रेखा गुप्ता में दिल्लीवालों के लिए खोला पिटारा, जानें छात्रों और महिलाओं के लिए क्या


#delhibudget2025 

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने एक लाख करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। दिल्ली विधानसभा का पांच दिवसीय बजट सत्र सोमवार को ‘खीर' समारोह के साथ शुरू हुआ और आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सदन में बजट पेश किया। मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में आई भाजपा सरकार का मंगलवार को पहला बजट पेश किया।

2025-26 का दिल्ली का बजट 1 लाख करोड़ रुपये का है। यह बजट पिछले साल की तुलना में 31.5 प्रतिशत ज्यादा है। दिल्ली बजट में बिजली, सड़क, पानी और संपर्क समेत कई प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए 320 करोड़ रुपये

दिल्ली की सीएम ने प्रदेश में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए 320 करोड़ रुपये का प्रावधान करने की घोषणा की। दिल्ली सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए दिल्ली सरकार प्रतिबध है। उन्होंने कहा कि सरकार वैकल्पिक हेल्थ केयर की दिशा में भी काम करेगी। इसके लिए आयुष पर जोर दिया जाएगा।

दिल्ली में हर घर तक पहुंचेगा साफ पानी

सीएम रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण में कहा कि हमारी सरकार में हर घर तक साफ पानी पहुंचेगा। इसके साथ ही सीवर सिस्टम अपग्रेड होगा। ऐसे में जल आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए 9,000 करोड़ का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे नई जल पाइपलाइन बिछाई जाएंगी, सीवर लाइनों का विस्तार होगा और हर नागरिक को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलेगी।

दिल्ली बजट में 500 करोड़ रुपये का सीवेज ट्रीटमेंट प्लान

दिल्ली बजट में इस बार सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पानी और सीवर अब समस्या नहीं रहेगी। सीएम ने कहा कि 250 करोड़ का प्रावधान पुरानी सीवर लाइन बदलने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि सीवर साफ करने के लिए 31 सुपर सकर मशीन किराये पर लाए गए हैं। जरूरत के हिसाब से और मशीने मंगाई जाएंगी।

5000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें लाएंगे

सीएम रेखा ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन के लिए दिल्ली में 2152 इलैक्ट्रिक बसें हैं। 5000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें 2025-26 में शामिल करेंगे। मेट्रो का चौथा फेज देर से शुरू हुआ, पिछली सरकार ने देरी की। 6000 करोड़ की देनदारी है। मेट्रो 290 स्टेशन के साथ 394 किलोमीटर का संचालन कर रही है। 2929 करोड़ मेट्रो के लिए दिए गए हैं, हम अपने शेयर देंगे और अगले फेज के लिए तैयार करेंगे। 1000 करोड़ शहरी परिवहन के लिए रखे गए हैं और 12952 करोड़ दिल्ली परिवहन के लिए है।

वरिष्ठ नागरिकों को 2500 करोड़ रुपए

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि 9780 करोड़ रुपए समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास और एससी-एसटी, ओबीसी विभाग के लिए दिए गए हैं। इससे 9 लाख लोगों को फायदा पहुंचेगा। वरिष्ठ नागरिकों को 2500 करोड़ रुपए देने का प्रावधान है। 70 साल से अधिक उम्र के लोगो को 3000, एएसी-एसटी को अतिरिक्त 500 रुपए दिए जाएंगे। विकलांगों को 2500 रुपए से बढ़ाकर 3000 रुपए दिए जाएंगे, जिलके लिए कुल 3227 करोड़ का प्रावधान है।

दिल्ली के छात्रों को बांटे जाएंगे लैपटॉप

रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए 1500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 100 सरकारी स्कूलों में विदेशी भाषा सिखाएंगे, इसके लिए 21 करोड़ खर्च किए जाएंगे। 1.5 करोड़ की लागत से बच्चों को आर्ट ऑफ लिविंग सिखाएंगे। 7000 क्लास को स्मार्ट क्लास बनाई जाएंगी। 1200 बच्चों को साढ़े 7 करोड़ की लागत से लैपटॉप दिया जाएगा, जोकि 10 से 11वीं में जाएंगे। नींव प्रोजेक्ट के लिए 20 करोड़, तकनीकी शिक्षा के लिए 618 करोड़ रुपए, नरेला में एजुकेशन हब बनाने के लिए 500 करोड़ रुपए और आईटीआई के लिए 20 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

