Mirzapur: आखिरकार SSB के जवान ने क्यों कहां साहब, आत्महत्या के आलावा मेरे पास कुछ भी नहीं रास्ता बचा है

मिर्ज़ापुर। ''मेरा घर खाली करा दिजिए साहब ..! वरना आत्महत्या के आलावा मेरे पास कोई रास्ता नहीं है..यह कहते-कहते सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल का जवान फफक-फफक कर रो पड़ता है। आंखें भर आंती हैं, मन के अंदर छुपी पीड़ा, दौड़ लगाने के बाद भी त्वरित न्याय के बजाए सभी से अभी तक मिलती आईं निराशा साफ परिलक्षित हो रही थीं।

उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे बावर्दी में तथा हाथों में शिकायत दर शिक़ायत करने से लेकर दस्तावेज की पोटली लिए सेना के जवान को देख यह नहीं लगा कि वह काफी परेशान हैं, लेकिन जैसे ही उन्होंने अपनी परेशानी बतानी शुरू की है वैसे ही मौके पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए थे।

दरअसल, यह पूरा मामला मिर्ज़ापुर के हलिया थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। हलिया थाना क्षेत्र के मनिगढ़ा गांव निवासी रयूफ अंसारी पुत्र कय्यूम अंसारी केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल सशस्त्र सुरक्षा बल (SSB) में कांस्टेबल के पद पर पोखराझार भूटान बार्डर से लगने वाले एरिया में तैनात हैं। जवान रयूफ के मुताबिक उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व हलिया के देवरी बाजार में दो बिस्वा भूमि खरीद कर दो कमरों का मकान बनवाया था। जहां घर के दीवार पर प्लास्टर होना बाकी था, कि इसी बीच उनकी छुट्टी समाप्त हो जाने पर वह ड्यूटी पर लौट गए थे।

घर खाली देख जमा लिया कब्जा, जवान लगाता आया है गुहार दर गुहार

जवान रयूफ के ड्यूटी पर जाते ही घर खाली देख संतोष कुमार पुत्र स्वर्गीय रामपति में घर पर कब्जा जमा लिया। जिसकी जानकारी होने पर पीड़ित सशस्त्र सुरक्षा बल के जवान ने हलिया थाना पुलिस से लेकर क्षेत्राधिकारी लालगंज को प्रार्थना पत्र देकर घर खाली कराने की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। बाद में जवान ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी गुहार लगाई है, लेकिन यहां से भी निराशा ही अभी तक मिली है।

पीड़ित जवान के मुताबिक वह हर बार छुट्टी मिलने पर फरियाद दर फरियाद ही लगाता आया है लेकिन कोई उसकी सुनने को तैयार ही नहीं है, सिर्फ दिलासा ही मिलता आया है। आर्थिक, मानसिक व सामाजिक प्रताड़ना से जूझते हुए आएं जवान रयूफ एसपी आफिस पहुंचते ही फफक पड़े थें,अपना दुखड़ा सुनाने हुए उन्होंने बताया कि वह अपने बीबी बच्चों के साथ स्वयं का घर होने के बाद भी किराए के घर में रहने को विवश हैं।

मकान खाली करने के नाम पर SC-ST एक्ट में फंसाने की मिलती है धमकी

सशस्त्र सुरक्षा बल के जवान का आरोप है कि चार वर्षों से जब-जब उन्हें छुट्टी मिली है वह मकान खाली करने के लिए प्रार्थना पत्र देने के साथ कब्जा करने वाले संतोष से भी गुहार लगाते हुए आएं हैं, लेकिन मकान खाली करना तो दूर उल्टा उन्हें एससी-एसटी एक्ट में फंसाकर जेल भिजवा नौकरी खा जाने की धमकीं दी जाती रही है। जिससे वह और उनका परिवार तनाव व परेशानियों के बीच जीवन गुजारने को विवश हैं। उन्होंने बताया कि उनके उच्चाधिकारियों ने भी स्थानीय पुलिस से पत्राचार के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने और उनके मकान को खाली कराने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन मामला न्यायालय में होने का हवाला देते हुए उनके उच्चाधिकारियों को गुमराह किया जाता रहा है। क्यों कि मेरा न तो किसी से विवाद रहा है,ना ही मकान कब्जा करने वाले संतोष से उनका कोई ताल्लुक़ात रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे जवान ने अपनी गुहार लगाते हुए घर को कब्ज़ा मुक्त कराने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया जहां पुलिस अधीक्षक से मुलाक़ात न हो पाने की दशा में उनका प्रार्थना पत्र लेते हुए जांच कराकर कार्रवाई का उन्हें आश्वासन दिया गया है।

