छत्तीसगढ़ की बुनाई, संस्कृति और जीवंत परंपराओं का प्रतीक – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया कोसा सिल्क से बना हस्तनिर्मित शॉल

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में कोसा सिल्क से निर्मित एक विशेष हस्तनिर्मित शॉल भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध बुनाई परंपरा और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह शॉल न केवल कपड़े का एक सुंदर नमूना है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला, संगीत और जनजातीय अस्मिता का जीवंत दस्तावेज भी है। यह शॉल पूरी तरह हस्तनिर्मित है और इसमें राज्य की स्थानीय बुनकर परंपरा की गहराई को दर्शाया गया है। इस शॉल पर बांस से निर्मित पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘टोड़ी’ और बस्तर के प्रसिद्ध ‘बाइसन हॉर्न माड़िया नृत्य’ को कढ़ाई के माध्यम से दर्शाया गया है। टोड़ी वाद्ययंत्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवनशैली में संगीत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं माड़िया जनजाति का यह नृत्य शौर्य, ऊर्जा और सामूहिक एकता की अभिव्यक्ति है। यह शॉल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि जनजातीय गर्व, सांस्कृतिक विविधता और शिल्प कौशल की अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह कोसा शॉल छत्तीसगढ़ की हुनरमंद बुनकर महिलाओं, जनजातीय समुदायों, और लोक परंपराओं की महत्ता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक भावनात्मक और सशक्त प्रयास है। यह भेंट भारत की विविधता में एकता, और लोककला के माध्यम से जुड़ाव का प्रतीक है।

अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, छापा मारकर एक चैन माउंटेन मशीन और 3 हाइवा किया जब्त

आरंग- महानदी से हो रहे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्ती दिखाई है। रविवार को ग्राम कागदेही में रेत के अवैध उत्खनन की शिकायत मिलने पर प्रशासन हरकत में आया और मौके पर छापा मारकर एक चैन माउंटेन मशीन और तीन हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

बता दें कि आरंग एसडीएम पुष्पेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में तहसीलदार सीता शुक्ला के नेतृत्व में राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि कागदेही में अवैध रूप से रैंप बनाकर महासमुंद जिले से रेत का परिवहन किया जा रहा था, जिसकी शिकायत मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कदम उठाया।

जांच में जुटी प्रशासनिक टीम

इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार गजानंद सिदार, खनिज विभाग के सुपरवाइजर सुनीलदत्त शर्मा, वीरेंद्र बेलचंदन, जितेंद्र केशरवानी, जितेंद्र वर्मा, लुकेश वर्मा और छबि साहू समेत अन्य अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई। फिलहाल जब्त किए गए वाहनों और मशीनरी पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध रेत खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ में भी हुआ चांद का दीदार, कल देशभर में धूमधाम से मनाई जाएगी ईद

रायपुर- राजधानी रायपुर समेत देश के कई इलाकों में आज शाम चांद दिखने की शरई तसदीक के बाद कल यानी सोमवार 31 मार्च 2025 देशभर में ईद मनाए जाने का ऐलान कर दिया गया है। ईद से पहले बाजारों में काफी चहल-पहल देखी जा रही है। वहीं, रविवार को नवरात्र शुरू होने से मंदिरों में भी काफी भीड़ देखी गई। दोनों त्योहारों को देखते हुए देशभर में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

रायपुर में चांद दिखने की पुष्टि

इदारा-ए-शरीया इस्लामी कोर्ट के अनुसार, 30 मार्च 2025 को मगरिब की नमाज के बाद एक शव्वाल 1446 हिजरी के चांद की पुष्टि हुई। रायपुर समेत देश के अन्य हिस्सों में भी चांद दिखने की खबरें आईं, जिसके बाद यह फैसला किया गया कि 31 मार्च को ईद मनाई जाएगी। इससे पहले सऊदी अरब में 29 मार्च को ईद का चांद दिखा था, जिसके बाद आज वहां ईद मनाई गई।

ईद की तारीख कैसे तय होती है ?

