उन्नाव रेप कांड पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी, सेंगर की उम्रकैद निलंबन पर होगा फैसला

#supremecourthearingtodaykeycasesonkuldeepsingh_sengar

Image 2Image 3

सुप्रीम कोर्ट में आज की दिन अहम है। उन्नाव रेप कांड के दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस केस में कुलदीप सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने का आदेश दिया था। इसी राहत के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सेंगर को मिली इस राहत के खिलाफ देशभर में आक्रोश है।

दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीआई की याचिका

सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट के 23 दिसंबर के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, जिसमें सेंगर की अपील पेंडिंग रहने तक सजा सस्पेंड करने की अर्जी मंजूर की गई थी। इससे पहले, यह जानकारी सामने आई थी कि सीबीआई और पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने का इरादा जताया था।

सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन

उन्नाव गैंगरेप केस में सुप्रीम कोर्ट की अहम सुनवाई से पहले अदालत के बाहर माहौल गरमा गया। पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता और आम महिलाएं भी शामिल रहीं। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया।

सुप्रीम कोर्ट के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा

बता दें कि सेंगर को मिली इस राहत के खिलाफ देशभर में आक्रोश है। पिछले दिनों दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता के परिवार ने दिल्ली में धरना प्रदर्शन किया था। इसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पीड़िता की मां ने जताया न्याय का भरोसा

इससे पहले उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उसकी मां ने रविवार को जंतर मंतर पर कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में हाथों में बैनर व तख्तियां लिए पहुंचे। पीड़िता की मां ने बताया कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि वहां से उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि उनपर केस वापस लेने का दवाब बनाया जा रहा है। हम बिना किसी डर के अपनी कानूनी लड़ाई लड़ना चाहती है और इसके लिए उसे सुरक्षा की जरूरत है। पीड़िता ने कहा मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करती हूं कि मुझे इस तरह सुरक्षा दी जाए, जिससे मैं निडर होकर अपनी लड़ाई लड़ सकूं।

घने कोहरे का असर: इंडिगो ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी, फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित
Image 2Image 3


* दिल्ली और हिंडन एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी में उतार-चढ़ाव, यात्रियों से अपडेट चेक करने की अपील



नई दिल्ली। मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने बताया कि आज सुबह दिल्ली और हिंडन एयरपोर्ट पर ठंडी हवाओं के साथ घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

इंडिगो के अनुसार कम दृश्यता के कारण फ्लाइट शेड्यूल में बदलाव किए गए हैं और बदलते हालात के चलते विमान परिचालन सामान्य से धीमा हो सकता है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और ग्राउंड टीमें विजिबिलिटी व सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन कर रही हैं।

एयरलाइन ने यह भी कहा कि जैसे ही मौसम की स्थिति में सुधार होगा, ऑपरेशन धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगे और उड़ानें तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित की जाएंगी। इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट स्टेटस की जानकारी जरूर जांच लें।
ठंड से कांपा पूरा उत्तर भारत, दिल्ली-यूपी से हरियाणा-पंजाब तक शीतलहर का अलर्ट

#severecoldanddensefoginnorth_india

समूचे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उस पर से घने कोहरे का कहर भी जारी है। इसके चलते पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री रहा। उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में शीतलहरी चली। पहाड़ी इलाकों में लद्दाख के द्रास में पारा शून्य से 14.2 डिग्री नीचे चला गया।

Image 2Image 3

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने घने कोहरे और शीतलहर के साथ ही कोल्ड डे की चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक आज (29 दिसंबर) को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के कुछ इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है।

सबसे ज्‍यादा ज्यादा असर ट्रेनों पर

उत्तर भारत में जारी घने कोहरे का सबसे ज्‍यादा ज्यादा असर ट्रेनों पर पड़ा है। आज दिल्ली की ओर आने वाली 100 से अधिक ट्रेनें सात घंटे तक देरी से चल रही हैं। कोहरे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीजन में पहली बार इतनी अधिक संख्‍या में ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। देरी से चलने वाली ट्रेनों में कई राजधानी और शताब्‍दी ट्रेनें शामिल हैं। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए देरी से चल रही ट्रेनों की लिस्‍ट जारी कर दी है, जिससे यात्री घर से निकलने से पहले ट्रेनों की लोकेशन जान लें और परेशानी से बच सकें।

दिल्ली एयरपोर्ट ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

घने कोहरे को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, क्योंकि घने कोहरे के कारण उड़ान संचालन में समस्याएं आ सकती हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि हम यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उड़ानों से संबंधित ताजा जानकारी के लिए यात्रियों को अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी जाती है। अंतर्राष्ट्रीय असुविधा के लिए हमें खेद है।

उस्मान हादी की हत्या के दो आरोपी भारत भागे...', बांग्लादेश पुलिस का दावा कितना सच?

