माघ मेले में अग्नि शमन के लिए फायर बोट का किया गया ट्रायल
संजय द्विवेदी प्रयागराज महाकुम्भ 2025 में अग्निशमन के लिए दो फायर बोट का इंतजाम किया गया था जिनका मुख्य उद्देश्य नदी के बीच में नाव में लगने वाली आग और नदी में तैरते रेस्टोरेन्ट की सुरक्षा करना था लेकिन वहां कुम्भ के द्वारा इस प्रकार की कोई घटना नही घटित हुई जिसकी वजह से यह फायर बोट वापस लखनऊ भेज दी गई थी माघ मेला 2026 के मध्य नजर इन बोट को वापस ड्यूटी पर लाया गया है।आज इन फायर बोट का ट्रायल किया गया और अग्निशमन विभाग ने इस ट्रायल के साथ यह भी साफ कर दिया कि तटीय क्षेत्र एवं नदी के बीच अगर कोई आग लगती है तो अग्निशमन विभाग नदी के तट से 25 फुट की दूरी तक लगी आग को इस वोट की सहायता से बुझ सकती है।इस विषय पर जानकारी देते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी अग्निशमन माघ मेला अनिमेष कुमार सिंह ने बताया कि इस बोट का इस्तेमाल काफी आसान है इसमें लगे 80 हॉर्स पावर के इंजन और 165 डीबीएस के इंजन की वजह से इस बोट को कही पर भी बढ़िया आसानी से ले जाए जा सकता है इसकी पानी फेंकने की क्षमता लगभग 25 से 30 फुट की है यानी की तराई लाखों में जहां पर अग्निशमन की गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही है वहां पर इन बोट का इस्तेमाल करते हुए नदी से पानी लेते हुए अग्निशमन का कार्य किया जा सकता है।इस बोर्ड के कमान सम्भालने वाले सी ओ अग्निशमन राजेश साहनी का कहना है कि स्पोर्ट की मारक क्षमता काफी त्वरित है और यह वोट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 6 लोगो द्वारा अग्निशमन एवं बचाव कार्य दोनो बड़ी आसानी से किया जा सकते है नाव में लगने वाली आज या किनारो में लगने वाली आग पर भी यह जल्द से जल्द पहुंचकर अग्निशमन का कार्य कर पता है पिछले पानी पर भी इस बोर्ड को चलाने में किसी प्रकार का कोई असुविधा नही होगी तथा सटीक सूचना के आधार पर इस वोट की सहायता से हम मिनटो में आग बुझा सकते है।
















Jan 06 2026, 10:12
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.7k