जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में खण्ड विकास अधिकारियों के द्वारा गौआश्रय स्थलों का किया औचक निरीक्षण

जिलाधिकारी ने गौशालाओं में निरीक्षण के दौरान पायी गयी कमियों को ठीक कराते हुए गौशालाओं में सभी आवश्यक व्यवस्थायें चुस्त-दूरूस्त बनाये रखने के दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने जिन गौशालाओं में निरीक्षण के दौरान कमियाँ पायी गयी है उन गौशालाओं के संबंधित ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया

संवाददाता प्रयागराज।जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के द्वारा गौआश्रय स्थलों एवं केन्द्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिये जाने एवं गौआश्रय स्थलों में निराश्रित गौवंशों को उपलब्ध करायी जा रही आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की अद्यतन स्थिति की जांच हेतु सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाते हुए सम्बंधित विकास खण्ड में स्थित गौवंश आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण किए जाने के निर्देश दिए गए थे।जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में सभी सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारियों के द्वारा उनके विकास खण्ड से सम्बंधित गौआश्रय स्थलों का शनिवार को औचक निरीक्षण किया गया और गौआश्रय स्थलों में साफ-सफाई की स्थिति, पंजीकृत गौवंशों के सापेक्ष उपस्थित गौवंशों की संख्या गौवंश के स्वास्थ्य की स्थिति पेयजल की व्यवस्था चारा-चूनी-चोकर हरे चारा की उपलब्धता की स्थिति गौआश्रय स्थल के चारों तरफ बाउंड्रीवाल की स्थिति गौआश्रय स्थलों में कर्मचारियों की उपलब्धता कम्पोस्ट खाद बनाये जाने की स्थिति अभिलेखों के सत्यापन की स्थिति सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था गौशाला केन्द्र के नजदीकी चारागाह जहां नैपियर घास हरा चारा बोया गया है आदि बिंदुओं पर निरीक्षण कर आख्या प्रस्तुत की गयी।जनपद प्रयागराज में कुल 132 गौशालाएं है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 123 गौशालाएं है एवं शहरी क्षेत्र में 09 गौशालाएं है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र की सभी 123 गौशालाओं का सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण किया गया।निरीक्षण में यमुनापार के विकास खण्ड कोरॉव शंकरगढ मेजा एवं जसरा में संचालित 63 गोशालाओं में से 19 गो-आश्रय स्थलों में हरे चारा की व्यवस्था नही है और हरे चारे के विकल्प के रूप में विकास खण्ड मेजा माण्डा एवं कोरॉव में जनपद स्तर से साईलेज की निर्धारित दर पर साईलेज दिया जा रहा है जबकि विकास खण्ड शंकरगढ एवं जसरा के गो आश्रय स्थलों में साईलेज उपलब्ध नही है। गंगापार में संचालित 60 गौ आश्रय स्थलो में से 12 गो आश्रय स्थलो में हरे चारे की व्यवस्था नही पायी गयी। वर्मीकम्पोस्ट केवल गाढा कटरा(शकरगढ) चैमलपुर(सहसो)एवं कॉटी(जसरा)को छोडकर कहीं नही बनाया जा रहा है भगवतपुर की 04 गो आश्रय में कुल 07 गोवंश, विकास खण्ड जसरा अन्तर्गत गो आश्रय स्थलो में 07 गौवंश सैदाबाद विकास खण्ड अन्तर्गत संचालित गो आश्रय स्थल 03 गौवंश, मेजा विकास खण्ड अन्तर्गत संचालित गो आश्रय स्थल में 04 गौवंश अस्वस्थ पाये गये जिनकी चिकित्सा चल रही है। गो आश्रय स्थल भटोती (मेजा)एवं मेंडारा (श्रंगवेरपुर) को छोडकर कही भी सी0सी0टी0वी की व्यवस्था नही पायी गयी।समस्त गो आश्रय स्थलों में एफ0एम0डी0 टीकाकरण कार्य किया जा चुका है तथा समस्त गो आश्रय स्थलो पर गोपालक एवं रात्रिकालीन चौकीदार नियुक्त है।जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारियों की निरीक्षण आख्या के आधार पर जिन गौशालाओं में निरीक्षण के दौरान कमियाँ पायी गयी हैं संबंधित ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और कमियों को ठीक कराते हुए गौशालाओं में सभी आवश्यक व्यवस्थायें चुस्त-दूरूस्त बनाये रखने के निर्देश दिए है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि जिन गौशालाओं में अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लग पाये है,जहां पर पशुओं का टीकाकरण नहीं हो पाया है या जिन गौशालाओं में साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं पायी गयी है, इसके साथ ही साथ गौशालाओं में जल जमाव, कीचड़ या अन्य कमियां पायी गयी है उनकों प्राथमिकता पर ठीक कराने के निर्देश दिए है। साथ ही साथ उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि उनके द्वारा भी समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण किया जायेगा और निरीक्षण में यदि कहीं पर भी कोई कमी पायी गयी तो सम्बंधित ग्राम सचिव की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।उन्होंने यह भी कहा है कि गौवंशों का शत-प्रतिशत टीकाकरण करा लिया जाये। छुट्टा घूमने वाले निराश्रित गौवंशों को अनिवार्य रूप से गौसरंक्षण केन्द्रों में संरक्षित किया जाये।

