चिली के राष्ट्रपति ने जमकर की पीएम मोदी की तारीफ, बोले-जियोपॉलिटिक्स में सबसे अहम खिलाड़ी


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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इस बीच भारत दौरे पर आए चिली के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फोंट ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें जियोपॉलिटिक्स में एक ‘महत्वपूर्ण खिलाड़ी’ बताया।राष्ट्रपति बोरिक ने कहा कि पीएम मोदी दुनिया के हर नेता से बात कर सकते हैं।

भारत के भू-राजनीतिक रुख पर बोलते हुए चिली के राष्ट्रपति ने कहा, भारत विश्व में शांति के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी की आजकल एक अजीब स्थिति है कि वे दुनिया के हर नेता व्लादिमीर पुतिन, डोनाल्ड ट्रंप, वोलोदिमीर जेलेंस्की से बात कर सकते हैं। वे यूरोपीय संघ, ब्रिक्स या ईरान और ब्रिक्स में लैटिन अमेरिकी नेताओं समेत सभी से संपर्क कर सकते हैं, उन्हें अहम सुझाव दे सकते हैं। यह कुछ ऐसा है, जो अब कोई अन्य नेता नहीं कर सकता। आप आजकल भू-राजनीतिक माहौल में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं।

चिली के राष्ट्रपति बोरिक 1 से 5 अप्रैल तक भारत के पहले दौरे पर हैं। बोरिक ने भारत में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार भी व्यक्त किया और कहा, मैं पहली बार राजकीय यात्रा पर आया हूं, मैं यहां मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, पिछले 16 वर्षों से चिली से कोई भी यहां नहीं आया है, और इन 16 वर्षों में भारत बहुत बदल गया है। उन्होंने कहा चिली भारत के साथ अपने संबंधों पर काम करना चाहता है। हमने कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।

पीएम मोदी के न्योते पर वह भारत आए बोरिक की यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करना है। मंगलवार को दोनों नेताओं में मीटिंग हुई। इसमें व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और स्वास्थ्य पर बातचीत हुई। 

पीएम मोदी ने लैटिन अमेरिका को भारत का एक महत्वपूर्ण मित्र और साझेदार बताया। पीएम मोदी ने एक बयान में कहा था, भारत और चिली भले ही विश्व मानचित्र के अलग-अलग छोर पर हों, हमारे बीच विशाल महासागर हों, लेकिन प्रकृति ने हमें अनोखी समानताओं से जोड़ा है।

वक्फ बिल पर महाभारत जारीःक्या संसद में पास करा पाएगी सरकार? जानिए नंबर गेम

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लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल आज पेश होगा। 8 घंटे की चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू चर्चा का जवाब देंगे और पास कराने के लिए वोटिंग होगी। बुधवार को ही बिल को लोकसभा में पास कराने की तैयारी है। इसके बाद सरकार इस सत्र के बाकी बचे दो दिन यानी गुरुवार और शुक्रवार को ही इसे राज्यसभा में पेश कर वहां से भी पास कराने की तैयारी में जुटी है।

कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के दल इस बिल का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार के साथ उनके सहयोगियों पर भी निशाना साधा। मसूद ने कहा कि नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान, जयंत चौधरी समझ लें कि बिल पास हुआ तो मुसलमान उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस विधेयक के पहले भी विरोध में थी और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी संशोधन के जरिए वक्फ संपत्तियों पर पूरा नियंत्रण चाहती है।

बीजेडी सांसद ससमित पात्रा ने कहा कि हमारी पार्टी बिल का विरोध करेगी। हमारा स्टैंड स्पष्ट है, हमने पहले भी कहा है कि यह विधेयक ठीक नहीं है। आईयूएमएल सांसद ई. टी. मोहम्मद बशीर ने असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा है कि इस बिल को सदन में पेश किया जाएगा तो हम इसका विरोध करेंगे। क्योंकि इस बिल के माध्यम से वक्फ की जमीनों को छीनने की कोशिश की जाएगी।

क्या वक्फ बिल संसद में पास हो पाएगा?

