Mirzapur: कोलना चुनार में पांच दिवसीय योग कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

मीरजापुर। पतंजलि युवा भारत एवं एम बी योग संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में चुनार के कोलना स्थित आदर्श जनता महाविद्यालय पांच दिवसीय योग कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय योगासन जज योग गुरु योगी ज्वाला सिंह ने पावन ओमकार व गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ कराते हुए बीएड अभ्यर्थियों को योग विद्या से परिचित कराया। योग कार्यशाला के प्रथम दिवस पर जनपद के विभिन्न स्थानों से आए हुए बीएड अभ्यर्थियों को योग गुरु ज्वाला सिंह ने बैठकर करने वाले आसनों में सुखासन, सिद्धासन, पद्मासन, दंडासन, वज्रासन, भद्रासन संग आदि आसनों एवं भस्त्रिका प्राणायाम, कपालभाती, अनुलोम विलोम एवं भ्रामरी प्राणायाम सहित अन्य आदि प्राणायाम का विधिपूर्वक अभ्यास करते हुए उनसे होने वाले लाभ के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। योगी ज्वाला ने कहा जो व्यक्ति अपने रोज के चौबीस घंटों में से एक घंटे योग एवं प्राणायाम के लिए देगा, वह जीवन में हमेशा स्वस्थ निरोग तथा दीर्घायु होगा।

इस अवसर पर प्रबंधक दिलीप सिंह पटेल ने कहा कि आज के इस दौड़ती भागती जिंदगी में अगर सच में स्वस्थ रहना है, निरोग रहना है, तो योग ही एकमात्र साधन है, दूसरा कोई विकल्प नहीं। प्रधानाचार्य प्रदीप सिंह ने आए हुए अभ्यर्थियों को संदेश देते हुए कहा कि योग आज केवल भारत ही नहीं अपितु विश्व के कोने-कोने में अपनी उपयोगिता को सिद्ध किया है। अतः मानव जीवन को उपयोगी बनाने के लिए उसे भी योग से जुड़ना ही होगा , तभी जीवन सार्थक होगा।

इस अवसर पर शिवपूजन, श्याम दिनेश, अनीता सिंह, अमीषा पटेल, शमा परवीन, तृप्ति सिंह, उषा सिंह, सरोज साधना, प्रतिभा, उर्मिला, प्रियंका, सीमा यादव, सोनी, प्रीति, प्रज्ञा, वंदना, जया, अनिल मनोज आदि अभ्यर्थियों ने प्रसन्नता पूर्वक योग सत्र में हिस्सा लिया।

Mirzapur: मकान खाली ना हुआ तो बावर्दी आग लगा दे दूंगा जान

मीरजापुर। देश की सरहदों से लेकर घनघोर जंगलों, नक्सल, उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में जान जोखिम में डालकर देश समाज की खातिर हर पल मुस्तैद रहने वाले जवान को यदि खुद के परिवार के असुरक्षित होने और मकान को बचाने के लिए गुहार लगाने पड़ रहें हो तो भला इसे विडंबना नहीं तो और क्या कहां जाएगा।

जिले के हलिया थाना क्षेत्र के मनिगढ़ा गांव निवासी रयूफ अंसारी पुत्र कय्यूम अंसारी के साथ भी कुछ ऐसा ही होता आ रहा है। सोमवार को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर उन्होंने पुनः प्रार्थना पत्र देकर अपना मकान दबंग से खाली कराएं जाने की गुहार लगाई है। इसके पूर्व 10 मार्च 2025 को जिलाधिकारी से मिलकर गुहार लगा चुके थे तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी पहुंचे थें जहां एक कार्यक्रम में एसपी के शामिल होने की वजह से मुलाकात नहीं हो पाई थी, सो वह एसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर वापस लौट गए थे। एक सप्ताह बाद पुनः वह मुख्यालय पहुंच कर अपनी आपबीती सुनाई है।

इसी के साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनका घर खाली न हुआ तो वह 22 मार्च को वह

जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर बावर्दी आत्मदाह करने को विवश होंगे।