ट्रंप के टैरिफ वार के बीच भारत की अहम “चाल”, 1 अप्रैल से हटाएगा गुगल टैक्स

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल से भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। उससे पहले भारत सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है।भारत सरकार ने 1 अप्रैल से गूगल और मेटा जैसी कंपनियों की ऑनलाइन विज्ञापन सेवाओं पर लगाए जाने वाले 6% के गूगल टैक्स (इक्वलाइजेशन लेवी) को हटाने का प्रस्ताव रखा है। इस टैक्स को व्यापक रूप से गूगल टैक्स के रूप में जाना जाता है। भारत सरकार के इस कदम का उद्देश्य संभवतः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांत करना है।

गूगल टैक्स पर सरकार का प्रस्ताव

ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर कोई देश अमेरिका की टेक कंपनियों पर डिजिटल टैक्स लगाएगा तो वह 2 अप्रैल से उन पर जवाबी शुल्क लगाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में वित्त विधेयक में 59 संशोधन पेश किए। यह प्रावधान उन्हीं संशोधनों में शामिल है। इक्वलाइजेशन लेवी को हटाने का प्रस्ताव भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत के बीच आया है।

क्या दबाव में लिया गया फैसला?

यह कदम भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा और 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा बराबरी वाला शुल्क लगाए जाने से पहले उठाया गया है। जानकारों का कहना है कि यह कदम भारत के व्यापारिक रुख को लचीला दिखाने का प्रयास है और अमेरिकी विरोध को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। गूगल टैक्‍स हटाने से भारत अमेरिका के टैरिफ वार से बच पाएगा या नहीं, यह कहना अभी मुश्किल है।

गूगल टैक्स होता क्या है?

भारत में इक्वलाइजेशन लेवी या गूगल टैक्स की शुरुआत 2016 में की गई थी। इसका मकसद था भारत से विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों को होने वाली आय पर टैक्स लगाना। गूगल टैक्स एक टैक्स है, जिसे सेवा प्राप्तकर्ता द्वारा पेमेंट के समय लगाया जाता है। शर्त यही होती है कि जिस कंपनी को विज्ञापन के बदले टैक्स दिया जा रहा है वह विदेशी हो। वित्त अधिनियम, 2020 ने इस टैक्स का दायरा 1 अप्रैल, 2020 को या उसके बाद की गई ई-कॉमर्स सप्लाई और सेवाओं तक 2% की दर से बढ़ा दिया था। हालांकि, जुलाई 2024 में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में इसे अगस्त 2024 से समाप्त कर दिया गया।

सऊदी में 12 घंटे अमेरिकी और रूसी अधिकारियों का मंथन,यूक्रेन युद्ध रोकने पर कहां तक बनी बात?

#us_and_russian_officials_meeting_held_in_riyadh 

यूक्रेन जंग रोकने को लेकर सऊदी अरब के रियाद में अमेरिका और रूस के अधिकारियों ने मंथन किया। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच यह महत्वपूर्ण बैठक 12 घंटों से ज्यादा लंबी चली, जिसमें दोनों पक्षों ने युद्धविराम की कोशिशों पर प्रगति की। वहीं, रूसी मीडिया के मुताबिक, इस बैठक को लेकर अमेरिका और रूस मंगलवार यानी 25 मार्च को एक संयुक्त बयान जारी करेंगे।

अमेरिका के साथ बैठक के बाद रूसी विदेश मंत्रालय ने एक छोटा सा वीडियो जारी किया। इस वीडियो में रूसी अधिकारियों को वार्ता के खत्म होने के बाद बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, मंत्रालय की ओर से इस वीडियो पोस्ट पर कोई अन्य जानकारी नहीं दी गई। केवल लिखा गया, “रूसी-अमेरिकी बैठक खत्म हो गई है।

रूस के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और सीनियर डिप्लोमेट ग्रिगोरी करासिन ने रियाद में हुई वार्ता को ‘रचनात्मक’ के साथ-साथ ‘तकनीकि’ भी बताया है। करासिन ने बातचीत में ब्रेक के दौरान मीडिया से कहा, “सभी बैठकों में हाई-प्रोफाइल दस्तावेज या समझौते नहीं होते हैं, बैठक में महत्वपूर्ण उद्देश्य है कि संबंधित पक्षों के बीच संवाद को बनाकर रखा जाए और एक-दूसरे की स्थिति को गहनता से समझा जाए और इस संबंध में हम सफल हो रहे हैं।