इस्लामी कैलेंडर चांद पर आधारित होता है, इसलिए ईद-उल-फितर की तारीख हर साल बदलती रहती है। यह त्योहार शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाया जाता है, जो रमजान के खत्म होने का ऐलान करता है।

ईद की तारीख तय करने का सबसे अहम तरीका है चांद का दीदार। अगर रमजान के 29वें दिन चांद नजर आ जाता है, तो अगले दिन ईद होती है। लेकिन अगर चांद नहीं दिखता, तो रमजान 30 दिनों का पूरा होता है और उसके बाद ईद मनाई जाती है। क्योंकि चांद के दिखने का समय और स्थिति हर देश में अलग-अलग होती है, इसलिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में ईद अलग दिनों में भी हो सकती है। कई इस्लामी देश चांद देखने के लिए आधिकारिक समितियां बनाते हैं, जो वैज्ञानिक और धार्मिक आधार पर निर्णय लेती हैं। कुछ जगहों पर लोग सऊदी अरब की घोषणा के आधार पर भी ईद मनाते हैं। इसलिए ईद की सही तारीख का फैसला चांद के दीदार के बाद ही किया जाता है।

सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी

रायपुर-  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान हितग्राहियों से संवाद किया, तो मंच पर एक विशेष क्षण आया – प्रधानमंत्री और दल्लु राम बैगा के बीच सरल, संक्षिप्त किन्तु सजीव, आत्मीय एवं सारगर्भित संवाद।

प्रधानमंत्री ने मुस्कराकर पूछा –

“पक्का मकान बन गया है?”

दल्लु राम ने हाथ जोड़कर जवाब दिया –

“हां, बन गया है।”

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने फिर स्नेहपूर्वक पूछा –

“अच्छा लग रहा है की नहीं?”

भावुक दल्लु राम ने जवाब दिया

“अच्छा लग रहा है।”

प्रधानमंत्री ने अंत में पूछा –

“बाकी सब ठीक है?”

दल्लु राम ने आत्मविश्वास के साथ कहा –

“ठीक है।”

यह संवाद कोई औपचारिक प्रश्नोत्तर नहीं था, बल्कि विश्वास, संवेदना और साझेदारी का साक्षात चित्रण था।

छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवारों के लिए आज का दिन बेहद खास और अविस्मरणीय है। आज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उनके सपनों के आशियानों में गृहप्रवेश कराया। इनमें बड़ी संख्या में दूरस्थ वनांचलों के गरीब और वंचित परिवार भी शामिल हैं। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना नहीं होती तो शायद ही कभी अपने खुद के पक्के मकान का सपना पूरा कर पाते। यह योजना प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों का बड़ा सपना पूरा कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में दूरस्थ अंचलों के तीन आदिवासी परिवारों को खुद अपने हाथों से नए आवासों की चाबी सौंपी। बीजापुर जिले के चेरपाल पंचायत की सोमारी पुनेम, कबीरधाम जिले के ग्राम हाथीडोब के दल्लुराम बैगा और जशपुर जिले के करदना पंचायत के पहाड़ी कोरवा जगतपाल राम को जब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रतीक रूप में मंच से उनके नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबी सौंपी तो उनकी खुशियां देखते ही बनती थी।

रोटी, कपड़ा और मकान हर इंसान की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। पिछड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां आज भी संसाधनों की भारी कमी है, वहां एक पक्का घर सिर्फ एक दीवार और छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के दल्लुराम बैगा कभी कच्ची मिट्टी और खपरैल के घर में भय और असुरक्षा के साये में रहते थे। बरसात में छत से टपकते पानी, कमजोर मिट्टी की दीवारें और रात के सन्नाटे में रेंगते जहरीले जीव-जंतु... ऐसे हालात में पूरे परिवार के साथ रहना रोज का संघर्ष था।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत दल्लुराम का आवास स्वीकृत होने के बाद उसके सपनों के घर का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी के रूप में 23 हजार रुपए भी मिले। अन्य योजनाओं से रसोई गैस, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलीं। अब दल्लुराम और उसका परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना रहा है।

दीवारों की नहीं सपने के पूरे होने की मुस्कान

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरबा समुदाय के जशपुर जिले के सुदूर अंचल में बसे ग्राम करदना के जगतपाल राम वर्षों से एक टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था, चारों ओर कीचड़ और भीतर डर का माहौल बना रहता था। सांप-बिच्छुओं का डर, हर साल झोपड़ी की मरम्मत का बोझ, और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव था।