जवान रयूफ अंसारी दुःखी मन से कहते हैं 'वह देश के लिए जीते मरते हुए आएं हैं, हैंडग्रेनेड से पैर में गोली भी खाईं है, लेकिन सरहद की सुरक्षा की खातिर कभी भी पग पीछे नहीं हटे हैं।' लेकिन उन्हें अपने ही गांव-घर में अपने ही मकान को कब्जामुक्त कराने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। ''मेरा घर खाली करा दिजिए साहब ..! वरना आत्महत्या के आलावा मेरे पास कोई रास्ता नहीं होगा..यह कहते-कहते सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल का जवान फफक-फफक कर रो पड़ता है।

तहसील परिसर में प्रदर्शन कर 6 सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा

लालगंज(मीरजापुर):समाजवादी पार्टी के छानवे विधानसभा के महासचिव हरिशंकर यादव के नेतृत्व में तहसील परिसर में प्रदर्शन कर 6 सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी के पेेशकार संजय तिवारी को सौपा गया। ज्ञापन लेकर उन्होंने उप जिला अधिकारी को देने एवं समस्या का समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिए।

छानवे विधानसभा के महासचिव हरि शंकर यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने तहसील में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम के पेशकार संजय तिवारी को ज्ञापन देते हुए कहा कि होली और रमजान के त्यौहार में शाम को मनमाने तरीके से विद्युत कटौती को रोका जाए निर्वाध विद्युत आपूर्ति दिया जाए। बदलते मौसम के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढा है मच्छर रोधी दवा का छिड़काव प्रत्येक गांव में कराया जाए। क्षेत्र के रानीबारी राजवाहा में बाणसागर नहर का पानी टेल तक पहुंचाया जाए।

क्षेत्र में आवारा छुटा पशुओं से किसानों की फसल बर्बाद हो रहा है आवारा छुट्टा पशुओं का प्रबंध किया जाए। क्षेत्र में गांव में गंदगी का अंबार लगा है हर गांव में त्योहारों के मद्देनज़र साफ सफाई कराया जाए ।क्षेत्र में हर घर मिशन द्वारा आपूर्ति सुबह व शाम प्रतिदिन किया जाए। ज्ञापन लेते हुए समाधान करने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर झल्लु खा, कीर्ति कोल, सियाराम जैसल, शकील अहमद रीता देवी गणेश , रतन कुमारी यादव, विजय विश्वकर्मा, मुकुंद लाल ,निलेश कुमार, दिलीप कुमार शर्मा, हरिशंकर सिंह पटेल, सुरेंद्र देव त्रिपाठी, अमृत लाल यादव ,सर्वेश कुमार मिश्रा, राकेश कुमार यादव आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मिर्ज़ापुर: कूटरचित व फर्जी दस्तावेज के आधार पर लालगंज में भूमि कब्जा करने का चल रहा खेल