लगभग पूरे विपक्ष के विरोध के बीच सवाल ये है कि क्या वक्फ बिल संसद में पास हो पाएगा? बीजेपी को इस बिल को पास कराने में दिक्कतों का सामना होने की उम्मीद कम ही है। उसके सहयोगी दल इस मुद्दे पर साथ हैं। चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और नीतीश कुमार की जेडीयू भी बिल के समर्थन में हैं। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी को जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) जैसे प्रमुख सहयोगियों के समर्थन का भरोसा है, जिनका समर्थन विधेयक को संसद से पारित कराने के लिए महत्वपूर्ण है।

क्या संसद में बीजेपी के पास नंबर गेम है?

लोकसभा: लोकसभा की कुल 543 सांसद है और बहुमत के लिए 272 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। सरकार के पास बिल पास करवाने के लिए जरूरी 272 की संख्या से 21 सांसद ज्यादा है। एनडीए के पास फिलहाल 293 सांसद हैं। 542 सांसदों में से 240 बीजेपी के हैं, 12 जेडी(यू) के हैं, 16 टीडीपी के हैं, पांच एलजेपी (आरवी) के हैं, दो राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के हैं और सात शिवसेना के हैं। अगर एनडीए की सभी पार्टियां बीजेपी का साथ देती हैं तो बिल आसानी से पास हो जाएगा।

राज्यसभा: राज्यसभा में एनडीए के 125 सांसद हैं। इसमें से बीजेपी के 98, जेडी(यू) के चार, टीडीपी के दो, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के तीन, शिवसेना का एक और आरएलडी का एक सांसद है। 245 सदस्यों वाले सदन में इस विधेयक को पारित कराने के लिए 119 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। एनडीए को भरोसा है कि उसे असम गण परिषद और तमिल मनिला कांग्रेस जैसी पार्टियों के साथ-साथ छह मनोनीत सदस्यों का समर्थन भी मिल जाएगा।

ट्रंप आज से लागू करेंगे जवाबी हैरिफ, भारत समेत कई देशों पर होगा असर


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अमेरिकी आज यानी बुधवार से दुनियाभर में रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने जा रहा है।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो अप्रैल से कई देशों के खिलाफ रेसिप्रोकल टैरिफ यानी जवाबी आयात शुल्क लगाने का एलान करेंगे। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा ट्रंप बुधवार को शाम 4 बजे (स्थानीय समय) रोज गार्डन में ‘मेक अमेरिका वेल्दी अगेन इवेंट में भाषण देंगे। इसी इवेंट में रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर घोषणा होगी।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल को 'लिबरेशन डे' के रूप में मनाना चाहते हैं। इसके लिए वह अपने व्यापार सलाहकारों के साथ मिलकर टैरिफ योजना को अंतिम रूप दे रहे हैं। ट्रंप बुधवार को वाइट हाउस के रोज गार्डन में शाम 4 बजे (स्थानीय समय) औपचारिक घोषणा करेंगे। इस घोषणा में टैरिफ की पूरी जानकारी दी जाएगी। कैरोलीन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं। अगर कोई विदेशी नेता या उद्योगपति छूट चाहते हैं तो वह उनसे बात करने को तैयार हैं। लीविट ने कहा कि ट्रंप अमेरिकी श्रमिकों को उचित मौका दिलाने पर ध्यान दे रहे हैं।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने टैरिफ को लेकर यूरोपीय संघ, भारत, जापान और कनाडा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में अमेरिकी कृषि उत्पादों पर 100% तक टैरिफ लगाता है, जबकि अन्य देशों की नीतियां भी इसी तरह की हैं। यूरोपीय संघ द्वारा अमेरिकी डेयरी पर 50% तक, जापान की ओर से अमेरिकी चावल पर 700% तक और कनाडा की ओर से अमेरिकी मक्खन व पनीर पर लगभग 300% तक टैरिफ लगाया जाता है। लेविट ने कहा कि अमेरिकी उत्पादों के लिए ये शुल्क अनुचित व्यापार प्रथाएं हैं और हमें इसे बदलना होगा।

