सीतापुर में पत्रकार की हत्या से आक्रोशित ग्रापए का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

मीरजापुर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन मिर्जापुर के जिलाध्यक्ष अजय ओझा के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में पत्रकार कलेक्ट्रेट पहुंचकर सीतापुर जनपद के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हत्या के संबंध में 8 सूत्रीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में

सीतापुर के पत्रकार स्व0 राघवेन्द्र बाजपेई के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपए व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाएं और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाय। पत्रकारों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने के पहले आरोपों की मजिस्ट्रेट स्तरीय अधिकारी से जांच कराकर ही मुकदमा दर्ज किया जाएं। सभी पत्रकारों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जाए । प्राइवेट पब्लिक स्कूलों में ग्रामीण पत्रकारों के बच्चे को शिक्षण शुल्क में रियायत दी जाएं। तहसील , थाना, ब्लाकों के कार्यालयों में पत्रकार के लिए हेल्प डेस्क बनाए। आर्थिक रूप से गरीब पत्रकारों के अंत्योदय कार्ड उपलब्ध कराया जाएं। शासन प्रशासन द्वारा चलाई जा रहा रही कल्याणकारी योजनाओं / ब्याज मुक्त ऋण योजनाओं में पत्रकार को प्राथमिकता दी जाएं आदि शामिल थी।इस मौके पर जिलाध्यक्ष अजय ओझा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में चौथे स्तंभ का दर्जा प्राप्त होने पर भी पत्रकार के खिलाफ साजिश रची जा रही हैं। भ्रष्ट अधिकारियों/ माफियाओं के गठजोड़ से दिनदहाड़े हत्या की जा रही है। सीतापुर में पत्रकार साथी राघवेन्द्र बाजपेई की हत्या इसका प्रमाण है।आए दिन पत्रकारों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है जिससे सच्चाई सामने न आ सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी हमेशा पत्रकारों के हित की बात तो करते हैं मगर उनके मातहत पत्रकारों का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आते हैं। अब समय आ गया है सरकार को पत्रकार सुरक्षा कानून बना कर पत्रकारों की सुरक्षा को अमली जामा पहनाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अजय ओझा के अलावा संजय दुबे, सुभाष मिश्रा, संतोष पांडेय, विभूति नारायण सिंह, शीतलेश्वर पाठक, पुष्पेंद्र मिश्रा, सुनील गौड़,ओमप्रकाश मिश्रा, पवन पांडेय, दयाशंकर वर्मा, राहुल त्रिपाठी, आशुतोष तिवारी, अंबुज दुबे, चन्दन दुबे, चंद्रशेखर पांडेय, भोला नाथ यादव, कृष्णकुमार अग्रहरी, सत्येंद्र विश्वकर्मा, सतीश सिंह, सौरभ विश्वकर्मा, आदि पत्रकार मौजूद रहे।

मिर्जापुर के पत्रकारों का महाराष्ट्र में हुआ सम्मान, साथी ने जताया हर्ष

 

मिर्जापुर। जनपद के दो पत्रकार तपेश विश्वकर्मा व टी.सी. विश्वकर्मा को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए महाराष्ट्र में में आयोजित दैनिक मुंबई अमरदीप अखबार के 16 वें स्थापना दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।

 बता दे कि टी सी विश्वकर्मा पिछले 30 वर्षों से जनपद मिर्जापुर से पत्रकारिता करते चले आ रहे है, उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं के लिए भी स्टोरी लिखी है और वर्तमान समय में वे श्रीयम साहित्य पब्लिकेशन हाउस के डायरेक्टर व उत्तर प्रदेश से मुंबई अमरदीप के यूपी ब्यूरो के रूप में कार्य कर रहे है। वही तपेश विश्वकर्मा लगभग 3 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे और उन्होंने पत्रकारिता क्षेत्र में अपने काम की शुरुआत अपने यूट्यूब चैनल (khulasach TV) से की थी उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें रविवार को महाराष्ट्र के गोरेगांव के एक होटल में महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में मुम्बई अमरदीप के संपादक उपेंद्र पंडित, अभिजीत राने सहित कई अभिनेता व अभिनेत्री भी मौजूद रहे हैं। 

बताते चलें कि तपेश विश्वकर्मा टीसी विश्वकर्मा के सुपुत्र हैं। दोनों पिता-पुत्र को बधाई देने के साथ साथियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

होली न खेलने पर पति से नाराज पत्नी ने काटा हाथ का नस

मीरजापुर। राजगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में होली न खेलने पर पति से नाराज हुई पत्नी ने हाथ की नस काट लिया। परीजन उसे आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ मे भर्ती कराये।जहा प्राथमिक उपचार के बाद परीजन महिला को लेकर किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए चले गए।