प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जगतपाल के लिए उम्मीद की रोशनी लेकर आई। योजना के तहत मिली दो लाख रुपए की सहायता से जगतपाल ने साफ-सुथरा, मजबूत पक्का घर बनवाया जहां न केवल रहने के लिए कमरे हैं, बल्कि शौचालय और बिजली भी है। अब उनका परिवार मूसलाधार बारिश के थपेड़ो, जंगली जानवर और रात के अंधेरे के खतरों से सुरक्षित है।

आज जब जगतपाल अपने घर के सामने बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान होती है। यह मुस्कान सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि सपने के पूरे होने की मुस्कान है। जगतपाल की ही तरह हजारों गरीब और वंचित आदिवासी परिवारों की भी ऐसी ही कहानी है जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना ने खुशियों से भर दिया है।

टूटे सपनों को मिला सहारा और मिट्टी के आंगन में उग आई उम्मीद की छत

वर्षों तक संघर्ष करते हुए सोमारी पुनेम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके सिर पर एक दिन पक्की छत होगी। पति के निधन के बाद वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से टपकते छप्पर के नीचे जीवन की अनगिनत कठिनाइयों के बीच अपना जीवन-यापन कर रही थी। नियद नेल्ला नार योजना शुरू होने के बाद जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उसकी आंखें चमक उठी। वह बताती है - "मैंने अपने पास जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वही लगाई। हर दिन मजदूरों के साथ बैठकर खुद ईंटें उठाई। घर बनता गया... और मेरा आत्मविश्वास भी। आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। अब बारिश की बूंदें डर नहीं, राहत देती हैं... रातें भी सुकूनभरी लगती हैं। धूप से अब सिर्फ दीवारें नहीं, सम्मान भी बचता है।"

बीजापुर के चेरपाल में रहने वाली 60 साल की सोमारी कहती है - "आज जब मैं अपने घर के दरवाजे से अंदर जाती हूं, तो लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मेरे साथ मेरे स्वर्गीय पति का सपना भी इस घर में सांस ले रहा है।" प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोमारी को सिर्फ एक मकान नहीं दिया। यह योजना उसके जीवन में भरोसे की नींव, आत्मसम्मान की दीवारें और भविष्य की छत बनकर उतरी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखने और सुनने पहुंचे युवा, बस्तर ओलंपिक के विजयी प्रतिभागी और लखपति दीदियां

रायपुर-  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में आयोजित कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। मैं छत्तीसगढ़ के युवाओं का उज्ज्वल भविष्य देख रहा हूं। बस्तर ओलंपिक का सफल और शानदार आयोजन एक सुखद बदलाव का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ संसाधनों, सपनों और सामर्थ्य से भरपूर है। आज से 25 वर्ष बाद जब हम छत्तीसगढ़ की स्थापना का 50वां वर्ष मनाएंगे तब छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में से एक होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देखने और सुनने के लिए युवा, बस्तर ओलंपिक विजयी प्रतिभागी, लखपति दीदियां, नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के निर्वाचित पदाधिकारी मोहभट्ठा पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान बस्तर ओलंपिक के विजयी प्रतिभागी अपने हाथों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तस्वीर को लहराते रहे और बीच-बीच में प्रधानमंत्री जिंदाबाद के नारे भी लगाए। बस्तर ओलंपिक के प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता था। बीते सवा सालों में बस्तर के समग्र विकास और वहां के लोगों की बेहतरी के लिए डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।

यहां यह उल्लेखनीय है कि नक्सल हिंसा कमजोर होने के बाद लोगों में उत्साह को बढ़ाने के लिए बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया। इसमें 1 लाख 65 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें नक्सल हिंसा से अपना अंग गंवा चुके लोगों ने भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर में अपने मन की बात कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की सराहना की और इसे बदलते हुए बस्तर का प्रतीक बताया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में महिलाओं को आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में अब तक सवा दो लाख महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी हैं। इस वित्त वर्ष में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री मोदी का छत्तीसगढ़ दौरा X पर किया ट्रेंड, नेता-कार्यकर्ताओं से लेकर आम लोगों ने किया ट्वीट…

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के प्रवास पर थे. इस दौरान उन्होंने राज्य को 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. लोकसभा चुनाव 2024 के बाद उनका यह पहला दौरा न केवल छत्तीसगढ़ में बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) में भी ट्रेंड कर रहा था. (#Modi_AtVikasParab)