विकसित भारत के स्वप्न को साकार करेगी आधुनिक तकनीके-प्रो.सत्यकाम।

संजय द्विवेदी,प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के विज्ञान विद्याशाखा नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय एवं शुआट्स नैनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय रिसेंट एडवांसेज इन रिसर्च टेक्निक: विकसित भारत 2047 विषय पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।कार्यशाला में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विद्वानों ने शोध की विविध तकनीकों एवं आधुनिक उपकरणों पर अपने व्याख्यान दिए।

कार्यशाला के समापन सत्र की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. सत्यकाम ने इसे ज्ञान-संवाद और युवा शोधकर्ताओं को सक्षम बनाने वाली प्रेरक यात्रा बताया और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर शोधार्थियों को आगे बढ़ने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला ने शोध और नवाचार की दिशा में एक सशक्त मंच प्रदान किया है। हमारे शोधार्थियों और प्राध्यापकों ने आधुनिक तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता मशीन लर्निंग बायोटेक्नोलॉजी कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग तथा अंतर्विषयी दृष्टिकोण पर गहन विमर्श किया।

ये सभी साधन न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ाएंगे बल्कि विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में सहायक होंगे।उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय सदैव से उत्कृष्टता और नवाचार को प्रोत्साहित करता रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त अनुभव और ज्ञान प्रतिभागियों को नए आयाम देंगे और 2047 तक भारत को वैश्विक शोध नेतृत्व की दिशा में अग्रसर करेंगे। उन्होने शोधार्थियों से कहा कि आज के दौर में हमें किताबों से निकलकर बाहरी दुनिया में कदम रखने के लिए इन टूल्स को माध्यम बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है जिससे हमारे शोध की गुणवत्ता बनी रहे। इस कार्यशाला ने शोध और नवाचार की नई संभावनाओं को उजागर किया है।यहां हुए विचार-विमर्श ने यह स्पष्ट किया है कि आधुनिक तकनीकें कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैव-प्रौद्योगिकी और अंतर्विषयी दृष्टिकोण हमारे भविष्य के शोध की दिशा तय करेंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो उमेश चन्द्र गणित विभाग बनारस हिंदू वश्वविद्यालय वाराणसी ने इस कार्यशाला की उपयोगिता और महत्त्व को बताया।उन्होंने कार्यक्रम संयोजक प्रो ए के मलिक को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यशाला होती रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने हेतु नवीन और नवाचार शोधों, शोध पद्धतियों नई तकनीकी का प्रयोग कर किया जा सकता है।उन्होंने कहा किआधुनिक अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता डेटा विश्लेषण जैव-प्रौद्योगिकी तथा अंतर्विषयी दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

