*महिला मजदूरों के लिए गांव में लगेगा कैंप: राजेश दुबे*

मिर्जापुर- विकास खण्ड छानबे के ग्राम पंचायत काशी सरपत्ती में आगामी 28 फरवरी की सुबह 10 बजे महिला मनरेगा मजदूरों के लिए श्रम विभाग की तरफ से श्रम पंजीयन हेतु कैंप लगाया जाएगा उक्त बातें मिर्जापुर असंगठित कामगार यूनियन के अध्यक्ष राजेश दुबे ने कहीं।

आगे की जानकारी देते हुए अध्यक्ष ने बताया कि इसमें श्रम विभाग के अधिकारी और सहयोग के लिए सीएससी संचालक के अलावा यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। इस प्रकार का कैम्प महिला मजदूरों के लिए अति आवश्यक है और आगे भी होना चाहिए जिसमें यूनियन महामंत्री और श्रम आयुक्त मिर्जापुर की भूमिका सराहनीय है जिन्होंने महिला मजदूरों की विवशता को समझते हुए इस कार्य हेतु निर्णय लिया।उन्होंने कहा कि यदि शत प्रतिशत महिला निर्माण श्रमिकों का पंजीयन हो जाय है तो इससे योगी सरकार की उस मंशा को सफलता मिलेगी जिसमें हमारे मुख्यमंत्री योगी जी ने श्रमिक उत्थान के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाई है।

ज्ञात हो कि बीते 14 फरवरी को महिला श्रमिकों ने श्रम पंजीयन कैंप हेतु गांव में ही प्रदर्शन कर डीएम को पत्र लिखा था। प्रदर्शन उपरांत महिला मजदूरों से यूनियन महामंत्री ने गांव में जाकर मुलाकात की, जिसके दौरान महिला मजदूरों ने डीएम को लिखा पत्र मजदूर नेता को सौंपा।

यूनियन के पत्र पर जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में श्रम विभाग ने काशी सरपत्ती गांव में कैंप लगाने का निश्चय किया। सहायक श्रमायुक्त सुविज्ञ सिंह ने तीन सदस्यीय टीम बनाकर गांव में कैंप लगाने का निर्देश दिया। कैम्प ग्राम पंचायत काशी सरपत्ती, विकास खण्ड छानबे मिर्जापुर में लगाई जाएगी। जिसमें श्रम प्रवर्तन अधिकारी आलोक रंजन सहित दो अन्य विभागीय कर्मचारी और तीन वी एल ई मौजूद रहेंगे।

यूनियन अध्यक्ष दूबे ने समस्त महिला मनरेगा मजदूर व अन्य महिला निर्माण श्रमिकों से आग्रह किया है कि सभी बहने अपने-अपने जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, फोटो, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, कार्य या नियोजन प्रमाण पत्र या मनरेगा जॉब कार्ड इत्यादि कैम्प में लेकर आएं।

मिर्ज़ापुर: खेल मैदान के नाम पर आरक्षित भूमि पर खुल गया कंपोजिट विद्यालय तो गांव के खिलाड़ियों ने डीएम से लगाई गुहार

मिर्ज़ापुर। उत्तर प्रदेश सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह से प्रोत्साहित कर रही है तो वही गांव में खेल मैदान के लिए भूमि आरक्षित कर खिलाड़ियों को सहूलियत भी दे रही है ताकि ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभावान खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के साथ आगे बढ़ाने का राह आसान हो सके, लेकिन कहीं-कहीं इन खिलाड़ियों की राह में कुछ रोड़े भी अटका दिए गए हैं। कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे मिर्जापुर जनपद के राजगढ़ विकासखंड का सामने आया है, जहां के खिलाड़ियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए खेल मैदान के नाम पर आरक्षित भूमि को मुक्त कराए जाने की गुहार लगाई है।