ट्रंप का दावा- भारत टैरिफ घटाने को राजी

ट्रंप ने जिन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है उनमें भारत भी शामिल है। हालांकि, एक दिन पहले तक भारत को 'टैरिफ किंग' और 'व्यापार के मामले में बड़ा दुर्व्यवहारकर्ता' कहने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उम्मीद जताई है कि भारत उनके अन्य सहयोगियों की तरह अपने टैरिफ में कटौती करेगा। ओवल ऑफिस से बोलते हुए सोमवार को ट्रम्प ने कहा था, "मैंने सुना है कि भारत अपने टैरिफ में भारी कमी करने जा रहा है। बहुत से देश अपने टैरिफ में कमी करने जा रहे हैं।

ट्रंप ने कहा था कि भारत हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलता है

अमेरिकी संसद के जॉइंट सेशन में ट्रंप ने कहा था, भारत हमसे 100% से ज्यादा टैरिफ वसूलता है, हम भी अगले महीने से ऐसा ही करने जा रहे हैं। उन्होनें ऐलान किया कि उनके प्रशासन के तहत, अगर कोई कंपनी अमेरिका में अपना प्रोडक्ट नहीं बनाएगी, तो उसे टैरिफ देना होगा। कुछ मामलों में, यह टैरिफ बहुत बड़ा होगा।

1 ट्रिलियन डॉलर का व्यापार घाटा का हवाला

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दूसरे देश अमेरिका पर भारी टैक्स और टैरिफ लगाते हैं, जबकि अमेरिका उन पर बहुत कम लगाता है। यह बहुत अन्यायपूर्ण है। दूसरे देश दशकों से हम पर टैरिफ लगाते आ रहे हैं, अब हमारी बारी है। ट्रंप का कहना है कि कई देश अमेरिकी उत्पादों पर जबरदस्त टैरिफ लगाते हैं, वहीं अमेरिका उन देशों के उत्पादों पर कम आयात शुल्क वसूलता है। अमेरिकी राष्ट्रपति का मानना है कि इसकी वजह से अमेरिका को 1 ट्रिलियन डॉलर का व्यापार घाटा उठाना पड़ता है, जो कि अमेरिकी उद्योगों और कामगारों के लिए नुकसान देह है।

टैरिफ एक तरह का बॉर्डर फीस या टैक्स होता है, जो कोई भी देश विदेशों से अपने यहां आने वाले सामान पर लगाता है। यह टैक्स आयात करने वाली कंपनी पर लगाया जाता है। इसे घटा-बढ़ाकर ही देश आपस में व्यापार को कंट्रोल करते हैं।

आज लोकसभा में पेश होगा वक्फ संशोधन विधेयकः भाजपा, कांग्रेस, जेडीयू, टीडीपी ने व्हिप जारी किया, घमासान तय


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केंद्र सरकार आज लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पेश करने जा रही है। दोपहर 12 बजे बिल पेश होने के बाद 8 घंटे चर्चा का समय तय किया गया है। 4 घंटे 40 मिनट एनडीए के सांसद अपनी बात रखेंगे, बाकी वक्त विपक्षी सांसदों को दिया गया है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू चर्चा की शुरुआत करेंगे। बीजेपी, कांग्रेस, जेडीयू, टीडीपी ने अपने सांसदों की लिए व्हिप जारी किया है।

वक्फ बिल पर महाभारत जारी है। विपक्ष ने कहा कि चर्चा 12 घंटे होनी चाहिए। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बिल पर चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर अपने एजेंडे को थोपने और विपक्षी सदस्यों की बात नहीं सुनने का आरोप लगाया।

सदन में नंबर गेम से ऐसा लगता है कि सरकार इसे पास करा लेगी। हालांकि, विपक्ष अपनी एकजुटता के भरोसे इसे फेल करने का दावा कर रहा है। विपक्ष को उम्मीद है कि वे इसे पास करने से रोक देंगे। वहीं, सरकार इसे पास कराने की पूरी तैयारी कर चुकी है। जदयू-टीडीपी जैसे एनडीए के सहयोगियों का भी साथ मिल चुका है, जो पहले अन्य मुद्दों पर अलग रुख रखा करते थे।

वक्फ संसोधन बिल में क्या-क्या है खास?