दरअसल, हलिया थाना क्षेत्र के मनिगढ़ा गांव निवासी रयूफ अंसारी पुत्र कय्यूम अंसारी केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल सशस्त्र सुरक्षा बल (SSB) में कांस्टेबल के पद पर पोखराझार, भूटान बार्डर से लगने वाले एरिया में तैनात हैं। जवान रयूफ के मुताबिक उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व हलिया के देवरी बाजार में दो बिस्वा भूमि खरीद कर दो कमरों का मकान बनवाया था। जहां घर के दीवार पर प्लास्टर होना बाकी था, कि इसी बीच उनकी छुट्टी समाप्त हो जाने पर वह आनन-फानन में ड्यूटी पर लौट गए थे। इधर जवान रयूफ के ड्यूटी पर जाते ही घर खाली देख संतोष कुमार पुत्र स्वर्गीय रामपति ने उनका घर खाली देख चुपके से घर पर कब्जा जमा लिया। जिसकी जानकारी जबतक उन्हें होती तबतक संतोष उनके मकान में बाकायदा कब्जा जमा लिया था। पीड़ित सशस्त्र सुरक्षा बल के जवान ने हलिया थाना पुलिस से लेकर क्षेत्राधिकारी लालगंज को प्रार्थना पत्र देकर घर खाली कराने की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। बाद में जवान ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी गुहार लगाई, लेकिन यहां से भी उन्हें निराशा ही होना पड़ा है।

पीड़ित जवान के मुताबिक वह हर बार छुट्टी मिलने पर फरियाद दर फरियाद लगाता आया है, लेकिन अभी तक उसका मकान खाली कराया नहीं जा सका है। ऐसी स्थिति में वह आर्थिक, मानसिक व सामाजिक प्रताड़ना से जूझते हुए अधिकारियों के चौखट पर फरियाद लिए फिरते आएं हैं। सोमवार को जवान रयूफ एसपी आफिस पहुंचते ही फफक पड़े थें, अपना दुखड़ा सुनाने हुए उन्होंने बताया कि वह अपने बीबी बच्चों के साथ स्वयं का घर होने के बाद भी किराए के घर में रहने को विवश हैं।

मकान खाली करने के नाम पर SC-ST एक्ट में फंसाने की मिलती है धमकी

सशस्त्र सुरक्षा बल के जवान का आरोप है कि चार वर्षों से जब-जब उन्हें छुट्टी मिली है वह मकान खाली करने के लिए प्रार्थना पत्र देने के साथ कब्जा करने वाले संतोष से भी गुहार लगाते हुए आएं हैं, लेकिन मकान खाली करना तो दूर उल्टा उन्हें एससी-एसटी एक्ट में फंसाकर जेल भिजवा नौकरी खा जाने की धमकीं दी जाती रही है। जिससे वह और उनका परिवार तनाव व परेशानियों के बीच जीवन गुजारने को विवश हैं। उन्होंने बताया कि उनके उच्चाधिकारियों ने भी स्थानीय पुलिस से पत्राचार के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने और उनके मकान को खाली कराने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन मामला न्यायालय में होने का हवाला देते हुए उनके उच्चाधिकारियों को गुमराह किया जाता रहा है। जबकि उनका न तो किसी से विवाद रहा है, ना ही मकान कब्जा करने वाले संतोष से उनका कोई ताल्लुक़ात रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे जवान ने अपनी गुहार लगाते हुए घर को कब्ज़ा मुक्त कराने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया जहां पुलिस अधीक्षक से मुलाक़ात न हो पाने की दशा में उनका प्रार्थना पत्र लेते हुए जांच कराकर कार्रवाई का उन्हें आश्वासन दिया गया है।

नक्सलियों से गोली खाई, अब गांव में मकान को कब्जामुक्त कराने के लिए खा रहे ठोकर

जवान रयूफ अंसारी दुःखी मन से कहते हैं 'वह देश और समाज के लिए जीते मरते हुए आएं हैं, पैर में गोली भी खाईं है, लेकिन सरहद की सुरक्षा की खातिर कभी भी पग पीछे नहीं हटे हैं।' वह बताते हैं कि 2018 कि घटना है, तब छत्तीसगढ़ में तैनात थें। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से आगे रेलवे लाइन का कार्य चल रहा था उसी की सुरक्षा को लेकर घने जंगलों में एक दिन ड्यूटी पर जाने के दौरान नक्सलियों ने रास्ते में आईईडी प्लांट कर रखा था जो कि उनकी एसएसबी पार्टी के पहुंचते ही उन्होंने (नक्सलियों) ने ब्लास्ट कर दी थी। उसी के स्प्रिंटल लगे थे, जिससे