विशिष्ट अतिथि डॉ प्रिया माथुर पूर्णिमा इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी जयपुर ने शोध में नवीनता और सहयोग के महत्व पर बल दिया।उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन आने वाले समय में शोधार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा।शोध कार्यों में निरंतर नए नए तकनीकी और नवाचार हो रहे है इसी के आधार पर आगामी 2047 तक भारत को विकसित करने का एक सशक्त दिशा प्रदान करेगी।

प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर ए के मलिक ने किया।कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ सी के ने किया।इस अवसर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए ज्ञानवर्धन किया।

विश्व हिन्दू परिषद ने स्थापना दिवस के अवसर पर शोभा यात्रा

प्रयागराज।नगर पंचायत कोरांव अंतर्गत आज 24 अगस्त सन 2025 को विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष अरुण कुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में स्थापना दिवस के अवसर पर पद संचलन शोभा यात्रा के नहर विभाग कालोनी से गोपाल विद्यालय तक मार्केट होते हुए सम्पन्न हुआ।इस मौके पर उपजिलाधिकारी कोरांव संदीप तिवारी ने भ्रमण कर स्थित का जायजा लेते रहे।जिसमें प्रदेश सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव की आदेश के क्रम में एसीपी मेजा संत प्रसाद उपाध्याय तथा उप जिलाधिकारी संदीप कुमार त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में जिला अपराध निरोधक कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य गण को थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा के आदेशानुसार थाना कमेटी प्रभारी नरेन्द्र देव मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ वालंटियर ड्यूटी पर उपस्थित रहे।

संयुक्त सचिव संगम लाल जायसवाल मीडिया प्रभारी मोहम्मद असलम क्षेत्रीय प्रभारी अजय कुमार पृथ्वीराज वर्मा सियाराम उमेश कुमार भोला सिंह नित्यानंद उपाध्याय रवि कुमार सुधाकर डॉक्टर अनिल कुमार इत्यादि सम्भ्रांत व्यक्ति उपस्थित रहे।इस कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता शशि द्विवेदी ने किया।

साहित्यांजलि प्रकाशन प्रयागराज के तत्वावधान में मासिक बैठक एवं गोष्ठी संपन्न

संवाददाता प्रयागराज।

प्रयागराज।साहित्यांजलि प्रकाशन की मासिक पत्रिका "साहित्यांजलि-प्रभा" के उपसंपादक वरिष्ठ साहित्यकार डा•योगेन्द्र कुमार मिश्र विश्वबन्धु के नीमसंराय काॅलोनी स्थित आवास पर पत्रिका निमित्त आहूत हुई बैठक में माह अगस्त की पत्रिका का विमोचन किया गया।बैठक में "साहित्यकार सत्कार आपके द्वार" योजना के अंतर्गत माननीय न्यायमूर्ति सुधीर नारायण को उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक के साथ गोष्ठी में डा• योगेन्द्र कुमार मिश्र विश्वबन्धु की रचनाओं पर समालोचना करते हुए वरिष्ठ समालोचक डा•रामलखन चौरसिया ने कहा कि विश्वबन्धु का शब्द-संसार(कहानी-संग्रह) सरल-सुबोध और सुगम है जिनमें समसामयिक विषयों को निरूपित करने का सफल प्रयास है।कहानियों में भावनाओं का उद्वेलन पात्रों के दुर्गम जीवन-पथ का संघर्ष और सफलता उसकी जिजीविषा पाठक के अंतस में विविध संवेगों का आरोह-अवरोह उसकी सुरचिता में वृद्धि करता है।इसलिए कहानियां शब्दों के जाल में न उलझकर सीधे-सीधे पाठक के बुद्धि-विवेक से संवाद करती हैं। उन्होंनें कहा कि इन उपलब्धियों के होते हुए कहानीकार को अभी अपनी भाषा पर और श्रम करना चाहिए। सम्पादक डा•भगवान प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि विश्वबन्धु"की गीत कविता कहानी लघुकथा-मुक्तक एवं नाटक की छः पुस्तकों का चार माह के अंदर प्रकाशित होने से प्रकाशन का गौरव बढ़ा है।