सूत्रों के मुताबिक, वक्फ की पुरानी संपत्तियों से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी. राज्य सरकार की भूमिका बनी रहेगी. साथ ही बोर्ड में 2 गैर मुस्लिम होंगे और वक्फ ट्रिब्यूनल में तीन सदस्य होंगे. इसके अलावा कलेक्टर की जगह जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त होगा. वहीं, 5 साल इस्लाम मानने वाला ही संपत्ति वक्फ कर सकता है. 2025 से पहले तक जो संपत्ति वक्फ की है, उसकी ही रहेगी, जो ट्रस्ट धर्मार्थ कार्य में हैं उस पर कानून लागू नहीं होगा.

जेपीसी ने करीब छह महीने विधेयक पर किया मंथन

केंद्र ने इस विधेयक को पिछले साल अगस्त को लोकसभा के सामने रखा था। बाद में सर्वसम्मति से इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया। जेपीसी ने करीब छह महीने तक विधेयक पर मिले संशोधन के सुझावों पर विचार किया और 27 जनवरी को इसे फिर से संसद में पेश करने की मंजूरी दे दी। एक महीने बाद ही केंद्रीय कैबिनेट ने भी इस विधेयक पर मुहर लगा दी।  

वक्फ संसोधन बिल में क्या-क्या है खास?

अब सरकार ने बजट सत्र के दूसरे चरण के आखिर में वक्फ संशोधन विधेयक को पेश करने का फैसला लिया है। इसके जरिए सरकार वक्फ कानून, 1995 में संशोधन करना चाहती है। फिलहाल इसी कानून के तहत देश में वक्फ की संपत्तियों का प्रबंधन होता है। हालांकि, सरकार अब वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को बेहतर ढंग से अंजाम देना चाहती है। साथ ही इनसे जुड़े विवादों को भी जल्द सुलझाना चाहती है।

इस बार भी सामान्य ही होगी मानसून की बारिश प्रशांत महासागर में ला- नीना की स्थिति अत्यंत कमजोर बहुत छोटी अवधि तक ही टिके रहने की संभावना

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव 

भारतीय कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी सूचना है कि ला- नीना के असर का डर खत्म हो गया है। प्रशांत महासागर के सतह पर इसकी स्थिति अत्यंत कमजोर है और अवधि बहुत छोटी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मध्य अप्रैल तक यह सामान्य स्थिति में आ जाएगा, जिसे मानसूनी बारिश के लिए अच्छा माना जाता है। अभी जो संकेत है, उसके अनुसार मानसून का पहला चरण कमजोर नहीं होने जा रहा है। दूसरे चरण के मानसून का अध्ययन किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग आईएमडी द्वारा अप्रैल के दूसरे हफ्ते में मानसून के आगमन और स्थिति का पूर्वानुमान जारी किया जाता है। फिलहाल आईएमडी ने अप्रैल से जून के मौसम, तापमान,लू और बारिश का पुर्वानुमान जारी किया है। साथ ही ला - नीला के अंत और असर का भी आकलन किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच देश के अधिकतर हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। हालांकि इस दौरान उत्तर - पश्चिमी के पहाड़ों एवं कुछ अन्य क्षेत्रों के न्यूनतम में ज्यादा वृद्धि नहीं होगी, लेकिन अधिकतम तापमान में वृद्धि संभव है। हीट वेव ( लू) को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। उत्तर - पश्चिमी के मैदानी भाग, मध्य भारत एवं मध्य - पूर्वी क्षेत्र राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के क‌ई इलाकों में गर्म हवाएं चल सकती है। जिसकी अवधि दो से छह दिनों तक हो सकती है। यह अवधि 10 दिनों तक हो सकती है। बारिश की स्थिति के भी सामान्य रहने की संभावना है। लगभग 88 से 112 फीसदी के बीच बारिश हो सकती है। इसलिए जहां-जहां बारिश होगी, वहां के लोगों को लू से राहत मिलेगी। देश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश से का खतरा भी बना रह सकता है। आईएमडी के मुताबिक, वैश्विक जलवायु परिवर्तन के चलते भारत में तीन महीनों के दौरान तापमान की स्थिति असामान्य रही है।