दरअसल, मिर्जापुर के राजगढ़ विकासखंड अंतर्गत गाटा संख्या 492 खतौनी में खेल के मैदान के नाम से दर्ज है। जिस पर खेल का मैदान बनाना अति आवश्यक रहा है। क्षेत्र के लगभग 60 बच्चे व बच्चियों कबड्डी के अच्छे खिलाड़ी हैं जिसमें से दो बालिकाएं राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खेल कर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं तो कुछ बच्चे व बच्चियों मंडल स्तर पर कबड्डी में प्रतिभाग कर चुके हैं। ग्राम पंचायत कुड़ी में खेल मैदान ना होने के कारण कई खिलाड़ी प्रतियोगिता के लिए अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। जिन्हें अभ्यास के लिए दूसरे गांव का रुख करना पड़ता है ऐसे में उन्हें कई प्रकार की परेशानियों से जूझना पड़ता है। खिलाड़ियों ने कहा कि खेल मैदान के लिए आरक्षित जमीन पर कंपोजिट विद्यालय खुल जाने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र पंचायत सदस्य उत्कर्ष मौर्य उर्फ राजू के साथ मिर्जापुर मुख्यालय पहुंचे खिलाड़ियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए खेल मैदान को मुक्त कराने की गुहार लगाई है। इस दौरान शिवा मौर्या, रोहित कुमार, शुभम, रोशन राव, विकास, संध्या, अनीता, शालिनी यादव, वंदना, पायल, अनामिका, रितिका इत्यादि खिलाड़ी मौजूद रहे।

दो सौ किमी की दूरी तय कर साईकिल से पहुंचे महाकुंभ, दे रहे हैं पर्यावरण संरक्षण का संदेश, जाने कौन हैं साईकिल यात्री

संतोष देव गिरि, प्रयागराज/मिर्ज़ापुर। महाकुंभ मेले में देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला अनवरत जारी है। रेल-सड़क मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़, जाम की गंभीर चुनौतियों से बचते हुए कुछ युवाओं की टोली ने साईकिल से महाकुंभ पहुंच संगम में डुबकी लगाई है। इसके लिए युवाओं की टोली ने दो सौ किलोमीटर की दूरी तय की है वह भी साईकिल के जरिए, इसके पीछे उद्देश्य रहा है भीड़ और जाम से बचते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना।

तो आइए जानते हैं कौन हैं यह साईकिल यात्री और क्या रहा है उनके इस यात्रा के पीछे का उद्देश्य..!

यूपी के अंबेडकर नगर जिले के जलालपुर विकास खंड क्षेत्र के जलालपुर गांव के रहने वाले नवनीत मिश्रा महाकुंभ मेला में पहुंचने पर अपनी इस अनोखी साईकिल यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक लाना रहा है। बताते हैं "अंबेडकर नगर से महाकुंभ तक की दो सौ किलोमीटर की यात्रा करना एक अद्भुत अनुभव रहा, यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व की रही है, बल्कि यह प्रकृति के सौंदर्य का भी अनुभव कराए जाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को समर्पित रही है।

महाकुंभ मेला में पहुंचने पर नवनीत अपने टीम के साथियों संग पूरे महाकुंभ मेला क्षेत्र का साइकिल से भ्रमण करते हुए प्लास्टिक मुक्त नगर और गांव को बनाने का संदेश देते हुए लोगों को झोला (थैला) वितरित करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक से नाता तोड़ने को लेकर जागरुक भी करते रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के जलालपुर, अंबेडकर नगर से साइकिल यात्रा शुरू कर वह अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, जौनपुर होते हुए प्रयागराज के महाकुंभ नगर में पहुंचे थे। यात्रा वाले इन जिलों में विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और ऐतिहासिक स्थलों का अनुभव करते हुए महाकुंभ में पहुंचने पर, धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेकर यह लोग घूम-घूम कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नज़र आए हैं।

मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुकात रखने वाले नवनीत मिश्रा बताते हैं कि उनकी इस साईकिल यात्रा में उनके साथ कुल 8 साथी अभिषेक उपाध्याय, आर्यन, कुश कुमार चतुर्वेदी, रमेश मिश्रा, शेषनवल त्रिपाठी, अंश जायसवाल तथा दिव्यांश सनी शामिल रहे हैं। पहले तो ट्रेन और बस से जाने की तैयारी थी लेकिन करोड़ों की उमड़ रही भीड़ और हर तरफ जाम को देखते हुए साईकिल से यात्रा शुरू करने का विचार हुआ, इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण रहा है प्लास्टिक मुक्ती का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करना जिसपर सभी साथियों की सहमति बनने के बाद यात्रा शुरू की गई।