साहित्यांजलि प्रभा के सह-संपादक एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवीन्द्र कुशवाहा तथा वरिष्ठ गीतकार शम्भूनाथ श्रीवास्तव शम्भु ने भी अपने सारगर्भित विचार प्रस्तुत किये।रेखा मिश्रा ने समस्त अतिथिगण का स्वागत एवं विश्वबन्धु" ने आभार प्रकट किया।

कक्षा पांच के छात्र की गला रेतकर हत्या

संवाददाता संजय द्विवेदी।

प्रयागराज।कक्षा पांच के एक छात्र की हत्या कर दी गई। शुक्रवार की शाम वह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। शनिवार सुबह घर से कुछ दूर स्थित उसका शव मिला। चेहरे और गले पर गंभीर चोट के निशान थे। पुलिस मौके पर जाकर शव को कब्जे में लेकर जांच कर रही है अभी तक हत्यारे पकड़ से बाहर हैं।महेवा से रहस्यमय स्थिति में लापता कक्षा 5 के छात्र का शव शनिवार को गांव में ही विद्यापीठ इंटर कॉलेज की खाली जमीन पर मिला।उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे।नैनी थाना क्षेत्र के महेवा निवासी मोहन लाल भारतीय मार्बल-टाइल्स के मिस्त्री हैं। उनका 12 वर्ष का पुत्र शरद भारतीय शुक्रवार की शाम को रहस्यमयी तरह से खो गया था। परिवार के लोग रात भर उसे खोजते रहे, लेकिन उसका सुराग नहीं मिला।परिवार वालों ने रात में ही घर पर सूचना दी थी।इसके बाद पिता रात 12 बजे नैनी स्टेशन और दुकान में पता किया तो पता नहीं चला । शनिवार सुबह करीब नौ बजे जब लोगों ने एक बालक के शव को गालियों में देखा तो पुलिस को सूचना दी, पुलिस ने शव को उक्त स्थान की गली से बाहर निकाला तो उसकी पहचान शरद भारतीय के रूप में हुई। उसके गले पर खून और चेहरे पर चोट के कई निशान थे।

पेंशनर्स अपना जीवित प्रमाण पत्र करे जमा

संजय द्विवेदी

प्रयागराज।कलक्ट्रेट कोषागार प्रयागराज से पेंशन प्राप्त कर रहें ऐसे समस्त पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को सूचित किया जाता है कि जिन्होंने अपना जीवित प्रमाण पत्र अभी तक अद्यतन नहीं कराया है तथा जिस कारण उनकी पेंशन अवरूद्ध हो गयी है,उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे कोषागार के किसी भी कार्य दिवस में स्वयं उपस्थित होकर अथवा जिस बैंक के माध्यम से पेंशन प्राप्त कर रहें हैं उस बैंक के माध्यम से अथवा जीवन प्रमाण पोर्टल पर आनलाइन प्रकिया के माध्यम से अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का कष्ट करें।

जिससे कि सम्बन्धित पेंशनर / पारिवारिक पेंशनर की अवरूद्ध पेंशन का भुगतान अविलम्ब किया जा सके।ऐसे पारिवारिक पेंशनर जिनकी आयु 80 वर्ष से अधिक हो चुकी है उन्हें नियमानुसार अतिरिक्ति पेंशन का लाभ देय है।अत: ऐसे पारिवारिक पेंशनर अपनी जन्म तिथि का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का कष्ट करें जिससे नियमानुसार अतिरिक्त पेंशन का लाभ अनुमन्य करायी जा सके।उक्त के अतिरिक्त यह भी अपेक्षित है कि ऐसे पेंशनर / पारिवारिक पेंशनर जो दिवंगत हो चुके हैं तथा जिनकी मृत्यु के सम्बन्ध में वारिसों द्वारा अब तक कोषागार को सूचित नहीं किया गया है,के मृत्यु की सूचना अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में उपलब्ध कराने का कष्ट करें जिससे नियमानुसार कार्यवाही करायी जा सके।