इस बार सामान्य से अधिक लू भी कर सकती हैं लोगों को परेशान, उत्तर भारत में अप्रैल से ही गर्म हवाएं 

2024 में भारत में भीषण गर्मी पड़ी थी। इस दौरान 536 लू के दिन रिकॉर्ड किए गए थे

कल बुधवार को लोकसभा में पेश होगा वक्फ संशोधन बिल, पारित कराने को बीजेपी के ”चाणक्य” अमित शाह हुए एक्टिव

डेस्क : सरकार लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पेश करने जा रही है। सरकार की मंशा लोकसभा से इसे पारित कराने की है। संसद की एक संयुक्त समिति की रिपोर्ट के बाद संशोधित किए गए वक्फ विधेयक को लोकसभा में विचार और पारित किए जाने के प्रक्रिया शुरू होगी।

आज लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक हुई जिसके बाद सरकार की तरफ से कहा गया कि, 'हम कल वफ्फ अमेंडमेंट बिल ला रहे हैं। इस बिल पर चर्चा के लिए कल लोकसभा मेंआठ घंटे का समय तय किया गया है। इसकी चर्चा के साथ ही विपक्ष के मेंबर्स वॉक आउट कर गए, जबकि स्पीकर की तरफ से कहा गया कि अगर हाउस का सेंस रहा तो इस बिल पर चर्चा का टाइम बढ़ाया भी जा सकता है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि कैथोलिक चर्च ने इस बिल का सपोर्ट किया है, जो खुशी की बात है।

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि कल प्रश्न काल के बाद मैं इस बिल को लोकसभा में इंट्रोड्यूस करूंगा। इस पर चर्चा के लिए विपक्षी सदस्य अगर समय बढ़ाना चाहते हैं तो हाउस के सेंस से समय बढ़ाया भी जा सकता है। इस बिल को लोकसभा से पास कराके राज्य सभा में भेजा जाएगा और ये सत्र चार तारीख तक का ही है। अगर जरूरत पड़ी तो सत्र बढ़ाया जा सकता है।

लोकसभा में एनडीए ने अपने सभी घटक दलों को चीफ व्हिप जारी किया है जिसमें दो अप्रैल को अपने सभी सांसदों की सदन में मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ये भी कहा है कि जिन सांसदों को वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान बोलने का मौका मिलेगा, वे बिल के मुख्य बिंदुओं पर बात करें और बोलते समय संयम बरतें. उत्तेजित न हों। कल दोपहर 12.15 बजे इस बिल पर चर्चा की शुरुआत होगी।

इधर सरकार की तरफ से इस बिल को पारित कराने की जिम्मेदारी खुद पार्टी के चाणक्य अमित शाह ने उठाई है। अमित शाह बिल के पेश होने से पहले एक्टिव हो गए हैं। हालांकि, सबकी नजर मुस्लिम समुदाय में मजबूत पैठ रखने वाले एनडीए के दो सहयोगी दलों के रुख पर लगी हुई है।

वक्फ संशोधन बिल को लेकर अमित शाह एनडीए के सहयोगी और बिहार में सरकार के साझेदार जदयू को साधने में जुट गए। शाह ने ललन सिंह और संजय झां के साथ बैठक की। बैठक में शाह ने जदयू सांसदों के साथ वक्फ संशोधन बिल को लेकर चर्चा की। बिहार में बीजेपी की अहम सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी ने भी वक्फ बिल को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। वक्फ संशोधन बिल को लेकर लोजपा सांसद ने कहा कि अभी बिल को लेकर अभी तक संसद में चर्चा नहीं हुई है लेकिन विपक्ष बिल को लेकर भ्रम फैला रहा है।

एनडीए की एक और अहम सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करने का फैसला किया है। टीडीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम कुमार जैन ने मंगलवार को कहा कि पार्टी वक्फ (संशोधन) विधेयक के समर्थन में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू मुसलमानों के पक्ष में हैं।