मिर्ज़ापुर। जिले के लालगंज तहसील में कूटरचित वह फर्जी दस्तावेजों के बल पर जमीन कब्जा करने का खेल खेला जा रहा है, इसमें कुछ महिलाओं को आगे करते हुए ढ़ाल बनाया जा रहा है, ताकि विवाद की स्थिति में महिलाओं को आगे खड़ा किया जा सके। सोमवार को इस बात का खुलासा करते हुए लालगंज के कोल्हुआ गांव से आए दर्जनों की संख्या में ग्रामीणों ने बड़ा आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप जांच कर कार्रवाई की गुहार लगाई है। दर्जनों की संख्या में पहुंचे महिला पुरुषों ने बताया कि वह लालगंज तहसील क्षेत्र के कोल्हुआ गांव के निवासी हैं। जिनकी जमीन उनके पाटीदार दबंगई व सरहंगई के बल पर अब तरीके से हथियाना चाहते हैं। जिसके तहत बीते दिनों एक महिला के माध्यम से झूठे व असत्य तथ्यों के आधार पर साजिश रच कर दुष्प्रचार किया गया जो सत्यता से परे है। उक्त गांव निवासी सुरेन्द्र कुमार, धर्मेन्द्र कुमार गीता देवी, मनीष कुमार ने बताया कि उनके विपक्षी उनकी भूमि को आराजियात कब्जा कर लिया है।उनकी दो छोटी बच्चियों का अपहरण कर हत्या करने की फिराक में रहें हैं, लेकिन विफल हुए हैं जिससे उनका परिवार सदैव भयभीत रहता है। जिसका मामला भी दर्ज कराया गया था। लेकिन इलाकाई पुलिस की सांठगांठ से सभी बेख़ौफ़ घूम रहे हैं। आरोप लगाया कि उनके विपक्षी अपनी बहू को आगे कर झूठा प्रार्थना पत्र दिलाकर उन लोगों की जमीन को कब्जा करने का मंसूबा पाले हुए हैं जबकि वह जमीन उनकी पुश्तैनी बाप दादा के जमाने से चली आ रही है। जिसमें उनके द्वारा मौजूदा समय में सरसों उगाई गई है। जिसे फर्जी दस्तावेज और कुटरचित कागजादों के जरिए अपना नाम भूलेख में अंकित कराकर कब्जा करना चाहते हैं। पीड़ितों ने लालगंज तहसील में चल रहे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूलेखों में अपना नाम अंकित कराकर तथा फर्जी बैनामा के जरिए किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर जमीन कब्जा करने की लगी होड़ के संदर्भ में जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा है कि इस कार्य में कुछ भू-माफिया और जमीनों की खरीद फरोख्त में लगे हुए लोग पहले मामले को विवादित बनाते हैं फिर इसके बाद जमीन को हड़पने की साजिश शुरू कर देते हैं। इस खेल का खुलासा किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और अमन चैन बना रहे।

Mirzapur: घर के अहाते में बंधी एक बकरी को हिंसक जंगली जानवर ने बनाया निवाला

मिर्ज़ापुर। जिले के अंतिम छोर पर स्थित ड्रमंडगंज वन रेंज के महोगढ़ी गांव में रविवार की रात घर के अहाते में बंधी बकरियों पर हिंसक जंगली जानवर ने हमला कर दिया। जंगली जानवर के हमले में एक बकरी की मौत हो गई और एक बकरी गंभीर रूप से घायल हो गई।ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के महोगढ़ी गांव निवासी पशुपालक दुइजी देवी अपने घर के अहाते में बकरियों को बांधी हुई थी कि देर रात घर में घुसे किसी जंगली जानवर ने हमला कर एक बकरी को मौत के घाट उतार दिया और एक बकरी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बकरियों के मिमियाने की आवाज सुनकर पशुपालक दुइजी देवी की नींद खुली तो टार्च जलाकर देखा तो चीता जैसा जानवर बकरी को दबोचे हुए था। पशुपालक के शोरगुल मचाने और टार्च की रोशनी को देखकर जंगली जानवर छलांग लगाते हुए जंगल की ओर भाग निकला। पशुपालक दुइजी देवी ने बताया कि देर रात घर के अहाते में बंधी बकरियों के लगातार मिमियाने की आवाज सुनकर नींद खुली तो लाठी टार्च लेकर बकरियों की तरफ जाने लगी जैसे ही टार्च जलाकर देखा तो चीता जैसा जानवर बकरी को मुंह में दबोचे हुए था।टार्च की रोशनी देखते ही जानवर छलांग लगाते हुए पहाड़ की ओर भाग निकला। पशुपालक के परिवार के रवि और संतोष कुमार ने भी बकरियों पर हमला करने वाले जंगली जानवर को देखा था जिसे उन्होंने चीता जैसा जानवर ही बताया है।पशुपालक ने बताया कि बकरी की मौत की सूचना वनविभाग के कार्यालय पर जाकर दिया लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। वनविभाग की टीम अभी तक गांव में नही पहुंची। पशुपालक के परिवार के रवि और संतोष कुमार ने बताया कि उन्होंने भी चीता जैसे जानवर को घर से दक्षिण दिशा की तरफ भागते हुए देखा। जंगली जानवर के बकरियों पर हमला करने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।इस संबंध में रेंजर ड्रमंडगंज वीरेंद्र कुमार तिवारी का कहना है कि चीता विलुप्त प्राय जानवर है इनकी संख्या बहुत कम है इस क्षेत्र में चीता नही पाए जाते हैं। संभवतः बकरियों पर लकड़बग्घा ने हमला किया होगा जिसे ग्रामीण चीता समझ लिए होंगे। ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर वनविभाग की टीम को भेजकर निगरानी की जाएगी।