दाहिने पैर में अधिक चोट आई थी। जिसके निशान अभी भी पूरे तरीके से मिटे नहीं हैं।

अब उन्हें अपने ही गांव-घर में अपने ही मकान को कब्जामुक्त कराने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। वह कहते हैं ''मेरा घर खाली करा दिजिए साहब ..! वरना आत्महत्या के आलावा मेरे पास कोई रास्ता नहीं होगा..यह कहते-कहते सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल का जवान फफक-फफक कर रो पड़ते हैं।

सीतापुर में पत्रकार की हत्या से आक्रोशित ग्रापए का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

मीरजापुर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन मिर्जापुर के जिलाध्यक्ष अजय ओझा के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में पत्रकार कलेक्ट्रेट पहुंचकर सीतापुर जनपद के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हत्या के संबंध में 8 सूत्रीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में

सीतापुर के पत्रकार स्व0 राघवेन्द्र बाजपेई के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपए व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाएं और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाय। पत्रकारों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने के पहले आरोपों की मजिस्ट्रेट स्तरीय अधिकारी से जांच कराकर ही मुकदमा दर्ज किया जाएं। सभी पत्रकारों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जाए । प्राइवेट पब्लिक स्कूलों में ग्रामीण पत्रकारों के बच्चे को शिक्षण शुल्क में रियायत दी जाएं। तहसील , थाना, ब्लाकों के कार्यालयों में पत्रकार के लिए हेल्प डेस्क बनाए। आर्थिक रूप से गरीब पत्रकारों के अंत्योदय कार्ड उपलब्ध कराया जाएं। शासन प्रशासन द्वारा चलाई जा रहा रही कल्याणकारी योजनाओं / ब्याज मुक्त ऋण योजनाओं में पत्रकार को प्राथमिकता दी जाएं आदि शामिल थी।इस मौके पर जिलाध्यक्ष अजय ओझा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में चौथे स्तंभ का दर्जा प्राप्त होने पर भी पत्रकार के खिलाफ साजिश रची जा रही हैं। भ्रष्ट अधिकारियों/ माफियाओं के गठजोड़ से दिनदहाड़े हत्या की जा रही है। सीतापुर में पत्रकार साथी राघवेन्द्र बाजपेई की हत्या इसका प्रमाण है।आए दिन पत्रकारों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है जिससे सच्चाई सामने न आ सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी हमेशा पत्रकारों के हित की बात तो करते हैं मगर उनके मातहत पत्रकारों का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आते हैं। अब समय आ गया है सरकार को पत्रकार सुरक्षा कानून बना कर पत्रकारों की सुरक्षा को अमली जामा पहनाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अजय ओझा के अलावा संजय दुबे, सुभाष मिश्रा, संतोष पांडेय, विभूति नारायण सिंह, शीतलेश्वर पाठक, पुष्पेंद्र मिश्रा, सुनील गौड़,ओमप्रकाश मिश्रा, पवन पांडेय, दयाशंकर वर्मा, राहुल त्रिपाठी, आशुतोष तिवारी, अंबुज दुबे, चन्दन दुबे, चंद्रशेखर पांडेय, भोला नाथ यादव, कृष्णकुमार अग्रहरी, सत्येंद्र विश्वकर्मा, सतीश सिंह, सौरभ विश्वकर्मा, आदि पत्रकार मौजूद रहे।

मिर्जापुर के पत्रकारों का महाराष्ट्र में हुआ सम्मान, साथी ने जताया हर्ष

 

मिर्जापुर। जनपद के दो पत्रकार तपेश विश्वकर्मा व टी.सी. विश्वकर्मा को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए महाराष्ट्र में में आयोजित दैनिक मुंबई अमरदीप अखबार के 16 वें स्थापना दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।

 बता दे कि टी सी विश्वकर्मा पिछले 30 वर्षों से जनपद मिर्जापुर से पत्रकारिता करते चले आ रहे है, उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं के लिए भी स्टोरी लिखी है और वर्तमान समय में वे श्रीयम साहित्य पब्लिकेशन हाउस के डायरेक्टर व उत्तर प्रदेश से मुंबई अमरदीप के यूपी ब्यूरो के रूप में कार्य कर रहे है। वही तपेश विश्वकर्मा लगभग 3 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे और उन्होंने पत्रकारिता क्षेत्र में अपने काम की शुरुआत अपने यूट्यूब चैनल (khulasach TV) से की थी उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें रविवार को महाराष्ट्र के गोरेगांव के एक होटल में महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में मुम्बई अमरदीप के संपादक उपेंद्र पंडित, अभिजीत राने सहित कई अभिनेता व अभिनेत्री भी मौजूद रहे हैं। 

