बातचीत से हो समाधान', वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर बोला भारत

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वेनेजुएला पर हमले के बाद अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस हमले के बाद अब भारतीय विदेश मंत्रालय का भी जवाब आ गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई का समर्थन करता है और सभी पक्षों से अपील करता है कि वे बातचीत के जरिए मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकालें, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।

क्या कहा भारतीय विदेश मंत्रालय ने

विदेश मंत्रालय ने कहा कि वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम बेहद चिंताजनक हैं। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराता है। हम सभी संबंधित पक्षों से क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान निकालने का आह्वान करते हैं। काराकस स्थित भारतीय दूतावास के साथ भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान करना जारी रखेगा।

वेनेजुएला को लेकर भारत की ट्रैवल एडवाइजरी

इससे पहले भारत ने शनिवार रात अपने नागरिकों को वेनेजुएला की स्थिति को देखते हुए वहां गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी थी। मंत्रालय ने यह परामर्श वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा पकड़े जाने से जुड़े घटनाक्रम के मद्देनजर जारी किया था। विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में मौजूद सभी भारतीयों से भी अत्यधिक सावधानी बरतने और अपनी आवाजाही सीमित रखने को कहा है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को वहां सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सख्ती से सलाह दी जाती है। बयान में कहा गया, जो भारतीय किसी भी कारण से वेनेजुएला में हैं, उन्हें अत्यधिक सतर्क रहने, अपनी गतिविधियां सीमित रखने और काराकास स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।

अमेरिकी हिरासत में मादुरो और उनकी पत्नी

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलीया फ्लोरेस इस समय अमेरिकी हिरासत में हैं। उन्हें 3 जनवरी को कराकास में की गई एक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद पकड़ा गया था। इस ऑपरेशन की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी. जानकारी के मुताबिक मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क के न्यूबर्ग स्थित स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस लाया गया। फिलहाल दोनों को ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और अगले सप्ताह मैनहैटन की एक फेडरल अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। मादुरो पर अमेरिका में साल 2020 में नार्को-आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों में तथाकथित कार्टेल दे लॉस सोल्स का नेतृत्व करना, एफएआरसी के साथ मिलकर कोकीन की तस्करी करना और हथियारों से जुड़े अपराध शामिल हैं।

वेनेजुएला पर अब अमेरिका का कब्जा, जानें क्या है हमले की वजह?

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अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इन हमलों के बाद वेनेज़ुएला में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। हमलों के बाद उसने देश के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अब वेनेजुएला पर अमेरिका का कब्जा है। उन्होंने कहा कि जब तक वहां हालात ठीक नहीं हो जाते, वेनेजुएला को अमेरिका ही चलाएगा।

अमेरिका ने भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह 11:30 बजे वेनेजुएला के 4 शहरों पर एकसाथ हमला किया था। इस दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एक मिलिट्री बेस में सो रहे थे। सीएनएन ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि उन्होंने मादुरो और उनकी पत्नी को बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला और अपने कब्जे में ले लिया। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला को अमेरिकी सैनिक न्यूयॉर्क लाया गया है।

मादुरो ने हमले के बाद दी थी चेतावनी

अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने बयान जारी कर कहा था कि वे जवाब देंगे। उन्होंने देशभर में इमरजेंसी लगाने का ऐलान किया था। उनके बयान जारी करने के 1 घंटे बाद ट्रंप ने उन्हें पकड़ने का ऐलान किया।

अमेरिका ने वेनेजुएला पर क्यों किया हमला?

अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर अमेरिका और वेनेजुएला के बीच ऐसे हालात क्यों बने? अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला की सरकार अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रही थी और वहां से अमेरिका के खिलाफ साजिशें हो रही थीं। ट्रंप का आरोप है कि वेनेजुएला उनके देश में कोकीन और फेंटेनाइल जैसी खतरनाक ड्रग्स की तस्करी का बड़ा रास्ता बन चुका है। इसे खत्म करने के लिए मादुरो को सत्ता से हटाना जरूरी है।

क़ैदियों को जबरन अमेरिका भेजने का आरोप

ट्रंप का कहना है कि अमेरिका में वेनेज़ुएला के लाखों लोग घुसे चले आ रहे हैं। उनका कहना है कि वहाँ से अवैध आप्रवासियों की बाढ़ के लिए मादुरो ज़िम्मेदार हैं। ये प्रवासी उन लगभग 80 लाख वेनेज़ुएला वासियों में शामिल हैं, जिनके बारे में अनुमान है कि वे 2013 से देश के आर्थिक संकट और दमन के कारण देश से भाग गए। ट्रंप ने मादुरो पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'अपनी जेलों और पागलखानों को ख़ाली कर दिया' और क़ैदियों को जबरन अमेरिका भेज दिया।

मादुरो पर आतंकी संगठन के नेतृत्व का आरोप

ट्रंप ने अमेरिका में ड्रग्स, ख़ासकर फ़ेंटानिल और कोकीन की बढ़ती सप्लाई को रोकने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने वेनेज़ुएला के दो गैंग - ट्रेन दे अरागुआ और कार्टेल दे लोस सोलेस को 'विदेशी आतंकवादी संगठनों' की लिस्ट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दूसरे समूह का नेतृत्व खडुद मादुरो करते हैं।

दोनों देशों के बीच विवाद का इतिहास

दोनों देशों के बीच विवाद का केंद्र बीते तीन दशकों से 'तेल' रहा है। दरअसल, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा सिद्ध तेल भंडार है, जो कि इस दक्षिण अमेरिकी देश को जबरदस्त तौर पर समृद्ध करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा वेनेजुएला में सोना और गैस के भी भंडार हैं। 1990 के दशक और इससे पहले तक वेनेजुएला की खुली अर्थव्यवस्था में अमेरिका की कंपनियां भी सम्मिलित रही थीं। अमेरिकी अधिकारियों ने कई मौकों पर खुले तौर पर कहा है कि वेनेजुएला का तेल वॉशिंगटन का है, और वे अमेरिकी कंपनियों के फायदे के लिए वेनेजुएला के तेल उद्योग के राष्ट्रीयकरण को पलटवाना चाहते हैं। ओबामा और बाइडन जैसे डेमोक्रेट नेताओं के अंतर्गत अमेरिका ने कूटनीतिक तौर पर वेनेजुएला पर दबाव बनाया। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने 2017 में वेनेजुएला पर तेल प्रतिबंध लगाए और 2019 में उन्हें और कड़ा कर दिया। इससे वेनेजुएला की कच्चे तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचने की क्षमता बाधित हुई। अब अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला पर कार्रवाई को और सख्त कर दिया है ।

छत्तीसगढ़ में बड़ा एक्शन, सुकमा में 14 नक्सली ढेर

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छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ों में अब तक 14 माओवादी ढेर कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई सुकमा और बीजापुर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर चल रहे दो बड़े एंटी-नक्सल ऑपरेशनों के दौरान हुई।

गश्त पर निकले जवानों से आमना-सामना

सुकमा जिले के किस्टाराम एरिया में जवान गश्त पर निकले थे। तभी उनका नक्सलियों से सामना हो गया और गोलीबारी शुरू हो गई। दोनों तरफ से काफी देर तक गोलीबारी चली। इस दौरान जवानों ने कई नक्सलियों को मार गिराया। बताया जा रहा है कि इस मुठभेड़ में 14 से ज़्यादा नक्सली मारे गए हैं। मौके से कई शव बरामद किए गए हैं। अधिकारी ने साफ किया कि ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है और पूरे इलाके की गहन सर्चिंग की जा रही है।

नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, बीजापुर और सुकमा जिलों के दक्षिणी इलाकों में सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। अभियान के तहत दक्षिण बस्तर क्षेत्र में डीआरजी की विशेष टीमों को रवाना किया गया था। ऑपरेशन के दौरान बीजापुर जिले में सुबह लगभग 5 बजे से डीआरजी और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी रही। वहीं, सुकमा जिले में भी सुबह लगभग 8 बजे सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग की स्थिति बनी हुई है।

आईपीएल 2026 से बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान बाहर, शाहरुख खान की टीम से छुट्टी

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बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ चल रही हिंसा के कारण भारत में भावनात्मक उबाल जोरों पर है। इसका असर क्रिकेट भी भी दिख रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग में बांग्लादेशी क्रिकेटर के खेलने को लेकर लगातार चल रहे विरोध के बाद अब इस मामले में कार्रवाई की गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को अपने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का आदेश दिया है।

बीसीसीआई का बड़ा फैसला

बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान आईपीएल 2026 नहीं खेलेंगे। कोलकाता नाइटराइडर्स ने उन्हें स्क्वॉड से रिलीज कर दिया है। दरअसल, भारत में भारी विरोध के बीच मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से हटाने की मांगों के बीच बीसीसीआई ने बड़ा फैसला लिया था। बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने बताया कि बोर्ड ने शाहरुख खान की आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के आदेश दे दिए हैं।

केकेआर ने मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था

बता दें कि बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर फ्रेंचाइजी ने आईपीएल 2026 की नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि, हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा के बाद लगातार केकेआर और टीम के मालिक शाहरूख खान पर सवाल उठाए जा रहे थे। बीसीसीआई की भी आलोचना हो रही थी। विवाद को बढ़ता देख अब बीसीसीआई ने मामले में हस्तक्षेप किया और केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया।

बांग्लादेश में हिंदूओं पर हिंसा को लेकर बढ़ा विवाद

मुस्तफिजुर रहमान पहले भी आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और कई फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुके हैं। लेकिन इस बार ही उनके खेलने पर बवाल हो रहा है। दरअसल, इसकी पूरी जड़ बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की घटनाएं हैं। हाल के महीनों में बांग्लादेश से आई इन खबरों ने भारत में चिंता बढ़ाई है। इस कारण ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कुछ दिनों में टकरार देखने मिली है। इन्हीं घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा और शिवसेना के कई नेताओं ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने देने पर सवाल खड़े किए थे। मुस्तफिजुर को खरीदने पर राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। जहां कुछ नेता इसे देशद्रोह से जोड़ रहे हैं, वहीं कई राजनीतिक दल और नेता शाहरुख खान के समर्थन में खुलकर सामने आए थे।

बंगाल को पश्चिमी बांग्लादेश बनाने की कोशिश…मिथुन चक्रवर्ती का ममता सरकार पर बड़ा आरोप

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भारतीय जनता पार्टी के नेता और फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। कूचबिहार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि बंगाल में हालात जानबूझकर ऐसे बनाए जा रहे हैं, जो फिल्म द कश्मीर फाइल्स में दिखाए गए घटना की याद दिलाते हैं।

ममता बनर्जी की शाह पर की गई टिप्पणी की तीखी आलोचना

कूच बिहार की रैली में मिथुन ने ममता बनर्जी कर जमकर हमला बोला। मिथुन ने कहा कि बांकुड़ा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत के गृह मंत्री को धमकी दी और कहा कि उन्होंने ही उन्हें कोलकाता के उस होटल से बाहर आने दिया जहां वे ठहरे हुए थे। काश वे स्पष्ट रूप से कह देतीं कि गृह मंत्री को बंगाल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वह दिन विनाशकारी होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह कोई अलग देश नहीं है जैसा कि वह सोच रही होंगी।

पश्चिम बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ में बदलने की साजिश-मिथुन