सीतापुर में पत्रकार की हत्या क़े विरोध में साथियों का प्रदर्शन, राज्यपाल सौंपा गया सम्बोधित ज्ञापन

मिर्ज़ापुर। प्रदेश क़े सीतापुर में एक प्रमुख हिंदी दैनिक अख़बार क़े पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या को लेकर जिले क़े ग्रामीण क्षेत्र के पत्र प्रतिनिधियों ने आक्रोश जताया है। साथी पत्रकार की गोली मारकर हत्या के विरोध में रविवार को हलिया ब्लॉक क़े क्षेत्रीय पत्रकारों ने पत्रकार क़े हत्या क़े विरोध में प्रदर्शन करते हुए हलिया थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह को राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन सौपकर मांग किया है कि पीड़ित पत्रकार परिवार की सुरक्षा की जाय तथा उन्हें शासन स्तर से हर संभव आर्थिक और कानूनी सहयोग प्रदान कराया जाए, ताकि

पत्रकार क़े हत्यारों एवं साजिश में शामिल लोगों क़े विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इस दौरान मृतक पत्रकार क़े परिवार को एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता तत्काल प्रदान करने, पत्रकार क़े आश्रितों को राजकीय सेवा में लेकर आजीविका सुनिश्चित किये जाने, प्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग की गई, ताकि पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया हो सके और पत्रकारों को सुरक्षा रिपोर्ट क़े आधार पर व्यवस्था किया जाय, जिससे पत्रकार निष्पक्ष और निर्भीक होकर पत्रकारिता कर सकें। इस दौरान पत्रकारों ने हलिया बाजार में प्रदर्शन कर सीतापुर के पत्रकार की हत्या में शामिल आरोपितो को फांसी देने की मांग क़रते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में पत्रकार अभय नारायण तिवारी, रणविजय, अंकित मिश्रा, मुन्ना सिंह, गौरव, मुन्ना दुबे आदि मौजूद रहे हैं।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करते आए युवक के खिलाफ खुलें आसमान नीचे धरने पर बैठी अविवाहित युवती बनी मां

मिर्ज़ापुर। जिले में मानवता को झकझोर कर रख देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक अविवाहित 22 वर्षीया युवती ने बच्चे को जन्म देकर कई सवालों को भी जन्म दे दिया है। यह पूरा मामला हलिया थाना क्षेत्र के गड़बड़ा राजा गांव का बताया गया है।

बताते चलें कि हलिया थाना क्षेत्र के गड़बड़ा राजा गांव की रहने वाली 22 वर्षीया दलित युवती साधना से उसी के गांव के रहने वाले युवक संगम धरकार पुत्र कैलाश का प्रेम चल रहा था इस दौरान युवक शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहा है। आरोप है कि युवक पिछले दो वर्ष से उसे अपने प्रेमजाल में फंसा रखा था तथा शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म किया। युवती जैसे ही उसके बच्चे की मां बनने को हुईं वैसे ही युवक उससे पीछा छुड़ाते हुए दूरी बनाने लगा था। युवती जब गर्भवती हो गई तो वह शादी से मुकर गया। पीड़िता का आरोप है कि हलिया पुलिस से शिकायत करने पर पुलिस ने युवक को 30 अगस्त 2024 को मामूली मामले में जेल भेज दिया था, जहां से वह कुछ दिनों के बाद जमानत पर बाहर आ गया था। इस बीच पीड़िता बार-बार जहां शादी का दबाव बनाने के लिए और न्याय पाने के लिए भटकता-फिरती रही है वहीं उसका गर्भ भी बढ़ता जा रहा था।