हालांकि एक तरफ तो सीजफायर को लेकर बैठक चल रही थी वहीं दूसरी तरफ रूस-यूक्रेन बॉर्डर पर दोनों तरफ से हमले जारी हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच रियाद के एक लक्जरी होटल में बैठक हो रही थी, तब उत्तरपूर्वी यूक्रेन के सुमी पर सोमवार को एक रूसी मिसाइल हमले में 17 बच्चों सहित लगभग 90 लोग घायल हो गए।

इससे पहले पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ बातचीत की थी। इस दौरान ट्रम्प ने दोनों नेताओं से एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले न करने के लिए कहा था।

हालांकि, इस बातचीत में स्पष्टता की कमी की वजह से यह समझौता लागू नहीं हो पाया। इस दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले भी किए।

अमेरिका यूक्रेन को पहले ही प्रस्ताव दे चुका है कि वह पावर प्लांट्स (ऊर्जा ठिकानों) की सुरक्षा के लिए उन्हें अमेरिका को सौंप दे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने टीवी पर दिए एक बयान में बताया कि बातचीत काफी उपयोगी रही। यूक्रेन के रक्षामंत्री रुसतेम उमेरोव के मुताबिक इस बातचीत का मकसद जल्द शांति और सुरक्षा को मजबूत करना है। रविवार को इस सब पर तकनीकी बातचीत हुई। वहीं जेलेंस्की ने अपने सहयोगी देशों, खासतौर से अमेरिका से पुतिन को हमले रोकने के लिए आदेश देने के लिए कहा

कुणाल कामरा को मुंबई पुलिस ने भेजा आज पेश होने का समन, पूछताछ के लिए बुलाया

#kunalkamraeknathshindecontroversy 

विवादित बयान देकर फंसे स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं।महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर विवादित कविता बोलने को लेकर वे कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। इस मामले में अब कुणाल को पुलिस ने समन भेजा है।

कुणाल कामरा को खार पुलिस ने उनके घर पर समन भेजा है। हालांकि, कुणाल फिलहाल मुंबई में नहीं है, इसीलिए समन कुणाल के पिता को हैंडओवर किया गया है। इसके अलावा कुणाल को पुलिस ने व्हाट्सएप के जरिए भी समन भेजा है और पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए कहा है।

कामरा का माफी मांगने से इनकार

इससे पहले कुणाल कामरा ने इस विवाद को लेकर माफी मांगने से इनकार कर दिया है। कामरा ने बीती रात एक स्टेटमेंट जारी किया था। इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए कुणाल कामरा ने साफतौर पर कहा कि वे माफी नहीं मांगेगे। उन्होंने लिखा- 'मैं माफी नहीं मांगूंगा। मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं अपने बेड के नीचे छिपकर इसके शांत होने का इंतजार नहीं करूंगा। मैंने बिल्कुल वही कहा जैसा मिस्टर अजीत पवार (फर्स्ट डिप्टी सीएम) ने श्री एकनाथ शिंदे (दूसरे डिप्टी सीएम) के बारे में कहा था।

रघुनाथ पाटिल ने दी अपने अंदाज में बात करने की धमकी

वहीं, कामरा के माफी मांगने से इनकार करने के बाद महाराष्ट्र के मंत्री गुलाब रघुनाथ पाटिल ने कहा, ‘अगर वह माफ़ी नहीं मांगते हैं, तो हम उनसे अपने अंदाज में बात करेंगे। शिवसेना उन्हें नहीं छोड़ेगी, हम यह अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे, अगर वह माफी नहीं मांगते हैं, तो वह बाहर आ जाएंगे, कहां छिपेंगे? शिवसेना अपना असली रूप दिखाएगी।

क्या है मामला?