प्रधानमंत्री मोदी का दौरा आज एक्स पर के नाम से पहले स्थान पर ट्रेंड कर रहा था. समाचार लिखे जाने तक एक-दो, सौ-पचार, हजार-दो हजार नहीं बल्कि लगभग साढ़े तीन हजार पोस्ट किए गए थे. यह संख्या समय के साथ-साथ बढ़ती जा रही है. इसमें भाजपा के नेता-कार्यकर्ताओं से लेकर आम आदमी भी शामिल हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिली छत्तीसगढ़ को 33 हजार 700 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर विकास की नई रोशनी फैली है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की बहुआयामी परियोजनाओं की सौगात दी है। उन्होंने जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया।

जनकल्याण और अधोसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएं रेल, सड़क, ऊर्जा, ईंधन, आवास और शिक्षा से जुड़ी हैं, जो न केवल लोगों के जीवन में खुशहाली और सुविधा का नया सूर्याेदय लाएंगी, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की नींव भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी पर लोगों ने भरोसा किया जिससे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में डबल इंजन की सरकार बनी और अब स्थानीय निकाय चुनावों में तीसरा इंजन भी जुड़ गया है।

2047 के विकसित भारत की ओर छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावी पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ इसमें ऊर्जा, खनिज और कृषि के क्षेत्र में राष्ट्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि जैसे कार्यक्रमों के जरिए अंतिम छोर तक लाभ पहुंचा है। साथ ही रेल, सड़क, एयर कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है।

आदिवासी विकास में विशेष योगदान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-मन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने जनजातीय बहुल छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा और दशा दी है। भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बना और प्रयागराज महाकुंभ में भारत की संस्कृति की भव्यता को दुनिया ने देखा।

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी शक्ति से जुटी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि जब-जब छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमने मांग की, आपने अपेक्षा से अधिक दिया। इसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया बिलासा देवी केवट का मोमेंटो

रायपुर-   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा देवी केवट की स्मृति में तैयार किया गया है। यह मोमेंटो न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है।

छत्तीसगढ़ की बिलासा देवी एक साहसी, परिश्रमी और दूरदर्शी महिला थीं, जिनके नाम पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर बिलासपुर का नाम पड़ा। वे केवट समुदाय से संबंध रखती थीं—एक ऐसा समुदाय, जो भारतीय इतिहास में जल परिवहन, सेवा भाव और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन में केवट समुदाय की भूमिका आज भी आदर्श के रूप में स्मरण की जाती है।

महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत

बिलासा देवी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ सीमाओं को पार कर इतिहास रच सकती हैं। उनके नेतृत्व, परिश्रम और कौशल ने यह सिद्ध किया कि चाहे वह प्रशासन हो या सामाजिक नेतृत्व—नारी कहीं भी पीछे नहीं। यह मोमेंटो उन्हीं मूल्यों और प्रेरणाओं का दर्पण है।

यह भेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व के साथ प्रतिध्वनित होती है, जिसके केंद्र में नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की संकल्पना है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला स्वयं सहायता समूह’, ‘नारी शक्ति मिशन’ जैसी योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। यह मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है—जो दर्शाता है कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएँ सशक्त होंगी। यह भेंट छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं का समन्वय है।

बिलासा देवी केवट का यह प्रतीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के यशस्वी मूल्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित भी किया है।

पीएम मोदी ने ‘जय जोहार’ के साथ किया अभिवादन, प्रभु राम के ननिहाल वालों को दी नवरात्रि की शुभकामनाएं…

रायपुर- लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर के मोहभट्टा में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ‘जय जोहार’ के साथ अभिनंदन किया. इसके साथ ही उन्होंने प्रभु राम के ननिहाल वालों को नववर्ष और नवरात्रि की शुभकामनाएं दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माता कर्मा पर डाक टिकट जारी होने की लोगों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि नवरात्रि का यह पर्व राम नवमी पर समाप्त होगा. रामनामी समाज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा शरीर राम नाम के लिए समर्पित किया है. उन्होंने कहा प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ को सौगात देने का अवसर मिला है. करोड़ों रुपए के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है.

