आखिर पूरी हुई मुरादः बैंकॉक में पीएम मोदी से मिले मोहम्मद यूनुस, जानें क्या हुई बात?
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में मुलाकात हुई है। पिछले साल अगस्त में प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाए जाने के बाद यह उनकी पहली मुलाकात थी। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रशासक नियुक्त किया गया था। ऐसे में दोनों नेताओं की यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है।
पीएम मोदी और यूनुस बिम्सटेक के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने बैंकॉक पहुंचे हैं। इसी दौरान विम्सटेक से इतर दोनों नेताओं ने मुलाकात की। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच की मुलाकात में वो बात नजर नहीं आई, जैसे मोदी के दूसरे वैश्विक नेताओं के साथ मुलाकात के दौरान देखी जाती है। पीएम मोदी अक्सर वैश्विक नेताओं से गर्मजोशी से मिलते हैं। लेकिन मोहम्मद यूनुस के साथ बैठक के दौरान ये गर्मजोशी नहीं दिख रही थी।
पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के मुलाकात के वीडियो में दिख रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए जब मोहम्मद यूनुस आ रहे होते हैं, तो पीएम मोदी पहले भारतीय परंपरा को दर्शाते हुए हाथ जोड़कर अभिनंदन करते हैं और मोहम्मद यूनुस के पहुंचने के बाद उनसे हाथ मिलाते हैं।
वहीं, दूसरे विदेशी नेताओं से मुलाकात के वक्त प्रधानमंत्री मोदी का हावभाव काफी अलग रहता है। किसी दूसरे नेता से मिलते वक्त प्रधानमंत्री मोदी को खुद आगे बढ़कर उनका स्वागत करते हुए देखा गया है। इस दौरान वो उनसे गले भी मिलते हैं और भारी मुस्कुराहट के साथ उनका स्वागत करते हैं। लेकिन मोहम्मद यूनुस के साथ मुलाकात के दौरान ऐसा कुछ नहीं दिखा।
यूनुस और मोदी के बीच मुलाकात के दौरान क्या बातचीत हुई है, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। इस मुलाकात में दोनों देशों के शीर्ष राजनयिक भी मौजूद थे। ऐसे में माना जा रहा है कि ये बातचीत समसमायिक मुद्दे और दोनों देशों के व्यापार समझौते को लेकर हो सकता है।
दरअसल, शेख हसीना सरकार के सत्ता से बाहर हो जाने के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में काफी कड़वाहट आ चुकी है। मोहम्मद यूनुस के शासन में बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) पर अत्याचार के कई मामले सामने आ चुके हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर खुद पीएम मोदी ने चिंता जताई है।
वहीं, बांग्लादेश ने भारत को दरकिनार कर पाकिस्तान और चीन से रिश्तों को प्रगाढ़ किया है। पिछले हफ्ते ही जब मोहम्मद यूनुस बीजिंग में थे तो उन्होंने एंटी-इंडिया बात करते हुए खुद को बंगाल की खाड़ी का गार्जियन बताया था। पिछले हफ्ते चीन की अपनी यात्रा के दौरान यूनुस ने बीजिंग से बांग्लादेश में अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाने का आग्रह किया और विवादास्पद रूप से उल्लेख किया कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का भूमि से घिरा होना एक अवसर साबित हो सकता है।
Apr 04 2025, 14:43