क्षेत्र में बड़े ही धूम धाम से होली बनाई गई।होली के दिन सभी लोग एक दूसरे पर रंग गुलाल जमकर काम बरसाए।होली के उमंग में कुछ लोग अपने मनपसंद नशे का सेवन कर नाच गा रहे थे।इसी दौरान होली की उमंग में क्षेत्र के एक गांव का एक युवक अपने पड़ोसियों के साथ होली खेलने के बाद जब अपने घर पहुचा, तो उसकी पत्नी उसके साथ होली खेलने की जिद करने लगी।परन्तु युवक अपनी पत्नी के साथ होली खेलने से इनकार कर दिया।जिससे नाराज होकर पत्नी घर के अंदर कमरे में गई और चाकू से अपने हाथ की नस काट लिया। हाथ की नस काटने पर लहूलुहान हुई पत्नी को देख युवक तथा परिवार के सदस्यों के होश उड़ गए। आनन फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ में भर्ती काराये। जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला के परिजन उसे लेकर किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए चले गए।

अनियंत्रित स्कॉर्पियो 10 फीट गड्ढे में गिरी सभी मंडलीय अस्पताल रेफर

राजगढ़ मिर्ज़ापुर /करमा थाना क्षेत्र के बैडाड़ गांव के पास अनियंत्रित होकर स्कार्पियो लगभग बारह फिट गहरे नाले में पलट गई।हादसे में स्कार्पियो में सवार सात लोग जख्मी हो गए।सभी को एम्बुलेंस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ में भर्ती कराया गया।जहा सभी की हालत गंभीर देख ट्रामा सेंटर मिर्जापुर रेफर कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार आज दोपहर में जिला मिर्जापुर के कछावा के जमुआ में आहि बनवा एक स्कार्पियो में कुल सात लोग सवार होकर शिवद्वार दर्शन करने जा रहे थे।जैसे ही कर्मा थाना क्षेत्र के बैडाड़ गांव के पास पहुचे, तभी स्कार्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगभग 12 फिट गहरी नाले में पलट गई।जिससे स्कार्पियो में सवार विवेक 30 वर्ष,रोहित 26 वर्ष,

मृतक आशीष पटेल 28 वर्ष पुत्र बेचन पटेल क मंडलीय अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।राजेश 40 वर्ष,दीपक 32 वर्ष अखिलेश 35 वर्ष श्याम सुंदर 33 वर्ष सभी निवासी आही बनवा कछवा मिर्जापुर जख्मी हो गये।सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ भर्ती किया गया।जहा प्राथमिक उपचार के बाद हालत गम्भीर देख सभी को जिला अस्पताल मिर्जापुर रेफर कर दिया गया। जहां पर राजगढ़ थाना प्रभारी महेंद्र पटेल मौके पर पहुंचकर घायलों को एंबुलेंस के द्वारा राजगढ़ अस्पताल में पहुंचाया गया।

मिर्ज़ापुर: नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल

मिर्ज़ापुर। जिले की अदलहाट थाना पुलिस ने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

बताते चलें कि थाना अदलहाट पर 15 मार्च 2025 को एक व्यक्ति द्वारा नामजद व्यक्ति के विरूद्ध अपनी नाबालिग चचेरी बहन के साथ यौन उत्पीड़न करने के सम्बन्ध में लिखित तहरीर दी गई थी। इस सम्बन्ध में प्राप्त तहरीर के आधार पर अदलहाट थाना पर बीएनएस व 9 एम/10 पाक्सो एक्ट पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई थी। उधर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने नाबालिग के साथ हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी चुनार के नेतृत्व में त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना से सम्बन्धित आरोपी पप्पू शर्मा पुत्र हनुमान शर्मा निवासी डोमरी थाना अदलहाट को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया।

हत्या के प्रयास मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

मिर्ज़ापुर। मिर्ज़ापुर की कोतवाली शहर पुलिस ने महिला पर किए गए जानलेवा हमला, हत्या के प्रयास के मामले में कार्रवाई करते हुए 02 आरोपीयों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जानकारी के मुताबिक शहर कोतवाली क्षेत्र के परमानपुर टेढ़वा मोहल्ले में बीते माह 19 फरवरी 2025 को आरती सोनकर पुत्री अमृतलाल सोनकर ने अपनी माता सुनीता देवी को गाली देने तथा मना करने पर ईंट से प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर देने व जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में लिखित तहरीर दी गई थी। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था।मामले की गंभीरता को देखते पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी।

मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा द्वारा उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में अभियुक्तों की यथाशीघ्र गिरफ्तारी के लिए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शहर को निर्देश दिए गए। एसपी के निर्देश के क्रम में अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही करते हुए 16 मार्च 2025 को उप निरीक्षक संजय कुमार सिंह व फूलबदन यादव मय पुलिस टीम द्वारा संजय सोनकर व विनोद सोनकर पुत्रगण छ्न्नूलाल सोनकर निवासी परमानपुर टेढ़वा को धारा 115 (2), 352, 351(2), 125, 109 बीएनएस में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

*मिर्ज़ापुर: धड़ल्ले से हो रहा है बेशकीमती पेड़ों का कटान, कटाई के दौरान बिजली का पोल और बालक बाल-बाल बचे, ग्रामीणों में आक्रोश*


 मिर्ज़ापुर। गर्मी का मौसम प्रारंभ होते ही जिले के विभिन्न हिस्सों में बेशकीमती पेड़ों का कटान तेज कर दिया गया है। वन विभाग की मिली भगत से बन लकड़ी माफिया सक्रिय हो उठें हैं। बताया जा रहा है कि विंध्याचल थाना क्षेत्र के नकटा में अवैध सागौन के पेड़ की कटाई हो रही है जहां पेड़ कटाई के दौरान समीप में खेल रहे बच्चे बाल बाल बचे हैं। जिसे देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे ग्रामीणों ने अवैध ढंग से हो रहें पेड़ों के कटान का विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों के कट जाने से इस वर्ष पड़ने वाली प्रचंड गर्मी से उनके साथ जीव जंतुओं का बुराहाल होगा। छांव का ठौर न होने से 

मवेशियों का बुरा हाल हो उठेगा।

वहीं वन माफियाओं ने पेड़ उठाने विरोध करते हुए ग्रामीणों को ही आंख दिखाना शुरू किया है। 

ग्रामीणों के मुताबिक जिस स्थान से पेड़ों को काटा जा रहा है वहीं पेड़ के बगल से बिजली के पोल भी गुज़रे हैं, पेड़ों की कटाई के दौरान बिजली के तारों को तोड़ते हुए बच्चों के पास सागौन का पेड़ गिरने बच्चे बाल-बाल बचे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके बार-बार मना करने के बाद भी पेड़ों का काटने का काम थमा नहीं है।

ग्रामीणों के मुताबिक पेड़ कटवा रहे कल्लू का कहना था कि उनका अपना पुलिस और वन विभाग से पूरा सिस्टम है पेड़ यहां से जाने दो नहीं तो सबको फंसा दूंगा, जिस पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और वह कटे हुए पेड़ों को ले जाने का विरोध करते हुए मौके पर अधिकारियों के आने की मांग पर अड़ गए थे कि जब तक जिम्मेदार नहीं दिए आएंगे तब तक वह लकड़ी को उठने नहीं दिया। आखिरकार ग्रामीणों के तेवर को देख और मौके की नज़ाकत को भांपते हुए पेड़ों के कटान में जुटे कल्लू लोहार धीरे से भाग खड़ा हुआ है।

दिनदहाड़े हो रहा बेशकीमती पेड़ों का कटान वन विभाग को भनक तक नहीं 

ग्रामीण सवाल करते हैं कि आखिरकार यह कौन सा सिस्टम है कि क्षेत्र में पेड़ों की कटाई बंद नहीं हो पा रही है और ना ही जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों को इसकी कानों-कान तक खबर हो पा रही है। बताया जा रहा है कि अभी कुछ दिन पहले सड़क के बगल से शीशम का पेड़ कटवा दिया गया और आए दिन पेड़ कट ही रहे हैं ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार इस क्षेत्र में तैनात जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी किस प्रकार से वनों पेड़ों की रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि वन विभाग एवं स्थानीय चौकी पुलिस द्वारा अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई की खूली छूट दे दी गई है। सूत्र बताते हैं कि विंध्य पर्वतों से लेकर समतल स्थान तक बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिसमें वन विभाग के कर्मचारी, अधिकारी स्थानीय पुलिस की मिली भगत से कई जगहों पर पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से की जा रही है। विंध्य पर्वत क्षेत्र सहित विंध्याचल क्षेत्र व आसपास के इलाके में हो रहे धड़ल्ले से पेड़ों के कटान पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करने वाले लोगों ने चिंता जताई है, जिनका कहना है कि, भूल गए लोग वह समय जब पैसे देने पर भी ऑक्सीजन नहीं मिलते थे? यदि हरे भरे पेड़ नहीं होंगे तो हमें ऑक्सीजन कहां से मिलेगा। जानकारों की मानें तो इसी प्रकार से बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई होती रही तो भीषण गर्मी के साथ साथ ऑक्सीजन की कमी से भी लोगों को जूझना पड़ जाएगा। आस-पास के लोगों ने जिले के आलाधिकारी सहित संबंधित विभाग से इस मामले में पूरी सक्रियता दिखाते हुए वन माफियाओं के ऊपर कड़ी कार्रवाई करते हुए पेड़ों का कटान रोकने की मांग की है, ताकि पेड़ों का संरक्षण हो सके। 

