आखिरी बार रनवे पर उतरा मिग-21, 62 साल बाद रिटायर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कही बड़ी बात

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भारतीय वायुसेना के पहले सुपरसोनिक विमान को शुक्रवार को सेवामुक्त कर दिया गया। चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से मिग-21 को विदाई दी गई। इस समारोह में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष तौर पर शामिल हुए। उनके अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान, वायुसेना अध्यक्ष एपी सिंह, सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना अध्यक्ष दिनेश कुमार त्रिपाठी ने भी शिरकत की और मिग-21 की विदाई समारोह के ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मिग-21 के फेयरवेल के दौरान फाइटर जेट के कई कारनामों को भी याद किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग-21 ने 1971 से लेकर ऑपेरशन सिंदूर तक हर मिशन में भारतीय सेना को मजबूती दी। राजनाथ सिंह ने कहा, आज जब हम मिग-21 को इसकी ऑपरेशनल जर्नी से विदाई दे रहे हैं तो मुझे लगता है हम एक ऐसे अध्याय को विदा करने जा रहे हैं जो न केवल भारतीय वायुसेना के इतिहास में बल्कि हमारी पूरी सैन्य उड्डयन की जर्नी में गोल्डन लेटर से लिखा जाएगा।

भारत-रूस के मजबूत संबंधों का प्रमाण-राजनाथ सिंह

अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग-21 राष्ट्रीय गौरव और रक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि इससे हमारा इससे गहरा लगाव है और इसने हमारे आत्मविश्वास को आकार दिया है। सिंह ने कहा कि मिग-21 सैन्य विमानन का इतिहास अद्भुत फाइटर प्लेन है। मिग-21 ने सैन्य विमानन यात्रा में कई गौरवपूर्ण क्षण जोड़े हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग-21 केवल एक विमान या मशीन ही नहीं, बल्कि भारत-रूस के मजबूत संबंधों का प्रमाण भी है।

मिग-21 को रखा गया अपडेट

रक्षा मंत्री ने बताया कि अब तक हम जो मिग-21 विमान उड़ा रहे थे, वे अधिक से अधिक 40 साल पुराने थे। ऐसे विमानों के मानकों के हिसाब से 40 साल का जीवनकाल पूरी तरह से सामान्य है। कई देशों में ऐसे लड़ाकू विमानों को बस इतने ही समय तक सक्रिय रखा जाता है। लेकिन मिग-21 की एक खास बात यह है कि इसे तकनीकी रूप से हमेशा अपडेट रखा गया है।

आखिरी बार मिग की गर्जना

मिग-21 के विदाई समारोह में सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने प्रस्तुति दी। अलविदा उड़ान को देखकर इन्हें उड़ाने वाले पूर्व वायु सैनिक भावुक हो गए। मिग 21 को पानी की बौछार से अंतिम सलामी दी गई। इसी के साथ मिग की गर्जना शांत हो गई। 62 साल तक देश की सेवा करने के बाद भारत का पहला सुपरसोनिक विमान मिग-21 अब रिटायर हो गया है। खास बात यह है कि लगभग 60 साल पहले मिग-21 की लॉन्चिंग चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से हुई थी। यही वजह रही की आज इसकी रिटायरमेंट भी यहीं से हुआ।

सोनम वांगचुक को बड़ा झटका, रद्द हुआ NGO का लाइसेंस, विदेशी फंडिंग पर लग गई रोक

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केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को हिंसक हो गया। इस हिंसा में चार लोगों की जान चली गई। उपद्रवियों ने लेह स्थित भाजपा कार्यालय को आग लगा दी। हालात पर काबू पाने के लिए अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाना पड़ा। सरकार ने इस हिंसा के लिए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया। अगले दिन उनके एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया।

सोनम वांगचुक की स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का एफसीआरए (Foreign Contribution Regulation Act) रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। उनके एनजीओ पर विदेशी फंडिंग से जुड़े कानून का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप है। सीबीआई ने सोनम वांगचुक के एक संस्थान के खिलाफ विदेशी फंडिंग को लेकर जांच शुरू कर दी है।

क्यों हुआ पंजीकरण रद्द?

