे का आयोजन होगा। माघ मेला प्रशासन को इस परिक्रमा के आयोजन में यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी मिली है। संगम में गंगा पूजन के बाद साधु संतों का समूह अक्षयवट और आदि शंकर विमान मण्डपम मंदिर भी गया। इसके उपरांत पहले दिन की परिक्रमा का समापन हो गया।

क्यों होती है पंच कोसी परिक्रमा

पंच कोशी परिक्रमा प्रयाग की प्राचीन धार्मिक परम्परा है । अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि का कहना है कि इस परिक्रमा की परम्परा के पीछे प्रयागराज का वह क्षेत्रीय विस्तार है जिसके अनुसार प्रयाग मंडल पांच योजन और बीस कोस में विस्तृत है। गंगा यमुना और सरस्वती के यहाँ 6 तट है जिन्हें मिलाकर तीन अन्तर्वेदियाँ बनाई गई हैं- अंतर्वेदी , मध्य वेदी और बहिर्वेदी । इन तीनो वेदियो में कई तीर्थ, उप तीर्थ और आश्रम हैं जिनकी परिक्रमा को पंचकोसी परिक्रमा के अन्दर शामिल किया गया है। प्रयाग आने वाले सभी तीर्थ यात्रियों को इसकी परिक्रमा करनी चाहिए क्योंकि इससे इनमे विराजमान सभी देवताओं, आश्रमों, मंदिरों, मठो और जलकुंडो के दर्शन से अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति होती है ।

556 साल पहले अकबर ने लगाई थी रोक

दिव्य और भव्य माघ मेले के आयोजन में कई परम्पराएं शामिल हैं जिसमें कल्पवास और पंचकोशी परिक्रमा भी शामिल है। परिक्रमा में शामिल हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी का कहना है कि पंचकोसी परम्परा आज से 556 साल पहले माघ मेले का अटूट हिस्सा थी। 556 साल पहले मुग़ल शासक अकबर ने इसे रोक दिया था। कई वर्षों के बाद साधु-संतों की मांग के बाद योगी सरकार की कोशिशों से पंचकोसी परिक्रमा की शुरुआत 2019 में हुई और अब यह परम्परा सतत चल रही है।

पद्म भूषण कल्याण सिंह,गणेश केसरवानी का कॉपी-पेंसिल वितरित कर जन्मदिन मनाया गया

संजय द्विवेदी प्रयागराज।महापौर प्रयागराज गणेश केसरवानी पद्म भूषण कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल का जन्मदिन संजय श्रीवास्तव कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख के नेतृत्व में मनाया गया।पद्म भूषण कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल को कोटि-कोटि नमन किया गया साथ ही प्रयागराज महापौर गणेश केसरवानी का जन्मदिन मनाया गया।इस अवसर पर बच्चो को कॉपी- पेंसिल वितरित करके बच्चों को शिक्षित होने की अपील की गई।सजय श्रीवास्तव ने कहा कि कल्याण सिंह का सपना था कि बच्चे शिक्षित होंगे तभी देश का विकास होगा उसी तरह हमारे महापौर की भी इच्छा रहती है कि बच्चे जब शिक्षित होगे तभी जिले का विकास होगा देश का विकास होगा संपूर्ण क्षेत्र का विकास होगा।भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री पद्म विभूषण से सम्मानित प्रभु श्री राम मंदिर निर्माण के लिए सत्ता का त्याग करने वाले प्रभु श्री राम के परम उपासक कल्याण सिंह बाबूजी की जयन्ती पर उन्हे कोटिशःनमन करते है राष्ट्र प्रथम के मार्ग पर चलते हुए जनसेवा और लोककल्याण के जो प्रतिमान स्थापित किए है हम सभी करोड़ो कार्यकर्ताओ के लिए प्रेरणा के अक्षय स्रोत है।दोनो का संयुक्त रूप से महापौर गणेश केसरवानी और पद्म भूषण कल्याण सिंह बाबू का जन्मदिन मनाया गया।इस अवसर पर बच्चो को पेंशन- काफी वितरित कर नन्दन तालाब मे मनाया गया।इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय श्रीवास्तव सहित कई दर्जनो बच्चो के साथ जन्मदिन मनाया गया।