मिथुन चक्रवर्ती ने कहा 'क्या आपने ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखी है? क्या आपने देखा कि कश्मीरी पंडितों को कैसे वहां से खदेड़ा गया? आज बंगाल में भी वैसी ही स्थिति पैदा की जा रही है। एक साजिश के तहत पश्चिम बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ में बदलने की कोशिश हो रही है।'

भ्रष्टाचार के अलावा इस राज्य में और कुछ नहीं-मिथुन

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का एकमात्र तरीका यह है कि सभी लोग एक साथ आएं। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल के विवेकशील समर्थकों से आगामी चुनावों में सरकार बदलने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया कि राज्य में कोई उद्यम, उद्योग, रोजगार या उचित स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के अलावा इस राज्य में और कुछ नहीं है।

लक्ष्मी भंडार योजना खराब नहीं-मिथुन

भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने आगे कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना खराब नहीं है और लोगों को इसका लाभ लेना चाहिए, क्योंकि यह उनका ही पैसा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल योजनाओं से विकास नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत योजना से देशभर में लोग लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे लागू नहीं होने दे रहीं, क्योंकि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रचार होगा। मिथुन ने आरोप लगाया कि बंगाल में न नौकरियां हैं, न कारखाने, न विकास- हर तरफ सिर्फ भ्रष्टाचार है।

पौष पूर्णिमा पर स्नान के साथ में माघ मेला शुरू, सुबह 9 बजे तक 6 लाख से ज्यादा लोगों ने लगाई डुबकी

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संगम की पवित्र रेती पर आस्था का महासागर उमड़ पड़ा है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर आज से माघ मेले का भव्य आगाज़ हो चुका है। संगम तट की ओर तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। संगम में आस्था की डुबकी लगाकर लोग पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। शनिवार की अलसुबह से ही लाखों श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

पौष पूर्णिमा के स्नान के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं। भोर होते ही संगम तट पर जयकारों का शोर गूंजने लगा था। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है, लेकिन भक्ति की भावना सभी को प्रेरित कर रही है।

सुबह 9 बजे तक 6 लाख से ज्यादा लोगों ने लगाई डुबकी

माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने कहा, आज पौष पूर्णिमा के अवसर पर माघ मेला शुरू हो गया है। सभी घाटों पर स्नान चल रहा है। हम अभी संगम क्षेत्र में हैं और सभी इंतज़ाम पूरे हो चुके हैं। हमारे पास यहां पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम उपलब्ध हैं। आज सुबह 8 बजे तक 6 लाख 50 हज़ार श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई है।

44 दिनों तक मेला

माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि तक चलेगा। 44 दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक माघ मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, संस्कृति और सुरक्षा व्यवस्था का अद्भुत उदाहरण है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

400 से अधिक एआई-इनेबल्ड सीसीटीवी कैमरे लगे

मेले की सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व बताई जा रही है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक एआई-इनेबल्ड सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिए हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से भी भीड़ और यातायात की लगातार निगरानी की जा रही है। जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के गोताखोरों को संगम और आसपास के घाटों पर तैनात किया गया है। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए एटीएस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भी तैनाती की गई है। मेला क्षेत्र को कई सेक्टरों में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की सर्वे ने राहुल को दिखाया आईना, बीजेपी को भी मिल गया मौका

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कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी की स्टडी में दावा किया गया है कि राज्य के 91% लोग मानते हैं कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं और ईवीएम सटीक नतीजे देती हैं। यह रिपोर्ट कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी ने प्रकाशित की है। यह सर्वे ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भाजपा पर कई राज्यों में ‘वोट चोरी’ का लगातार आरोप लगा रहे हैं। वे कर्नाटक के कलबुर्गी में भी वोट चोरी का दावा कर चुके हैं।

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने ईवीएम पर एक सर्वे पब्लिश कराया है। इस सर्वे में पता चला कि अधिकतर नागरिकों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं, जबकि ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। सर्वे में करीब 91 फीसदी लोगों ने ईवीएम पर अपना भरोसा दिखाया है।

सर्वे में क्या ?

डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सर्वे मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबुकुमार ने करवाया था। इसमें बेंगलुरु, बेलगावी, कालाबुरागी और मैसूरु के प्रशासनिक डिवीजनों में 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5100 लोगों को शामिल किया गया था। योजना, कार्यक्रम निगरानी और सांख्यिकी विभाग के तहत कर्नाटक निगरानी और मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में पता चला कि सभी डिवीजनों में 91.31 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं, जिनमें से 6.76 प्रतिशत ने तटस्थ राय व्यक्त की।

अब राहुल गांधी का “वोट चोरी” के नरेटिव का क्या?

कर्नाटक सरकार के सर्वे के नतीजे कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ हैं। कारण कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा के खिलाफ खिलाफ वोट चोरी कैंपेन की शुरुआत की थी। राहुल गांधी ने दावा किया था कि ईवीएम से वोट चोरी होती है और बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने ईवीएम पर कथित भरोसे की कमीके कारण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए बैलेट पेपर वापस लाने का फैसला किया है।

बीजेपी ने बोला हमला

इधर, कर्नाटक सरकार द्वारा सर्वे को प्रकाशित करने के बाद बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सर्वे रिपोर्ट रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को हर बार चुनाव हारने के बाद ईवीएम या चुनाव आयोग को दोष देने पर 'हकीकत का सामना' करना पड़ता है। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देते हैं।

शाहरुख खान एक बार फिर विवाद में, IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने पर विरोध

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बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान फिल्मों के साथ अपनी आईपीएल टीम से मोटी कमाई करते हैं। शाहरुख की टीम कोलकारा नाइट राइडर्स (केकेआर) हर जगह छाई रहती है। आईपीएल 2026 का हाल ही में ऑक्शन हुआ था, जिसमें कुछ ऐसा हुआ कि शाहरुख विवाद का हिस्सा बन गए हैं।

आईपीएल 2026 को लेकर 16 दिसंबर को आईपीएल की ऑक्शन हुई थी। जिसमें शाहरुख ने एक ऐसा प्लेयर खरीद लिया है जिसे लेकर भयानक विवाद हो रहा है। शाहरुख खान के खिलाफ मोर्चा खुल गया है। कई लोग उन्हें बायकॉट करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उनके खिलाफ बहुत कुछ कहा जा रहा है।

बांग्लादेशी क्रिकेटर को खरीदने के बाद विवादों में फंसे

शाहरुख खान की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान को खरीदा है। मिनी ऑक्शन में शाहरुख ने मुस्ताफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ में खरीदा है। बांग्लादेशी क्रिकेटर को खरीदने के बादे विवाद शुरू हो गया है। ये विवाद तब ज्यादा बढ़ गया है जब बांग्लादेश में चार हिंदुओं की लिंचिंग के मामले सामने आ गए हैं।

रामभद्राचार्य ने कहा- शाहरुख का कोई चरित्र नहीं

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के बीच इस फैसले को लेकर राजनीतिक नेता, धर्मगुरु और अन्य लोग शाहरुख को निशाने पर ले रहे हैं। कुछ ने उन्हें देशद्रोही तक करार दिया है, जबकि कुछ उनके पक्ष में खड़े हो गए हैं। रामभद्राचार्य ने कहा, 'शाहरुख खान हीरो नहीं है। उनका कोई चरित्र नहीं है। वे गद्दारों जैसे काम रहे हैं।

हिंदुओं की दुर्दशा को नजरअंदाज करने का आरोप

आध्यात्मिक गुरु, देवकीनंदन ठाकुर ने केकेआर और शाहरुख खान पर बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश में हिंदुओं की बेरहमी से हत्या की जा रही है, उनके घर जलाए जा रहे हैं और उनकी बहनों और बेटियों का बलात्कार किया जा रहा है। ऐसी क्रूर हत्याओं को देखने के बाद कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि उसी देश के किसी क्रिकेटर को अपनी टीम में शामिल कर ले?

