सदर अस्पताल की अव्यवस्था पर भड़के विधायक प्रदीप प्रसाद, औचक निरीक्षण कर दिए सख्त निर्देश

हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि अस्पताल में इलाज और मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

भाजपा के दो कार्यकर्ताओं कटकमदाग के सलगाँव पंसस के गंगा साव एवं कटकमसांडी के सुलमी बीरेंद्र बीरू पासवान के पिता स्व सरजू पासवान , उनके निधन के बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद सोमवार को अचानक सदर अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने आम मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानी। पर्ची काउंटर पर अव्यवस्था, कर्मचारियों की कमी और मरीजों की लंबी कतार देखकर विधायक खासे नाराज हो गए। 

स्थिति यह थी कि दूर-दराज से आए मरीज घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर थे, लेकिन सुनवाई बेहद सीमित थी।

अव्यवस्था को देखते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने मौके पर ही पर्ची व्यवस्था का निरीक्षण शुरू कर दिया और संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्ची बनवाने की प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। अस्पताल की बदहाल स्थिति को गंभीर बताते हुए विधायक ने तत्काल जिला उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से दूरभाष पर बातचीत कर पूरे हालात से अवगत कराया। उपायुक्त ने व्यवस्था में शीघ्र सुधार का भरोसा दिलाया। इसके कुछ ही देर बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे अस्पताल परिसर पहुंचे। विधायक ने उन्हें पर्ची व्यवस्था, मरीजों की भीड़, इलाज की प्रक्रिया और अन्य अव्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा।

 निरीक्षण के क्रम में विधायक प्रदीप प्रसाद ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सख्त शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों के भोजन का प्रतिदिन का चार्ट अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए। शीतकालीन मौसम को देखते हुए मरीजों को पर्याप्त मात्रा में गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भोजन या अन्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि आउटसोर्सिंग कंपनियां सेवा भावना से कार्य करें, न कि केवल कमाई के उद्देश्य से। मरीजों की सुविधा, स्वच्छता और सम्मान सर्वोपरि है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर भी संज्ञान लिया और सदर अनुमंडल पदाधिकारी से बातचीत कर सुबह 8 बजे से पोस्टमार्टम प्रारंभ कराने की पहल की, ताकि शोकाकुल परिजनों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

मीडिया से बातचीत में हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि सदर अस्पताल आम जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। यहां आने वाला हर मरीज उम्मीद लेकर आता है, इसलिए प्रशासन और कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाएगी और जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां तत्काल सुधार कराया जाएगा।

महाकाल का आशीर्वाद लेकर साल 2026 में सांसद मनीष जायसवाल ने शुरू की जनसेवा

हजारीबाग - सोमवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने वर्ष 2026 के अपने हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के कार्यक्रम की शुरुआत रामगढ़ में भाजपा के युवा नेता सह रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि धनंजय कुमार पुटूस द्वारा आयोजित 8 वां महाकाल महोत्सव में महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त करने के उपरांत हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र के ओरिया पंचायत से "सांसद आपके द्वार" कार्यक्रम की विधिवत आगाज की। सोमवार को सांसद मनीष जायसवाल ने सांसद "आपके द्वार" कार्यक्रम के तहत सदर विधानसभा क्षेत्र के सदर प्रखंड स्थित चार पंचायतों के करीब एक दर्जन गांवों का दौरा किया और गांव की दहलीज पर जनसेवक की तहत चौपाल लगाकर जनता से सीधा संवाद किया। सांसद मनीष जायसवाल ने ओरिया, सखिया, गुरहेत और पौता पंचायत के ग्राम ओरिया, बीरबीर, सखिया, बेहरी, जुलजुल, बहरोनपुर, गुरहेत, धवैया, चोरहेता, रेवार और चंदवार में जन-संवाद किया। 