पेंशनरो/पारिवारिक पेंशनरों के मृत्यु उपरान्त उनके पारिवारिक सदस्यों द्वारा सूचना बिलम्ब से दिये जाने की स्थिति में खातों में मृत्यु की तिथि के उपरान्त अन्तरित पेंशन का आहरण पारिवारिक सदस्यों द्वारा किसी भी स्थिति में न किया जाय। मत्यु की सूचना के अभाव में अन्तरित धनराशि शासकीय धन है जिसे पुन: राजकोष में वापस करना अनिवार्य है,अत: उसका पारिवारिक सदस्यों द्वारा आहरण किया जाना अनियमित होगा ।

मेजा पुलिस ने वांछित अभियुक्त किया गिरफ्तार

संजय द्विवेदी

प्रयागराज।मेजा पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 461/2025 धारा 140(1) बीएनएस से संबंधित वांछित अभियुक्त हौसला प्रसाद पटेल पुत्र बैजनाथ पटेल नि0 निवैया पहाडपुर रामनगर थाना मेजा प्रयागराज को टोंस नही के किनारे बन्धना थाना क्षेत्र मेजा से दिनांक 22.08.2025 को गिरफ्तार गिया गया।अपहृत सूर्यलाल पटेल पुत्र स्व0 बेनीमाधव निवासी ग्राम हथसरा पोतनिहा थाना करछना प्रयागराज उम्र करीब 55 वर्ष को सकुशल बरामद कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी।

घटना का संक्षिप्त विवरण।

21.08.2025 को वादी मुकदमा लवकुश पटेल पुत्र सूर्य लाल पटेल निवासी ग्राम हथसरा (पोतनिहा) थाना करछना जनपद प्रयागराज द्वारा थाना स्थानीय पर तहरीर दी गई कि वादी के पुत्र सूर्यलाल पटेल को तहसील मुख्यालय मेजा से जाते समय रास्ते में जान से मारने की नियत से जबरदस्ती गाडी में बैठा करके ले जाने के सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 461/25 धारा 140 (1) बीएनएस पंजीकृत किया गया था । उपरोक्त अभियोग के अनावरण हेतु थाना मेजा की गठित टीमों द्वारा प्रयास किया जा रहा था । जिसके क्रम में दिनांक 22.08.2025 को अभियुक्त हौसला प्रसाद पटेल उपरोक्त को थाना क्षेत्र मेजा से गिरफ्तार किया गया तथा अपहृत सूर्यलाल पटेल उपरोक्त को सकुशल बरामद किया गया।

पूछताछ का विवरण।

अभियुक्त हौसला प्रसाद पटेल उपरोक्त ने पूछने पर बताया कि सूर्यलाल पटेल जो कि रिश्ते में मेरे फूफा है, ने धोखे से मेरी पुस्तैनी जमीन अपने नाम करा ली है जिसका मुकदमा तहसील में चल रहा है । हम लोग काफी समझाये लेकिन सूर्यलाल पटेल व उनके घर वाले नही माने तो मैं व मेरे साथियों ने मिलकर सूर्यलाल पटेल (जो साइकिल से तहसील मेजा से वापस आ रहा था) का पीछा करते हुए मौका पाकर सूनसान जगह देखकर उसको अपने कब्जे में लेकर मोबाइल छीनकर अपहरण कर लिये और हम लोग प्लान बनाये कि अगले दिन रजिस्ट्री आफिस में सूर्यलाल पटेल को डरा धमका कर विवादित जमीन अपने पक्ष में रजिस्ट्री करा लेंगे और मामला खत्म हो जाएगा इसी बीच हम लोग पकड़ लिए गए गुस्से में आकर हम लोग ने गैर कानूनी कार्य किया है।