अल सुबह होती है कटे पेड़ों की ढुलाई 

सूत्र बताते हैं कि थाना विंध्याचल क्षेत्र अंतर्गत बघरा तिवारी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई की जा रही है वह भी पूरे दबंगई के साथ इससे साफ पता चलता है कि इन्हें इलाकाई पुलिस से लेकर संबंधित विभाग के लोगों का भी

खुला संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीण बताते हैं कि हरे जामुन सहित बेशकीमती पेड़ों को शनिवार को तड़के भोर में डीसीएम ट्रक में कटे हुए पेड़ को लादकर ले जाया गया है। मजे की बात है कि स्थानीय लोगों सहित मीडिया के लोगों ने भी वन विभाग को सूचना देकर इस संदर्भ में जब जानकारी चाही है कि किसके आदेश निर्देश पर पेड़ काटे जा रहे हैं, जिसका जवाब देना तो दूर रहा है कोई इधर झांकने तक नहीं आया है। इससे साफ पता चलता है कि अवैध ढंग से पेड़ों के कटान में सभी की मौन सहमति-स्वीकृति और कंबल ओढ़ की घी पीने की दिलचस्पी भी है।

*Mirzapur: बंजारी जंगल में अज्ञात कारणों से लगी आग, वन विभाग की टीम बुझाने का कर रही प्रयास*

मिर्जापुर- ड्रमंडगंज वन रेंज के बंजारी कलां वनक्षेत्र के कंपार्टमेंट नंबर चार व पांच के जंगल में शुक्रवार की शाम अज्ञात कारणों से आग लग गई। ग्रामीणों ने जंगल में आग लगने की सूचना रात में ही वनविभाग को दी। दूसरे दिन शनिवार सुबह ग्यारह बजे के करीब वनदरोगा अभिषेक, वनरक्षक सर्वेश्वर पटेल वनविभाग की टीम के साथ बंजारी जंगल पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए।

आग की चपेट में आने से पूरी रात जंगल के हरे भरे पेड़ बांस,पलाश,तेंदू, सलई,अर्जुन आदि जलकर राख हो गए। तेज हवाओं के चलते पहाड़ पर लगी आग जंगल में तेजी से फैलती जा रही है आग करीब दो किलोमीटर के दायरे में जगह जगह पहाड़ के जंगलों में फैल चुकी है। बंजारी जंगल में लगी आग की लपटे रात में ग्रामीणों को दूर से ही दिखाई दे रही थी। आग से लगभग दो किलोमीटर के दायरे में जगह जगह वन क्षेत्र के पेड़ पौधे और जड़ी बूटियां जलकर राख हो चुकी है। आग की चपेट में आने से जंगल में रहने वाले जंगली जानवर मौत के मुंह में समा रहे हैं।

इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी ड्रमंडगंज विके तिवारी ने बताया कि बंजारी जंगल में लगी आग को वनविभाग की टीम के साथ बुझाया जा रहा है। तेज़ हवाओं के चलते आग को बुझाने में टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टीम द्वारा जंगल में जगह-जगह फायर कट कर और पेड़ की टहनियों से आग को बुझाने का तेजी से प्रयास किया जा रहा है। जंगल में लगी आग पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा।

पर्वत त्यौहार/परंपरा: यहां रंगों से नहीं प्राकृतिक रंगों से खेली जाती है होली, जाने कैसे

संतोष देव गिरि, सोनभद्र/मिर्ज़ापुर। होली का पर्व रंगों का त्योहार कहा जाता है. इस दिन लोग एक दूसरे को रंग-बिरंगे रंगों में सरोबोर करने के साथ विविध प्रकार के अबीर-गुलाल लगाकर त्यौहार मनाते आए हैं. लेकिन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लोग आज भी प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करते हुए होली के त्यौहार को खुशनुमा ढंग से मानते आए हैं. हालांकि बदलते कल्चर, रीति-रिवाजों के साथ यह प्रचलन भी धीरे-धीरे अब विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुका है, लेकिन कुछ एक इलाकों में आज भी आदिवासी समाज के लोग इस परंपरा का निर्वहन बड़े ही शिद्दत के साथ करते आए हैं.