"सांसद आपके द्वार" कार्यक्रम के दौरान जनता ने सांसद मनीष जायसवाल से पिछले कुछ वर्षों से उपेक्षित बुनियादी सुविधाओं यथा सड़क, नाली, बिजली और श्मशान घाट के विकास व्यवस्था से जुड़ी गंभीर चिंताओं को साझा किया। साथ ही आवास, दाखिल-खारिज और जमीन को ऑनलाइन करने जैसी प्रशासनिक जटिलताओं और भ्रष्टाचार से सम्बंधित मामले भी प्रमुखता से उनके समक्ष रखे। इस क्षेत्र के लोगों ने सांसद मनीष जायसवाल को अपने बीच पाकर खुले दिल से उनका ढोल ताशे के साथ फुल माला पहनाकर जबरदस्त उत्साह के साथ स्वागत किया और उनके पिछले करीब 09 वर्षों के विधायकी कार्यकाल और अब पिछले करीब डेढ़ वर्षों से अधिक समय से बतौर सांसद क्षेत्र में उनकी निरंतर उपस्थिति और विकास के क्षेत्र के अभूतपूर्व योगदान की खूब सराहना की ।

सांसद मनीष जायसवाल ने जनता की ओर से रखें गए मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास के मामले में फिसड्डी साबित हो रही है, जिसके कारण आवश्यक योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं और प्रखंड-सह- अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। उन्होंने जनता को उनके सभी मूलभूत और प्रशासनिक मुद्दों के शीघ्र एवं प्रभावी समाधान का दृढ़ भरोसा जताया। इस दौरान कई लोगों के व्यक्तिगत कार्यों का उन्होंने तत्काल निराकरण भी किया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आप अपने किसी भी जायज कार्य के लिए हमसे सीधे संपर्क करें। हमारे सांसद सेवा कार्यालय के कर्मी और सांसद प्रतिनिधिगण आपकी सेवा में सदैव तत्पर हैं। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि राजनीति सेवा का माध्यम है और मैं संकल्पबद्ध हूं कि एक सेवक की तरह जनता की सेवा में सदैव इसी सक्रियता और समर्पण के साथ सेवारत रहूंगा।

मौके पर विशेषरूप से सदर विधानसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि किशोरी राणा, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, भाजपा एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष महेंद्र राम बिहारी, सदर पश्चिमी भाजपा मंडल अध्यक्ष रणधीर पांडेय, सदर प्रखंड पश्चिमी मंडल के सांसद प्रतिनिधि दामोदर प्रसाद, सदर प्रखंड पूर्वी मंडल के सांसद प्रतिनिधि सह मुखिया कृष्णा मेहता, नगर पश्चिमी मंडल सांसद प्रतिनिधि लब्बू गुप्ता, सहित बीजेपी से जुड़े संजय राणा, पुरण महतो, सिटी गोप, राजन महतो, महेश प्रसाद, कंचन राणा, नुनु भुइयां, लालेंद्र साव, गौतम गोप, धीरज कुमार, रंजीत यादव, जीतू यादव, जितेंद्र साव, निरंजन यादव, विजय यादव, रामप्रसाद राम, नरेश यादव, गोविंद यादव, गौतम वर्मा, मनोज साव, नरेश रजक, कैलाश रजक, बद्री यादव, जगदीश यादव, अबोध राम, चेतलाल यादव, राजू राणा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

कड़ाके की ठंड में सेवा का संकल्प हजारीबाग यूथ विंग ने जरूरतमंदों के बीच किया कंबल वितरण

हजारीबाग - जहां एक ओर प्रचंड ठंड ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और लोग अलाव, रूम हीटर व रजाइयों के सहारे ठंड से बचाव कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हजारीबाग यूथ विंग समाज के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए लगातार जरूरतमंदों के बीच राहत पहुंचाने का कार्य कर रहा है। इसी क्रम में हजारीबाग यूथ विंग द्वारा शीतकालीन राहत अभियान के तहत कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