महाकुंभ में पहुंचने के लिए, नवनीत मिश्र और उनके साथियों ने साइकिल से यात्रा करने का जो विकल्प चुना, वह न केवल एक स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल विकल्प रहा है, बल्कि यह आसपास के क्षेत्रों की सुंदरता का भी अनुभव कराने में कारगर साबित हुआ है। महाकुंभ में पहुंचने पर, नवनीत मिश्र और उनके साथी पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता फैला लोगों को बता रहे थे कि कैसे हम अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। उनके लिए यह यात्रा न केवल एक धार्मिक अनुभव रही है, बल्कि यह एक पर्यावरण संरक्षण के लिए एक प्रेरक अनुभव भी बनी है।

गुजरात के डीजीपी पहुंचे विंध्याचल धाम, किया मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन

मिर्ज़ापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में स्थित विख्यात देवी धाम मां विंध्यवासिनी धाम में गुरुवार को गुजरात के डीजीपी पहुंचे। इस दौरान गुजरात के डीजीपी विकास सहाय ने सपत्नीक मां विंध्यवासिनी देवी के धाम विंध्याचल पहुंचकर विधिवत मंत्रोच्चार के साथ दर्शन-पूजन किया। गुजरात राज्य के डीजीपी के विंध्याचल पहुंचने पर मिर्ज़ापुर की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के द्वारा उन्हें मां विंध्यवासिनी देवी की प्रतिमा एवं चुनरी भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे देवेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन-पूजन कर गुजरात के डीजीपी ने यहां के दिव्य व्यवस्थाओं का बखान करते हुए मां विंध्यवासिनी देवी के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की है।

हलिया बर्डीहा (सरसरा) गांव कांड : दलित किशोर को दवा की दरकार, पिता लगा रहा दर-दर पर फरियाद

मीरजापुर। दिल को झकझोर कर रख देने वाले जिले के हलिया थाना क्षेत्र के बर्डीहा कलां (सरहरा) गांव में 13 वर्ष के दलित किशोर को दी गई दिनदहाड़े तालिबानी सजा का वीडियो वायरल होने के बाद भले ही हलिया पुलिस ने उच्च अधिकारियों की फटकार के बाद आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर ग्राम प्रधान सहित सात लोगों को जेल भेज दिया है, लेकिन अभी भी पीड़ित परिवार जहां दहशत में है, वहीं पीड़ित पीड़ित किशोर के दवा इलाज के लिए परिजन दर-दर की ठोकरें खाते फिर रहे हैं। घटना के डेढ़ महीने बीतने के बाद भी किशोर का जहां उपचार चल रहा है वहीं वह अभी भी पूरी तरह से चल-फिर पाने में असमर्थ बना हुआ है। आर्थिक तंगी के चलते उसका समुचित ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है।

दूसरे घटना के बाद आरोपी प्रधान और उसके परिवार के लोगों को सुलह कर लेने का निरंतर दबाव बनाया जा रहा है, सुलह न करने की दशा में भविष्य में आरोपियों के जेल से छूट कर आने पर परिणाम गंभीर होने की धमकियां दी जा रही है। जिससे पीड़ित किशोर और उसका परिवार डरा सहमा हुआ है। गौरतलब हो कि बीतें वर्ष 31 दिसंबर 2024 को मीरजापुर जिले के हलिया थाना अन्तर्गत बर्डीहा कलां (सरहरा) गांव में 13 वर्ष के दलित किशोर अशोक कुमार को चोरी का आरोप लगाते हुए तड़के 5 बजे उसके घर से बुलाकर गांव स्थित श्मशान घाट, सरकारी कोटे की दुकान पर ग्राम प्रधान पन्नालाल, उसके बेटों और उसके साथियों द्वारा बर्बरता की पराकाष्ठा को पार करते हुए कपड़े उतारकर दिनदहाड़े लकड़ी लोहे के छड़ इत्यादि से बुरी तरह से मारा-पीटा गया था। हद की बात तो यह है कि सुबह के 5 बजे से 3 बजे तक किशोर को बारी बारी से मारा-पीटा तो गया ही उसे उठाकर पटकने के साथ उसके गुप्तांग में लाल मिर्च भी डालकर यातना दी गई थी।