#bangladeshpoliceclaimsosmanhadimurdercasetwosuspectsfledto_india

Image 2Image 3

बांग्लादेश के इंकिलाब मंच के नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से वहां बवाल मचा हुआ है और सरकार से उनके हत्यारों को पकड़ने की मांग हो रही थी। हालांकि, उस्मान हादी के हत्यारे का अब तक पता नहीं चला है। इस नाकामी के बीच ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस ने दावा किया है कि उस्मान हादी की हत्या के दोनों प्रमुख अभियुक्त भारत भाग गए हैं।

स्थानीय मदद से सीमा करने का दावा

बांग्लादेश की ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने दावा किया है कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या के दो मुख्य आरोपी भारत भाग गए हैं। ढाका पुलिस के मुताबिक ये आरोपी मयमनसिंह जिले के हलुआघाट बॉर्डर के रास्ते भारत में दाखिल हुए, जो मेघालय से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी स्थानीय मदद से सीमा पार कर भारत पहुंचे।

मदद देने वालों की भारत में गिरफ्तारी का दावा

ढाका के डीएमपी मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त आयुक्त एसएन नज़रुल इस्लाम ने बताया कि आरोपी फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख हुलुआघाट सीमा पार कर भारत पहुंचे। पुलिस के अनुसार, सीमा पार करने के बाद उन्हें पहले पूर्ति नाम के व्यक्ति ने रिसीव किया और फिर सामी नामक टैक्सी चालक ने उन्हें मेघालय के तुरा शहर तक पहुंचाया। अधिकारी ने यह भी कहा कि जिन दो लोगों ने आरोपियों को मेघालय पहुंचाने में मदद की, उन्हें भारत में हिरासत में लिया गया है। बांग्लादेशी पुलिस ने भरोसा जताया कि भारतीय एजेंसियों के साथ औपचारिक और अनौपचारिक दोनों स्तरों पर समन्वय जारी है ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया जा सके।

कौन थे शरीफ उस्मान हादी?

शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के छात्र नेता थे और शेख हसीना विरोधी मंच ‘इनक़िलाब मंच’ से जुड़े थे। वे आगामी फरवरी चुनावों में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी उन पर जानलेवा हमला हुआ। 12 दिसंबर को उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

दिग्विजय सिंह के समर्थन में आए शशि थरूर, आरएसएस वाले बयान पर दो गुटों में बंटी कांग्रेस

#digvijayasinghremarksonrssdividecongress

Image 2Image 3

कांग्रेस के सीनियर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को एक्स पर पीएम मोदी और लाल कृष्ण आडवाणी की एक पुरानी फोटो शेयर की थी, जिसमें नरेन्द्र मोदी जमीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो को शेयर कर उन्होंने आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की तारीफ। साथ ही कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत वाला बयान दिया। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर बवाल मच गया है।

दिग्विजय सिंह के बयान पर कांग्रेस नेताओं की राय बटी

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की ओर से आरएसएस और भाजपा की तारीफ किए जाने के मामले ने पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि वह संघ की विचारधारा के घोर विरोधी हैं। हालांकि, उनके इस बयान पर कांग्रेस में ही कई नेताओं की राय बंटी हुई नजर आ रही है।

पवन खेड़ा का दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रहार

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने रविवार को दिग्विजय सिंह के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि संघ से सीखने को कुछ नहीं है। संघ पर तीखा प्रहार करते हुए खेड़ा ने आरएसएस की तुलना महात्मा गांधी की हत्या करने वाले हिंदुत्ववादी विचारक नाथूराम गोडसे से की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आरएसएस से सीखने को कुछ नहीं है। गोडसे के लिए कुख्यात संगठन गांधी द्वारा स्थापित संगठन को क्या सिखा सकता है?