कॉमेडियन कुणाल कामरा ने मुंबई में आयोजित अपने शो में महाराष्ट्र की राजनीति पर टिप्पणी की थी। उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम लिए बगैर कुछ ऐसा कह दिया था, जिससे शिवसेना कार्यकर्ता उग्र हो गए थे। उन्होंने दिग्गज नेता के दल बदलने को लेकर एक फिल्मी गाने का सहारा लिया था। इस विवादित टिप्पणी पर भड़के शिवसेना के युवा कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुंबई के खार इलाके में होटल यूनिकॉन्टिनेंटल में तोड़फोड़ की थी। इसी होटल में कामरा के शो की शूटिंग हुई थी। उपद्रव के बाद शिवसेना युवा सेना (शिंदे गुट) के महासचिव राहुल कनाल और 19 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में राहुल समेत 12 को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें बाद में जमानत दे दी गई। विवादित टिप्पणी मामले में कामरा पर भी मामला दर्ज किया गया है।

पोओके में अवैध कब्जा, खाली तो करना ही होगा, यूएन में भारत की पाक को दो टूक

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भारत ने एख बार फिर पाकिस्तान को वैश्विक मंच से खरी-खोटी सुनाई है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में शांति स्थापना सुधारों पर बहस के दौरान जम्मू और कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के बार-बार दिए गए बयानों को सख्ती से खारिज किया। साथ ही पाकिस्तान से दो टूक कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर में उनका अवैध कब्जा है और उसे खाली करना ही होगा।

भारत ने मंगलवार को शांति स्थापना सुधारों पर संयुक्त राष्ट्र की बहस में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा बार-बार उठाने के लिए पाकिस्तान की जमकर “धोया”।सुरक्षा परिषद में बोलते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने कहा कि यह टिप्पणी उचित नहीं थी। उन्होंने दोहराया कि यह क्षेत्र 'भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा।

पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि वह शांति स्थापना पर मुख्य चर्चाओं से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, भारत यह स्पष्ट करना आवश्यक समझता है कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने एक बार फिर भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर पर अनुचित टिप्पणी की है। ऐसे बार-बार किए गए दावे न तो उनके अवैध दावों को मान्यता देते हैं और न ही उनके राज्य-प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को सही ठहराते हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पी ने कहा कि हम पाकिस्तान को सलाह देंगे कि वह अपने संकीर्ण और विभाजनकारी एजेंडे को चलाने के लिए इस मंच का ध्यान भटकाने की कोशिश न करे। भारत अधिक विस्तृत उत्तर देने के अधिकार का प्रयोग करने से परहेज करेगा।

हरीश का यह जवाब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विशेष सहायक सैयद तारिक फातमी द्वारा सुरक्षा परिषद में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना के भविष्य पर चर्चा के दौरान जम्मू-कश्मीर पर दिए गए बयान के बाद आया है। भारत ने कहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है, लेकिन इस बात पर जोर देता है कि इस तरह के संबंधों के लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी इस्लामाबाद पर है।

उद्धव ठाकरे ने किया कुणाल कामरा का बचाव,बोले- जो गद्दार है वो गद्दार है, गाने में कोई कमी नहीं

#thackeraysayskunalkamranotsayanything_wrong

कॉमेडियन कुणाल कामरा की एकनाथ शिंदे के ऊपर टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र में बवाल मचा हुआ है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में पक्ष-विपक्ष आपने सामने है। एक तरफ जहां सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन दलों के नेता कामरा के बयान से नाराजगी जताते हुए उनका विरोध कर रहे है। तो दूसरी ओर यूबीटी शिवसेना कुणाल कामरा के समर्थन में आ गई है। इस मुद्दे पर पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कॉमेडियन कुणाल कामरा का बचाव किया है। कुणाल कामरा के समर्थन में आए उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि कुणाल कामरा ने कुछ गलत कहा है। जो गद्दार है वो गद्दार है। उसके गाने में कोई कमी नहीं है। जिनके खून में 'गद्दारी' है वह कभी शिवसैनिक नहीं हो सकते।

कामरा को मिला उद्धव ठाकरे का साथ

उद्धव ठाकरे ने कुणाल कामरा की टिप्पणी पर कहा कि गाने में कोई कमी नहीं है। जो गद्दार हैं, वो गद्दार हैं। ठाकरे ने आगे कहा मुझे नहीं लगता कि कुणाल ने कुछ गलत कहा। कुणाल ने व्यग्य नहीं सत्य कहा है। आज मैं कहूंगा जिसने चोरी की वो गद्दार है। कल जिसने तोड़फोड़ की वो शिवसैनिक ने नहीं बल्कि गद्दार सेना ने की है। उद्धव ठाकरे ने शिवसेना चीफ एकनाथ शिंदे पर हमला करते हुए कहा, इन गद्दारों को कोशियारी या दूसरे नेताओं या उनके लोगों द्वारा किया जाने वाले अपमान नहीं दिखाई देता। स्टूडियो को जिसने नुकसान पहुंचाया, उससे वसूल करना चाहिए। नागपुर दंगे की सुपारी और औरंगज़ेब की कब्र की सुपारी किसने दी?