तीन लाख परिवार कर रहे गृह प्रवेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि हमारी परंपरा में किसी को भी आश्रय देना बहुत पुण्य का काम माना जाता है. लेकिन जब किसी को आज नवरात्र के शुभ दिन छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवार अपने नए घर में गृह प्रवेश कर रहे हैं. तीन लाभार्थियों से मिलने का जिक्र करते हुए कहा कि उनके चेहरे पर खुशियां देखते ही बन रही थी. इस नए जीवन के लिए बहुत शुभकामनाएं देता हूं. यह आपके वजह से ही हो पाया है क्योंकि आपने मोदी की गारंटी पर भरोसा किया है.

 

छत्तीसगढ़ के लाखों परिवार के पक्के घर का सपना पहले की सरकारों ने फाइलों में गुमा दिया था, तब हमने गारंटी दी थी यह सपना हमारी सरकार पूरा करेगी. इसलिए विष्णु देव की सरकार की पहली कैबिनेट ने 18 लाख घर बनाने का निर्णय लिया गया था. आज उसमें तीन लाख घर बनकर तैयार हैं. इनमें से अनेक घर आदिवासी क्षेत्रों में बने हैं. बस्तर और सरगुजा के अनेक परिवारों को पक्के घर मिले हैं. जिन परिवारों की अनेक पीढ़ियों ने झोपड़ियों में बेहाल जीवन बिताया है, उनके लिए यह कितना बड़ा उपहार हम समझ सकते हैं.

हर वादे को पूरा कर रही भाजपा सरकार

नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ से किए गए हर वादे को पूरा कर रही है. त्रिस्तरीय चुनाव में जिस तरह से आपने आशीर्वाद दिया है, उसके लिए भी मैं आभार व्यक्त करता हूं. आपने देखा होगा कि हमारी सरकार कितनी तेजी से अपनी गारंटी पूरा कर रही है. धान किसानों को दो साल का बोनस मिला है. बढ़े हुए एमएसपी पर खरीदी हुई है. कांग्रेस की सरकार में यहां भर्ती परीक्षाओं में खूब घोटाले हुए हैं. भाजपा सरकार ने भर्ती परीक्षा में हुए घोटालों को लेकर जांच बिठाई है. हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता से परीक्षा करा रही है.

हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे

प्रधानमंत्री ने कहा किछत्तीसगढ़ को राज्य बने 25 साल हो रहे हैं. यह वर्ष छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष है. छत्तीसगढ़ सरकार 2025 को अटल निर्माण वर्ष के तौर पर मना रही है. हमारा संकल्प है हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे. छत्तीसगढ़ को अलग राज्य इसलिए बनाना पड़ा था, क्योंकि विकास का कार्य नहीं हो रहा था. और जो काम होते भी थे, उसमें कांग्रेस वाले घोटाले करते थे. कांग्रेस को कभी भी आपकी चिंता नहीं रही. आपके जीवन की, आपके सुविधाओं की, आपके बच्चों की चिंता हमने की. हमने विकास की योजनाओं को छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक ले गए.

जिसको कोई नहीं पूछता, उसे मोदी पूजता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते दशकों में कांग्रेस की नीतियों की वजह से छत्तीसगढ़ समेत अनेक राज्यों में नक्सलवाद को बढ़ावा मिला. देश में जहां-जहां अभाव रहा, जो-जो क्षेत्र विकास से पीछे रहे, वहां-वहां नक्सलवाद फलता-फूलता रहा. लेकिन जिस दल ने 60 साल सरकार चलाई, उसने क्या किया. उसने ऐसे जिलों को पिछड़ा घोषित कर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया. गरीब आदिवासियों की चिंता की, 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान योजना चलाई. सस्ती दवा की चिंता की, 80 प्रतिशत तक छूट देने वाले पीएम जन औषधि केंद्र खोले. जो लोग सामाजिक न्याय पर झूठ बोलते हैं, उन्हीं लोगों ने आदिवासी समाज को भुला दिया. इसलिए मैं कहता हूं कि जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको मोदी पूजता है.


बस्तर ओलंपिक बदलाव का परिणाम

 

प्रधानमंत्री मोदी ने डबल इंजन सरकार की वजह से छत्तीसगढ़ में तेजी से स्थिति बदलने का जिक्र करते हुए कहा कि सुकमा जिले के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र मिलता है, तो नया विश्वास जगता है. कई साल बाद दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य केंद्र शुरू होता है तो नया विश्वास जगता है. ऐसे ही प्रयासों के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थाई शांति का नया दौर नजर आ रहा है. दिसंबर में ‘मन की बात’ में बस्तर ओलंपिक की चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से बस्तर ओलंपिक में जिस प्रकार से हजारों नौजवानों ने हिस्सा लिया वह छत्तीसगढ़ में आ रहे बदलावों का परिणाम है.