विकसित भारत के स्वप्न को साकार करेगी आधुनिक तकनीके-प्रो.सत्यकाम

संजय द्विवेदी,प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के विज्ञान विद्याशाखा नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय एवं शुआट्स नैनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय रिसेंट एडवांसेज इन रिसर्च टेक्निक: विकसित भारत 2047 विषय पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।कार्यशाला में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विद्वानों ने शोध की विविध तकनीकों एवं आधुनिक उपकरणों पर अपने व्याख्यान दिए।

कार्यशाला के समापन सत्र की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. सत्यकाम ने इसे ज्ञान-संवाद और युवा शोधकर्ताओं को सक्षम बनाने वाली प्रेरक यात्रा बताया और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर शोधार्थियों को आगे बढ़ने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला ने शोध और नवाचार की दिशा में एक सशक्त मंच प्रदान किया है।

हमारे शोधार्थियों और प्राध्यापकों ने आधुनिक तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता मशीन लर्निंग बायोटेक्नोलॉजी कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग तथा अंतर्विषयी दृष्टिकोण पर गहन विमर्श किया।ये सभी साधन न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ाएंगे बल्कि विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में सहायक होंगे।उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय सदैव से उत्कृष्टता और नवाचार को प्रोत्साहित करता रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त अनुभव और ज्ञान प्रतिभागियों को नए आयाम देंगे और 2047 तक भारत को वैश्विक शोध नेतृत्व की दिशा में अग्रसर करेंगे। उन्होने शोधार्थियों से कहा कि आज के दौर में हमें किताबों से निकलकर बाहरी दुनिया में कदम रखने के लिए इन टूल्स को माध्यम बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है जिससे हमारे शोध की गुणवत्ता बनी रहे। इस कार्यशाला ने शोध और नवाचार की नई संभावनाओं को उजागर किया है।

यहां हुए विचार-विमर्श ने यह स्पष्ट किया है कि आधुनिक तकनीकें कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैव-प्रौद्योगिकी और अंतर्विषयी दृष्टिकोण हमारे भविष्य के शोध की दिशा तय करेंगे।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो उमेश चन्द्र गणित विभाग बनारस हिंदू वश्वविद्यालय वाराणसी ने इस कार्यशाला की उपयोगिता और महत्त्व को बताया।उन्होंने कार्यक्रम संयोजक प्रो ए के मलिक को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यशाला होती रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने हेतु नवीन और नवाचार शोधों, शोध पद्धतियों नई तकनीकी का प्रयोग कर किया जा सकता है।

उन्होंने कहा किआधुनिक अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता डेटा विश्लेषण जैव-प्रौद्योगिकी तथा अंतर्विषयी दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।विशिष्ट अतिथि डॉ प्रिया माथुर पूर्णिमा इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी जयपुर ने शोध में नवीनता और सहयोग के महत्व पर बल दिया।उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन आने वाले समय में शोधार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा।शोध कार्यों में निरंतर नए नए तकनीकी और नवाचार हो रहे है इसी के आधार पर आगामी 2047 तक भारत को विकसित करने का एक सशक्त दिशा प्रदान करेगी।

प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर ए के मलिक ने किया।कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ सी के ने किया।इस अवसर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए ज्ञानवर्धन किया।

भानुसिंघेर पदाबोली"का मंचन

संजय द्विवेदी,प्रयागराज।रवीन्द्रालय जगत तारण गोल्डन जुबिली कैंपस में शाम सात बजे बी एस सी ए के तत्वाधान में पूर्णिमा सम्मेलनी द्वारा कविगुरु रबीन्दनाथ ठाकुर रचित एक नृत्य नाटिका" भानुसिंघेर पदाबोली"का मंचन किया गया।यह कार्यक्रम 8 अगस्त 2025 को कविगुरु के प्रयाण दिवस पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित किया जा रहा था परन्तु प्रयागराज में जल भराव के कारण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा।

पूर्णिमा सम्मेलनी की स्थापना 1927 में हुई थी अतः ये प्रयागराज की प्राचीनतम बंगाली संस्था है जिसका उद्देश्य बंगाल के बाहर बंगाली साहित्य और संस्कृति को जीवित रखने के साथ साथ विभिन्न प्रकार के सामाजिक कार्य करना है।कविगुरु रबीन्द्रनाथ ठाकुर ने इस काव्यग्रंथ की रचना सोलह वर्ष की आयु में किया था।वैष्णव कवियों की रचनाओं से प्रेरित होकर उन्होंने"भानुसिंह" के छद्मनाम से इन पदों की रचना की।उन्होंने मैथिली और बंगला भाषा का सम्मिश्रण करकर"ब्रजबुली"भाषा में इनको रचा।

कवि ने राधा कृष्ण के प्रेम के माध्यम से ईश्वरीय प्रेम प्रकृति और मानव संवेदनाओं से संबंध स्थापित किया है।इस नृत्य नाटिका का निर्देशन अर्नबी बनर्जी ने किया।विषय चयन शर्मीला चटर्जी।लेख अर्नबी बनर्जी।पाठ बेला मित्तल शर्मीला चटर्जी और अर्नबी बनर्जी।गायक कलाकार उदय चंद्र परदेसी जयदीप गांगुली पारिजात चौधरी शर्मीला चटर्जी डॉ रमा गांगुली मंत्रोंस संगीता राय भारद्वाज चन्दना घोष ईशानी बनर्जी कुमारी शालिनी गांगुली प्रणामी बोस और शुभ्रा घोष।

नृत्य निर्देशन कुमारी सायोनी भट्टाचार्य।नृत्य कलाकार अर्नबी बनर्जी सायोनी भट्टाचार्य अहोना भट्टाचार्य आंशिक शुक्ला सानवी बोस ,शुभी मिश्रा अंतर केसरवानी पूर्वी केसरवानी शांभवी श्रीवास्तव अर्पिता सिंह शिवालिका परिहार यशस्वी मिश्रा आख्या नित्या तिवारी और नंदिनी तिवारी।हारमोनियम उदय चंद्र परदेसी तबला और खोल अखिलेश सिंथेसाइजर जयंतो बोस अखिलेश ऑक्टोपैड अरुण भटनागर बांसुरी रविशंकर

समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो का उपजिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण

संजय द्विवेदी

प्रयागराज।जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिये जाने एवं चिकित्सालयों में उपलब्ध आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की अद्यतन स्थिति की जांच हेतु दिए गए निर्देश के क्रम में शुक्रवार को जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो का सम्बंधित उपजिलाधिकारी के द्वारा औचक निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में सभी उपजिलाधिकारियों के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो में साफ-सफाई की व्यवस्था चिकित्सकों और स्टॉफ की उपलब्धता एवं उपस्थिति दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति चिकित्सकीय जांच की मशीनों की उपलब्धता एवं संचालन अभिलेखों की स्थिति जनसामान्य हेतु उपलब्ध आवश्यक मूलभूत सुविधाएं महिला प्रसव वार्ड की स्थिति महिलाओं के प्रसव पश्चात रूकने की स्थिति एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं पर जांच कर अद्यतन आख्या प्रस्तुत की गयी।

जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में उपजिलाधिकारी के माध्यम से जनपद के 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शुक्रवार को प्रात: लगभग 8:00 बजे निरीक्षण किया गया जिसमें 11 चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए है और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरकपुर बंद पाया गया है। निरीक्षण के पश्चात जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो में जिनकी रोस्टर के अनुसार निरीक्षण के दौरान ड्यूटी निर्धारित थी और अनुपस्थित पाए गए उन सभी चिकित्सकों एवं स्टॉफ का आज का वेतन अवरुद्ध करने एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।