इधर तकरीबन पांच दिनों से वह पेट में पल रहे 9 माह के शिशु को लेकर युवक के घर की ड्योढ़ी पर डटी हुई थी। आरोप है कि प्रसव सन्निकट होने के साथ युवती की हालत जहां बिगड़ने लगी थी वहीं वह पीछे हटने को तैयार नहीं थी, इस बीच उसे इलाकाई पुलिस द्वारा उसे और उसके परिजनों को डरा-धमकाकर युवक की ड्योढ़ी से युवती को हटा दिया गया था। जहां से हटने के बाद वह अपने गर्भ में पल रहे शिशु को लेकर युवक के घर से सौ मीटर की दूरी पर एक बैंक के समीप बैठ गई थी। जहां उसे न तो कोई सहारा और छांव मिला था ना ही कोई स्वास्थ्य सुविधाएं जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी थी।

शनिवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी, जानकारी होने पर गांव की महिला स्वास्थ्य कर्मी (एएनएम) ने उसे रात में गांव के ही उप स्वास्थ्य केन्द्र गड़बड़ा राजा में लें गई जहां अभाव तले उसने देर रात्रि में एक बच्चे को जन्म दिया।

आरोपी युवक हुआ फरार

युवती को प्रेम जाल में फांस कर शादी का वास्ता देकर अपनी हवश मिटाते आएं युवक के परिजन युवती के प्रसव की खबर होते ही जहां इधर-उधर हो लिए हैं वहीं आरोपी युवक भी फरार हो लिया है। बताते चलें कि अविवाहिता के गर्भवती होने पर उसे उसके परिजनों ने घर से बाहर निकाल दिया था। घर से निकाले जाने पर पीड़िता आरोपी युवक के घर पहुंची थीं।श, जहां युवक के परिजनों ने धक्का देकर उसे बाहर कर दिया था। ऐसी स्थिति में खुद को बेसहारा मान 4-5 दिनों से पीड़िता युवक के घर से कुछ मीटर की दूरी पर बाहर बैठी रही है। इस दौरान पीड़िता का आरोप रहा है कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, बल्कि उसे ही हटा रही है जबकि युवक व युवक के परिजन उसे बराबर डराएं धमकाएं हुए जा रहे थे।

बिन ब्याह एक बच्चे को जन्म देने के बाद युवती जहां अंतिम सांस तक अपने हक के लिए लड़ने और युवक को सजा दिलाने, मासूम को उसका हक दिलाने के लिए चट्टान की भांति अडिग है वहीं उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। युवती के पिता ने बात करते हुए इस संवाददाता को बताया कि वह कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहे हैं, उन्हें धमकी मिली, बेटी के साथ जो ग़लत हुआ है उसे लेकर किसके पास जाऊं की मुझे व मेरी बेटी को न्याय व उसका अधिकार मिल सके। वह कहते हैं कि पुलिस भी उल्टा उन्हीं के घर आकर चुप करा रही है, यह कहां का न्याय है?वहीं दूसरी ओर पीड़िता ने कहां है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता है वह पीछे हटने वाली नहीं है, जरुर होने पर वह मुख्यमंत्री का भी दरवाजा खटखटाने के लिए उनकी ड्योढ़ी पर जाएगी।

*Mirzapur: हुजूर! सरकारी धन का भुगतान पत्नी के खाते में कर फंसे प्रभारी प्रधानाध्यापक पर कब होगी कार्रवाई?*

विद्यालय के मरम्मत कार्यों की जांच कराने की मांग

कार्रवाई तो दूर टस से मस नहीं हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक

मिर्जापुर- जिले के नरायनपुर विकास खंड क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय कंदवा के भवन के मरम्मत के लिए वित्तीय वर्ष-2023-24 में सरकारी धन के बंदरबाट मामले में लीपापोती की जा रही है। सरकारी धन का भुगतान विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक के पत्नी के खाते में किए जाने की शिक्षकों और ग्रामीणों ने मांग की है जबकि शिकायत के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी इस मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कह चुप्पी साध लिए हैं। चर्चा है कि जिले के ही एक सत्ताधारी दल के एक विधायक का अपने को करीबी बताते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक पूरी तरह से मनमानी करते हुए आएं हैं। मजे की बात है कि एक दशक से दो दो प्रभार लेकर चल रहे प्रभारी प्रधानाध्यापक बीआरसी पर जमें हुए हैं जिनका बाल भी बांका नहीं हो पा रहा है। हालांकि कहा जा रहा है कि इस बार केन्द्रीय राज्यमंत्री मंत्री एवं जिले के सांसद से इनकी कारगुजारियों की शिकायत करते हुए मुख्यमंत्री दरबार तक भी इस मामले को ले जाने की तैयारी हो रही है कि किस प्रकार से तमाम शिकायतों के बाद भी प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई तो दूर यह अपने स्थान से टस से मस नहीं हो पाएं हैं।

