PM के दौरे से पहले ED की रेड, गृहमंत्री के दौरे से पहले FIR आई बाहर: भूपेश बघेल बोले- मेरी राजनीतिक हत्या कराना चाहती हैं सेंट्रल एजेंसियां

रायपुर- छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा ऐप मामले में सियासत तेज हो गई है. CBI ने मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल को आरोपी बनाया है और उनके निवास पर रेड कार्रवाई की है. इसे लेकर भूपेश बघेल ने आज प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर केंद्रीय जांच एजेंसियों और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सेंट्रल एजेंसियां मेरी राजनैतिक हत्या करना चाहती हैं, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना चाहते हैं.

18 दिसंबर को हुई थी FIR

पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि FIR 18 दिसंबर 2024 को हुई लेकिन कल (1 अप्रैल 2025 को) सार्वजनिक हुआ है. FIR ED से लेकर CBI तक इधर उधर हो रही है. भारत सरकार के पास गैम्बलिंग का कोई कानून नहीं है. ऑनलाइन गैम्बलिंग का भी कानून नहीं है. अब सवाल है कि ये लीगल मानती है या इलीगल. अगर लीगल है तो प्रोटेक्शन मनी की कोई बात नहीं है और अगर इलीगल है, तो ऐप अब तक चल क्यों रहा है?

सट्टा ऐप के मालिक शुभम सोनी का नाम FIR में नहीं

उन्होंने कहा कि FIR में सबसे ऊपर नाम रवि उप्पल का नाम है. 6वें नंबर पर भूपेश बघेल, 8वें पर सौरभ चंद्राकर. जिनके नाम से सब संचालन हो रहा शुभम सोनी, उसका नाम ही नहीं है जो खुद को मलिक बताता है , लेकिन मुझे लेकर जो बयान दिया, उसके आधार पर मुझे आरोपी बनाया गया है. 

कथावाचक प्रदीप मिश्रा को लेकर उठाए सवाल

महादेव ऐप में धड़ल्ले से सट्टा चल रहा है, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. विष्णुदेव साय प्रदीप मिश्रा के जजमान बने हैं, उनसे मिल कर आए हैं, लेकिन उनसे (प्रदीप मिश्रा) कोई पूछताछ नहीं हुई. उन्होंने आगे कहा कि हम छत्तीसगढ़ और राष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार बात कर रहे हैं, इसलिए ये कार्रवाई कर रहे हैं. जनता का ध्यान भटकाने के लिए ये काम किया जाता है. 

मोगेम्बो खुश हुआ की तर्ज पर कर रहे काम : पूर्व सीएम बघेल

उन्होंने कहा कि जब-जब मोदी जी शाह जी आए, तब-तब CBI-ED का पहले ही एक दौरा हो जाता है. पीएम के आने से पहले ed की रेड पड़ी. अब अमित शाह आ रहे हैं, इतना पुराना FIR पब्लिक डोमेन में कल लाने का क्या औचित्य.? मोगेम्बो खुश हुआ कि तर्ज पर ये काम कर रहे. गिरफ्तार करना है तो कर ले, गिरफ्तार होने का मुझे डर नहीं है. न पहले भागे थे, न अब भाग रहे हैं.

भारत सरकार से पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पूछा सवाल-

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भारत सरकार से महादेव सट्टा ऐप से संबंधित कुछ सवाल किए हैं. उन्होंने पूछा है कि ऑनलाइन बेटिंग लीगल है या नहीं ? लीगल है तो, प्रोटेक्शन मनी का कोई मामला ही नहीं बनता, इललीगल है तो अब तक बंद क्यों नहीं हुआ ? बंद नहीं करने का सीधा मतलब है कि मोदी-शाह-विष्णुदेव का महादेव सट्टा को संरक्षण है.

उन्होंने कहा कि असीम दास के पास गाड़ी और पैसे कहां से आए ? बीजेपी नेताओं के साथ इन सभी के फोटो हैं, लेकिन उस ओर जांच क्यों नहीं किया जा रहा है ?

भूपेश बघेल ने कहा कि मुझे पंजाब का प्रभारी बनाया है और CD कांड में CBI की 7 साल के जांच के बाद भी कोर्ट ने चार्जशीट दायर करने के लायक नहीं समझा और मुझे डिस्चार्ज कर दिया. इसलिए बौखला कर ये कार्रवाई की जा रही.