माघ मेले में अग्नि शमन के लिए फायर बोट का किया गया ट्रायल

संजय द्विवेदी प्रयागराज महाकुम्भ 2025 में अग्निशमन के लिए दो फायर बोट का इंतजाम किया गया था जिनका मुख्य उद्देश्य नदी के बीच में नाव में लगने वाली आग और नदी में तैरते रेस्टोरेन्ट की सुरक्षा करना था लेकिन वहां कुम्भ के द्वारा इस प्रकार की कोई घटना नही घटित हुई जिसकी वजह से यह फायर बोट वापस लखनऊ भेज दी गई थी माघ मेला 2026 के मध्य नजर इन बोट को वापस ड्यूटी पर लाया गया है।आज इन फायर बोट का ट्रायल किया गया और अग्निशमन विभाग ने इस ट्रायल के साथ यह भी साफ कर दिया कि तटीय क्षेत्र एवं नदी के बीच अगर कोई आग लगती है तो अग्निशमन विभाग नदी के तट से 25 फुट की दूरी तक लगी आग को इस वोट की सहायता से बुझ सकती है।इस विषय पर जानकारी देते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी अग्निशमन माघ मेला अनिमेष कुमार सिंह ने बताया कि इस बोट का इस्तेमाल काफी आसान है इसमें लगे 80 हॉर्स पावर के इंजन और 165 डीबीएस के इंजन की वजह से इस बोट को कही पर भी बढ़िया आसानी से ले जाए जा सकता है इसकी पानी फेंकने की क्षमता लगभग 25 से 30 फुट की है यानी की तराई लाखों में जहां पर अग्निशमन की गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही है वहां पर इन बोट का इस्तेमाल करते हुए नदी से पानी लेते हुए अग्निशमन का कार्य किया जा सकता है।इस बोर्ड के कमान सम्भालने वाले सी ओ अग्निशमन राजेश साहनी का कहना है कि स्पोर्ट की मारक क्षमता काफी त्वरित है और यह वोट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 6 लोगो द्वारा अग्निशमन एवं बचाव कार्य दोनो बड़ी आसानी से किया जा सकते है नाव में लगने वाली आज या किनारो में लगने वाली आग पर भी यह जल्द से जल्द पहुंचकर अग्निशमन का कार्य कर पता है पिछले पानी पर भी इस बोर्ड को चलाने में किसी प्रकार का कोई असुविधा नही होगी तथा सटीक सूचना के आधार पर इस वोट की सहायता से हम मिनटो में आग बुझा सकते है।

बेटे ने पिता.बहन और मासूम भांजी की हत्या कर कुएं में फेके शव।

संजय द्विवेदी प्रयागराज। प्रयागराज जनपद से एक ऐसा हृदयविदारक मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।यहां एक बेटे ने संपत्ति के बंटवारे को लेकर अपने ही पिता बहन और भांजी की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने तीनों शवों को गांव के कुएं में फेंक दिया ताकि वारदात पर पर्दा डाला जा सके।पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने पिता द्वारा छोटे बेटे के नाम करीब डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति किए जाने से गहरी नाराजगी में था।

गांव में फैली सनसनी कई दिन से थे लापता।

प्रयागराज के मऊआइमा थाना क्षेत्र की बताई जा रहा है।गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पिता बेटी और नातिन कई दिनों से घर से गायब पाए गए। परिजनो और ग्रामीणो ने पहले अपने स्तर पर खोजबीन की लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई।गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और परिवार के बड़े बेटे की भूमिका संदिग्ध नजर आई।

कुएं से मिले शव खुला खौफनाक राज।

जांच के दौरान पुलिस को गांव के बाहर स्थित एक पुराने कुएं के पास कुछ संदिग्ध संकेत मिले।जब कुएं की तलाशी ली गई तो वहां से तीन शव बरामद हुए।शवो की पहचान पिता बेटी और भांजी के रूप में हुई। इस दृश्य को देखकर ग्रामीणो में दहशत फैल गई।पुलिस ने तुरंत शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घटनास्थल को सील कर दिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने उगला सच।