गौरतलब हो कि इन दिनों जिले के नरायनपुर विकास खंड क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय कंदवा के प्रभारी प्रधानाध्यापक जो बीआरसी पर भी जमें हुए हैं ख़ासे चर्चाओं में हैं। उन पर आरोप लगाया गया है कि विद्यालय के भवन की मरम्मत भी नहीं कराई गई और शासन से दिए गए 50 हजार रुपये का बंदरबांट कर लिया गया। ग्रामीणों व शिक्षकों ने डीएम से मामले की जांच कराके कार्रवाई की मांग की है। शासन से वित्तीय वर्ष-2023-24 में कम्पोजिट विद्यालय कंदवा के भवन की मरम्मत के लिए 50 हजार रुपए विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में भेजा था। आरोप है कि मरम्मत कार्य के लिए टेण्डर भी नहीं कराया गया और प्रभारी प्रधानाध्यापक ने अपनी पत्नी शिव लक्ष्मी को कागज पर ठेकेदार बना कर 50 हजार रुपए का चेक उन्हीं के नाम काट दिए। वहीं भवन का मरम्मत कार्य भी नहीं कराया गया। विद्यालय के दीवार की प्लास्टर टूटी हुई है। बरसात के दिनों में छत भी टपकती है। विद्यालय की रंगाई-पोताई भी नहीं कराई गई। इस मामले में ग्रामीण और शिक्षक नीलू सिंह आदि ने डीएम से मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।

विद्यालयों के जीर्णोद्धार के नाम पर मची है लूट की छूट

दूसरी ओर नारायणपुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बरबरपुर में बाउंड्री का पैसा निकल गया पर बाउंड्री अभी तक नहीं बनी। इसी तरह से पूरे ब्लॉक में जहां भी भवन निर्माण के नाम पर पैसा गया है वहां पर अभी तक कोई भी भवन पूर्ण नहीं है, जबकि ज्यादातर भवन का पैसा पूरा निकाल लिया गया है। जो एक बहुत बड़ा घोटाला प्रतीत होता है। ग्रामीणों की मांग है कि उच्चाधिकारियों को इसको संज्ञान में लेकर इसकी गहनता से जांच करानी चाहिए ताकि सरकारी धन के बंदरबाट को रोक जा सके। ग्रामीणों का कहना है की ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के जीर्णोद्धार मरम्मत के लिए सरकार तो बहुत पैसा भेज रही है पर सरकार का सारा पैसा बंदरबाट कर लिया जा रहा है। इसी तरीके से पुराने सर्विस बुक पर जिसका भी मेडिकल चढ़ा हुआ है वह अभी तक नई सर्विस बुक पर यानि कि ई-सर्विस बुक पर नहीं दर्शाया गया है। इसमें भी आगे चलकर बहुत बड़ा गड़बड़झाला करने की साजिश की गई है। जिसे अधिकारी गंभीरता से संज्ञान में ले तो एक और चौंकाने वाला खुलासा होगा।

नाम न छापे जाने की शर्त पर कुछ शिक्षकों व विभाग से जुड़े हुए लोगों ने बताया कि नरायणपुर बीआरसी दलालों के चंगुल में फंस कराह रहा है। जिसको जल्द से जल्द दलालों से मुक्त कराया जाना चाहिए। शिक्षकों के मुताबिक दलालों द्वारा बार-बार उन्हें धमकाने के साथ उन्हें फोन कर चेताया जा रहा है कि आप लोग बिल्कुल शांति से रहिए हम लोगों के बारे में कहीं भी कोई शिकायत करेंगे तो उसका परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहिए। बहरहाल, अब इस मामले को लेकर केन्द्रीय राज्यमंत्री, सांसद सहित सीधे मुख्यमंत्री को इस सम्पूर्ण मामले से अवगत कराते हुए कार्रवाई की गुहार लगाए जाने का मन बनाया गया है।