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि संस्था के कामकाज में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं। सरकारी जांच में सामने आया कि संस्था को स्वीडन के एक दाता से करीब 4.93 लाख रुपये मिले थे, जो युवा जागरूकता कार्यक्रमों पर खर्च होने थे। इन कार्यक्रमों में जलवायु परिवर्तन, प्रवासन और खाद्य सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे। लेकिन सरकार ने इस दान को ‘राष्ट्रीय हित के खिलाफ’ बताया। इसके अलावा 19,600 रुपये और 79,200 रुपये जैसी छोटी रकमों के गलत तरीके से एफसीआरए खाते में दाखिल होने की बात भी नोटिस में दर्ज की गई। इन सब बिंदुओं के आधार पर मंत्रालय ने 10 सितंबर को नोटिस जारी किया था, और जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर संस्था का पंजीकरण रद्द कर दिया।

क्या बोले वांगचुक?

वांगचुक ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा का दोष उन पर मढ़ा गया है। सोनम वांगचुक ने कहा, लद्दाख में दो महीने बाद चुनाव आने वाले हैं, जिसमें लोग पूछ रहे हैं कि पहले जो वादा किया था उसे पूरा करें। इसमें बड़ी आवाज मेरी थी इसलिए उन्होंने मुझे टारगेट किया और डेढ़ महीना पहले मुझे बताया गया कि आपके ऊपर देशद्रोह का एक एफआईआर है। इसके बाद सीबीआई की जांच की बात हुई। 

विदेशों से पैसे लेने का हमारा कोई इरादा नहीं- वांगचुक

वांगचुक ने कहा, सीबीआई के नोटिस में ये लिखा है कि 2022-24 में आपकी संस्था को विदेशों से फंड मिला, जिसकी अनुमति आपको नहीं है। आपके पास एफसीआरए नहीं है। हमने एफसीआरए नहीं लिया क्योंकि विदेशों से पैसे लेने का हमारा कोई इरादा नहीं था। संयुक्त राष्ट्र की टीम हमारी पैसिव सोलर हीटेड बिल्डिंग को अफगानिस्तान ले जाना चाहती थी और इसके लिए उन्होंने हमें फीस अदा की। इसी तरह हमारे आर्टिफिशियल ग्लेशियर को स्विट्जरलैंड की एक यूनिवर्सिटी और इटली की एक संस्था से पैसे मिले।

क्या करता है हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख?

सोनम वांगचुक ने 1994 में स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) की स्थापना की. इसका मकसद लद्दाख के युवाओं को स्थानीय जरूरतों और संस्कृति से जोड़ते हुए प्रासंगिक और व्यावहारिक शिक्षा देना था. बाद में इसी सोच के विस्तार के रूप में उन्होंने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की नींव रखी. SECMOL की नींव 1994 में रखी गई ताकि बच्चे केवल कागजी डिग्री के बोझ तले न दबें बल्कि वास्तविक जीवन कौशल भी सीखें.

HIAL लगभग 2017-18 में आकार लेता है, जिसके पीछे विचार था लद्दाख और हिमालयी क्षेत्र के लिए ऐसे समाधान खोजना जो पर्यावरण-संवेदनशील हों. इसका स्पष्ट उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों का स्थानीय अनुभवों के आधार पर हल निकालना तय किया गया था

मिग-21 का आज आखिरी विदाईः 62 साल बाद अब इतिहास के पन्नों में हो जाएगा दर्ज

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देश में एयरफोर्स की पहचान रहे फाइटर प्लेन मिग-21 की आज अंतिम विदाई दी जा रही है। छह दशकों से भी अधिक समय से भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े की ताकत रहे प्रसिद्ध रूसी लड़ाकू विमान मिग-21 आज सेवामुक्त हो जाएंगे। मिग-21 विमानों के संचालन का आधिकारिक समापन आज चंडीगढ़ में एक औपचारिक फ्लाईपास्ट और विदाई समारोह के साथ होगा। जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