साप्ताहिक कार्यक्रम के अंतर्गत जनवरी माह के पहले रविवार को वार्ड संख्या 27 स्थित खजांची तालाब के समीप जरूरतमंद,असहाय एवं वृद्धजनों के बीच 100 कंबलों का वितरण किया गया कड़ाके की ठंड में कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर राहत और संतोष देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मानवीय पहल की सराहना की। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एवं युवा समाजसेवी लब्बू गुप्ता ने कार्यक्रम प्रभारी के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं वार्ड संख्या 27 की वार्ड पार्षद सोनी क्षेत्री कृष्णा एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष कुलदीप कृष्ण ने टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाते हुए कंबल वितरण कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया। हजारीबाग यूथ विंग द्वारा चलाए जा रहे शीतकालीन राहत अभियान के तहत अब तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 700 कंबलों का वितरण किया जा चुका है। संस्था द्वारा यह सेवा अभियान फरवरी माह तक लगातार जारी रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि ठंड के इस कठिन समय में अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाई जा सके। इस अवसर पर संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग सेवा, समर्पण और सामाजिक सहभागिता के मूल्यों के साथ कार्य कर रहा है। समाज के कमजोर वर्ग के प्रति संवेदनशीलता ही संस्था की पहचान है और इसी भावना के साथ हर सदस्य निस्वार्थ भाव से सेवा कार्यों में जुटा हुआ है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि शीतकालीन राहत अभियान समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। संस्था का प्रयास है कि सेवा कार्य केवल औपचारिकता न रहकर जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक राहत बन सके और आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, अध्यक्ष करण जायसवाल, सचिव रितेश खंडेलवाल, कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया, संस्था मार्गदर्शक जय प्रकाश खंडेलवाल, संजय कुमार, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, रोहित बजाज, प्रमोद खंडेलवाल,प्रणीत जैन,सेजल सिंह, प्रज्ञा कुमारी, कैलाश कुमार, प्रिंस कसेरा, निशांत अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद, शंकर चंद्र पाठक, आलोक कुमार, कुणाल कुमार, नीरज मद्धेशिया सहित कई सदस्य एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

सिकरी ओपी प्रभारी रामकुमार राम ने किया कंबल का वितरण

केरेडारी / बड़कागांव: सिकरी ओपी प्रभारी रामकुमार राम ने सिकरी गांव और सिकरी गांव के टोला ऊपर मोहड़र में रविवार को जरूरत मंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया! इस अवसर पर प्रभारी ने कहा कि क्षेत्र बढ़ी शीतलहर और कनकनी के मद्देनजर कंबल का वितरण किया गया है! साथ हीं शीतलहर और कनकनी से बचाव को लेकर अलाव का सहारा लेने की बात कही है!ताकि ठंड से जरूरत मंद लोगों को राहत मिल सके! क्षेत्र में कई ऐसे जरूरत मंद लोग हैं जिनको इस शीतलहर में कंबल के अभाव में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है! और शीतलहर का प्रकोप झेलने को विवश है! बहुत जल्द बड़ी मात्रा में और कंबल का वितरण किया जाना है! वहीं कंबल प्राप्त करने वाले जरूरत मंद लोग प्रभारी के इस मुहिम की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि इस कड़ाके की ठंड में कंबल मिलने से बड़ी राहत मिली है! पुलिस विभाग की यह पहल सराहनीय है!

पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव व पूर्व विधायक निर्मला देवी के आंदोलन का जायजा लेने पहुंचे जेपी पटेल

केरेडारी से रोहित गोस्वामी की रिपोर्ट

केरेडारी : पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव और उनके पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी द्वारा बीते 31 दिसंबर से एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस और एमडीओ ऋत्विक कंपनी के विरुद्ध जा रहे धरना का जायजा लेने मांडू के पूर्व विधायक जय प्रकाश भाई पटेल 4 जनवरी को धरना स्थल पहुंचे! जहां वे पगार गांव स्थित कर्बला के समीप और झुमरी टांड़ गए! दोनों स्थलों पर जाकर वास्तु स्थिति का जायजा लिया और उपस्थित लोगों से भी रूबरू हुए! इस दौरान जेपी पटेल ने कहा कि हम पूर्व मंत्री द्वारा दिए जा रहे है धरना का जायजा लिए और पब्लिक सड़क से हो रहे ट्रांसपोर्टिंग स्कूल के सामने हो रहे ब्लास्टिंग 14 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित व बेकार पड़े जल मीनार मुआवजा निति समेत स्थानीय रैयतों की जन समस्याओं से अवगत हुए हैं जिस पर हजारीबाग उपायुक्त से मिल कर उनके समक्ष तमाम बातों को रखेंगे! साथ हीं प्रबंधन के समक्ष और राज्य सरकार के समक्ष रखेंगे! स्थिति के अनुसार चरण बध आंदोलन भी करेंगे! मौके पूर्व विधायक निर्मला देवी पर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता रामकुमार दुबे समेत अन्य लोग मौजूद थे!