*महिला दिवस*

नारी से नर होत हैं,

नारी स्वर्ग की खान।

नारी श्रद्धा रूप हैं,

आन बान सब शान।।

आन बान सब शान,

मान होती हैं मर्यादा।

मां बहन बेटी पत्नी,

फर्ज निभातीं वादा।।

महिला दिवस आज,

पर्व बधाई है जारी।

हो नारी सम्मान सदा,

कारुष जग में नारी।।

कलम से✍️

कमलेश कुमार कारुष

मीरजापुर

मंडलायुक्त की अध्यक्षता में शक्तिनगर विशेष क्षेत्र प्राधिकरण (साडा)की 50 वीं बैठक सम्पन्न

मीरजापुर। मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल, अध्यक्ष, साडा की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, (साडा) की 50 वीं बोर्ड बैठक आहूत की गयी। जिसमें जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, सहयुक्त नियोजक, मुख्य कोषाधिकारी मीरजापुर, अधीक्षण अभियन्ता जल निगम, राज्य सरकार द्वारा शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, (साडा) बोर्ड में नामित गैर सरकारी सदस्य केसी जैन व धर्मवीर तिवारी, एवं महाप्रबन्धक अनपरा तापीय परियोजना, महाप्रबन्धक ओबरा तापीय परियोजना के साथ-साथ अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड लोक निर्माण विभाग सोनभद्र, अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड लोक निर्माण विभाग सोनभद्र, अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड-2 लोक निर्माण विभाग सोनभद्र, एवं अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सोनभद्र द्वारा प्रतिभाग किया गया। उपरोक्त बैठक में शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, (साडा) की गत बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गयी। जिसपर कुछ सुझावों के साथ सहमति प्रदान की गयी उक्त के अतिरिक्त साडा विकास क्षेत्रान्तर्गत लगभग रू-14.00 करोड़ के निर्माण, विकास कार्यों को कराये जाने के साथ-साथ साडा की गजराज नगर ओबरा सोनभद्र स्थित भूमि पर बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कराये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान की गयी एवं भारत सरकारी अमृत 2.0 योजना के अन्तर्गत 50,000 से अधिक जनसंख्या वाले आबादी के मानकों में चयनित ओबरा एवं अनपरा की परिक्षेत्रीय महायोजना तैयार किये जाने हेतु मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक लखनऊ को नामित किये जाने की सहमति प्रदान की गयी।

Mirzapur: दो बोरा धान बेंच बेटे को छुड़ाया, अब इलाज के पड़े हैं लाले

मिर्ज़ापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले के हलिया में एक 13 साल के मासूम दलित किशोर को बीते वर्ष चोरी का आरोप लगाते हुए दिनदहाड़े दी गई तालिबानी सजा के ज़ख्म मिटने का नाम नहीं ले रहें हैं। पीड़ित किशोर और उसके परिवार को मदद के साथ बेहतर उपचार की दरकार है। यह पूरा खौफनाक मंज़र उनके लिए आज भी उन्हें कचोटता आया है।

सुबह के 05 बजे से दोपहर बाद 03 बजे तक चलता रहा तालिबानी सजा का दौर गांव के लोगों के आंखों के सामने आज भी घूम रहा है। सभी बस यही कह रहे हैं कि प्रधान उसके बेटों और उसके गुर्गों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि इस प्रकार के कृत्य के बारे कोई सोचने का भी साहस नहीं कर पाएं।

ग्रामीण दबी जुबान बताते हैं कि तालिबानी सजा के दरम्यान किशोर को थप्पड़ों से तो कभी डंडे और लोहे के छड़ से मारा पीटा गया, फिर उसके गुप्तांग में मिर्च पाउडर डालकर मारने-पीटने का क्रम जारी रखा गया था। पत्थर पर उठा कर पटका गया, फिर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस थाने में कड़ाके की डंड में बालक को 24 घंटे तक रखा गया। दो बोरा धान बेचकर किसी प्रकार गरीब पिता ने बेटे को छुड़ा तो लिया है, लेकिन अब बेटे के इलाज के लाले पड़े हुए हैं। किशोर की स्थिति ठीक नहीं है चेहरे और पैर में सूजन और चोट के काले निशान पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। मुंह से खून निकलने के साथ कान का बहना जारी है। यह दास्तान उस गरीब दलित परिवार की है जो घटना के दो माह बीतने के बाद भी दहशत, उपेक्षा और जीवन बचाने की जद्दोजहद करते हुए आ रहा है।