दिग्विजय के समर्थन में शशि थरूर

वहीं दूसरी ओर दिग्विजय सिंह के आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो। हमारे संगठन में अनुशासन होना चाहिए। दिग्विजय सिंह खुद इस बारे में बोल सकते हैं। इसके साथ ही शशि थरूर ने कहा, 'हमारी पार्टी का 140 साल का इतिहास है। हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। हम खुद से भी बहुत सी चीजें सीख सकते हैं। अनुशासन बहुत जरूरी चीज है।

बंकरों में छिपने को हुए थे मजबूर' ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान राष्ट्रपति जरदारी का बड़ा कबूलनामा

#pakarmyhidinbunkersduringoperationsindoorasifalizardari_confession

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में इस साल 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भारत ने 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया थाय़ इसमें पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकियों पर स्ट्राइक की गई थी। अब महीनों बाद पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खुद कबूल किया है कि उस रात भारतीय प्रहार के खौफ से उन्हें और पाकिस्तानी सेना के शीर्ष नेतृत्व को बंकरों में छिपना पड़ा था।

Image 2Image 3

अपनी हरकतों के कारण पाकिस्तान आए दिन वैश्विक मंच पर शर्मसार होता है। एक बार फिर 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बयान से दुनियाभर में पाकिस्तान की भद पिटी है। पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी ने बताया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना बंकर में छिपी हुई थी।

पाकिस्तानी सेना बंकरों में छिपी थी- जरदारी

एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान जरदारी ने यह स्वीकार किया कि तनाव के हालात में पाकिस्तान की सेना बंकरों में छिपी हुई थी और उन्हें खुद भी बंकर में रहने की सलाह दी गई थी। राष्ट्रपति जरदारी के ताजा बयान ने पाकिस्तान के उस झूठ का पर्दाफाश कर दिया है जिसमें वे भारतीय स्ट्राइक से इनकार करते थे।

पहलगाम आतंकी हमले का दिया था जवाब

बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने वहां उपस्थित सभी पर्यटकों पर अंधाधुंध गोली चलानी शुरू कर दी। इस आतंकी हमले में कुल 26 लोगों की जान गई। पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई की दरमियानी रात को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इस दौरान 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय और ट्रेनिंग सेंटर शामिल थे।

दिग्विजय सिंह ने की आरएसएस-बीजेपी की तारीफ, बोले- कांग्रेस में सुधार की गुंजाइश

#digvijayasinghpraiserssorganisation_capicity

Image 2Image 3

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक बयान ने देशभर की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर पोस्ट कर पार्टी संगठन को लेकर बहस छेड़ दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक शुरू होने से ठीक पहले अचनाक चर्चा में आ गए। कारण था उनका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया गया पोस्ट, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की एक पुरानी तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में पीएम मोदी लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर साझा करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा कि आरएसएस का एक जमीनी स्वयंसेवक और भाजपा का जमीनी कार्यकर्ता किस प्रकार नीचे बैठकर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बना। उन्होंने इस तस्वीर को प्रभावशाली बताते हुए इसे संगठन की ताकत बताया।

अपने बयान पर दि सफाई

दिग्विजय सिंह के इस पोस्ट पर पत्रकारों ने जब ये पूछा कि इसका क्या मतलब है, कांग्रेस संगठन में क्या वो सुधार चाहते हैं तो दिग्विजय सिंह ने कहा कि वो आरएसएस और बीजेपी के घोर विरोधी हैं। उन्होंने केवल 'संगठन' की तारीफ़ की है।

संघ की संगठन क्षमता के कायल दिग्विजय

दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, 'मैं शुरुआत से ही कहता आ रहा हूं कि मैं संघ की विचारधारा का विरोधी हूं। वे न पूरी तरह से संविधान को मानते हैं और न ही देश के कानून को, और यह एक अपंजीकृत संगठन है। लेकिन मैं संघ की संगठन क्षमता का प्रशंसक हूं। यह ऐसा संगठन है, जो पंजीकृत भी नहीं है और फिर भी इतना ताकतवर बन गया कि देश के प्रधानमंत्री लालकिले से कहते हैं कि यह दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। अगर ये एनजीओ है तो फिर कहां हैं इसके नियम और कायदे कहां गए? लेकिन मैं उनकी संगठन क्षमता का कायल हूं।'

कांग्रेस पार्टी में सुधार की गुंजाइश है- दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह से जब कांग्रेस की संगठन क्षमता को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'मैं इतना ही कह सकता हूं कि कांग्रेस पार्टी में सुधार की गुंजाइश है और हर संगठन में सुधार की गुंजाइश होती है। कांग्रेस पार्टी आधारभूत तौर पर आंदोलन की पार्टी है और कई बार कांग्रेस पार्टी ने आंदोलन किए और हमेशा कांग्रेस आंदोलन की पार्टी रहेगी, लेकिन आंदोलन को वोटों में बदलने में कांग्रेस पार्टी चूक जाती है।