प्रधान उसके बेटों और उसके साथियों द्वारा कानून व्यवस्था को ढ़ेगा दिखाते हुए दी गई इस तालिबानी सजा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया था। आश्भचर्यजनक बात तो यह है कि हलिया पुलिस मामले में लीपापोती करने में जुटी हुई थी। क्योंकि हलिया पुलिस ने मामला संज्ञान में आने के बावजूद पीड़ित किशोर को 24 घंटे थाने में बंद रखा था। किशोर के पिता जगजीवन की माने तो दो बोरा धान बेचकर पैसा देने पर उसके बेटे को छोड़ा गया है।

दूसरी ओर किशोर अशोक के पैर की नसों में गहरी चोट के चलते उसका उपचार अभी भी चल रहा है। उसे खून की उल्टियां भी होती हैं ऐसे गरीब परिजन बेटे की सलामती को लेकर परेशान हैं। पीड़ित किशोर घटना के बाद से ही अपने एक रिश्तेदार के सहारे उपचार करा रहा है जिसे कोई सरकारी उपचार की कोई भी सहायक नहीं उपलब्ध कराई गई है ‌ यहां तक अभी तक किसी स्वयंसेवी संस्था या जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ित किशोर का कुशलक्षेम जानने की जहमत उठाई है।

मण्डी समिति की श्रेणी 'अ', 'ब' व "स" की दुकानें हुई नीलामी , नीलामी में समिति को हुई 04 करोड़ 32 लाख की आय

मीरजापुर। जनपद के जंगी रोड स्थित कृषि उत्पादन समिति में पूर्व में निर्मित एव वर्तमान में रिक्त कराए गए "अ", "ब" एव "स" श्रेणी की दुकान जिसकी नीलामी कर व्यवसाइयों को दुकान संचालित करने के लिए उपलब्ध कराया गया। बता दें कि मंडी समिति की स्थिति वर्तमान में काफी सुदृढ़, स्वच्छ और आययुक्त बन चुकी है। मण्डी समिति में बुधवार को जिलाधिकारी मिर्जापुर के निर्देशन एव संभागीय उप निदेशक (प्रशासन) मंडी परिषद विंध्याचल मंडल के अध्यक्षता तथा अपर जिलाधिकारी नमामिगंगे देवेंद्र प्रताप सिंह व सभापति/नगर मजिस्ट्रेट विनीत कुमार की अध्यक्षता में मण्डी समिति में कुल 032 दुकानों को फल एवं सब्जी हेतु नीलाम किया गया। इस सम्बंध में समिति के सचिव धीरेंद्र कुमार गुप्ता नें बताया कि "अ" श्रेणी की दुकानों में एक दुकान की सर्वाधिक बोली 67 लाख एवं "ब" श्रेणी की दुकानों में एक दुकान की सर्वाधिक बोली 82 लाख 50 हजार रुपये बोली गई। बतादें कि पूर्व में मण्डी समिति द्वारा 32 दुकानों का निर्माण कराया गया था, जो वर्तमान में रिक्त (खाली) पड़ा था। सचिव धीरेंद्र कुमार गुप्ता नें उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नीलामी प्रक्रिया का आरम्भ कर 19 फरवरी को दुकानों का आबंटन/नीलामी प्रक्रिया के तहत कराकर समिति को अपेक्षा से अधिक बोली लगवाकर फल व सब्जी के व्यवसायियों को दुकानें आबंटित करने का रास्ता प्रसस्त कर दिया। सचिव श्री गुप्ता के प्रयास से नीलाम की गई दुकानों से मण्डी परिषद को कुल 04 करोड़ 32 लाख रुपये पहुँच गया, जो उम्मीदों से परे बताया जा रहा है।

एंड्रॉयड फोन दिलाने के नाम पर युवक ने नाबालिग से ऐंठे 55 हजार रूपए, पिता ने सीएम पोर्टल पर लगाई गुहार