हजारीबाग ने जीता खो-खो टूर्नामेंट 2026 का खिताब, बोकारो को 20-12 से दी मात

हजारीबाग खो-खो अकादमी द्वारा आयोजित हजारीबाग खो-खो टूर्नामेंट 2026 का रोमांचक फाइनल मुकाबला रविवार को कर्जन ग्राउंड में खेला गया। भारी भीड़ और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच हुए इस निर्णायक मुकाबले में हजारीबाग टीम ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए बोकारो टीम को 20-12 के अंतर से मात देकर खिताब अपने नाम किया।

टॉस जीतकर बोकारो टीम ने पहले डिफेंस का विकल्प चुना, लेकिन हजारीबाग टीम ने शुरुआत से ही तेज़ रफ्तार और बेहतर तालमेल के साथ खेलते हुए मैच पर मजबूत पकड़ बना ली। पूरे खेल के दौरान हजारीबाग टीम ने अनुशासित और आक्रामक रणनीति दिखाई, जिसके दम पर उन्होंने लगातार बढ़त बनाए रखी और अंततः प्रथम स्थान हासिल किया। बोकारो टीम उपविजेता रही।

फाइनल के बाद कर्जन ग्राउंड में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित हुआ, जिसमें युवा समाजसेवी सह हजारीबाग ओलंपिक संघ के अध्यक्ष हर्ष अजमेरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजकों ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद मुख्य अतिथि द्वारा विजेता हजारीबाग टीम और उपविजेता बोकारो टीम को ट्रॉफी और पदक प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए हर्ष अजमेरा ने कहा कि खो-खो जैसे पारंपरिक खेल हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने हजारीबाग खो-खो अकादमी की पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी सहयोग देने की बात कही।

फाइनल मुकाबले एवं समारोह में भैया मुरारी सिन्हा, चंदू दास, अजीत सर, मधुसूदन, आयोजनकर्ता रॉबिन कुमार, आधिकारिक राहुल कुमार, सुबोध कुमार, खुर्शीद आलम, मनजीत कुमार और फाइनल मैच की आधिकारिक प्रतिमा कुमारी सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजन से जिले में खेल संस्कृति को नई दिशा मिलती है और उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

सड़क सुरक्षा सप्ताह 2026 को लेकर उपायुक्त ने जागरुकता रथ को दिखाई हरी झंडी

सड़क सुरक्षा सप्ताह–2026 के तहत तीसरे दिन आज शनिवार को उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने समाहरणालय भवन परिसर से एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इसी क्रम आज जिले के विभिन्न स्थानों पर जागरूकता एवं प्रवर्तन से जुड़ी गतिविधियां संचालित की गईं। इस क्रम में नगवां टोल प्लाजा, रसोईया धमना एवं चरही में वाहन चालकों के लिए निशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया।

शिविरों में सैकड़ों वाहन चालकों की आंखों की जांच की गई तथा उन्हें सुरक्षित वाहन संचालन से संबंधित आवश्यक चिकित्सकीय एवं व्यवहारिक सलाह दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बेहतर दृष्टि सुरक्षित ड्राइविंग के लिए अत्यंत आवश्यक है, इसी उद्देश्य से नेत्र जांच शिविर आयोजित किए गए।

इसी दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी श्री बैजनाथ कामती के नेतृत्व में मोटर यान निरीक्षक श्री विजय गौतम एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध मौके पर ही चालान की कार्रवाई की गई तथा उन्हें यातायात नियमों के पालन को लेकर काउंसलिंग भी की गई।

इस अवसर पर जिला परिवहन पदाधिकारी श्री बैजनाथ कामती, मोटर यान निरीक्षक श्री विजय गौतम, मोटर यान निरीक्षक श्री बिरसू सिंह, यातायात पुलिस प्रभारी श्री अनूप कुमार, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक श्री संतोष कुमार, सड़क सुरक्षा इंजीनियर एनालिस्ट श्री शारीक इकबाल एवं आईटी सहायक श्री अरविन्द कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट एवं चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की अपील की।