रायपुर में तीन दिवसीय वृहद कला प्रदर्शनी, प्रदेश के 45 कलाकार करेंगे चित्र और शिल्प कला का प्रदर्शन

रायपुर-  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 12 से 14 अप्रैल तक महंत घासीदास संग्रहालय में छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा वृहद कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस कला आयोजन में प्रदेश के 45 कलाकार चित्र और शिल्प कलाओं का प्रदर्शन करेंगे।

यह प्रदर्शनी सिर्फ एक कला आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के कला संसार में एक दस्तक है. समकालीन कलाकारों की बेचैनी का आगाज है. जो कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के ढाई दशक बाद भी राज्य में कोई कला अकादमी नहीं है. 

प्रदेशभर के 45 कलाकार की भागीदारी

प्रदर्शनी में शामिल 45 कलाकार राज्य के विभिन्न अंचलों और सांस्कृतिक परिवेश का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस कला शिविर के माध्यम से कलाकार अपनी विशिष्ट कला शैली और सृजनशीलता को प्रस्तुत करेंगे.

डॉ. ध्रुव तिवारी और CGPAG के संयोजक जितेन साहू का कहना है कि राज्य में इस तरह की कला प्रदर्शनियों और शिविरों का आयोजन लगातार होते रहना चाहिए. इससे छत्तीसगढ़ अपनी कला संस्कृति में एक विशिष्ट पहचान बना सकेगा और स्थानीय कलाकारों को उचित मंच मिल सकेगा.

CCTV में कैद हुआ बुर्के वाला चोर: राजधानी के शोरूम में घुसकर गल्ले से किया 30 लाख रूपये पार, फिर छत से रस्सी के सहारे हुआ फरार

रायपुर-  राजधानी रायपुर के पंडरी इलाके में स्थित कपड़ा शोरूम श्री शिवम् में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक शातिर चोर ने फिल्मी अंदाज में 30 लाख की बड़ी चोरी को अंजाम देकर फरार हो गया। इस दौरान शो रूम के गार्ड को भनक तक नहीं लगी, अगले दिन सुबह जब स्टाफ शोरूम पहुंचा तब चोरी का पता चला। शोरूम मैनेजमेंट की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कैसे दिया चोरी को अंजाम?

जानकारी के मुताबिक, यह चोर दुकान बंद होने से आधा घंटा पहले करीब रात 10:30 बजे बुर्का पहनकर शोरूम में घुसा, फिर कपड़े देखने के बहाने शो-रूम में घूमते हुए चौथी मंजिल के वॉशरूम में छिप गया। दुकान बंद होने के बाद रात करीब 1 बजे वह बाहर निकला, सीधे कैश काउंटर पहुंचा और गल्ले का लॉक तोड़कर 30 लाख कैश निकाल लिया और फिर शोरूम की छत से रस्सी के सहारे नीचे उतरकर भाग निकला।

बैंक बंद होने का उठाया फायदा

गौरतलब है कि इस चोरी की वारदात को तीन दिन की बैंक बंदी का फायदा उठाकर अंजाम दिया गया। शनिवार, रविवार और सोमवार को बैंकों की छुट्टी थी, इसलिए गल्ले में भारी मात्रा में कैश जमा था।

स्टाफ की मिलीभगत का शक!

सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि चोर ने ईयरफोन लगाए रखे, जिससे पुलिस को शक है कि वह ऐसे किसी शख्स से से लगातार निर्देश ले रहा था जिसे शोरूम की व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि कब स्टाफ काम समेटता है, कब लाइट बंद होती है और कब गार्ड तैनात होता है। इसके अलावा रस्सी के सहारे चार मंजिला इमारत से उतरना आसान नहीं, जिससे पुलिस को लगता है कि चोर या तो पेशेवर था या उसने पहले से इसकी प्रैक्टिस कर रखी थी।

बहरहाल, पुलिस ने शक के आधार पर एक कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह पूर्व कर्मचारी तो नहीं था, जिसे शोरूम की पूरी जानकारी थी।

गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से पहले नक्सलियों ने जारी किया पत्र, संघर्ष विराम और शांति वार्ता की अपील

जगदलपुर- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के ठीक पहले माओवादियों ने संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों द्वारा यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया गया है.

बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 और 5 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में रहेंगे। उससे ठीक पहले माओवादियों ने संघर्ष और शांतिवार्ता के लिए यह पत्र लिखा है. यह पत्र सीपीआई केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने जारी किया है.