बताते चलें कि तपेश विश्वकर्मा टीसी विश्वकर्मा के सुपुत्र हैं। दोनों पिता-पुत्र को बधाई देने के साथ साथियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

होली न खेलने पर पति से नाराज पत्नी ने काटा हाथ का नस

मीरजापुर। राजगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में होली न खेलने पर पति से नाराज हुई पत्नी ने हाथ की नस काट लिया। परीजन उसे आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ मे भर्ती कराये।जहा प्राथमिक उपचार के बाद परीजन महिला को लेकर किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए चले गए।

क्षेत्र में बड़े ही धूम धाम से होली बनाई गई।होली के दिन सभी लोग एक दूसरे पर रंग गुलाल जमकर काम बरसाए।होली के उमंग में कुछ लोग अपने मनपसंद नशे का सेवन कर नाच गा रहे थे।इसी दौरान होली की उमंग में क्षेत्र के एक गांव का एक युवक अपने पड़ोसियों के साथ होली खेलने के बाद जब अपने घर पहुचा, तो उसकी पत्नी उसके साथ होली खेलने की जिद करने लगी।परन्तु युवक अपनी पत्नी के साथ होली खेलने से इनकार कर दिया।जिससे नाराज होकर पत्नी घर के अंदर कमरे में गई और चाकू से अपने हाथ की नस काट लिया। हाथ की नस काटने पर लहूलुहान हुई पत्नी को देख युवक तथा परिवार के सदस्यों के होश उड़ गए। आनन फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ में भर्ती काराये। जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला के परिजन उसे लेकर किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए चले गए।

अनियंत्रित स्कॉर्पियो 10 फीट गड्ढे में गिरी सभी मंडलीय अस्पताल रेफर

राजगढ़ मिर्ज़ापुर /करमा थाना क्षेत्र के बैडाड़ गांव के पास अनियंत्रित होकर स्कार्पियो लगभग बारह फिट गहरे नाले में पलट गई।हादसे में स्कार्पियो में सवार सात लोग जख्मी हो गए।सभी को एम्बुलेंस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ में भर्ती कराया गया।जहा सभी की हालत गंभीर देख ट्रामा सेंटर मिर्जापुर रेफर कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार आज दोपहर में जिला मिर्जापुर के कछावा के जमुआ में आहि बनवा एक स्कार्पियो में कुल सात लोग सवार होकर शिवद्वार दर्शन करने जा रहे थे।जैसे ही कर्मा थाना क्षेत्र के बैडाड़ गांव के पास पहुचे, तभी स्कार्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगभग 12 फिट गहरी नाले में पलट गई।जिससे स्कार्पियो में सवार विवेक 30 वर्ष,रोहित 26 वर्ष,

मृतक आशीष पटेल 28 वर्ष पुत्र बेचन पटेल क मंडलीय अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।राजेश 40 वर्ष,दीपक 32 वर्ष अखिलेश 35 वर्ष श्याम सुंदर 33 वर्ष सभी निवासी आही बनवा कछवा मिर्जापुर जख्मी हो गये।सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ भर्ती किया गया।जहा प्राथमिक उपचार के बाद हालत गम्भीर देख सभी को जिला अस्पताल मिर्जापुर रेफर कर दिया गया। जहां पर राजगढ़ थाना प्रभारी महेंद्र पटेल मौके पर पहुंचकर घायलों को एंबुलेंस के द्वारा राजगढ़ अस्पताल में पहुंचाया गया।

मिर्ज़ापुर: नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल

मिर्ज़ापुर। जिले की अदलहाट थाना पुलिस ने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

बताते चलें कि थाना अदलहाट पर 15 मार्च 2025 को एक व्यक्ति द्वारा नामजद व्यक्ति के विरूद्ध अपनी नाबालिग चचेरी बहन के साथ यौन उत्पीड़न करने के सम्बन्ध में लिखित तहरीर दी गई थी। इस सम्बन्ध में प्राप्त तहरीर के आधार पर अदलहाट थाना पर बीएनएस व 9 एम/10 पाक्सो एक्ट पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई थी। उधर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने नाबालिग के साथ हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी चुनार के नेतृत्व में त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना से सम्बन्धित आरोपी पप्पू शर्मा पुत्र हनुमान शर्मा निवासी डोमरी थाना अदलहाट को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया।