मीरजापुर।ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बरबसा गहरवार गांव निवासी रामपाल ने गांव निवासी युवक पर नाबालिग बेटे को बहला फुसलाकर एंड्रॉयड फोन दिलाने के नाम पर 55 हजार रूपए ठगी करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में रामपाल ने गुरुवार को सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर युवक के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है।दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि बेटी की शादी के लिए मेहनत मजदूरी कर 55 हजार रूपए नकद इकट्ठा कर घर में रखा था। गांव निवासी युवक नाबालिग बेटे अतुल को बहला फुसलाकर एप्पल कंपनी का एंड्रॉयड फोन दिलाने के नाम पर मेरी गैर जानकारी में दो बार में घर में रखा 55 हजार रूपए ले लिया।

घर में रखे रूपए गायब होने पर बेटे अतुल से कड़ाई से पूछताछ किया तो उसने बताया कि मैंने गांव निवासी युवक को दो बार में 55 हजार रूपए एप्पल कंपनी का एंड्रॉयड फोन लेने के लिए दिया है।जब मैंने इस संबंध में फोन करके युवक से पूछा तो उसने बताया कि अतुल ने मुझे 55 हजार रूपए एंड्रॉयड फोन के लिए दिया है लेकिन एंड्रॉयड फोन के लिए 25 हजार रूपए और देना पड़ेगा। मैंने युवक को बताया कि यह रुपए मैंने मेहनत मजदूरी कर बेटी की शादी के लिए इकट्ठा कर घर में रखा था।इसे वापस कर दो मुझे एंड्रॉयड फोन नही चाहिए। उसने कहा कि अभी बाहर हूं घर आऊंगा तो वापस कर दूंगा। लेकिन युवक ने बेटे द्वारा मोबाइल फोन के नाम पर लिए गए 55 हजार रूपए वापस नही किया।

इस संबंध में बीते 11 जनवरी को थाने में युवक के विरुद्ध तहरीर देकर बेटे से फोन दिलाने के नाम पर लिए गए 55 हजार रूपए वापस दिलाने की गुहार लगाई थी। तहरीर देने के बाद कई बार थाने पर गया लेकिन पुलिस कहती हैं कि युवक को थाने पर बुलाया है। एक महीने से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा युवक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नही की गई। पीड़ित ने नाबालिग बेटे से 55 हजार रूपए ठगी करने वाले युवक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक ड्रमंडगंज अरविंद कुमार सरोज ने बताया कि तहरीर पर मामले की जांच के लिए हल्का इंचार्ज को निर्देशित किया गया है।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

मीरजापुर। जनपद में दुर्घटनाओं को रोकने एवं दुर्घटना से होने वाले मृत्यु दर को कम करने के दृष्टिगत जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कर सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए विगत बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने पुलिस विभाग एवं परिवहन विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने हेतु तेज वाहन चलाने वाले तथा शराब व अन्य मादक पदार्थ का सेवन करके वाहन चलाने वालों की जांच कर सघन कार्यवाही भी कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद के विभिन्न मार्गो, सकरी पुलिया, अंधा मोड़ आदि स्थानों पर रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग, डेलीनेटर तथा प्रकाश व्यवस्था अथवा अन्य जो भी आवश्यकता हो संकेतक बोर्ड भी लगाए जाए। उन्होंने प्रभारी अधिकारी यातायात को निर्देशित करते हुए कहा कि ऐसे स्थानों पर जहां प्रकाश व्यवस्था न हो सूची उपलब्ध कराएं ताकि सौर्य उर्जा लाइट लगाई जा सकें। जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी यातायात को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी थानो में मेडिकल रूम को फंशनल करवाएं। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी थानों को सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से मैपिंग कराया जाए। कार्यदायी संस्था उपसा के द्वारा जिलाधिकारी को बताया गया कि चिन्हित ब्लैक स्पाटों को पूर्ण करा लिया गया हैं। इस अवसर पर नायाब तहसीलदार चुनार प्रताप नारायण ओझा, अधिशासी अभियंता एनएच, लोक निर्माण विभाग डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग जर्नादन सिंह, अवर अभियंता बीके पाण्डेय सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।

श्रीराम कथा के लिए गाजे बाजे के साथ निकाली गई कलश यात्रा

ड्रमंड गंज मिर्जापुर ।क्षेत्र के खुटहा व खोदाईपुर गांव में आयोजित होने वाले श्रीराम कथा के लिए गुरुवार दोपहर गाजे बाजे के साथ जय श्रीराम व हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए ग्रामीणों ने कलश शोभायात्रा निकाली।