आज आखिरी बार उड़ान भरेगा मिग-21

चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन 12 विंग का एयरबेस से मिग 21 को विदाई देने की तैयारी की गई। लड़ाकू विमान मिग-21 फाइटर प्लेन को आखिरी बार आसमान में बादल और पैंथर फॉर्मेशन में उड़ेगा। एयर फोर्स चीफ एयर मार्शल एपी सिंह 'बादल 3' नाम से स्क्वाड्रन का नेतृत्व करेंगे। आखिरी सलामी के बाद मिग-21 एयरफोर्स के बेड़े से बाहर हो जाएगा।इस फाइटर प्लेन को अलविदा कहने से पहले एयफोर्स की स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा एयर फोर्स चीफ एयर मार्शल एपी सिंह के साथ उड़ान भरेंगी। प्रिया शर्मा देश की 7वीं महिला वीमन फाइटर पायलट हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे चीफ गेस्ट

मिग-21 फाइटर प्लेन के फेयरवेल सरेमनी के चीफ गेस्ट रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे। सेरेमनी में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख, वायुसेना के छह पूर्व प्रमुख भी शिरकत करेंगे।अंतिम फ्लाईपास्ट के बाद छह मिग-21 विमानों को उतरते ही वाटर कैनन से सलामी देकर अलविदा कहा जाएगा। मिग-21 लड़ाकू जेट विमानों ने 18-19 अगस्त को राजस्थान के बीकानेर में नाल वायु सेना स्टेशन पर अपनी आखिरी उड़ानी भरी थी। आज के बाद मिग आसमान में नजर नहीं आएगा।

देश का पहला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान

मिग-21 को भारत का पहला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान माना जाता है। साउंड की स्पीड से तेज उड़ने वाले इस विमान की खासियत रही है कि यह पलक झपकते ही मैक-2 की स्पीड पर पहुंच जाता है। 6 दशकों तक सेवा के बाद जब यह रिटायर होगा, तब इसकी जगह तेजस मार्क 1ए को तैनात किया जाएगा। मिग 21 ने पाकिस्तान के खिलाफ दो युद्ध, बांग्लादेश मुक्सित संग्राम और करगिल में दुश्मनों के दांत खट्टे कर चुका है।

65 के भारत-पाक युद्ध से हुई थी शुरुआत

सबसे पहले इस विमान ने साल 1965 के भारत-पाक युद्ध में हिस्सा लिया था। उसके बाद साल 1971 के युद्ध में भी यह विमान गेमचेंजर बना। वर्ष 1999 में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान कारगिल में भी इस विमान ने कौशल दिखाया। इस दौरान मिग-21 ने भारतीय इलाके में घुसपैठ कर रहे पाकिस्तान नेवल एयर आर्म के अटलांटिक विमान को मार गिराया था।

ऑपरेशन सिंदूर में भी था अलर्ट मोड पर

साल 1965 से लेकर बालाकोट एयर स्ट्राइक तक विभिन्न अभियानों के तहत इस लड़ाकू विमान ने अहम भूमिका निभाई। ऑपरेशन सिंदूर में भी यह विमान पूरी तरह अलर्ट मोड में था और इसकी लड़ाकू रैकी जारी थी। 26 सितंबर को यह विमान 62 साल के सफर के बाद इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। इसकी विदाई इसके सबसे पहले घर चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से ही होगी। यह विमान एयरफोर्स के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमानों में से एक रहा है।

सोनम वांगचुक पर कसा CBI का शिकंजा, जांच के दायरे में आया उनका संस्थान, विदेशी फंडिंग को लेकर रडार पर