बिल के बारे में बोलते हुए प्रेम कुमार जैन ने कहा कि पूरा मुस्लिम समुदाय वक्फ संशोधन विधेयक के पेश होने का इंतजार कर रहा है...हमारी पार्टी इसका समर्थन करेगी। चंद्रबाबू नायडू पहले ही कह चुके हैं कि हम मुस्लिम समुदाय के हितों के लिए काम करेंगे। कल बिल पेश किया जाएगा, उसके बाद ही हम इस पर कोई टिप्पणी करेंगे। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि चंद्रबाबू नायडू मुसलमानों के पक्ष में हैं।

हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मौलाना को तगड़ा झटका, सीजेआई ने याचिका खारिज करते हुए कहें यह बात

डेस्क : हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए मौलाना को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए फिर से हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया है।

दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीते 12 मार्च को संभल की शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवारों पर रंगरोगन करने का एएसआई को आदेश दिया था। कहा गया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को संभल में शाही जामा मस्जिद के बाहरी हिस्से की सफेदी कराए। मस्जिद समिति इस कार्य पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति करे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ याचिका लेकर आज मौलाना सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। याचिका लगाकर कहा गया कि हाईकोर्ट का आदेश भ्रमित करने वाला है। इस मामले में चीफ जस्टिस संजीव खन्नाे की बेंच ने मौलानाओं का पक्ष सुना। जिसके बाद सीजेआई ने कहा कि अगर यह आदेश भ्रमित करने वाला है तो अपनी कंफ्यूजन दूर करने के लिए हाईकोर्ट के पास जाओ और स्थिति को स्परष्ट् करो। देश की सवोच्चं अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया।

याचिकाकर्ता के वकील वरूण सिन्हा ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट का आदेश भ्रमित करने वाला है। इसपर सीजेआई की तरफ से कहा गया कि आप पहले हाईकोर्ट जाएं। हाईकोर्ट के आदेश में जो भ्रमित करने वाली बात हैं उन्हेंन दूर करने के लिए कहें। हम याचिका खारिज कर रहे हैं।

इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए सीजेआई की बेंच ने कहा कि ना सिर्फ इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को भी नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि हाईकोर्ट ने एएसआई को मस्जिद समिति से खर्च वसूलने की अनुमति देकर कानूनी त्रुटि की है।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सामने कहा गया था कि इस विवादित स्थल के रंगोरोगन की मांग पर आदेश उचित नहीं है। लिहाजा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए। कहा गया था कि क्या भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई को हरिहर मंदिर, संभल जैसे स्मारकों या विवादित ढांचे के रखरखाव के लिए धन उपलब्ध नहीं कराया जाता है, जिसपर जामा मस्जिद, संभल की प्रबंधन समिति के अवैध कब्जा है।

कटिहार में बजाज शो-रूम के मालिक पर जानलेवा हमला, अस्पताल में चल रहा इलाज

कटिहार : जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां बजाज शो-रूम के मलिक पर जानलेवा हमला हुआ है। असामाजिक तत्वों ने चाकू से वार किया है। घटना मे घायल शो-रुम मालिक का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है।

अमदाबाद थाना क्षेत्र के बेलगाछी कब्रिस्तान के पास हुए इस मामले के बारे में पीड़ित फूल बाबू ने बताया कि वह चाय पीने के लिए एक चाय दुकान पर रुके थे। उसी समय कुछ असामाजिक तत्वों ने वहां पहुंचकर गाड़ी से धूल उड़ने की शिकायत पर उनसे उलझ गए और देखते ही देखते उन पर चाकू से वार कर घायल कर दिया।

इस दौरान छह से सात मोटर साईकल से आये बारह से चौदह असामाजिक तत्व के युवको ने उनके फोर व्हीलर गाड़ी को तोड़फोड़ करते हुए गाड़ी में रखे नगद लगभग डेढ़ लाख रुपया लेकर फरार हो गए।

फिलहाल अहमदाबाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रारंभिक इलाज के बाद घायल व्यवसाय फूल बाबू का इलाज के लिए कटिहार सदर अस्पताल भेज दिया गया है। जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