केरल की राजनीति में बीजेपी ने रचा इतिहास, पहली बार मेयर पद किया हासिल

#bjp_make_histoy_in_kerala_vv_rajesh_elected_thiruvananthapuram_mayor

Image 2Image 3

केरल की राजनीति में भाजपा ने इतिहास रच दिया है। केरल में पहली बार भाजपा का मेयर चुना गया है। तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में शुक्रवार को हुए मेयर चुनाव में भाजपा के वीवी राजेश को 51 वोट मिले। इस जीत को वामपंथियों के गढ़ केरल में भगवा पार्टी की दस्तक के तौर पर देखा जा रहा है।

बीजेपी के केरल सचिव और कोडुंगनूर वार्ड के पार्षद वीवी राजेश को शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम निगम का मेयर चुना गया, जो केरल की शहरी राजनीति में बीजेपी की बड़ी सफलता है। बीजेपी के वीवी राजेश तिरुवनंतपुरम निगम के पहले मेयर बने हैं, जिन्हें 50 बीजेपी पार्षदों और एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन मिला और कुल 51 वोट मिले। यूडीएफ के केएस सबरीनाथन को 17 वोट और एलडीएफ के आरपी शिवाजी को 29 वोट मिले।

गुरुवार को भाजपा ने राज्य सचिव वीवी राजेश को तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मेयर पद का उम्मीदवार घोषित किया था। साथ ही पार्टी ने करुमम वार्ड से पार्षद जीएस आशानाथ को पार्टी की ओर से उप-महापौर पद का उम्मीदवार बनाया।

दरअसल 9 दिसंबर को तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों का रिजल्ट आया था। जिसमें से 50 वार्डों पर भाजपा को जीत मिली थी। पिछले 45 साल से यहां वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) का कब्जा था। एलडीएफ को 29 और कांग्रेस गठबंधन (यूडीएफ) को 17 वार्डों में जीत मिली थी। केरल के 1,199 स्थानीय निकायों के लिए दो फेज 9 और 11 दिसंबर को वोटिंग हुई थी। इनमें 6 कॉर्पोरेशन, 86 नगर पालिकाएं, 14 डिस्ट्रिक्ट काउंसिल, 152 ब्लॉक पंचायत और 941 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

राज्य में छह नगर निगमों, 14 जिला पंचायतों, 87 नगर पालिकाओं, 152 ब्लॉक पंचायतों और 941 ग्राम पंचायत में चुनाव हुए थे। इनमें कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने बड़ी जीत दर्ज की। यूडीएफ ने चार नगर निगमों, 7 जिला पंचायतों, 54 नगर पालिकाओं, 79 ब्लॉक पंचायतों और 505 ग्राम पंचायतों में जीत हासिल की है। एलडीएफ को महज एक नगर निगम, सात जिला पंचायतों, 28 नगर पालिकाओं, 63 ब्लॉक पंचायतों और 340 ग्राम पंचायतों में जीत मिली है।

बता दें कि केरल में बीजेपी सालों से संघर्ष करती आ रही है, लेकिन लेफ्ट के इस अभेद किले को अभी तक भेदने में नाकामयाब रही थी। केरल में पार्टी का अभी तक केवल एक ही विधायक रहा है, जिनका नाम ओ राजगोपाल रहा है। उन्होंने 2016 में नेमोम सीट जीती थी। राज्य में बीजेपी के एक सांसद हैं अभिनेता सुरेश गोपी, जिन्होंने साल 2024 में त्रिशूर सीट जीती है।

केरल में चुनाव के चलते पीएम मोदी चर्च गए...”, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री क्यों कसा तंज?