पत्र में लिखी गई ये बातें :

संघर्ष विराम और शांति वार्ता के लिए अपील

• सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति ने मध्य भारत में युद्ध को तत्काल रोकने की मांग की है।

• वे शांति वार्ता को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत सरकार और भाकपा (माओवादी) दोनों से बिना शर्त संघर्ष विराम की मांग करते हैं।

सरकार का माओवाद विरोधी आक्रामक (‘कागर’ ऑपरेशन)

• भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर ‘कागर’ शुरू किया – माओवादी प्रभावित क्षेत्रों को लक्षित करने वाला एक गहन उग्रवाद विरोधी अभियान।

• ऑपरेशन के परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर हिंसा, हत्याएं और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुई हैं।

हताहत और मानवाधिकारों का उल्लंघन

• 400 से अधिक माओवादी नेताओं, कार्यकर्ताओं और आदिवासी नागरिकों की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है।

• महिला माओवादियों को कथित तौर पर सामूहिक यौन हिंसा और फांसी के अधीन किया गया है।

• कई नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है और अवैध हिरासत और यातना के अधीन किया गया है।

शांति वार्ता के लिए माओवादी शर्तें

• प्रभावित जनजातीय क्षेत्रों से सुरक्षा बलों की तत्काल वापसी।

• नए सैनिकों की तैनाती के लिए अंत।

• उग्रवाद विरोधी अभियानों का निलंबन।

सरकार के ख़िलाफ़ आरोप

• सरकार पर क्रांतिकारी आंदोलनों को दबाने के लिए आदिवासी समुदायों के ख़िलाफ़ “नरसंहार युद्ध” छेड़ने का आरोप है।

• नागरिक क्षेत्रों में सैन्य बलों का उपयोग असंवैधानिक होने का दावा किया जाता है।

सीपीआई (माओवादी) सार्वजनिक समर्थन के लिए कॉल

• माओवादी बुद्धिजीवियों, मानवाधिकार संगठनों, पत्रकारों, छात्रों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं से शांति वार्ता के लिए सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह करते हैं।

• बातचीत के लिए गति बनाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियानों का अनुरोध किया जाता है।

शांति वार्ता के लिए माओवादी तत्परता

• यदि सरकार उनकी पूर्वापेक्षाओं से सहमत होती है तो वे बातचीत में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करते हैं।

• सीपीआई (माओवादी) का कहना है कि जैसे ही सरकार सैन्य अभियान बंद कर देगी, वे युद्धविराम की घोषणा करेंगे।

तेज आवाज में बज रहे डीजे से गिरी छत, बच्चे की हुई मौत, घटना पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, राज्य सरकार से मांगा जवाब

बिलासपुर- बिलासपुर के मल्हार में शोभायात्रा के दौरान डीजे की तेज आवाज से बड़ा हादसा हो गया। जबरदस्त शोर के कारण एक मकान का छज्जा गिर गया, जिसमें चार बच्चों समेत 10 लोग घायल हो गए। इलाज के दौरान एक मासूम की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए खुद संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस ने इसे जनहित याचिका मानकर बुधवार को सुनवाई तय की है। कोर्ट ने राज्य सरकार समेत सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

पहले भी दिए जा चुके हैं सख्त आदेश

गौरतलब है कि हाईकोर्ट पहले भी ध्वनि प्रदूषण और डीजे पर सख्त पाबंदी के आदेश जारी कर चुका है। इसके बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे हैं, जिससे कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी फरार

इस मामले में पुलिस ने डीजे संचालक, ड्राइवर और शोभायात्रा के आयोजनकर्ताओं के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। डीजे संचालक और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन आयोजन समिति के चार नामजद आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। अब देखने वाली बात होगी कि हाईकोर्ट इस मामले में क्या सख्त कदम उठाता है और क्या शासन-प्रशासन डीजे की मनमानी पर लगाम लगाने में सफल होगा या नहीं।

पूर्व CM बघेल के खिलाफ FIR पर PCC चीफ ने सरकार को घेरा, तो मंत्री जायसवाल ने कहा-

रायपुर- महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ प्रदेश की सियासत गरमा गई है. सीबीआई की रेड कार्रवाई को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, तो भाजपा भी कांग्रेस पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है. वहीं स्वास्थ मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने पीसीसी चीफ दीपक बैज के बयान का पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि वहीं इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि कितना भी ताकतवर व्यक्ति हो, कानून से बड़ा कोई नहीं है.

मंत्री जायसवाल ने आगे कहा कि सरकार सभी प्रकार के घोटाले की मॉनिटरिंग कर रही है. पावर का दुरुपयोग करके ऐसा काम करेगा, तो कार्रवाई सुनिश्चित है. कांग्रेस को खुश होना चाहिए कि जो भी गलत काम हुए है उन पर अब कार्रवाई हो रही है और उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए.

क्या कहा पीसीसी चीफ ने ?

