बीआरसी से हटाएं गए, लेकिन प्रभारी प्रधानाध्यापक कंम्पोजिट विद्यालय कंदवा पर रहेंगे बरकरार
मीरजापुर। पिछले एक दशक से ज्यादा समय से जिले के नारायनपुर विकास खंड क्षेत्र स्थित बीआरसी कार्यालय सहित कम्पोजिट विद्यालय कंदवा पर प्रभारी प्रधानाध्यापक पद पर कुंडली मारे बैठे धीरज कुमार सिंह के खिलाफ बढ़ती शिकायतों को देखते हुए आखिरकार ना चाहते हुए भी बीएसए ने कार्रवाई पर मोहर लगा दी है। हालांकि इस कार्रवाई को ना काफी करार दिया जा रहा है कहां जा रहा है कि इन्हें तत्काल प्रभाव से प्रभारी प्रधानाध्यापक पद से हटाते हुए बीएसए कार्यालय से अटैच कर जांच की कार्यवाही को आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि जांच को यह प्रभावित न करने पाएं। लेकिन ऐसा न कर लगता है एक सोची समझी रणनीति के तहत उन्हें सहुलियत दे दी गई है। बताते चलें कि बीआर नारायणपुर पर तैनात धीरज कुमार सिंह कंम्पोजिट वद्यालय कंदवा के प्रभारी प्रधानाध्यापक का भी पदभार संभाले हुए हैं। जिनके उपर बीआरसी नारायनपुर में महिला शिक्षिकाओं द्वारा आधार कार्ड बनाने के लिए धन उगाही सहित कई आरोप लगाते गये है। जिसे संज्ञान में लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने जांच कर कार्रवाई पूर्ण होने तक धीरज कुमार सिंह को बीआरसी नारायणपुर पर उनसे आधार कार्ड बनाए जाने का कार्य न लेते हुए उन्हें तत्काल कंपोजिट विद्यालय कंदवा में शिक्षण कार्य के लिए निर्देशित किया है।
चर्चा है कि आखिरकार प्रभारी प्रधानाध्यापक कंदवा धीरज सिंह को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा बीआरसी से हटाकर उनके मूल विद्यालय में वापस भेज दिया गया, क्योंकि इनके ऊपर आधार बनाने वह टीचरों को प्रताड़ित करने का आरोप लगा था। इसके अलावा उनके कंपोजिट विद्यालय कंडवा में ₹50.000 का चेक काट कर अपने पत्नी के नाम ही निकाल लेने का भी आरोप है। इसलिए उनको विद्यालय से भी हटाकर बीएसए ऑफिस अटैच करके विभागीय कार्यवाही करके जेल भेजने का काम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए था, ताकि बेसिक शिक्षा विभाग में औरों के लिए एक संदेश हो, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा ऐसा प्रतीत होता है कि उनको बचाने का कार्य किया जा रहा है जो की अनुचित है। इसकी शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी के अलावा बेसिक शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के दरबार में भी पहुंच गई है। लोगों के मुताबिक यहां एक बहुत बड़ा घोटाला हुआ है जिसकी गहनता से जांच होगी तो मामला स्वत: ही सामने होगा।
जांच हुई तो घोटाले की मिलेगी लंबी फेहरिस्ती
इसके अलावा भी नारायणपुर ब्लॉक में कई विद्यालयों के भवनों के निर्माण व मरम्मत आदि का जो बजट जिन भी विद्यालयों में गया हो इसकी भी उच्चस्तरीय जांच कराया जाना चाहिए। इसके अलावा बीआरसी पर पैर जमाएं उन लोगों को भी वहां से तुरंत हटाकर उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजा जाना चाहिए जो ऐनकेन प्रकारेण वहां जमें हुए हैं। दूसरी ओर देखने सुनने में आया है कि एक तरफ जहां धीरज को बीआरसी से हटाए जाने को लेकर महिला अध्यापकों व कर्मचारियों में खुशी का माहौल है तो वहीं दूसरी तरफ अपने को हटाए जाने से नाराज आधार बनाने वाले शिक्षक महोदय महिला शिक्षकों से खार खाएं हुए दिखाई दे रहे हैं।
Mar 12 2025, 17:16