हत्या के प्रयास मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

मिर्ज़ापुर। मिर्ज़ापुर की कोतवाली शहर पुलिस ने महिला पर किए गए जानलेवा हमला, हत्या के प्रयास के मामले में कार्रवाई करते हुए 02 आरोपीयों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जानकारी के मुताबिक शहर कोतवाली क्षेत्र के परमानपुर टेढ़वा मोहल्ले में बीते माह 19 फरवरी 2025 को आरती सोनकर पुत्री अमृतलाल सोनकर ने अपनी माता सुनीता देवी को गाली देने तथा मना करने पर ईंट से प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर देने व जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में लिखित तहरीर दी गई थी। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था।मामले की गंभीरता को देखते पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी।

मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा द्वारा उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में अभियुक्तों की यथाशीघ्र गिरफ्तारी के लिए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शहर को निर्देश दिए गए। एसपी के निर्देश के क्रम में अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही करते हुए 16 मार्च 2025 को उप निरीक्षक संजय कुमार सिंह व फूलबदन यादव मय पुलिस टीम द्वारा संजय सोनकर व विनोद सोनकर पुत्रगण छ्न्नूलाल सोनकर निवासी परमानपुर टेढ़वा को धारा 115 (2), 352, 351(2), 125, 109 बीएनएस में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

*मिर्ज़ापुर: धड़ल्ले से हो रहा है बेशकीमती पेड़ों का कटान, कटाई के दौरान बिजली का पोल और बालक बाल-बाल बचे, ग्रामीणों में आक्रोश*


 मिर्ज़ापुर। गर्मी का मौसम प्रारंभ होते ही जिले के विभिन्न हिस्सों में बेशकीमती पेड़ों का कटान तेज कर दिया गया है। वन विभाग की मिली भगत से बन लकड़ी माफिया सक्रिय हो उठें हैं। बताया जा रहा है कि विंध्याचल थाना क्षेत्र के नकटा में अवैध सागौन के पेड़ की कटाई हो रही है जहां पेड़ कटाई के दौरान समीप में खेल रहे बच्चे बाल बाल बचे हैं। जिसे देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे ग्रामीणों ने अवैध ढंग से हो रहें पेड़ों के कटान का विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों के कट जाने से इस वर्ष पड़ने वाली प्रचंड गर्मी से उनके साथ जीव जंतुओं का बुराहाल होगा। छांव का ठौर न होने से 

मवेशियों का बुरा हाल हो उठेगा।

वहीं वन माफियाओं ने पेड़ उठाने विरोध करते हुए ग्रामीणों को ही आंख दिखाना शुरू किया है। 

ग्रामीणों के मुताबिक जिस स्थान से पेड़ों को काटा जा रहा है वहीं पेड़ के बगल से बिजली के पोल भी गुज़रे हैं, पेड़ों की कटाई के दौरान बिजली के तारों को तोड़ते हुए बच्चों के पास सागौन का पेड़ गिरने बच्चे बाल-बाल बचे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके बार-बार मना करने के बाद भी पेड़ों का काटने का काम थमा नहीं है।

ग्रामीणों के मुताबिक पेड़ कटवा रहे कल्लू का कहना था कि उनका अपना पुलिस और वन विभाग से पूरा सिस्टम है पेड़ यहां से जाने दो नहीं तो सबको फंसा दूंगा, जिस पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और वह कटे हुए पेड़ों को ले जाने का विरोध करते हुए मौके पर अधिकारियों के आने की मांग पर अड़ गए थे कि जब तक जिम्मेदार नहीं दिए आएंगे तब तक वह लकड़ी को उठने नहीं दिया। आखिरकार ग्रामीणों के तेवर को देख और मौके की नज़ाकत को भांपते हुए पेड़ों के कटान में जुटे कल्लू लोहार धीरे से भाग खड़ा हुआ है।