नई शिक्षा नीति पर हो रहा शानदार काम

प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ नई शिक्षा नीति को शानदार तरीके से लागू कर रहा है. देशभर में 12 हजार से अधिक आधुनिक पीएम श्री स्कूल शुरू हो चुके हैं. जिनमें से करीब साढे तीन सौ स्कूल छत्तीसगढ़ में है. यह पीएम श्री स्कूल दूसरे स्कूलों के लिए आदर्श बनेंगे. इससे राज्य की पूरी शिक्षा व्यवस्था का स्तर उठेगा. छत्तीसगढ़ में दर्जनों एकलव्य मॉडल स्कूल काम कर रहे हैं. नक्सल प्रभावित इलाकों में अनेक स्कूल फिर से शुरू किए गए हैं. आज छत्तीसगढ़ में विद्या समीक्षा केंद्र की शुरुआत हुई. यह भी देश में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा कदम है. इससे स्कूलों में शिक्षा का स्तर और अच्छा होगा.

छत्तीसगढ़ संसाधनों से, सपनों से, सामर्थ्य से भरपूर

बीते वर्षों में मेरे मित्र रमन सिंह ने जो मजबूत नींव रखी थी, उसे वर्तमान सरकार और सशक्त कर रही है. आने वाले 25 साल वर्षों में हमें इस नींव पर विकास की भव्य इमारत बनाना है. छत्तीसगढ़ संसाधनों से भरपूर है, छत्तीसगढ़ सपनों से भरपूर है, छत्तीसगढ़ सामर्थ्य से भरपूर है. 25 साल बाद जब हम छत्तीसगढ़ की स्थापना का 50 वर्ष मनाएं, तो छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में हो, इस लक्ष्य को हम पाकर ही रहेंगे. आपको फिर विश्वास दिलाउंगा, यहां विकास का लाभ छत्तीसगढ़ के हर परिवार तक पहुंचे, इसके लिए हम कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।

पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, अभनपुर से ट्रेन हुई रवाना…

रायपुर- छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अभनपुर-रायपुर रेल सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया. यह रेल सेवा यात्रियों को बेहतर और सुगम यात्रा की सुविधा प्रदान करेगी.

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद गाड़ी संख्या 08835 अभनपुर-रायपुर इनॉग्रल मेमू पैसेंजर स्पेशल आठ कोच के साथ अभनपुर से दोपहर 3:30 बजे रवाना होगी और निम्नलिखित स्टेशनों पर रुकेगी.

  • केंद्री: 3:38 बजे
  • सीबीडी: 3:52 बजे
  • मंदिर हसौद: 4:10 बजे
  • रायपुर: 4:55 बजे

31 मार्च से शुरू होगी नियमित सेवा

अगले दिन यानी 31 मार्च 2025 से रायपुर-अभनपुर रूट पर यात्रियों की सुविधा के लिए दो मेमू पैसेंजर ट्रेनें (सुबह और शाम) चलाई जाएंगी.

1. गाड़ी संख्या 68760/68761 रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर

स्टॉपेज:

रायपुर से प्रस्थान: सुबह 9:00 बजे

मंदिर हसौद: 9:18 बजे

सीबीडी: 9:32 बजे

केंद्री: 9:50 बजे

अभनपुर: 10:10 बजे

वापसी (गाड़ी संख्या 68761)

अभनपुर से प्रस्थान: 10:20 बजे

केंद्री: 10:28 बजे

सीबीडी: 10:42 बजे

मंदिर हसौद: 11:00 बजे

रायपुर: 11:45 बजे

2. गाड़ी संख्या 68762/68763 रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर

स्टॉपेज:

रायपुर से प्रस्थान: शाम 4:20 बजे

मंदिर हसौद: 4:38 बजे

सीबीडी: 4:52 बजे

केंद्री: 5:10 बजे

अभनपुर: 5:30 बजे

वापसी (गाड़ी संख्या 68763)

अभनपुर से प्रस्थान: 6:10 बजे

केंद्री: 6:18 बजे

सीबीडी: 6:32 बजे

मंदिर हसौद: 6:45 बजे

रायपुर: 7:20 बजे.