झारखंड के उस समुदाय की दास्तान, जो साँपों में खोजता है जीवन, साँप संरक्षक बनाम कानून का दंश, झारखंड के पारंपरिक ज्ञान पर मंडराता संकट

स्तुति:- रंजन चौधरी, - सांसद मीडिया प्रतिनिधि, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र।

हिस्सा है जो दुर्भाग्य से अब उनके जीविकोपार्जन का एकमात्र जरिया भी बन चुका है।

इस समुदाय को सामान्यतः लोग सपेरा या मदारी कहकर पुकारते हैं, लेकिन वास्तव में उनका कार्य केवल मनोरंजन या भीख मांगना नहीं है। ये लोग सदियों से पारंपरिक वन्यजीव ज्ञान के भंडार रहे हैं। वे साँपों को पकड़ने, उनकी देखभाल करने और सही समय आने पर उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ने का काम करते हैं। इनका पारंपरिक पेशा साँपों को पकड़ना और जड़ी-बूटियों का ज्ञान रहा है। ये मानते हैं कि साँप उनके कुल देवता या संरक्षक हैं और उनका अपमान करना या उन्हें मारना पाप है।

इन समुदायों का अर्थतंत्र पूरी तरह से साँपों और उनसे जुड़ी सेवाओं पर निर्भर करता है। शहरीकरण और जंगल की कटाई के कारण, साँप अक्सर रिहायशी इलाकों में घुस आते हैं। ऐसे में लोग दहशत में आकर साँपों को मार देते हैं, लेकिन यह समुदाय यहाँ एक जीवनरक्षक की भूमिका निभाता है। वे बिना नुकसान पहुँचाए साँपों को पकड़ते हैं और पकड़े गए साँपों को उचित दूरी पर सुरक्षित जंगल में छोड़ते हैं। इस सेवा के बदले उन्हें स्थानीय लोगों से पारिश्रमिक मिलता है। इसके अतिरिक्त साँपों से जुड़ी पारंपरिक औषधियों और जड़ी-बूटियों का ज्ञान भी इनके पास होता है। हालाँकि वन्यजीव कानूनों के कारण अब विष या उसके अंगों का व्यापार लगभग बंद हो गया है, लेकिन कुछ पारंपरिक नुस्खे और जड़ी-बूटियाँ, जो सर्पदंश के इलाज में सहायक मानी जाती हैं, अभी भी उनके जीविकोपार्जन का हिस्सा हैं। कई बार सांस्कृतिक मेलों और हाट-बाजारों में ये अपने पारंपरिक कौशल का प्रदर्शन करते हैं, जिसके बदले उन्हें दान या कुछ धनराशि प्राप्त होती है।

यह जीवनशैली जितनी अनूठी है, उतनी ही चुनौतियों से भरी भी है। भारत में अधिकांश साँप वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित हैं। उन्हें पकड़ना, रखना या उनका व्यापार करना गैरकानूनी है और यह उनके पारंपरिक जीविकोपार्जन पर एक बड़ा संकट है। 

