वेनेजुएला पर अब अमेरिका का कब्जा, जानें क्या है हमले की वजह?
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अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इन हमलों के बाद वेनेज़ुएला में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। हमलों के बाद उसने देश के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अब वेनेजुएला पर अमेरिका का कब्जा है। उन्होंने कहा कि जब तक वहां हालात ठीक नहीं हो जाते, वेनेजुएला को अमेरिका ही चलाएगा।
अमेरिका ने भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह 11:30 बजे वेनेजुएला के 4 शहरों पर एकसाथ हमला किया था। इस दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एक मिलिट्री बेस में सो रहे थे। सीएनएन ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि उन्होंने मादुरो और उनकी पत्नी को बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला और अपने कब्जे में ले लिया। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला को अमेरिकी सैनिक न्यूयॉर्क लाया गया है।
मादुरो ने हमले के बाद दी थी चेतावनी
अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने बयान जारी कर कहा था कि वे जवाब देंगे। उन्होंने देशभर में इमरजेंसी लगाने का ऐलान किया था। उनके बयान जारी करने के 1 घंटे बाद ट्रंप ने उन्हें पकड़ने का ऐलान किया।
अमेरिका ने वेनेजुएला पर क्यों किया हमला?
अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर अमेरिका और वेनेजुएला के बीच ऐसे हालात क्यों बने? अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला की सरकार अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रही थी और वहां से अमेरिका के खिलाफ साजिशें हो रही थीं। ट्रंप का आरोप है कि वेनेजुएला उनके देश में कोकीन और फेंटेनाइल जैसी खतरनाक ड्रग्स की तस्करी का बड़ा रास्ता बन चुका है। इसे खत्म करने के लिए मादुरो को सत्ता से हटाना जरूरी है।
क़ैदियों को जबरन अमेरिका भेजने का आरोप
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका में वेनेज़ुएला के लाखों लोग घुसे चले आ रहे हैं। उनका कहना है कि वहाँ से अवैध आप्रवासियों की बाढ़ के लिए मादुरो ज़िम्मेदार हैं। ये प्रवासी उन लगभग 80 लाख वेनेज़ुएला वासियों में शामिल हैं, जिनके बारे में अनुमान है कि वे 2013 से देश के आर्थिक संकट और दमन के कारण देश से भाग गए। ट्रंप ने मादुरो पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'अपनी जेलों और पागलखानों को ख़ाली कर दिया' और क़ैदियों को जबरन अमेरिका भेज दिया।
मादुरो पर आतंकी संगठन के नेतृत्व का आरोप
ट्रंप ने अमेरिका में ड्रग्स, ख़ासकर फ़ेंटानिल और कोकीन की बढ़ती सप्लाई को रोकने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने वेनेज़ुएला के दो गैंग - ट्रेन दे अरागुआ और कार्टेल दे लोस सोलेस को 'विदेशी आतंकवादी संगठनों' की लिस्ट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दूसरे समूह का नेतृत्व खडुद मादुरो करते हैं।
दोनों देशों के बीच विवाद का इतिहास
दोनों देशों के बीच विवाद का केंद्र बीते तीन दशकों से 'तेल' रहा है। दरअसल, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा सिद्ध तेल भंडार है, जो कि इस दक्षिण अमेरिकी देश को जबरदस्त तौर पर समृद्ध करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा वेनेजुएला में सोना और गैस के भी भंडार हैं। 1990 के दशक और इससे पहले तक वेनेजुएला की खुली अर्थव्यवस्था में अमेरिका की कंपनियां भी सम्मिलित रही थीं। अमेरिकी अधिकारियों ने कई मौकों पर खुले तौर पर कहा है कि वेनेजुएला का तेल वॉशिंगटन का है, और वे अमेरिकी कंपनियों के फायदे के लिए वेनेजुएला के तेल उद्योग के राष्ट्रीयकरण को पलटवाना चाहते हैं। ओबामा और बाइडन जैसे डेमोक्रेट नेताओं के अंतर्गत अमेरिका ने कूटनीतिक तौर पर वेनेजुएला पर दबाव बनाया। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने 2017 में वेनेजुएला पर तेल प्रतिबंध लगाए और 2019 में उन्हें और कड़ा कर दिया। इससे वेनेजुएला की कच्चे तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचने की क्षमता बाधित हुई। अब अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला पर कार्रवाई को और सख्त कर दिया है ।






Jan 04 2026, 17:24
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