कामरा के बचाव में आए आदित्य ठाकरे

उद्धव ठाकरे के बाद शिवसेना-यूबीटी विधायक आदित्य ठाकरे ने कुणाल कामरा के बयान पर उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि कुणाल कामरा ने किसी का नाम नहीं लिया था, फिर भी एकनाथ शिंदे के समर्थकों ने उसे देशद्रोही और चोर क्यों कहा? साथ ही उन्होंने सवाल किया कि यह निर्णय कब लिया गया कि कुणाल कामरा देशद्रोही और चोर हैं? आदित्य ने यह भी कहा कि जब कुणाल कामरा ने मोदी जी और उनकी पार्टी के बारे में भी टिप्पणियां की थीं, तब किसी ने भी ऐसी प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन अब जब उसने कुछ कहा, तो मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों ने उसे इस तरह की गाली-गलौच दी।

स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अपने शो में शिंदे पर उनका नाम लिए बिना विवादित टिप्पणी की थी। इस पर भड़के शिवसैनिकों ने जहां शो का आयोजन किया गया था, वहां धावा बोल दिया था। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुंबई के खार इलाके में होटल यूनिकॉन्टिनेंटल में तोड़फोड़ की थी। इसके बाद शिवसेना युवा सेना (शिंदे गुट) के महासचिव राहुल कनाल और 19 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

बांग्लादेश में नया विवाद, हसीना विरोधी छात्र नेता ने सेना को लेकर किया बड़ा दावा, भारत का भी आया नाम

#bangladesh_army_chief_did_not_want_muhammad_yunus

बांग्लादेश में एक नया विवाद शुरू हो गया है। बांग्लादेश में शेख हसीना को सत्ता से हटाने के लिए आंदोलन करने वाले छात्र नेताओं और सेना के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।बांग्लादेश की नई गठित जातीय नागरिक पार्टी (एनसीपी) के मुख्य आयोजक हसनत अब्दुल्ला ने देश के सेना प्रमुख के बारे में एक बड़ा दावा किया है। एक वीडियो में हसनत ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल वकार उज-जमान नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को मुख्य सलाहकार नियुक्त करने के इच्छुक नहीं थे।

एक वायरल वीडियो में हसनत अब्दुल्ला ने कहा कि सेना प्रमुख ने मोहम्मद यूनुस की साख पर सवाल उठाते हुए उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त नहीं माना। जनरल जमान ने यह भी कहा कि यूनुस का नोबेल पुरस्कार विजेता होना और उनकी सुधारवादी छवि के बावजूद, वह इस जिम्मेदारी के लिए सही व्यक्ति नहीं थे। सेना प्रमुख ने देश की बागडोर सही हाथों में सौंपने की जरूरत पर जोर दिया था।

द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल सिटिजन पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ढाका यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करते हुए सेना पर आरोप लगाया कि सेना, शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को फिर से सत्ता में लाने की कोशिश कर रही है। हसनत ने दावा किया कि पाँच अगस्त को अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बांग्लादेश का सैन्य नेतृत्व भारत के प्रभाव में अवामी लीग को फिर से मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।

बता दें कि अवामी लीग शेख़ हसीना की पार्टी है और जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश समेत कई राजनीतिक धड़े अवामी लीग के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।अब्दुल्ला ने फेसबुक पर लिखा कि भारत के इशारे पर अवामी लीग की मदद की जा रही है। अब्दुल्ला ने सेना को चेताते हुए कहा कि आर्मी को छावनी के अंदर तक ही रहना चाहिए। बांग्लादेश में सेना का राजनीति में कोई हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस पर सेना ने अपने बयान कहा कि एनसीपी के आरोप सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट हैं। सेना पर राजनीतिक हस्तक्षेप के इस आरोप से बांग्लादेश में सियासी तनाव बढ़ गया है।