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लद्दाख के चर्चित शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक विवादों में घिर गए हैं। सोनम वांगचुक पर जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो के जांच के दायरे में आ गए हैं। वांगचुक के संस्थान के खिलाफ विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) उल्लंघन को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच शुरू कर दी है। सीबीआई वांगचुक की संस्था के खिलाफ विदेश से मिली फंडिंग की जांच कर रही है। पर्यावरण कार्यकर्ता पर अपनी संस्था के लिए अवैध तरीके से विदेश से फंडिंग लेने का आरोप है।

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पिछले 2 महीने से जांच जारी

सीबीआई ने यह जांच गृह मंत्रालय की शिकायत पर की जा रही है और आरोप लगाया कि संस्थान कथित तौर पर बिना एफसीआरए अनुमति के विदेशी फंड प्राप्त कर रहा है। विदेशी फंडिंग को लेकर पिछले 2 महीने से उनके खिलाफ जांच चल रही है, लेकिन अभी केस दर्ज नहीं हुआ है। सीबीआई टीम ने वांगचुक के संस्था एचआईएएल और स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख से 2022 से 2024 तक की फंडिंग से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। अगस्त में लद्दाख प्रशासन ने एचआईएएल का जमीन आवंटन रद्द किया था। प्रशासन का दावा है कि जमीन का उपयोग आवंटन उद्देश्य के लिए नहीं हुआ और कोई लीज एग्रीमेंट भी नहीं हुआ।

केन्द्र ने लद्दाख हिंसा के लिए ठहराया जिम्मेदार

लद्दाख हिंसा के कारण सोनम वांगचुक फिर चर्चा में हैं। केंद्र ने बुधवार को लद्दाख में हुई हिंसा को लेकर भड़काने का आरोप लगाया है कि उन्होंने अरब स्प्रिंग शैली के विरोध प्रदर्शनों और नेपाल में हाल ही में हुए Gen Z विरोध प्रदर्शनों का हवाला देकर लोगों को गुमराह किया। गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि सोनम वांगचुक ने 10 सितंबर को छठी अनुसूची (संविधान की) और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी।

क्यों हुई लद्दाख में हिंसा

लेह में बुधवार को बंद के आह्वान पर शहर में बाजार दुकानें बंद रहीं। बड़ी संख्या में लोग एनडीएस स्मारक मैदान में इकट्ठा हो गए। बाद में छठी अनुसूची और राज्य के समर्थन में नारे लगाते हुए शहर की सड़कों पर मार्च निकाला। स्थिति तब बिगड़ गई, जब कुछ लोगों ने भाजपा और हिल काउंसिल के मुख्यालय पर पथराव कर दिया। कार्यालय परिसर और एक इमारत में मौजूद फर्नीचर और कागजात में आग लगा दी। एक ग्रुप ने कई वाहनों को भी फूंक दिया। हालात काबू करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। गोलीबारी भी करनी पड़ी। कई घंटों की भीषण झड़प के बाद स्थिति काबू में आई। सोनम वांगचुक ने लेह हिंसा पर दुख व्यक्त करते हुए इसके लिए युवाओं में पनप रही हताशा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हिंसक विरोध का संभवतः यही तात्कालिक कारण था।

किसी पर आश्रित रहना नहीं मंजूर...’, इंटरनेशनल ट्रेड शो में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन किया। ग्रेटर नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में करीब 10 लाख लोग शामिल हो सकते हैं। इंटरनेशनल ट्रेड शो के उद्घाटन के बाद उन्होंने महिला उद्यमियों से मुलाकात की। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के साथ विकसित भारत के हमारे संकल्प को एक नई गति मिलने वाली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती है। उन्होंने हमें अंत्योदय का मार्ग दिखाया। अंत्योदय का अर्थ है, सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान, सबसे गरीब व्यक्ति तक विकास पहुंचना, सभी भेदभाव समाप्त हो, यही अंत्योदय है, और अंत्योदय में ही सामाजिक न्याय को बल मिलता है। आज भारत विकास के इसी मॉडल को दुनिया को दे रहा है।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, 'आज सरकार मेक इन इंडिया, मैन्युफैक्चरिंग पर इतना जोर दे रही है। हम चिप से लेकर जहाज तक, सब कुछ भारत में बनाना चाहते हैं, इसलिए हम आपके व्यापार में आसानी के लिए काम कर रहे हैं। सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है, लेकिन सरकार की कुछ अपेक्षाएं भी हैं कि आप जो भी निर्माण कर रहे हैं, वह सर्वोत्तम गुणवत्ता का हो। आज देशवासियों के मन में ये बात है कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता निरंतर बेहतर हो, इसलिए गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