ज़ी हां! यह दर्द भरी दास्तां किसी और कि नहीं बल्कि हलिया थाना क्षेत्र के बर्डिहां सरसरा गांव के उस किशोर और उसके परिवार की है, जिसे 31 दिसंबर 2024 को गांव के प्रधान, कोटेदार और उसके गुर्गों ने चोरी की तोहमत मढ़ते हुए तालिबानी सजा देने का काम किया था। जिनके लिए दलित और गरीब होना अभिशाप बना हुआ है। यह गरीब परिवार बेटे को मिली प्रताड़ना का दंश अभी भी झेलने को विवश हैं। पीड़ित किशोर अशोक पुत्र जगजीवन की दशा अभी भी ठीक नहीं है 10 घंटे तक हाथ पैर बांध कर कभी बिजली के खंभे में बांध कर हुई पीटाई तो कभी गांव के श्मशान घाट पर ले जाकर की गई बर्बर पीटाई के निशान मिटने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह आज भी किशोर के पैरों से लेकर पूरे चेहरे पर साफ तौर पर देखें जा सकतें हैं।

दो माह बाद भी नहीं मिली सरकारी उपचार की मदद

आश्चर्यजनक बात तो यह है कि इस लोमहर्षक घटना के दो महीने बीतने के बाद भी पीड़ित किशोर को न तो कोई सरकारी उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है और ना ही उसकी मदद करने के लिए कोई कदम उठाया गया है। पीड़ित किशोर अशोक के बेहतर उपचार के लिए पिता जगजीवन का सामर्थ्य अब जवाब दे गया है। वह कहते हैं कि स्वयं के स्वास्थ्य का व ध्यान नहीं दे पाए हैं अब एकलौते बेटे की सलामती के लिए वह दर दर भटक रहे हैं। उपर से उन्हें सुलह के लिए बराबर दबाव बनाने के साथ मानसिक प्रताड़ना दी जा रहीं हैं। जगजीवन के परिवार के मुताबिक उनके घर आने जाने का रास्ता प्रधान के दरवाजे से ही होकर आता है ऐसे में प्रधान के परिवार के लोग और कोटेदार (प्रधान की बहू) सभी के जेल से बाहर आने पर कायदे से देखने की धमकियां देते हुए ताने कसते हुए आ रही है, जिससे पीड़ित किशोर और उसके परिजन भविष्य की आशंकाओं को लेकर सशंकित बने हुए हैं।

मामले में कई लोगों को बचाने का आरोप

गौरतलब हो कि इस मामले में मामला उछलने और सोशल मीडिया पर किशोर को दी जा रही तालिबानी सजा का वीडियो वायरल होने के बाद हलिया पुलिस की खूब भद्द हुई है तो वहीं अधिकारियों की फटकार के बाद आनन-फानन में वह भी घटना के कई दिन बीतने के बाद भले ही हलिया पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, लेकर पीड़ित परिवार से लेकर गांव के लोग दबी जुबान इस मामले में कई लोगों को बचाने का आरोप लगाते हुए आएं हैं। कहा जा रहा है कि जिस व्यक्ति ने किशोर के गुप्तांग में मिर्च पाउडर डालने और और लाने का काम किया था पुलिस ने उसे साफ तौर पर बचाने का काम किया है। जो हलिया पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हुए हैं।

मदद के नाम पर मिला दिलासा

पीड़ित किशोर अशोक के पिता जगजीवन बताते हैं कि अशोक के उपचार के लिए हलिया थाने के दरोगा उसकी बैंक पासबुक की छाया कापी और आधार मांगें थें जिसे लालगंज थाने पर देने के लिए बोला गया कि सीओ ने मांगा है। दो महीने बीतने के बाद उसे कोई भी आर्थिक मदद मिलना तो दूर रहा है किसी ने पलटकर पीड़ित किशोर का हाल भी जानना मुनासिफ नहीं समझा है।