विशेष रूप से झारखंड राज्य के बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड क्षेत्र में स्थानीय वन विभाग की अधिकारियों के सख्ती के कारण ये विषधर साँप लेकर चलना लगभग बंद कर चुके हैं। इनके सामने जीविकोपार्जन का यही एक पारंपरिक तरीका था जिससे लोगों के बीच पहुंचकर उनसे पैसा और चावल के सहारे जिंदगी चलाते थे, लेकिन अब यह रास्ता बंद हो चुका है। जहरीले साँपों के साथ काम करने में सर्पदंश का खतरा हमेशा बना रहता है और उचित चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँच न होने के कारण कई बार दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ घट जाती हैं। इसके अतिरिक्त आधुनिक समाज में इन्हें अक्सर अंधविश्वास फैलाने वाले के रूप में देखा जाता है, जिससे इन्हें सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस समुदाय को 'अपराधी' या 'तस्कर' मानने के बजाय, हमें इनके पारंपरिक ज्ञान का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि इनके पास वह अनमोल ज्ञान है जो हमें बताता है कि जंगल और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व कैसे संभव है। इनकी इस पारंपरिक कला पर उत्पन्न विकट आर्थिक संकट पर स्थानीय क्षेत्र के माननीय सांसद, माननीय विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को उचित प्लेटफार्म में आवाज बुलंद करनी ही चाहिए। राज्य सरकार, जिला प्रशासन और गैर सरकारी संगठनों को चाहिए कि वे इनके कौशल का उपयोग करते हुए इन्हें प्रशिक्षित वन्यजीव बचावकर्मी के रूप में मान्यता दें और एक निश्चित वेतन की व्यवस्था करें। साथ ही इन्हें सर्पदंश के आधुनिक इलाज और फर्स्ट-एड के बारे में शिक्षित करना भी आवश्यक है। इनके अनोखे कौशल और संस्कृति को जिम्मेदार पर्यटन के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है, जिससे उनकी आय का एक स्थायी स्रोत बन सके। झारखंड का यह समाज हमें सिखाता है कि प्रकृति के साथ हमारा संबंध केवल लेना नहीं, बल्कि देखभाल और सम्मान पर आधारित होना चाहिए। ये लोग सिर्फ साँपों को नहीं पालते बल्कि वन्यजीव और मानव के बीच के नाजुक संतुलन को बचाए रखने का प्रयास करते हैं। चंदनकियारी क्षेत्र में इन्हें लोग वैध या वैधा कहकर पुकारते हैं।

झारखंड में जिस प्रकार से मानव और वन्यजीवों का संघर्ष बढ़ रहा है वैसे में ये समुदाय पर्यावरण और मानव एवं वन्यजीवों के संरक्षण में बेहद हितकर हैं। सर्पदंश से झारखंड राज्य में हर साल करीब 4 हजार से अधिक लोगों की मौत होती है। ऐसे में अगर सांपों के जानकार इस समुदाय के लोगों को सरकार और जिला प्रशासन प्रशिक्षित बचाव वन्यकर्मी के रूप में समायोजित करती है तो इनका जीविकोपार्जन भी होता रहेगा और इनकी पारंपरिक कला भी संरक्षित रहेगी और समाज एवं पर्यावरण को भी फायदा होगा। अब देखना होगा कि राज्य सरकार, जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस विलुप्तप्राय समुदाय के लिए क्या करते हैं ?

नवनियुक्त सदर अनुमंडल पदाधिकारी से हजारीबाग यूथ विंग के पदाधिकारी ने की शिष्टाचार भेंट

हजारीबाग - जिले में सामाजिक एवं धार्मिक सेवा के क्षेत्र में बीते साढ़े चार वर्षों से सक्रिय हजारीबाग यूथ विंग के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शनिवार को नवनियुक्त सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्था की ओर से उन्हें फूलों का गुलदस्ता एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित करते हुए हजारीबाग में स्वागत किया गया शिष्टाचार मुलाकात के क्रम में हजारीबाग यूथ विंग द्वारा किए जा रहे विभिन्न सेवा कार्यों की जानकारी विस्तारपूर्वक साझा की गई। बताया गया कि वर्तमान में शीतकालीन राहत अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही संस्था धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों तथा मानवीय सेवा कार्यों में निरंतर सहभागिता निभा रही है। मुलाकात के दौरान रक्तदान को लेकर संस्था की सक्रिय भूमिका पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि वर्ष 2025 में हजारीबाग यूथ विंग द्वारा विशाल रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया था। आने वाले समय में भी संस्था द्वारा और भी भव्य रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा गौशाला में सेवा कार्यों सहित अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी संस्था लगातार योगदान दे रही है। सभी बातों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद नवनियुक्त सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे ने हजारीबाग यूथ विंग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा किया जा रहा सेवा कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है। भविष्य में जब भी प्रशासन को समाजसेवी संगठनों के सहयोग की आवश्यकता होगी, हजारीबाग यूथ विंग से निश्चित रूप से संपर्क किया जाएगा।