दूसरों पर निर्भरता से ज्यादा विवशता कोई नहीं-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा कि दूसरों पर निर्भर होने से ज्यादा विवशता कोई और हो ही नहीं सकती। बदलती हुई दुनिया में जो देश दुनिया में जितना ज्यादा दूसरों पर निर्भर रहेगा, उसकी ग्रोथ उतनी ही कॉम्परमाइज रहने वाली है। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के लिए काम कर रहे हैं। चिप से शिप तक भारत में बनाना चाहते हैं। भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। हर वो उत्पाद जो हम भारत में बना सकते हैं, वो हमें भारत में बनाना है।

पुर्जे पुर्जे पर हो मेड इन इंडिया की छाप-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, हमारी सेनाएं स्वदेशी चाहती हैं और दूसरों पर निर्भरता को कम करना चाहती हैं। इसलिए हम भारत में ही एक वाइब्रेंट डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहे हैं, पुर्जे पुर्जे पर मेड इन इंडिया की छाप हो, हम ऐसा एक इकोसिस्टम बना रहे हैं, और यूपी इसमें भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। आज, भारत रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म की प्रतिबद्धता के साथ अपने उद्योग, व्यापारियों और नागरिकों के साथ खड़ा है। तीन दिन पहले जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार लागू हुए। जीएसटी में ये बदलाव संरचनात्मक सुधार हैं जो भारत की विकास गाथा को नई उड़ान देंगे। ये जीएसटी पंजीकरण को सरल बनाएंगे, कर विवादों को कम करेंगे और एमएसएमई को तेजी से रिफंड सुनिश्चित करेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया था पहले संस्‍करण का उद्घाटन

2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उद्घाटित पहले संस्करण से लेकर 2024 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा उद्घाटन किए गए दूसरे संस्करण तक, यूपीआईटीएस ने आकार, आंकड़ों और प्रभाव में दोगुना से अधिक प्रगति की है। पहले आयोजन में 1,914 प्रदर्शक और 400 विदेशी खरीदार थे, जबकि दूसरे संस्करण में 2,122 प्रदर्शक, 350 विदेशी खरीदार और 5 लाख विजिटर्स शामिल हुए। 2,200 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर और 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की सीधी बिक्री ने इसे निवेश और निर्यात का केंद्र बनाया। तीसरे संस्करण में 2,500 से अधिक प्रदर्शक, 500 विदेशी खरीदार और 5 लाख से अधिक विजिटर्स के आने की उम्मीद है।

UN पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, बैक-टू-बैक 3 बार हुई फजीहत से नाराज, बोले- ये इत्तेफाक नहीं

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र को संबोधित किया था। यहां उनके द्वारा दिए गए भाषण की काफी चर्चा हुई। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में डोनाल्ड ट्रंप के साथ कुछ ऐसी घटनाएं घटी जो काफी चर्चा का विषय बन गईं। अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर आकर इस बात की जानकारी दी है और किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा किया है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की जांच अब सीक्रेट सर्विस करेगी।