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर CBI के FIR को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा था कि CBI रेड के बाद 21 से अधिक लोगों पर FIR किया गया. केंद्रीय एजेंसियों के जरिए ये हमें डराना चाहते हैं. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर का नाम 8वे नंबर पर लेकिन भूपेश बघेल का 6वें नंबर पर है. सरकार ने ऐसा करके मुख्य अभियुक्तियों को बचाने के लिए कार्य करने की मंशा स्पष्ट कर चुकी है. 

महादेव सट्टा ऐप बंद न होने पर उठाया सवाल

पीसीसी चीफ बैज ने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार क्यों महादेव सट्टा बंद नहीं कर रही है? मंत्री से लेकर नेता के जेब महादेव सट्टा से भर रहा है. इसलिए कार्रवाई नहीं कर रहे.

बता दें, CBI ने महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम बघेल को आरोपी बनाया है. इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें भूपेश बघेल छठवें आरोपी के रूप में नामित हैं. कुल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल भी शामिल हैं.

क्या है महादेव सट्टा ऐप मामला?

महादेव सट्टा ऐप सट्टे के लिए बनाया गया है. इस पर यूजर पोकर, कार्ड गेम, चांस गेम नाम के लाइव गेम खेलते हैं. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और चुनाव जैसे खेलों में भी अवैध सट्टा लगाया जाता है. अवैध सट्टे के नेटवर्क के जरिए ऐप का जाल तेजी से फैला. सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खोले गए.

इस मामले की शुरुआत में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी. बाद में राज्य सरकार ने इस केस को CBI को सौंप दिया, ताकि जांच को व्यापक स्तर पर किया जा सके और इसमें शामिल वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके. CBI ने इस मामले में कुल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर पूर्व सीएम के निवास समेत विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें बड़ी मात्रा में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं. जब्त किए गए दस्तावेजों में वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम रिकॉर्ड शामिल हैं. CBI की जांच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में नए खुलासे होने की संभावना है.

आय से अधिक संपत्ति का मामला : पंचायत विभाग के निलंबित ज्वॉइंट डायरेक्टर को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

बिलासपुर-  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निलंबित ज्वॉइंट डायरेक्टर अशोक चतुर्वेदी की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। उन्होंने एसीबी की ओर से दर्ज आय से अधिक संपत्ति के केस को निरस्त करने के लिए याचिका लगाई थी। मामले की सुनवाई के दौरान एसीबी ने बताया कि सेवाकाल के दौरान अफसर की कुल आय 68 लाख रुपए थी, जबकि उनसे 31 करोड़ की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज और सबूत मिले हैं।

पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। इससे पहले एसीबी ने उनकी संपत्ति की जांच की थी, जिसके बाद उनके ठिकानों में छापेमारी भी की थी। जांच के बाद 28 अगस्त 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अंतिम रिपोर्ट दाखिल की। यह मामला विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट), रायपुर की अदालत में ट्रायल पर है। आरोपी अफसर के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर राज्य शासन ने उसे सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एसीबी की टीम उसकी तलाश भी कर रही थी। इस बीच आरोपी अफसर ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इसमें अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को निरस्त करने की मांग की थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।


बदले की भावना से दर्ज किया केस : याचिकाकर्ता

याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि उनका रिकॉर्ड साफ है। वह जांच का सामना करने को तैयार है। आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के चलते कार्रवाई की थी। पत्नी को एफआईआर में आरोपी नहीं बनाया गया था, लेकिन अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया गया है। यह भी कहा गया कि बिना वैध पूर्व स्वीकृति के रिपोर्ट दाखिल की गई, जो कानून के खिलाफ है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप गंभीर है। आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना जरूरी है। इस आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।

पेयजल की समस्या दूर करने बनाई गई कंट्रोल रूम, इन नंबरों पर कर सकते हैं शिकायत…

रायपुर-  गर्मी के दिनों मैदानी स्तर पर पेयजल की समस्याओं के त्वरित निराकरण और जिले में पेयजल की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने जिला स्तर और उपखंड स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन किया गया है. आमजनों के लिए विभागीय टोल फ्री नं. 1800-233-0008 एवं कार्यालय के कंट्रोल रूम का फोन नं. 07771-2582223 जारी किया गया है। इन नंबरों में पेयजल की समस्या, हैंडपंप बिगड़ने की सूचना दर्ज करा सकते हैं।

जिला स्तर और उपखंड स्तर पर दल का गठन किया गया है, जिसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड रायपुर के कंट्रोल रूम कार्यालय के प्रभारी अधिकारी आलोक जाधव, मानचित्रकार (सिविल) हैं। इसी तरह विकासखंड धरसीवा/तिल्दा की प्रभारी सहायक अभियंता रूक्मिणी सिंह, विकासखंड तिल्दा के प्रभारी उप-अभियंता अविनाश एक्का एवं ज्योति गुप्ता, विकासखंड धरसीवा के प्रभारी उप-अभियंता मिलनदास घृतलहरे एवं ज्योति गुप्ता हैं.