कटिहार से श्याम

तमिल और हिंदी भाषा को लेकर हुए विवाद के बाद गरमाया मराठी भाषा का मुद्दा, जानिए पूरा मामला

डेस्क : देश में भाषा विवाद को लेकर मामले अब बढ़ते जा रहे हैं, पहले दक्षिण राज्यों से खबर आती रहती थीं कि लोगों ने कन्नड़, तमिल आदि नहीं आने पर हंगामा किया। अब पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र से भी ऐसी ही खबरें आ रही है। महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर विवाद गरमा गया है। महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता मराठी भाषा को इम्पोर्टेंस दिलाने के लिए अभियान चला रहे हैं।

पिछले दिनों मुंबई के वर्सोवा में डी-मार्ट स्टोर के कर्मचारी के साथ मराठी नहीं आने पर मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट का मामला सामने आया था। फिर एक बार मनसे कार्यकार्ताओं पर सिक्योरिटी गार्ड के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है।

मिली जानकारी के अनुसार, पवई के L&T परिसर में एक व्यक्ति ने मराठी भाषा को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी, गार्ड ने मराठी भाषा को लेकर कहा था कि मराठी गया तेल लगाने, जिसके बाद MNS के कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिली। MNS कार्यकर्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और सुरक्षा गार्ड को ‘मराठी का सम्मान’ करने की चेतावनी देते हुए उसे एक थप्पड़ मार दिया।

वहीं मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर मराठी के मुद्दे को आगे करते हुए कहा कि मुंबई में कुछ लोग कहते है कि हम मराठी नहीं बोलेंगे लेकिन जो लोग मराठी नहीं बोलेंगे तो उनके कान के नीचे तमाचा मारने का काम भी किया जाएगा( महाराष्ट्र और मुंबई में मराठी का सम्मान किया जाना चाहिए। राज ठाकरे ने मनसे के सैनिकों से अपील की है कि वे पता लगाएं कि महाराष्ट्र के हर बैंक में मराठी भाषा का उपयोग होता है या नही।

अंतरिक्ष से कैसा दिखता है भारत, स्पेस स्टेशन से धरती पर लौटी सुनीता विलियम्स ने किया इसका वर्णन

डेस्क : इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 9 माह तक फंसे रहने के बाद सुनीता विलियम्स धरती पर लौट आई हैं। धरती पर वापस लौटीं नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने बता दिया कि अंतरिक्ष से हमारा भारत कैसा दिखता है। भारत की बेटी सुनीता विलियम्स ने कुछ वैसा ही जवाब दिया है जब टी-सोयुज 11 मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रा पर गए राकेश शर्मा दिया भारत को लेकर दिया था।

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने आज मंगलवार को पहली बार मीडिया से बातचीत की और कई सवालों के जवाब दिए। उन्होंने भारत का बहुत ही शानदार वर्णन किया है। सुनीता विलियम्स ने बताया कि अंतरिक्ष से भारत कितना सुंदर दिखता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत जरूर आएंगी।

नासा की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष से दिखने वाले हिमालय के अद्भुत नजारे का वर्णन किया। उन्होंने कहा, ‘भारत बहुत अमेजिंग यानी अद्भुत है।’ जब भी हम हिमालय के ऊपर से गुजरते थे, हमें बहुत शानदार और अविश्वसनीय तस्वीरें मिलती थीं। ऐसा लगता था जैसे कोई लहर उठी हो और भारत में आकर बह रही हो।’

बता दें जब टी-सोयुज 11 मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा अंतरिक्ष यात्रा पर गए थे, तभी इसका जवाब मिल गया था। जी हां, उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने फोन पर राकेश शर्मा से बात की थी। और पूछा था- अंतरिक्ष से हमारा हिंदुस्तान कैसा दिखता है? इस पर राकेश शर्मा ने कहा था – ‘सारे जहां से अच्छा।’ ठीक उसी तरह का जवाब अब भारत की बेटी सुनीता विलियम्स ने दिया है।