क्या है पहली घटना

ट्रंप ने यह बात अपनी सोशल मीडिया वेबसाइट ट्रुथ सोशल पर कही, जहां उन्होंने इन घटनाओं को ‘तीन साजिश’ बताया। ट्रंप ने बताया कि यूएन में उनके साथ पहली घटना तब हुई, जब वह अपने दल के साथ एस्केलेटर पर थे। अचानक एस्केलेटर ‘जोर से रुक गया।’ ट्रंप ने इसे ‘स्पष्ट साजिश’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करना चाहिए। हालांकि, यूएन के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का एक वीडियोग्राफर, जो ट्रंप के आगे दौड़ रहा था, उसने गलती से एस्केलेटर के स्टॉप मैकेनिज्म को छू लिया होगा, जिससे यह रुक गया।

दूसरी घटना- टेलीप्रॉम्प्टर का काम न करना

दूसरी घटना में ट्रंप जब संयुक्त राष्ट्र में भाषण दे रहे थे, तो टेलीप्रॉम्प्टर अचानक बंद हो गया। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इस दावे में विरोधाभास यह है कि टेलीप्रॉम्प्टर का संचान खुद व्हाइट हाउस करता है, न कि संयुक्त राष्ट्र।

तीसरी घटना- सभागार में आवाज बंद

ट्रंप ने दावा किया तीसरी घटना में जब वह भाषण दे रहे थे, तो उनका माइक ठीक से काम नहीं कर रहा था। उनकी बात उन्हें लोगों तक पहुंच रही थी, जिनके पास कान में लगाने वाले अनुवादक उपकरण मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी मेलानिया ने भी उन्हें बताया कि वह उनका भाषण ठीक से सुन नहीं सकीं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, यह कोई संयोग नहीं था। यह तीसरी साजिश थी।

ये कोई संयोग नहीं - ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में हुईं ये घटनाएं कोई संयोग नहीं थीं। उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए। मैं इस लेटर की एक कॉपी महासचिव को भेज रहा हूं, और मैं तत्काल जांच की मांग करता हूं। कोई आश्चर्य नहीं कि संयुक्त राष्ट्र वह काम नहीं कर पाया जिसके लिए उसे बनाया गया था। एस्केलेटर पर लगे सभी सुरक्षा टेप सुरक्षित रखे जाने चाहिए, खासकर आपातकालीन स्टॉप बटन। सीक्रेट सर्विस इसे देख रही है।

अब चलती ट्रेन से भी लॉन्च होगा मिसाइल, भारत ने किया अग्नि प्राइम का किया सफल परीक्षण

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भारत लगातार अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ा रहा है। इसी कड़ी देश में पहली बार रेल से अग्नि प्राइम मिसाइल को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है। गुरुवार को अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल टेस्ट कर लिया है। ये टेस्ट रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर प्रणाली से किया गया है। इससे भारत अब अपने विशाल रेल नेटवर्क से इस मिसाइल को देश के किसी भी कोने में ले जाकर वहां से दाग सकता है। मिसाइल तकनीक की दुनिया में भारत के लिए यह मील का एक पत्थर है।

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2000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। रक्षा मंत्री ने लिखा भारत ने रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर प्रणाली से मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। अगली पीढ़ी की यह मिसाइल 2000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता के लिए डिजाइन की गई है। साथ ही ये कई एडवांस खूबियों से लैस है। डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है रेल आधारित मोबाइल लांचर सिस्टम देश की सामरिक रक्षा क्षमताओं में एक प्रमुख मील का पत्थर साबित होगी।

अपनी तरह का पहला टेस्ट

रक्षा मंत्री ने बताया कि विशेष रूप से डिजाइन किए गए रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से आज किया गया अपनी तरह का पहला प्रक्षेपण था। यह बिना किसी पूर्व शर्त के रेल नेटवर्क पर चलने की क्षमता रखता है। इससे यूजर्स को देश भर में गतिशीलता प्राप्त होती है और कम दृश्यता के साथ कम प्रतिक्रिया समय में प्रक्षेपण करने की अनुमति मिलती है।

इस सफलता के साथ भारत चुनिंदा राष्ट्रों में शामिल

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर डीआरडीओ, स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) और सशस्त्र बलों को इस सफल परीक्षण के लिए बधाई दी। उन्होंने लिखा, अग्नि-प्राइम मिसाइल के सफल परीक्षण पर हार्दिक बधाई। यह परीक्षण भारत को उन चुनिंदा राष्ट्रों में शामिल करता है, जिन्होंने रेल नेटवर्क से मोबाइल कैनिस्टर लॉन्च सिस्टम विकसित किया है।

अग्नि प्राइम में खास क्या है?