कथावाचक घनश्याम दास महराज की अगुवाई में कलशयात्रा मनकामेश्वर मंदिर खुटहा गांव से प्रारंभ होकर पटेहरा गांव स्थित हनुमान मंदिर पर पहुंची जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया। कलश यात्रा पटेहरा गांव से होते हुए खुटहा मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंची जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित करवाया गया।श्रीराम कथा आयोजक भानु तिवारी व पिंकेश सिंह ने बताया कि क्षेत्रवासियों के कल्याण के लिए मनकामेश्वर मंदिर पर सात दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है।

अयोध्या से पधारे कथावाचक घनश्याम दास महराज दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक भक्तों को श्रीराम कथा का रसपान कराएंगे। वहीं खोदाईपुर गांव में गौरीशंकर मंदिर सेवा समिति व गोरक्षा संस्थान द्वारा नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पूर्व गाजे बाजे के साथ कलश शोभायात्रा यात्रा निकाली गई। अलोमती माता मंदिर बबुरा कलां से कलश में जल भरकर कन्याओं ने ग्रामीणों संग गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली। श्रीराम कथा आयोजन समिति के प्रदीप दुबे ने बताया कि कथावाचक पंडित राजेन्द्र प्रसाद तिवारी दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक रामकथा का गुणगान करेंगे। कलश यात्रा में प्रभुनाथ पांडेय, उमाकांत दुबे, लालजी तिवारी,भानु तिवारी,अरूण सिंह, राकेश तिवारी, सुशील पयासी,सत्येन्द्र पांडेय, प्रदीप दुबे,अमर बहादुर सिंह,पिंकेश सिंह, अजय सिंह, बृजेश मिश्र,आशुतोष तिवारी,आदि ग्रामीण शामिल रहे।

मिर्ज़ापुर: स्कॉर्पियो-रोडवेज बस की भिड़ंत में बिहार से महाकुंभ जा रहे दो श्रद्धालुओं की हुई मौत, कई घायल

मिर्ज़ापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा हुआ है जिसमें दो श्रद्धालुओं की जान चली गई है, जबकि कई घायल होने बताई जा रहे हैं‌। घायलों में एक को बेहतर उपचार के लिए ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर किया गया है। यह हादसा रोडवेज बस और स्कॉर्पियो की भिड़ंत के दौरान हुआ है। 

सभी श्रद्धालु बिहार से महाकुंभ (प्रयागराज) जा रहे थे तभी यह हादसा मिर्जापुर जिले के विंध्याचल कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सेमरी गांव के समीप हुआ है।

जानकारी के मुताबिक बिहार के सहरसा से स्कॉर्पियो, टोयोटा एवं एक बस में सवार होकर श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित महाकुंभ संगम स्नान के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि स्कार्पियो सवार श्रद्धालुओं जिसमें तकरीबन पांच लोग सवार थे जैसे ही मिर्जापुर जनपद के मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग पर विंध्याचल कोतवाली क्षेत्र के सेमरी गांव के समीप पहुंचे थे कि प्रयागराज की तरफ से आ रही रोडवेज बस से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। परिणाम स्वरूप स्कॉर्पियो में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद ही मौके पर की पुकार मचाने के साथ ही साथ स्कॉर्पियो के पर परखच्चे उड़ गए थे तो रोडवेज बस का भी अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था।

मौके पर जुटे ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल सभी को एंबुलेंस सेवा से मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर भिजवा है।

 जहां राजेश कुमार 35 वर्ष (चालक), राजेंद्र कुमार मिश्रा 70 वर्ष, मोहम्मद मंजूर आलम उर्फ मुन्ना 50 वर्ष, उदयकांत मिश्रा 70 वर्ष, मंत्रेश्वर मिश्रा 50 वर्ष सभी निवासी वार्ड नंबर 30, सहरसा (बिहार) को भर्ती कराया गया। जहां चालक मोहम्मद मंजूर उर्फ मुन्ना तथा उदयकांत मिश्रा को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया है, जबकि मंत्रेश्वर मिश्रा की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया है। दुर्घटना की जानकारी होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ओपी सिंह तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सीएल वर्मा ट्रामा सेंटर पहुंचे हुए थे।