बलोच नेता ने भारत को लिखा खुला पत्र, चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर जताई चिंता

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बलूचिस्तान को आजाद देश बनाने की लड़ाई लड़ रहे बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को खुला पत्र लिखा है। मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया एक्स पर इस लेटर को जारी करते हुए पाकिस्तान से बलूचिस्तान को आजाद कराने में भारत की मदद और ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते पाक से आतंकियों के खात्मे की बात कही है। साथ ही चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है।

मीर यार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। मीर यार बलोच ने पत्र में कहा कि वह रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के 6 करोड़ देशभक्त नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों, संसद के दोनों सदनों, मीडिया, सिविल सोसाइटी और सभी सम्मानित नागरिकों को नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई देते हैं।

भारत-बलूचिस्तान संबंधों का जिक्र

पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, कूटनीतिक और रक्षा संबंधों का उल्लेख किया गया। मीर यार ने खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताया है। नए साल की बधाई देते हुए मीर यार ने लिखा, यह शुभ अवसर हमें उन गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, आर्थिक, राजनयिक, रक्षा और बहुआयामी संबंधों पर जश्न मनाने का मौका देता है।भारत और बलूचिस्तान के स्थायी संबंधों का उदाहरण हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थल हैं, जो हमारी साझा विरासत और आध्यात्मिक संबंधों के शाश्वत प्रतीक हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ

बलोच नेता ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की और मोदी सरकार की साहसिक और दृढ़ कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने लिखा, बलूचिस्तान के लोग बीते 69 वर्षों से पाकिस्तान का दमन झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि इस गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाए और हमारे देश की संप्रभुता सुनिश्चित की जाए।

चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता

चिट्ठी में चीन और पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता जताई गई है और कहा गया है कि अगर बलूचिस्तान की स्वतंत्र सेनाओं को जल्द ही मजबूत नहीं किया गया तो हो सकता है कि चीन यहां अपने सैनिक तैनात कर दे। बलूचिस्तान में चीनी सैनिकों की उपस्थिति भविष्य में भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए खतरा और चुनौती होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बीजिंग ने इस्लामाबाद के सहयोग से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अपने अंतिम चरणों में पहुंचा दिया है।

वंदे भारत स्लीपर का इंतजार खत्म, गुवाहाटी से कोलकाता के बीच का सफर होगा आसान

ॉ#firstvandebharatsleeperwillrunbetweenkolkataguwahati

नए साल के पहले दिन मोदी सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। भारतीय रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि जल्द ही गुवाहाटी से कोलकाता के बीच देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले कुछ ही दिनों में इस ऐतिहासिक रूट पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

यात्रियों को मिलेगी विश्व स्तरीय सुविधाएं

रेल मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रात की यात्राओं के लिए डिजाइन की गई है। यह ट्रेन यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा और एक आधुनिक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। इसे भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जो प्रीमियम यात्रा को और सुगम बनाएगी।

पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी

वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का ऐलान पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी का वादा है। यह दोनों क्षेत्रों को आर्थिक और सामाजिक रूप से एकीकरण को बढ़ावा देगा। गुवाहाटी और कोलकाता पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के दो सबसे अहम शहर हैं। दोनों शहरों के बीच एक बड़ी आबादी नियमित रूप से ट्रेवल करती है। यह ट्रेन न केवल यात्रा समय को कम करेगी, बल्कि कंफर्ट और सेफ्टी के मामले में भी एक नया मानक स्थापित करेगी।

मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों राज्यों में इसी साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। यह भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि राजनीतिक रूप से दोनों राज्य पार्टी के लिए बेहद अहम हैं। असम में लगातार 10 सालों से भाजपा की सरकार है। वहीं, पश्चिम बंगाल में वह बीते 10 सालों में शून्य से सत्ता के दावेदार तक पहुंच चुकी है।