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर जिले के कुछ इलाकों में आदिवासी समाज के लोग आज भी प्राकृतिक रंगों का उपयोग करते आए हैं. जिनका प्रकृति से जुड़ाव देखते बनता है. मिर्जापुर के राजगढ़ और सोनभद्र के घोरावल, शाहगंज से लगने वाले इलाकों के आदिवासी, कोल समाज सहित अन्य लोग होली पर्व का त्यौहार अपनी पुरानी परंपराओं, रीति-रिवाज के अनुसार मनाते हैं. यह केमिकल युक्त रंगों की बजाय केशु और पलाश के फूलों से तैयार प्राकृतिक रंगों का उपयोग करते हैं. आदिवासी समाज के लोग बताते हैं कि इससे शरीर पर कोई कु-प्रभाव नहीं पड़ता है,

जबकि केमिकल युक्त रंगों का कु-प्रभाव पड़ता है. प्राकृतिक रंगों के साथ-साथ कहीं-कहीं रंगों के बजाय फूलों की होली भी खेली जाती है. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के कुछ हिस्सों में रहने वाले छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी समाज के लोग आज भी प्राकृतिक रंगों और पुरातन परंपरा को लेकर अपने तीज़-त्यौहार मनाते हैं इनमें से एक होली का पर्व भी है, हालांकि इसके अलावा एक बुराई भी आदिवासी समाज के अंदर आज भी दिखाई देती है वह है नशे की प्रवृत्ति जिससे यह समाज आज भी मुक्त नहीं हो पाया है. होली जैसे रंग-बिरंगे पर्व पर यह समाज जमकर देसी दारू (शराब) का उपयोग करता है इसके लिए यह खुद ही शराब तैयार करते हैं.

वरिष्ठ पत्रकार दिनेश सिंह पटेल बताते हैं कि 'वैसे अब धीरे-धीरे यह परंपरा विलुप्त भी होती जा रही है आधुनिकता की चादर ने इसे भी अपने से ढक लिया है. वह बताते हैं कि कुछ इलाकों में आदिवासी समाज के लोग कंकड़ मार होली भी खेलते हैं. एक दूसरे पर मिट्टी के कंकड़ों का प्रहार कर हंसी-ठिटौली के साथ यह अपने रीति-रिवाज के मुताबिक मिलजुल कर होली मनाते रहे हैं अब यह भी परंपरा धीरे-धीरे विलुप्त हो चुकी है. गौरतलब हो कि सोनभद्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ-साथ जंगलों पहाड़ों से समृद्ध इलाका है जहां की लोक संस्कृति लोक कला देखते ही बनती है. यहां का आदिवासी लोक नृत्य विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर आज भी देखने को मिलता है. आदिवासी समाज के लोग अपनी परंपराओं की थाथी को संभाल कर चलते हैं, हालांकि आधुनिकता की दौड़ में बहुत कुछ बदलाव तेजी के साथ हुआ है फिर भी अभी भी इन इलाकों में कुछ लोक परंपराएं जीवित बची हुई है.

नाली की सफाई न होने से लोग परेशान

लालगंज(मीरजापुर):स्थानीय लालगंज बाजार में सड़क के किनारे बनी नालियां विगत दो माह से साफ सफाई न होने से पूरी तरह से जाम हो गई है। और बगल में स्थित दुकानदार नाक पर रूमाल रखकर अपने कार्य को संचालित कर रहे हैं जबकि बाजार वासियों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों के यहां शिकायत दर्ज करने के बावजूद भी नाली की सफाई नहीं हो सकी।

लालगंज बाजार में सड़क के किनारे दोनों तरफ नाली बनाई गई है जिससे बाजार वासियो के पानी का निकास इसी नाली से होकर गुजरता है। विगत दो माह से दुबार रोड से विजयपुर रोड की नाली पूरी तरह से जाम होकर अवरूद्ध हो गई है। बाजार का पानी नाली में जमा हुआ है पानी जमा होने की वजह से बदबू निकल रही है बदबू से अगल-बगल की दुकानदार एवं दूर दराज से आये ग्राहकों को गंदगी से गुजरना पड़ रहा है।दुकानदार दया यादव पान बिक्रेता ने कहा कि नाली साफ कराने के लिए विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद भी विकासखंड के अधिकारी ब्लॉक तक अपने को सीमित कर रखा है बाहर क्या हो रहा है अधिकारियों से मतलब नहीं है। ए डी ओ पंचायत अजय शंकर से फोन से संपर्क किया गया किंतु उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।