इसी तरह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी भू-जल संवर्धन उपखंड, रायपुर के अंतर्गत विकासखंड अभनपुर-आरंग के प्रभारी दीपक कोहली, सहायक अभियंता को बनाया गया है। विकासखंड अभनपुर की प्रभारी सरिता महेश कुमार, उप-अभियंता, भानुजा सिंह एवं उपासना सुखदेवे है. विकासखंड आरंग की प्रभारी रानू दिनकर, उप-अभियंता एवं शुभ्रा बघेल उप-अभियंता को बनाया गया है।

बोर खनन पर लगी रोक, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

रायपुर-  गर्मी के दिनों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में मंगलवार को कलेक्टर रायपुर, डॉ. गौरव सिंह ने बोर खनन पर पूर्णतः रोक लगाने का आदेश जारी किया है. जारी आदेश के अनुसार 15 जुलाई 2025 तक या मानसून के आगमन तक (दोनों तिथि में से जो बाद में आए) जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।

कलेक्टर ने कहा, छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 के अंतर्गत रायपुर जिले में इस अवधि के दौरान समक्ष अधिकारी की पूर्वानुमति की बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिये खनन नहीं किया जा सकेगा. केंद्रीय भूजल बोर्ड के रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले के विकासखंड (धरसींवा) भूजल के उपयोग के विषय पर क्रिटिकल जोन में आ चुका है.

जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए नलकूप खनन के लिए अनुमति प्रदान करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्ति किया जाता है, जिनमें एडीएम रायपुर, एसडीएम रायपुर, एसडीएम आरंग, एसडीएम अभनपुर और एसडीएम तिल्दा शामिल हैं. सभी अधिकारी संबंधित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी/नगरीय निकाय/तहसील से रिपोर्ट प्राप्त कर नियमानुसार अनुमति प्रदान करेंगे.

महादेव सट्टा ऐप मामले में भूपेश बघेल के खिलाफ FIR दर्ज

रायपुर-  केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने महादेव बेटिंग एप मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी बनाया है. इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें भूपेश बघेल छठवें आरोपी के रूप में नामित हैं. कुल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल भी शामिल हैं.

पहले से ही चल रही थी जांच

CBI की एफआईआर में रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, असीम दास, सतीश चंद्राकर, चंद्रभूषण वर्मा और भीम सिंह को भी आरोपी बनाया गया है. एफआईआर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी नंबर 6 के रूप में नामित किया गया है. संभावना जताई जा रही है कि CBI जल्द ही उनसे पूछताछ कर सकती है.

राजनीतिक हलचल तेज

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आरोप है कि उन्होंने महादेव बेटिंग एप के प्रमोटरों से करीबी संबंध रखे और उन्हें संरक्षण दिया. CBI इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है. इस मामले के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मच गई है, और विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है.

ईओडब्ल्यू से CBI को सौंपी गई जांच

इस मामले की शुरुआत में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी. बाद में राज्य सरकार ने इस केस को CBI को सौंप दिया, ताकि जांच को व्यापक स्तर पर किया जा सके और इसमें शामिल वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके.

CBI की छापेमारी और बरामदगी

CBI ने इस मामले में विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें बड़ी मात्रा में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं. जब्त किए गए दस्तावेजों में वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम रिकॉर्ड शामिल हैं. CBI की जांच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में नए खुलासे होने की संभावना है.

इन लोगों के नाम शामिल:

1. भूपेश बघेल

2. सौरभ चंद्राकर

3. रवि उप्पल

4. असीम दास

5. सतीश चंद्राकर

6. चंद्रभूषण वर्मा

7. भीम सिंह

8. नीतिश दीवान

9. अनिल कुमार अग्रवाल उर्फअतुल अग्रवाल

10. विकास छापरिया

11. रोहित गुलाटी

12. विशाल आहुजा

13. धीरज आहुजा

14. अनिल दम्मानी

15. सुनील दम्मानी

16. यादव

17. हरीशंकर तिबरवाल

18. सुरेंद्र बागड़ी

19. सूरज चोखानी

20. शुभम सोनी।