बता दें कि बांग्लादेश की सेना के अंदर दो गुट बने हुए हैं। एक गुट जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों का समर्थन करता है, जबकि दूसरा अवामी लीग के साथ जुड़ा हुआ है। इन गुटों के बीच उभरे तनाव ने सेना के अंदर मतभेदों को और गहरा दिया है, जिससे स्थिति अस्थिर हो गई है।

सांसदों के वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी, जानें अब कितनी होगी सैलरी

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केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन में इजाफे का ऐलान किया है। केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन में 24 प्रतिशत की वृद्धि की सूचना दी है। 1 अप्रैल 2023 से सांसदों को एक लाख की जगह 1.24 लाख रुपये वेतन के तौर पर मिलेंगे। सरकार की ओर से सांसदों की पेंशन और भत्ता में भी इजाफा किया गया है।

संसदीय कार्य मंत्रालय ने सोमवार को एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया। नोटिफिकेशन के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों का वेतन 1 लाख रुपये से बढ़कर 1.24 लाख रुपये प्रति माह हो गया है। वहीं, दैनिक भत्ता 2,000 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गया है।

नए वेतन और भत्ते इस प्रकार हैं:

सांसदों का मासिक वेतन

पहले: ₹1,00,000 प्रति माह

अब: ₹1,24,000 प्रति माह

दैनिक भत्ता (संसद सत्र के दौरान बैठकों में भाग लेने पर)

पहले: ₹2,000 प्रति दिन

अब: ₹2,500 प्रति दिन

पूर्व सांसदों की मासिक पेंशन

पहले: ₹25,000 प्रति माह

अब: ₹31,000 प्रति माह

अतिरिक्त पेंशन (पांच वर्ष की सेवा से अधिक के प्रत्येक वर्ष के लिए)

पहले: ₹2,000 प्रति माह

अब: ₹2,500 प्रति माह

सरकार ने सैलरी में ये बढ़ोतरी महंगाई को ध्यान में रखते हुए की है, जिससे सांसदों को काफी मदद मिलेगी। इसपर सरकार का कहना है कि यह सैलरी इजाफा पिछले 5 सालों में बढ़ी महंगाई को देखते हुए की गई है। आरबीआई द्वारा निर्धारित महंगाई दर और लागत सूचकांक के आधार पर यह बदलाव किया गया है। इसका लाभ वर्तमान और पूर्व सांसदों को मिलेगा।

इससे पहले, सांसदों के वेतन और भत्तों में बदलाव अप्रैल 2018 में किया गया था।2018 में सांसदों का मूल वेतन 1 लाख रुपये महीना तय किया गया था। इसका मकसद था कि उनकी सैलरी महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत के हिसाब से हो। 2018 के बदलाव के अनुसार, सांसदों को अपने क्षेत्र में ऑफिस चलाने और लोगों से मिलने-जुलने के लिए 70 हजार रुपये का भत्ता मिलता है। इसके अलावा, उन्हें ऑफिस के खर्च के लिए 60 हजार रुपये महीना और संसद सत्र के दौरान हर दिन 2 हजार रुपये का भत्ता मिलता है। अब इन भत्तों में भी बढ़ोतरी की जाएगी।

बुरे फंसे हरभजन सिंह, कमेंट्री के दौरान जोफ्रा आर्चर को ऐसा क्या कहा जिससे मच गया बवाल?

#harbhajan_singh_racism_remark_over_jofra_archer

पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह विवादों में घिर गए। इंडियन प्रीमियर लीग-2025 में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के मैच में कमेंट्री करते हुए उन्होंने जोफ्रा आर्चर पर एक विवादास्पद टिप्पणी की। हरभजन ने आर्चर के लिए 'काली टैक्सी' शब्द का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर हरभजन के इस बयान की आलोचना हो रही हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि हरभजन सिंह को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।

हरभजन सिंह आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद भी है। आईपीएल के दौरान वे कमेंट्री पैनल में भी हैं। रविवार को आईपीएल-18 का दूसरा मैच सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला गया। इस मैच के 18वें ओवर में जब जोफ़्रा आर्चर गेंदबाजी कर रहे थे, उस समय ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन बल्लेबाज़ी कर रहे थे।