अग्नि प्राइम कई उन्नत एवं नई सुविधाओं से युक्त मिसाइल है। इसमें नई प्रणोदन प्रणाली और समग्र रॉकेट मोटर केसिंग के साथ-साथ उन्नत नेविगेशन और मार्गदर्शन प्रणाली शामिल की गई है। यह एक कैनिस्टर-लॉन्च प्रणाली पर आधारित मिसाइल है। एक कैनिस्टर-लॉन्च प्रणाली किसी मिसाइल को लॉन्च करने के समय को कम करती है। इसके साथ ही इसकी वजह से मिसाइल का परिचालन भी सुगम होता है। जरूरत पड़ने पर इसे रेल या सड़क मार्ग से आसनी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सकता है।

क्यों सुलग उठा लद्दाख? पथराव-आगजनी के बाद लाठीचार्ज*

#violenceinlehoverfullstatehooddemand

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने की मांग तेज हो गई है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ। छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। छात्रों ने भाजपा ऑफिस में आग लगा दी। पुलिस पर पत्थरबाजी की, सीआरपीएफ की गाड़ी में आग लगा दी। उधर, प्रशासन ने लेह में बिना अनुमति रैली, प्रदर्शन पर बैन लगा दिया है।

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राज्य का दर्जा देने की मांग

छठी अनुसूची के तहत विशेष दर्जा और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हो रहे बंद और बड़े प्रदर्शन के दौरान लेह में हालात तनावपूर्ण हो गए। ये छात्र पर्यावरणविद सोनम वांगुचक के समर्थन में सकड़ों पर उतरे थे। सोनम वांगचुक बीते 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। सोमवार को लेह में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। छात्रों और स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पूर्ण बंद का आह्वान किया था, लेकिन यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन जल्द ही बेकाबू हो गया।

केंद्र सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता जल्द कराने की मांग

प्रदर्शन केंद्र सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता को जल्द कराने की मांग को लेकर किया जा रहा था। लेह एपेक्स बॉडी और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच अगली वार्ता 6 अक्तूबर को प्रस्तावित है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि यह वार्ता जल्द कराई जाए और ठोस फैसले लिए जाएं। इस बंद और प्रदर्शन का आह्वान लेह एपेक्स बॉडी की युवा शाखा ने तब किया जब 35 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे 15 में से दो लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। भूख हड़ताल का नेतृत्व पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक कर रहे हैं, जो लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।

बिहार से खरगे ने मोदी सरकार को घेरा, GST से लेकर चीन के लिए रेड कॉर्पेट तक...जानें क्या-क्या कहा

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पटना में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महत्वपूर्ण बताया। खरगे ने कहा, मैं चाहता हूं आज यहां से बिहार के पुनर्निर्माण का बिगुल फूंका जाए। कांग्रेस पार्टी अपने गठबंधन दलों के साथ मिलकर बिहार के लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और सुशासन मुहैया कराएगी। बिहार की जनता लंबे समय से 'स्वर्णिम बिहार' का सपना देख रही है और हम सब मिलकर इसे साकार करेंगे।

बिहार में चुनाव के साथ मोदी सरकार अंत की शुरुआत-खरगे

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित 'वोट चोरी', अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, आरक्षण और बिहार से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से मोदी सरकार के 'भ्रष्ट शासन' की उलटी गिनती और अंत की शुरुआत होगी।

