संभल कमेटी की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, आजादी से पहले 45% हिंदू, अब बचे 15 प्रतिशत
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उत्तर प्रदेश के संभल की डेमोग्राफी को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है। संभल में केवल 15 प्रतिशत हिंदू बचे हैं। बाकी सब पलायन कर गए। आजादी के बाद संभल नगर पालिका में 45% हिंदू थे। इसके बाद से यहां की डेमोग्राफी बदलती गई। तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है। उत्तर प्रदेश स्थित संभल में वर्ष 2024 के नवंबर में हुए दंगे के बाद गठित न्यायिक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में ये बातें कहीं हैं।
पहले के दंगों का भी इतिहास खंगाला
संभल में पिछले साल हुई हिंसा के मामले में गठित न्यायिक आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 450 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। इसमें 24 नवंबर, 2024 को मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा का विवरण है। इस रिपोर्ट में न सिर्फ 24 नवंबर को हुई हिंसा के बारे में बताया गया है, बल्कि संभल के इतिहास में कब-कब कितने दंगे हुए, उन दंगों में क्या-क्या हुआ आदि के बारे में भी विस्तार से लिखा गया है।
करीब 30 फीसदी घटी आबादी
संभल में हुई न्यायिक हिंसा पर तैयार की रिपोर्ट में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का भी ज़िक्र है। इसमें बताया गया कि कभी यहां पर 45 प्रतिशत आबादी हिंदू थी। लेकिन, वर्तमान में यह घटकर 15 से 20 प्रतिशत ही रह गई है।रिपोर्ट में बताया गया है कि दंगों और तुष्टिकरण की राजनीति ने जिले की डेमोग्राफी बदल दी। आजादी के वक्त संभल नगर पालिका क्षेत्र में 55% मुस्लिम और 45% हिंदू रहते थे। वर्तमान में संभल में लगभग 85% मुस्लिम और 20% हिंदू रहते हैं।
कई आतंकी संगठनों का अड्डा
रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001, 2019 में दंगे हुए। आजादी के बाद से कुल 15 दंगे संभल में हो चुके हैं। यह भी कहा गया है कि जिला कई सारे आतंकवादी संगठनों का अड्डा बन चुका है। अलकायदा, हरकत उल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकवादी संगठन संभल में पैर पसार चुके थे। अमेरिका ने जिस मौलाना आसिम उर्फ सना उल हक को आतंकवादी घोषित किया था, वो संभल से लिंक था।
24 नवंबर, 2024 को भड़की थी हिंसा
बता दें कि संभल में 24 नवंबर, 2024 को हिंसा भड़की थी।संभल में मस्जिद में सर्वे करने के दौरान हिंसा हुई थी।इस हिंसा में कम से कम 5 लोग मारे गए थे मस्जिद के सर्वेक्षण का आदेश एक स्थानीय अदालत ने 19 नवंबर को दिया था, जब एक याचिका में दावा किया गया था कि 1526 में मस्जिद बनाने के लिए एक मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया था यह आदेश चंदौसी के सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) आदित्य सिंह की अदालत ने पारित किया था। पहला सर्वेक्षण 19 नवंबर को हुआ था। 24 नवंबर को दूसरे सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी।संभल हिंसा के बाद न्यायिक आयोग का गठन किया गया था।
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