क्लासेन ने इस ओवर में लगातार दो चौके मारे। इस दौरान कमेंट्री कर रहे हरभजन सिंह ने कहा, लंदन में काली टैक्सी का मीटर तेज भागता है और यहाँ पर आर्चर साहब का मीटर भी तेज भाग रहा है। यहां उनके कहने का मतलब था कि जैसे लंदन की काली टैक्सी का मीटर तेजी से चलता है, वैसे ही आर्चर ने भी खूब रन दिए। जल्द ही हरभजन सिंह की इस टिप्पणी को लेकर विवाद पैदा हो गया।

हरभजन का बयान इस वजह से था कि आर्चर काफी महंगे साबित हुए। उन्होंने चार ओवर में बिना विकेट लिए 76 रन लुटाए थे। आर्चर का मीटर भागने से हरभजन का यही मतलब था। हालांकि, टर्बनेटर ने अभी तक इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है या माफी नहीं मांगी है।

हरभजन सिंह का 'काली टैक्सी' वाला बयान लोगों को पसंद नहीं आया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि हरभजन को इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए थीं। सोशल मीडिया पर कुछ लोग हरभजन सिंह की आर्चर पर टिप्पणी को 'नस्लीय' कह रहे हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि हरभजन को माफी मांगनी चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब हरभजन सिंह विवादों में घिरे हैं। अपने क्रिकेट करियर के दौरान भी उन्हें कई बार विवादों का सामना करना पड़ा था।

डीके शिवकुमार के बयान पर कर्नाटक से दिल्ली तक बवाल, विवाद बढ़ा तो दी सफाई

#dkshivakumarcommentonthe_constitution

सार्वजनिक ठेकों में मुस्लिमों को चार प्रतिशत आरक्षण को लेकर कर्नाटक में विवाद जारी है। इस बीच राज्य के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में मुस्लिम आरक्षण के सवाल पर कुछ ऐसा कह दिया कि कर्नाटक से लेकर दिल्ली तक का राजनीतिक पारा चढ़ गई। दरअसल, रविवार को वे एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उनसे मुस्लिम आरक्षण को लेकर सवाल किया गया। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि समय आने पर संविधान बदला जा सकता है। इस बयान का जमकर विरोध हो रहा है।

मैंने कैज़ुअली कह दिया-शिवकुमार

इस बीच, कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने उनके बयान को लेकर हो रहे विवाद पर समाचार एजेंसी एएनआई को बयान दिया है। उन्होंने कहा, मैं एक समझदार राजनेता हूं मैं पिछले 36 वर्षों से सदन में हूं। मुझे बेसिक समझ है। मैंने कैज़ुअली कह दिया था कि कई फ़ैसलों के बाद कई बदलाव होंगे। पिछड़ा वर्ग के कोटे के मुताबिक पहले ही आरक्षण दिया जा चुका है। मैंने नहीं कहा है कि हम संविधान बदलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, वो लोग जो भी बता रहे हैं, वो गलत है। हम एक राष्ट्रीय पार्टी हैं। वो हमारी पार्टी है, जो इस देश में संविधान लेकर आई है। मैं इस मामले में मुकदमा लड़ूंगा।

भाजपा पर फर्जी खबरें फैलाने का आरोप

शिवकुमार ने भाजपा पर उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बारे में कहा, मीडिया मेरी बात को गलत नहीं बता रहा, बल्कि भाजपा ऐसा कर रही है। ये लोग राजनीति करते हैं और देश को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। भाजपा फर्जी खबरें फैलाने के लिए मशहूर है। मैं इसे ऐसे ही नहीं छोड़ूंगा।

क्या बोले थे डीके शिवकुमार?

दरअसल, रविवार को डीके शिवकुमार एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जहां उनसे सार्वजनिक ठेकों में मुस्लिमों को चार प्रतिशत आरक्षण दिए जाने और भाजपा द्वारा इसे अदालत में चुनौती देने की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया। उसका जवाब देते हुए कर्नाट के डिप्टी सीएम ने कहा कि देखते हैं कि क्या होता है। हमने जो शुरू किया है, मुझे पता है कि इसको लेकर सब अदालत में जाएंगे। इंतजार करते हैं और देखते हैं अदालत का जो भी फैसला आएगा। उन्होंने कहा कि हमें अच्छे दिनों का इंतजार करना होगा। बहुत सारे बदलाव करने हैं...संविधान भी बदल रहा है ऐसे फैसले भी हैं जो संविधान बदल देते हैं।