चुनाव आयोग को कहा भाजपा का एजेंट

खरगे ने आगे कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। बिहार की जनता के साथ सरकार अन्याय कर रही है। डबल इंजन सरकार का रिंग पिस्टन फेल हो चुका है। एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी का साथ बिहार की जनता ने दिया, जिस कारण चुनाव आयोग को बैकफुट पर आना पड़ा। उन्होंने चुनाव आयोग पर हमला बोले हुए कहा कि प्रजातंत्र को मजबूत करने वाले निर्वाचन आयोग अब भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहा। वोटरों के साथ अन्याय कर रहे हैं। लेकिन, जनता इनका सच जान चुकी है। आगामी चुनाव में इन्हें माकूल जवाब देगी।

विदेश नीति पर मोदी सरकार की आलोचना

खरगे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी मुसीबतें नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार की नाकामी और कूटनीतिक विफलता का नतीजा है। प्रधानमंत्री जिनको 'मेरे दोस्त' बताकर ढिंढोरा पीटते हैं, वही दोस्त आज भारत को अनेकों संकट में डाल रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ पीएम स्वदेशी की वकालत कर रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ चीन के लिए रेड कार्पेट सरेआम बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों में चीन से हमारे आयात दो गुना बढ़ गया है।

कौन हैं स्वामी चैतन्यानंद? मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट की 17 छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप

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देश की राजधानी दिल्ली के एक मैनेजमेंट संस्थान में पढ़ने वाली कई छात्राओं के साथ छेड़खानी के गंभीर आरोप से सनसनी मची हुई है। साउथ दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में पढ़ने वाली छात्राओं ने छेड़छाड़ और अभद्र भाषा का आरोप लगाया है। ये आरोप लगा है संस्थान के संचालक रहे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर। आरोप लगने के बाद आरोपी अब फरार है।

दिल्ली के वसंत कुंज में स्थित एक मैनेजमेंट कॉलेज के निदेशक चैतन्यानंद पर लड़कियों के साथ छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे हैं। शारदा भारतीय प्रबंधन संस्थान की 17 छात्राओं ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया है। लड़कियों ने अभद्र भाषा, अश्लील व्हाट्सऐप मैसेज और फिजिकली टच करने के आरोप लगाए हैं। छात्राओं की शिकायत पर वसंतकुंज (नार्थ) थाना पुलिस ने मामला दर्जकर लिया है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि संचालक की आखिरी लोकेशन आगरा में देखी गई। पता चला है कि मठ ने उसे कृत्य की जानकारी होते ही उसे आश्रम से निकाल दिया गया है।

देर रात छात्राओं को अपने कमरे में बुलाता था बाबा

छात्राओं का आरोप है कि बाबा संस्थान की छात्राओं को कम नंबर देने की धमकी देता था। देर रात छात्रों को अपने कमरे में बुलाता था और उनसे फिजिकल फेवर मांगता था। धमकाता था। छात्राओं का विरोध करने पर उन्हें फेल करने की धमकी देता था। बाबा छात्राओं के मोबाइल पर जो अश्लील मैसेज भेजता था उसे बाबा महिला वार्डन के जरिये डरा धमका के डिलीट करवाता था।

मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार

दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार दक्षिण भारत के प्रमुख मठ का एक आश्रम दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में है। इसे चलाने के लिए स्वामी चैतन्यानंद को संचालक नियुक्त किया गया था। आश्रम में मैनेजमेंट की पढ़ाई होती है, जिसके दो बैच हैं। दोनों बैच में 35 से ज्यादा छात्राएं पढ़ती हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छात्राओं ने अपनी शिकायत में बताया कि आश्रम में काम करने वाली कुछ वार्डन आरोपी से मिलवाती थीं। सभी छात्राओं के अदालत में जज समक्ष के बयान भी दर्ज हो गए हैं। मामला दर्ज होने का पता चलने के बाद आरोपी भाग गया है।