पुलिस ने जब बड़े बेटे से सख्ती से पूछताछ की तो वह ज्यादा देर तक सच छिपा नही सका। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने ही तीनो की हत्या की है।आरोपी ने बताया कि पिता द्वारा छोटे भाई के नाम की गई संपत्ति उसे बर्दाश्त नही थी। उसे लगता था कि उसके साथ अन्याय हुआ है और इसी गुस्से में उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।

पहले भी हो चुका था पारिवारिक विवाद।

पुलिस के अनुसार यह पहला मौका नही था जब परिवार में विवाद हुआ हो।कुछ दिन पहले भी आरोपी का छोटे भाई से झगड़ा हुआ था जिसमें उसने उस पर जानलेवा हमला तक किया था।उस घटना के बाद से परिवार में तनाव और बढ़ गया था। पिता और बहन आरोपी को समझाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन यही बात उसके गुस्से की वजह बन गई।

हत्या की साजिश और वारदात का तरीका

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले से ही हत्या की साजिश रच रखी थी।उसने अलग-अलग समय पर तीनो को निशाना बनाया और बाद में सबूत मिटाने के इरादे से शवो को कुएं में फेंक दिया।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या में किसी और ने उसकी मदद तो नही की।

गांव में मातम रिश्तो पर उठे सवाल।

इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। लोग यह सोचकर सिहर उठे हैं कि संपत्ति के लालच में कोई अपने ही परिवार को कैसे खत्म कर सकता है।पड़ोसियो के मुताबिक मृतक परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी को अन्देशा नही था कि घर के भीतर इतना बड़ा तूफान पल रहा है।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ हत्या सहित गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है जिससे हत्या के तरीके और समय को लेकर और स्पष्टता मिल सके। साथ ही संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।समाज के लिए चेतावनी यह घटना सिर्फ एक अपराध नही बल्कि समाज के लिए एक गम्भीर चेतावनी है कि पारिवारिक विवाद और संपत्ति का लालच किस हद तक इंसान को अमानवीय बना सकता है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

जी.श्रीनिवास राव ने मेजा ऊर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण किया

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी और कार्यकारी निदेशक जी श्रीनिवास राव ने आज दिनांक 05-01-26 को मेजा ऊर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है।विविध परियोजनाओ में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व अनुभव और व्यापक विशेषज्ञता के साथ जी.श्रीनिवास राव कम्पनी को विकास एवं प्रगति के अगले चरण की ओर अग्रसर करेगे।जी.श्रीनिवास राव उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद से यांत्रिक अभियंता है।उन्होने वर्ष 1989 में एनटीपीसी में इंजीनियरिंग एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (ईटी)के 14वें बैच के रूप में सेवा प्रारम्भ की।उन्होने रामागुंडम में ऑपरेशन तथा पर्यावरण इंजीनियरिंग और प्रबन्धन समूह विभाग में कार्य किया।इसके पश्चात उन्होंने कुडगी में पर्यावरण इंजीनियरिंग और प्रबन्धन समूह विभाग में कार्य किया और फिर कहलगांव में ऑपरेशन विभाग में कार्य किया।इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित सीसी-स्कोप में ऑपरेशन सर्विसेज–स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम्स विभाग तथा नोएडा स्थित सीसी-ईओसी में ऑपरेशन सर्विसेज–स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम्स विभाग में भी कार्य किया।एमयूएनपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नियुक्ति से पूर्व जी.श्रीनिवास राव एनटीपीसी बाढ़ में परियोजना प्रमुख के पद पर कार्यरत थे।एनटीपीसी में विभिन्न महत्वपूर्ण पदो पर उनके व्यापक एवं विविध अनुभव ने उनके द्वारा संभाले गए दायित्वो और उनके नेतृत्व में संचालित परियोजनाओं को उल्लेखनीय रूप से सशक्त बनाया है।वर्तमान में एमयूएनपीएल मेजा में 2×660 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयां संचालित है।इसके साथ ही मेजा में द्वितीय चरण के अंतर्गत 3×800 मेगावाट क्षमता की इकाइयाँ तथा ओबरा और अनपरा में प्रत्येक स्थान पर 2×800 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएँ प्रस्तावित है।जी. श्रीनिवास राव के सक्षम नेतृत्व में एमयूएनपीएल मेजा निश्चित रूप से सफलता के नए शिखर प्राप्त करेगा और नए मील के पत्थरों की ओर अग्रसर होगा।उनके मार्गदर्शन में एमयूएनपीएल की पूरी टीम को पूर्ण विश्वास है कि परियोजनाएं न केवल अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेगी बल्कि अपेक्षाओं से भी आगे बढ़कर सफलता के नए मानक स्थापित करेगी।