#congresstauntspmmodiforvisitingchurch

Image 2Image 3

25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के एक चर्च की प्रार्थना में पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ, इस दौरान कुछ जगहों पर क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान हंगामे की खबरें भी सामने आई। कांग्रेस ने देश में कुछ स्थानों पर क्रिसमस से जुड़े कार्यक्रमों में कथित तौर पर व्यवधान डालने की घटनाओं की हवाला देते हुए पीएम मोदी को घेरा है।

मोदी के चर्च जाने को लेकर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चर्च जाने को लेकर सवाल उठाया है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि केरल में विधानसभा चुनाव होने के कारण पीएम मोदी गुरुवार सुबह चर्च गए। इस दौरान पीएम मोदी खास प्रार्थना सभा में भी शामिल हुए। हालांकि, प्रधानमंत्री अपने गुंडों को नहीं रोक पा रहे हैं।

संघ के जहरीले बीजों से निकली खरपतवार-खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि 'राम नवमी और हनुमान जयंती पर ये लोग मस्जिदों के बाहर जा कर डीजे बजाते हैं, उकसाने वाले गाने बजाते हैं। क्रिसमस पर ये लोग चर्च के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, सैंटाक्लॉस की टोपी खींचते हैं, तोड़फोड़ करते हैं। कौन हैं ये मूर्ख?' उन्होंने आरोप लगाया कि ये संघ की ओर से लगाए जहरीले बीजों से निकली खरपतवार है। यह गुंडे ना हिंदू धर्म के हो सकते हैं और ना ही भारतीय सभ्यता से इनका कोई नाता हो सकता है।'

दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही-खेड़ा

कांग्रेस नेता ने कहा कि इनकी हरकतों से दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही है। खेड़ा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री सुबह-सुबह खुद गिरजाघर चले गए क्योंकि केरल में चुनाव है। लेकिन अपने गुंडो को नहीं रोक पा रहे हैं या रोकना नहीं चाहते हैं। उनका कहना था कि हम दुनिया से कहना चाहते हैं कि उपद्रव करने वालों को देखकर यह धारणाा मत बनाइए कि हिंदू ऐसे होते हैं या भारतवासी ऐसे होते हैं। ये लोग बहुत कम संख्या में हैं जो प्रधानमंत्री के गुंडे हैं। इनसे निपटना हम जानते हैं। केरल में अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है।

कनाडा में एक और भारतीय छात्र की हत्या, टोरंटो में 20 वर्षीय शिवांक गोलीबारी का शिकार

#torontouniversityindianstudentkilledincanada

Image 2Image 3

कनाडा में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र शिवांक अवस्थी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। टोरंटो में यूनिवर्सिटी के पास दिनदहाड़े उनकी हत्या की गई है। भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने गुरुवार को टोरंटो स्कारबोरो यूनिवर्सिटी कैंपस के पास गोलीबारी में 20 साल के भारतीय डॉक्टरेट स्टूडेंट शिवांक अवस्थी की मौत की जानकारी देते हुए इस घटना पर दुख जताया है।

वाणिज्य दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि टोरंटो विश्वविद्यालय के स्कारबोरो परिसर के पास हुई गोलीबारी में युवा भारतीय डॉक्टरेट छात्र शिवंक अवस्थी की दुखद मौत पर हम गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वाणिज्य दूतावास इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार के संपर्क में है और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

गोली मारकर फरार हुए हमलावर

पुलिस को ‘अनजान डिस्ट्रेस’ की कॉल मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने एक युवक को गंभीर हालत में पाया। जांच में सामने आया कि उसे गोली मारी गई थी और उसे घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। सुरक्षा कारणों से यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो स्कारबोरो कैंपस को कुछ समय के लिए लॉकडाउन किया गया, जिससे छात्रों और स्टाफ में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कैंपस वैली के अंदर दिनदहाड़े गोली मारी गई

रेडिट पर एक पोस्ट में एक छात्र ने बताया कि शिवांक अवस्थी को कैंपस वैली के अंदर दिनदहाड़े गोली मार दी गई। शिवांक अवस्थी तीसरे साल के लाइफ साइंसेज के छात्र थे। कैंपस वैली के अंदर उनको गोली मारे जाने से सुरक्षा के बारे में छात्रों के बीच चिंता पैदा हो गई है। छात्रों का कहना है कि अब वह कैंपस में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

इस साल टोरंटो की 41वीं हत्या

यह हत्या 2025 में टोरंटो की 41वीं हत्या है। कुछ ही दिनों में शहर में अपराध के चलते किसी भारतीय की यह दूसरी मौत है। 30 वर्षीय भारतीय मूल की महिला हिमांशी खुराना की हत्या के सिलसिले में पुलिस टोरंटो निवासी अब्दुल गफूरी की तलाश कर रही है।सीबीसी न्यूज़ के अनुसार पुलिस ने कहा कि यह मामला घरेलू हिंसा से जुड़ा नजर आता है।