हजारीबाग यूथ विंग के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि संस्था की प्राथमिकता हमेशा जरूरतमंदों की सेवा रही है। पिछले साढ़े चार वर्षों से संस्था बिना किसी भेदभाव के समाज सेवा के कार्यों में लगी हुई है। आगे भी शीतकालीन राहत, रक्तदान, गौसेवा एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों को और व्यापक स्तर पर किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही है। जल्द ही संस्था द्वारा एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिलेभर के युवाओं से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की जाएगी। मौके पर संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, सचिव रितेश खण्डेलवाल, कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया, संस्था मार्दर्शक विकास केशरी,संजय कुमार, कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद खण्डेलवाल, सेजल सिंह, खुशी कुमारी, प्रज्ञा कुमारी एवं प्रिंस कसेरा उपस्थित रहें।

हजारीबाग: एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर 'सेक्सटॉर्शन' करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, लग्जरी कार के साथ 6 साइबर अपराधी गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है । विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र से पुलिस ने कुल 6 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो एक लग्जरी किया सोनेट (KIA Sonet) कार में घूमकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे ।

प्रतिबिम्ब एप से मिली थी सूचना पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग को 1 जनवरी 2026 को तकनीकी शाखा और 'प्रतिबिम्ब एप' के माध्यम से सूचना मिली थी कि विष्णुगढ़ के भेलवारा क्षेत्र में कुछ साइबर अपराधी सक्रिय हैं । यह गिरोह फर्जी वेबसाइटों पर एस्कॉर्ट सर्विस का विज्ञापन डालकर लोगों को झांसे में लेता था और फिर सेक्सटॉर्शन (Sextortion) व ब्लैकमेलिंग के जरिए UPI एवं अन्य डिजिटल माध्यमों से पैसे ठगता था । तकनीकी जाँच में संदिग्ध मोबाइल नंबर का लोकेशन भी विष्णुगढ़ थाना के ग्राम भेलवारा के पास पाया गया था ।देर रात 1 बजे हुई गिरफ्तारी सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) विष्णुगढ़, श्री बैद्यनाथ प्रसाद के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया गया । टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विष्णुगढ़-हजारीबाग रोड स्थित इंटर कॉलेज के पास घेराबंदी की । रात करीब 01:00 बजे हजारीबाग की ओर से आ रही एक उजले रंग की किया सोनेट (KIA Sonet) कार को रोका गया । कार में 6 लोग सवार थे, जिनकी गतिविधियां तलाशी के दौरान संदिग्ध पाई गईं । जाँच में उनके पास से साइबर ठगी में प्रयुक्त होने वाले कई डिजिटल उपकरण बरामद हुए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया ।

भारी मात्रा में सामान बरामद पुलिस ने अपराधियों के पास से 1 किया सोनेट (KIA Sonet) कार, अलग-अलग कंपनियों के 12 मोबाइल फोन (जिसमें एक प्रतिबिम्ब एप में पंजीकृत मोबाइल भी शामिल है), 23 सिम कार्ड और विभिन्न बैंकों के 10 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं ।

गिरफ्तार अपराधियों की सूची गिरफ्तार किए गए सभी अपराधी युवा हैं और मुख्य रूप से विष्णुगढ़ के रहने वाले हैं। इनके नाम टिंकू रवानी (30 वर्ष), इन्द्रदेव रवानी (21 वर्ष), कुन्दन कुमार (21 वर्ष), मन्नु कुमार साव (22 वर्ष) और सुरज कुमार (20 वर्ष) हैं जो सभी नावाडीह, विष्णुगढ़ के निवासी हैं । छठा आरोपी सुमित कुमार वर्मा (19 वर्ष) मूल रूप से गोमिया (बोकारो) का है, जो वर्तमान में नावाडीह में रह रहा था ।सुसंगत धाराओं में केस दर्ज इस संबंध में विष्णुगढ़ थाना में कांड संख्या 01/26 दर्ज किया गया है । अपराधियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 316(2), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(C), 66(D), 67 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है । छापामारी दल में एसडीपीओ बैद्यनाथ प्रसाद के अलावा थाना प्रभारी सपन कुमार महथा, पु०अ०नि० दीपक कुमार सिंह, पु०अ०नि० रतन मण्डल और तकनीकी शाखा के कर्मी शामिल थे ।