प्रयागराज नाट्य समारोह में नाटक हंस गीत तथा मां मुझे टैगोर बना दो का शानदार मंचन सम्पन्न।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।आज उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह में तीन दिवसीय प्रयागराज नाट्य समारोह का शुभारंभ हुआ।इस अवसर पर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक सुदेश शर्मा एवं संस्कार भारती काशी प्रांत के संगठन मंत्री दीपक शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।संस्था के उपाध्यक्ष चित्रकार रवीन्द्र कुशवाहा सचिव सुशील कुमार राय एवं अविचल द्विवेदी ने स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र से अतिथियों का स्वागत किया। संचालन योगेन्द्र मिश्रा विश्वबन्धु ने किया।आयोजन साइंटिफिक एंपावरमेंट एंड डेवलपमेंट ऑफ़ सोसाइटी प्रयागराज का रहा।समारोह की प्रथम संध्या में दो नाटकों हंस गीत तथा मां मुझे टैगोर बना दे का मंचन हुआ। प्रथम प्रस्तुति हंस गीत का मंचन समन्वय रंग मंडल के कलाकारों द्वारा किया गया कहानी प्रसिद्ध रूसी कहानीकार एंटन चेखोव की कहानी का नाट्य रूपांतरण हरिप्रिया कथा तथा नाट्य विस्तार परिकल्पना एवं निर्देशन सुषमा शर्मा का रहा। कहानी हंसगीत जहां रंगकर्मी शिवकांत अपने जीवन संघर्ष को दर्शकों के सामने व्यक्त करत है युवा शिवाकांत की भूमिका में चंकी बच्चन और उनकी प्रेमिका शालिनी की भूमिका में सोनम सिंह ने प्रभाव छोड़ा।प्रॉम्पटर हरिचरन की भूमिका में विजय अहिरवार ने मुख्य कलाकार शिवकान्त का साथ बखूबी दिया युवा रंग कर्मियो की भूमिका में दीपक (दीपेन्द्र सिंह)और राहुल (अर्णव राय)रहे।पार्श्व मंच में प्रशांत वर्मा का पार्श्व संगीत परिकल्पना टोनी सिंह वस्त्र विन्यास मीना उरांव रूप सज्जा हामिद मंच सामग्री अर्णव राय तथा दीपेन्द्र सिंह तथा मंच निर्माण विजय अहिरवार तथा चंकी बच्चन का रहा।हंस गीत के शानदार निर्देशन में निर्देशिका सुषमा शर्मा सफल रही।दूसरी प्रस्तुति में मां मुझे टैगोर बना दे पंजाबी कहानीकार स्वर्गीय मोहन भंडारी की मेनू टैगोर बना दे पर आधारित है यह कहानी एक मजदूर के बच्चे के जीवन पर आधारित है जो शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है वह टैगोर के साहित्य से प्रेरित हो टैगोर जैसा कवि बनना चाहता है।अंत में वह एक शिक्षक बनके अपने गांव के बच्चो को शिक्षित करता है तथा उन्हें टैगोर व अब्दुल कलाम बनने की प्रेरणा देता है।नाटक के निर्देशक व एकल अभिनेता लकी गुप्ता का यह 1769वां शो व मंचन था जिसका दर्शको ने जोरदार तालियों से अभिनन्दन किया।