दिनदहाड़े हो रहा बेशकीमती पेड़ों का कटान वन विभाग को भनक तक नहीं 

ग्रामीण सवाल करते हैं कि आखिरकार यह कौन सा सिस्टम है कि क्षेत्र में पेड़ों की कटाई बंद नहीं हो पा रही है और ना ही जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों को इसकी कानों-कान तक खबर हो पा रही है। बताया जा रहा है कि अभी कुछ दिन पहले सड़क के बगल से शीशम का पेड़ कटवा दिया गया और आए दिन पेड़ कट ही रहे हैं ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार इस क्षेत्र में तैनात जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी किस प्रकार से वनों पेड़ों की रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि वन विभाग एवं स्थानीय चौकी पुलिस द्वारा अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई की खूली छूट दे दी गई है। सूत्र बताते हैं कि विंध्य पर्वतों से लेकर समतल स्थान तक बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिसमें वन विभाग के कर्मचारी, अधिकारी स्थानीय पुलिस की मिली भगत से कई जगहों पर पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से की जा रही है। विंध्य पर्वत क्षेत्र सहित विंध्याचल क्षेत्र व आसपास के इलाके में हो रहे धड़ल्ले से पेड़ों के कटान पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करने वाले लोगों ने चिंता जताई है, जिनका कहना है कि, भूल गए लोग वह समय जब पैसे देने पर भी ऑक्सीजन नहीं मिलते थे? यदि हरे भरे पेड़ नहीं होंगे तो हमें ऑक्सीजन कहां से मिलेगा। जानकारों की मानें तो इसी प्रकार से बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई होती रही तो भीषण गर्मी के साथ साथ ऑक्सीजन की कमी से भी लोगों को जूझना पड़ जाएगा। आस-पास के लोगों ने जिले के आलाधिकारी सहित संबंधित विभाग से इस मामले में पूरी सक्रियता दिखाते हुए वन माफियाओं के ऊपर कड़ी कार्रवाई करते हुए पेड़ों का कटान रोकने की मांग की है, ताकि पेड़ों का संरक्षण हो सके। 

अल सुबह होती है कटे पेड़ों की ढुलाई 

सूत्र बताते हैं कि थाना विंध्याचल क्षेत्र अंतर्गत बघरा तिवारी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई की जा रही है वह भी पूरे दबंगई के साथ इससे साफ पता चलता है कि इन्हें इलाकाई पुलिस से लेकर संबंधित विभाग के लोगों का भी

खुला संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीण बताते हैं कि हरे जामुन सहित बेशकीमती पेड़ों को शनिवार को तड़के भोर में डीसीएम ट्रक में कटे हुए पेड़ को लादकर ले जाया गया है। मजे की बात है कि स्थानीय लोगों सहित मीडिया के लोगों ने भी वन विभाग को सूचना देकर इस संदर्भ में जब जानकारी चाही है कि किसके आदेश निर्देश पर पेड़ काटे जा रहे हैं, जिसका जवाब देना तो दूर रहा है कोई इधर झांकने तक नहीं आया है। इससे साफ पता चलता है कि अवैध ढंग से पेड़ों के कटान में सभी की मौन सहमति-स्वीकृति और कंबल ओढ़ की घी पीने की दिलचस्पी भी है।

*Mirzapur: बंजारी जंगल में अज्ञात कारणों से लगी आग, वन विभाग की टीम बुझाने का कर रही प्रयास*

मिर्जापुर- ड्रमंडगंज वन रेंज के बंजारी कलां वनक्षेत्र के कंपार्टमेंट नंबर चार व पांच के जंगल में शुक्रवार की शाम अज्ञात कारणों से आग लग गई। ग्रामीणों ने जंगल में आग लगने की सूचना रात में ही वनविभाग को दी। दूसरे दिन शनिवार सुबह ग्यारह बजे के करीब वनदरोगा अभिषेक, वनरक्षक सर्वेश्वर पटेल वनविभाग की टीम के साथ बंजारी जंगल पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए।

आग की चपेट में आने से पूरी रात जंगल के हरे भरे पेड़ बांस,पलाश,तेंदू, सलई,अर्जुन आदि जलकर राख हो गए। तेज हवाओं के चलते पहाड़ पर लगी आग जंगल में तेजी से फैलती जा रही है आग करीब दो किलोमीटर के दायरे में जगह जगह पहाड़ के जंगलों में फैल चुकी है। बंजारी जंगल में लगी आग की लपटे रात में ग्रामीणों को दूर से ही दिखाई दे रही थी। आग से लगभग दो किलोमीटर के दायरे में जगह जगह वन क्षेत्र के पेड़ पौधे और जड़ी बूटियां जलकर राख हो चुकी है। आग की चपेट में आने से जंगल में रहने वाले जंगली जानवर मौत के मुंह में समा रहे हैं।

इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी ड्रमंडगंज विके तिवारी ने बताया कि बंजारी जंगल में लगी आग को वनविभाग की टीम के साथ बुझाया जा रहा है। तेज़ हवाओं के चलते आग को बुझाने में टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टीम द्वारा जंगल में जगह-जगह फायर कट कर और पेड़ की टहनियों से आग को बुझाने का तेजी से प्रयास किया जा रहा है। जंगल में लगी आग पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा।